Nation Now Samachar

Category: कानपुर नगर

  • Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    कानपुर- कानपुर नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खेरेश्वर मंदिर, न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि एक रहस्यमयी आध्यात्मिक स्थल भी है। गंगा नदी के तट पर बसे इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत कालीन योद्धा अश्वत्थामा आज भी यहाँ प्रतिदिन सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करते हैं।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕉️ अद्भुत घटना: बिना खुले कपाट चढ़ी होती है पूजा सामग्री कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    श्रद्धालुओं और पुजारियों के अनुसार, मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही शिवलिंग पर फूल, जल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ी हुई मिलती है। यह रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा सका है, लेकिन आस्था अडिग है — “अश्वत्थामा ही प्रतिदिन शिव की प्रथम पूजा करते हैं।”


    इतिहास और मान्यता का सागर है ये मंदिर

    जानकारों का मानना है कि यह मंदिर करीब 5000 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। यह मंदिर महर्षि वेदव्यास के कालखंड से जुड़ा हुआ बताया जाता है। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए तप और आराधना का प्रमुख स्थान बना हुआ है।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕯️ महाशिवरात्रि पर उमड़ता है श्रद्धा का सैलाब कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूर-दराज़ के राज्यों से भी भक्त जलाभिषेक करने और खेरेश्वर बाबा के दर्शन हेतु पहुँचते हैं।

    🌿 धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

    इस मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण, गंगा के समीपस्थ स्थान, और हजारों वर्षों पुरानी मान्यताएं इसे अद्वितीय बनाते हैं। सावन मास में यहाँ भक्तों की टोलियां गंगाजल लेकर आते हैं और बाबा खेरेश्वर का जलाभिषेक करते हैं।

    भगवान शिव की आराधना करें
    यदि कोई भी लड़का या लड़की मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहता है तो इसके लिए आपको भोलेनाथ की आराधना करना चाहिए. शिवपुराण के अनुसार, भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा दिन सोमवार है और आपको इसी खास दिन भगवान शिव की पूजा करना है.

  • Kanpur Jagannath Temple: बाबा जगन्नाथ का ये मंदिर करता है मानसून की भविष्यवाणी, पत्थर बताते हैं कैसी होगी बारिश ?

    Kanpur Jagannath Temple: बाबा जगन्नाथ का ये मंदिर करता है मानसून की भविष्यवाणी, पत्थर बताते हैं कैसी होगी बारिश ?

    कानपुर नगर: उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में घाटमपुर तहसील के बेहटा बुजुर्ग गांव में स्थित (Kanpur Jagannath Temple) भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह अपने अनोखे चमत्कार के लिए भी विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर, जिसे स्थानीय लोग “मानसून मंदिर” भी कहते हैं, हर साल मानसून की सटीक भविष्यवाणी करता है। मंदिर के गुंबद पर लगा एक विशेष पत्थर मानसून के आगमन से 15-20 दिन पहले पानी की बूंदें टपकाने लगता है, जो बारिश की मात्रा और तीव्रता का संकेत देता है। 2025 में इस पत्थर से बूंदें पहले से ही अच्छी मात्रा में गिर रही हैं, जिससे इस साल सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। Kanpur Jagannath Temple

    मंदिर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व- Kanpur Jagannath Temple

    कानपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर अपनी अनूठी संरचना के लिए भी जाना जाता है। यह उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से भिन्न है और बौद्ध स्तूप की तरह गोल गुंबद वाला है। मंदिर की शिल्पकला नागर शैली में है, और माना जाता है कि इसे 11वीं या 12वीं सदी में बनाया गया था। हालांकि, समय के साथ यह मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत स्थानीय जमींदारों द्वारा कराई गई। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की काले पत्थर से बनी मूर्तियां स्थापित हैं। हर साल यहां पुरी की तर्ज पर रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

    Kanpur Jagannath Temple
    जगन्नाथ मंदिर में पत्थर की बूंदों का अनसुलझा रहस्य (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    मंदिर के बाहर मोर का निशान और चक्र बना हुआ है, जो इसे ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से और भी खास बनाता है। पुरातत्व विभाग के अधीन यह मंदिर अपनी प्राचीनता और रहस्यमयी विशेषताओं के कारण शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है।

    पत्थर की बूंदों का रहस्य- Kanpur Jagannath Temple

    मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर लगा पत्थर साल भर सूखा रहता है, लेकिन मई के अंत या जून की शुरुआत में, जब चिलचिलाती गर्मी अपने चरम पर होती है, इस पत्थर से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं। यह प्रक्रिया मानसून के आगमन से ठीक पहले शुरू होती है और बारिश शुरू होते ही पत्थर पूरी तरह सूख जाता है। मंदिर के पुजारी कुड़हा प्रसाद शुक्ला के अनुसार, बूंदों का आकार और मात्रा मानसून की तीव्रता का संकेत देती है। यदि बूंदें छोटी और कम होती हैं, तो बारिश कमजोर रहती है, और यदि बूंदें बड़ी और अधिक होती हैं, तो अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है। Kanpur Jagannath Temple

    Kanpur Jagannath Temple

    2025 में पत्थर से बड़ी बूंदें टपक रही हैं, और पुजारी का कहना है कि यह संकेत है कि इस साल मानसून समय पर आएगा और बारिश सामान्य से अधिक होगी। सीएसए कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी भी इस भविष्यवाणी से सहमत हैं। उन्होंने बताया कि 41 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में भी पत्थर से बूंदें टपक रही थीं, जो सामान्य से अधिक वर्षा का संकेत देती हैं। Kanpur Jagannath Temple

    Kanpur Jagannath Temple
    यहां होती है बाबा जगन्नाथ की पूजा. (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    वैज्ञानिकों की जिज्ञासा और अनसुलझा रहस्य- Kanpur Jagannath Temple

    इस मंदिर के पत्थर के चमत्कार ने देश-विदेश के वैज्ञानिकों को भी हैरान किया है। कई वैज्ञानिक और पुरातत्वविद इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक यह समझ नहीं पाए कि गर्मी के मौसम में पत्थर से पानी की बूंदें कैसे बनती हैं। कुछ का मानना है कि मंदिर की संरचना ऐसी है कि यह वातावरण की नमी को अवशोषित कर बूंदों के रूप में छोड़ती है। हालांकि, यह प्रक्रिया केवल मानसून से पहले क्यों होती है, इसका कोई वैज्ञानिक जवाब नहीं मिला है।

    स्थानीय लोग इसे भगवान जगन्नाथ का चमत्कार मानते हैं और इस भविष्यवाणी पर पूरा भरोसा करते हैं। मंदिर के 50-60 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसान बूंदों को देखकर अपनी फसलों की बुआई और कटाई की योजना बनाते हैं। वे मानते हैं कि यह मंदिर उनकी खेती और आजीविका का मार्गदर्शक है।

    स्थानीय लोगों और किसानों की आस्था- Kanpur Jagannath Temple

    बेहटा बुजुर्ग और आसपास के गांवों के लोग इस मंदिर को अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं। मई के अंतिम सप्ताह में जब पत्थर से बूंदें टपकने लगती हैं, तो किसान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ शुरू कर देते हैं। वे अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में बूंदों की अच्छी मात्रा ने किसानों में उत्साह जगाया है। उनका मानना है कि इस साल फसल की पैदावार बढ़ेगी और खेती को लाभ होगा।

    मानसून 2025 की भविष्यवाणी- Kanpur Jagannath Temple

    इस साल मंदिर के पत्थर से टपक रही बूंदें स्थानीय लोगों और मौसम विज्ञानियों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही हैं। पुजारी के अनुसार, पत्थर पूरी तरह भीगा हुआ है और बूंदों की गति तेज है, जो 10-15 दिनों में मानसून के आगमन और अच्छी बारिश का संकेत है। मौसम विज्ञानियों ने भी इस साल सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी की है, जो मंदिर की भविष्यवाणी के साथ मेल खाती है।

    मंदिर का पर्यटन और धार्मिक महत्व

    यह मंदिर न केवल मानसून की भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल भी है। हर साल रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर की अनूठी संरचना और चमत्कारी पत्थर इसे पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित इस मंदिर का रखरखाव नियमित रूप से किया जाता है, ताकि इसकी प्राचीनता बरकरार रहे।

    ये भी पढ़ें- NNS IMPCAT: ‘मेरा गांव मेरी आवाज’ का असर, अधिकारियों को किया गया तलब, अब इस गांव बनेगी सड़क

    सोर्स- TOI

  • PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दोपहर पटना से सीधे कानपुर (PM MODI KANPUR VISIT) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की 47,600 करोड़ रुपये की 15 प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “भारत माता की जय” के उद्घोष से की, जिससे पूरा पंडाल देशभक्ति से गूंज उठा। PM MODI KANPUR VISIT

    [envira-gallery id=”1740″]

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ ही वहां उपस्थित जनता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मंच के पास कुछ लोग खास पेंटिंग बनाकर लाए थे, जिसे देख प्रधानमंत्री ने एसपीजी से उन्हें मंगवाने को कहा और जनता से आग्रह किया कि “जो भी पेंटिंग लाए हैं, अपना पता लिख दें, मैं चट्टी जरूर भेजूंगा।” PM MODI KANPUR VISIT

    मोदी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की गति की सराहना की और कहा कि यूपी अब नए भारत के इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सशक्त होगी। PM MODI KANPUR VISIT

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि “ये विकास परियोजनाएं न सिर्फ कानपुर बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा बदलेंगी।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। PM MODI KANPUR VISIT

  • KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर (KANPUR FIRE) के सबसे बड़े और ऐतिहासिक बाज़ारों में से एक कलेक्टरगंज बाजार में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई. इस घटना ने पूरे शहर को दहला दिया. कानपुर सीएफओ के मुताबिक यह आग केमिकल से भरे ड्रमों के सिलसिलेवार फटने के कारण लगी, जिससे पहले धमाके हुए और फिर तेजी से आग फैल गई. आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यह लपटें 15-20 फीट ऊंचाई से कई किलोमीटर दूर तक दिखीं.

    धमाकों के साथ फैली आग- KANPUR FIRE

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रम फटने के साथ तेज़ धमाके हुए, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई दुकानों में रखा सामान चंद मिनटों में जलकर राख हो गया. एक कारोबारी ने दावा किया कि आगजनी में 100 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

    KANPUR FIRE- 10 घंटे तक सुलगती रही आग

    दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन संकरी गलियों और अव्यवस्थित रास्तों के कारण उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आग करीब 10 घंटे तक सुलगती रही. बाजार में आग बुझाने के पर्याप्त इंतज़ाम न होने से मुश्किलें और बढ़ गईं.

    अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट की आशंका

    हालांकि, आग का मुख्य कारण केमिकल ड्रम फटना बताया गया है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों ने एक और बड़ी चूक की ओर इशारा किया है. अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट से शॉर्ट सर्किट को भी एक संभावित वजह माना जा रहा है. मामले की जांच सीएफओ की टीम बुधवार से शुरू करेगी.

    100 साल पुराना बाजार, पहली बार इतनी बड़ी घटना

    कानपुर के एक व्यापारी नेता ने बताया कि कलेक्टरगंज बाजार की स्थापना 100 साल से भी अधिक पहले हुई थी, और यह पहली बार है जब इतनी भीषण आगजनी की घटना सामने आई है. यहां रोज़ाना हजारों की संख्या में व्यापारी और श्रमिक काम करते हैं, और देश के कई हिस्सों में यहां से उत्पाद भेजे जाते हैं. यदि आग और फैल जाती, तो यह हादसा और भयावह हो सकता था.

    लगातार हो रही हैं अग्निकांड की घटनाएं

    कलेक्टरगंज की घटना से पहले भी पिछले दो वर्षों में कानपुर में कई बड़ी आग की घटनाएं हो चुकी हैं.

    • 16 दिसंबर 2022: फजलगंज में फैक्ट्री में आग, तीन मजदूरों की मौत.
    • 31 मार्च 2023: बांसमंडी रेडीमेड मार्केट में आग, हजारों दुकानें खाक.
    • 12 जून 2023: डिप्टी पड़ाव सरकारी मिल में तीन दिन तक आग सुलगती रही.
    • 12 नवंबर 2023: बर्रा इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में भीषण आग.
    • 2 नवंबर 2024: सीसामऊ फर्नीचर शोरूम में भीषण आग.

    ये भी पढ़ें- VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

  • सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान जाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए. इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिसे लेकर पूरे देश में गर्व और भावुकता की लहर दौड़ पड़ी है.

    इस ऑपरेशन की गूंज कानपुर तक सुनाई दी, जहां पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार ने इसे “न्याय” बताया. शुभम की पत्नी एशान्या, भाई सौरभ, और माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उनका कहना है कि सेना ने शुभम के “सिंदूर” का बदला ले लिया. (OPERATION SINDOOR)

    भावुक हुआ कानपुर, परिवार ने जताया गर्व
    कानपुर निवासी शहीद शुभम द्विवेदी के परिजनों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष का संगम लेकर आया. जैसे ही भारतीय सेना की कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, शुभम के घर में देशभक्ति के नारे गूंज उठे.

    शुभम की पत्नी एशन्या ने कहा,
    “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी. उन्होंने मेरे सिंदूर का बदला लिया है. ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है.” उन्होंने सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की.

    शुभम के परिजनों से मिलने घर पहुंचे सतीश महाना
    सुबह होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शुभम के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर न सिर्फ पहलगाम, बल्कि 26/11 और पुलवामा जैसे कायराना हमलों का भी हिसाब चुकता किया है.” साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक शहीदों का ऋणी है और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा.

    शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने पहुंचे सतीश महाना. (फोटो- Nation Now Samachar)

    शुभम के भाई सौरभ ने कहा‘ये सिर्फ शुरुआत है’
    शौर्य और दुख के इस मौके पर शुभम के भाई सौरभ ने कहा: “शुभम अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज उसकी आत्मा को सुकून मिला होगा. ये कार्रवाई हर भारतीय के मन में छिपे दर्द को आवाज देती है. ये सिर्फ शुरुआत है. आतंक का अंत होना बाकी है.”

    लोगों ने मनाया जश्न
    कानपुर शहर में कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर शुभम के नाम के साथ #OperationSindoor, #JusticeForMartyrs, और #ShubhamDwivedi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.

    ये भी पढ़ें- अमेठी के जगदीशपुर में इंडोरामा फैक्ट्री में मॉक ड्रिल का आयोजन, आग बुझाने से लेकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने तक का अभ्यास. DM-SP मौके पर रहे मौजूद. UP MOCK DRIL

    ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

  • कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर: ज़िंदगी कब करवट बदल ले और मौत सामने आ खड़ी हो, कोई नहीं जानता. कुछ ऐसा ही दर्दनाक मंजर रविवार रात को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के चमनगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रेमनगर में सामने आया, जहां पांच मंजिला इमारत में भीषण आग (KANPUR FIRE INCIDENT) लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जलकर मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब एक इलेक्ट्रिशियन घर की लाइट ठीक कर रहा था और अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. मरने वालों में मोहम्मद दानिश खान, उनकी पत्नी नाजमी, और तीन बेटियां—सारा, सिमरा और इनाया शामिल हैं. इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया.

    दानिश ने पहले पिता को बचाया, फिर खुद जिंदगी गंवा दी
    पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दानिश के भाई कासिफ के मित्र आसिफ ने बताया कि जब आग लगी, उस वक्त दानिश खान नीचे अपने ऑफिस में बैठे थे. आग की खबर मिलते ही उन्होंने तुरंत 80 साल से अधिक उम्र के अपने पिता अकील को सुरक्षित बाहर निकाला. लेकिन जब वे तीसरी मंज़िल पर पत्नी और बच्चों को बचाने दोबारा गए, तो वापसी नहीं हो सकी. आग और धुएं की चपेट में आकर वे अपने पूरे परिवार के साथ जिंदा जल गए.

    10 घंटे तक नहीं बुझी आग, राहत कार्यों में देरी
    इस भयावह अग्निकांड को करीब 10 घंटे बीत चुके थे, लेकिन इमारत से अब भी धुआं और गर्म लपटें निकल रही थीं. एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर आग बुझाने की कोशिश में लगी थी. मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया. बिल्डिंग के आसपास के मकानों को तत्काल खाली कराया गया और अधिकारियों ने मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया है.

    शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
    दानिश के परिजनों ने बताया कि उस रात लाइट में दिक्कत आ रही थी, इसलिए दानिश ने इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था. जैसे ही लाइट सुधारने का प्रयास शुरू हुआ, शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. बिल्डिंग में पुराने जूते और कबाड़ रखा हुआ था, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया. हादसे के समय दानिश, उनकी पत्नी और तीनों बेटियां घर में मौजूद थीं. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू भी पा लिया गया है.

    ये भी पढ़ें- अमरोहा: सिंगर पवनदीप राजन की कार हादसे का शिकार, हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती- PAWANDEEP RAJAN ACCIDENT

  • उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में तीन दिन तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट- UP WEATHER NEWS

    उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में तीन दिन तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट- UP WEATHER NEWS

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट बदली है. बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं (UP WEATHER NEWS,) राज्य के कई हिस्सों में देखी जा रही हैं. मौसम विभाग ने आज (सोमवार) को भी भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट जारी किया है. बीते रोज रविवार को सोनभद्र जिले में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने से कई मवेशियों की मौत हो गई. यहां 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं, वाराणसी में 9 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि गाजीपुर समेत कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई.

    36 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 36 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं.

    इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, पेड़ों के गिरने और यातायात में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है. प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरतने और आपात सेवाओं को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं.

    बिजली गिरने की संभावना: 72 जिले हाई अलर्ट पर
    यूपी के 72 जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. इन जिलों में प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बिजनौर, मुरादाबाद और कई अन्य जिलों के नाम शामिल हैं.

    विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना है, वहां लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे टावर जैसी संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है.

    26 जिलों में तेज हवाएं चलने की आशंका
    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है. इन जिलों में लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बहराइच, सीतापुर और हरदोई जैसे नाम शामिल हैं.

    तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति में बाधा और वाहन दुर्घटनाओं की आशंका है. प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने और कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं.

    किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
    मौसम की मार का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ने की संभावना है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से कहा गया है कि वे फसलों को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल या प्लास्टिक की व्यवस्था करें. वहीं, आम लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

    प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बारिश और बिजली गिरने के दौरान घरों में रहें, मोबाइल चार्जिंग के दौरान सतर्कता बरतें और खुले स्थानों से दूर रहें. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है. आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के लोगों को मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्पन्न हुई है और जल्द ही इसमें सुधार की संभावना है, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतना ही समझदारी है.