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लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • Akhilesh Yadav action: समाजवादी पार्टी ने तीन बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, अमित शाह से मुलाकात बनी कारण

    Akhilesh Yadav action: समाजवादी पार्टी ने तीन बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, अमित शाह से मुलाकात बनी कारण

    Akhilesh Yadav action: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने तीन प्रमुख विधायकों – अमेठी की गौरीगंज सीट से राकेश प्रताप सिंह, रायबरेली की ऊंचाहार सीट से मनोज पांडेय और अयोध्या की गोसाईगंज सीट से अभय सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिया, जिन्होंने इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ नजदीकी बढ़ाने का आरोप लगाया। यह कदम सपा की विचारधारा और अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

    बागी विधायकों की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी- Akhilesh Yadav action

    पिछले कुछ समय से ये तीनों विधायक सपा की विचारधारा से हटकर काम कर रहे थे। विशेष रूप से, 2024 के राज्यसभा चुनाव में इन विधायकों ने सपा के प्रत्याशियों के बजाय बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को वोट दिया था। इस क्रॉस वोटिंग ने सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की हार का कारण बना, जबकि बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ को जीत मिली। इस घटना ने सपा के भीतर गहरी नाराजगी पैदा की थी।

    इसके अलावा, हाल ही में इन तीनों विधायकों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। यह मुलाकात उस समय हुई जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की रणनीति बना रही थी। सपा ने इसे पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ माना और इन विधायकों को निष्कासित करने का फैसला लिया।

    सपा का सख्त रुख: विचारधारा से कोई समझौता नहीं- Akhilesh Yadav action

    समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा कि इन विधायकों ने “सांप्रदायिक, विभाजनकारी और नकारात्मक विचारधारा” का समर्थन किया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि ये विधायक किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और सपा की ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे थे।

    सपा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन विधायकों को सुधार का मौका दिया गया था, लेकिन उनकी ‘अनुग्रह अवधि’ अब समाप्त हो चुकी है। पार्टी ने यह भी कहा कि भविष्य में भी जन-विरोधी और पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    सात बागी विधायकों में से तीन पर कार्रवाई- Akhilesh Yadav action

    2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इनमें राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या शामिल थे। हालांकि, सपा ने अभी केवल तीन विधायकों को निष्कासित किया है। शेष चार विधायकों – राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या को सपा ने उनके हाल के व्यवहार में सुधार के आधार पर अभी और समय दिया है।

    सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि बाकी विधायकों ने पीडीए के प्रति अपनी आस्था दिखाई है, जिसके कारण उन्हें अभी पार्टी में रखा गया है। यह कदम सपा के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वह अपनी विचारधारा को बनाए रखने के साथ-साथ पार्टी के भीतर एकता को भी प्राथमिकता दे रही है।

    बीजेपी के साथ नजदीकी: क्या होगा अगला कदम?- Akhilesh Yadav action

    इन तीनों विधायकों की बीजेपी के साथ बढ़ती नजदीकी ने सवाल उठाए हैं कि क्या ये विधायक अब बीजेपी में शामिल होंगे। मनोज पांडेय पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, और राकेश प्रताप सिंह व अभय सिंह भी बीजेपी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में थे। हालांकि, बीजेपी ने अभी तक इन विधायकों को कोई बड़ा ऑफर नहीं दिया है, और लोकसभा चुनाव में इन विधायकों की सीटों पर बीजेपी को कोई खास फायदा भी नहीं मिला।

    सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इन विधायकों को विधान परिषद या अन्य छोटे पदों पर समायोजित करने पर विचार कर सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये विधायक अपनी सीटों पर फिर से जीत हासिल कर पाएंगे। अगर इनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होती है, तो उपचुनाव की स्थिति बन सकती है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

    सपा की रणनीति और भविष्य- Akhilesh Yadav action

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपनी विचारधारा और अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव और 2026 के पंचायत चुनाव को देखते हुए सपा ने संगठन में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। हाल ही में कुशीनगर को छोड़कर सभी जिलों की कार्यकारिणी भंग की गई है, ताकि एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत को लागू किया जा सके।

    यह कदम सपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी छवि को और मजबूत करना चाहती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि सपा सामाजिक न्याय, समानता और पीडीए की विचारधारा पर आधारित है। इस निष्कासन के जरिए सपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो भी इस विचारधारा के खिलाफ जाएगा, उसे पार्टी में जगह नहीं मिलेगी।

    समाजवादी पार्टी का यह सख्त कदम न केवल बागी विधायकों के लिए एक सबक है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी हो सकता है। राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय और अभय सिंह का निष्कासन सपा की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना यह होगा कि ये विधायक बीजेपी के साथ अपनी सियासी राह कैसे बनाते हैं और सपा इस स्थिति का फायदा उठाकर अपनी स्थिति को और मजबूत करने में कितनी सफल होती है।

    सोर्स- ETV BHARAT

  • Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 257 तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को छह नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें दो बुजुर्ग और एक युवा डॉक्टर शामिल हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कार्यरत 27 वर्षीय डॉक्टर की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। उन्हें बीते तीन दिन से बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे, जिसके बाद उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल डॉक्टर होम आइसोलेशन में ही उपचार ले रहे हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    75 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई- Lucknow Corona Cases Rise

    वहीं, हजरतगंज स्थित एक प्रसिद्ध रेमंड शोरूम के 75 वर्षीय मालिक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें 15 जून से हल्का बुखार और सर्दी की शिकायत रही। स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर उन्होंने भी खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। Lucknow Corona Cases Rise

    इसके अलावा आशियाना इलाके के 81 वर्षीय बुजुर्ग भी संक्रमित पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बीते 15 दिनों से वह बीमार चल रहे थे और पहले टायफाइड की पुष्टि हुई थी, लेकिन साथ ही उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। अब उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।

    राजधानी में अब तक इस सीजन में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में गर्मी का तांडव, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा, पीलीभीत में बारिश की फुहार

    UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में गर्मी का तांडव, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा, पीलीभीत में बारिश की फुहार

    UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में जून 2025 का मौसम लोगों के लिए दोहरी चुनौती बना हुआ है। एक तरफ सूरज की तपिश और लू लोगों को घरों में कैद कर रही है, तो दूसरी तरफ कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में 3-4 डिग्री की कमी आ सकती है, लेकिन कई जिलों में उष्ण लहर यानी लू का खतरा अभी भी बना हुआ है। इस लेख में हम आपको यूपी के मौसम की ताजा स्थिति, प्रभावित जिलों और भविष्यवाणी की पूरी जानकारी दे रहे हैं। UP WEATHER

    गर्मी और लू का कहर- UP WEATHER

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हवा में नमी के कारण हीट इंडेक्स 50 डिग्री तक महसूस हो रहा है, जिससे लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आगरा, झांसी, फिरोजाबाद, मेरठ, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जैसे शहरों में गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहता है, और लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। UP WEATHER

    पशु-पक्षी भी इस तपती गर्मी से अछूते नहीं हैं। गर्मी के कारण पक्षियों के लिए पानी की कमी हो रही है, और कई जगहों पर पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान भी इस मौसम से चिंतित हैं, क्योंकि खेतों में फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    बारिश और तेज हवाएं: राहत की किरण- UP WEATHER

    हालांकि, कुछ जिलों में मौसम ने करवट ली है। पिछले 24 घंटों में बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर और लखीमपुर खीरी जैसे इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने तापमान को थोड़ा कम किया। मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। यह बारिश गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

    लू प्रभावित जिले: सावधानी बरतें- UP WEATHER

    मौसम विभाग ने कई जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। गाजियाबाद, मथुरा, आगरा, झांसी, बांदा, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर और हमीरपुर जैसे जिले लू की चपेट में हैं। इन इलाकों में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढकें।

    बारिश और वज्रपात की संभावना वाले जिले

    प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया, बस्ती, कुशीनगर, बरेली, पीलीभीत और सहारनपुर जैसे जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में वज्रपात का भी खतरा है, इसलिए खुले मैदानों में जाने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।

    बाजारों में बढ़ी ठंडक की डिमांड

    गर्मी के इस मौसम में इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर एयर कंडीशनर, कूलर और फ्रिज की मांग बढ़ गई है। लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे शहरों में दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक गर्मी से बचने के लिए लगातार इन उपकरणों की खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, बिजली की बढ़ती खपत के कारण कुछ इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आई हैं।

    मौसम का पूर्वानुमान

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों में यूपी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान में कमी और बारिश की संभावना से गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि, लू प्रभावित इलाकों में अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • CM Yogi Adityanath: भ्रष्टाचार पर वार, तुष्टिकरण से इंकार; सीएम योगी ने पेश किया मोदी राज का रिपोर्ट कार्ड

    CM Yogi Adityanath: भ्रष्टाचार पर वार, तुष्टिकरण से इंकार; सीएम योगी ने पेश किया मोदी राज का रिपोर्ट कार्ड

    लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लखनऊ (CM Yogi Adityanath) में एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। “मोदी सरकार के 11 साल: संकल्प से सिद्धि तक” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 11 वर्षीय कार्यकाल भारत के स्वर्णिम युग के रूप में इतिहास में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई है। 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास को नई मजबूती मिली है।

    वैश्विक मंच पर भारत की साख- CM Yogi Adityanath

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज़ादी के बाद दशकों तक रही अस्थिर सरकारों ने देश की छवि को नुकसान पहुँचाया। लेकिन नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को पीछे छोड़ते हुए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार किया। आज भारत सामाजिक, सांस्कृतिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता की ओर बढ़ रहा है।

    आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति- CM Yogi Adityanath

    सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों ने भारत की सैन्य ताकत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई भारत पर हमला करेगा तो जवाब सर्जिकल स्ट्राइक ही होगा।

    अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी प्रगति- CM Yogi Adityanath

    योगी ने बताया कि भारत ने 11वीं से 4वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ऐतिहासिक छलांग लगाई। ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। 2027 तक भारत के तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। तकनीक आधारित पारदर्शी शासन से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।

    सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण

    मोदी सरकार ने आरक्षण की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सामाजिक न्याय को मजबूत किया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। नारी सशक्तिकरण अब सरकारी नीतियों का केंद्रीय तत्व बन चुका है।CM Yogi Adityanath

    कृषि और बुनियादी ढांचे में मजबूती

    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और एमएसपी में डेढ़ गुना मूल्य ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी है। यूपी में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। CM Yogi Adityanath

    आस्था और संस्कृति का उत्थान

    प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम, चित्रकूट, विंध्यवासिनी और महाकाल जैसे धार्मिक स्थलों को भव्य रूप दिया गया। यह भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर उभारने का प्रयास है। CM Yogi Adityanath

    जनता से जुड़ाव और पारदर्शिता

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि 9 जून से 9 जुलाई तक चलने वाली यह प्रदर्शनी सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। ‘बदलता भारत—मेरा अनुभव’ थीम पर डिजिटल प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिससे आम नागरिक सरकार की योजनाओं से जुड़ सकें।

  • CM Yogi Birthday: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 53वें जन्मदिन पर बधाइयों की बारिश, पीएम मोदी और अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    CM Yogi Birthday: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 53वें जन्मदिन पर बधाइयों की बारिश, पीएम मोदी और अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Birthday) ने आज (5 जून 2025) अपना 53वां जन्मदिन मनाया। इस विशेष अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक जगत से उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती समेत देशभर की तमाम हस्तियों ने योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर #HappyBirthdayYogiJi ट्रेंड कर रहा है, जिससे लोगों की भावनाएं और समर्थन साफ नजर आ रहे हैं। CM Yogi Birthday

    पीएम मोदी ने की सराहना, ईश्वर से मांगी लंबी उम्र

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीएम योगी को बधाई देते हुए लिखा,

    “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को बदलने के लिए अच्छा प्रयास किए हैं, जिससे राज्य के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।” CM Yogi Birthday

    पीएम मोदी की इस बधाई के साथ, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

    अमित शाह ने बताया जनकल्याणकारी नेतृत्व

    गृह मंत्री अमित शाह ने भी योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा,

    “मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार जन-जन तक विकास और गरीब कल्याण के लाभ पहुंचा रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।” CM Yogi Birthday

    इस बधाई में अमित शाह ने योगी सरकार की नीतियों को जनहितकारी और राज्य की तरक्की में निर्णायक बताया।

    मायावती ने भी दी शुभकामनाएं

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी एक्स पर लिखा,

    “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं दीर्घायु जीवन होने की भी शुभकामनायें।” CM Yogi Birthday

    यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर व्यक्तिगत अवसरों पर सद्भाव कायम रहता है।

    सीएम योगी ने किया आभार प्रकट

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह समेत सभी नेताओं की शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा,

    “आपकी मंगल कामनाएं हमें लोक कल्याण के संकल्पों की सिद्धि हेतु नई प्रेरणा प्रदान करती हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है।” CM Yogi Birthday

    योगी आदित्यनाथ का यह बयान बताता है कि वे व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी जनकल्याण से जोड़कर देखते हैं।

    जन-जन का नेता बना योगी

    2017 में उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ ने अपने अब तक के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अपराध पर अंकुश, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, बुनियादी ढांचे का विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाएं उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धियां रही हैं। उनके सख्त प्रशासन और जनता के साथ सीधे संवाद की शैली ने उन्हें आम लोगों में लोकप्रिय बनाया है।

  • UP RAIN ALERT: यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें लखनऊ का हाल

    UP RAIN ALERT: यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें लखनऊ का हाल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर (UP RAIN ALERT) बदलता नजर आ रहा है. बीते 24 घंटों में कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज़ हवाओं ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो दी, लेकिन उमस भरी गर्मी ने फिर से बेहाल कर दिया. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण लोगों का हाल खराब रहा. UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में तेज़ बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रहेगा.

    लखनऊ का हाल: तेज धूप और बढ़ती उमस- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूरज ने अपनी तेज किरणों से लोगों को जमकर तपाया. हालांकि अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा, लेकिन उमस ने गर्मी का अहसास और बढ़ा दिया. न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया. UP RAIN ALERT

    UP RAIN ALERT
    यूपी चार-पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट- (Photo Credit- Social media)

    बुधवार को मौसम विभाग ने दिनभर आसमान में बादलों की आंशिक आवाजाही और बीच-बीच में तेज धूप रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. UP RAIN ALERT

    30 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट– UP RAIN ALERT

    मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है उनमें शामिल हैं –
    सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं.

    इन जिलों में तेज़ बारिश, बिजली गिरने और हवाओं की गति 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की संभावना जताई गई है.

    मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर खुले स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए. तेज हवाएं भी कई क्षेत्रों में चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने या अन्य नुकसान की संभावना बनी हुई है.

    लखनऊ में मौसम का हाल- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. नमी के कारण उमस भरी गर्मी का असर बढ़ा, जिससे दिनभर लोग पसीने से तर-बतर रहे. मंगलवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

    मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को लखनऊ में मौसम का मिजाज कुछ हद तक मिला-जुला रहेगा. दिन में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है. तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी बरकरार रहेगी. अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

    अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान- UP RAIN ALERT

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की कमी देखने को मिलेगी. अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी.

    उत्तर प्रदेश में मौसम का प्रभाव

    मौसम का यह बदलाव न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है. बारिश से कुछ किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान का खतरा भी है. मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों की निगरानी करें और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाएं.

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  • UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी का दबदबा बना हुआ है. योगी आदित्यनाथ (UP POLITICS 2027) की सख्त प्रशासनिक छवि, हिंदुत्व का एजेंडा और विकास कार्यों ने बीजेपी को मजबूत आधार दिया है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन (इंडिया गठबंधन) से कड़ी चुनौती मिली. फैजाबाद (अयोध्या) जैसी महत्वपूर्ण सीट पर सपा की जीत ने बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को झटका दिया. इसके अलावा, बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक असंतोष जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए अवसर बन रहे हैं.

    सपा और कांग्रेस गठबंधन ने 2024 के उपचुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे विपक्ष का मनोबल बढ़ा है. दूसरी ओर, बसपा का प्रभाव कमजोर हुआ है, और पार्टी हाशिए पर नजर आ रही है. छोटे दल, जैसे निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), भी अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं. सामाजिक समीकरणों, खासकर पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वोटों की गतिशीलता, 2027 के लिए निर्णायक होगी. UP POLITICS 2027

    UP POLITICS 2027
    योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बीजेपी की रणनीति: हिंदुत्व, विकास और सामाजिक समीकरण

    बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है. पार्टी का मुख्य फोकस हिंदुत्व और विकास के दोहरे एजेंडे पर है. 2025 में अहिल्याबाई होल्कर जन्मशती अभियान शुरू करके बीजेपी पिछड़े समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है. यह अभियान 2.7 लाख कार्यकर्ताओं के साथ 8,135 न्याय पंचायतों में चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करना है. UP POLITICS 2027

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी बीजेपी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. सपा के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (पीडीए) फॉर्मूले का जवाब देने के लिए आरएसएस हिंदू एकता और शाखाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है. योगी सरकार के कार्यों, जैसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे, को विकास के प्रतीक के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. साथ ही, बीजेपी अपने विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट कर रही है ताकि जनता में असंतोष को कम किया जा सके. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सफलता ने बीजेपी को सतर्क कर दिया है. पार्टी अब सवर्ण, गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ संबंधों को संभालना भी बीजेपी के लिए चुनौती है, क्योंकि संजय निषाद ने 200 सीटों पर प्रभाव का दावा किया है. UP POLITICS 2027

    अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    समाजवादी पार्टी: पीडीए और युवा जोश- UP POLITICS 2027

    समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव के नेतृत्व में, 2027 में सत्ता वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. सपा का ‘पीडीए’ फॉर्मूला—पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक—2024 के लोकसभा और उपचुनावों में प्रभावी साबित हुआ. अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में सपा के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी. पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. UP POLITICS 2027

    सपा की रणनीति में यादव और मुस्लिम वोटों का पारंपरिक आधार तो है ही, साथ ही गैर-यादव ओबीसी और दलित वोटरों को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है. 2024 में फैजाबाद सीट पर अवधेश प्रसाद की जीत ने सपा को दलित समुदाय में पैठ बनाने का मौका दिया. इसके अलावा, सपा बेरोजगारी, महंगाई और संविधान-आरक्षण जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर युवाओं और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश कर रही है.UP POLITICS 2027

    कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा की रणनीति का केंद्र है. 2024 के उपचुनावों में दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दी, और यह गठबंधन 2027 में भी जारी रहने की संभावना है. हालाँकि, सपा को गठबंधन में सीट बँटवारे और नेतृत्व के मुद्दों को सुलझाना होगा. UP POLITICS 2027

    अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस (Photo Credit- Social Media)

    कांग्रेस: पुनर्जनन की राह- UP POLITICS 2027

    कांग्रेस, जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश में हाशिए पर रही, अब धीरे-धीरे अपनी स्थिति सुधार रही है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 2022 के चुनावों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश की थी, और 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा के साथ गठबंधन ने इसे नया जीवन दिया. कांग्रेस अब युवा नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है. UP POLITICS 2027

    कांग्रेस की रणनीति सपा के साथ गठबंधन को बनाए रखने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देने की है. पार्टी दलित, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग को लुभाने के लिए सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और शिक्षा, पर फोकस कर रही है. साथ ही, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जैसे अभियानों का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक कमजोरी और बड़े चेहरों की कमी है. प्रियंका गांधी की सक्रियता से पार्टी को कुछ हद तक मजबूती मिली है, लेकिन 2027 में वह कितनी सीटें जीत पाएगी, यह गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

    मायावती, पूर्व सीएम, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बहुजन समाज पार्टी: अस्तित्व की लड़ाई

    बसपा, जो कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज थी, अब कमजोर स्थिति में है. 2024 के उपचुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, और यह सियासी हाशिए पर चली गई है. मायावती के नेतृत्व में बसपा अब आकाश आनंद जैसे युवा चेहरों को आगे लाकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है. UP POLITICS 2027

    बसपा की रणनीति दलित वोटों को एकजुट करने और गैर-जाटव दलित समुदायों को आकर्षित करने पर केंद्रित है. पार्टी सवर्ण और ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए भी नए गठबंधन तलाश रही है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बसपा का खाता न खुलना और उपचुनावों में कमजोर प्रदर्शन इसकी चुनौतियों को दर्शाता है. 2027 में बसपा के लिए सत्ता की राह मुश्किल है, लेकिन अगर मायावती प्रभावी गठबंधन बना पाएँ, तो वह कुछ सीटों पर आश्चर्यजनक प्रदर्शन कर सकती है.

    क्या 2027 में बीजेपी की राजनीति बदलेगी?

    बीजेपी की रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली चुनौती ने पार्टी को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. पहले जहाँ बीजेपी का फोकस केवल हिंदुत्व पर था, अब वह सामाजिक समीकरणों को साधने और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है. अहिल्याबाई जन्मशती अभियान और आरएसएस की सक्रियता इस बदलाव का हिस्सा है.

    बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि सपा का पीडीए फॉर्मूला इन समुदायों को आकर्षित कर रहा है. इसके अलावा, निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों की बढ़ती माँगें और छोटे दलों की सक्रियता बीजेपी के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकती हैं.

    फिर सत्ता पर कबिज होंगे योगी आदित्यनाथ!

    योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक छवि और हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए सबसे बड़ा हथियार है. 2022 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में 255 सीटें जीतीं, जो दर्शाता है कि जनता में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि 2027 का चुनाव भी योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

    हालाँकि, योगी के सामने कई चुनौतियाँ हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सीटों में कमी और सपा-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती ने सवाल उठाए हैं. अगर बीजेपी 2027 में बहुमत हासिल करती है, तो योगी का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, क्योंकि उनकी छवि और संगठन पर पकड़ मजबूत है. लेकिन अगर बीजेपी की सीटें कम होती हैं और गठबंधन सरकार बनती है, तो सहयोगियों की माँगों के चलते नेतृत्व पर विचार हो सकता है.

    सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और महंगाई, का असर भी योगी की छवि पर पड़ सकता है. फिर भी, उनके विकास कार्य, कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण और हिंदुत्व की अपील उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है. संभावना है कि अगर बीजेपी जीतती है, तो योगी 70-80% संभावना के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

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    सोर्स- NBT, NAVBHARAT TIMES

  • UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ (UP RAIN ALERT) नजर आ रहा है. जहां एक ओर तराई वाले जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड और मध्य यूपी के जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं. यह दोहरी मौसमीय स्थिति न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों की चिंता और राहत दोनों का कारण बन रही है.

    24 जिलों में बिजली-बारिश की चेतावनी- UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों में चेतावनी दी गई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, मऊ, बलिया, चंदौली, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत रविदास नगर, महोबा, ललितपुर, गोंडा, श्रावस्ती, महाराजगंज शामिल हैं.

    इन जिलों में आने वाले दिनों में बिजली गिरने, आंधी और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कई स्थानों पर तेज रफ्तार हवाएं (30 से 50 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं. UP RAIN ALERT

    बुंदेलखंड और मध्य यूपी में भीषण गर्मी

    जहां एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश राहत दे रही है, वहीं बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के ज़िलों में उमस भरी गर्मी और तेज धूप लोगों को बेहाल कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में नमी और धूप के कारण हीट इंडेक्स काफी बढ़ गया है, जिससे लू जैसे हालात बन रहे हैं. UP RAIN ALERT

    बांदा जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा. वहीं, बरेली का न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ का मौसम- UP RAIN ALERT

    लखनऊ में सोमवार को आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप खिली रही. अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने की संभावना है. UP RAIN ALERT

    फर्रुखाबाद में बारिश से किसानों को राहत

    फर्रुखाबाद जिले में सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने मौसम को बदला और लोगों को गर्मी से राहत दी. हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई. किसान अजय ने बताया कि इस समय खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी चल रही है और बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे बुवाई की प्रक्रिया तेज होगी. उन्होंने कहा कि बिना पलेवा के खेत की जुताई होना संभव नहीं था, लेकिन अब धान की पौध रोपाई की तैयारी भी हो सकेगी.

    अगले 72 घंटे: गर्मी और बारिश का मिश्रण रहेगा जारी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, जिसके बाद इसमें फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी. न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. उन्होंने बताया कि 31 मई तक कई जिलों में बिजली गिरने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.

    किसानों को सलाह

    कृषि विशेषज्ञों की मानें तो आने वाली बारिश खरीफ फसल की बुवाई के लिए अनुकूल साबित होगी, लेकिन उन्हें सावधानी भी बरतनी होगी. जलभराव वाले खेतों में फसलों की सड़न हो सकती है. इसलिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करना आवश्यक है.

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    सोर्स- ONEINDIA HINDI

  • UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. गर्मी की तपिश से (UP WEATHER ALERT) परेशान लोगों को बारिश और तेज हवाओं ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार, 25 मई 2025 को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. आइए, जानते हैं इस मौसम परिवर्तन के बारे में विस्तार से.

    मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और आंधी की संभावना- UP WEATHER ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा. खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. इन जिलों में शामिल हैं: UP WEATHER ALERT.

    • पूर्वी उत्तर प्रदेश: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं.
    • मध्य उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर.

    इन जिलों में बारिश के साथ-साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा, मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. UP WEATHER ALERT

    गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका- UP WEATHER ALERT

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप था. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग परेशान थे. लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बारिश ने किसानों को भी राहत दी है. हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा दिया है. पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और बिजली गिरने की घटनाएं कुछ इलाकों में सामने आई हैं.

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न रहें. बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है. इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

    मौसम परिवर्तन के कारण- UP WEATHER ALERT

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवातीय गतिविधियों का परिणाम है. बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन रही है. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर गर्मी और नमी के मिश्रण से आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है. यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.

    सावधानियां और सुझाव- UP WEATHER ALERT

    मौसम विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

    1. बिजली गिरने से बचाव: बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहें। अगर बाहर हैं, तो किसी सुरक्षित इमारत या गाड़ी में शरण लें.
    2. तेज हवाओं से सतर्कता: कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें.
    3. यात्रा में सावधानी: बारिश और आंधी के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें.
    4. किसानों के लिए सलाह: फसलों को तेज हवाओं और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करें.

    मौसम का असर और भविष्य की संभावना

    मौसम के इस बदलाव का असर न केवल आम लोगों पर, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं बिजली गिरने और आंधी से नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24-48 घंटों में मौसम का यह मिजाज बना रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.

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    सोर्स- ETV BHARAT , JAGRAN

  • TRANSFER IN UP: CM योगी ने फिर चलाई तबादला एक्सप्रेस, 14 IAS और 6 PCS अफसरों को मिली नई तैनाती

    TRANSFER IN UP: CM योगी ने फिर चलाई तबादला एक्सप्रेस, 14 IAS और 6 PCS अफसरों को मिली नई तैनाती

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अफसरों के तबादलों की (TRANSFER IN UP) श्रृंखला तेजी से जारी है. मंगलवार रात शासन ने एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जिसमें 14 आईएएस अधिकारियों और 6 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए. इन तबादलों में चार जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया है और कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. शासन ने साफ कर दिया है कि यह बदलाव सिर्फ शुरुआत है और तबादलों का यह दौर मई के अंत तक चल सकता है.

    TRANSFER IN UP- चार जिलों के डीएम बदले

    बलिया, हरदोई, महाराजगंज और पीलीभीत में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है.

    • मंगला प्रसाद सिंह को बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
    • अनुनय झा अब हरदोई के डीएम होंगे.
    • संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है.
    • ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत का डीएम बनाया गया है.

    इन तबादलों का उद्देश्य जिलों में विकास योजनाओं को गति देना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है. (TRANSFER IN UP)

    सीनियर IAS को मिले नए प्रभार

    • वरिष्ठ आईएएस दीपक कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
    • संजय कुमार सिंह, जो पहले पीलीभीत के डीएम थे, अब विशेष सचिव संस्कृति विभाग बनाए गए हैं.
    • रविंद्र कुमार प्रथम को विशेष सचिव कृषि और कृषि विपणन का प्रभार मिला है.
    • प्रेरणा शर्मा को विशेष सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में भेजा गया है.

    नगर विकास और परियोजनाओं में बदलाव

    • जयेंद्र कुमार को अयोध्या तीर्थ विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है.
    • अपूर्वा दुबे, जो अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष थीं, अब निदेशक सूडा बनी हैं.
    • कुलदीप मीणा को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

    मुख्य विकास अधिकारियों की नई तैनाती

    • मृणाली अविनाश जोशी को सिद्धार्थनगर का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है.
    • मथुरा की संयुक्त मजिस्ट्रेट निशा को बुलंदशहर का CDO बनाया गया है.

    PCS अफसरों का भी हुआ फेरबदल

    6 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं.

    • प्रकाश चंद्र को एडीएम न्यायिक हाथरस नियुक्त किया गया है.
    • शिवनारायण अब एडीएम न्यायिक बागपत बनेंगे.
    • विनीत कुमार सिंह को एडीएम नगर गाजियाबाद के पद पर भेजा गया है.
    • हिमांशु वर्मा को एडीएम गोरखपुर नियुक्त किया गया.
    • उत्कर्ष श्रीवास्तव को नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर बनाया गया है.
    • अलंकार अग्निहोत्री को नगर मजिस्ट्रेट बरेली नियुक्त किया गया है.

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