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Category: कानपुर नगर

  • कानपुर बालिका वर्ग में जिया सिंह ने जीता सम्मान, दो दिवसीय शक्ति परीक्षण प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं ने दिखाई ताकत

    कानपुर बालिका वर्ग में जिया सिंह ने जीता सम्मान, दो दिवसीय शक्ति परीक्षण प्रतियोगिता में युवा प्रतिभाओं ने दिखाई ताकत

    कानपुर, उत्तर प्रदेश।इंटर स्कूल डेडलिफ्ट चैंपियनशिप के द्वितीय दिवस पर बालिका वर्ग की प्रतियोगिताएं जोश, जज्बे और दमदार प्रदर्शन के साथ संपन्न हुईं। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता ने युवा प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का शानदार मंच प्रदान किया।

    आयोजन के समापन पर भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहर और प्रदेश की कई प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि के रूप में श्री राजेश शुक्ला (संरक्षक, इंडियन पावरलिफ्टिंग फेडरेशन), उमेश शुक्ला (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन) और राहुल शुक्ला (सचिव, उत्तर प्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

    प्रतियोगिता में ‘स्ट्रॉन्ग बॉय’ का खिताब एस. अभिषेक को मिला, जबकि ‘स्ट्रॉन्ग गर्ल’ का सम्मान जिया सिंह को प्रदान किया गया, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन कर बालिका वर्ग में बाज़ी मारी। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया।

    पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित अन्य अतिथियों में श्रीमती सुमन चण्डोला (प्रधानाचार्य), वीरेंद्र सिंह परमार, सौरभ गौर, विवेक मिश्रा, राजेश दीक्षित, मनीष मिश्रा, नीरज कुमार, तपस्या गौतम, अभ्युदय शुक्ला, सूरज, सौरभ, योगेंद्र, तन्मय शुक्ला और असीम राजपूत शामिल रहे।

    सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों की सराहना की और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने की शुभकामनाएं दीं।

  • कानपुर रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ, पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ा

    कानपुर रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ, पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ा

    कानपुर – रेलवे स्टेशन पर अनोखा करवा चौथ: पत्नी ने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर ही व्रत तोड़ाकरवा चौथ जैसे पारंपरिक और भावनात्मक त्योहार पर महिलाएं घरों और छतों से चांद देखकर व्रत तोड़ती हैं, लेकिन कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। भारतीय रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत पति को ड्यूटी में छुट्टी नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी स्टेशन पर ही पहुंच गईं और वहीं करवा चौथ का व्रत संपन्न किया।

    रात को जब आसमान में चांद दिखाई दिया, तो महिला ने प्लेटफॉर्म पर छलनी से चांद का दर्शन किया और फिर अपने पति के साथ पारंपरिक रीति से व्रत खोला। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और सहकर्मियों ने इस दृश्य को भावपूर्ण और फिल्मी जैसा बताया। कई लोगों ने अपने मोबाइल में इस पल को कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे वीडियो तेजी से वायरल हो गया।

    वीडियो में साफ दिख रहा है कि पत्नी पूजा के थाल के साथ तैयार खड़ी हैं और पति अपने ड्यूटी कर्तव्य में लगे हुए हैं। दोनों ने संक्षिप्त रीति से पूजा की, पति ने पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तुड़वाया, फिर मिठाई खिलाई और पत्नी ने पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस जोड़े की सराहना करते हुए कहा कि यह दृश्य प्रेम और समर्पण की मिसाल है। ड्यूटी और रिश्ते के बीच संतुलन का यह अनोखा उदाहरण दर्शाता है कि सच्चे रिश्तों में दूरी मायने नहीं रखती।इस घटना ने न केवल लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि यह भी साबित किया कि भावनाएं और समर्पण हर परिस्थिति में साथ निभा सकते हैं।

  • कानपुर ब्लास्ट: अवैध पटाखों के धमाके के बाद शुरू हुआ अफवाहों का सिलसिला, 26 हिरासत में, 100 क्विंटल से अधिक विस्फोटक जब्त

    कानपुर ब्लास्ट: अवैध पटाखों के धमाके के बाद शुरू हुआ अफवाहों का सिलसिला, 26 हिरासत में, 100 क्विंटल से अधिक विस्फोटक जब्त

    रिपोर्ट : हिमांशु शर्मा-कानपुर ब्लास्ट: कानपुर के मेस्टन रोड स्थित मिश्री बाजार में बुधवार रात 7:30 बजे अवैध पटाखों के भंडार में हुए धमाके ने शहर में हड़कंप मचा दिया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक खबरों का दौर शुरू हो गया, जिसके जरिए घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने घटना के बाद साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया था कि यह विस्फोट किसी आतंकी घटना, या देशविरोधी गतिविधियों से जुड़ा नही है । ये धमाका अवैध पटाखों के बारूद के कारण हुआ, जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई। मामले में कानपुर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 26 संदिग्धों को हिरासत में लिया और पटाखो के अवैध भंडारण पर देर रात से चल रहे सर्च ऑपरेशन में पुलिस के द्वारा अलग अलग क्षेत्रों से पहले दिन ही अबतक 100 क्विंटल से अधिक अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त की। साथ ही, चोरी की स्कूटी से बारूद की आपूर्ति करने वालों को भी पुलिस नेगिरफ्तार किया है । जिनपर भी कार्यवाही की तैयारियां पूरी हो चुकी है ।

    अफवाहों ने बढ़ाया तनाव, पुलिस ने किया खंडन

    धमाके के बाद सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों ने भ्रामक खबरें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की। कुछ ने सैनिकों की मौत की अफवाह उड़ाई, तो कुछ ने मस्जिद को क्षतिग्रस्त होने का दावा किया। एक फर्जी खबर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों की संलिप्तता का भी निराधार आरोप लगाया गया। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा, “यह धमाका अवैध पटाखों के कारण हुआ, और इसमें किसी सामाजिक या संगठनात्मक साजिश के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” ऐसे में कानपुर पुलिस के द्वारा कुछ अफ़वाह फैलाने वाली पोस्टों के सोशल मीडिया हैंडल भी शेयर किए गए है ।

    जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों (एनआईए) और अन्य खुफिया विभागों ने इन अफवाहों के पीछे संदिग्ध तत्वों की पहचान शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ बाहरी और स्थानीय असामाजिक तत्व सामाजिक माहौल को खराब कर घटना को गलत तथ्यों के साथ तोड़मरोड़ कर फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस आयुक्त ने ऐसे में नागरिकों से अपील भी की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अनधिकृत खबरों पर भरोसा न करें और शांति बनाए रखें।

    पुलिस की कार्रवाई: 26 हिरासत में, स्कूटी चोर भी पकड़े गए

    पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गुरुवार देर शाम मीडिया से वार्ता करते हुए बताया कि धमाके के बाद शहर में कई थानाक्षेत्रों में अवैध रूप से किए गए पटाख़ों के भंडारण के खिलाफ़ व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान:

    • 100 क्विंटल अवैध पटाखे जब्त मूलगंज, फजलगंज, नौबस्ता और गोविंद नगर जैसे इलाकों से भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
    • 18 दुकानें और 3 गोदाम सील अवैध भंडारण और बिक्री के लिए इस्तेमाल होने वाली दुकानों और गोदामों पर ताला लगा दिया गया।

    – 26 संदिग्ध हिरासत में हिरासत में लिए गए लोगों में 18 मूलगंज, 3-3 फजलगंज और गोविंद नगर, तथा 2 नौबस्ता से हैं। इनमें अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े लोग शामिल हैं।

    कानपुर के मूलगंज थाना क्षेत्र में पटाखा विस्फोट की घटना के बाद अफवाहों का बाजार गर्म है , पुलिस ने किसी भी आतंकी घटना या खालिस्तान फोर्स से जुड़ाव की भ्रामक खबरों का खंडन किया है । पुलिस कमिश्नर ने साफ शब्दों में कहा कि ये घटना लो इंटेंसटिव एक्सप्लोसिव धमाके यानी पटाखा विस्फोट की घटना है जिसकी जांच हमारी जांच एजेंसियों ने बारीकी से कर ली है ।

  • कानपुर में पुलिस की दबंगई का वीडियो वायरल, छात्र को चौकी इंचार्ज ने बेरहमी से पीटा

    कानपुर में पुलिस की दबंगई का वीडियो वायरल, छात्र को चौकी इंचार्ज ने बेरहमी से पीटा

    कानपुर कानपुर में पुलिस की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसमें किदवई नगर के चौकी इंचार्ज ने एक छात्र को बेरहमी से पीटा। छात्र का दोष केवल इतना था कि उसने ओवरस्पीड में पकड़े जाने के बाद मारपीट का नियम नहीं होने की बात कह दी। इस पर चौकी इंचार्ज ने वर्दी की रौब दिखाते हुए थप्पड़ और लात मार दी।

    मामला रविवार दोपहर का है, जब नारामऊ, बिठूर निवासी अक्षय प्रताप सिंह अपने बीटेक मित्र अभिषेक दुबे के साथ किदवई नगर से किसी काम से गुजर रहे थे। गौशाला चौराहे पर चेकिंग कर रहे चौकी इंचार्ज अमित विक्रम त्रिपाठी ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन अक्षय ने बाइक बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़कर चौकी लाया।

    जैसे ही छात्र ने कहा कि पुलिस उसे घसीट नहीं सकती, चौकी इंचार्ज आपा खो बैठे और अक्षय पर थप्पड़ों की बौछार और लात मारने लगे। छात्र के विरोध करने पर प्रभारी और भड़क गए और धमकी दी कि उसे “दुरुस्त किया जाएगा।” इस पूरी घटना को छात्र के साथी ने वीडियो में कैद करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

    वीडियो वायरल होने के बाद डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया और मामले की जांच एसीपी बाबूपुरवा को सौंपी गई है।यह घटना कानपुर में पुलिस की दबंगई और वर्दी के नाजायज इस्तेमाल की एक बार फिर पुष्टि करती है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग प्रशासन से तीव्र कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाओं में नागरिक अधिकारों और पुलिस जवाबदेही पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों और हिंसा से बचा जा सके।

  • भारत-पाक मुकाबले में कुलदीप यादव की हवा, 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट – बने ‘गेम चेंजर’

    भारत-पाक मुकाबले में कुलदीप यादव की हवा, 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट – बने ‘गेम चेंजर’

    कानपुर – भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हाईवोल्टेज मुकाबले में टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाजी कर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने अपनी घातक स्पिन से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह से परेशान कर दिया और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया।

    कुलदीप यादव ने अपने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 18 रन दिए और 3 अहम विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान के बल्लेबाज टिक नहीं पाए। खासतौर पर मिडिल ऑर्डर के विकेट निकालकर उन्होंने पाकिस्तान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनकी इस धारदार गेंदबाजी ने उन्हें ‘गेम चेंजर’ बना दिया।

    भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी अहम था और कुलदीप का प्रदर्शन टीम की जीत में निर्णायक साबित हुआ। क्रिकेट विशेषज्ञ भी कुलदीप की तारीफ कर रहे हैं और इसे उनकी करियर की बेहतरीन गेंदबाजी में से एक मान रहे हैं।

    भारतीय दर्शकों के लिए यह मुकाबला यादगार बन गया, क्योंकि गेंद और बल्ले दोनों से टीम इंडिया ने पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया। वहीं, कुलदीप यादव के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी हैं।

  • कानपुर में महिला सशक्तिकरण के लिए 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

    कानपुर में महिला सशक्तिकरण के लिए 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम

    कानपुर -जनपद कानपुर में जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री विकास सिंह के नेतृत्व में संकल्प हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन योजना के तहत 10 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। 08.09.2025 को महिला महाविद्यालय, किदवई नगर में विशेष विधिक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

    छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और अधिनियमों के बारे में जानकारी दी गई।जिला समन्वयक मोनिका यादव उपाध्याय ने POCSO अधिनियम और सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में समझाया। इससे छात्राओं को अपने जीवन में सुरक्षित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।जेंडर स्पेशलिस्ट शैल शुक्ल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मातृ वंदन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, शक्ति सदन, सखी निवास जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

    जेंडर स्पेशलिस्ट रागनी श्रीवास्तव ने हेल्पलाइन नंबर 181, 1090 और 198 के बारे में बताया, ताकि छात्राएं किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद ले सकें। कार्यक्रम में महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्या अंजू चौधरी, प्रोफेसर ममता और अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है। छात्राओं ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई और अपने सवालों के माध्यम से जानकारी हासिल की। यह पहल उन्हें अपने जीवन में सशक्त और सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।

  • Aniruddhacharya Controversy-करौली सरकार का अनिरुद्धाचार्य पर प्रहार: “ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है”

    Aniruddhacharya Controversy-करौली सरकार का अनिरुद्धाचार्य पर प्रहार: “ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है”

    धर्मगुरु करौली सरकार ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की युवतियों पर टिप्पणी को लेकर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द संत स्वभाव नहीं बल्कि अहंकार है। पढ़ें पूरी खबर विस्तार से।

    धार्मिक प्रवचन और संत समाज का उद्देश्य हमेशा से समाज को नैतिकता, सदाचार और भक्ति की ओर प्रेरित करना रहा है। लेकिन हाल ही में चर्चित कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की एक टिप्पणी ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया है। युवतियों को लेकर उनकी टिप्पणी के बाद न केवल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, बल्कि अब कई धर्मगुरुओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। इन्हीं में से एक हैं करौली सरकार (धर्मगुरु), जिन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान को लेकर सीधा हमला बोला है।

    करौली सरकार ने अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:

    करौली सरकार ने अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:”उन्होंने बच्चियों को लेकर जिस तरीके से गंद मचाया है और बार-बार बयान को पुष्टि करने की कोशिश की है, ये संत स्वभाव नहीं, अहंकार है।””जो अपशब्द बोले जा रहे हैं, मेरा प्रश्न है कि उन्हें अनुभव हुआ कैसे?””इस तरह के शब्दों का उच्चारण उस व्यक्ति के लिए अच्छा नहीं, जिसे लोग सुनते हों और आदर्श मानते हों।”स्पष्ट है कि करौली सरकार ने इस बयान को न केवल आपत्तिजनक बताया, बल्कि संत समाज के लिए कलंक जैसा करार दिया।

    विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

    अनिरुद्धाचार्य, जो कि अपने प्रवचनों और धार्मिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध हैं, ने हाल ही में एक कथा के दौरान युवतियों पर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसने सबको चौंका दिया।उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।कई लोग इस टिप्पणी को अमर्यादित और महिलाओं के प्रति अपमानजनक मान रहे हैं।वहीं, कुछ समर्थक इसे अलग तरह से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अब संत समाज के ही लोग उनके खिलाफ बोल रहे हैं।

    भारत में संतों और कथावाचकों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। करोड़ों लोग उनके प्रवचनों को सुनकर जीवन में प्रेरणा लेते हैं। ऐसे में जब कोई कथावाचक या संत अनुचित टिप्पणी करता है, तो यह समाज में गलत संदेश पहुंचाता है।करौली सरकार ने इसीलिए चेताया कि जो लोग धर्म और अध्यात्म के मार्गदर्शक हैं, उन्हें अपने शब्दों का खास ध्यान रखना चाहिए।लोगों की भावनाओं और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंचाना धर्म की मूल भावना के विपरीत है।

    सोशल मीडिया पर बवाल

    अनिरुद्धाचार्य के बयान के बाद सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ट्विटर (X) पर लोग #अनिरुद्धाचार्य और #करौलीसरकार ट्रेंड कराने लगे।फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों लोगों ने वीडियो देखकर नाराजगी जताई।कई लोगों ने इसे महिला असम्मान करार दिया और कार्रवाई की मांग की।संत समाज में दरार या चेतावनी?करौली सरकार के बयान को कई लोग संत समाज के भीतर की असहमति के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह दरार नहीं बल्कि चेतावनी है। यह संदेश है कि कोई भी संत, चाहे वह कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो, अगर धर्म और मर्यादा से बाहर जाकर कुछ बोलेगा तो समाज और संत दोनों उसकी आलोचना करेंगे।ऐसी घटनाएं युवाओं और भक्तों की आस्था को झटका देती हैं।लोगों के मन में संत समाज को लेकर संदेह पैदा होता है।महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचती है।करौली सरकार का बयान इसीलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह संदेश देता है कि संत समाज भी गलत को गलत कहने से पीछे नहीं हटेगा।अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयान पर करौली सरकार की प्रतिक्रिया ने एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि धर्मगुरुओं और कथावाचकों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी है और क्या वे अपनी वाणी से समाज को सही राह दिखा रहे हैं?
    यह घटना इस बात का सबक है कि संतों और

  • ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    ‘सर तन से जुदा’ के नारे के बाद कानपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आरोपी के घर पर भीड़

    कानपुर-कानपुर में ‘सर तन से जुदा’ नारे को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है। शहर के एक पुराने मोहल्ले में आरोपी के घर के बाहर नारे लिखे जाने के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पत्थरबाजी भी की, जिससे इलाके में डर और हड़कंप फैल गया।मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवाद के पीछे शिया और सुन्नी समुदाय के बीच पहले से चली आ रही असहमति है। आरोपी के घर पर नारे लिखे जाने के बाद स्थानीय लोग गुस्से में आ गए और पत्थरबाजी करने लगे। भीड़ ने आरोपी के घर के बाहर धक्का-मुक्की की और पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाना पड़ा।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बढ़ने का कारण छोटे मामलों का लंबित रहना और आपसी टकराव रहा। पुलिस ने तुरंत इलाके को सील किया और अतिरिक्त फोर्स तैनात की। मौके पर पहुंची फील्ड यूनिट ने पत्थरबाजी में शामिल लोगों को हटाया और इलाके की सुरक्षा सुनिश्चित की।पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट से स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल न होने की अपील की। इसके अलावा, आरोपी के परिवार को सुरक्षा देने के लिए भी विशेष टीम तैनात की गई।

    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी और मामले की गहन जांच की जा रही है। नारे लिखने और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सभी समुदायों से संयम बरतने का अनुरोध किया गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक और सामुदायिक तनाव लंबे समय तक समाज में अस्थिरता पैदा कर सकते हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और दोनों पक्षों के बीच संवाद बेहद जरूरी होता है। कानपुर में यह घटना भी इसी तरह संवेदनशील मानी जा रही है।

    स्थानीय लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी उकसावे वाली गतिविधि में शामिल होने वाले लोग कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करेंगे।थाना प्रभारी ने कहा, “हमने मौके पर अतिरिक्त टीम तैनात कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही होगी और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। हम चाहते हैं कि सभी समुदाय शांति बनाए रखें और कानून का पालन करें।”इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक और सामाजिक सह-अस्तित्व के लिए जागरूकता, प्रशासन की सक्रियता और संवाद कितना महत्वपूर्ण है। कानपुर प्रशासन की तत्परता और पुलिस की कार्रवाई से ही स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

  • Kanpur Traffic Diversion – बुढ़वा मंगल पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, कल रात तक बदलेगी व्यवस्था

    Kanpur Traffic Diversion – बुढ़वा मंगल पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू, कल रात तक बदलेगी व्यवस्था

    कानपुर। बुढ़वा मंगल पर्व के अवसर पर पनकी हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आज शाम छह बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। यह व्यवस्था मंगलवार देर रात तक प्रभावी रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को भीड़ और जाम में फंसने से बचाया जा सके। इस दौरान पहले जारी किए गए नो-इंट्री पास रद्द रहेंगे।

    ऐसी रहेगी डायवर्जन व्यवस्था

    कानपुर देहात से आने वाले श्रद्धालु:

    • मार्ग: थाना सचेंडी – भौंती बाईपास चौराहा – पनकी मंदिर
    • पार्किंग: स्टेशन रोड तिराहा से पूर्व गंगागंज मार्ग और लिंक मार्गों पर

    हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव आदि से आने वाले श्रद्धालु:

    • मार्ग: घंटाघर चौराहा – रामादेवी चौराहा – नौबस्ता चौराहा – विजय नगर चौराहा – मंदिर
    • पार्किंग: एमआईजी तिराहा और पनकी थाना मार्ग के दोनों तरफ

    कन्नौज, फर्रुखाबाद की ओर से आने वाले श्रद्धालु:

    • मार्ग: कल्याणपुर – आवास विकास नहर – पनकी – एमआईजी रोड – रामलीला मैदान
    • पार्किंग: रामलीला मैदान

    कानपुर देहात, शिवली, रसूलाबाद मार्ग से आने वाले श्रद्धालु:

    • मार्ग: जवाहरपुरम – शताब्दी नगर – रतनपुर – मंदिर
    • पार्किंग: नारायणा कालेज चौराहे से शताब्दी नगर रोड तिराहे तक

    ऐसी रहेगी डायवर्जन व्यवस्था

    • कल्याणपुर की ओर से आने वाला यातायात पनकी मंदिर की ओर नहीं जाएगा। यह आवास विकास नहर पनकी से अर्मापुर नहर तिराहा या एमआईजी तिराहा होकर भेजा जाएगा।
    • पनकी रोड चौकी थाना कल्याणपुर से भारी और मध्यम वाहन पनकी नहर की ओर नहीं जा सकेंगे। ये वाहन डबल पुलिया विजय नगर मार्ग से भेजे जाएंगे।
    • भाटिया तिराहा, कालपी रोड, नारायणा कालेज चौराहा और पनकी पडाव गंगागंज क्रॉसिंग से भी भारी और मध्यम वाहन मंदिर की ओर नहीं जा सकेंगे।
    • भौंती बाईपास – विजय नगर चौराहा मार्ग के भारी वाहन एलएमएल चौराहा और दादा नगर मार्ग से अपने गंतव्य तक जाएंगे।

    पार्किंग स्थल

    • पनकी मंदिर पश्चिम द्वार (गेट नंबर 2 और 3) – वीआईपी और आवश्यक सेवा हेतु
    • शताब्दी रोड तिराहा से रतनपुर रोड के दोनों ओर
    • सब्जीमंडी रोड
    • रामलीला मैदान
    • पनकी थाना वाले मार्ग पर दोनों तरफ
    • कमल मेमोरियल स्कूल गली
    • कछुआ तालाब रोड (पुलिस और प्रशासन पार्किंग)
    • स्टेशन रोड तिराहा से गंगागंज क्रॉसिंग मार्ग
    • एटीएम चौराहा
  • अखिलेश दुबे का कच्चा चिट्ठा खोलने वाले अफसर को केंद्र ने बुलाया, जानिए कौन हैं कानपुर के पूर्व CP अखिल कुमार

    अखिलेश दुबे का कच्चा चिट्ठा खोलने वाले अफसर को केंद्र ने बुलाया, जानिए कौन हैं कानपुर के पूर्व CP अखिल कुमार

    कानपुर: कानपुर के चर्चित अफसर अखिल कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अखिलेश दुबे गैंग का कच्चा चिट्ठा खोला था, जिसके बाद पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई। अब खबर है कि केंद्र सरकार ने उन्हें तलब किया है

    कौन हैं पूर्व CP अखिल कुमार?

    • अखिल कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 1997 बैच के IPS अफसर हैं।वे कानपुर, लखनऊ और नोएडा जैसे बड़े जिलों में तैनात रह चुके हैं।कानपुर के कमिश्नरेट सिस्टम में उन्हें पहले CP (पुलिस कमिश्नर) के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी।सख्त और ईमानदार छवि के लिए जाने जाने वाले अखिल कुमार कई बार माफिया और अपराधियों पर कार्रवाई के चलते सुर्खियों में रहे।

    क्यों बुलाया गया केंद्र?

    सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बुलाया है। चर्चा है कि जल्द ही उन्हें महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसी या केंद्र सरकार के किसी अहम विभाग में तैनाती मिल सकती है।

    अखिलेश दुबे केस से कनेक्शन

    कानपुर में तैनाती के दौरान अखिल कुमार ने अखिलेश दुबे गैंग के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए थे। उनके नेतृत्व में पुलिस ने दुबे गैंग के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की जांच की, जिससे इस गैंग की कमर टूट गई थी।