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Category: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात अकबरपुर के बारा गांव में टोल बचाने के लिए वाहनों का अवैध आवागमन, भीषण जाम से ग्रामीण परेशान

    कानपुर देहात अकबरपुर के बारा गांव में टोल बचाने के लिए वाहनों का अवैध आवागमन, भीषण जाम से ग्रामीण परेशान

    अकबरपुर क्षेत्र के बारा गांव में टोल टैक्स बचाने के लिए वाहनों का गांव के अंदर से गुजरना लगातार बढ़ता जा रहा है। हर दिन सैकड़ों चारपहिया और भारी वाहन गांव के संकरे रास्तों से होकर निकलते हैं, जिससे पूरे इलाके में भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। यह समस्या अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है और आपातकालीन सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।

    गांव के निवासी बताते हैं कि कई बार जाम इतना बढ़ जाता है कि एंबुलेंस तक फंस जाती है। कई मौके पर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस जाम में फंस गई, जिससे महिलाओं को एंबुलेंस के अंदर ही प्रसव पीड़ा सहनी पड़ी। यह स्थिति न सिर्फ परेशान करने वाली है, बल्कि प्रशासन के लिए भी बेहद चिंताजनक है।

    टोल प्लाजा बारा के पास स्थित होने की वजह से वाहन चालक टोल शुल्क देने से बचने के लिए शॉर्टकट के रूप में गांव के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। गांव की सड़कें संकरी होने के कारण भारी वाहनों का दबाव सड़क को नुकसान पहुंचा रहा है और यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो रही है।

    ग्रामीणों ने इस समस्या को कई बार जिले के अधिकारियों के सामने उठाया है। शिकायतों के बाद कुछ दिनों तक पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ जाती है और हालात में थोड़ी राहत मिलती है। लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से टोल बचाने के लिए अवैध रूप से वाहनों का गांव के अंदर से आवागमन शुरू हो जाता है। इस वजह से जाम की समस्या लगातार बनी रहती है और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वह सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। स्थानीय लोगों में टिंकू गुप्ता भाई जी, जावेद कुरेशी, कलीम कुरैशी, पप्पू, ताहिर और मनोज राठौर सहित कई लोग इस समस्या को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।

    गांववाले प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भारी वाहनों का गांव में प्रवेश पूरी तरह बंद कराया जाए और टोल प्लाजा के पास कड़ी निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि ग्रामीणों को इस रोज़ाना की मुसीबत से छुटकारा मिले।

  • कानपुर देहात जिला मुख्यालय से दूर खुलेआम जलाई जा रही पराली , सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की फिर उड़ी धज्जियां

    कानपुर देहात जिला मुख्यालय से दूर खुलेआम जलाई जा रही पराली , सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की फिर उड़ी धज्जियां

    कानपुर देहात के जिला मुख्यालय से मात्र कुछ दूर बारा जोड़ के पास नेशनल हाईवे से कुछ ही दूरी पर स्थित खेतों में किसानों द्वारा खुलेआम पराली जलाई जा रही है। दिन के उजाले में उठता घना धुआं न केवल वायु गुणवत्ता को खराब कर रहा है, बल्कि यह साफ दिखाता है कि जिम्मेदार विभागों की निगरानी में भारी लापरवाही बरती जा रही है।

    सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश फिर अनदेखे

    पराली जलाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही सख्त निर्देश दे चुका है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था किपराली जलाने से देश में प्रदूषण बढ़ रहा है,लोगों की जीवन-अवधि कम हो रही है,और सरकारें इस पर रोक लगाने में असफल दिख रही हैं।कोर्ट ने राज्यों के मुख्य सचिवों, जिला अधिकारियों, तहसीलदारों और स्थानीय पुलिस प्रशासन को आदेश दिया था कि उनके क्षेत्र में एक भी जगह पर पराली न जले, इसके लिए कड़ी निगरानी और तुरंत कार्रवाई अनिवार्य है।

    मैदान पर हालात बदतर

    इसके बावजूद किसान दिन या रात का फायदा उठाकर खेतों में पराली जला रहे हैं।इससे न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, बल्कि हाईवे के आसपास धुआं फैलने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।सबसे बड़ी चिंता यह है कि पराली जलाने से निकलने वाले कणीय पदार्थ (PM 2.5) आम जनता के फेफड़ों, हृदय और आंखों पर गंभीर असर डालते हैं।

    प्रशासन की लापरवाही उजागर

    अधिकारियों की कठोरता के अभाव के कारण यह अवैध गतिविधि लगातार जारी है।जब इस संबंध में सदर तहसील अकबरपुर की एसडीएम नीलमा यादव से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही।

  • कानपुर देहात में 10 नवंबर को कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी: किसानों को सब्सिडी पर यंत्र खरीदने का मौका, चयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी

    कानपुर देहात में 10 नवंबर को कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी: किसानों को सब्सिडी पर यंत्र खरीदने का मौका, चयन प्रक्रिया होगी पूरी तरह पारदर्शी

    उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में कृषि विभाग द्वारा कृषि यंत्रों के वितरण के लिए ई-लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव ने बताया कि यह चयन प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए “प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू” और “सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन” (SMAM) योजनांतर्गत की जा रही है।

    10 नवंबर को होगी ई-लॉटरी

    यह ई-लॉटरी 10 नवंबर 2025 को सुबह 10:30 बजे से जनपद मुख्यालय में आयोजित होगी। लॉटरी की अध्यक्षता जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति करेगी। कृषि विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी।

    लाभार्थी ऐसे खरीद सकेंगे अनुदानयुक्त कृषि यंत्र

    ई-लॉटरी में चयनित किसानों को अपने अनुदानयुक्त कृषि यंत्र upyantratracking.in पोर्टल पर पंजीकृत किसी भी यंत्र निर्माता से खरीदने की सुविधा मिलेगी।
    यंत्र खरीदते समय किसानों को:

    • यंत्र की कुल कीमत का कम से कम 50% भुगतान स्वयं करना होगा
    • भुगतान ऑनलाइन, NEFT या RTGS के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा
    • भुगतान का प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य रहेगा

    कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अनुदान का लाभ लेने के लिए तय नियमों का पालन अनिवार्य है।

    समय पर बिल अपलोड नहीं करने पर जब्त होगी जमानत राशि

    उप कृषि निदेशक ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में यंत्र की खरीद और बिल पोर्टल पर अपलोड न करने की स्थिति में किसान की टोकन मनी/जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।साथ ही लाभार्थी का नाम चयन सूची से हटाकर प्रतीक्षा सूची से नए किसान का चयन पोर्टल द्वारा स्वतः कर दिया जाएगा।

    मोबाइल पर मिलेगी चयन की सूचना

    लॉटरी प्रक्रिया के बाद लाभार्थी के चयन और टोकन कन्फर्मेशन की जानकारी पोर्टल द्वारा किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के रूप में भेजी जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में ई-लॉटरी में भाग लें और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्राप्त करें

  • कानपुर देहात: स्कूल वैन खड्ड में पलटी, 9 बच्चे घायल ,तीन की हालत गंभीर

    कानपुर देहात: स्कूल वैन खड्ड में पलटी, 9 बच्चे घायल ,तीन की हालत गंभीर

    कानपुर देहात।शिवली थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया, जहां एक स्कूली वाहन खड्ड में पलट गया। इस दुर्घटना में एसजीएम चिल्ड्रेन एकेडमी के नौ छात्र घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल उपचार के लिए हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है।


    बच्चों को स्कूल ले जाते समय हुआ हादसा

    यह हादसा मैथा कस्बे में स्थित एसजीएम चिल्ड्रेन एकेडमी की स्कूल वैन से हुआ।
    सुबह ईको कार बच्चों को लेने के बाद लौट रही थी, तभी ग्राम जरेलापुरवा के बाहर हथिका मार्ग पर वाहन अनियंत्रित होकर खड्ड में गिर गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला गया।


    घायल छात्रों की पहचान

    घायल बच्चों की पहचान इस प्रकार हुई है

    • अमन पाल (12 वर्ष, कक्षा 5)
    • पंकज पाल (12 वर्ष, कक्षा 8)
    • उत्कर्ष पाल (9 वर्ष, कक्षा 4)
    • तान्या पाल (11 वर्ष, कक्षा 6)
    • निशु पाल (11 वर्ष, कक्षा 6)
    • रोशनी (13 वर्ष, कक्षा 8)
    • हर्षित पाल (13 वर्ष, कक्षा 7)
    • मानस पाल (13 वर्ष, कक्षा 6)
    • रितेश पाल (7 वर्ष, कक्षा 1)

    प्राथमिक उपचार के बाद अमन पाल, सीटू पाल और उत्कर्ष पाल को हैलट अस्पताल रेफर किया गया है।


    चालक हिरासत में, वाहन जब्त

    घटना की सूचना पर शिवली पुलिस मौके पर पहुंची।थाना प्रभारी प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि चालक विजय बहादुर (पुत्र राजकुमार सिंह, निवासी ग्राम बालेथा, थाना रूरा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


    प्रश्न फिर वही कब सुधरेगी स्कूल वाहनों की मनमानी?

    इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि“हर बार हादसे के बाद ही कार्रवाई क्यों?”स्कूल वाहन अक्सर बिना परमिट, बिना सुरक्षा मानकों और ओवरलोडिंग के चलते सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ हादसे के बाद ही देखने को मिलती है।

  • कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामे की जड़ , मिर्जा ताल में अवैध मिट्टी खनन की जांच रिपोर्ट फंसी!

    कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामे की जड़ , मिर्जा ताल में अवैध मिट्टी खनन की जांच रिपोर्ट फंसी!

    कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच हुई तीखी नोकझोंक का असली कारण अब सामने आ गया है।

    विवाद की जड़ मिर्जा ताल में हुए अवैध मिट्टी खनन से जुड़ी बताई जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में 4416 घनमीटर अवैध मिट्टी खनन की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट में नगर पंचायत अकबरपुर पर सीधे तौर पर अवैध खनन कराने का आरोप लगा था।

    हालांकि मौजूदा डीएम कपिल सिंह ने कार्रवाई करने के बजाय नई जांच टीम गठित कर दी, लेकिन यह टीम आज तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी।

  • कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात:जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई,

    जब बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच जमकर बहसबाजी हो गई।बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सांसद भोले खुद को “सबसे बड़ा बदमाश” और “हिस्ट्रीशीटर” बताते दिख रहे हैं।


    वारसी के आरोप – “सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं”

    बैठक के दौरान पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने आरोप लगाया कि दिशा समिति में सांसद भोले ने ऐसे लोगों को शामिल किया है जो आम नागरिकों को परेशान करते हैं, झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं और फैक्ट्री मालिकों से वसूली करते हैं।
    वारसी ने कहा“सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं, इन्हें इलाज की जरूरत है।”उनके इस बयान के बाद बैठक में हंगामा मच गया और माहौल गरमा गया।


    सांसद भोले का पलटवार – “मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं”

    वारसी के आरोपों पर भड़के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि वारसी हर चुनाव से पहले माहौल खराब करते हैं और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।पत्रकारों से बातचीत में भोले ने चौंकाने वाला बयान दिया “कानपुर देहात में मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं है।मैं यहां का हिस्ट्रीशीटर हूं।सपा सरकार में मेरे खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।”भोले ने आगे कहा कि वारसी न भारत सरकार को मानते हैं, न प्रदेश सरकार को, और वे समाज में ब्राह्मणवाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।


    वीडियो वायरल, बीजेपी में मचा सियासी बवाल

    बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बीजेपी की अंदरूनी कलह फिर सुर्खियों में आ गई है।लोग सांसद के बयान पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।वहीं, जिला प्रशासन ने कहा कि बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की जानी थी, लेकिन विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसे पुलिस और अधिकारियों ने शांत कराया।

  • कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात में जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में हंगामा, सांसद और पूर्व सांसद में तीखी झड़प

    कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय समिति की बैठक के दौरान रविवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब मौजूदा सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।बैठक में मौजूद अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

    सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान विकास कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी, तभी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

    हंगामे के दौरान समिति के कई सदस्य और अफसरों ने दोनों नेताओं को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। हालांकि बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कराया गया।स्थानीय सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच यह विवाद पुराने राजनीतिक मतभेदों को लेकर है, जो अब सार्वजनिक मंच पर फूट पड़ा। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का माहौल है।जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बैठक के बाद सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने कार्यों में लौट गए हैं।

  • कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात सड़क हादसा: पांच वर्षीय मासूम सार्थक की मौत से गांव में बवाल, ग्रामीणों ने लगाया जाम

    कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के महोई गांव में रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम सार्थक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम का माहौल छा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार को अकबरपुर अमूल दूध प्लांट का एक लोडर वाहन डेरापुर क्षेत्र के दुग्ध केंद्रों से दूध एकत्रित कर महोई गांव से गुजर रहा था। उसी दौरान गांव निवासी पंकज का पुत्र सार्थक सड़क पार कर रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार लोडर ने मासूम को टक्कर मार दी। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद लोडर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। मासूम की मौत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि क्षेत्र में लगातार तेज रफ्तार वाहन चलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।

    सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के प्रयास शुरू किए। सीओ और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने बताया कि लोडर वाहन को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है।फिलहाल कानपुर देहात सड़क हादसा में मासूम की मौत से पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • कानपुर देहात: रनिया औद्योगिक क्षेत्र की प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, धुएं का गुबार छाया आसमान तक

    कानपुर देहात: रनिया औद्योगिक क्षेत्र की प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, धुएं का गुबार छाया आसमान तक

    लोकेशन: रनिया, कानपुर देहात रिपोर्ट: Nation Now Samachar टीमकानपुर देहात के रनिया औद्योगिक क्षेत्र रायपुर स्थित प्रियांशु एंटरप्राइजेज प्लास्टिक फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री से उठता हुआ घना धुआं आसमान तक फैल गया, जो कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा है।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रतीक श्रीवास्तव खुद टीम के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं और आग बुझाने का प्रयास जारी है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह फैक्ट्री बिना फायर एनओसी के संचालित हो रही थी। सुरक्षा मानकों की भारी कमी के चलते आग तेजी से फैली। आसपास के इलाकों में धुएं का घनघोर गुबार फैल गया, जिसके चलते पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं।अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन आर्थिक नुकसान का अंदाजा लाखों में लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है।

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    फायर टीम आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ-साथ फोम का भी इस्तेमाल कर रही है, ताकि प्लास्टिक सामग्री से फैलने वाली लपटों को रोका जा सके।

  • कानपुर देहात के लाल गांव की जर्जर सड़कें बनी परेशानी, बारिश में हाल बेहाल, ग्रामीण बोले, “कोई सुनने वाला नहीं”

    कानपुर देहात के लाल गांव की जर्जर सड़कें बनी परेशानी, बारिश में हाल बेहाल, ग्रामीण बोले, “कोई सुनने वाला नहीं”

    रिपोर्ट: रामकुमार, कानपुर देहात | Nation Now Samachar कानपुर देहात के रसूलाबाद विकासखंड के लाल गांव की हालत इन दिनों बेहद खराब है। थोड़ी सी बारिश होते ही गांव की मुख्य सड़क कीचड़ और गड्ढों से भर जाती है, जिससे ग्रामीणों का पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है।

    ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने उनकी सुध नहीं ली। सड़क पर गड्ढे इतने गहरे हैं कि दोपहिया वाहनों का निकलना भी खतरे से खाली नहीं है।

    गांव के लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क तालाब जैसी बन जाती है, जिससे स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को खासा दिक्कत झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।सोशल मीडिया पर लाल गांव की जर्जर सड़कों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, गांव वालों का सवाल है “आख़िर कब लाल गांव को मिलेगी विकास की सौगात? क्या हमारा गांव यूं ही बदहाल रहेगा?”