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Category: अयोध्या

  • Ayodhya News: “गौ सेवा ही ईश्वर सेवा है” महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने ‘गोदान’ फिल्म को दिया आशीर्वाद

    Ayodhya News: “गौ सेवा ही ईश्वर सेवा है” महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने ‘गोदान’ फिल्म को दिया आशीर्वाद

    Ayodhya News: अयोध्या | गौ माता के महत्व और सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही फिल्म ‘गोदान’ को आध्यात्मिक समर्थन मिला है। फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक विनोद कुमार चौधरी को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के प्रमुख पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक विनोद कुमार चौधरी आज अयोध्या स्थित मणिरामदास की छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महाराज जी ने गौ सेवा को ईश्वर सेवा बताते हुए फिल्म की सराहना की और इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    “गौ सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है” — महंत नृत्य गोपाल दास जी

    पूज्य महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा,“गौ सेवा ही ईश्वर सेवा है। गौ माता पर आधारित यह फिल्म समाज को सही दिशा देने का कार्य करेगी। मेरी शुभकामनाएं और आशीर्वाद ‘गोदान’ फिल्म के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि यह फिल्म सफलता की ओर अग्रसर हो।”उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गौ माता के संरक्षण और उनके महत्व को लेकर जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है और ऐसे में इस विषय पर फिल्म बनाना एक सराहनीय एवं पुण्य कार्य है।

    निर्माता विनोद कुमार चौधरी के प्रयासों की प्रशंसा

    महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने निर्माता एवं निर्देशक विनोद कुमार चौधरी की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि गौ माता पर आधारित फिल्म बनाकर उन्होंने समाज के सामने एक सकारात्मक संदेश रखने का प्रयास किया है। यह फिल्म न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक चेतना के स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    ‘गोदान’ फिल्म से जुड़ी उम्मीदें

    फिल्म ‘गोदान’ को लेकर यह माना जा रहा है कि यह गौ माता के प्रति श्रद्धा, सेवा और संरक्षण के भाव को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगी। संत समाज के समर्थन से फिल्म को आध्यात्मिक मजबूती मिली है, जिससे दर्शकों में इसके प्रति उत्सुकता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।

  • अयोध्या में नॉनवेज पर पूर्ण प्रतिबंध, प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए

    अयोध्या में नॉनवेज पर पूर्ण प्रतिबंध, प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए

    अयोध्या। राम नगरी अयोध्या की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। 8 जनवरी से शहर में पूरी तरह से नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।

    नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

    अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि होटल, ढाबा और होम-स्टे सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह नियम लागू होगा। किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक

    शहर में नॉनवेज खाने की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है। इसका मतलब है कि अब अयोध्या में कोई भी व्यक्ति नॉनवेज भोजन ऑर्डर या खरीद नहीं सकता

    प्रशासन का उद्देश्य

    अयोध्या प्रशासन का कहना है कि यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने सभी व्यवसायियों और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी पर राम जन्मभूमि में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन

    अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी पर राम जन्मभूमि में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन

    अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी और रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस खास मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना की।

    सुबह से ही राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच रामलला का विशेष श्रृंगार किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के चरणों में पुष्प अर्पित किए और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद बीते दो वर्षों में अयोध्या ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है।

    वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि रामलला का आशीर्वाद देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है।

    इस अवसर पर मंदिर प्रशासन, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे अयोध्या धाम में भक्तिमय और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

  • अयोध्या: सर्दियों में रामलला की विशेष सेवा,अंगीठी से ताप, गुनगुना जल और तिल के लड्डू से होती देखभाल

    अयोध्या: सर्दियों में रामलला की विशेष सेवा,अंगीठी से ताप, गुनगुना जल और तिल के लड्डू से होती देखभाल

    अयोध्या में कड़ाके की सर्दी शुरू होते ही श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला की विशेष शीतकालीन सेवा शुरू कर दी गई है। मंदिर प्रशासन बाल स्वरूप भगवान की तरह उनकी देखरेख कर रहा है, ताकि ठंड का कोई असर उन पर न पड़े। तापमान गिरते ही रामलला के लिए पूजा-अर्चना के साथ उनकी दैनिक दिनचर्या में भी कई बदलाव किए गए हैं।

    अंगीठी के सामने बैठाकर दी जा रही गर्माहट

    मंदिर के पुजारियों ने बताया कि रामलला के गर्भगृह में हल्की अंगीठी जलाई जाती है, जिससे आसपास का तापमान संतुलित बना रहे और सर्द हवा का प्रभाव कम हो। यह व्यवस्था खासकर सुबह और रात के समय की जाती है। ठंडी हवाओं में बालक स्वरूप रामलला को ठंड न लगे, इसलिए यह परंपरा हर वर्ष कड़ाके की ठंड में निभाई जाती है।

    गुनगुने पानी से स्नान और मखमली वस्त्रों से सजावट

    सर्दियों में रामलला को गुनगुने पानी से स्नान कराया जाता है। पुजारी बताते हैं कि बालक रूप होने के कारण उनके स्वास्थ्य की विशेष देखभाल आवश्यक है। स्नान के बाद उन्हें मखमल, ऊनी पोशाक और गरम अलंकरण पहनाए जाते हैं ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।रामलला की रात्रि वेशभूषा भी सर्दी के मौसम के अनुरूप बदल दी गई है। मुलायम ऊनी शाल, गर्म टोपी और मखमली बिस्तर उनकी आराम व्यवस्था का हिस्सा हैं।

    तिल के लड्डू और गर्माहट देने वाला प्रसाद

    सर्दियों में ऊर्जा और ऊष्मा प्रदान करने के लिए रामलला को विशेष रूप से तिल के लड्डू, गुड़, मूंगफली और देसी घी से बने प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। तिल और गुड़ सर्दी में शरीर को गर्म रखने के पारंपरिक उपाय हैं, इसलिए इन्हें भगवान के भोग में शामिल किया जाता है।

    नींद का समय 30 मिनट बढ़ाया गया

    मंदिर प्रशासन के अनुसार ठंड बढ़ने के बाद रामलला को प्रतिदिन न्यूनतम 30 मिनट अतिरिक्त विश्राम कराया जा रहा है। ठंड में शरीर को अधिक आराम की आवश्यकता होती है—इसी कारण उनकी दिनचर्या में बदलावा किया गया है।
    जागर कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में भी पुजारियों ने भगवान के आराम के समय का विशेष ध्यान रखने की व्यवस्था की है।

    सर्दियों में विशेष देखरेख की ऐतिहासिक परंपरा

    पुजारियों का कहना है कि सर्दियों में भगवान को ठंड से बचाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। बालक रूप में भगवान की सेवा-विधि उनके आराम, भोजन, वस्त्र और तापमान के अनुरूप तय की जाती है।
    अयोध्या में मौजूदा ठंड के दौर में रामलला की यह सेवा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई है।

  • अयोध्या दीपोत्सव 2025: 26 लाख 11 हजार 101 दीपों के बीच भव्य रौशनी, सीएम योगी ने खींचा श्रीराम का रथ

    अयोध्या दीपोत्सव 2025: 26 लाख 11 हजार 101 दीपों के बीच भव्य रौशनी, सीएम योगी ने खींचा श्रीराम का रथ

    अयोध्या दीपोत्सव 2025: अयोध्या दीपोत्सव 2025 इस बार नई ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंचने जा रहा है। प्रभु श्रीराम की नगरी लाखों दीपों से जगमगाएगी और इस वर्ष सरयू तट पर मां सरयू की भव्य आरती भी आयोजित की जाएगी।रामकथा पार्क को इस वर्ष राज दरबार थीम में सजाया गया है। 90 फीट चौड़े मंच पर आज शाम भव्य राम दरबार सजाया जाएगा, जिसमें साधु-संतों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंच पर उपस्थित रहेंगे।

    इस भव्य आयोजन का सबसे विशेष आकर्षण है जब पुष्पक विमान से श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी ने उनका स्वागत किया और रथ में बिठाकर खुद उसे मंच तक खींचा। इस दौरान रामकथा पार्क में उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला।

    दीपोत्सव में कुल 26,11,101 दीये जलाए जाएंगे, जो अयोध्या में नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। सज-धजकर तैयार रामकथा पार्क में भक्त और पर्यटक इस भव्य दीपोत्सव का आनंद उठाएंगे।

    अयोध्या दीपोत्सव न केवल भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम है, बल्कि यह देशभर के लोगों को धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है। सीएम योगी ने कहा कि इस दीपोत्सव से अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और भव्यता और अधिक प्रदर्शित होगी।

    यह आयोजन पूरे अवध धाम में भक्ति और उत्साह के रंग बिखेर रहा है। इस दीपोत्सव के माध्यम से अयोध्या न केवल रोशनी और दिव्यता का प्रतीक बनेगी, बल्कि देश और दुनिया के लोगों के लिए श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र भी बनेगी।

    अयोध्या दीपोत्सव 2025 की तैयारी पूरी हो चुकी है और यह आयोजन निश्चित रूप से इतिहास रचने वाला साबित होगा।

  • रामनगरी अयोध्या में गोलीकांड, पूर्व पार्षद आलोक सिंह की हालत गंभीर

    रामनगरी अयोध्या में गोलीकांड, पूर्व पार्षद आलोक सिंह की हालत गंभीर


    रिपोर्ट-अंकुर पांडे अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में विजयदशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक गंभीर गोलीकांड की घटना सामने आई। स्थानीय समयानुसार, रामघाट चौराहे पर रायगंज चौकी अंतर्गत अज्ञात कारणों से पूर्व पार्षद और अधिवक्ता आलोक कुमार सिंह को गोली मार दी गई।

    सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उन्हें स्थानीय श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। आलोक सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े हैं और फैजाबाद बार एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य भी हैं।

    एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। घटना के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में भारी संख्या में अधिवक्ता और समर्थक पहुंच गए।

    बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह और पूर्व अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने इस हमले की कड़ी निंदा की और शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोलीकांड दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई।स्थानीय पुलिस शहरभर में सुरक्षा बढ़ा चुकी है और विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं।

    घटना अयोध्या में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर नए सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

  • अयोध्या शिक्षा माफियाओं का दबंगई, 40-50 लाख में बिक रहे अध्यापक पद | Teacher Recruitment Scam

    अयोध्या शिक्षा माफियाओं का दबंगई, 40-50 लाख में बिक रहे अध्यापक पद | Teacher Recruitment Scam

    अयोध्या- अयोध्या में शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले महाविद्यालय अब भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। आरोप है कि संपूर्णानंद संस्कृति विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है।

    40-50 लाख में बिक रहे अध्यापक पद अयोध्या शिक्षा माफियाओं का दबंगई

    समाजसेवी राजेश सिंह मानव ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उनका कहना है कि साक्षात्कार से पहले अभ्यर्थियों को अलग से बुलाया जाता है। उनसे 40 से 50 लाख रुपये तक की मोटी रकम रिश्वत के रूप में वसूली जाती है। जो अभ्यर्थी पैसे की व्यवस्था कर लेते हैं, उन्हें परीक्षा में उत्तीर्ण घोषित कर दिया जाता है।और जो नहीं कर पाते, उन्हें अयोग्य साबित कर दिया जाता है।

    शिक्षा का स्तर गिरा, कमाई का स्तर बढ़ा अयोध्या शिक्षा माफियाओं का दबंगई

    इस घोटाले से जहां शिक्षा का स्तर गिर रहा है, वहीं भ्रष्टाचार करने वालों की कमाई का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

    शिकायत और सरकार से मांग अयोध्या शिक्षा माफियाओं का दबंगई

    गौ सेवा समिति के संरक्षक राजेश सिंह मानव ने इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए सरकार से मांग की है कि—भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई जाए। दोषी अधिकारियों और माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • Ayodhya Ram Mandir: राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली झलक, तस्वीरों में करें भव्य दर्शन

    Ayodhya Ram Mandir: राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली झलक, तस्वीरों में करें भव्य दर्शन

    अयोध्या: 5 जून 2025 को अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर (Ayodhya Ram Mandir) आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति के रंग में रंगा। इस दिन राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों को वैदिक मंत्रों के साथ स्थापित किया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सात अन्य मंदिरों की भी प्राण प्रतिष्ठा हुई, जिसने इस पावन अवसर को और भी विशेष बना दिया। Ayodhya Ram Mandir

    राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा: एक नया अध्याय- Ayodhya Ram Mandir

    राम मंदिर, जो 22 जनवरी 2024 को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ विश्वभर में चर्चा का केंद्र बना था, अब राम दरबार की स्थापना के साथ और भी भव्य हो गया है। प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार में भगवान राम अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक क्षण को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया।

    सुबह 6:30 बजे से यज्ञ मंडप में अयोध्या और काशी के 101 वैदिक आचार्यों ने वैदिक मंत्रों का जाप शुरू किया। आठ मूर्तियों को पहले शैय्याधिवास कराया गया, फिर सुबह 6:45 बजे इन्हें चेतन अवस्था में लाया गया। इसके बाद जल से स्नान और वैदिक अनुष्ठानों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी हुई।

    CM योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति- Ayodhya Ram Mandir

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राम दरबार के समक्ष प्रार्थना की और प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। योगी जी ने इस अवसर पर कहा, “राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”

    मंदिर परिसर का भव्य स्वरूप

    राम मंदिर परिसर को इस अवसर पर फूलों और रंगों से सजाया गया था। वैदिक मंत्रों की गूंज और यज्ञ की पवित्र धूप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार के साथ-साथ सात अन्य मंदिरों की स्थापना ने इस परिसर को एक संपूर्ण तीर्थ स्थल का रूप दे दिया। मंदिर की नक्काशी, राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर, और मकराना मार्बल इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं।

    राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया, समाचार चैनलों, और अन्य माध्यमों से पूरी दुनिया तक पहुंचा। लाखों भक्तों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। सोशल मीडिया पर भक्तों ने “जय सियाराम” और “राम दरबार” जैसे हैशटैग के साथ अपनी खुशी और भक्ति व्यक्त की।
    राम मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। राम दरबार की स्थापना ने इस मंदिर को और भी पूर्णता प्रदान की है। अब भक्तों को राम लला के साथ-साथ उनके पूरे परिवार के दर्शन का अवसर मिलेगा, जो भक्ति और एकता का संदेश देता है।

  • अयोध्या: राम मंदिर में दूसरा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव 3 जून से, 14 मंदिरों में होगी मूर्तियों की प्रतिष्ठा- RAM MANDIR AYODHYA

    अयोध्या: राम मंदिर में दूसरा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव 3 जून से, 14 मंदिरों में होगी मूर्तियों की प्रतिष्ठा- RAM MANDIR AYODHYA

    अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक बार फिर ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन (RAM MANDIR AYODHYA) की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं. राम मंदिर के पहले तल पर 14 मंदिरों में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी योजना तैयार कर ली है. यह आयोजन 3 जून से 5 जून तक गंगा दशहरा के दिन संपन्न होगा और इसे “दूसरा प्राण प्रतिष्ठा उत्सव” कहा जा रहा है.

    एक साथ 14 मंदिरों में होगी प्राण प्रतिष्ठा
    राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थित राम दरबार सहित अन्य 13 मंदिरों में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस पावन अनुष्ठान में 101 वैदिक आचार्य और 14 यजमान भाग लेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए अयोध्या और काशी के विद्वानों की एक संयोजक समिति बनाई है, जिसमें ज्योतिषाचार्य प्रवीण शर्मा, पंडित रघुनाथ शास्त्री और राकेश तिवारी शामिल हैं.

    धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत रूपरेखा
    3 जून से शुरू होने वाले इस धार्मिक आयोजन में तीन दिन तक धार्मिक अनुष्ठान चलेंगे. इनमें मूर्तियों का जलवास, अन्नवास, सैयावास और अन्य वैदिक विधियों द्वारा पूजन किया जाएगा. 5 जून को गंगा दशहरा के दिन अभिजीत मुहूर्त में सभी मूर्तियों की प्रतिष्ठा विधिवत रूप से संपन्न कराई जाएगी. ट्रस्ट द्वारा तय किए गए मुहूर्तों को लेकर ज्योतिषाचार्यों की अंतिम बैठक हो चुकी है और रिपोर्ट सौंप दी गई है. (RAM MANDIR AYODHYA)

    कौन-कौन सी मूर्तियों की होगी प्राण प्रतिष्ठा?
    प्रथम तल पर राम दरबार की प्रतिष्ठा के अलावा अन्य मंदिरों में प्रतिष्ठित की जाने वाली प्रमुख मूर्तियाँ:

    • गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
    • गणपति जी – परकोटा के अग्नि कोण पर,
    • हनुमान जी – दक्षिणी भुजा के मध्य मंदिर में,
    • सूर्य देव – नैऋत्य कोण में स्थित मंदिर में,
    • भगवती (मां दुर्गा) – वायव्य कोण मंदिर में,
    • अन्नपूर्णा माता – उत्तरी भुजा के मध्य मंदिर में,
    • शिवलिंग – ईशान कोण स्थित मंदिर में,

    इनके अलावा परिसर में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषाद राज, माता शबरी और देवी अहिल्या की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित की जाएंगी.

    आयोजन की भव्यता
    इस आयोजन को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक विशेष आगंतुकों की सूची तैयार की जा रही है. इसमें संत-महात्माओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया जा सकता है. ट्रस्ट पूरे कार्यक्रम को अत्यंत श्रद्धा और परंपरा के साथ संपन्न कराने को लेकर प्रतिबद्ध है.

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अयोध्या के लिए ऐतिहासिक होगा. राम मंदिर निर्माण के हर चरण को भक्तों से जोड़ा जा रहा है, ताकि यह केवल एक वास्तु निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र की आस्था का केंद्र बने.

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