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Category: कानपुर नगर

  • कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर।कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम और स्वरूपनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑटो गैंग द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर लूट में शामिल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग ऑटो का इस्तेमाल कर सेल्समैन और व्यापारियों को निशाना बनाता था। बीती 25 तारीख को आरोपियों ने एक सेल्समैन के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें स्कूटी समेत 3 लाख 90 हजार रुपये नकद लूट लिए गए थे।

    बरामदगी में नकदी और वाहन शामिल

    पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 1 लाख 73 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, एक ऑटो और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि लूट में शामिल कई अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    ऑटो गैंग का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऑटो के जरिए संभावित शिकार की रेकी करते थे और मौका पाकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। वारदात के बाद ये लोग तेजी से इलाके से फरार हो जाते थे, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

    पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इस सफल कार्रवाई पर डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग ने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

  • कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर के स्वरूपनगर स्थित बाल निकुंज में आयोजित मंडलीय पावरलिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस चैंपियनशिप के दूसरे दिन खिलाड़ियों का जबरदस्त दमखम देखने को मिला। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया।यह प्रतियोगिता पावरलिफ्टिंग संघ कानपुर द्वारा आयोजित की गई, जिसमें हमीरपुर, फर्रुखाबाद, घाटमपुर और महोबा सहित कई जिलों के जांबाज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।


    आस्तिक राजावत का शानदार प्रदर्शन

    53 से 74 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धाओं के बीच कानपुर के आस्तिक राजावत सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे।
    आस्तिक ने सब-जूनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग – प्रथम स्थान बेंच प्रेस – प्रथम स्थान हासिल कर कानपुर जिले का नाम रोशन किया


    अन्य विजेता खिलाड़ी

    कड़े मुकाबले में आचमन बाजपेई ने दूसरा स्थान लक्ष्य चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।


    खिलाड़ियों को मिल रही बधाइयां

    इस शानदार प्रतियोगिता और खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के बाद विजेताओं को खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों की ओर से ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। आयोजन को लेकर खेल जगत में खासा उत्साह देखा गया।

  • कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात : SP श्रद्धा नरेंद्र पांडे का देर रात औचक निरीक्षण, पुलिस व्यवस्था का लिया जायज़ा

    कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने देर रात अचानक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न थानों और पुलिस पिकेटों का निरीक्षण किया तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और सतर्कता की जांच की।

    एसपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अचानक हुए इस निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कर्मियों में सतर्कता देखने को मिली।एसपी ने रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने, पिकेट ड्यूटी मजबूत करने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने तथा किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।

    पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसुनवाई में शालीनता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों का कहर: 2 दरोगा और होमगार्ड को रौंदा, आरोपी फरार

    कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चेकिंग के दौरान कार सवार आरोपियों ने पुलिस टीम पर वाहन चढ़ा दिया, जिसमें दो दरोगा और एक होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी तीन बैरियर तोड़ते हुए मौके से फरार हो गए।जानकारी के अनुसार, घटना कानपुर में उस समय हुई जब पुलिस और होमगार्ड की टीम नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार सवारों ने रुकने के बजाय अचानक तेज रफ्तार में वाहन दौड़ा दिया और पुलिसकर्मियों को कुचलते हुए निकल गए।

    हमले में एक दरोगा कार की टक्कर से करीब 10 फीट दूर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। वहीं, दूसरे दरोगा और होमगार्ड को भी चोटें लगी हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को संभालने में मदद की।कानपुर में कार सवारों ने दरोगा को रौंदा की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, लेकिन एक दरोगा की हालत गंभीर बनी हुई है।

    घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कार सवारों ने भागने के दौरान तीन पुलिस बैरियर भी तोड़ दिए। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह हमला सरकारी ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों पर किया गया है, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।

  • कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान का निधन पूरे क्षेत्र के लिए बेहद भावुक कर देने वाली खबर बन गया। अमृतसर में तैनात BSF के हवलदार विनोद कुमार पाल (52) की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर कानपुर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    हवलदार विनोद कुमार पाल मूल रूप से कानपुर के अरौल थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार कल्याणपुर क्षेत्र के मिर्जापुर में रह रहा था। अमृतसर में पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार सुबह सबसे पहले पार्थिव शरीर कल्याणपुर लाया गया, जहां से सेना के वाहन द्वारा गांव बहरामपुर ले जाया गया।

    तिरंगे में लिपटे जवान के शव को देखते ही गांव में मातम पसर गया। अंतिम यात्रा में 500 से अधिक युवा तिरंगा लेकर शामिल हुए। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए।

    कानपुर के BSF जवान का निधन रविवार देर रात करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान हुआ। अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। BSF मुख्यालय की ओर से देर रात उनके घर फोन कर इस दुखद खबर की जानकारी दी गई। खबर सुनते ही पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ीं।

    गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान BSF जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई।

    परिवार ने सरकार से दोनों बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देने, गांव में शहीद स्मारक बनाए जाने और शहीद विनोद कुमार पाल के नाम से सड़क निर्माण की मांग की है।

  • कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद, दो बार काटने पर ताउम्र कैद का नियम

    कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद, दो बार काटने पर ताउम्र कैद का नियम

    कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब दो बार इंसानों को काटने वाले खूंखार कुत्तों को ताउम्र आजादी नहीं मिलेगी। नए नियम के तहत ऐसे कुत्तों को ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में आजीवन कैद में रखा जाएगा। यह नियम पूरे यूपी में लागू कर दिया गया है।नगर निगम के अनुसार, अब तक आवारा और हमलावर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और इलाज के बाद छोड़ दिया जाता था, लेकिन बार-बार हमले की शिकायतों के बाद नीति में बदलाव किया गया है। कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद देने का यह फैसला प्रदेश में पहली बार इतनी सख्ती के साथ लागू हुआ है।

    ABC सेंटर बना ‘काला पानी’

    नए नियम के अनुसार, यदि कोई कुत्ता पहली बार किसी व्यक्ति को काटता है तो उसे चेतावनी के तौर पर पकड़कर निगरानी में रखा जाएगा। लेकिन दूसरी बार हमला करने पर उस कुत्ते को सीधे ABC सेंटर भेजा जाएगा, जहां उसे जीवनभर के लिए रखा जाएगा। इस सेंटर को अब हमलावर कुत्तों के लिए ‘काला पानी’ कहा जा रहा है।

    कानपुर में 5 कुत्तों को उम्रकैद

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कानपुर में अब तक 5 खूंखार कुत्तों को आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है। इन कुत्तों पर अलग-अलग इलाकों में दो से अधिक बार लोगों को काटने के आरोप साबित हुए थे। इसके बाद नियमों के तहत इन्हें खुले में छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।

    प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कुत्तों को सजा देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी डॉग बाइट की घटना की तुरंत नगर निगम या प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नरवल तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फरियादियों की भीड़ के बीच एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश कर ली। यह सब कुछ जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिलाधिकारी (DM) की मौजूदगी में हुआ, जिसने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया।

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर
    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    “साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे”

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समाधान दिवस की कार्यवाही चल ही रही थी कि अचानक भीड़ से निकलकर एक युवक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। कुछ ही पलों में उसने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। कमरे में पेट्रोल की तेज गंध फैल गई और युवक चीखते हुए बोला“साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे।”स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को काबू में लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    युवक की पहचान और हताशा की वजह

    पुलिस ने युवक की पहचान रणजीत उर्फ बउवन सिंह के रूप में की है, जो करबिगवां साढ़ गांव का रहने वाला है। पूछताछ में रणजीत ने जो कहा, वह सिस्टम पर सीधा प्रहार था। उसने बताया,“हमने फिल्मों में देखा था कि जब सीधे तरीके से प्रशासन नहीं सुनता, तो ऐसे ही अपनी बात सुनानी पड़ती है।”जांच में सामने आया कि रणजीत का विवाद घर की नाली को लेकर है। उसका आरोप है कि परिवार के ही कुछ सदस्यों—सत्येंद्र, अभय सिंह और अखिलेश सिंह—ने उसके घर की नाली तोड़कर बंद कर दी है।

    नाली बंद, घर गिरने का खतरा

    रणजीत का मकान कच्चा है। नाली बंद होने से गंदा पानी मकान की नींव में भर रहा है, जिससे घर गिरने का खतरा बना हुआ है। रणजीत के पिता महावीर सिंह का पांच साल पहले निधन हो चुका है। वह अपनी विधवा मां रानी और दो भाइयों के साथ खेती कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।

    धमकी, मारपीट और पुलिस पर गंभीर आरोप

    पीड़ित युवक का आरोप है कि पड़ोसी उसे धमकाते हैं और कहते हैं“हमारा बेटा फौज में है, तुम कहीं भी शिकायत कर लो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।”रणजीत की मां रानी ने रोते हुए बताया कि पड़ोसी महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की, यहां तक कि छाती पर चढ़कर पीटा। जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मां का आरोप है कि पुलिस ने विपक्षियों से पैसे ले लिए हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

    प्रशासन पर सवाल

    डीएम के सामने हुई यह घटना बताती है कि छोटे-छोटे स्थानीय विवाद जब समय पर नहीं सुलझते, तो वे कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन यह सवाल कायम है—क्या रणजीत जैसे लोगों की आवाज अब सुनी जाएगी?

  • Kanpur Viral News: कानपुर में महिला बीजेपी नेता और सिपाही की तीखी नोंकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

    Kanpur Viral News: कानपुर में महिला बीजेपी नेता और सिपाही की तीखी नोंकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीजेपी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता त्रिपाठी और पुलिस सिपाही के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा विवाद 14 साल की एक बच्ची की मौत के बाद भड़का, जिसने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।

    जानकारी के मुताबिक, बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसी बीच मौके पर पहुंचीं बीजेपी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता त्रिपाठी की पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अनीता त्रिपाठी एक सिपाही को कड़ी फटकार लगाते हुए कहती हैं, “दिमाग खराब ना हो, मिनट में ठीक कर दूंगी”। इस बयान के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।

    बताया जा रहा है कि महिला नेता का आरोप है कि पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में शुरुआत से ही गंभीरता नहीं दिखाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में देरी की जा रही है। इसी बात को लेकर उनकी नाराजगी पुलिसकर्मियों पर फूट पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है, वहीं बीजेपी समर्थकों का कहना है कि महिला नेता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रही थीं और उनकी नाराजगी जायज है। सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं—कुछ लोग महिला नेता के तेवरों की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

    पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में जांच की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

    फिलहाल, कानपुर वायरल न्यूज के इस मामले ने एक बार फिर पुलिस-राजनीति टकराव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि बच्ची को न्याय कब और कैसे मिलता है और वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

  • Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव में एक महिला ने अपने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। करीब 50 दिन बाद जंगल से कंकाल मिलने के बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोरेलाल के रूप में हुई है, जिसका गांव की ही रहने वाली महिला से बीते चार वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बेटियां व एक बेटा हैं। गोरेलाल का महिला के घर आना-जाना था और कई बार वह रात में भी वहीं रुकता था। धीरे-धीरे महिला के बच्चे भी उसे परिवार का सहारा मानने लगे थे।

    लेकिन यह रिश्ता तब डरावना मोड़ ले गया, जब गोरेलाल की नियत महिला की 13 वर्षीय बेटी पर खराब हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोरेलाल ने महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह बेटी से संबंध बनाने दे। इतना ही नहीं, उसने महिला को धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह उसके बेटे की हत्या कर देगा। इस धमकी से महिला बुरी तरह डर गई और उसने गोरेलाल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। महिला ने गोरेलाल को शादी का झांसा देकर अपने मायके बुलाया। वहां उसे जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में महिला और उसके भतीजे ने मिलकर गोरेलाल का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए महिला के भतीजे ने अपने एक दोस्त को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए जंगल में ले जाकर गड्ढा खोदा और उसे दफना दिया। घटना के बाद गोरेलाल के लापता होने की शिकायत भी सामने आई थी।

    करीब 50 दिन बाद पुलिस को जंगल से एक कंकाल बरामद हुआ, जिसके बाद जांच तेज हुई। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाला तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

  • कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर से एक चर्चित और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शहर के मशहूर बाबा बिरयानी प्रतिष्ठान के मालिक पर 2 करोड़ 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी और एक लेदर कारोबारी को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद व्यापारिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित लेदर कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि बाबा बिरयानी के मालिक ने व्यापारिक साझेदारी और लेन-देन के नाम पर उससे 2.86 करोड़ रुपये हड़प लिए। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    पीड़ित का दावा है कि उसने विश्वास के आधार पर बड़ी रकम निवेश की थी, लेकिन तय समय पर न तो पैसा लौटाया गया और न ही किसी तरह का हिसाब दिया गया। जब उसने सख्ती से अपना पैसा मांगना शुरू किया, तो आरोपी ने दबाव बनाने और धमकाने का रास्ता अपनाया।

    पुलिस में दर्ज हुआ मामला

    लेदर कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    आरोपी की तरफ से क्या कहा गया?

    फिलहाल बाबा बिरयानी के मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पक्ष आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है और इसे आपसी व्यापारिक विवाद करार दे रहा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है।

    शहर में चर्चा का विषय बना मामला

    बाबा बिरयानी कानपुर में एक जाना-पहचाना नाम है और ऐसे में इस प्रतिष्ठान के मालिक पर इतने बड़े आर्थिक घोटाले का आरोप लगना लोगों के लिए चौंकाने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे कारोबारी विश्वास पर गहरा असर पड़ेगा।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। वहीं, पीड़ित लेदर कारोबारी ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे उसकी मेहनत की कमाई वापस चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।