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Category: कानपुर देहात

  • कानपुर देहात राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने दिव्यांगजनों को वितरित की ट्राई साइकिलें

    कानपुर देहात राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने दिव्यांगजनों को वितरित की ट्राई साइकिलें

    कानपुर देहात:सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत आज जनपद कानपुर देहात के विकास भवन माती में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा ट्राईसाइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार) प्रतिभा शुक्ला उपस्थित रहीं।

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कुल 36 दिव्यांगजन लाभार्थियों को ट्राईसाइकिलें वितरित कीं। लाभार्थियों में हिमांशु, मंजूलता, गोविन्द, उमाकांत, कु० रिकी, सिमरन, देवराज सिंह, रामकली, माधुरी आदि शामिल रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी लक्ष्मी एन०, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।

    कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति 5.0 की जानकारी भी उपस्थित जनमानस एवं लाभार्थियों को दी गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें और समाज में सशक्त भूमिका निभाएं।

    यह पहल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का एक सराहनीय प्रयास है।

  • कानपुर देहात में पेड़ से लटका मिला किशोरी का शव परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    कानपुर देहात में पेड़ से लटका मिला किशोरी का शव परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

    रिपोर्ट:- अमर शुक्ला कानपुर देहात– खबर कानपुर देहात से है जहां के शिवली कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। लालपुर शिवराजपुर गांव में एक 17 वर्षीय युवती का शव गांव के बाहर एक पेड़ से दुपट्टे से लटका हुआ मिला। मृतका के पिता सरमन के अनुसार, उनकी बेटी बुधवार शाम को शौच के लिए घर से निकली थी।

    काफी खोजबीन के बाद भी जब युवती का कोई पता नहीं चला, तो गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उनको शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने युवती के साथ दुष्कर्म कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया एवं मौके पर फरेन्सिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाए गये परिजनों के तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर करन सिंह भदौरिया नाम के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया एवं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक के द्वारा जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए है।

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  • अकबरपुर रामलीला 2025: जनकपुरी मैदान में हुआ विशाल धनुष यज्ञ महोत्सव, राम-सीता विवाह का भव्य मंचन

    अकबरपुर रामलीला 2025: जनकपुरी मैदान में हुआ विशाल धनुष यज्ञ महोत्सव, राम-सीता विवाह का भव्य मंचन

    अकबरपुर रामलीला 2025 कानपुर देहात -कानपुर देहात। अकबरपुर के जनकपुरी मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में इस बार भव्य और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिले। विशाल धनुष यज्ञ महोत्सव में हजारों श्रद्धालु और दर्शक शामिल हुए। मंच पर रामायण के प्रसिद्ध प्रसंग “धनुष यज्ञ” और “राम-सीता विवाह” का जीवंत मंचन किया गया।

    धनुष तोड़ने का दृश्य जैसे ही मंच पर प्रस्तुत हुआ, पूरा जनकपुरी मैदान “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। इसके बाद राजा जनक की नगरी में राम-सीता विवाह का भव्य आयोजन हुआ। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय और सजीव प्रस्तुति से माहौल को पौराणिक युग में बदल दिया।

    धनुष तोड़ने का दृश्य जैसे ही मंच पर प्रस्तुत हुआ, पूरा जनकपुरी मैदान “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। इसके बाद राजा जनक की नगरी में राम-सीता विवाह का भव्य आयोजन हुआ। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय और सजीव प्रस्तुति से माहौल को पौराणिक युग में बदल दिया।

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे अकबरपुर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोग ऑनलाइन इस आयोजन को देख सके। आयोजन समिति ने बताया कि रामलीला का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।रामलीला में महिलाओं और बच्चों की भी भारी संख्या में उपस्थिति रही। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था की विशेष जिम्मेदारी संभाली। अकबरपुर की यह रामलीला अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।

    धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मेले का भी आयोजन हुआ, जिसमें झूले, खिलौने और प्रसाद की दुकानों ने रौनक बढ़ाई। अकबरपुर की रामलीला पूरे क्षेत्र में अपनी भव्यता और अनुशासन के लिए जानी जाती है।

    जनकपुरी मैदान में हुआ यह धनुष यज्ञ महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूती प्रदान कर गया।

  • कानपुर देहात: भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने व्यापारियों संग मनाया जीएसटी कटौती उत्सव

    कानपुर देहात: भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने व्यापारियों संग मनाया जीएसटी कटौती उत्सव

    कानपुर देहात: भारतीय जनता पार्टी ने जिले में जीएसटी कटौती उत्सव मनाया। जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने जनकपुरी मैदान से पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ अकबरपुर बाजार जाकर व्यापारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू जीएसटी सुधारों पर चर्चा की। व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जिला अध्यक्ष का स्वागत किया।

    भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने बताया कि सोमवार से लागू नई जीएसटी प्रणाली से किराने और दैनिक आवश्यक वस्तुओं पर 13% तक की बचत होगी। एक छोटी कार खरीदने पर लगभग 70,000 रुपये की बचत संभव है। स्टेशनरी, कपड़े, जूते और दवाओं पर 7–12% की छूट मिलेगी, जबकि स्वास्थ्य और जीवन बीमा में 18% तक की बचत होगी।

    इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रामजी मिश्रा, बृजेंद्र सिंह, सत्यम सिंह चौहान, सौरभ मिश्रा, मलखान सिंह चौहान, अमित राजपूत, श्यामू शुक्ला, शिव विलास मिश्रा, सत्यम चतुर्वेदी, सूर्यकांत त्रिपाठी, जगदीश गुप्ता, झब्बू अग्रवाल, विकास मिश्रा और जिला मीडिया प्रभारी मौजूद रहे।

    राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि जीएसटी कटौती से ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा और यह नवरात्रि के मौके पर जनता के लिए एक उपहार के समान है।

  • कानपुर: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गड्ढों और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अफसरों को लगाई फटकार

    कानपुर: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गड्ढों और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अफसरों को लगाई फटकार

    कानपुर: विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शहर की सड़कों की खराब हालत को लेकर जल निगम (शहरी) के अफसरों को कड़ा अल्टीमेटम दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति इस समस्या की शिकायत करता है, लेकिन जल निगम के अधिकारी ध्यान ही नहीं देते। कई जगहों पर सड़कें खोदकर काम किया गया है, लेकिन कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया।

    जल निगम के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार ने 15 अक्टूबर तक सभी सड़कें बनवाने का वादा किया। इस पर महाना ने स्पष्ट किया कि मैं 30 अक्टूबर तक समय देता हूं, जो भी सड़कें खोदी गई हैं, उन्हें सही कर दें। यदि यह काम समय पर नहीं हुआ, तो जिलाधिकारी 1 नवंबर को संबंधित अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें बताएंगे।

    सतीश महाना की सख्ती ने यह संदेश दिया कि कानपुर में जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

  • कानपुर देहात: SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय जमीन पर बैठकर सुनती दिखीं दिव्यांग महिला की शिकायत

    कानपुर देहात: SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय जमीन पर बैठकर सुनती दिखीं दिव्यांग महिला की शिकायत

    कानपुर देहात- कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक (SP) श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह जमीन पर बैठकर एक दिव्यांग महिला से उसकी शिकायत सुनती नजर आ रही हैं। इस व्यवहार ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा दिया।

    मामला उस समय का है जब SP कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इस दौरान एक दिव्यांग महिला अपनी समस्या लेकर आई। महिला को कार्यालय तक लाने की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय खुद महिला के पास गईं और उनके सामने जमीन पर बैठकर पूरे धैर्य के साथ महिला की शिकायत सुनी।

    सिर्फ सुनने तक ही नहीं, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। यह संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण सोशल मीडिया पर लोगों की खूब सराहना पा रहा है। लोग बता रहे हैं कि इस तरह के व्यवहार से पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती है और समाज में विश्वास का माहौल बनता है।

    कौन हैं आईपीएस श्रद्धा?

    श्रद्धा पांडेय का जन्म 1 जून 1986 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम नरेंद्र राममूर्ति पांडेय है। श्रद्धा अपने नाम के साथ पिता का नाम भी लिखती हैं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी से एमटेक तक की पढ़ाई की। इसके बाद बीमा और आईसीएलएस सेवा में कार्यरत रहीं। श्रद्धा का सपना सेना में जाने का था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2011 में संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में भाग लिया। वे अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक हासिल करने में सफल रहीं। हालांकि, दृष्टि दोष के कारण मेडिकल राउंड पास नहीं कर सकीं

    श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की यह पहल यह साबित करती है कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य और करुणा का भी प्रतीक होती है।

  • कानपुर देहात का सनसनीखेज घोटाला: मृतक को ‘जिंदा’ दिखाकर लाखों रुपये हड़पने का मामला

    कानपुर देहात का सनसनीखेज घोटाला: मृतक को ‘जिंदा’ दिखाकर लाखों रुपये हड़पने का मामला

    कानपुर देहात – कानपुर देहात से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ एक ऐसे घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें मृतक जय सिंह के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये हड़प लिए गए। इस मामले में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनका बेटा कपूर सिंह और सचिव की मिलीभगत सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि DPRO विकास पटेल ने भी इस घोटाले में मिलीभगत की, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

    मृतक को ‘जिंदा’ दिखाकर करोड़ों की लूट

    जानकारी के अनुसार, जय सिंह की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उसे जिंदा दिखाया गया। इसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी खजाने से लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए। मौत के 14 महीने बाद भी फर्जी तरीके से 27,660 रुपये निकालने का खुलासा हुआ। इसके अलावा, कपूर सिंह के मोबाइल नंबर का उपयोग करके फर्जी ट्रांसफर किया गया।

    शिकायतकर्ता ने किया पर्दाफाश

    शिकायतकर्ता नवनीत कुमार ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया। अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई, और FIR करवा दी गई। इसके बावजूद DPRO विकास पटेल इस मामले में निष्क्रिय दिखे। इससे यह मामला सरकारी व्यवस्था में मिलीभगत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

    फर्जी दस्तावेज और ट्रांसफर

    जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेज और फर्जी ट्रांसफर के माध्यम से जनता के पैसों को लूटा गया। यह न केवल कानूनी अपराध है बल्कि जनता के प्रति विश्वासघात भी है। इस घोटाले में शामिल लोग उच्च पदों का दुरुपयोग करके लाखों रुपये हड़पने में सफल रहे।

    सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

    इस मामले ने कानपुर देहात की जनता में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ‘भ्रष्टाचार मुर्दाबाद’ का नारा लगा रहे हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि तुरंत एक्शन नहीं लिया गया तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

    कानूनी प्रक्रिया और FIR

    अदालत ने शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। इस FIR में प्रधान बृजेन्द्र सिंह यादव, उनके बेटे कपूर सिंह और सचिव के नाम शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला है कि DPRO विकास पटेल की मिलीभगत के कारण यह घोटाला लंबा खिंच गया।

    फर्जी खाता और ट्रांसफर का खेल

    इस घोटाले की सबसे घिनौनी बात यह है कि मृतक जय सिंह के नाम पर 1 लाख रुपये से अधिक ट्रांसफर किए गए। मृतक के नाम पर फर्जी खाता बनाया गया और लाखों रुपये इस खाता में ट्रांसफर किए गए। यह घटना सरकारी खजाने और सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है।

    प्रशासनिक चूक और मिलीभगत

    घोटाले के मामले में प्रशासनिक चूक और DPRO की मिलीभगत पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों की निष्क्रियता ने फर्जी ट्रांसफर को संभव बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है बल्कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का उदाहरण है।

    जनता की आवाज: तुरंत कार्रवाई की मांग

    जनता और सोशल मीडिया पर लोगों ने सरकार से तत्काल CBI जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोग चाहते हैं कि प्रधान, बेटा और सचिव को जेल में डालकर न्याय किया जाए। यह मामला यह दर्शाता है कि प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता की कितनी आवश्यकता है।

    भ्रष्टाचार का सामाजिक प्रभाव

    ऐसे घोटाले समाज में विश्वास की कमी पैदा करते हैं। मृतक को जिंदा दिखाकर पैसा हड़पना सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि नैतिक और सामाजिक अपराध भी है। इससे आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्सा और असंतोष बढ़ता है।

    भविष्य के कदम और सुधार

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए सरकारी खजाने और ट्रांसफर सिस्टम में कड़ी निगरानी, डिजिटल सत्यापन और पारदर्शिता आवश्यक है। DPRO और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करनी होगी। कानपुर देहात का यह घोटाला केवल एक स्थानीय मामला नहीं है, बल्कि यह सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार, प्रशासनिक चूक और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का उदाहरण है। मृतक जय सिंह के नाम पर लाखों रुपये हड़पना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी कमजोर करता है। अब जनता और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए।

  • कानपुर देहात: सरकारी स्कूल परिसर में बार बालाओं का डांस, प्रधान पति और ग्रामीणों का हंगामा

    कानपुर देहात: सरकारी स्कूल परिसर में बार बालाओं का डांस, प्रधान पति और ग्रामीणों का हंगामा

    कानपुर देहात। मूसानगर थाना क्षेत्र के क्योटरा गांव का सरकारी स्कूल इन दिनों विवादों में घिर गया है। यहां स्कूल परिसर में गांव के एक निजी कार्यक्रम के दौरान खुलेआम डीजे बजा और बार बालाओं ने फिल्मी गानों पर अश्लील डांस किया। इस दौरान ग्रामीणों और प्रधान पति ने नशे में धुत होकर जमकर डांस किया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कार्यक्रम देर रात तक चला। सरकारी स्कूल जैसी पवित्र जगह पर इस तरह का आयोजन होना शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नियमों के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि जहां बच्चों को संस्कार और शिक्षा मिलनी चाहिए, वहीं नशे और अश्लीलता का मंच तैयार किया गया।

    ग्रामीणों में नाराजगी

    गांव के कुछ जागरूक लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकारी संपत्ति का इस तरह गलत इस्तेमाल अस्वीकार्य है। उनका कहना है कि यदि स्कूल परिसर में इस तरह के कार्यक्रम होते रहेंगे तो बच्चों पर गलत असर पड़ेगा।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    घटना सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्यक्रम की जानकारी अधिकारियों को पहले से होनी चाहिए थी। बावजूद इसके, कोई कार्रवाई नहीं हुई।अब इस मामले के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके चलते जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे।यह घटना इस बात पर बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक शिक्षा संस्थानों का गलत उपयोग होता रहेगा। ग्रामीणों और अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसे आयोजनों पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

  • कानपुर देहात: जिलाधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी, त्योहारों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    कानपुर देहात: जिलाधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी, त्योहारों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    कानपुर देहात। जिलाधिकारी ने आगामी त्योहारों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और पंडाल आयोजकों को कड़ी चेतावनी जारी की है। डीएम ने स्पष्ट किया कि पंडाल, सफाई, बिजली-पानी की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों और संबंधित अधिकारियों की तय होगी।

    जिलाधिकारी ने कहा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना अनिवार्य है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

    पंडाल और आयोजन स्थल की सफाई सुनिश्चित करनी होगी

    • बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह व्यवस्थित रखी जाए
    • सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों और प्रशासन की तय होगी
    • किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

    डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान हर जगह निरीक्षण किया जाए और किसी भी सुरक्षा खामी को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय पुलिस और अन्य प्रशासनिक विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।स्थानीय लोगों ने डीएम की इस पहल को स्वागत योग्य बताया और कहा कि इससे त्योहारों में सुरक्षा और व्यवस्था दोनों बेहतर होगी।

  • कानपुर देहात: एनएचआई 27 पर स्ट्रीट लाइट बंद, रात में हाईवे हुआ अंधेरे में डूबा

    कानपुर देहात: एनएचआई 27 पर स्ट्रीट लाइट बंद, रात में हाईवे हुआ अंधेरे में डूबा

    कानपुर देहात। जिले की एनएचआई 27 सड़क पर स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में हाईवे अंधेरे में डूब गया है। इस स्थिति के कारण भोगनीपुर से बारा जोड़ तक वाहन चालक और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    खतरे की स्थिति

    स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने बताया कि रात के समय सड़क पर किसी भी तरह की रोशनी न होने के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। कई बार छोटे वाहन और दोपहिया वाहन चालक धक्कामुक्की और फिसलने की घटनाओं से भी जूझते नजर आए हैं।

    इस मामले में जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। कानपुर देहात के डीएम ने जांच कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन जल्द ही तकनीकी टीम भेजकर स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की समीक्षा करेगा और सुधार सुनिश्चित करेगा।स्थानीय निवासी और वाहन चालक प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि हाईवे पर जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि अंधेरे में चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा न हो। इसके अलावा, लोगों ने CCTV कैमरे और अतिरिक्त लाइटिंग की भी मांग की है।