बरेली जिला, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर, जो नाथ नगरी और बरेली शरीफ के नाम से प्रसिद्ध है. नवीनतम समाचार, मौसम और सरकारी जानकारी यहाँ देखें. बरेली समाचार
बरेली में वायरल वीडियो -बरेली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स समोसों से भरी ट्रे सिर पर रखकर बाइक चला रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स जिग-जैग स्टाइल में बाइक चला रहा है, जिससे लोगों की सांसें थम सी गई हैं।
इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफ़ॉर्म पर इस वीडियो को देखकर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया नहीं रोक पाए। कई लोग वीडियो शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि “बैलेंस हो तो ऐसा, जनाब ने समोसे की ट्रे सिर पर रखकर जिग-जैग स्टाइल में चलाई बाइक; देखने वालों ने दांतों तले दबाई ऊंगली।”
इस वीडियो ने साबित कर दिया कि बरेली के लोग न केवल अपने काम में निपुण हैं, बल्कि धैर्य और संतुलन में भी माहिर हैं। वीडियो को देखकर लोग शख्स की बहादुरी और कौशल की तारीफ कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर ऐसे वायरल वीडियो लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। वीडियो में दिखाया गया यह अनोखा और जोखिम भरा तरीका, लोगों को हैरान और मज़े में डाल रहा है।इस वीडियो से यह भी पता चलता है कि छोटे शहरों में भी लोग किसी चुनौती को बड़े हुनर और आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकते हैं।
बरेली। उपद्रव के बाद शहर के चार थानों में मौलाना तौकीर रजा समेत सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। यह प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज कराई जा रही हैं।बारादरी थाने में दो मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। पहले मुकदमे में पुलिस ने 28 लोगों को नामजद करते हुए, ढाई सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।
इसी के साथ दूसरे मुकदमे में करीब 18 लोगों को नामजद करते हुए बाकी डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।
बारादरी में लिखे गए मुकदमे में नदीम, अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीम तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल्ला नबी, कलीम खान, मोबीन, नायाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाउद खा, अमन, अजमल रफी, फैजान, सामनान, सम्मू खान, अरशद अली, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान मुनीमिया मोहम्मद आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस, आशु आदि को नामजद किया गया है।
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मौलाना तौकीर रजा को भी किया नामजद
इसी तरह से दूसरे मुकदमे में भी 18 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर और किला थाने में भी मुकदमे लिखे गए हैं जिसमें मौलाना तौकीर रजा को भी नामजद किया गया है।
एक घंटे से डटे थे प्रदर्शनकारी, एसएसपी के लाठी उठाते ही दौड़े
कोतवाली क्षेत्र में लाठी चार्ज के बाद श्यामगंज में उपद्रवियों ने उपद्रव का किया प्रयास – पुलिस ने काफी देर समझाया मगर नहीं माने उपद्रवी, जब हुआ लाठीचार्ज तो भागे जागरण संवाददाता, बरेली : कोतवाली क्षेत्र में बवाल लाठीचार्ज के बाद श्यामगंज में भी उपद्रवियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मौके पर पहुंची बारादरी पुलिस व अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उपद्रवी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इसी बीच जब एसएसपी को सूचना मिली तो वह भी श्यामगंज में मोर्चा संभालने पहुंच गए।
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से आया फायर
एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से किसी ने फायर किया तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। चंद मिनट में ही पूरा श्यामगंज खाली हो गया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। श्यामगंज में करीब एक घंटे से उपद्रवी डेरा जमाए खडे थे।सीओ तृतीय समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर कोई मानने को तैयार नहीं था। पुलिस ने रस्सा खींचकर भीड़ को रोका था, लेकिन सभी इस्लामियां ग्राउंड में जाने की होड़ में थे।
I Love Muhammed बरेली, उत्तर प्रदेश। शहर के विभिन्न इलाकों में “I Love Muhammed” पोस्टरों को लेकर सोमवार को अफरा-तफरी मच गई। मामला तब भड़क गया जब कुछ युवाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर यह पोस्टर लगाना शुरू किया।स्थानीय लोगों और समाज के संवेदनशील वर्ग के विरोध के बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की। शुरुआती जद्दोजहद के दौरान पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए लाठियां भांजी। हालांकि किसी के गंभीर घायल होने की खबर नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष बल तैनात कर दिया गया है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी काम में शामिल न हों।
सामाजिक और धार्मिक समुदायों के नेताओं ने भी इस मामले में सुलह और समझौते की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का विवाद या हिंसा सामाजिक शांति के लिए हानिकारक हो सकता है।
हालांकि पोस्टर लगाने वाले युवाओं ने कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इसे सार्वजनिक अशांति का कारण मानकर रोक दिया।
यह मामला उत्तर प्रदेश में धार्मिक सहिष्णुता और कानून व्यवस्था को लेकर एक संवेदनशील स्थिति के रूप में उभरा है। पुलिस और प्रशासन अब सतर्क हो गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।
बरेली – थाना फरीदपुर क्षेत्र की जगदंबा विनियर प्लाई फैक्ट्री में शुक्रवार को 23 वर्षीय मजदूर प्रद्युम्न की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर उस गठजोड़ का पर्दाफाश कर दिया है, जिसने मजदूरों की जिंदगी को मौत की मंडी बना दिया है। न वन विभाग के नियम लागू हैं, न ट्रांसपोर्टिंग नियम की परवाह है, न फैक्ट्री सुरक्षा मानक का पालन। फिर भी कारोबार फलफूल रहा है। सवाल उठता है—ये सब आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है? मौत का सिलसिला, लापरवाही का नेटवर्क प्रद्युम्न ट्रक की चपेट में आया और मौके पर ही खत्म हो गयी।महज एक महीने पहले पंचजन्य प्लाई फैक्ट्री में महिला मजदूर की मौत हुई थी। हर बार प्रबंधन की लापरवाही सामने आई, लेकिन कार्रवाई नहीं—क्योंकि सत्ता-प्रशासन की छतरी तले सब महफूज़ है।बरेली प्लाई फैक्ट्रियों का काला सच
प्रबंधन का रवैया जिम्मेदारी से भागना जब मीडिया ने फैक्ट्री मैनेजर से सवाल किए, तो उन्होंने न सिर्फ जवाब देने से इंकार किया बल्कि बदजुबानी कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। साफ है—प्रबंधन को भरोसा है कि ऊपर से संरक्षण मिल रहा है, इसलिए कोई भी कानून इन्हें छू नहीं सकता। हैरानी की बात यह है कि प्रद्युम्न की मौत को मैनेज करने के लिए फैक्ट्री प्रबंधन राखी नोमानी ने परिजनों को आठ लाख का चेक पकड़ा दिया। मतलब साफ है, मजदूर की जिंदगी का रेट तय है। मालिक के लिए इंसान की जान सिर्फ “चेकबुक का पन्ना” है। बरेली प्लाई फैक्ट्रियों का काला सच फरीदपुर के अग्निशमन अधिकारी द्वितीय सचिन कुमार शाक्य ने कहा जगदंबा विनियर में फायर सेफ्टी सिस्टम तक नहीं है। आग लगने पर हालात काबू से बाहर होंगे। नोटिस जारी किया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल—क्या नोटिस ही काफी है? क्या हर मौत के बाद सिर्फ नोटिस और तहरीर ही प्रशासन की जिम्मेदारी है। यह कोई एक फैक्ट्री की कहानी नहीं है यह पूरे इलाके में फैली उन प्लाई फैक्ट्रियों का जाल है, जो वन विभाग, ट्रांसपोर्टिंग नियम, श्रम विभाग और अग्निशमन विभाग को जेब में रखकर चल रही हैं। अगर संरक्षण ऊपर से न हो तो इतनी खुली लापरवाही, इतनी मौतें और इतनी बड़ी गफलतें कैसे चल सकती हैं। मजदूर की जान सस्ती और मालिक का मुनाफा भारी क्यों ? – सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई कौन रोके हुए है, – आखिर किसके संरक्षण में मौत की ये फैक्ट्रियां धड़ल्ले से चल रही हैं। बरेली प्लाई फैक्ट्रियों का काला सच
संवाददाता – प्रमोद शर्मा लोकेशन – बरेलीफरीदपुर (बरेली)। जमीन की लड़ाई ने एक बार फिर खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला परा में दबंग पड़ोसियों ने एक ही परिवार पर लाठी-डंडों और वाकाओं से हमला बोल दिया। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़ित मनोज उर्फ़ पप्पू पुत्र बाबूराम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके चाचा की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्ज़े की साजिश रची जा रही थी। इसी रंजिश के चलते 24 जुलाई की शाम करीब 7 बजे पड़ोसी सर्वेश पुत्र रामदास अपने साथियों के साथ अचानक हमला कर दिया।हमले में पप्पू, उनकी पत्नी राधा, बेटे अंकित और आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल जानलेवा हमला किया बल्कि पूरे परिवार को खुलेआम मौत की धमकी दी। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सर्वेश सहित सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक को सौंपी है। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय हमलावरों को बचा रही है। बुधवार शाम पीड़ित की पत्नी राधा कोतवाली पहुंचीं और कोतवाल राधेश्याम से मिलकर पुलिस पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका कहना है कि— “हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय बचा रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम थाने के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।”बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष
संवाददाता – प्रमोद शर्मा, बरेली बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम जेड से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीण राजनीति की असलियत को उजागर कर दिया है। ग्राम प्रधान का परिवार जहां विकास और कल्याण का प्रतीक होना चाहिए, वहीं अब राजनीतिक दुश्मनी और साजिश का शिकार बन रहा है।
प्रधान पति पर हमला,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश
पीड़ित कल्लू शाह, जो ग्राम प्रधान की पत्नी के स्वामी हैं, 19 अगस्त की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने मछली के तालाब की देखरेख करने निकले थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि उन लोगों ने न केवल गालियां दीं, बल्कि “प्रधान पद से बेदखली” की धमकी और शारीरिक हमला करने की भी कोशिश की। हालांकि गांववालों के हस्तक्षेप से उनकी जान बच गई।
अवैध कब्जे और चोरी का खेल,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश
यह विवाद किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों और चोरी का खेल छिपा है।
मस्जिद व मजार के दान पात्र को बार-बार तोड़ा गया।
चढ़ावे की रकम गायब की जाती रही।
यहां तक कि जनरेटर का अल्टीनेटर तक चोरी कर बेचा गया।
धार्मिक स्थलों की आड़ में निजी होटल और नाश्ते के खोखे खुले।
जब भी इन गतिविधियों का विरोध हुआ, तो प्रतिरोध करने वालों को धमकी और मारपीट के जरिए चुप कराने की कोशिश की गई। यह मामला केवल प्रधान पति पर हुए हमले का नहीं है, बल्कि इसने गांव के लोकतांत्रिक ढांचे पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यदि प्रतिनिधि परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है?
पुलिस में तहरीर ,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश
पीड़ित कल्लू शाह ने फरीदपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बरेली। शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के संकल्प के साथ स्वतंत्रता दिवस के दिन फरीदपुर तहसील के हेरोला गाँव में नवनिर्मित बाल वाटिका शिक्षा केंद्र का शुभारंभ किया गया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मल्लिका नयन ने फीता काटकर विद्यालय का उद्घाटन किया और ग्रामीणों से अपील की – “अब कोई बहाना नहीं चलेगा, हर माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के मंदिर तक ज़रूर भेजें।” बरेली- हेरोला गाँव में बाल वाटिका का शुभारंभ
माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष नमन कर एसडीएम ने बच्चों के साथ उत्साहभरी सेल्फी भी ली और कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है जो बच्चों का भविष्य गढ़ती है और गाँव को नई दिशा देती है।
ग्रामीणों की चिंता – स्कूलों का विलय बरेली- हेरोला गाँव में बाल वाटिका का शुभारंभ
इस अवसर पर ग्रामीणों ने सरकारी स्कूलों के विलय का मुद्दा उठाया। एसडीएम मल्लिका नयन ने स्पष्ट किया कि कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय शासन की नीति है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
शिक्षा की मशाल का आह्वान बरेली- हेरोला गाँव में बाल वाटिका का शुभारंभ
सैकड़ों ग्रामीणों और बच्चों की मौजूदगी में यह उद्घाटन केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि यह एक आह्वान बन गया कि गाँव का हर बच्चा अब स्कूल ज़रूर जाएगा। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ भानु प्रताप सिंह, ग्राम प्रधान अरविंद कुमार समेत कई विभागीय अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
फरीदपुर। स्वतंत्रता दिवस का सूरज आज फरीदपुर में एक अद्वितीय दृश्य का साक्षी बना। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष स्व. लालाराम गुप्ता के आवास पर ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान गाकर स्वतंत्रता का संदेश व राष्ट्र गौरव का उद्घोष किया गया। बरेली-फरीदपुर में तिरंगे का ऐतिहासिक गौरव
घर का आंगन, छत और वातावरण हर जगह सिर्फ तिरंगे की महक और देशभक्ति की गूंज से सराबोर रहा। ध्वजारोहण की इस गरिमामयी बेला में उनकी धर्मपत्नी गिरिजा देवी गुप्ता, पुत्र धर्मेंद्र गुप्ता और रविंद्र गुप्ता ने पूरे उत्साह से हिस्सा लिया। बरेली-फरीदपुर में तिरंगे का ऐतिहासिक गौरव
कार्यक्रम में अवनीश शर्मा, रामगोपाल गुप्ता, आकाश गुप्ता, राजेश सिंह, राजीव सिंह अग्रवाल, ठाकुर राजवीर सिंह सहित अन्य गणमान्यजन भी मौजूद रहे।देशभक्ति के इस माहौल को और ऊंचाई दी हिंदू युवा वाहिनी के 122 विधानसभा उपाध्यक्ष अनमोल रतन शर्मा और प्रतीक मिश्रा ने, जिन्होंने फरीदपुर नगर महामंत्री गोपाल मिश्रा के साथ बड़े हर्षोल्लास से तिरंगा फहराया।पूरा वातावरण नारों, तालियों और जयकारों की गूंज से रोमांचित हो उठा।लोगों के चेहरों पर चमक, आंखों में गर्व और दिल में तिरंगे के लिए असीम प्रेम झलक रहा था। यह सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि वह पल था जिसने फरीदपुर को याद दिलाया कि तिरंगा केवल झंडा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा का प्रतीक है और इसके सम्मान में हम सब एक हैं। बरेली-फरीदपुर में तिरंगे का ऐतिहासिक गौरव
बरेली पुलिस की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए शुरू की गई “दर्पण” पहल गुरुवार को सख़्त कार्रवाई का मंच बन गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने संवेदनशील मामलों की फाइलें खोलते ही लापरवाही पर सीधा वार किया।बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच
बरेली। पुलिस विभाग की “दर्पण” पहल गुरुवार को सचमुच आईना बन गई, जब जनसुनवाई में वादी और विवेचक आमने-सामने आए। बरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
मामलों की समीक्षा के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने पाया कि कुछ विवेचकों ने न तो समयबद्ध जांच की, न ही पर्याप्त साक्ष्य जुटाए। बरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
ढिलाई उजागर होने पर SSP ने एक विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) के आदेश दिए, जबकि दूसरे को व्यक्तिगत फाइल में चेतावनी दर्ज की। SSP आर्य ने सख़्त शब्दों में कहा—”विवेचना में ढिलाई करने वालों की पुलिस में कोई जगह नहीं है। समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही ही हमारी पहचान होगी।” बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांचबरेली पुलिस की ‘दर्पण’ कार्रवाई में ढिलाई
गुरुवार की कार्रवाई में छह मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें गुमशुदगी और गंभीर धाराओं वाले केस शामिल थे। SSP ने आदेश दिया कि ऐसे सभी मामलों की प्रगति अब हर हफ्ते समीक्षा बैठक में पेश की जाएगी। इस कदम से पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है। बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच
बरेली: ‘दर्पण’ में नज़र आई पुलिस की ढिलाई – एक विवेचक पर जांच
आज़ादी के अमृत महोत्सव पर नगर की गलियों में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंजा माहौल, पुष्पवर्षा और राष्ट्रप्रेम के अद्भुत नज़ारे।
फरीदपुर (बरेली) — आज़ादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार को फरीदपुर नगर ने एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बना। हिंदू युवा वाहिनी के बैनर तले आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा ने नगर की गलियों को तिरंगे और भगवा रंग से सराबोर कर दिया। बरेली फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की भव्य तिरंगा यात्रा -हिंदुत्व
सुबह बीसलपुर रोड अंडरपास से शुरू होकर मछली तालाब और भारत माता मंदिर तक पहुंची इस यात्रा में देशभक्ति का अद्वितीय जोश देखने को मिला। “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों ने पूरे माहौल को रोमांचित कर दिया। भारत माता मंदिर पहुंचते ही पुष्पवर्षा ने यात्रा को और भी ऐतिहासिक बना दिया।बरेली फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की भव्य तिरंगा यात्रा -हिंदुत्व
हर चेहरे पर गर्व, हर हाथ में तिरंगा और हर कदम में राष्ट्रप्रेम—यह नजारा हर किसी के लिए भावुक कर देने वाला था।
सुरक्षा और व्यवस्था यात्रा से पहले सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ कुछ ही मिनटों में पूरे मार्ग की यातायात व्यवस्था संभाल ली। सुरक्षा की जिम्मेदारी कोतवाल राधेश्याम ने भारी पुलिस बल के साथ निभाई, जिससे यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई।
विशिष्ट अतिथि और आयोजन टीम मुख्य अतिथि कुंवर सिद्धराज सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष गोविंद सिंह चौहान और निवेदक रणजीत सिंह चौहान (मोन्नू) ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। नगर महामंत्री गोपाल मिश्रा ने प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन सत्संग भवन प्रांगण में भोज एवं जलपान के साथ हुआ। बरेली फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की भव्य तिरंगा यात्रा -हिंदुत्व
जनसमर्थन और सहभागिता इस यात्रा में जिला अध्यक्ष सर्वेश सिंह, मीडिया प्रभारी अजय प्रताप सिंह, प्रभारी विधानसभा अमित प्रताप सिंह चौहान, मंत्री विधानसभा अमित गुप्ता, उपाध्यक्ष विधानसभा फरीदपुर अजय सिंह फौजी, नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता सहित नगर पालिका के सभासद, कार्यकर्ता और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बरेली फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की भव्य तिरंगा यात्रा -हिंदुत्व