कानपुर देहात। अकबरपुर नगर पंचायत के चेयरमैन पति और बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को लीगल नोटिस भेजते हुए 15 दिनों में सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और 1 रुपये की मानहानि का दावा भी ठोका जाएगा।
धरने के दौरान ही पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने की थी जितेंद्र सिंह गुड्डन पर टिप्पणी कानपुर देहात विवाद
24 जुलाई को पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने अपनी पत्नी और प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के साथ अकबरपुर कोतवाली में धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने जितेंद्र सिंह गुड्डन के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।
💬 क्या बोले जितेंद्र सिंह गुड्डन? कानपुर देहात विवाद
जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पलटवार करते हुए कहा –”पूर्व सांसद की औकात सिर्फ 1 रुपये की है। “उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “पूर्व सांसद अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाते हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।”
बीजेपी में दिखी अंदरूनी फूट कानपुर देहात विवाद
इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर देहात भाजपा संगठन में आंतरिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। एक ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता धरने पर, दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के दूसरे पदाधिकारी उन पर लीगल एक्शन ले रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लोकल लेवल की यह तनातनी आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। विरोधियों को भी इससे राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
कानपुर- उत्तर प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अब मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी में कानपुर, बरेली, झाँसी, प्रयागराज, अमेठी, वाराणसी समेत कई बड़े जिले शामिल हैं।
कानपुर में आज और कैसा होगा मौसम यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
सुबह 5 बजे से ही शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई।
आज अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 27°C के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 72 घंटे तक गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है।
आने वाले दिनों का अनुमान (कानपुर फोकस) यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
तारीख
मौसम अनुमान
तापमान (°C)
31 जुलाई
आंशिक बादल, गरज के साथ बारिश
33 / 26
1 अगस्त
दोपहर बाद हल्की वर्षा
33 / 27
2 अगस्त
गरज-चमक के साथ बौछारें
34 / 28
3 अगस्त
बादल और मध्यम बारिश
35 / 28
मौसम विभाग का अलर्ट क्या कहता है? यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
भारी बारिश के साथ तेज हवाएं (30–50 किमी/घंटा) चल सकती हैं।
बिजली गिरने की अत्यधिक संभावना जताई गई है।
जलभराव, ट्रैफिक जाम, और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं के लिए प्रशासन को सतर्क किया गया है।
सुरक्षा के लिए क्या करें? यूपी में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
बिजली चमकने पर मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग बंद करें।
बेवजह घर से बाहर न निकलें।
खुले मैदान, पेड़ के नीचे या नदियों के किनारे खड़े न रहें।
जरूरत होने पर पुलिस और आपदा राहत नंबर (112 / 1070) पर संपर्क करें।
कानपुर देहात -उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कानपुर देहात जिले को नया जिलाधिकारी (DM) दिया है। कपिल सिंह को कानपुर देहात का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान डीएम आलोक सिंह का स्थानांतरण लखनऊ कर दिया गया है।
प्रशासनिक बदलाव का फैसला कानपुर देहात को मिला नया जिलाधिकारी
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आलोक सिंह को अब राज्य संपत्ति अधिकारी (Estate Officer) के पद पर लखनऊ में तैनात किया गया है। वहीं, कपिल सिंह, जिनके पास प्रशासनिक सेवा का अच्छा अनुभव है, अब कानपुर देहात जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कौन हैं कपिल सिंह? कानपुर देहात को मिला नया जिलाधिकारी
कपिल सिंह एक ईमानदार और दक्ष आईएएस अधिकारी माने जाते हैं। इससे पहले वह विभिन्न जिलों में ADM और CDO जैसे पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनसे कानपुर देहात में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों को गति देने की अपेक्षा की जा रही है।
पद
अधिकारी
नई तैनाती
जिलाधिकारी, कानपुर देहात
कपिल सिंह
नए DM नियुक्त
पूर्व जिलाधिकारी
आलोक सिंह
लखनऊ स्थानांतरित – राज्य संपत्ति अधिकारी
🧵 प्रशासनिक फेरबदल की मुख्य बातें: कानपुर देहात को मिला नया जिलाधिकारी
यह तबादला नीति के तहत किया गया रूटीन शिफ्ट है।
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद लगातार जिला प्रशासन में नए सिरे से टीम जमाई जा रही है।
कानपुर देहात में कानून व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण, किसानों से संवाद, और शासन योजनाओं की मॉनिटरिंग अब नए डीएम की प्राथमिकता होगी।
कानपुर देहात | भोगनीपुर: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भोगनीपुर तहसील स्थित शहीद अब्दुल हमीद चौक पर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर अमर शहीद अब्दुल हमीद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।देशभर में आज के दिन 1999 के कारगिल युद्ध के वीर जवानों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए जा रहे हैं, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
कारगिल विजय दिवस पर भोगनीपुर में शहीद अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने कहा कि –“हमारे लिए ये दिन केवल श्रद्धांजलि का नहीं, प्रेरणा लेने का दिन है। हम सबको शहीदों के त्याग को याद रखते हुए देश सेवा में जुटना चाहिए।”
कारगिल विजय दिवस पर भोगनीपुर में शहीद अब्दुल हमीद को श्रद्धांजलि
देवेश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा.राहुल निषाद, मंडल अध्यक्ष,अत्येंद्र कटिया, भाजपा कार्यकर्ता,मुकुल पाण्डेय, भाजपा कार्यकर्ता,और बड़ी संख्या में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।प्रतिमा स्थल पर भारत माता की जय, और शहीद अब्दुल हमीद अमर रहें जैसे नारों से माहौल देशभक्ति में डूब गया।
कानपुर देहात : कानपुर देहात के जैनपुर स्थित बड़ा दरबार गेस्ट हाउस में अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 119वीं जयंती पर देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से की गई। उपस्थित वक्ताओं ने उनके बलिदान, साहस और भारत माता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।
आजादी के आंदोलन में जन सहभागिता शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
मुख्य अतिथि जुगल देवी इंटर कॉलेज कानपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य आचार्य भूपति तिवारी ने आजाद के बारे में बताया कि उन्होंने कहा कि पंडित सीताराम तिवारी और जगरानी देवी के पुत्र चंद्रशेखर आजाद ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने काकोरी कांड और लाहौर षडयंत्र केस में सक्रिय भागीदारी की थी। शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी आर. के.अग्निहोत्री ने कहा कि चंद्रशेखर का नाम भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में अमिट है। बचपन में अंग्रेजों ने उन्हें 15 कोड़ो का दंड दिया था तभी उन्होंने संकल्प लिया कि अब अंग्रेजों के हाथ कभी नहीं लगेंगे। इसी संकल्प को पूरा करते हुए उन्होंने 27 फरवरी 1931 को पुलिस से घिरने के बाद अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद में स्वयं को गोली मारकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आजादी की लड़ाई में अपने क्रांतिकारी क्रियाकलापों से स्वतंत्रता आंदोलन की ज्वाला को निरंतर प्रज्वलित करते रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडवोकेट रविंद्र नाथ मिश्र ने एक रोचक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि जब जज ने आजाद से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने कहा – नाम आजाद और घर जेलखाना। कोड़े की सजा के दौरान हर कोड़े पर वंदे मातरम् का उद्घोष करते रहे।
शहीद चंद्रशेखर आजाद की 119वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
कार्यक्रम आयोजक रचना त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अशोक पांडे, संरक्षक प्रेमचंद्र त्रिपाठी, रजोल शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुलदेव अग्निहोत्री, मुनेश शुक्ला, बीटू द्विवेदी,रामकिशोर पांडेय, प्रद्युम्न शुक्ल, अंबुज द्विवेदी, नरेंद्र शुक्ल (सेवानिवृत्त उप निरीक्षक), शिव प्रसाद मिश्र,राजेश अवस्थी, किरण अवस्थी, नीतू पांडेय, आनंद तिवारी, महेश तिवारी, बाबा रमाकांत तिवारी, रवींद्र शुक्ल (पूर्व ब्लॉक प्रमुख मलासा) रामभरोसे शास्त्री, सत्य नारायण शुक्ल, एडवोकेट अंकित शुक्ल,शिवकुमार मिश्रा, सूर्यप्रकाश शर्मा, रुचि त्रिपाठी, विनीत त्रिवेदी, गोविंद दीक्षित, सुधांशु चतुर्वेदी, दीपक मिश्रा, सुभाष तिवारी, श्याम जी दीक्षित। विवेक तिवारी, राकेश द्विवेदी, अमोद द्विवेदी, सुनील तिवारी, बृजेंद्र शुक्ला, पिंकी पाठक, राहुल शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
कानपुर देहात- जिले का ऐसा महादेव मंदिर, जो मुगलकाल की आज भी याद दिलाता है। यहां भक्तों की ऐसी आस्था है कि प्रत्येक सोमवार को पूजा अर्चना के साथ सावन के माह में सैलाब उमड़ता है। बता दें कि कानपुर देहात के अकबरपुर के ऐतिहासिक शुक्ल तालाब परिसर में स्थित प्राचीन नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भक्तों की आस्था व आराधना का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की नक्कासी इसके प्राचीनतम होने को दर्शाता है। सावन के हर सोमवार को भक्त बड़ी संख्या में यहां आकर भगवान शंकर का पूजन अर्चन व जलाभिषेक करते हैं। वहीं अंतिम सोमवार को यहां भव्य श्रंगार के साथ रुद्राभिषेक व विशेष पूजन का आयोजन होता है।
मुगलकाल में अकबरपुर का ऐतिहासिक शुक्ल तालाब वास्तु कला का नायब नमूना होने के साथ ही हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। आज भी दूर दराज से लोग यहां आते हैं। इसकी प्राचीनतम कहानी है। 1857 की क्रांति की यादें संजाऐ इस परिसर में स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर लोगों की आस्था व आराधना का केंद्र बना हुआ है। बुजुर्गों के मुताबिक वर्ष 1556 में जब शहंशाह अकबर दिल्ली की गद्दी पर बैठा तो उसने 1563 ईसवी में शीतल शुक्ल को अकबरपुर का दीवान व नत्थे खां को आमिल नियुक्त किया था। इसी बीच अकबरपुर में अकाल पड़ गया। इस पर दोनों लोगों ने सरकारी पैसे से 1578 में पहले इस तालाब का निर्माण कराया था। धन जमा न होने पर अकबर बादशाह ने स्वयं यहां आकर जांच की। इस पर धन के सदुपयोग की जानकारी पर उन्होने दोनों को इनाम भी दिया था। इधर शीतल शुक्ल व उनके परिवार के लोगों को भगवान महादेव में घोर आस्था थी। इसलिए शीतल शुक्ल ने उसी परिसर में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया था। उस दौरान जनपद का यह अनूठा व भव्य मंदिर था। बाद में लोगों की आस्था बढ़ गयी। मौजूदा समय में यह तालाब व मंदिर पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।
सावन माह में इस प्राचीन शिव मंदिर में पूजन का विशेष महत्व कानपुर देहात की श्रद्धा और इतिहास का केंद्र – नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
सावन माह में इस प्राचीन शिव मंदिर में पूजन का विशेष महत्व है। यहां आने वाले भक्त प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर का पूजन व जलाभिषेक करते हैं। जबकि अंतिम सोमवार को यहां विशेष पूजन, रुद्राभिषेक के साथ भंडारे का भी आयोजन होता है। इस मौके पर यहां बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना के चलते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाती हैं। स्थानीय लोग पूरी तरह से तल्लीन हो जाते हैं। सआफ सफाई के साथ आयोजन के लिए लोग सहयोग करते हैं। मान्यता है कि रुद्राभिषेक के आयोजन में यहां श्रद्धालु पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: का जप करते हैं, जिससे लोगों के कष्ट दूर होने के साथ मनौतियां पूर्ण होती हैं।
मंदिर के पुजारी कैलाशनाथ कहते हैं कि भगवान नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित अति प्राचीन शिवलिंग का पूजन कर महामृत्युंजय का जप करने से मनुष्य के सभी कष्ट नष्ट हो जाते हैं। जबकि सावन के अंतिम सोमवार को होने वाले रुद्राभिषेक व विशेष पूजन में भाग लेकर इस ऐतिहासिक शिवालय में पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय के जप से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
कानपुर देहात (Kanpur Dehat)– उत्तर प्रदेश में 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर मर्ज किए जाने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है।इसी क्रम में दुजापुर गांव के ग्रामीणों ने बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर रोड जाम कर प्रदर्शन किया, और सरकार से विद्यालय को पुनः खोलने की मांग की।
Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
क्या है मामला?
सरकार ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर अन्य स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया है
दुजापुर का विद्यालय बंद कर 3 किमी दूर रतापुर गांव में मर्ज कर दिया गया है
ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे बच्चों को रोज़ 3 किमी जाना जोखिम भरा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं:
एक बच्ची का दुर्घटना में हाथ टूट गया
एक अन्य बच्चे के पैर में गंभीर चोट आई
हाईवे पर हैवी वाहनों की वजह से बच्चों की जान खतरे में है
Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
ग्रामीणों का सीधा सवाल
“शराब के ठेके तो गांव-गांव चालू हैं, लेकिन बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये कैसा विकास?“
हाईकोर्ट का फैसला
शिक्षकों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार के मर्जिंग फैसले को सही ठहराया
लेकिन जमीन पर ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराई है
🎓 सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट शिक्षा:
सरकारी स्कूलों में मिड डे मील, मुफ्त किताबें, ड्रेस, प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद
गांवों में स्कूल कम, और कस्बों में प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है
नीति बनाम जमीनी सच्चाई के बीच बच्चों का भविष्य झूल रहा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देने के लिए आज कानपुर देहात में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, माती में आयोजित हुए वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विधिवत रूप से किया।
🔴 ब्रेकिंग | वृक्षारोपण महाअभियान 2025 | कानपुर देहात • माती में मंत्री राकेश सचान ने किया वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ • "एक वृक्ष मां के नाम" थीम से कार्यक्रम को मिला भावनात्मक स्पर्श • जिले में रोपे जाएंगे 59,56,400 पौधे, वन विभाग करेगा प्रमुख योगदान • बच्चों ने लिए… pic.twitter.com/66E9blGgTy
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, जिलाधिकारी आलोक सिंह, और डीएफओ एके पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
🌳 “एक वृक्ष मां के नाम” ने दिया भावनात्मक स्पर्श– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार की भावनात्मक थीम “एक वृक्ष मां के नाम” के अंतर्गत की गई, जिससे पूरे आयोजन को एक आत्मीय और संवेदनशील स्वरूप मिला। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
🌿 त्रिवेणी वृक्षारोपण से शुरू हुआ अभियान– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN
मंत्री राकेश सचान ने पीपल, बरगद और नीम के पौधों के त्रिवेणी वृक्षारोपण से इस महाअभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
"केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण करना ही असली सेवा है।"
उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है।
📊 कानपुर देहात में लगेंगे 59.56 लाख पौधे
मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में आज कुल 37 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे, जिनमें से कानपुर देहात जनपद में 59,56,400 पौधे लगाए जाएंगे। इसमें से अकेले वन विभाग 32,81,400 पौधे लगाएगा और शेष पौधारोपण अन्य विभागों द्वारा विभिन्न स्थलों पर किया जाएगा।
लगाए जाने वाले पौधों में नीम, शीशम, सहजन, बेल, अर्जुन, आम, जामुन, आंवला और अमरूद जैसी प्रजातियां शामिल हैं।
🤝 शपथ ने बढ़ाया जनसंकल्प का भाव
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह था जब सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने वृक्षारोपण शपथ ली:
“हम पौधे लगाएंगे, उन्हें संरक्षण देंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।”
इस शपथ के साथ सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी साझा करने का संकल्प लिया।
🌱 विद्यार्थियों ने लगाए पौधे, संरक्षण की जिम्मेदारी ली
विद्यालय के छात्रों ने भी पौधे लगाए और उनकी देखरेख का संकल्प लिया। छात्रों की भागीदारी ने इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनांदोलन का रूप दे दिया।
विद्यालय प्राचार्य एएच अंसारी ने बताया कि प्रत्येक छात्र कम से कम एक पौधे की देखरेख करेगा, जिससे संरक्षण सतत बना रहे।
📢 जिलाधिकारी ने की सक्रिय सहभागिता की अपील
जिलाधिकारी आलोक सिंह ने भी वृक्षारोपण किया और जनता से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा:
"बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हर नागरिक को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।"
🧭 वन विभाग ने बताई योजना
कार्यक्रम में डीएफओ एके पांडेय ने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी वृक्षारोपण अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली में शामिल करें।
Kanpur Dehat News: सरकारी सेवाओं में अनुशासन और मर्यादा की उम्मीद की जाती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी इन दिनों सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गए हैं।
🔴 कानपुर देहात ब्रेकिंग • सरकारी डॉक्टर की शराब के साथ बनाई गई रील वायरल • CHC रसूलाबाद के अधीक्षक डॉ. पियूष त्रिपाठी का वीडियो चर्चा में • डॉक्टर बोले- "काम नहीं है सुख के राज में, तो रील ही सही" • स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, कार्रवाई की मांग#ViralVideo#KanpurDehat… pic.twitter.com/OhGzeQezO6
शराब को ग्लैमराइज करते सरकारी डॉक्टर– Kanpur Dehat News
एक वायरल वीडियो में डॉ. पीयूष त्रिपाठी शराब की बोतल के साथ रील बनाते हुए नजर आ रहे हैं, जिसमें वो शराब को ग्लैमराइज करते हुए बॉलीवुड गानों पर एक्टिंग करते हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में लोकप्रिय डायलॉग्स हैं, जैसे – “मज़ा न आये तो पैसे सुख से ले ले” और “इस दिल में क्या रखा है, तेरा ही दर्द छुपा रखा है”। Kanpur Dehat News
विडंबना यह है कि वही डॉक्टर जो आम जनमानस को नशे से दूर रहने की सलाह देते हैं, अब खुद शराब की बोतल लेकर रील बना रहे हैं। यह वीडियो सरकारी ड्रेस में नहीं लेकिन सरकारी पद पर रहते हुए सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। Kanpur Dehat News
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में इसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता बताया, जबकि अन्य ने सरकारी अधिकारी से अभद्र आचरण और मर्यादा उल्लंघन का आरोप लगाया।
हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की सोशल मीडिया गतिविधियां स्वीकार्य हैं?
Kanpur Dehat robbery news: उत्तर प्रदेश का कानपुर देहात जिला इन दिनों अपराधियों के निशाने पर है। बीते 24 घंटों में जिले के भोगनीपुर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग वारदातों ने न सिर्फ आम जनता को हिला दिया बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Kanpur Dehat robbery news
🔴 कानपुर देहात – भोगनीपुर ▪️ भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 2 दिन में 2 बड़ी चोरी की घटनाएं! ▪️ मोहम्मदपुर गांव में 2 घरों से 60 लाख के गहनों की चोरी ▪️ राजेंद्र यादव के घर से 50 लाख और कमल सिंह के घर से 10 लाख की चोरी ▪️ चोरों ने 2 बजे रात को घटना को दिया अंजाम, परिवार सो रहा था छत… pic.twitter.com/Y6NcM09HHi
एक ओर जहां व्यापारी के साथ लूटपाट की गई, वहीं दूसरी ओर मोहम्मदपुर गांव में चोरों ने दो घरों को निशाना बनाकर लाखों के जेवरात और नकदी चुरा ली। इन घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। Kanpur Dehat robbery news
मोहम्मदपुर गांव में दो घरों को बनाया निशाना- Kanpur Dehat robbery news
घटना मोहम्मदपुर गांव की है, जहां बीती रात करीब 2 बजे अज्ञात चोरों ने राजेंद्र यादव (घई) और कमल सिंह उर्फ नीतू यादव के घरों में सेंधमारी कर दी।
🔹 राजेंद्र यादव के घर से चोरी:-
50 लाख रुपये तक के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी ले उड़े चोर
घटना के समय पूरा परिवार छत पर सो रहा था
सुबह उठने पर टूटी अलमारी और बिखरा सामान देख हड़कंप मच गया
🔹 नीतू यादव के घर में सेंध:-
लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के जेवर और नकदी गायब
चोरों ने बड़ी सफाई से की वारदात, किसी को भनक तक नहीं लगी
यह घटना गांव में अब तक की सबसे बड़ी चोरी मानी जा रही है, जिससे लोगों का पुलिस पर से विश्वास डगमगाने लगा है।
पुलिस और डॉग स्क्वॉड मौके पर- Kanpur Dehat robbery news
घटना की जानकारी मिलते ही भोगनीपुर पुलिस थाना की टीम के साथ डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक यूनिट मौके पर पहुंची। जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में न तो चौकीदार दिखता है और न ही रात में पुलिस की गश्त। कई बार शिकायत के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी।
पीड़ितों की जुबानी- Kanpur Dehat robbery news
राजेंद्र यादव ने बताया,
“हम सब ऊपर छत पर सो रहे थे, सुबह 4 बजे उठे तो घर का सारा सामान बिखरा मिला। अलमारी टूटी थी और जेवर-नकदी गायब थी। ये हमारे गांव की सबसे बड़ी चोरी है।”
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं, लेकिन पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह है। Kanpur Dehat robbery news
पुलिस के लिए खुली चुनौती
इस घटना से पहले ही व्यापारी से लूट की घटना भोगनीपुर क्षेत्र में हो चुकी है। यानी 24 घंटे के भीतर दो बड़ी आपराधिक वारदातें जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।