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Category: कानपुर नगर

  • कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान किसान के घर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, खुद दुहा भैंस का दूध

    कानपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान उन्होंने आसपास के कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। मॉर्निंग वॉक के दौरान उनका एक देसी और सरल अंदाज देखने को मिला, जिसकी अब क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

    किसान को दूध दुहते देख रुके सतीश महाना

    नरवल क्षेत्र में भ्रमण के दौरान सतीश महाना की नजर किसान राम सिंह यादव पर पड़ी, जो अपनी भैंस का दूध दुह रहे थे। यह दृश्य देखकर विधानसभा अध्यक्ष खुद को रोक नहीं सके और मजाकिया अंदाज में बोले “लाओ, आज मैं दूध दुहता हूं।”उनकी यह बात सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और अधिकारी हंस पड़े।

    भैंस बिदकी, लेकिन महाना ने प्यार से दुहा दूध

    जब सतीश महाना बाल्टी लेकर दूध दुहने बैठे, तो भैंस थोड़ी बिदक गई। लेकिन उन्होंने उसे प्यार से पुचकारा और फिर आराम से दूध दुहा। इसके बाद उन्होंने उसी दूध को गिलास में लेकर खुद पीया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह आत्मीय हो गया।

    ग्रामीणों ने सराहा सादगी भरा अंदाज

    विधानसभा अध्यक्ष का यह सादगी भरा और जमीन से जुड़ा अंदाज ग्रामीणों को बेहद पसंद आया। लोगों ने कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद सतीश महाना का आम लोगों के बीच इस तरह घुलना-मिलना नेतृत्व की मिसाल है।

    कई गांवों का किया दौरा

    इस दौरान सतीश महाना ने सलेमपुर,मंगत खेड़ा,नारायणपुर,कोडर,गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं, साथ ही चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

    जनसंपर्क और जमीनी राजनीति की मिसाल

    सतीश महाना का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि यह जनसंपर्क, संवेदनशीलता और जमीनी राजनीति की एक सशक्त तस्वीर पेश करता है। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो सकता है।

  • कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    कानपुर गैंगरेप केस: पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, DCP वेस्ट हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड

    KanpurGangrape: कानपुर में नाबालिग से गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।मामले में लापरवाही और गंभीर आरोपों के बाद DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटाकर DCP हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है, जबकि सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है।

    पुलिस जांच में तेजी लाते हुए पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पत्रकार शिव बरन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामले का दूसरा आरोपी दारोगा अमित मौर्य अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    पीड़िता के परिवार को धमकी का आरोप

    पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वारदात के बाद उन्हें आरोपियों के परिजनों की ओर से जान से मारने की धमकी मिल रही है। पुलिस ने इस शिकायत को भी संज्ञान में लिया है और सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

    पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश

    पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि“दोषी चाहे कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।”पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले की मल्टी एंगल जांच की जा रही है और जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

  • कानपुर : हलुवा खेड़ा सेवा बस्ती में महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    कानपुर : हलुवा खेड़ा सेवा बस्ती में महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    कानपुर जनपद में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लेकर भारत सरकार एवं SMART NGO संस्था द्वारा लगातार सराहनीय पहल की जा रही है। इसी क्रम में जनपद की 10 सेवा बस्तियों में चल रहे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत हलुवा खेड़ा सेवा बस्ती में महिलाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, टीकाकरण, पोषण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी अहम जानकारियां देना था। इस दौरान महिलाओं को बताया गया कि समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच न केवल उनके स्वयं के लिए, बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने समझाया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

    कार्यक्रम में रेडियो कानपुरिया की टीम से RJ वर्षा और ज्योति ने संवादात्मक और सरल भाषा में महिलाओं को जागरूक किया। उन्होंने महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं, निःशुल्क जांच, टीकाकरण और पोषण योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने खुलकर अपने स्वास्थ्य से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया।

    महिलाओं को स्वच्छता के महत्व, संतुलित आहार, गर्भावस्था के दौरान देखभाल और बच्चों के नियमित टीकाकरण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि सही समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेकर कई बीमारियों से बचाव संभव है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/barabanki-farmers-irrigation-department-allegations/

    SMART NGO संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह अभियान जनपद की सभी 10 सेवा बस्तियों में लगातार चलाया जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक सही जानकारी पहुंचाई जा सके। संस्था का मानना है कि जब महिलाएं स्वस्थ और जागरूक होंगी, तभी एक मजबूत और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

    कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग बनाते हैं और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनका वे पहले लाभ नहीं उठा पा रही थीं।भारत सरकार और SMART NGO का यह संयुक्त प्रयास महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह अभियान न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

  • कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर के सच्चेडी थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कथित रूप से, स्कॉर्पियो में सवार एक पुलिसकर्मी और उसका साथी मिलकर 14 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण किया और उसके साथ लगभग दो घंटे तक दरिंदगी की। जब लड़की बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे घर के सामने फेंककर भाग गए।

    पीड़िता को अस्पताल भेजा गया

    एक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भाई ने रात में डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    आरोप है कि मिलीभगत के कारण मामला अनदेखा किया गया। मंगलवार को पीड़िता ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

    घटना का विवरण

    पीड़िता ने बताया कि सोमवार रात लगभग 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उसी समय स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया। आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी था। पीड़िता ने कहा, “दोनों ने कार के अंदर मेरे साथ गैंगरेप किया। मैं चीखती रही, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”पीड़िता के भाई के अनुसार, करीब दो घंटे बाद आरोपी लड़की को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग गए। रात लगभग 12 बजे उन्होंने अपनी बहन को बाहर बेहोश पाया और उसे अंदर लाकर होश में लाया। इसके बाद पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सच्चेडी थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो, मेडिकल और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घटना कानपुर और उत्तर प्रदेश में नाबालिग सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर सवाल उठाती है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • कानपुर में शीतलहर और कोहरे का कहर, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर

    कानपुर में शीतलहर और कोहरे का कहर, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर

    कानपुर में शीतलहर का कहर लगातार जारी है। रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे शहर में विजिबिलिटी केवल 50 मीटर तक रह गई। उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से गलन का एहसास भी हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कानपुर का तापमान न्यूनतम 3.2°C दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोग विशेष सावधानी बरतें क्योंकि कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का प्रभाव शरीर पर तेज़ी से पड़ सकता है।

    रविवार सुबह शहर की मुख्य सड़कों और एक्सप्रेस वे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को कोहरे के कारण धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है। विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से चेतावनी जारी की है कि सुबह और शाम के समय अनावश्यक यात्रा टालें और वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें।शीतलहर और कोहरे के इस मौसम में स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।

    डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा देर तक ठंड में रहने से कमज़ोरी, सर्दी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस समय विशेष रूप से संवेदनशील हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि गर्म कपड़े पहनें, गर्म पेय पदार्थ लें और ज्यादा बाहर निकलने से बचें।

    कानपुर में इस बार की शीतलहर कई दिनों तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भी घने कोहरे और तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाओं की चेतावनी जारी की है। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है बल्कि दैनिक जीवन में भी रुकावटें आ सकती हैं।शहरवासियों को सलाह दी जा रही है कि बिजली और हीटर का सुरक्षित उपयोग करें, और घर में पर्याप्त गर्मी बनाए रखें। इसके साथ ही, सर्दी के मौसम में घर के बाहर पालतू जानवरों और बूढ़े लोगों का विशेष ध्यान रखें।

  • कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।

    गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी

    10 लोगों ने मिलकर खींचा शव

    डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

    प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”

    वन विभाग और प्रशासन की जांच

    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता

    गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है

  • कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नौबस्ता इलाके में दो युवतियों के बीच जबरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है। यह घटना न सिर्फ हिंसक है, बल्कि इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह झगड़ा उस जगह पर हुआ जहां रात के समय पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद, घटना के वक्त मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

    कहां और कैसे हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यशोदा नगर बाईपास के पास का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद कपड़े पहने एक युवती दूसरी युवती पर अचानक हमला कर देती है। मारपीट इतनी भीषण थी कि हमलावर युवती ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया, बाल पकड़कर घसीटा और लगातार करीब 11 थप्पड़ जड़ दिए। यही नहीं, जमीन पर गिरी युवती के सीने और सिर पर लात-घूंसे भी बरसाए गए।यह पूरी घटना रात के समय की बताई जा रही है। वीडियो में पीड़ित लड़की को मदद के लिए चीखते-चिल्लाते और राहगीरों से गुहार लगाते देखा जा सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति उसे बचाने आगे नहीं आया

    लड़ाई की वजह क्या थी

    वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से पता चलता है कि यह विवाद “अभिषेक” नाम के एक युवक को लेकर हुआ। हमलावर युवती गुस्से में चिल्लाते हुए कहती सुनाई दे रही है“अभिषेक को तूने छोड़ा था, अब जब वह मेरा हो गया है तो तू उसे बाबू बोलेगी?”वह यह भी आरोप लगाती है कि पीड़ित लड़की ने अभिषेक को स्काई लॉन में मिलने के लिए बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।

    वीडियो बनाने वाली भी हमले में शामिल

    इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाली लड़की, जो कथित तौर पर हमलावर की दोस्त बताई जा रही है, उसने भी पीड़ित युवती को पैर से मारा। इससे यह मामला केवल दो लड़कियों के झगड़े तक सीमित न रहकर समूह हिंसा का रूप लेता नजर आ रहा है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि“मामला संज्ञान में है और वीडियो के आधार पर दोनों युवतियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान से कुछ दूरी पर ही पुलिस चौकी मौजूद है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

    सोशल मीडिया पर गुस्सा

    वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • कानपुर: रैन बसेरे में DM की रेड, बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली

    कानपुर: रैन बसेरे में DM की रेड, बुनियादी सुविधाओं की पोल खुली

    कानपुर (उत्तर प्रदेश) में कड़ाके की ठंड के बीच रैन बसेरों की हकीकत सामने आ गई है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने देर रात एक रैन बसेरे में अचानक रेड (औचक निरीक्षण) कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जहां हालात बेहद चिंताजनक पाए गए।

    पानी और शौचालय जैसी मूल सुविधाएं नदारद

    डीएम के निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रैन बसेरे में पीने के पानी और शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी। ठंड में रात गुजार रहे जरूरतमंद लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

    बाल्टी-मग जैसी रोजमर्रा की चीजें भी नहीं

    निरीक्षण में यह भी सामने आया कि रैन बसेरे में बाल्टी, मग और अन्य आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं तक उपलब्ध नहीं थीं। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करती है।

    रजिस्टर जांच में बड़ा खुलासा

    डीएम ने जब रैन बसेरे का रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि वहां ठहरने वाले लोगों से 20 रुपए शुल्क लिया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।

    डीएम ने दिए सख्त निर्देश

    जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ठंड के मौसम में रैन बसेरों में रहने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण

    डीएम ने कहा कि जिले के अन्य रैन बसेरों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा और जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।