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Category: अमेठी

अमेठी उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख जिला है, जो राजनीतिक गतिविधियों और ऐतिहासिक घटनाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियां हमेशा सुर्खियों में रहती हैं।

  • अमेठी:  खिचड़ी भोज व कंबल वितरण, सती महारानी ट्रस्ट का सेवा संगम के द्वारा कराया गया

    अमेठी: खिचड़ी भोज व कंबल वितरण, सती महारानी ट्रस्ट का सेवा संगम के द्वारा कराया गया

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी के स्वामी परमहंस आश्रम, अमेयमाफी की पावन धरती पर मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट एवं परमार्थ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अमेठी खिचड़ी भोज कंबल वितरण कार्यक्रम ने समाज के जरूरतमंद वर्ग के चेहरों पर मुस्कान ला दी।

    इस सेवा आयोजन में बड़ी संख्या में असहाय, वृद्ध और जरूरतमंद लोगों को खिचड़ी भोज कराया गया तथा ठंड से राहत देने के उद्देश्य से कंबलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रकाश जी (विभाग प्रचारक) और श्री पवन जी (जिला प्रचारक) उपस्थित रहे। आयोजन का नेतृत्व सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट की अध्यक्ष बहुरानी शाम्भवी सिंह एवं पूर्व विधायक महारानी गरिमा सिंह के सुपुत्र युवराज श्री अनंत विक्रम सिंह ने किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बहुरानी शाम्भवी सिंह ने कहा कि सेवा किसी पहचान या पद की मोहताज नहीं होती। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत और सम्मान नहीं पहुंचता, तब तक सेवा का उद्देश्य अधूरा रहता है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का लक्ष्य पीड़ा और अभाव से जूझ रहे लोगों के लिए निरंतर सेवा कार्य करना है।

    वहीं युवराज अनंत विक्रम सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा सेवा, त्याग और समर्पण में निहित है। खिचड़ी भोज और कंबल वितरण जैसे कार्यक्रम समाज में अपनत्व, समरसता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। जब समाज एकजुट होकर जरूरतमंदों का सहारा बनता है, तभी सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

    कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष अमेठी त्रियुगी नारायण शुक्ल, भेटुवा मंडल अध्यक्ष निमिषा त्रिपाठी, सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाई और आयोजन की सराहना की।

    ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को कंबल मिलने से उन्हें न केवल शारीरिक राहत मिली, बल्कि समाज से जुड़ाव और सम्मान की अनुभूति भी हुई। आयोजन के अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दोहराया।

  • अमेठी महोत्सव की प्रदर्शनी पर विवाद, विदेशी उत्पाद बिकने के आरोप

    अमेठी महोत्सव की प्रदर्शनी पर विवाद, विदेशी उत्पाद बिकने के आरोप

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी शहर के रामलीला मैदान में आयोजित “अमेठी महोत्सव 2025–26” के अंतर्गत लगी प्रदर्शनी को लेकर विवाद सामने आया है। प्रदर्शनी के बाहर इसे हैंडलूम, क्राफ्ट, हस्तशिल्प और खादी उत्पादों का एक्सपो बताया गया है, लेकिन कुछ संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनी में बिक रहे कई उत्पाद भारतीय न होकर बांग्लादेश और चीन मूल के हैं।

    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रदर्शनी का विरोध किया। उनका कहना है कि यदि खादी और हस्तशिल्प के नाम पर विदेशी उत्पाद बेचे जा रहे हैं, तो यह मेड इन इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी पहलों की भावना के विपरीत है।

    कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की बिक्री से उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा रहा है और स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस तरह के आयोजनों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

    संगठनों ने मांग की है कि प्रदर्शनी में लगाए गए सभी स्टॉलों पर बिकने वाले सामान की Country of Origin स्पष्ट रूप से दर्शाई जाए। इसके साथ ही आयोजकों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे संबंधित अनुमति और आयात से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करें, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

    विरोध के दौरान यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार देशवासियों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने और स्थानीय उद्योगों को समर्थन देने की अपील की जाती रही है। ऐसे में यदि इन आयोजनों में आयातित वस्तुएं बेची जाती हैं, तो यह जनभावनाओं के विपरीत माना जाएगा।

    फिलहाल इस पूरे अमेठी महोत्सव प्रदर्शनी विवाद पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, प्रदर्शनी के आयोजकों ने भी अभी तक आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की है।स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

  • Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime : संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। जिस खेत में दो सगे भाई बचपन से साथ खेले और बड़े हुए, उसी खेत में एक भाई ने दूसरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना पीपरपुर थाना क्षेत्र के डिहवा मजरे दुर्गापुर गांव की है, जहां 36 दिन तक फरार रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    आलू के खेत में हुआ खूनी विवाद

    पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, 4 दिसंबर को गांव निवासी राकेश वर्मा (50) अपने खेत में आलू की मेढ़ी चढ़ा रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई दिनेश वर्मा वहां पहुंचा। किसी पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि रिश्तों की सारी सीमाएं टूट गईं।गुस्से में आकर दिनेश ने राकेश के हाथ से कुदाल छीन ली और उसी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। खेत में काम कर रहे राकेश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    शव छिपाकर फरार हुआ हत्यारा भाई

    हत्या के बाद आरोपी दिनेश ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह गांव छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। राकेश के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार पूरी तरह टूट गया।

    36 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा

    हत्या के बाद से ही आरोपी दिनेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।आखिरकार 10 जनवरी को थाना पीपरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह रेलवे स्टेशन पीपरपुर के पास झाड़ियों में कुदाल छिपाकर ट्रेन से फरार हो गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वही खून से सनी कुदाल भी बरामद कर ली है।

    भाईचारे और परिवार की टूटी नींव

    यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और परिवार की बुनियाद के टूटने की कहानी है। जिस घर में दो भाई साथ पले-बढ़े, वहां आज एक भाई जेल की सलाखों के पीछे है और दूसरा हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार सड़क पर अचानक आए आवारा सांड से टकरा गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पुलिस के अनुसार रायबरेली जिले के सदर थाना क्षेत्र निवासी सुशील (30) अपनी कार से परिवार के साथ अयोध्या दर्शन कर लौट रहे थे। कार में उनके साथ श्याम नंदन (55) और उनकी पत्नी ऊषा (50) भी सवार थीं। जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आए आवारा सांड से कार की जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे खाईं में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने महिला ऊषा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों का इलाज जारी है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस का बयान

    थानाध्यक्ष भाले सुल्तान शहीद स्मारक, तनुज पाल ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को इलाज के लिए भेजवाया गया था। गंभीर चोटों के कारण एक महिला की मौत हो गई है। घायलों का उपचार चल रहा है और पोस्टमार्टम समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके चलते पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब 11वीं कक्षा के छात्र और युवा कवि अंशुमान तिवारी ने अयोध्या में आयोजित भव्य अयोध्या महोत्सव के अंतर्गत हुए “कवियों के महासंग्राम – काव्य श्री प्रतियोगिता” में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।पांच दिवसीय अयोध्या महोत्सव में देशभर से आए कवियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित काव्य प्रतियोगिता में अंशुमान तिवारी ने अपनी प्रभावशाली कविता, स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और श्रोताओं का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतनी बड़ी साहित्यिक उपलब्धि ने सभी को प्रभावित किया।

    काव्य प्रतिभा ने बटोरी खूब वाहवाही

    अंशुमान तिवारी की कविताओं में सामाजिक चेतना, युवाओं की सोच और संस्कारों की झलक साफ दिखाई दी। निर्णायकों ने उनकी रचना को मौलिक, विचारोत्तेजक और भावनात्मक रूप से प्रभावी बताया। प्रतियोगिता में कई अनुभवी कवियों के बीच एक छात्र का प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने-आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

    युवा कवि का जोरदार स्वागत

    कौशाम्बी जिले के वरिष्ठ कवि सुजीत जायसवाल ने युवा कवि अंशुमान तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अंशुमान जैसे युवा साहित्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    जिलाधिकारी करेंगे सम्मानित

    जिले का मान-सम्मान बढ़ाने वाले इस युवा कवि को जल्द ही अमेठी जिलाधिकारी द्वारा भी सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान अंशुमान के साहित्यिक सफर को और मजबूती देगा।अंशुमान तिवारी की यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। पढ़ाई के साथ-साथ साहित्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

  • अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    रिपोर्टर नितेश तिवारी अमेठी। गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा–अमेठी को लेकर जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित शंकराचार्य कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं के गौसेवक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद एवं आज्ञा का पालन किया गया।

    बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने गौसेवा के महत्व पर जोर देते हुए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। भारतीय मजदूर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू पाल ने शंकराचार्य जी के गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

    इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश कुमार पांडे और सलोन विधायक जीत पांडे ने भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया।कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य न केवल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना है, बल्कि जनपद अमेठी को गौहत्या से मुक्त करना भी है। उन्होंने बताया कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य द्वारा मनोनीत गो-सांसद राकेश तिवारी अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं—सलोन, तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज—की परिक्रमा करेंगे।

    • पदयात्रा 18 जनवरी (रविवार) को मां मनकामेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होगी।
    • प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलकर यह यात्रा 28 जनवरी (बुधवार) को जामों मार्ग स्थित शंकराचार्य कार्यालय पर समाप्त होगी।
    • यात्रा का उद्देश्य जन-जन में गौसेवा और संरक्षण की भावना जागृत करना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गो-धाम की स्थापना, और लोगों को गौ मतदाता संकल्प से जोड़ना है।

    बैठक में सैकड़ों गौभक्त, समाजसेवी और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख थे: कृष्णानंद पांडेय एडवोकेट, अनुराग तिवारी ‘विद्यमान’, उत्कर्ष शुक्ला, राजेश अग्रहरि, सत्यदेव सिंह, सूरज पांडे, अतुल तिवारी ‘सोनू’, सत्येंद्र यादव और जीत बहादुर यादव।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने बच्चों और युवाओं को भी गौसेवा के महत्व और नैतिकता के बारे में मार्गदर्शन दिया।

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    बैठक में यह तय किया गया कि पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा और प्रत्येक चरण में गौसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अमेठी में गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए जनसंपर्क, जागरूकता और संगठनात्मक प्रयास को नई दिशा दी जा रही है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर संकल्प लिया कि यह पदयात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

  • अमेठी में फर्जी खाद–कीटनाशक फैक्ट्री का भंडाफोड़, किसानों से धोखाधड़ी का बड़ा खेल उजागर

    अमेठी में फर्जी खाद–कीटनाशक फैक्ट्री का भंडाफोड़, किसानों से धोखाधड़ी का बड़ा खेल उजागर

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी (उत्तर प्रदेश) में किसानों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले में चल रही फर्जी खाद और कीटनाशक फैक्ट्री का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। इस अवैध कारोबार के तार कांग्रेस और अपना दल (एस) से जुड़े नेताओं के संरक्षण से जुड़े बताए जा रहे हैं। जिला अधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी कर इस गोरखधंधे का खुलासा किया।

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, एक नामी कंपनी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी अमेठी से शिकायत की थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली खाद और कीटनाशक की पैकिंग और सप्लाई की जा रही है। शुरुआती शिकायत में स्थान की जानकारी नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद कंपनी के एक प्रतिनिधि को डमी कैंडिडेट बनाकर भेजा गया। सूचना पुख्ता होने पर प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ छापेमारी की।

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

    छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद, कीटनाशक और कच्चा माल बरामद किया गया। इनमें शामिल हैं लगभग 450 पैकेट नकली कीटनाशक ‘अल्ट्रा रिजेंट’ विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक, जिनमें एडवांस एग्रो लाइफ प्रा. लि. के पैकेट एच.पी.एम. केमिकल्स एग्रोस्टार कंपनी के उत्पाद कच्चा माल 15 कट्टे सफेद पाउडर (498.39 किग्रा)1 कट्टा नीला पाउडर (258.30 किग्रा) 7 कट्टे काला पाउडर (187 किग्रा)इसके अलावा इफको और आईपीएल डीएपी के खाली बैग, बोतलें, पैकिंग सामग्री और हजारों की संख्या में नकली लेबल भी मिले।

    प्रधानमंत्री की फोटो लगी बोरियां भी बरामद

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी बोरियां भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल किसानों को भरोसे में लेने और गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि यह पूरी गतिविधि कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियम 1960 का स्पष्ट उल्लंघन है।

    राजनीतिक संरक्षण का आरोप

    यह अवैध फैक्ट्री एक कांग्रेस नेता के निजी इंटर कॉलेज परिसर में संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से जुड़े एक बड़े नेता, जो शिक्षक एमएलसी का चुनाव भी लड़ रहे हैं, के परिसर में यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था। वहीं प्रारंभिक पूछताछ में एक मजदूर राम उजागिर यादव ने बताया कि उसे शिवम तिवारी नामक व्यक्ति ने 400 रुपये दिहाड़ी पर बुलाया था, जो खुद को अपना दल (एस) का जिला उपाध्यक्ष बता रहा है।

    आगे की कार्रवाई

    छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मुख्य आरोपी फरार हो गए। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कठोर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। किसानों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले ने एक बार फिर नकली खाद–कीटनाशक के खतरे को उजागर कर दिया है।

  • अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।अमेठी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिले की स्वाट टीम और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 86 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर

    उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है।

    देश के अलग-अलग राज्यों से बरामद हुए मोबाइल

    पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल फोन देश के विभिन्न प्रदेशों से चोरी या खोए हुए थे, जिन्हें तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया। स्वाट टीम और साइबर टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

    मोबाइल मिलते ही खिले लोगों के चेहरे

    अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर फोन मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज, फोटो और निजी जानकारियों का जरिया था। फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

    पुलिस को कहा धन्यवाद

    खोए हुए फोन मिलने के बाद फोन मालिकों ने अमेठी पुलिस का धन्यवाद किया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि साइबर टीम की वजह से उन्हें दोबारा अपना मोबाइल मिल पाया, जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

    पुलिस ने दिया जागरूकता का संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल को ट्रेस करने में आसानी होती है।अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता से खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं

  • अमेठी में बांग्लादेश विरोध: VHP-बजरंग दल का प्रदर्शन, PM का पुतला दहन

    अमेठी में बांग्लादेश विरोध: VHP-बजरंग दल का प्रदर्शन, PM का पुतला दहन

    अमेठी में बांग्लादेश विरोध प्रदर्शन को लेकर शनिवार को माहौल गरमा गया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर नारेबाजी की और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।प्रदर्शन की शुरुआत सब्जी मंडी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से हुई, जहां बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता एकत्र हुए। जुलूस के दौरान “भारत माता की जय”, “जय श्रीराम” और “बांग्लादेश मुर्दाबाद” के नारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर गहरा आक्रोश जताया।

    जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा, जहां आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पुतले को पहले चप्पलों से पीटा और बाद में आग लगाकर पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की और दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

    प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद की जिला अध्यक्ष सरिता सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सरिता सिंह ने भारत सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल पीड़ित हिंदुओं के समर्थन में हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।

    प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की सतर्कता के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।