Nation Now Samachar

Category: कानपुर नगर

  • कानपुर में छेड़छाड़ पर युवती का पलटवार, युवक की जीभ काटकर अलग की

    कानपुर में छेड़छाड़ पर युवती का पलटवार, युवक की जीभ काटकर अलग की

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां छेड़छाड़ की घटना के दौरान एक युवती ने आत्मरक्षा में ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बिल्हौर क्षेत्र के दरियापुर गांव में एक युवक द्वारा जबरन किस करने के प्रयास पर युवती ने उसकी जीभ अपने दांतों से काटकर अलग कर दी। गंभीर रूप से घायल युवक को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बिल्हौर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज के मुताबिक, दरियापुर निवासी 35 वर्षीय चंपी का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन हाल ही में युवती की शादी कहीं और तय हो जाने के बाद उसने युवक से दूरी बना ली थी। इसी बात से नाराज और परेशान चंपी लगातार उससे मिलने की कोशिश कर रहा था।

    सोमवार की दोपहर युवती चूल्हा बनाने के लिए तालाब किनारे चिकनी मिट्टी लेने गई थी। मौके का फायदा उठाकर चंपी वहां पहुंच गया और युवती से जबरन छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर वह नहीं माना और जोर-जबरदस्ती करते हुए जबरन किस करने लगा। संघर्ष के दौरान युवक की जीभ युवती के दांतों के बीच आ गई और युवती ने बिना देर किए उसे तेज दबाव से काट दिया, जिससे जीभ का एक हिस्सा कटकर अलग हो गया।

    चीख–पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को देखा और तुरंत युवक के परिजनों को सूचना दी। परिजन चंपी और कटे हुए जीभ के हिस्से को लेकर पहले सीएचसी पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उसे हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।पुलिस ने युवती की तहरीर पर छेड़छाड़, जबरदस्ती और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि युवती ने आत्मरक्षा में कदम उठाया, क्योंकि युवक काफी समय से उसे परेशान कर रहा था।यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और महिलाओं की सुरक्षा तथा आत्मरक्षा के महत्व पर भी नई बहस पैदा कर रही है।

  • कानपुर: लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी के कारनामे उजागर , दरोगा की शिकायत से खुली करोड़ों की ब्लैकमेलिंग गैंग की परतें

    कानपुर: लुटेरी दुल्हन दिव्यांशी के कारनामे उजागर , दरोगा की शिकायत से खुली करोड़ों की ब्लैकमेलिंग गैंग की परतें

    कानपुर : उत्तर प्रदेश में एक लुटेरी दुल्हन ने अपने जाल में दो बैंक मैनेजर, तीन सरकारी कर्मचारी और दो दरोगाओं समेत 12 से अधिक लोगों को फंसाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग रैकेट का मास्टरमाइंड बताई जा रही दिव्यांशी की गिरफ्तारी ने पुलिस विभाग में भी सनसनी मचा दी है।पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कानपुर के ग्वालटोली थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर आदित्य कुमार लोचव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दिव्यांशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    प्यार का जाल, फिर फर्जी रेप केस , ब्लैकमेलिंग का पूरा खेल

    पुलिस जांच में सामने आया कि दिव्यांशी पहले पुरुषों से संबंध बनाती थी, फिर उन पर फर्जी रेप केस दर्ज कराकर भारी रकम वसूलती थी। पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि उसने दो बैंक मैनेजरों से शादी की और दोनों पर रेप केस दर्ज करायादोनों मामलों में बाद में कोर्ट में अपने बयान से पलट गई मेरठ में तैनात एक दरोगा से शादी कर उस पर भी रेप का केस दर्ज कराया तीन सरकारी कर्मचारियों को भी इसी तरीके से ब्लैकमेल किया ज्यादातर केस बाद में समझौते के बदले रकम लेकर खत्म किए गए

    दरोगा आदित्य से शादी के बाद बढ़ा शक

    बुलंदशहर निवासी 2019 बैच के दरोगा आदित्य की शादी दिव्यांशी से 17 फरवरी 2024 को हुई थी। शादी के बाद वह घर में नहीं रुकती थी और पढ़ाई का बहाना बनाकर बार-बार गायब रहती थी।आदित्य की गैरमौजूदगी में वह गूगल पे, फोन पे जैसे UPI ऐप डिलीट कर देती थी, जिससे किसी लेन-देन का रिकॉर्ड न रहे।

    मोबाइल चेक किया तो खुल गया करोड़ों का खेल

    एक दिन छुट्टी पर आए आदित्य ने जब उसका मोबाइल देखा तो वह बेचैन हो गई। जबरन UPI ऐप डाउनलोड कराने पर दस से ज्यादा खातों में करोड़ों के ट्रांजैक्शन मिले।सच उजागर होते ही वह घर छोड़कर मायके चली गई और 25 नवंबर 2024 को कानपुर कमिश्नरेट ऑफिस में हंगामा कर दिया। उसने आदित्य पर प्रताड़ना के झूठे आरोप लगाए और समझौते के नाम पर 1 करोड़ रुपये की मांग की।झूठे आरोपों और उत्पीड़न से परेशान दरोगा आदित्य दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे।फिलहाल पुलिस दिव्यांशी से जुड़े सभी मामलों की पुनः जांच कर रही है। यह संभव है कि इस गिरोह के और भी सदस्य सामने आएं।

  • UP SeniorCitizenPension News: फैमिली ID से बुजुर्गों को बिना आवेदन मिलेगी पेंशन, कैबिनेट की मंजूरी

    UP SeniorCitizenPension News: फैमिली ID से बुजुर्गों को बिना आवेदन मिलेगी पेंशन, कैबिनेट की मंजूरी

    UP SeniorCitizenPension News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। अब सीनियर सिटीजन पेंशन पाने के लिए न तो सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही लंबी आवेदन प्रक्रिया से गुजरना होगा। फैमिली आईडी एक परिवार एक पहचान प्रणाली के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान स्वतः हो जाएगी, और जिस माह व्यक्ति 60 वर्ष का होगा, उसी महीने उसकी पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी।

    शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रदेश के सवा आठ लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और सरकार लगभग 990 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करेगी।समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि नेशनल सीनियर सिटीजन पेंशन योजना का लाभ लाखों लोग उठा रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या ऐसे पात्र बुजुर्गों की है जो आवेदन प्रक्रिया पूरी न कर पाने की वजह से योजना से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए फैमिली आईडी के डेटा को सीधे समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल से जोड़ा गया है।

    फैमिली आईडी से ऐसे सभी लोगों की पहचान स्वतः की जाएगी, जिनकी उम्र अग‍ले 90 दिनों में 60 वर्ष होने जा रही है। इन्हें पेंशन पोर्टल पर एपीआई के माध्यम से ‘पुश’ किया जाएगा ताकि समय से पेंशन स्वीकृत हो सके।पेंशन शुरू करने के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों से डिजिटल सहमति (SMS, फोन कॉल, व्हाट्सऐप) के माध्यम से संपर्क किया जाएगा। यदि कोई स्वयं यह प्रक्रिया नहीं कर पाता, तो ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर या डोर-टू-डोर सेवा के माध्यम से उनकी सहमति और बायोमेट्रिक लिए जाएंगे। 15 दिनों के भीतर सभी पात्र आवेदनों पर डिजिटल सिग्नेचर के साथ स्वीकृति दी जाएगी और पेंशन सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।सरकार ने लाभार्थियों के लिए एक मोबाइल एप भी तैयार किया है जिसमें पासबुक की तरह सभी भुगतान विवरण उपलब्ध रहेंगे।

  • Delhi Blast Connection: जम्मू-कश्मीर के डॉ. आरिफ मीर कानपुर से हिरासत में, लखनऊ की डॉ. शाहीन से निकला कनेक्शन

    Delhi Blast Connection: जम्मू-कश्मीर के डॉ. आरिफ मीर कानपुर से हिरासत में, लखनऊ की डॉ. शाहीन से निकला कनेक्शन

    Delhi Blast Connection: कानपुर। दिल्ली के लाल किला धमाके (Red Fort Blast) केस से जुड़ी जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है।
    जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग निवासी डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर (Dr. Arif Mir) को कानपुर से ATS और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि डॉ. आरिफ लखनऊ की डॉ. शाहीन शाहिदा के करीबी सहयोगी हैं, जिन्हें पहले ही फरीदाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है।

    कार्डियोलॉजी संस्थान का छात्र

    सूत्रों के मुताबिक, डॉ. आरिफ कानपुर के हृदय रोग संस्थान (Cardiology Institute) में प्रथम वर्ष का छात्र था।
    कानपुर कार्डियोलॉजी के डॉ. ज्ञानेश ने बताया कि,“आरिफ करीब तीन महीने पहले संस्थान में आया था। वह दोपहर की ड्यूटी के बाद घर चला जाता था। रात में हमें सूचना मिली कि उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है।”आरिफ अशोकनगर इलाके में किराए के घर में रह रहा था, वहीं से उसे उठाया गया।

    आतंकी उमर से संपर्क की आशंका

    दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरिफ का नाम तब सामने आया जब जांच में पता चला कि उसने आतंकी उमर से कुछ दिन पहले बातचीत की थी।उमर और आरिफ श्रीनगर के एक मेडिकल कॉलेज में सहपाठी रह चुके हैं।दिल्ली ब्लास्ट के कुछ दिन पहले ही दोनों के बीच फोन पर बात होने की जानकारी मिली है।

    जांच एजेंसियों की तगड़ी पड़ताल

    इस केस में अब तक कई डॉक्टरों से पूछताछ की जा चुकी है।डॉ. शाहीन शाहिदा — फरीदाबाद से गिरफ्तार, लखनऊ निवासीडॉ. परवेज — शाहीन का भाई, लखनऊ में ATS की रेड डॉ. मुजम्मिल — आतंकी मॉड्यूल में मुख्य संदिग्धइन तीनों के बाद अब डॉ. आरिफ मीर का नाम सामने आने से जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम आरिफ को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर गई है।

    क्या हैं अब तक के संकेत?

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि ये सभी डॉक्टर एक संगठित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं, जो देशभर में सक्रिय था।अधिकारियों का कहना है कि आरिफ की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • UP Weather Update: कानपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री, यूपी में Cold Wave को लेकर IMD ने जारी किया अलर्ट

    UP Weather Update: कानपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री, यूपी में Cold Wave को लेकर IMD ने जारी किया अलर्ट

    UP Weather Update: कानपुर उत्तर भारत में लगातार गिरते तापमान ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।कानपुर में नवंबर महीने में ही दिसंबर जैसी सर्दी का अहसास होने लगा है।मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।सुबह और रात में कोहरा और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है।

    रिकॉर्ड तोड़ ठंड के चलते बच्चों और बुजुर्गों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
    डॉक्टरों का कहना है कि अचानक गिरते तापमान से सर्दी-जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं।

    विभाग के मुताबिक, आने वाले तीन दिनों में तापमान में और 2-3 डिग्री तक की गिरावट संभव है।मंगलवार को कानपुर में अधिकतम तापमान 28.2°C और न्यूनतम तापमान 9°C दर्ज किया गया।इसमें 4.8 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है।सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 84 फीसदी और न्यूनतम 28 फीसदी रही, जबकि 1.7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पूर्व दिशा में हवाएं चलीं।

  • कानपुर: गुस्साई मेयर प्रमिला पांडे ने सड़क पर चलाया हथौड़ा, खराब काम पर भड़कीं

    कानपुर: गुस्साई मेयर प्रमिला पांडे ने सड़क पर चलाया हथौड़ा, खराब काम पर भड़कीं

    कानपुर। शहर की सड़कों की बदहाली को लेकर एक बार फिर मेयर प्रमिला पांडे का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को उन्होंने संगीत टॉकीज से चंद्रिका देवी चौराहे तक बनी सड़क का निरीक्षण किया, जहां हाल ही में पैचवर्क किया गया था। लेकिन मरम्मत के सिर्फ एक दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। यह देखकर मेयर आपा खो बैठीं और मौके पर ही हथौड़ा उठाकर सड़क तोड़ने लगीं

    मेयर प्रमिला पांडे ने कहा कि जनता के पैसे से की जा रही मरम्मत में इतनी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदारों से सख्त लहजे में जवाब तलब किया। इसके बाद उन्होंने फोन पर संबंधित PWD अधिकारी को फटकार लगाई और चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।

    जानकारी के अनुसार, PWD विभाग ने कुछ दिन पहले इस सड़क पर पैचवर्क किया था। लेकिन गुणवत्ताहीन सामग्री और जल्दबाजी में काम पूरा करने के चलते सड़क दोबारा उखड़ने लगी। इससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बरसात के बाद सड़क की हालत और खराब हो जाएगी।

    मेयर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा सड़क टूटी मिली तो सीधे निगम से ठेकेदार का भुगतान रोक दिया जाएगा।स्थानीय लोगों ने मेयर के इस कदम की सराहना की है और कहा कि अगर इसी तरह जनप्रतिनिधि जवाबदेही तय करते रहें तो शहर की सड़कों की स्थिति सुधर सकती है।

  • कानपुर: रेजिडेंसी में घुसे दो ‘मगरू’, मोहल्ले में मचा हड़कंप,लोगों ने ईंट चलाकर भगाया!

    कानपुर: रेजिडेंसी में घुसे दो ‘मगरू’, मोहल्ले में मचा हड़कंप,लोगों ने ईंट चलाकर भगाया!

    कानपुर। शहर के मैनावती मार्ग स्थित रेजिडेंसी इलाके में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने सड़क किनारे दो मगरमच्छों को घूमते देखा। अचानक मगरमच्छों के दिखने से आसपास के लोगों में भय और हंगामे का माहौल बन गया।

    चश्मदीदों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे कॉलोनी के पास की नाली से दो छोटे मगरमच्छ निकल आए। पहले तो लोग समझ नहीं पाए कि ये क्या है, लेकिन जब एक ‘मगरू’ ने मुंह खोला तो मोहल्ले में “मगर निकला! मगर निकला!” की आवाजें गूंज उठीं।

    वो अलग बात है कि कुछ ‘धुरंधर’ लोग मौके पर पहुंचे और ईंट-पत्थर चलाकर बेचारे मगरू को भगा दिया। लोगों का कहना है कि मगरमच्छ पास की छिवली नदी या बिठूर इलाके के तालाबों से भटककर रिहायशी इलाके तक आ गए होंगे।घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम को भी जानकारी दी गई। टीम ने मौके का निरीक्षण किया और बताया कि बरसात के मौसम में जलभराव के कारण अक्सर मगरमच्छ पानी के बहाव के साथ आबादी की तरफ पहुंच जाते हैं।

    स्थानीय निवासी अब भी दहशत में हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को इलाके में वन विभाग की टीम और ट्रैपिंग व्यवस्था लगानी चाहिए ताकि कोई अनहोनी न हो।https://youtube.com/shorts/vPeYAfc1GXI

  • कानपुर में सहायक आयुक्त पर 1 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, मुकदमा दर्ज

    कानपुर में सहायक आयुक्त पर 1 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप, मुकदमा दर्ज

    कल्याणपुर (कानपुर)। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त और एक ठेकेदार पर ट्रांसपोर्टर से रिश्वत मांगने और अनुचित दबाव डालने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि अधिकारी ने कैलकुलेटर पर ₹1 लाख की रकम लिखकर रिश्वत मांगी। पीड़ित ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    किदवई नगर निवासी वैभव सिंह राठौर, जो कानपुर-मिर्जापुर रोड लाइंस के प्रोप्राइटर हैं, ने बताया कि उनका ट्रक 29 अक्टूबर को मिर्जापुर जा रहा था। रास्ते में छिवली नदी के पास राज्य कर विभाग की दशम इकाई, कानपुर नगर के सहायक आयुक्त योगेन्द्र कुमार ने ट्रक को रोक लिया और कार्यालय में लाकर जांच की।जांच के दौरान अधिकारी ने प्रबंधक राजेश मिश्रा से कहा कि ट्रक में अवैध पॉलीथिन लदी है। इसके बाद ठेकेदार मन्नू को बुलाया गया, जिसने ₹1.5 लाख की मांग करते हुए कहा कि “पैसे देने पर ट्रक छोड़ दिया जाएगा।” जब ट्रांसपोर्टर ने मना किया, तो योगेंद्र कुमार ने कैलकुलेटर पर ₹1 लाख की रकम दिखाते हुए कहा कि “इतना देने पर मामला निपटा देंगे, वरना कार्रवाई होगी।”

    वैभव सिंह का कहना है कि जानबूझकर ट्रक की पन्नी ढक दी गई, ताकि किसी को जानकारी न हो सके। 2 नवंबर को ठेकेदार मन्नू उनके कार्यालय पहुंचा और रिश्वत देकर मामला सुलझाने की बात कही। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।उन्होंने आगे बताया कि प्रमुख सचिव राज्य कर एम. देवराज को शिकायत भेजने के तीन घंटे बाद ही मूव-7 दस्तावेज जारी कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन कर मामला निपटाने की सलाह दी जाने लगी।कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय प्रकाश ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, मामले में सहायक आयुक्त योगेंद्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।

    यह वीडियो भी देखें

  • कानपुर:100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा: मैनपुरी सीओ ऋषिकांत शुक्ल निलंबित, अब होगी विजिलेंस जांच

    कानपुर:100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा: मैनपुरी सीओ ऋषिकांत शुक्ल निलंबित, अब होगी विजिलेंस जांच

    कानपुर। मैनपुरी में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) ऋषिकांत शुक्ल (Deputy Superintendent of Police (CO) Rishikant Shukla) के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कानपुर पुलिस की एसआईटी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनके पास 100 करोड़ रुपये की अकूत और बेनामी संपत्ति है। इसी आधार पर शासन ने उन्हें फिलहाल निलंबित कर दिया है।


    रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सीओ शुक्ल ने जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के गिरोह को सहयोग दिया था। हालांकि, शुक्ल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

    कुछ समय पहले “ऑपरेशन महाकाल” के तहत अधिवक्ता अखिलेश दुबे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस, वकीलों और पत्रकारों के गठजोड़ की जांच की जा रही थी।अब ऋषिकांत शुक्ल के निलंबन और विजिलेंस जांच की संस्तुति को इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

  • कानपुर देहात: मां ने बेटे की हत्या कर बीमा रकम के लिए रिश्तों की मर्यादा तोड़ी

    कानपुर देहात: मां ने बेटे की हत्या कर बीमा रकम के लिए रिश्तों की मर्यादा तोड़ी

    रिपोर्ट कानपुर देहात | कानपुर देहात से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। यहां एक माँ ने लालच और अवैध प्रेम के चक्कर में अपने ही बेटे की हत्या करा दी। बीमा की रकम और प्रेमी के साथ रहने की चाहत ने उस मां को हैवान बना दिया, जिसने कभी बेटे को अपनी गोद में सुलाया था।

    मामला बरौर थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव का है। यहां रहने वाली ममता सिंह ने अपने 22 वर्षीय बेटे प्रदीप सिंह उर्फ सुक्खा की हत्या अपने प्रेमी मयंक कटियार और उसके भाई ऋषि कटियार के साथ मिलकर कराई। पिता की मौत के बाद ममता का रिश्ता प्रेमी मयंक से गहराता चला गया। बेटा लगातार इसका विरोध करता था — कहता था, “मां, ये रास्ता गलत है…” लेकिन लालच ने ममता को अंधा कर दिया।

    रिपोर्ट के अनुसार, ममता ने बेटे के नाम पर चार बीमा पॉलिसियां कराईं जिनकी रकम लाखों में थी। इसके बाद उसने बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। बहाने से बेटे को बुलाया गया, और फिर मयंक और ऋषि ने हथौड़ी से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। शव को हाईवे किनारे फेंक दिया गया ताकि यह सड़क हादसा लगे।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि यह एक योजनाबद्ध हत्या थी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से साजिश का पर्दाफाश किया। मुख्य आरोपी मयंक ने कबूल किया —

    “ममता आंटी ने कहा था, उसे खत्म कर दो… बीमा की रकम मिल जाएगी, फिर हम साथ रहेंगे।”

    एसपी कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पांडेय ने बताया कि हत्या में शामिल ममता, मयंक और ऋषि को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी, तमंचा और कार बरामद की है।

    गांव के लोग कहते हैं — “जिस मां की दुआओं से बेटा जिया करता था, उसी ने उसकी सांसें छीन लीं।” यह सिर्फ हत्या की कहानी नहीं, बल्कि ‘ममता की मौत’ की कहानी बन गई है।