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Category: बाराबंकी

बाराबंकी जिले की ताज़ा और विश्वसनीय खबरें, राजनीति से लेकर सामाजिक घटनाओं तक की हर अपडेट सबसे पहले पढ़ें। जानिए बाराबंकी से जुड़ी हर बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ हमारे साथ।

  • बाराबंकी : प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने पिता की पुण्यतिथि पर बांटे हजारों कंबल, जरूरतमंदों को मिली राहत

    बाराबंकी : प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने पिता की पुण्यतिथि पर बांटे हजारों कंबल, जरूरतमंदों को मिली राहत

    सवांददाता मुन्ना सिंह बाराबंकी। जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित ओहरामऊ गांव में प्रधान प्रतिनिधि राजन सिंह ने अपने पिता स्वर्गीय भानु सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर एक विशाल कंबल वितरण समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर गांव सहित आसपास के इलाकों से आए हजारों जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, जिससे कड़ाके की ठंड में उन्हें बड़ी राहत मिली।

    राजन सिंह ने बताया कि वे बीते 16 वर्षों से लगातार जरूरतमंदों की सहायता करते आ रहे हैं और यह कार्य उनके पिता के सपनों को साकार करने का माध्यम है। पहले यह कार्यक्रम मकर संक्रांति पर किया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से इसे पिता की पुण्यतिथि पर आयोजित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान समाज के संभ्रांत व्यक्तियों और पत्रकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। राजन सिंह ने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता अनुसार गरीब और असहाय लोगों की मदद करें, क्योंकि जरूरतमंदों की सेवा से ईश्वर प्रसन्न होते हैं।

    कंबल पाकर बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई। लोगों ने ग्राम पंचायत और राजन सिंह का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पुलिस समाजसेवी रणविजय सिंह उर्फ पिंकू सिंह, सपा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिनेश प्रताप सिंह उर्फ बबलू सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और पत्रकार मौजूद रहे।

  • बाराबंकी: किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर अनियमितताओं का लगाया आरोप

    बाराबंकी: किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर अनियमितताओं का लगाया आरोप

    संवाददाता मुन्ना सिंह बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक में भारतीय किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर धोखाधड़ी और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि किसानों को अनुदान मिलने और बोरिंग की सुविधा में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

    भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष सचिन पाण्डेय ने खंड विकास अधिकारी को इस मामले में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि किसान यूनियन की मासिक बैठक के दौरान सिंचाई विभाग से जुड़ी कई समस्याओं पर चर्चा हुई। किसानों का आरोप है कि विभाग द्वारा उन्हें पाइप और बोरिंग का लाभ नहीं मिल रहा है।

    ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला स्तरीय अधिकारी सहायक अभियंता राकेश सिंह ने पहले ब्लॉक के जनप्रतिनिधियों और किसानों को फोन पर नलकूप योजना के तहत पाइप और इंजन वितरित करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग से वर्ष 2024-2025 में वितरित किए गए पीडीई पाइप और बोरिंग इंजन पंपसेट की सूची तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की है।

    इस अवसर पर यूनियन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें सत्येन्द्र सिंह रावत (ब्लॉक संगठन मंत्री), मोहित वर्मा, लाल मोहम्मद (जिला सचिव), राजकुमार, राजाराम, श्रीमती कोमल, विजय कुमार, राजू रावत और चन्द्रशेखर शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों के हित में जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाए।

    किसानों का कहना है कि यदि विभाग द्वारा अनियमितताओं को समय रहते नहीं सुधारा गया तो यूनियन अगले चरण में जोरदार आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। भारतीय किसान यूनियन ने बाराबंकी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए और योजनाओं का लाभ उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए।

    स्थानीय किसान भी इस कार्रवाई को समर्थन दे रहे हैं। उनका कहना है कि पाइप और बोरिंग जैसे अनुदान किसानों की फसल और सिंचाई के लिए अहम हैं। यदि योजनाओं में अनियमितता बनी रहती है, तो इसके गंभीर नतीजे किसानों की पैदावार और रोजमर्रा की जीवनशैली पर पड़ सकते हैं।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन (रामसिंह वर्मा) के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    शुक्रवार को त्रिवेदीगंज पहुंचने पर भाजपा नेता अरुण शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह और प्रधान ककरी सचिन के नेतृत्व में मां पीताम्बरा मैरिज लॉन में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के हित में लगातार काम करने का संकल्प दोहराया।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पार्टी को आने वाले चुनावों में और बड़ी सफलता दिलाई जा सकती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।

    सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

    इस अवसर पर स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शिवनाम प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा मन्ना, सुशील पटेल लंबरदार, तेजबहादुर सिंह, अवधेश सिंह चंदेल, रणविजय सिंह पिंकू, राजकुमार सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), कृष्ण कुमार मुन्नू (मंडल अध्यक्ष), सचिन वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, त्रिवेदीगंज में हुआ यह भव्य स्वागत समारोह भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

  • बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी जिले में बुधवार दोपहर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुबेहा थाना क्षेत्र के कुड़वां गांव के पास माइलस्टोन 51.6 पर दो तेज़ रफ्तार कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों में तुरंत आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद कारों में बैठे लोग उछलकर करीब 15 से 20 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। आग की लपटों और धुएं के कारण हालात बेहद भयावह हो गए।

    स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

    हादसे के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए कुछ घायलों को जलती कारों से बाहर खींचा। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कई गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल बाराबंकी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दमकल की गाड़ी ने पाया आग पर काबू

    सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों कारें पूरी तरह जल चुकी थीं। हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना कैसे हुई टक्कर के बाद आग किन परिस्थितियों में लगी मृतक और घायल किस जिले/राज्य के रहने वाले हैंइन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है।यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की गंभीर याद दिलाता है।

  • बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह कार्रवाई हैदरगढ़ वन क्षेत्र में वन दरोगा अनुज कुमार सिंह द्वारा की गई, जिन्होंने सतर्कता दिखाते हुए अवैध वन उत्पाद के परिवहन को रोक दिया। यह घटना 06 दिसंबर 2025 की रात की है, जब वन विभाग की टीम हैदरगढ़–महाराजगंज मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी।

    रात करीब 11:50 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि एक डीसीएम वाहन (UP 36T 6712) संदिग्ध रूप से लकड़ी का कोयला लेकर गुजर रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा अनुज सिंह ने टीम के साथ वाहन का पीछा कर हैदरगढ़ मुख्य चौराहे पर उसे रोक लिया। चालक की पहचान आशीष कुमार, निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह वाहन में लदा लकड़ी का कोयला रायबरेली से पटना, बिहार ले जा रहा है।

    जांच के दौरान वाहन में लकड़ी का कोयला मिला, लेकिन चालक कोई वैध अभिवहन पास प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर वन विभाग की अभिरक्षा में रेंज कार्यालय हैदरगढ़ लाया गया। कुछ समय बाद वन दरोगा के मोबाइल पर अयाज पुत्र मोहम्मद नफीस, निवासी रायबरेली का फोन आया। उसने दावा किया कि उसके पास अभिवहन पास है और वह उसे व्हाट्सएप के जरिए भेज रहा है।

    जब भेजे गए पास की जांच की गई, तो उसमें अंकित वाहन संख्या जब्त वाहन से मेल नहीं खा रही थी। बाद में आरोपी ने दूसरा पास भेजा, लेकिन दोनों पासों में एक ही पत्रांक, आवेदन संख्या और परमिट नंबर पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। वन विभाग ने पास को संदिग्ध मानते हुए वाहन छोड़ने से इनकार कर दिया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों अभिवहन पासों को जांच के लिए हैदरगढ़ वन प्रभाग भेजा गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों पास पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद आरोपी अयाज को गिरफ्तार कर सख्त पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह कई वर्षों से फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का काम कर रहा था।

    यह कार्रवाई जिला वन प्रभागीय अधिकारी आकाशदीप बाघवान के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। वन विभाग ने साफ संदेश दिया है कि वन माफियाओं और तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • बाराबंकी: विधायक दिनेश रावत के भाई की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, मीरापुर में उमड़ा जनसैलाब

    बाराबंकी: विधायक दिनेश रावत के भाई की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, मीरापुर में उमड़ा जनसैलाब

    बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के छोटे भाई मिथिलेश रावत (30) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। दिल्ली से वापस लौटते समय इटावा जिले के आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने विधायक परिवार को झकझोर कर रख दिया। शाम होते-होते उनके गांव मीरापुर में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण शोकाकुल हो गया।

    कैसे हुआ हादसा?

    जानकारी के अनुसार, मिथिलेश रावत गुरुवार को अपने साथियों दिलीप पटेल और मोहम्मद हफीज के साथ दिल्ली गए थे। शुक्रवार भोर वे कार से वापस लौट रहे थे।इटावा जिले के ताखा कस्बे के पास (किमी 128.5) पहुंचने पर कार चला रहे ड्राइवर हफीज को झपकी आने लगी।

    सुरक्षा के मद्देनजर मिथिलेश ने कार (UP 32 QP 4440) रुकवाई और स्वयं ड्राइविंग करने के लिए वाहन से नीचे उतर गए।उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मिथिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद दोनों साथी घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    विधायक को मिली दुखद सूचना

    इटावा पुलिस ने तुरंत विधायक दिनेश रावत को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे तत्काल इटावा के लिए रवाना हुए। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को मीरापुर भेजा गया, जहां पूरे गांव में कोहराम मच गया।

    मीरापुर में हजारों की भीड़, नेताओं का जमावड़ा

    शुक्रवार शाम को मीरापुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र के कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।मुख्य रूप से मौजूद रहे—

    • राज्यमंत्री सतीश शर्मा
    • एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत
    • एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय
    • इंस्पेक्टर कोठी अमित सिंह भदौरिया
    • त्रिवेदीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह
    • भाजपा नेता पंकज दीक्षित, राहुल दीक्षित, सहित हजारों ग्रामीण

    कैंसरगंज चौराहा से लेकर अंतिम संस्कार स्थल बराईखेरवा तक करीब ढाई किलोमीटर तक भीड़ फैली रही, जिसने इस दुखद घटना की गंभीरता को दिखा दिया।

    परिवार में मातम

    मृतक मिथिलेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई विधायक दिनेश रावत हैं, जबकि अन्य दो भाई विमलेश और लवलेश हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • बाराबंकी: नंदी की मूर्ति ने भक्तों के हाथों से पिया दूध, शिवलिंग पर विराजमान नंदी बाबा

    बाराबंकी: नंदी की मूर्ति ने भक्तों के हाथों से पिया दूध, शिवलिंग पर विराजमान नंदी बाबा

    बाराबंकी। जिले के असंद्रा थाना क्षेत्र के गोबरी गांव में एक चमत्कारिक घटना देखने को मिली। यहां शिवलिंग पर विराजमान नंदी की मूर्ति ने भक्तों के हाथों से दूध पी लिया। इस घटना ने पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बना दिया है।

    कैसे हुआ चमत्कार

    स्थानीय लोगों के अनुसार, नंदी बाबा की मूर्ति के सामने भक्तों ने दूध चढ़ाया। अचानक मूर्ति ने भक्तों के हाथों से दूध पीने का संकेत दिया। इस चमत्कारिक घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। ग्रामीण बारी-बारी से नंदी बाबा को दूध पिला रहे थे और इस अद्भुत दृश्य को देखकर हैरान थे।

    भक्तों की प्रतिक्रिया

    ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने इस घटना को असाधारण और दिव्य चमत्कार बताया। उन्होंने कहा कि यह नंदी बाबा की कृपा और शिवलिंग की शक्ति का प्रमाण है। लोगों ने आस्था व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना जारी रखी और मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था का ध्यान रखा।

    प्रशासन और स्थानीय जानकारी

    स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि गोबरी गांव में नंदी बाबा की मूर्ति और शिवलिंग वर्षों से स्थापित हैं। यह घटना ग्रामीणों के लिए गर्व और आस्था का विषय बन गई है। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए मुस्तैदी बरती।इस चमत्कारिक घटना के बाद गोबरी गांव शिव भक्तों का आस्था का केंद्र बन गया है। श्रद्धालु दूर-दूर से यहां दर्शन करने और नंदी बाबा को दूध चढ़ाने के लिए आ रहे हैं।

  • Barabanki university lathicharge: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

    Barabanki university lathicharge: Ramswaroop Memorial University में छात्रों पर लाठीचार्ज, प्रशासनिक गाज और राजनीतिक विडंबना

    Barabanki university lathicharge: Ramswaroop Memorial University

    बाराबंकी की रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ हुई बर्बरता का मामला सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँच गया है। छात्रों को बेरहमी से पीटने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई शुरू हो चुकी है, लेकिन इस घटना ने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह लाठीचार्ज केवल एक हिंसक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी तस्वीर है जहाँ शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है और एक बड़े राजनीतिक संगठन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आखिर क्या वजह थी कि चार साल से छात्रों की परीक्षा नहीं हुई? 2021 में मान्यता खत्म होने के बावजूद लाखों रुपये लेकर नए एडमिशन क्यों दिए गए? और इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षा की आड़ में कौन सा बड़ा खेल खेला जा रहा था? यह रिपोर्ट इस पूरे मामले की परतें खोलती है।

    शिक्षण व्यवस्था की खुली पोल: छात्रों पर क्यों बरसी लाठियां?

    मामले की जड़ में रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी का एक गंभीर शैक्षणिक और प्रशासनिक कुप्रबंधन है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी पिछले चार सालों से उनकी परीक्षाएं नहीं करवा रही थी, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया था। यह आरोप तब और भी गंभीर हो जाता है जब यह सामने आया कि यूनिवर्सिटी की मान्यता 2021 में ही खत्म हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद वह छात्रों से लाखों रुपये फीस लेकर एडमिशन देती रही।

    लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी जब छात्र अपनी डिग्री के लिए भटकने लगे और उनका भविष्य अंधकारमय दिखने लगा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया, अपनी आवाज उठाने का प्रयास किया। लेकिन, जब विरोध की यह आवाज प्रशासन तक पहुंची तो, छात्रों के आरोपों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने पुलिस को बुलाकर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद जो हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। पुलिस ने छात्रों पर बेरहमी से लाठियाँ भांजी, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

    लाठीचार्ज के बाद का भयावह मंजर और सियासी हलचल

    पुलिस के इस हिंसक लाठीचार्ज में कम से कम 12 छात्र घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ भी हालात बदतर थे। अस्पताल में घायल छात्रों के लिए पर्याप्त बेड तक उपलब्ध नहीं थे, और वे दर्द से तड़पते रहे। यह स्थिति केवल पुलिस की क्रूरता नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही को दर्शाती है।

    Barabanki university lathicharge

    जब हालात बेकाबू हो गए और प्रशासन पर सवाल उठने लगे, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। रात में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के आवास का घेराव किया, विरोध प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों का पुतला दहन किया।

    यह घटना तब और भी ज्यादा चौंकाने वाली हो जाती है जब हम एबीवीपी की पृष्ठभूमि पर गौर करते हैं। एबीवीपी, जिसकी स्थापना 1949 में हुई थी और जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर आधारित है, आज दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। इस संगठन ने हमेशा छात्रों के अधिकारों, राष्ट्रवाद और शिक्षा के मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाई है। भाजपा सरकार को सत्ता में लाने में भी इस संगठन की अहम भूमिका रही है। ऐसे में, उसी सरकार में पुलिस की लाठियों से एबीवीपी कार्यकर्ताओं का पिटना एक राजनीतिक विडंबना और प्रशासनिक चूक दोनों को उजागर करता है।

    सीएम योगी ने लिया संज्ञान, प्रशासनिक गाज गिरी

    जब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम के दखल के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गई।

    प्रशासनिक स्तर पर हुई प्रमुख कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:

    • सीओ सिटी हर्षित चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
    • नगर कोतवाली प्रभारी और गदिया चौकी के तमाम पुलिसकर्मियों को उनकी लापरवाही और क्रूरता के कारण लाइन हाजिर कर दिया गया है।
    • इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    • कमिश्नर गौरव दयाल को यूनिवर्सिटी की मान्यता और वैधता की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया गया है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि 2021 में मान्यता खत्म होने के बाद भी एडमिशन क्यों दिए गए।

    यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है, लेकिन सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या सिर्फ अधिकारियों के निलंबन से इस तरह के मामलों में लगाम लग पाएगी?

    निष्कर्ष

    रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी की घटना ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में चल रही अनियमितताओं और छात्रों के शोषण की कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस शिक्षा व्यवस्था को युवाओं के भविष्य का निर्माण करना चाहिए, वही उनके लिए एक जाल बन गई। इस घटना ने प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवालिया निशान लगाए हैं, और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।

    फिलहाल, जांच चल रही है और उम्मीद है कि दोषी अधिकारियों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। यह जरूरी है कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता लाई जाए और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा न जाए। यह मामला भविष्य में सभी शिक्षण संस्थानों और प्रशासन के लिए एक सबक साबित होना चाहिए।

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  • बाराबंकी में अनोखा मामला: विवाहिता ने शादी के 3 महीने में छोड़ा पति, समलैंगिक संबंध का खुलासा

    बाराबंकी में अनोखा मामला: विवाहिता ने शादी के 3 महीने में छोड़ा पति, समलैंगिक संबंध का खुलासा

    बाराबंकी – उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ने शादी के मात्र तीन महीने बाद ही अपने पति को छोड़ने का फैसला किया। महिला ने बताया कि वह अपने परिवार और अपनी इच्छानुसार जीवन जीना चाहती है। बाराबंकी में अनोखा मामला

    पति को छोड़ महिला मित्र के साथ रहने की जताई इच्छा

    घटना के समय पति मजदूरी पर था और परिवार के अन्य सदस्य खेत में मौजूद थे। महिला की महिला मित्र घर आई और दोनों ने घर को अंदर से बंद कर लिया। जब परिवार लौटकर आया तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर बाद दरवाजा खुला और विवाहिता अपने मित्र के साथ दिखाई दी। बाराबंकी में अनोखा मामला

    स्थानीय पुलिस ने घटना की सूचना मिलने पर पीआरवी भेजकर थानेदार राकेश यादव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। विवाहिता और उसकी महिला मित्र को थाने ले जाकर परिवारवालों से मिलवाया गया। दोनों पक्षों ने कोई कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की, और उपनिरीक्षक राकेश यादव ने इसे समलैंगिकता और पारिवारिक मामला बताया।