औरैया जिले की ताज़ा क्राइम, राजनीति और सामाजिक खबरें सबसे पहले पढ़ें. जानिए क्या हो रहा है आपके आसपास, विश्वसनीय और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग के साथ. औरैया समाचार
रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया के बिधूना थाना क्षेत्र से बुधवार को तीन छात्राओं के अचानक लापता होने से सनसनी फैल गई। तीनों छात्राएं सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन न तो स्कूल पहुंचीं और न ही घर लौटीं। परिजनों की सूचना पर पुलिस हरकत में आई और देर रात उन्हें इटावा से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
कैसे लापता हुईं छात्राएं?
सीसीटीवी फुटेज में छात्राएं चौराहे पर पेट्रोल पंप के पास एक ई-रिक्शा में बैठकर दुर्गा मंदिर की ओर जाती दिखीं।
अनुष्का: भाई के साथ स्कूल जा रही थी, लेकिन रास्ते में साइकिल पंचर होने के बाद ऑटो से चौराहे पर पहुंची।
पायल और शिव्या: भरथना रोड की ओर से चौराहे पर आईं और वहीं से ई-रिक्शा में बैठकर आगे निकल गईं।
इसके बाद उनका घर व स्कूल दोनों से संपर्क टूट गया।
पुलिस की सक्रियता
जांच में सामने आया कि तीनों छात्राएं इटावा चली गईं। पायल ने शास्त्री चौराहे से एक राहगीर का फोन लेकर घर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही बिधूना पुलिस ने इटावा पुलिस से संपर्क किया और तीनों छात्राओं को बरामद कर लिया।तीनों छात्राएं सुरक्षित हैं और इटावा पुलिस की निगरानी में हैं। बिधूना थाना पुलिस छात्राओं को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए इटावा रवाना हो चुकी है।
रिपोर्टर अमित शर्मा /औरैया -औरैया जिले में शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। बिधूना-भरथना मार्ग पर धनवाली पुल के पास गौवंश से भरा कंटेनर पलट गया। इस कंटेनर में लगभग 19 से 20 गौवंश भरे हुए थे। हादसे में करीब 10 से 12 गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी घायल हो गए। औरैया गौवंश हादसा
चश्मदीदों के अनुसार, कंटेनर जैसे ही मोड़ पर पहुंचा, चालक ने संतुलन खो दिया और वाहन बुरी तरह पलट गया। हादसे के बाद चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए।औरैया गौवंश हादसा
थाना बिधूना क्षेत्रांतर्गत भरथना-सामपुर मार्ग पर गौवंश से भरा एक पलटा हुआ कंटेनर मिलने के संबंध मे पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गई बाइट- pic.twitter.com/pm1DMCPio4
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भीड़ न जुटे, इसके लिए पुलिस ने दोनों तरफ से सड़क को ब्लॉक कर दिया। मौके पर जेसीबी मंगवाकर खेत में गड्ढा खोदकर मृत मवेशियों को वहीं दफन कर दिया गया। यह कार्रवाई पूरी रात चलती रही।
सुबह होते ही हाइड्रा मशीन बुलाकर कंटेनर को सीधा कराया गया और बाद में उसे कोतवाली परिसर ले जाया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कंटेनर कहां से आ रहा था और मवेशियों को कहां ले जाया जा रहा था।
औरैया। बिधूना के लोहिया नगर में शुक्रवार को एक अजीब और चौंकाने वाली घटना सामने आई। 75 वर्षीय महिला सिद्धश्री अपने घर के पीछे बने मंदिर से छत पर चली गईं और गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गईं।घटना उस समय हुई जब महिला मंदिर से उठकर मंजू भदौरिया के मकान की छत पर आईं। वहां उन्होंने किराएदार सुषमा से कुछ कहा, लेकिन डर के कारण सुषमा अपने बच्चे को लेकर घर के अंदर चली गईं। इसके बाद महिला रोडवेज कंडक्टर रिंकू सेंगर के प्लाट की बाउंड्री की ओर उतरने लगीं। इस दौरान उनका हाथ फिसल गया और वे पक्की गली में गिर गईं।Bidhuna Accident-75 वर्षीय महिला छत से गिरीं, सिर में गंभीर चोट, अस्पताल में भर्ती
#बिधूना: 75 वर्षीय महिला छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल महिला सिद्धश्री मंदिर से नई छत पर पहुंची, बंदरों के हमले से बचने के लिए पड़ोस की छत पर चढ़ीं छत से उतरने के प्रयास में हाथ फिसला और पक्की गली में जा गिरी करीब दो मिनट तक बेहोश पड़ी रहीं, मोहल्ले के लोगों ने पुलिस और… pic.twitter.com/aZkSo9q7TB
महिला को तुरंत पड़ोसियों और परिजनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना ले जाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि महिला के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक इलाज और टांके लगाने के बाद उन्हें सीटी स्कैन के लिए रिम्स सैफई रेफर किया गया। Bidhuna Accident-
महिला के पुत्र उपेंद्र भदौरिया ने बताया कि उनका नया मकान मंदिर के पास बन रहा था। वृद्ध महिला बंदरों के हमले से बचने के लिए छत पर चली गई थीं। उनकी हालत गंभीर है और इलाज जारी है।Bidhuna Accident-
CCTV में घटना कैद हो गई है और पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की सूचना दी है।Bidhuna Accident-
रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया – औरैया के बिधूना के बेला क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपाया है, जिससे ग्रामीण और किसान दोनों ही बुरी तरह प्रभावित हैं। मंडी रोड पर नाले का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और घरों में घुस गया है। इस जलभराव से लगभग 150 बीघा फसल बर्बाद हो गई है और 50 से ज़्यादा घर जलमग्न हो गए हैं। कई मकान तो गिरने की कगार पर हैं। यही नहीं हैंडपंप भी पानी में डूबे हुए हैं।
मंडी रोड के पास रहने वाले ग्रामीणों की हालत बेहद खराब है। उनके घरों में पानी भरने से सारा सामान बर्बाद हो गया है और उन्हें अपने पुश्तैनी मकानों के गिरने का डर सता रहा है। कुसुमा देवी, राम श्री, नीलम और बेबी जैसी कई महिलाओं ने अपनी परेशानी बताई। उनके अनुसार, उन्होंने अधिकारियों, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष औरैया सहित सभी से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी वे शिकायत करते हैं, अधिकारी आते हैं, स्थिति देखते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। एहसान मोहम्मद, सरोजनी देवी और महेश चंद्र जैसे ग्रामीणों ने बताया कि वे सालों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। इस अनदेखी से परेशान होकर, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
भाजपा नेता विमल दुबे ने पहुंचकर जनता को समझा बुझाकर वापस घर भेजा आप लोगों की समस्या का निदान किया जाएगा इस बीच, ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य अम्बुज सिंह प्रतिनिधि ने बताया जिला पंचायत अध्यक्ष की निधि से एक करोड़ 80 लाख रूपये पास हो गया है जिसको जल्द नाले का काम कराया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से एक हृदय विदारक खबर सामने आई है, जहां एक कच्चे मकान की छत अचानक गिर जाने से एक युवक की जान चली गई। यह हादसा मंगलवार सुबह तड़के हुआ, जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे फरीदपुर गांव को सदमे में डाल दिया है। मलबे के नीचे दबकर 35 वर्षीय मनोज कुमार कुशवाहा की मौत हो गई, जबकि उनके साथ उसी कमरे में सो रही उनकी माँ और बहन चमत्कारिक रूप से बच गईं। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस दुखद खबर ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है, और हर कोई इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे से स्तब्ध है।
एक दुखद सुबह: कैसे हुआ हादसा?
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मंगलवार सुबह लगभग 5 बजकर 9 मिनट पर हुई। पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी अचानक एक कच्चे मकान के ढहने की तेज आवाज से शांति भंग हो गई। फरीदपुर गांव में रहने वाले मनोज कुमार कुशवाहा अपने परिवार के साथ सो रहे थे, जब उनके मकान की पुरानी और कमजोर छत भरभराकर गिर गई। छत का भारी मलबा सीधे उनके ऊपर आ गिरा।
आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि पूरा मकान मलबे में तब्दील हो चुका था। ग्रामीणों ने तुरंत ही बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। वे अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे को हटाने में जुट गए ताकि अंदर दबे लोगों को बाहर निकाला जा सके। इस बीच, किसी ने घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।
पुलिस को जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कोतवाली औरैया पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी थी। ग्रामीणों और पुलिस के संयुक्त प्रयास से मलबे को हटाया गया और मनोज को बाहर निकाला गया। वह बुरी तरह से घायल हो चुके थे।
अस्पताल में युवक की मौत, प्रशासन का बयान
रेस्क्यू ऑपरेशन के तुरंत बाद, मनोज को तत्काल एक एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया गया ताकि उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके। हालांकि, अस्पताल पहुँचने तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने गंभीर चोटों के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया।
इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए क्षेत्राधिकारी सदर अशोक कुमार ने बताया, “आज सुबह करीब 5 बजकर 9 मिनट पर हमें सूचना मिली कि फरीदपुर गांव में कच्चे मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति दब गया है। पुलिस व फायर सर्विस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से घायल को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।”
परिवार में पसरा मातम: माँ और बहन सुरक्षित
मृतक मनोज कुमार के लिए तो यह सुबह आखिरी साबित हुई, लेकिन सौभाग्य से उनके परिवार के अन्य सदस्य इस हादसे में सुरक्षित बच गए। क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, मनोज के साथ उसी घर में उनकी 60 वर्षीय माँ सुखदेवी और 20 वर्षीय बहन रचना भी सो रही थीं। दोनों इस दर्दनाक हादसे में पूरी तरह सुरक्षित हैं। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि माँ और बहन तो बच गईं, लेकिन घर का इकलौता सहारा उनसे छिन गया।
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया है। मृतक की पत्नी पिछले कई वर्षों से उनके साथ नहीं रहती हैं, ऐसे में परिवार में इस दुख को साझा करने वाला कोई नहीं है। मनोज की माँ और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, और लोग इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुँच रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की तैयारी शुरू कर दी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत शव का पंचनामा भरा जा रहा है। क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की सूचना तहसील प्रशासन को भी दे दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि “अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
इस तरह की घटनाएं अक्सर ग्रामीण इलाकों में कमजोर मकानों की वजह से होती हैं। प्रशासन ने मृतक के परिवार को हर संभव सरकारी सहायता देने का भरोसा दिलाया है। यह घटना सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि वे उन परिवारों की पहचान करें जो जर्जर और असुरक्षित घरों में रहते हैं और उन्हें सुरक्षित आवास मुहैया कराने के लिए कदम उठाएं।
निष्कर्ष
कच्चे मकान की छत गिरने से हुई मनोज कुमार की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक सामाजिक त्रासदी है जो ग्रामीण भारत की एक गंभीर समस्या को उजागर करती है। जबकि पुलिस और प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए तत्काल कार्रवाई की, इस घटना ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। अब यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम ऐसे असुरक्षित घरों में रहने वाले लोगों की मदद के लिए आगे आएं। उम्मीद है कि सरकार मृतक के परिवार को पर्याप्त सहायता प्रदान करेगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
औरैया: औरैया पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने नकली खाद तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान जालौन चौराहे के पास से पाँच आरोपियों को टाटा पंच कार समेत गिरफ्तार किया गया।
टीम ने आरोपियों से करीब 1000 बोरी नकली डीएपी खाद बरामद की, जिसकी कीमत लगभग 14 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद बोरी में IFCO DAP, NFL DAP, ध्रुवा पोटाश और अनब्रांडेड खाद शामिल हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह बरेली से कच्चा माल मंगाकर गोदाम में नकली खाद तैयार करता था। इसके बाद किसानों को इसे असली बताकर सस्ती दरों पर बेचा जाता था।पुलिस ने सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब पूरे नेटवर्क व सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
औरैया – औरैया जिले में पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। छापेमारी में लगभग 1000 बोरी नकली डीएपी खाद बरामद की गई है। मौके से तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली पुलिस, एसओजी टीम, एसडीएम औरैया और जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र वर्मा ने जालौन रोड स्थित एक मकान पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग 20 से 25 लाख रुपये बताई जा रही है। Auraiya Fake DAP Fertilizer-
सूत्रों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग नकली खाद तैयार कर किसानों को बेच रहे हैं। जांच के दौरान एक पिकअप वाहन से नकली डीएपी बरामद हुआ, जिसके बाद गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि जालौन चौराहे के पास एक गोदाम में नकली खाद संग्रहित है।संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 1000 बोरी नकली डीएपी और 50 बोरी नकली खाद बरामद की। मौके से तीन युवक गिरफ्तार किए गए और पूरा माल सील कर दिया गया।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गैंग केवल औरैया ही नहीं बल्कि कई जिलों में करोड़ों रुपये का यह अवैध कारोबार करता था। उन्होंने किसानों से अपील की है कि खाद केवल अधिकृत दुकानों से ही खरीदें। वहीं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया। जनपद में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला तहसील परिसर का है, जहां बंदरों ने अचानक नोटों की गड्डी उड़ाकर पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर किसी तरह नोटों की गड्डी लेकर आए और अचानक उन्हें तहसील परिसर में इधर-उधर उड़ाने लगे। नोटों को गिरते देख लोग हैरान रह गए और उन्हें समेटने के लिए दौड़ पड़े।औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक
इस घटना से तहसील परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया। हालांकि बाद में लोगों को समझ आया कि यह कोई शरारत नहीं बल्कि बंदरों की करतूत थी। औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक
गौरतलब है कि औरैया जिले में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों द्वारा लोगों को परेशान करने और सामान छीनने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। अब तहसील परिसर में इस तरह नोट उड़ाए जाने की घटना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।औरैया: तहसील परिसर में बंदरों का आतंक
औरैया: बेला कस्बे की जेके सिटी कॉलोनी में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। लगातार बारिश और नाले की उचित व्यवस्था न होने से क्षेत्र में घरों तक पानी घुस गया है। स्थानीय निवासी पिछले कई सालों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग
मंडी रोड स्थित इस क्षेत्र के लोगों ने बताया कि ग्राम प्रधान से बार-बार शिकायत करने के बावजूद जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। गलियों में भरे गंदे पानी के कारण लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। बच्चों को रोजाना कीचड़ और दूषित पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग
ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी महीनों से क्षेत्र में नहीं आते। गंदे पानी और कीचड़ के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। औरैया- जेके सिटी में जलभराव से परेशान लोग
अमित पोरवाल, श्याम नारायण, राज नारायण और बल्लू ठाकुर समेत अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करेंगे।इस बीच ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि जिला पंचायत से नाला बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और जल्द ही इसका काम शुरू कराया जाएगा।
रिपोर्ट-पवन सिंह परिहार हमीरपुर – जिले के सुमेरपुर कस्बे का एक युवक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह युवक पलक झपकते ही सांप और विशखापर को पकड़ने में माहिर है। उसका यह साहसिक कारनामा लोगों को हैरान कर देता है। Hamirpur snake viral video
युवक ने अपने इस कौशल से जंगल में कई हजारों सांप और विषैला विशखापर को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया है। उसके इस कार्य को देखकर आसपास के लोग और ग्रामीण भी चकित हैं। Hamirpur snake viral video
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में युवक को बिना किसी डर के सांपों को हाथों में पकड़ते और सुरक्षित स्थान पर छोड़ते देखा जा सकता है। वन्य जीव प्रेमियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस युवक की हिम्मत और कौशल की सराहना की है। Hamirpur snake viral video
#हमीरपुर – सांपों से खेलते युवक वीडियो वायरल पलक झपकते ही सांपों को पकड़ने में माहिर है युवक हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे का रहने वाला है युवक हजारों सांप और विशखापर को पकड़कर जंगल में देता है छोड़ युवक का हैरत कर देने वाला कारनामा देखकर लोग रह जाते है अचंभित#HamirpurNews… pic.twitter.com/KC4JPuyx2G
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे युवक वन्य जीवों और पर्यावरण के संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना न केवल साहसिक है, बल्कि जंगल और मानव बस्ती के बीच तालमेल बनाने के लिए भी प्रेरक है। Hamirpur snake viral video