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Category: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात: लाल शहीद सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई,ताबूत से लिपटकर सिसक-सिसककर रोती रही पत्नी

    कानपुर देहात: लाल शहीद सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई,ताबूत से लिपटकर सिसक-सिसककर रोती रही पत्नी

    कानपुर देहात कारवा चौथ के दिन पहुंचा कानपुर देहात के अकबरपुर में वीर शहीद सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर. नम आखों ने जहां उनके एक दीदार के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी. बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘वंदे मातरम्’, ‘छोटू शर्मा अमर रहे’ के जमकर नारे लगाए.

    दौड़ी-दौड़ी देखने आई पत्नी

    पैतृक अकबरपुर में फूलों से सजी गाड़ी से शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा. गाड़ी पहुंचते ही पूरा गांव गमगीन हो गया.

    पति को आखिरी बार देखने के लिए पत्नी दौड़ी-दौड़ी पहुंची और पत्नी ताबूत से लिपटकर सिसक-सिसककर रोती रही.

    इस दौरान रोते-रोते शहीद से पत्नी ने पूछा कि मुझसे क्या गलती हो गई, इतनी जल्दी मुझे छोड़कर क्यों चले गए. इस पूरे मंजर को देख कई लोगों के आंखों में आंसू आ गए.उनका पार्थिव शरीर पहुंचते ही भारी भीड़ जुटी.

    राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने शहीद के आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।उन्होंने शहीद के परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।

    शैलेंद्र सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र की रक्षा करते हुए अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया था।

    उनका सर्वोच्च बलिदान देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्र उनके इस योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। सूबेदार शैलेंद्र सिंह चौहान ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।

    नागरिकों ने उनके परिवार को सांत्वना दी और कहा कि उनकी कुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा।

  • कानपुर देहात के अकबरपुर में करवा चौथ की खरीदारी में रौनक

    कानपुर देहात के अकबरपुर में करवा चौथ की खरीदारी में रौनक

    कानपुर देहात, अकबरपुर:कानपुर देहात में करवा चौथ का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं ने जमकर खरीदारी की, जिससे त्योहार को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    कानपुर देहात के अकबरपुर , शहर के प्रमुख बाजारों में आज भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही महिलाएं करवा चौथ की तैयारियों में जुटी थीं। पारंपरिक परिधानों, साज-सज्जा के सामान और पूजा की थाली से लेकर ब्यूटी पार्लर तक में महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं।

    लाल-गुलाबी रंग की चूड़ियाँ, मेंहदी, साड़ियों, लहंगों और ज्वेलरी की दुकानों पर जबरदस्त बिक्री दर्ज की गई। दुकानदारों ने बताया कि इस बार बिक्री में पिछले साल की तुलना में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है।पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जल उपवास करती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।बाजारों की चकाचौंध और लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी परंपराएं जीवंत हैं।

    संस्कृति और परंपरा का महत्त्व

    करवा चौथ का पर्व केवल व्रत का दिन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। बाजारों में इस तरह की रौनक इस पर्व के महत्व को और बढ़ा देती है।

  • कानपुर देहात में भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस: आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को गति

    कानपुर देहात में भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस: आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को गति

    संवाददाता– हिमांशु शर्मा कानपुर देहात। भारतीय जनता पार्टी ने अपने जिला कार्यालय माती में आत्मनिर्भर भारत संकल्प को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष रेणुका सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और विधायक पूनम संखवार ने जनता को जागरूक करने और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अहमियत बताई।

    राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुसार स्वदेशी उत्पादक के उपयोग के लिए संगठन अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली पर रंग-बिरंगी चीनी झालर और बल्ब की जगह भारतीय झालरों का उपयोग किया जाए। इसके साथ ही देश के उत्पादों को प्राथमिकता देकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देना चाहिए।

    कानपुर देहात में भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस: आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान को गति

    विधायक पूनम संखवार ने दीपावली और करवा चौथ के अवसर पर देसी करवा, दीया, मोमबत्ती और अन्य वस्तुओं के उपयोग की जरूरत पर जोर दिया और लोगों को इसके लिए जागरूक करने का संदेश दिया।

    जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने बताया कि 1 नवंबर से 30 नवंबर तक स्वदेशी भाषण और निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें छात्रों को अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा। 1 दिसंबर से 25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क अभियान और आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ एवं पदयात्रा का आयोजन होगा। इसके अलावा, 1 नवंबर से 15 नवंबर तक छोटे व्यवसाय और उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा और 30 अक्टूबर तक स्वदेशी मेला भी आयोजित किया जाएगा।

    आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत महिलाओं और युवाओं के लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर तक सम्मेलन आयोजित होंगे, जिससे स्वदेशी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान संयोजक मलखान सिंह चौहान और मीडिया प्रभारी विकास मिश्रा भी मौजूद रहे।यह अभियान न केवल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देगा बल्कि नागरिकों में देशभक्ति और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत करेगा।

  • कानपुर देहात: ओमराज फूड फैक्ट्री में लिफ्ट हादसा, युवक की गर्दन फंसने से मौत

    कानपुर देहात: ओमराज फूड फैक्ट्री में लिफ्ट हादसा, युवक की गर्दन फंसने से मौत

    कानपुर देहात (रानियां थाना क्षेत्र): जिले की ओमराज फूड फैक्ट्री में रविवार को एक भयानक हादसा हुआ। फैक्ट्री की ओपन लिफ्ट में मजदूर फंस गया, जिससे उसकी गर्दन फंसने के कारण वह तड़प-तड़प कर दुर्भाग्यवश मौत हो गई।घटना के मुताबिक, कंपनी में इस्तेमाल की जा रही लिफ्ट मानक के अनुरूप नहीं थी, और मजदूरों को सुरक्षा किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। हादसे के तुरंत बाद सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    मौके पर गैस कटर का इस्तेमाल कर लिफ्ट को काटकर फंसे मजदूर को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।स्थानीय लोगों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन मजदूर की अचानक हुई दर्दनाक मौत से सदमे में हैं और फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि उद्योगों में मजदूर सुरक्षा और मानक नियमों का पालन क्यों नहीं किया जाता। प्रशासन ने मामले की फोरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई है।फिलहाल, पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन दोनों ही मामले की तफ्तीश में व्यस्त हैं।

  • कानपुर देहात: लाखा बंजारा की मूर्ति अनावरण में शमिल हुए लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश नायक

    कानपुर देहात: लाखा बंजारा की मूर्ति अनावरण में शमिल हुए लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश नायक

    कानपुर देहात उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के रेउना क्षेत्र के गांव गिरशी में आयोजित कार्यक्रम में बंजारा समाज के महापुरुष लाखा बंजारा की मूर्ति का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश नायक अपने काफिले के साथ पहुंचे।

    स्थानीय लोगों ने हरीश नायक का पगड़ी, पटका और माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने बंजारा समाज के लोगों, विशेषकर नव युवाओं और महिलाओं को शिक्षा, समाज सेवा और अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का संदेश दिया। हरीश नायक ने कहा कि बंजारा समाज के साथ हमेशा से आई और गई सरकारों का सौतेला व्यवहार रहा है, और समाज को शासन सत्ता धारियों द्वारा उनके हक से वंचित किया गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि बंजारा समाज के लोग अक्सर ठगी और राजनीतिक खेल का शिकार होते रहे हैं, और अब यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरीश नायक ने युवाओं और समाज के लोगों से अपील की कि वह अपने बच्चों को हर हाल में शिक्षित करें और समाज के विकास में योगदान दें।

    कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उन्होंने “गुलामी छोड़ो, समाज जोड़ो” का नारा दिया। साथ ही नव युवा, जो विभिन्न पार्टियों और संगठनों में कार्यरत हैं, उन्हें एक ही बैनर तले आने और लाखा बंजारा के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

    हरीश नायक ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान रूरा थाना क्षेत्र के गांव सुमेरपुर में भी लाखा बंजारा की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर मंगल सिंह नायक, विनय कुमार एडवोकेट, गिरीश नायक, मनोज बंजारा, अनोज बंजारा, सोनू निगम, रामनरेश उर्फ छोटे नायक सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।हरीश नायक ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि लक्खीशाह क्रांतिकारी समाज पार्टी की नीति राजनीति नहीं, सेवा है, और पार्टी समाज के हर व्यक्ति के न्याय और विकास के लिए काम करती रहेगी।

  • कानपुर देहात: मित्रसेनपुर गौशाला में पानी में डूबते गोवंश का वायरल वीडियो, प्रशासन ने किया जांच शुरू

    कानपुर देहात: मित्रसेनपुर गौशाला में पानी में डूबते गोवंश का वायरल वीडियो, प्रशासन ने किया जांच शुरू

    कानपुर देहात। रसूलाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत मित्रसेनपुर कहिंजरी स्थित गौशाला में पानी में गिरकर तड़पते गोवंश का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गौवंश पूरी तरह से जलभराव में फंसा हुआ है और भूख-प्यास से तड़प रहा है।

    वीडियो की पुष्टि के लिए संवाद किया गया ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विमल यादव से, जिन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंश संरक्षण के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव की लापरवाही और बंदरबांट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

    जलभराव और व्यवस्थाओं की अव्यवस्था
    पूरा मामला रसूलाबाद विकासखंड की गौशाला का है, जो तालाब में तब्दील हो गई। जलभराव इतना अधिक था कि जांच टीम गौशाला के अंदर तक नहीं पहुंच सकी।

    सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उपजिलाधिकारी सर्वेश कुमार सिंह ने तुरंत जांच टीम भेजी। नायब तहसीलदार शिव दर्शन सिंह और कानूनगो अनिल कुमार लेखपाल योगेश कुमार ने ग्राम प्रधान और केयरटेकर को फटकार लगाकर तत्काल जल निकासी के आदेश दिए।

    ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
    स्थानीय ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद व्यवस्थाएं बदहाल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है।

    उपजिलाधिकारी ने कहा कि लापरवाह जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर में 155वीं रामलीला, बारिश के बावजूद उत्साह बरकरार

    कानपुर देहात: अकबरपुर में 155वीं रामलीला, बारिश के बावजूद उत्साह बरकरार

    कानपुर देहात। अकबरपुर के ऐतिहासिक रामलीला मेले में इस वर्ष भी राम-रावण युद्ध की लीला पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए अकबरपुर नगर और आसपास के ग्रामों से हजारों धर्मअनुरागी लोग अकबरपुर इंटर कॉलेज मैदान में जुटे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति ने इस आयोजन के प्रति स्थानीय लोगों की गहरी आस्था को दर्शाया।

    कानपुर देहात: अकबरपुर में 155वीं रामलीला, बारिश के बावजूद उत्साह बरकरार

    बारिश ने डाली बाधा, उत्साह नहीं डिगा
    इस वर्ष रामलीला के दिन भारी वर्षा ने आयोजकों की चुनौती बढ़ा दी। सुबह 5 बजे से 11 बजे तक हुई बारिश ने मैदान को कीचड़मय कर दिया और रावण व मेघनाद के पुतलों को देर शाम तक खड़ा करना संभव नहीं हो पाया। इसके बावजूद, भगवान राम की सवारी के मैदान में पहुँचने पर हजारों लोगों की भीड़ उत्साह के साथ उपस्थित रही।

    155 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन
    इस आयोजन की 155 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए अंत में अत्याचारी रावण के पुतले को आग के हवाले किया गया। पुतला दहन होते ही परिसर “भगवान राम के जयकारों” से गूंज उठा, जिससे दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुँच गया।

    गणमान्य व्यक्तियों ने की उपस्थिति
    इस ऐतिहासिक रामलीला और विजयदशमी उत्सव में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, और अन्य गणमान्य अधिकारी एवं नेतागण उपस्थित रहे।

    अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा और महत्ता को और बढ़ाया।इस तरह, अकबरपुर की रामलीला ने वर्षा की चुनौतियों को पार करते हुए परंपरा और आस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

  • कानपुर देहात अकबरपुर में रावण झांकी रथ पर सवार, पारंपरिक वाद्ययंत्रों के बीच नगर भ्रमण

    कानपुर देहात अकबरपुर में रावण झांकी रथ पर सवार, पारंपरिक वाद्ययंत्रों के बीच नगर भ्रमण

    कानपुर देहात के अकबरपुर में रामलीला के दौरान रावण झांकी रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकली। झांकी में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनें पूरे मार्ग में गूंजती रहीं, जिसने नगरवासियों और श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया।

    रावण का स्वरूप अत्यंत आकर्षक था, जिसमें स्वर्ण मुकुट और शस्त्रों से सुसज्जित पोशाक शामिल थी। झांकी में रावण के संवाद और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे पूरे नगर में सुनाई दिए, जिससे दर्शकों का रोमांच और भी बढ़ गया।

    स्थानीय लोगों ने झांकी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों ने इसे आनंद और श्रद्धा के साथ देखा। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सामंजस्य को भी दर्शाती है।

    अकबरपुर में यह आयोजन वर्षों से होता आ रहा है और इसे स्थानीय प्रशासन और आयोजकों का पूरा सहयोग प्राप्त है। नगर भ्रमण के माध्यम से यह सांस्कृतिक उत्सव युवाओं और आने वाली पीढ़ियों तक रामलीला की परंपरा को जीवित रखता है।

  • Akhilesh Dubey Case:  जेल में अखिलेश दुबे की तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द पर कड़ी सुरक्षा में अस्पताल लाया गया

    Akhilesh Dubey Case:  जेल में अखिलेश दुबे की तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द पर कड़ी सुरक्षा में अस्पताल लाया गया

    Akhilesh Dubey Case :  जेल में बंद अखिलेश दुबे की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। जेल अधिकारियों के अनुसार, दुबे को सीने में दर्द के लक्षण महसूस होने पर तुरंत कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं।

    इस बीच पीड़ित पक्ष ने कहा कि दुबे की तबीयत बिगड़ने का यह मामला उनके लिए जमानत का नया ग्राउंड बन सकता है। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया।जेल प्रशासन ने मीडिया को बताया कि दुबे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    इस घटना के बाद जेल में सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन के स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और किसी भी आरोपी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।वहीं, न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले जमानत या विशेष सुविधा की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रियाओं और मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

    इस घटना ने राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें अदालत के संभावित फैसले और जेल प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।