Nation Now Samachar

Category: कानपुर नगर

  • UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: साल का आखिरी महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह-सुबह घना कोहरा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छाया हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

    IMD के अनुसार, बीते 24 घंटों में पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई अधिकतम तापमान में 2.5°C की गिरावट न्यूनतम तापमान में लगभग 2°C की गिरावट कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कई जिलों में 100 मीटर से कम रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात और आवागमन पर भी असर पड़ा।

    कानपुर रहा सबसे ठंडा जिला

    प्रदेश में सबसे अधिक ठंड कानपुर में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया।
    अन्य प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान:

    • बरेली: 7.2°C
    • इटावा: 7.2°C
    • अयोध्या: 7.5°C
    • सहारनपुर: 7.7°C

    तापमान में लगातार गिरावट ने लोगों को सुबह-शाम अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

    झांसी सबसे गर्म जिला, यहां दर्ज हुआ सबसे अधिक तापमान

    अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ दिन का तापमान 28.4°C दर्ज किया गया।
    अन्य जिलों का अधिकतम तापमान:

    • कानपुर: 28.3°C
    • प्रयागराज: 27.4°C
    • हमीरपुर: 26.6°C
    • फुरसतगंज: 26.5°C

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा।


    13 दिसंबर से बदलेगा मौसम, मिलेगी हल्की राहत

    IMD के अनुसार, 13 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे 3–4 दिनों तक पुरवा हवाएं चलेंगी, जिसके चलते ठंड में हल्की कमी आएगी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है सुबह की गलन में भी कमी महसूस होगी फिलहाल, अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा।

  • UPWeather : UP में ठंड का प्रकोप बढ़ा: कानपुर 5.7°C के साथ सबसे ठंडा शहर

    UPWeather : UP में ठंड का प्रकोप बढ़ा: कानपुर 5.7°C के साथ सबसे ठंडा शहर

    UPWeather : उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। प्रदेशभर में तापमान लगातार गिर रहा है और सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, कानपुर 5.7°C तापमान के साथ आज यूपी का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया। तेज़ बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के बदलाव ने पूरे राज्य में सर्दी का असर और तीव्र कर दिया है।कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली और मेरठ सहित कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ। कई जगह हादसों की आशंका के चलते पुलिस ने धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।

    मौसम विभाग का कहना है कि हवाओं का रुख बदलते ही तापमान में 2–3°C की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। आने वाले 48 घंटों में यूपी के कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है।पश्चिमी यूपी के जिलों मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र में रात का तापमान तेजी से गिरकर सिंगल डिजिट में पहुंच गया है।

    मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले कुछ दिनों में कोहरा और घना होगा, जिससे सुबह और रात के समय दृश्यता 50–100 मीटर तक घट सकती है। रेलवे विभाग ने भी यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।

    स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिक ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े, गुनगुना पानी और सुबह की बाहर की गतिविधियों से परहेज करने की सलाह दी गई है।उत्तर प्रदेश में ठंड का यह दौर अभी जारी रहेगा और फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सप्ताह में तापमान और कोहरा दोनों बढ़ने की पूरी संभावना है

  • कानपुर जलकल विभाग में ट्रांसफर के बाद भी अफसर कुर्सी से चिपके: “रवानगी” पर सिफारिश की दीवार!

    कानपुर जलकल विभाग में ट्रांसफर के बाद भी अफसर कुर्सी से चिपके: “रवानगी” पर सिफारिश की दीवार!

    कानपुर। जलकल विभाग में ट्रांसफर तो हो चुका है, लेकिन रवानगी (Relieving) का आदेश मानो किसी वीआईपी काउंटर पर अटक गया हो। दो अफसरों का तबादला जारी होने के बावजूद वे अब तक अपनी कुर्सी पर डटे हैं। विभागीय गलियारों में चर्चा है कि इनके “ऊँचे संपर्क” और “सिफारिश” ने रवानगी को रोक रखा है।विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अफसरों की कुर्सी से ऐसी मोहब्बत है कि फाइलें जाम पड़ी हैं, काम रुका है, ठेकेदार परेशान हैं—पर साहब अभी भी उसी रौब में बैठते हैं, जैसे विभाग उनकी निजी जागीर हो।

    ठेकेदारों की चुभती शिकायतें

    विभाग के ठेकेदार बताते हैं कि एक अधिकारी से काम की बात करने जाइए तो वे योग्यता नहीं, पहले जाति पूछते हैं। आरोप यह भी है कि उनका एक “मौन-सहयोगी” हर गड़बड़ी में शामिल रहता हैकाम सब देखता है, लेकिन दिखाई कहीं नहीं देता।

    सवालों के घेरे में सिस्टम

    अब बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रांसफर आदेश जारी है, तो रवानगी रोकी क्यों गई?क्या विभाग में नियम नहीं, “पहुँच” चलती है?क्या शहर की जलापूर्ति व्यवस्था ऐसे अफसरों के भरोसे है, जिनकी रवानगी सिफारिश पर निर्भर है?

    जलकल विभाग पर उठ रहे सवाल

    कानपुर की जनता पूछ रही है“ट्रांसफर हो गया, अब तबादला अमल में कौन करवाएगा?”विभागीय सूत्रों का कहना है कि फाइलें चल रही हैं, लेकिन वहां अटकी हैं जहां “सिस्टम और सिफारिश” की दोस्ती सबसे मजबूत होती है। आने वाले दिनों में साफ होगा कि जलकल विभाग के ये अफसर कुर्सी छोड़ेंगे या सिस्टम का मज़ाक बनाते रहेंगे।

  • कानपुर : 42 लाख की ठगी में फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    कानपुर : 42 लाख की ठगी में फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    कानपुर नगर की कोतवाली थाना पुलिस ने 42 लाख 29 हजार 600 रुपये की ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रविंद्र नाथ सोनी (42 वर्ष), निवासी श्रीराम, दिल्ली के रूप में हुई है, जो निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगकर फरार हो गया था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ IPC 420 समेत कई गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं। लगातार खोजबीन के बावजूद पुलिस को उसकी लोकेशन मिल नहीं रही थी। इसके बाद अदालत ने आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।सर्विलांस सेल ने आरोपी की लोकेशन देहरादून में ट्रेस की, जिसके आधार पर कानपुर पुलिस ने टीम भेजकर न्यू डिफेंस एनक्लेव में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि रविंद्र नाथ सोनी लोगों को ब्लूचिक नामक कंपनी, जो दुबई और सऊदी अरब में संचालित होने का दावा करती थी, के नाम पर आकर्षक निवेश योजना का लालच देता था। इसी बहाने कई लोगों से करोड़ों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जांच की जा रही है और उसके अन्य सहयोगियों की भी तलाश जारी है।पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

  • कानपुर : यूपी में लगातार BLO की आत्महत्या पर बोले केशव प्रसाद मौर्य, दिया बड़ा बयान

    कानपुर : यूपी में लगातार BLO की आत्महत्या पर बोले केशव प्रसाद मौर्य, दिया बड़ा बयान

    कानपुर। यूपी में लगातार सामने आ रही BLO की आत्महत्या की घटनाओं पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सभी बीएलओ से संयम रखने की अपील की और कहा कि विपक्ष की बातों में आकर कोई भी ऐसा कदम न उठाएं, जिससे उन्हें या उनके परिवार को नुकसान हो।

    “यह निर्वाचन आयोग की नियमित प्रक्रिया है” – केशव प्रसाद मौर्य

    केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीएलओ जो कार्य कर रहे हैं, वह निर्वाचन आयोग की एक निर्धारित प्रक्रिया है, जो समय-समय पर होती रहती है। ऐसे में अफवाहों या राजनीतिक बयानबाज़ी के दबाव में आकर किसी प्रकार का कठोर कदम उठाना ठीक नहीं है।

    BLO से मौर्य की अपील

    उपमुख्यमंत्री ने कहा“बीएलओ संयम से काम करें। विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन किसी को भी हताश होने की आवश्यकता नहीं है।”

    SIR फॉर्म की तिथि बढ़ने पर क्या बोले?

    चुनाव आयोग द्वारा SIR फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाए जाने पर केशव मौर्य ने निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा“यह एक स्वागत योग्य कदम है। इससे बीएलओ को और समय मिलेगा और काम आसान होगा।”विपक्ष पर सीधा वार केशव मौर्य ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह विपक्ष व्यवहार कर रहा है,“आने वाले समय में संसद विपक्ष-विहीन भी हो सकती है।”

    https://nationnowsamachar.com/headlines/up-bjp-new-president-soon-rss-unhappy-over-sir-mp-mla-response/
  • कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी और भारतीय संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन (ATU) ने एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान से नवाजा है। ATU ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्कृष्ट कार्य, खेल विकास के प्रति समर्पण और ताइक्वांडो को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के योगदान को देखते हुए उन्हें कोर कमेटी के सदस्य और एक्जीक्यूटिव सदस्य के रूप में नामित किया है।

    यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के लिए गौरव का विषय है। डॉ. दीक्षित लंबे समय से खेल प्रशासन, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।

    सम्मान की घोषणा होते ही कानपुर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। राज्य के वरिष्ठ खेल अधिकारी, राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने डॉ. दीक्षित को हार्दिक बधाई दी और इसे भारतीय ताइक्वांडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    कानपुर में इस मौके पर श्री तुषार साहनी, सतीश कुमार, रोमी सिंह, आकाश शुक्ला, सविता सिंह, पूनम पाल, विक्रांत, अरविंद कुमार और उदय सिंह सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने एकत्र होकर मिठाई बांटी और हर्षोल्लास के साथ खुशी मनाई।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. दीक्षित की यह नई भूमिका भारत के ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी और आने वाले वर्षों में देश के खेल विकास को एक नई दिशा देगी।

  • कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे जायसवाल के निधन से कांग्रेस पार्टी और कानपुर की राजनीति में गहरा शोक छा गया है।

    श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर की राजनीति का करिश्माई चेहरा माना जाता था। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम से शुरू होकर देश की संसद और फिर केंद्र सरकार तक पहुंचा। उन्होंने कानपुर के मेयर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और इसके बाद लगातार तीन बार कानपुर से सांसद चुने गए।

    केंद्रीय राजनीति में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब मिली जब वे मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई।
    कानपुर में उनके विकास कार्यों, धरातल से जुड़े नेतृत्व और सरल स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे।

    निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जायसवाल हमेशा जनता के बीच रहकर समस्याओं को सुनते और समाधान करवाते थे।

    शहर के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक मजबूत व प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार और पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।

  • #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

    #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

     कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी फ्लाई ओवर पर शुक्रवार सुबह एक चलती स्लीपर बस के ऊपर रखे सामान में आग लग गई। लेकिन समय रहते बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और आग पर काबू पाया।

    बस और आग का हाल

    जानकारी के अनुसार, बस हाइवे पर सफर कर रही थी जब ड्राइवर ने अचानक धुआं निकलते देखा। जैसे ही आग फैलने लगी, ड्राइवर ने तुरंत बस को किनारे रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी तीव्र थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया। हालांकि किसी भी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आई हैं।

    प्रभावित यात्री और राहत कार्य

    बस में कुल 40 यात्री सवार थे। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। आग लगने के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बस को जलने से बचाने के लिए प्रयास किया।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    कानपुर प्रशासन ने आग लगने की घटना पर तुरंत जांच का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों की सुरक्षा जांच को और कड़ा किया जाएगा।यात्री सुरक्षित होने के बावजूद, बस में लगी आग ने हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम भी उत्पन्न कर दिया। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता और समय पर प्रतिक्रिया ही जीवन की सुरक्षा में सबसे बड़ा हथियार है।

  • 40 साल की फरारी खत्म: दो नामों में जी रहा था हत्यारा, कानपुर पुलिस ने गोंडा से दबोचा

    40 साल की फरारी खत्म: दो नामों में जी रहा था हत्यारा, कानपुर पुलिस ने गोंडा से दबोचा

    रिपोर्ट: हिमांशु शर्मा | कानपुर कानपुर पुलिस ने 40 साल से फरार चल रहे हत्या के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 1982 में हुई हत्या के इस आरोपी ने न केवल अपना नाम बदलकर नई पहचान बना ली थी, बल्कि गोंडा जिले में पिछले कई वर्षों से आराम से जिंदगी भी बिता रहा था। पुलिस की लगातार पड़ताल और तकनीकी मदद के बाद आखिरकार आरोपी प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    डीसीपी पूर्वी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आरोपी प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू ने साल 1982 में अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसने करीब दो साल जेल भी काटी। लेकिन 1985 में जमानत पर बाहर आने के बाद वह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और तब से वो लगातार फरार था। आरोपी की उम्र उस समय लगभग 30 वर्ष थी।

    दो नामों में चलता रहा जीवन, पहचान पूरी तरह बदल दी

    पुलिस जांच में सामने आया कि 70 वर्षीय हो चुके आरोपी ने फरार रहने के लिए अपना नाम बदल लिया था। कानपुर के बंगाली मोहाल का रहने वाला यह आरोपी अब गोंडा में “प्रेम कुमार” की नई पहचान के साथ रह रहा था। नया नाम, नया पता और पूरी तरह बदला हुआ जीवन — लेकिन कानून से भागना आखिर उसके लिए संभव न हो सका।डीसीपी पूर्वी के अनुसार, केस में कोई भी ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं थे। लेकिन एसीपी कोतवाली और फीलखाना थाने की संयुक्त टीम ने लगातार पुराने दस्तावेजों की पड़ताल, स्थानीय इनपुट और संदिग्धों की तलाश के बाद उसकी लोकेशन तक पहुंचने में सफलता पाई।

    पकड़ने वाली पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इतने पुराने और चुनौतीपूर्ण मामले में सफलता मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि इस टीम को ₹25,000 का नगद इनाम दिया जाएगा।

    40 साल की कहानी: अपराध से नई पहचान तक

    – 1982: हत्या का आरोप
    – 1983–84: जेल में बिताए दो साल
    – 1985: जमानत पर बाहर आने के बाद फरार
    – अदालत द्वारा NBW जारी
    – पहचान बदली, नाम बदला
    – कानपुर से निकलकर गोंडा में बस गया
    – 2025: 40 साल बाद गिरफ्तारी

    कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साबित हो गया कि चाहे कितना भी समय लग जाए, पर कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी अंत में पकड़ा ही जाता है।

  • कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर। जिले में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल का बताया जा रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया और यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली

    सूत्रों के अनुसार यह घटना कानपुर के विकास भवन कार्यालय की है, जहां वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए नजर आता है। वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई।वहीं स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भ्रष्टाचार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

    आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

    वायरल वीडियो के बाद जिलास्तर पर बैठे अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जांच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    क्या होगी सख्त कार्रवाई या मामला ठंडे बस्ते में?

    जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी कई अन्य मामलों की तरह सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।पहले भी कई मामलों में रिश्वतखोरी के वीडियो सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई अधूरी रह गई। ऐसे में लोग इस बार ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    विकास भवन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठा सवाल

    इस घटना के सामने आने से कानपुर विकास भवन कार्यालय की कार्यशैली और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं होती।