Nation Now Samachar

Category: कानपुर देहात

  • भोगनीपुर: गुलौली की सराय में मुख्य रास्ता तबाही की कगार पर, कीचड़ और गंदे पानी से ग्रामीण परेशान,बच्चे-बुजुर्ग घायल होने का खतरा

    भोगनीपुर: गुलौली की सराय में मुख्य रास्ता तबाही की कगार पर, कीचड़ और गंदे पानी से ग्रामीण परेशान,बच्चे-बुजुर्ग घायल होने का खतरा

    कानपुर देहात के भोगनीपुर क्षेत्र के मलासा ब्लॉक स्थित गुलौली ग्राम पंचायत के मजरा सराय में मुख्य रास्ते की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। यह मार्ग पूरी तरह टूट चुका है और हमेशा कीचड़ से भरा रहता है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    स्थानीय निवासी रामखेलावन, राजू और सरवन ने बताया कि यह गांव का मुख्य मार्ग है, जिससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरी करने वालों का आना-जाना होता है। लेकिन सड़क पर फैले कीचड़ और गड्ढों में भरे गंदे पानी के कारण लोग हर दिन गिरने का जोखिम झेलते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे कई बार चोट भी लग जाती है।

    ग्रामीणों के अनुसार, बारिश में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है और सड़क चलने लायक नहीं बचती। गाँव में दुर्गंध और मच्छरों का फैलाव बढ़ गया है। कीचड़ और जलभराव बीमारी की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में बुखार, त्वचा संक्रमण और पेट संबंधी रोग बढ़े हैं।

    एक दिव्यांग महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें हर दिन गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया, “हमारे लिए यह रास्ता जीवन-जोखिम बन चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस समस्या की शिकायत कई बार अधिकारियों और संबंधित विभागों को की गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर स्थिति देखने तक नहीं आया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ती जा रही है।

  • कानपुर देहात  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात (KANPUR DEHAT) के जिला मुख्यालय स्थित मां मुक्तेश्वरी सभागार (Maa Mukteshwari Auditorium) में प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

    प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुँचे, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का अधिकतम असर जमीन पर दिखाई दे सके।

    बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से ही आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार क्षेत्र के सतत विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को तेज गति से लागू करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    समापन में डॉ. निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, और कानपुर देहात में जारी विकास यात्रा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात। अकबरपुर पुल से लेकर मुख्यालय रोड तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कैदियों को ले जा रही कैदी वैन तक घंटों फंसी रही।

    सबसे गंभीर स्थिति तब देखी गई जब एक एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में अटक गई। यातायात माह के दौरान हुए इस जाम ने प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जाम की शुरुआत अकबरपुर पुल के पास हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह बढ़ते हुए मुख्यालय रोड तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहन रेंगते रहे और कई जगह पर दोपहर तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे लगाए गए ठेले और वाहनों की गलत लेन का उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह है।

    जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। एम्बुलेंस के फंसने से अस्पताल पहुंचने में देरी का खतरा था, जो किसी भी गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल सकता था। स्कूली बसों के फंसने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कैदियों को ले जा रही वैन के रुकने से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी सामने आईं।

    कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। हालांकि यातायात माह के तहत जागरूकता अभियान और चेकिंग ड्राइव चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने और सड़क पर निगरानी कमजोर होने से ऐसी स्थिति बार–बार पैदा होती है।

    जाम खत्म कराने के लिए पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • कानपुर देहात: विवाह समारोह में भावुक क्षण, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मंच से किया मंडल अध्यक्ष का सम्मान

    कानपुर देहात: विवाह समारोह में भावुक क्षण, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मंच से किया मंडल अध्यक्ष का सम्मान

    कानपुर देहात। भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान की सुपुत्री के विवाह समारोह में शुक्रवार को एक भावुक और रोचक दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अपने सादगीपूर्ण व्यवहार से सभी का दिल जीत लिया।

    सूत्रों के अनुसार, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष का ‘राम-राम’ लिखे गमछे से सम्मान करने की इच्छा जताई थी। लेकिन चौधरी ने बेहद विनम्रता से इस सम्मान को लेने से मना कर दिया। यह देखकर मंडल अध्यक्ष visibly उदास हो गए।

    मंडल अध्यक्ष के चेहरे पर आई निराशा को देखकर प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी भावुक हो उठे। उन्होंने कार्यक्रम के बीच मंच पर ही मंडल अध्यक्ष का गमछा लेकर स्वयं उनके कंधे पर डालते हुए सम्मानित किया।

    https://nationnowsamachar.com/bollywood-news/2-wives-6-children-dharmendras-family-is-so-big-his-elder-daughters-stay-away-from-the-limelight/

    इस अनोखे और भावुक क्षण पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने चौधरी के इस व्यवहार को “संगठनात्मक संस्कार” और “नेताओं की विनम्रता का उदाहरण” बताया।कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता, स्थानीय प्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    रिपोर्टर – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात | 22 नवंबर 2025कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक के पुलन्दर गाँव में विकास की एक मिसाल पेश की गई है। गाँव के प्रधान बी.के. तिवारी ने समाज सेवा और जनहित के अनोखे उदाहरण के रूप में अपनी डेढ़ बीघा निजी जमीन दान करके उस पर एक शानदार ‘सद्भावना लान’ बनवाया है। यह लान पूरी तरह सार्वजनिक है और ग्रामीण बेहद कम शुल्क देकर यहां शादी-समारोह और बारात का आयोजन कर सकेंगे।

    गाँव में नहीं था कोई मैरिज लान ग्रामीणों को मिल गई बड़ी सुविधा

    पुलन्दर और आसपास के गाँवों में अब तक कोई मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस या बड़ा लान उपलब्ध नहीं था। ग्रामीणों को अपने कार्यक्रमों के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। प्रधान बी.के. तिवारी ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से उनकी सोच में थी और उनका सपना था कि गाँव में एक सामुदायिक लान बने, जिसे हर परिवार आसानी से उपयोग कर सके।

    मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित, 35 लाख की प्रोत्साहन राशि का हुआ सदुपयोग

    पुलन्दर गाँव पहले से ही विकास कार्यों के मामले में कानपुर देहात के शीर्ष गाँवों में गिना जाता है। उत्कृष्ट कार्यों के कारण प्रधान बी.के. तिवारी को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया और मुख्यमंत्री राहत कोष से 35 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। इसी राशि का उपयोग कर उन्होंने सद्भावना लान का निर्माण कराया है।लान में विवाह समारोह आयोजित करने के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को केवल बहुत कम शुल्क देकर बुकिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे सामाजिक समारोह अब अधिक सम्मानजनक और कम खर्च में हो सकेंगे।

    “गाँव के लिए कुछ करना था… इसलिए जमीन दान की” – प्रधान बी.के. तिवारी

    प्रधान तिवारी ने कहा,
    “गाँव में शादी-समारोह की बड़ी समस्या थी। हर किसी के मन में इच्छा होती है कि उनके कार्यक्रम अच्छे स्थान पर हों। इसी सोच के साथ मैंने अपनी जमीन दान की। मेरा उद्देश्य है कि गाँव का हर परिवार सम्मानपूर्वक अपना कार्यक्रम कर सके।”

    ग्रामीणों में खुशी, कहा — ‘प्रधान ने दिया अनमोल तोहफा’

    सद्भावना लान बनने से गाँव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान तिवारी ने ऐसा अनमोल तोहफा दिया है जो आने वाले वर्षों तक हजारों परिवारों के जीवन में सुविधा लाएगा।

  • 19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

    90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

    रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

    जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

    कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

    मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

    उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

    2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

    वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

    जेल से बाहर अब नया अध्याय

    आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

  • कानपुर देहात: एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनसुनवाई में सुनी फरियादें, त्वरित न्याय का भरोसा

    कानपुर देहात: एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनसुनवाई में सुनी फरियादें, त्वरित न्याय का भरोसा

    कानपुर देहात: जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस अधीक्षक (SP) श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने अपने कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।

    फरियादियों को मिला सम्मान और समाधान का भरोसा

    जनसुनवाई के दौरान एसपी कार्यालय पहुंचे फरियादियों और पीड़ितों का अधिकारियों ने पूर्ण सम्मान और संवेदनशीलता के साथ स्वागत किया। एसपी श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक ने एक-एक फरियादी की बात धैर्यपूर्वक सुनी और उनकी पीड़ा को गंभीरता से समझा।एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि“जनता की समस्या का समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी फरियादी को निराश नहीं लौटाया जाएगा।”उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण समय सीमा के भीतर और गुणदोष के आधार पर किया जाए।

    जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों ने भी की जनसुनवाई

    मुख्यालय के अलावा जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी (COs) ने अपने-अपने कार्यालयों में जनसुनवाई आयोजित की। विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक तनाव, पुलिस कार्रवाई, सिविल शिकायतें और अन्य मुद्दों पर अपनी समस्याएं रखीं।पुलिस अधिकारियों ने उन्हें न केवल उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही समाधान की दिशा में कदम उठाए।

    लोगों में जागी उम्मीद-पुलिस की पहल सराहनीय

    जनसुनवाई में शामिल कई फरियादियों ने कहा कि पुलिस की यह पहल उनके लिए विश्वास जगाने वाली है। संवेदनशील रवैया, सम्मानपूर्ण व्यवहार और तत्काल निर्देशों ने लोगों में न्याय मिलने की उम्मीद को और मजबूत किया है।कानपुर देहात पुलिस द्वारा की जा रही ये जनसुनवाई अभियान यह दर्शाता है कि प्रशासन जनसामान्य की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है और आम जनता की सुरक्षा व न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात: दबंगों ने की रामकली मौसी की पिटाई, सामाजिक कार्यों के लिए CM योगी भी कर चुके हैं सराहना

    कानपुर देहात। जिले में एक बार फिर दबंगों का आतंक सामने आया है। क्षेत्र की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता रामकली मौसी पर दबंगों द्वारा की गई पिटाई का मामला तेजी से वायरल हो रहा है। रामकली मौसी पिछले कई वर्षों से समाजसेवा में सक्रिय हैं और उनके कार्यों की सराहना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल भी सार्वजनिक मंचों पर कर चुके हैं। ऐसे में उनके साथ हुई यह घटना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रही है।

    घटना के अनुसार, इलाके में रहने वाले कुछ दबंगों ने किसी विवाद को लेकर रामकली मौसी के साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि उन्होंने न सिर्फ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें गंभीर चोटें भी आईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    रामकली मौसी लंबे समय से महिलाओं की सुरक्षा, गरीबों की सहायता और सामाजिक न्याय के लिए काम करती रही हैं। उनके कई अभियानों को सरकार स्तर पर भी सम्मानित किया गया है। यही वजह है कि उनके साथ हुई मारपीट की यह घटना पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दबंग काफी समय से इलाके में उत्पात मचा रहे हैं, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के कारण उनके हौंसले बुलंद हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई अभी भी धीमी है और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

    सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है। हजारों लोग रामकली मौसी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी आगे आकर प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जिले में बढ़ते दबंगई के मामलों को देखते हुए सवाल यह है कि क्या प्रशासन ऐसे मामलों पर तुरंत और कठोर कार्रवाई करेगा या फिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

  • दिल्ली ब्लास्ट केस: जांच की आंच कानपुर देहात तक, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी पर तेज हुई पूछताछ

    दिल्ली ब्लास्ट केस: जांच की आंच कानपुर देहात तक, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी पर तेज हुई पूछताछ

    दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच अब कानपुर देहात तक पहुंच गई है। जिले के मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी से सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 में डॉ. शाहीन के लापता होने के समय डॉ. हामिद भी अचानक भारत से गायब हो गए थे, जिसके बाद उनकी भूमिका की गहन जांच शुरू की गई है।

    कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में तैनात

    वर्तमान में डॉ. हामिद कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1998 में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ से एमडी पूरा किया और 2009 तथा 2010 में अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश कमिश्नरी कानपुर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दीं।

    2013 में अचानक विदेश रवाना

    डॉ. हामिद ने बताया कि वे 2013 में स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर सऊदी अरब चले गए थे। वहां वे करीब सात वर्षों तक JAZAN यूनिवर्सिटी में कार्यरत रहे। भारत लौटने के बाद उन्होंने कानपुर के एक निजी अस्पताल में भी नौकरी की।

    वर्ष 2023 में वे पुनः कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। मूल रूप से वे आसनसोल (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं। उनकी तीन संतानें हैं—एक बेटी और दो बेटे—जो कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

    डॉ. शाहीन से किसी पहचान से इंकार

    डॉ. हामिद के अनुसार, हाल ही में उन्हें लखनऊ से पूछताछ के लिए कॉल आया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि 2013 में उनके विदेश जाने के समय डॉ. शाहीन भी लापता हुई थीं, लेकिन किसी भी प्रकार की जान-पहचान, मुलाकात या संबंध से साफ इनकार किया।

    जांच एजेंसियां सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट जांच से जुड़ा होने के कारण मामले को अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां 2013 के गायब होने के घटनाक्रम, विदेश में प्रवास और डॉ. हामिद के संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।

  • कानपुर देहात 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला, जिले की कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए SP का बड़ा फैसला

    कानपुर देहात 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला, जिले की कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए SP का बड़ा फैसला

    कानपुर देहात: जिले की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक ने देर रात एक बड़ा प्रशासनिक reshuffle करते हुए 237 पुलिस आरक्षियों का एकसाथ तबादला कर दिया। यह निर्णय सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, कार्यक्षमता बढ़ाने और पुलिस बल में लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात कर्मचारियों में बदलाव लाने के मकसद से लिया गया है।

    सूत्रों के अनुसार, कई आरक्षक लंबे समय से एक ही थाने, चौकी या कोतवाली क्षेत्र में कार्यरत थे। ऐसे में न केवल कार्य में एकरूपता आ रही थी, बल्कि कई मामलों में निष्पक्ष पुलिसिंग को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे थे। प्रशासन ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर तबादले की कार्रवाई की।

    नई तबादला सूची के अनुसार, जनपद के सभी प्रमुख थानों—रसूलाबाद, भोगनीपुर, मूसानगर, अकबरपुर, मैथा, झींझक, सिकंदरा, पाइपराकर आदि में तैनात आरक्षियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। कई पुलिसकर्मियों को ग्रामीण क्षेत्रों से नगर क्षेत्रों में भेजा गया है, वहीं कुछ को शहरी इलाकों से ग्रामीण क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह निर्णय कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी आवश्यकतानुसार ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे, ताकि जिले में सुरक्षा व्यवस्था हर स्तर पर मजबूत बनी रहे।

    जानकारों का मानना है कि बड़े पैमाने पर किए गए इन तबादलों से थानों में कार्य गति में सुधार आने की उम्मीद है। नई तैनाती मिलने से पुलिसकर्मियों को भी अपने दायित्वों के प्रति नए सिरे से काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    देर रात जारी तबादला सूची ने पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है, और आने वाले दिनों में इसका असर जिले की कानून-व्यवस्था में नजर आने की संभावना जताई जा रही है।