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Category: झाँसी

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  • CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST झांसी कार्यालय में चल रहे रिश्वतखोरी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में आईआरएस अधिकारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

    क्या है पूरा मामला?

    सीबीआई ने इस मामले में 1.5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत मांग को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि CGST झांसी के अधिकारी एक निजी कंपनी को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।

    कौन-कौन गिरफ्तार?

    CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं प्रभा भंडारी – उप आयुक्त, CGST झांसी (IRS, 2016 बैच)अनिल तिवारी – अधीक्षक अजय कुमार शर्मा – अधीक्षक नरेश कुमार गुप्ता – अधिवक्ता राजू मंगतानी – निजी कंपनी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक सीबीआई के अनुसार, रिश्वत की रकम उप आयुक्त के निर्देश पर ली जा रही थी और पूरी डील को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

    70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

    CBI ने जाल बिछाकर दोनों अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी हिरासत में लिया गया।

    छापेमारी में क्या-क्या मिला?

    गिरफ्तारी के बाद CBI ने कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाली बरामदगी हुई करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सोने-चांदी के भारी जेवरात CBI अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

    सिस्टम पर सवाल

    इस पूरे मामले ने कर विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ IRS अधिकारी का नाम सामने आना इस घोटाले को और भी संवेदनशील बना देता है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कर रही है।

    आगे क्या?

    CBI ने सभी आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।

  • झांसी में आबकारी इंस्पेक्टर का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    झांसी में आबकारी इंस्पेक्टर का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। यहां आबकारी इंस्पेक्टर सोनीबाला जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसे की बातचीत और डीएम कार्यालय का जिक्र भी साफ तौर पर सुना जा सकता है, जिससे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आबकारी इंस्पेक्टर एक निजी स्थान पर ठेकेदार से बातचीत कर रही हैं। बातचीत के दौरान ठेकेदार द्वारा काम कराने के एवज में पैसों की चर्चा होती है और इंस्पेक्टर कथित रूप से रकम स्वीकार करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि फाइल को आगे बढ़ाने में डीएम कार्यालय तक सेटिंग की जरूरत है। हालांकि, वीडियो की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है।

    पुराना बताया जा रहा वीडियो

    सूत्रों के मुताबिक, यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब इसके अचानक सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन की साख पर सवाल

    इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर आम जनता के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। आबकारी विभाग जैसे संवेदनशील महकमे में इस तरह के आरोप न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करते हैं। सोशल मीडिया पर लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही विभागीय जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। आबकारी विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई होती है या नहीं।

  • झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    यूपी के झांसी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बरुआसागर थाना क्षेत्र में झाड़फूंक के बहाने एक तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं. पीड़ित परिवार के अनुसार, बच्ची कुछ दिनों से गले में दर्द की शिकायत कर रही थी और खाना भी नहीं खा पा रही थी. इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला तो लोगों ने इसे ऊपरी चक्कर बताया.

    परिवार को पता चला कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी के सिनौनिया गांव का हरभजन नाम का व्यक्ति झाड़फूंक करता है. 18 नवंबर को उसे घर बुलाया गया. बच्ची को देखकर उसने कहा कि उस पर भूतप्रेत का साया है और तंत्रक्रिया अकेले में होगी. उसने साफ कहा कि बच्ची रोए तो भी कोई अंदर न आए. परिवार उसके झांसे में आ गया.

    12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत

    तांत्रिक बच्ची को कमरे में ले गया. कुछ देर बाद बच्ची रोने लगी लेकिन उसने माता-पिता को अंदर आने से रोक दिया. करीब आधा घंटे बाद वह बाहर निकला और बोला कि पूजा पूरी हो गई है और अब बच्ची को आराम मिलेगा. इसके बाद वह वहां से चला गया.उसके जाने के बाद बच्ची मां से चिपककर रोने लगी और आपबीती बताई। बच्ची ने बताया कि तांत्रिक ने कपड़े उतरवाए, शरीर पर नींबू रगड़ा और अश्लील हरकतें कीं. यह सुनते ही परिवार के होश उड़ गए. परिजन तत्काल थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई.

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    बरुआसागर थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि बच्ची की मां की शिकायत पर आरोपी हरभजन के खिलाफ धारा 75(2), 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा.

  • झांसी- गुरसरांय में आशा बहनों का विरोध प्रदर्शन, भुगतान की मांग तेज

    झांसी- गुरसरांय में आशा बहनों का विरोध प्रदर्शन, भुगतान की मांग तेज

    गुरसरांय, झांसी (उ.प्र.)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय में शनिवार दोपहर आशा बहनों ने बकाया मानदेय भुगतान को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे दर्जनों आशा कार्यकर्ता एकजुट होकर परिसर में एकत्र हुईं और अपनी समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया।

    आशा बहनों का कहना है कि वर्ष 2021 से टीटी ऑपरेशन केस प्रेरक के रूप में कार्य कर रहीं कई आशा बहनों को अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। यही नहीं, पिछले छह माह से डिलीवरी और टीकाकरण कार्य का भी किसी तरह का मानदेय नहीं दिया गया है। इससे आशा बहनों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ओपी राठौर को ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि वे गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और प्रसूता माताओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और डिलीवरी से जुड़े कार्य पूरी निष्ठा से करती हैं। इसके बावजूद समय पर भुगतान न होना उनके साथ अन्याय जैसा है।

    आशा बहनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे कलमबंद हड़ताल पर रहने को मजबूर होंगी और सभी स्वास्थ्य सेवाओं से अलग हो जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।

    प्रदर्शन में सुखवती, रुबीना, कल्पना, अभिलाषा, राजेश, प्रवीना, कुसुम सहित दर्जनों आशा बहनें मौजूद रहीं। सभी ने नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द बकाया मानदेय जारी करने की मांग की और स्पष्ट कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता।

  • साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    संवाददाता लोकेश मिश्रा झांसी/ललितपुर, उत्तर प्रदेश — झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीति में हलचल मच गई है। चर्चा है कि मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद साध्वी उमा भारती ने 2029 लोकसभा चुनाव में झांसी ललितपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इस बयान के बाद वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा के राजनीतिक खेमे में बेचैनी और उथल-पुथल मच गई है।

    2019 के लोकसभा चुनाव में उमा भारती की जगह अनुराग शर्मा ने पार्टी का टिकट पाकर चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के चुनाव में भी पार्टी ने उनका भरोसा जताया और वे पुनः विजयी हुए। लेकिन 2029 के चुनाव को लेकर उमा भारती के बयान से राजनीतिक गलियारे में खलबली मच गई है।

    उमा भारती ने मीडिया इंटरव्यू में झांसी को अपना दिल बताया और कहा कि वह इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखती हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर अनुराग शर्मा भी झांसी से अपने गहरे संबंधों और जनाधार के लिए जाने जाते हैं। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस और चर्चा तेज हो गई है।

    अनुराग शर्मा की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व का झुकाव दोनों नेताओं में से किस ओर होगा, यह आगामी समय में साफ होगा।

    स्थानीय जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग साध्वी उमा भारती की लोकप्रियता और अनुभव को देखते हुए उनके पक्ष में हैं, तो वहीं अनुराग शर्मा के समर्थक अपने सांसद के लगातार विकास कार्य और स्थानीय जुड़ाव की बात कर रहे हैं।

    इस सीट पर आगामी चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व और आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं और अगले चुनाव में किसका पलड़ा भारी होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

  • पीपल के पेड़ की डाली काटने से पक्षियों की मौत, 7 गिरफ्तार

    पीपल के पेड़ की डाली काटने से पक्षियों की मौत, 7 गिरफ्तार

    रिपोर्ट लोकेश मिश्रा झांसी। पीपल के पेड़ की डालियां काटने के कारण उस पर मौजूद घोंसलों से गिरकर पक्षियों और उनके बच्चों के गिरकर मर जाने के मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पांच महिलाएं हैं। सभी गिरफ्तार लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। पीपल के पेड़ की डाली काटने से पक्षियों की मौत, 7 गिरफ्तार

    सभी आरोपियों के खिलाफ झांसी के प्रेमनगर थाने में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, जैव विविधता अधिनियम और भारतीय वन संरक्षण अधिनियम और वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। झांसी में इस घटना को लेकर सामाजिक संगठन भी कार्रवाई की मांग उठा रहे थे। पीपल के पेड़ की डाली काटने से पक्षियों की मौत, 7 गिरफ्तार

    थाना प्रेमनगर क्षेत्र के मोहल्ला हाता प्यारे लाल में मंगल डेयरी के सामने नगरा क्षेत्र में 31 अगस्त को कुछ लोगों ने एक पीपल के वृक्ष की शाखाओं को अवैध रुप से काट दिया था। इससे वृक्ष पर मौजूद कई पक्षियो के घोंसलों और अण्डों के साथ-साथ मौके पर 15 पक्षी मृत अवस्था में मिले थे। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद वन विभाग और पुलिस विभाग हरकत में आई। इस मामले में वन रक्षक मनोज श्रीवास की तहरीर पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 51(1), जैविक विविधता अधिनियम 2002 की धारा 7 और 55, भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 69, 41और 42 के अंतर्गत केस पंजीकृत किया गया।केस दर्ज कर प्रेमनगर पुलिस ने दीपान्शी, आरती अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, भावना अग्रवाल, रंजना अग्रवाल, आदित्य अग्रवाल और सचिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीपल के पेड़ की डाली काटने से पक्षियों की मौत, 7 गिरफ्तार

  • jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े 2 पक्ष, पुलिस कर रही जांच

    jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े 2 पक्ष, पुलिस कर रही जांच

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    झांसी, उत्तर प्रदेश। मंगलवार को झांसी कलेक्ट्रेट परिसर उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब फर्जी जमीनों की रजिस्ट्री के आरोप में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। गाली-गलौज और हाथापाई की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना एक बार फिर भूमि विवादों में धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों को उजागर करती है, जिसकी जांच नवाबाद पुलिस कर रही है।

    क्या है पूरा मामला jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े दो पक्ष, पुलिस कर रही जांच: कलेक्ट्रेट में क्यों भिड़े दो पक्ष?

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    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के ग्राम सिंगररा निवासी विनोद राय किसी निजी कार्य से कलेक्ट्रेट गए थे। उसी दौरान, सुनील साहू भी अपनी जमीन से जुड़े एक पुराने मुकदमे की पैरवी करने के लिए वहां मौजूद थे। दोनों पक्षों का आमना-सामना होते ही उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और गुत्थम-गुत्थी में बदल गई।

    इस अप्रत्याशित घटना से परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हंगामे की सूचना मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया और मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें थाने ले आई।

    फर्जी रजिस्ट्रियों का गंभीर आरोप

    थाने में, दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसी दौरान, एक पक्ष सुनील साहू ने विनोद राय पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। सुनील साहू ने पुलिस को बताया कि विनोद राय ने उनकी जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रियां कराकर उन्हें बेच दिया है। सुनील साहू का यह भी आरोप है कि विपक्षी ने सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों की जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें धोखाधड़ी से बेचा है। इसी जमीन विवाद और धोखाधड़ी के कारण दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई थी।

    यह आरोप दर्शाता है कि यह मामला सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह एक बड़े और सुनियोजित फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है। पुलिस के लिए यह जांचना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वास्तव में फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे और क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच on jhansi farji registry vivad: कलेक्ट्रेट में भिड़े दो पक्ष, पुलिस कर रही जांच

    नवाबाद पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। दोनों पक्षों के बयानों को दर्ज किया जा रहा है और आरोपों की सच्चाई जानने के लिए जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस को अब संबंधित दस्तावेजों की जांच करनी होगी और जमीन के रिकॉर्ड्स को सत्यापित करना होगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस तरह की और भी शिकायतें पहले दर्ज की गई हैं।

    यह घटना झांसी जैसे शहर में बढ़ते भूमि विवादों और धोखाधड़ी की घटनाओं की ओर ध्यान दिलाती है। इस तरह के मामलों में, पुलिस की निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई न्याय सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह घटना आम जनता के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के प्रति अधिक सतर्क रहें और किसी भी संदेहजनक गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पुलिस मामले की जांच पूरी करने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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  • JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मछली दाने के बीच छिपाकर तस्करी किया जा रहा 90 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गांजे की भारी खेप को डीसीएम ट्रक के जरिए राज्य से बाहर पहुंचाने की फिराक में थे।

    एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मीडिया को बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि झांसी-कानपुर हाईवे पर एक डीसीएम ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और तलाशी ली।

    जांच के दौरान हरियाणा नंबर के डीसीएम ट्रक से 2 कुंतल 30 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसे बड़ी चालाकी से मछली के दाने के नीचे छिपाया गया था।

    गिरफ्तार हुए तस्कर

    इस मामले में पुलिस ने राहुल कुमार (36) निवासी बिजनौर और जयप्रकाश पासवान (35) निवासी दरभंगा, बिहार को मौके से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह गांजा छत्तीसगढ़ से लाया गया था, जिसे आगे किसी अन्य राज्य में सप्लाई किया जाना था।

    अंतरराज्यीय गैंग से संबंध

    गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में उनके दो और साथी शामिल हैं—यूसुफ अंसारी (बरेली निवासी) और पवन पांडेय (प्रतापगढ़ निवासी)। ये दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    कैसे छिपाया गया था गांजा?

    गांजे को इस तरह छिपाया गया था कि उसे देखना और पकड़ना आसान न हो। मछली के चारे के बोरे के बीच गांजा भरा गया था, ताकि ट्रक की तलाशी के दौरान शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

    नशे के खिलाफ सख्ती

    झांसी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। आए दिन यूपी के विभिन्न जिलों में नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिस तरह यह तस्करी हो रही थी, वह बेहद शातिर तरीका था। एसएसपी ने साफ किया कि मादक पदार्थों की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।\

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