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Category: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात: खेत में रोटावेटर में फंसे युवक की दर्दनाक मौत, चालक फरार,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात जिले के रूरा थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत की जुताई के दौरान रोटावेटर में फंसकर एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक का शरीर कई टुकड़ों में बिखर गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ हादसा,रोटावेटर में फंसकर मौके पर ही मौत

    जानकारी के मुताबिक, सलेमपुर गांव का एक युवक अपने खेत में ट्रैक्टर से जुताई करवा रहा था। ट्रैक्टर के पीछे रोटावेटर लगा हुआ था, जो अत्यंत तेज धारदार ब्लेड्स से चलने वाला उपकरण है। जुताई के दौरान अचानक युवक किसी तरह रोटावेटर के बेहद करीब पहुंच गया और पलक झपकते ही वह मशीन की चपेट में आ गया। मशीन की तेज रफ्तार ब्लेड्स के कारण युवक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में वहीं खेत में बिखर गया। यह दृश्य देखने वाले ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    ट्रैक्टर चालक मौके से फरार,परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

    घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वहां से फरार हो गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। परिजनों का कहना है कि अगर यह साधारण दुर्घटना थी तो चालक क्यों भागा? परिजन इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि युवक को जानबूझकर रोटावेटर में फंसाया गया है और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस मौके पर पहुंची, शव के अवशेष इकट्ठा कर पोस्टमार्टम को भेजा

    सूचना मिलते ही रूरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव के बिखरे हिस्सों को एकत्रित कर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उच्च अधिकारियों, जिनमें डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे, ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की।पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना दुर्घटना थी या हत्या।

    गांव में तनाव, पुलिस ने बढ़ाई चौकसी

    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों में आक्रोश है और वे जल्द से जल्द आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है और हर कोण से मामले की जांच की जा रही है।

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  • कानपुर देहात: बिना अनुमति मिट्टी खोदकर बना दिया रास्ता, खनन पट्टा धारक पर गंभीर आरोप

    कानपुर देहात: बिना अनुमति मिट्टी खोदकर बना दिया रास्ता, खनन पट्टा धारक पर गंभीर आरोप

    कानपुर देहात जिले में अवैध खनन और प्रशासनिक मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अमराहाट थाना क्षेत्र में बालू खनन के पट्टा धारक देव सिंह ने बिना वैध मिट्टी खनन की अनुमति लिए, रास्ता बनाने के नाम पर मिट्टी के टीले को काटकर अवैध रूप से रास्ता बना डाला। इस पूरे प्रकरण में खनन विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय किसानों का आरोप है कि खनन पट्टा धारक ने न केवल नियमों को ताक पर रखा, बल्कि जबरन उनके खेतों से रास्ता निकालने की कोशिश की। किसानों के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और दबंगई दिखाई गई। मामला तब तूल पकड़ गया जब भूपियापुर गांव के कई किसान और महिलाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

    किसानों ने लगाए जबरन रास्ता निकालने के आरोप

    पीड़ित किसानों का कहना है कि खनन शुरू होने से पहले ही पट्टा धारकों ने खेतों के बीच से रास्ता निकालने का प्रयास किया, जिससे खेती को नुकसान पहुंचा। जब किसानों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डराने-धमकाने का सहारा लिया गया।

    खनन विभाग पर मिलीभगत का शक

    इस मामले में आरोप यह भी है कि बालू खनन पट्टा धारकों ने खनन अधिकारी से मिलीभगत कर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। बिना वैध अनुमति के मिट्टी के टीले को पूरी तरह साफ कर रास्ता बना दिया गया, जो स्पष्ट रूप से खनन नियमों का उल्लंघन है।

    डीएम ने गठित की स्पेशल टास्क टीम

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पेशल टास्क टीम (STT) का गठन कर जांच के आदेश दिए हैं। टीम को यह जांच करने को कहा गया है कि रास्ता बनाने के लिए मिट्टी किस नियम के तहत निकाली गई, और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही।

    खनन सिंडिकेट का आरोप

    किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि जनपद में खनन का ठेकेदार सोनू चंदेल इस पूरे सिंडिकेट को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता है और अधिकारियों को मैनेज करने का काम करता है।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच जारी है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पट्टा धारकों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • कानपुर देहात में दलित की जमीन पर कब्जा, जहर खाकर आयोग के सामने लगाई न्याय की गुहार

    कानपुर देहात में दलित की जमीन पर कब्जा, जहर खाकर आयोग के सामने लगाई न्याय की गुहार

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से कानपुर देहात जमीन कब्जा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के नबीपुर गांव निवासी दलित परिवार के मुखिया रमेश पासी ने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनकी कीमती जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित के अनुसार उनकी जमीन हाईवे से करीब 500 मीटर दूरी पर लिंक रोड पर स्थित है, जिसकी बाजार कीमत काफी अधिक है।

    आरोप है कि ठाकुर राजन सिंह ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पहले ही जमीन के एक हिस्से पर कब्जा कर गेस्ट हाउस का निर्माण करा लिया था। सोमवार सुबह दबंगों ने जेसीबी मशीन लगाकर शेष जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। जब रमेश पासी ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और मौके से भगा दिया गया।

    न्याय की आस में पीड़ित छोटे-छोटे बच्चों और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंचा, जहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। पीड़ित ने अपनी आपबीती आयोग के पीआरओ को बताई, लेकिन इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं। बाद में पता चला कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य ने अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की और तुरंत एंबुलेंस 108 बुलाकर पीड़ित को जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है और हालत स्थिर बताई जा रही है। आयोग सदस्य ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया।

    वहीं जब इस मामले में एसडीएम सदर अकबरपुर नीलमा यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कानपुर देहात जमीन कब्जा मामला अब प्रशासनिक लापरवाही और दबंगई का प्रतीक बनता जा रहा है।

  • राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात और सुबह के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे खासकर गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।

    डीएम के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार ने सिकंदरा कस्बे एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव जलवाने और ठंड से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर पंचायत और संबंधित विभागों को नियमित रूप से अलाव जलाने, जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने और खुले में रहने वाले लोगों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय कर्मचारियों को समय पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

    एसडीएम ने बताया कि ठंड के मौसम में मानवीय दृष्टिकोण से राहत कार्य प्राथमिकता पर हैं। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यदि ठंड से बचाव की व्यवस्था में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। तहसीलदार ने भी ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, इसलिए राहत व्यवस्था को और व्यापक बनाए जाने की जरूरत है। खासतौर पर रात में अलाव की संख्या बढ़ाने और गरीब परिवारों तक कंबल पहुंचाने की मांग की जा रही है।

    प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे को देखते हुए आपात व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक ठंड की चपेट में न आए।

  • UPWeather : UP में ठंड का प्रकोप बढ़ा: कानपुर 5.7°C के साथ सबसे ठंडा शहर

    UPWeather : UP में ठंड का प्रकोप बढ़ा: कानपुर 5.7°C के साथ सबसे ठंडा शहर

    UPWeather : उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। प्रदेशभर में तापमान लगातार गिर रहा है और सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, कानपुर 5.7°C तापमान के साथ आज यूपी का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया। तेज़ बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के बदलाव ने पूरे राज्य में सर्दी का असर और तीव्र कर दिया है।कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली और मेरठ सहित कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। कई जगह हादसों की आशंका के चलते पुलिस ने धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।

    मौसम विभाग का कहना है कि हवाओं का रुख बदलते ही तापमान में 2–3°C की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। आने वाले 48 घंटों में यूपी के कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है।पश्चिमी यूपी के जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र में रात का तापमान तेजी से गिरकर सिंगल डिजिट में पहुंच गया है।

    मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले कुछ दिनों में कोहरा और घना होगा, जिससे सुबह और रात के समय दृश्यता 50–100 मीटर तक घट सकती है। रेलवे विभाग ने भी यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।

    स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिक ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, गुनगुना पानी और सुबह की बाहर की गतिविधियों से परहेज करने की सलाह दी गई है।उत्तर प्रदेश में ठंड का यह दौर अभी जारी रहेगा और फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में तापमान और कोहरा दोनों बढ़ने की पूरी संभावना है

  • कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

    सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

    सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

    औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

    हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

    बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

    कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

    फिलहाल जांच जारी

    NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

  • कानपुर देहात में श्मशान घाट निर्माण को लेकर विवाद गहरा, मामला पहुंचा डीएम कार्यालय

    कानपुर देहात में श्मशान घाट निर्माण को लेकर विवाद गहरा, मामला पहुंचा डीएम कार्यालय

    कानपुर देहात के झींझक ब्लॉक के जिनाई गांव में श्मशान घाट निर्माण को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। मंगलवार को मामला राजनीतिक रंग लेते हुए बढ़ गया, जब दोनों पक्षों के सैकड़ों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आमने-सामने हो गए।एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने सभी पक्षों की सुनवाई की और 11 तारीख को मौके पर निरीक्षण का आश्वासन दिया।


    क्या है ग्रामीणों का आरोप?

    • शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि प्रस्तावित स्थान पर प्राचीन बाणेश्वर मंदिर स्थित है।प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु और कांवड़िये यहां दर्शन करने आते हैं।ग्रामीणों के अनुसार, बढ़ती आबादी के बीच श्मशान घाट का निर्माण स्वास्थ्य व पर्यावरण संबंधी समस्याएँ पैदा करेगा।ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी डीएम द्वारा निर्माण रोकने के आदेश दिए गए थे, लेकिन एसडीएम सुरभि शर्मा दबाव में निर्माण आगे बढ़वा रही हैं।

    ग्राम प्रधान ने लगाए पलटवार के आरोप

    निर्माण करा रहे ग्राम प्रधान चंद्रभान भी समर्थकों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया यह जमीन पहले से ही श्मशान घाट के रूप में दर्ज है। 24 लाख की लागत से निर्माण हो रहा है, जिसमें से करीब 8 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।कुछ लोग दबंगई कर निर्माण रुकवाना चाहते हैं।आरोप लगाया गया कि विरोधियों ने श्मशान की बनी बाउंड्री गिरा दी, जिस पर एफआईआर दर्ज है। निर्माण जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कराया जा रहा था।


    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया दोनों पक्षों की शिकायतों और तर्कों को सुना गया है।11 तारीख को वह स्वयं एसडीएम के साथ मौके का निरीक्षण करेंगे।तब तक निर्माण कार्य रोकने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उद्देश्य है कि स्थिति शांत रहे और नया विवाद न बढ़े।

  • अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    कानपुर देहात। अकबरपुर रनिया में आयोजित दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्ययुवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना था।

    प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    गोला फेंक में समीर, अजीत और सौरभ कुमार प्रथम स्थान पर रहे।
    भाला फेंक में अमन ने बाजी मारी।
    बालिका वर्ग में अर्शी, तानी और मयंक पाल प्रथम स्थान पर रहीं।
    कबड्डी प्रतियोगिता में माती की टीम ने खिताब जीता
    वॉलीबॉल में ककरदही टीम विजेता बनी।

    मंत्री प्रतिभा शुक्ला का संबोधन

    पुरस्कार वितरण के दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा“खेल चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन सिखाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में खेल सुविधाओं और संसाधनों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।मंत्री ने भरोसा जताया कि अकबरपुर रनिया के खिलाड़ी जल्द ही जोन, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाएँगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे

    इस अवसर पर ग्राम प्रधान किरण देवी, जिला युवा कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, व्यायाम प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हिमेंद्र गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

  • कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात: 6 महीने से गायब नवजात, बेबस मां दर–दर भटक रही… पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप

    कानपुर देहात से पुलिसिया लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मां अपनी नवजात बच्ची की तलाश में 6 महीने से थाना–चौकी से लेकर SP ऑफिस तक चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक उसे अपनी बच्ची की एक झलक भी नसीब नहीं हुई।

    जन्म लेते ही गायब कर दी गई बच्ची

    डेरापुर थाना क्षेत्र के कपासी गांव की पीड़ित महिला का आरोप है कि जैसे ही उसने बच्ची को जन्म दिया—उसी समय उसकी नवजात को गायब करा दिया गया। महिला को शक है कि बच्ची को उसी आरोपी ने गायब किया है जिसने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया।महिला का दर्द “6 महीने हो गए… कोई नहीं बता रहा कि मेरी बच्ची कहां है… मुझे डर है कि वह उसे मार न दे…”

    शादी का झांसा, शोषण और फिर नवजात को गायब करने का आरोप

    पीड़ित महिला का दावा:आरोपी ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गर्भवती होने पर भी आरोपी ने कोई जिम्मेदारी नहीं लीबच्ची जन्म लेते ही आरोपी बच्ची को उठाकर ले गया छह महीने तक पुलिस ने न तो बच्ची बरामद की, न आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की

    पुलिस पर सुस्ती का आरोप – 6 महीने बाद भी नहीं मिली बच्ची

    महिला का कहना है कि पुलिस से लेकर SP ऑफिस तक उसने बार–बार गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई बेहद धीमी रही।पीड़ित मां का आरोप:“मैं SP ऑफिस पहुंची थी, लेकिन पुलिसवालों ने अंदर ही नहीं जाने दिया…”

    गांव में सनसनी, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

    कपासी गांव में लोग कह रहे हैं कि6 महीने तक एक नवजात बच्ची का कोई सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    सबसे बड़ा सवाल कब भरेगी मां की गोद?

    मामला डेरापुर पुलिस के पास है, लेकिन अब सवाल यह है कब बरामद होगी नवजात?कब मिलेगी इस बेबस मां को इंसाफ?कब समझेगी पुलिस एक मां का दर्द?पीड़ित महिला आज भी अधिकारियों की चौखट पर खड़ी हैबस अपनी बच्ची की एक झलक के इंतजार में…