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लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • UP DNA Row: सपा के D.N.A. पर ब्रजेश पाठक का वार, अखिलेश यादव का पलटवार, बढ़ी सियासी तपिश

    UP DNA Row: सपा के D.N.A. पर ब्रजेश पाठक का वार, अखिलेश यादव का पलटवार, बढ़ी सियासी तपिश

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप (UP DNA Row) के भंवर में उलझती नजर आ रही है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा समाजवादी पार्टी के “डीएनए” पर की गई टिप्पणी ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है. पाठक की इस टिप्पणी के जवाब में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ‘अशोभनीय’ बताते हुए मर्यादा में रहने की सलाह दी है. हालांकि, ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके कहे डीएनए का संबंध किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि सपा की कार्यप्रणाली, विचारधारा और चरित्र से था.

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सपा के डीएनए में खामी का उल्लेख किया. इस पर समाजवादी पार्टी की मीडिया इकाई ने उनके माता-पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. आलोचना और मुकदमे की आशंका के चलते बाद में वह पोस्ट हटा दी गई. जवाब में अखिलेश यादव ने पाठक को नसीहत दी कि वे यदुवंशियों के डीएनए पर टिप्पणी करने से बचें.

    सोमवार सुबह ब्रजेश पाठक ने एक और पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी समुदाय विशेष को लेकर नहीं थी, बल्कि सपा की विचारधारा पर आधारित थी. उन्होंने कहा, “सपा का डीएनए यानी उसकी चाल, चरित्र और चेहरा जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति पर आधारित रहा है. मुस्लिम तुष्टीकरण समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल हिस्सा रहा है.”

    ब्रजेश पाठक ने सपा पर आरोप लगाया कि वह हमेशा दलितों के अधिकारों को दबाने और समाज को बांटने का कार्य करती रही है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार ने मुख्यमंत्री रहते हुए आतंकियों से जुड़े 14 केस वापस लिए थे, जो तुष्टीकरण की नीति को दर्शाता है.

    अखिलेश यादव का पलटवार और सियासी मर्यादा की नसीहत– UP DNA Row

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक की टिप्पणी को अमर्यादित करार देते हुए कहा कि यह भाजपा नेताओं की गिरती हुई सोच का प्रतीक है. उन्होंने पाठक को यह याद दिलाने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश की जनता अब जातीय भेदभाव और सांप्रदायिकता की राजनीति को नहीं सहती.

    अखिलेश यादव ने कहा कि डीएनए पर टिप्पणी करना पूरी बिरादरी और उनके सम्मान पर सवाल उठाने जैसा है. उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह चुनावों में विकास और मुद्दों की राजनीति करे, न कि व्यक्तिगत आक्षेप और जातीय विवादों को हवा दे.

    ओम प्रकाश राजभर का संतुलन और फोकस राजनीति पर, UP DNA Row

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दोनों दलों को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे बयानबाजी से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “डीएनए पर बात करने की बजाय बेरोजगारी, शिक्षा, महंगाई और किसान हितों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो तो बेहतर होगा.”

    राजभर ने यह भी कहा कि जब नेता सत्ता में होते हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन सत्ता जाते ही उन्हें खामियां नजर आने लगती हैं. उन्होंने सपा नेताओं को भी नसीहत दी कि वे गेस्टहाउस कांड को न भूलें और दोहरे मापदंड अपनाने से बचें.

    केतकी सिंह का हमला: सपा पाकिस्तान प्रेमी मानसिकता वाली पार्टी, UP DNA Row

    बलिया की बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने इस विवाद को लेकर सपा पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा भारत विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देती है. उन्होंने पूछा कि जब पाकिस्तान पर कार्रवाई होती है तो सपा नेताओं को दर्द क्यों होता है?

    केतकी सिंह ने कहा कि यह मानसिकता दर्शाती है कि सपा नेताओं की निष्ठा कहां है. उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा, “ये भारत में रहते हैं, भारत का खाते हैं और पाकिस्तान की बात करते हैं.” उन्होंने ब्रजेश पाठक पर की गई टिप्पणियों को गंदी मानसिकता बताया और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    विश्लेषण: सियासी बयानबाजी से किसका नुकसान ?, UP DNA Row

    विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण तो पैदा करती है, लेकिन असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं. रोजगार, महंगाई, शिक्षा और किसानों के विषय पर बहस होनी चाहिए, लेकिन नेताओं की प्राथमिकता बयानबाजी तक सीमित रह गई है. राजनीतिक दलों को समझना होगा कि मतदाता अब ज्यादा जागरूक हो चुका है और वह सिर्फ जुबानी जंग से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों से प्रभावित होता है.

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • High Salary Jobs in UP: यूपी में विदेशी निवेश की बहार! 2 लाख हाई-पे जॉब्स का रास्ता तैयार

    High Salary Jobs in UP: यूपी में विदेशी निवेश की बहार! 2 लाख हाई-पे जॉब्स का रास्ता तैयार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए (High Salary Jobs in UP) एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. 2024 में पेश की गई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 2 लाख से अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नीति राज्य को वैश्विक कारोबार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

    High Salary Jobs in UP- यूपी की GCC नीति का उद्देश्य

    इस नीति का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यवसाय के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाना है. नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तकनीकी और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके तहत विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं ताकि राज्य में आर्थिक समृद्धि और विकास को बढ़ावा मिले.

    आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन और निवेश के अवसर

    योगी सरकार ने निवेशकों के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहन योजना घोषित की हैं, जिसमें भूमि पर 30-50% की सब्सिडी, 100% स्टांप ड्यूटी छूट, 25% पूंजीगत सब्सिडी, 5% ब्याज सब्सिडी, और परिचालन सब्सिडी शामिल हैं. इसके अलावा, प्रति कर्मचारी पेट्रोल सब्सिडी भी उपलब्ध है, जो 1.8 लाख रुपये तक हो सकती है. ये सभी प्रोत्साहन निवेश लागत को कम करने और निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने में मदद करेंगे.

    स्पष्ट मानदंड और व्यापक निवेश अवसर

    इस नीति में लेवल-1 और एडवांस्ड GCC के लिए स्पष्ट निवेश मानदंड तय किए गए हैं. लेवल-1 GCC के लिए 15 करोड़ रुपये निवेश या 500 कर्मचारियों की भर्ती जरूरी है, जबकि एडवांस्ड GCC के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश या 1,000 कर्मचारियों की शर्त है. इससे न केवल बड़े निवेशकों को बल्कि छोटे और मध्यम निवेशकों को भी समान अवसर मिलेंगे.

    फॉर्च्यून 500 कंपनियों और विदेशी निवेश पर विशेष ध्यान

    यूपी सरकार फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और इंडिया 500 कंपनियों के साथ-साथ 100 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर खास ध्यान दे रही है. इस नीति के तहत इन्हें अनुकूल प्रोत्साहन पैकेज भी दिए जा रहे हैं, जो वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा.

    नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा

    यूपी सरकार ने इस नीति में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए हैं. स्टार्टअप्स के लिए 50% लागत प्रतिपूर्ति, पेटेंट के लिए आईपीआर सब्सिडी, और उत्कृष्टता केंद्रों के लिए वित्तीय अनुदान शामिल हैं. इससे राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और युवा उद्यमी नई खोज कर सकेंगे.

    आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

    ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति से यूपी में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा. नोएडा और लखनऊ जैसे शहर तकनीकी सेवाओं के हब के रूप में विकसित होंगे, जबकि कानपुर और वाराणसी जैसे शहर डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे. यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि सामाजिक समृद्धि और युवाओं के कौशल विकास में भी मददगार साबित होगी.

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  • UP WEATHER UPDATE: उत्तर प्रदेश में मौसम का महासंग्राम: कहीं लू की मार, कहीं बारिश की फुहार

    UP WEATHER UPDATE: उत्तर प्रदेश में मौसम का महासंग्राम: कहीं लू की मार, कहीं बारिश की फुहार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम की उठापटक ने लोगों की दिनचर्या को (UP WEATHER UPDATE) बुरी तरह प्रभावित किया है. राज्य के कई जिलों में लू (हीट वेव) की चपेट है, तो वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न मौसम परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है.

    UP WEATHER UPDATE- इन जिलों में लू का अलर्ट

    मौसम विभाग ने झांसी, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर आदि जिलों में लू की स्थिति की चेतावनी दी है. शनिवार को झांसी राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है.

    इस लू के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आईं और स्कूलों में भी उपस्थिति कम रही. स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

    बिजली-गर्जन और तेज हवाएं: तराई क्षेत्र में बदलेगा मौसम का मिजाज

    पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई जिलों — मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी — में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन/बिजली गिरने की संभावना है.

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि 19 मई से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी. इससे तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है.

    UP WEATHER UPDATE

    लखनऊ में साफ आसमान, लेकिन तापमान चढ़ा

    राजधानी लखनऊ में शनिवार को सुबह बादल जरूर छाए रहे, लेकिन दोपहर में आसमान साफ हो गया और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. रविवार को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है.

    कहां मिलेगी राहत और कब

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 मई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में राहत मिल सकती है. पश्चिमी यूपी में 20 मई से मौसम बदलने लगेगा और बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. जबकि पूर्वी यूपी में 19 से 23 मई तक बिजली चमकने और हल्की बारिश की गतिविधियों के साथ मौसम में ठंडक आ सकती है.

    हालांकि, वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे तापमान 2 से 4 डिग्री तक कम हो सकता है. न्यूनतम तापमान में खास परिवर्तन नहीं देखा जाएगा.

    सावधान रहें: स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जरूरी अलर्ट

    • लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना, छाया में रहना और धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
    • बिजली गिरने की संभावना वाले जिलों में किसान और ग्रामीण लोग सावधानी बरतें, खुले स्थानों पर न रहें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.
    • तेज हवाओं की चेतावनी के चलते कमजोर निर्माण स्थलों, पेड़, खंभे आदि से दूर रहें.

    राज्य के प्रमुख मौसम आंकड़े (18 मई 2025)

    जिलाअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमानविशेष स्थिति
    झांसी45°C28°Cलू की स्थिति
    लखनऊ40°C27°Cसामान्य
    बहराइच36°C20°Cसबसे ठंडा
    गोरखपुर38°C24°Cबारिश की संभावना
    आगरा43°C29°Cहीटवेव

    अगले 5 दिन: कैसा रहेगा यूपी का मौसम?

    तिथिसंभावित गतिविधि
    19 मईबादलों की आवाजाही, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश
    20-21 मई30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं, बिजली गिरने की संभावना
    22-23 मईकुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
    24 मईतापमान में गिरावट, आंशिक राहत संभव

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  • LUCKNOW LAWYER SUICIDE: लखनऊ में पत्नी से झगड़े के बाद वकील ने क्यों लगाई नहर में छलांग, जानिए…

    LUCKNOW LAWYER SUICIDE: लखनऊ में पत्नी से झगड़े के बाद वकील ने क्यों लगाई नहर में छलांग, जानिए…

    लखनऊ: बीबीडी क्षेत्र में इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात एक चौंकाने वाली घटना (Lucknow lawyer suicide) सामने आई, जब एक एडवोकेट ने पारिवारिक विवाद के बाद इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. उसे बचाने गए रिश्तेदार ने भी नदी में छलांग लगा दी. नदी के तेज बहाव के कारण दोनों नहर में गायब हो गए.

    आपको बता दें कि बीबीडी थाना क्षेत्र के इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात लगभग 12 बजे के करीब पारिवारिक कहासुनी के बाद एडवोकेट अनुपम तिवारी (37 वर्ष) ने इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. पीछे से उसे समझाने पहुंचे उनके फुफेरे भाई शिवम उपाध्याय भी उन्हें बचाने नहर में कूद पड़े. दोनों ही नहर के तेज बहाव में बह गए. देर रात पुलिस और SDRF को इसकी सूचना दी गई. शनिवार दोपहर तक शिवम का शव मिल गया, जबकि वकील की तलाश अभी भी जारी है.

    पत्नी से कहासुनी के बाद घर से निकले थे वकील– LUCKNOW LAWYER SUICIDE

    मधुबन मऊ निवासी अभिषेक सिंह ने पुलिस को बताया कि एडवोकेट अनुपम तिवारी अपने परिवार के साथ घर के पास ही रहते हैं. शुक्रवार रात उनका पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद वे घर से नाराज होकर निकल गए. वे सीधे इंदिरा डैम की ओर गए और गुस्से में आकर नहर में छलांग लगा दी.

    उनके साथ मौजूद शिवम उपाध्याय ने जब यह देखा तो उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद पड़े लेकिन दोनों ही नहर के तेज बहाव में बहते चले गए.

    दूसरे शव की तलाश में जुटी SDRF

    सूचना मिलते ही बीबीडी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और SDRF को सूचना दी गई. SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शिवम उपाध्याय का शव बरामद कर लिया गया. वहीं, एडवोकेट अनुपम तिवारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. एसडीआरएफ टीम का कहना है कि सर्च ऑपरेशन को 5 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है और लगातार खोजबीन जारी है.

    घटना के दो विपरीत संस्करण

    जहां एक ओर पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे खुदकुशी का मामला मान रही है, वहीं परिवार और एडवोकेट के साथी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. वकील के साथी एडवोकेट देवमणि मिश्रा का कहना है कि अनुपम खाना खाने के बाद अक्सर टहलने निकलते थे. शुक्रवार रात भी वे टहलने गए थे और नहर किनारे उनका पैर फिसलने से वे गिर पड़े. हालांकि, पुलिस सूत्रों और रिश्तेदारों की मानें तो यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है क्योंकि अनुपम और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था.

    तीन बच्चों के पिता थे एडवोकेट

    परिवार के अनुसार अनुपम तिवारी के दो बेटे और एक बेटी हैं. पत्नी हाउसवाइफ हैं. पारिवारिक माहौल सामान्य बताया गया, लेकिन देर रात हुए झगड़े के बाद यह बड़ा कदम उन्होंने क्यों उठाया, यह रहस्य बना हुआ है.

    पुलिस का बयान

    घटनास्थल पर पहुंचे एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया, “हमें शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि दो लोग इंदिरा नहर में डूब गए हैं. SDRF को तत्काल मौके पर बुलाकर खोज अभियान शुरू किया गया. अभी तक एक शव मिल चुका है और दूसरे की तलाश की जा रही है.”

  • UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में मौसम की दोहरी मार; पश्चिम में लू, पूरब में बिजली-पानी का कहर

    UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में मौसम की दोहरी मार; पश्चिम में लू, पूरब में बिजली-पानी का कहर

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मई का महीना इस बार दोहरी चुनौती लेकर (UP WEATHER) आया है. जहां एक ओर राज्य के पश्चिमी हिस्से तेज लू और भीषण गर्मी से तप रहे हैं, वहीं पूर्वी जिलों में मौसम का अचानक करवट बदलना बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की चेतावनी के रूप में सामने आ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 मई से लेकर अगले कुछ दिनों तक विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग चेतावनियाँ जारी की हैं.

    बांदा बना तपते यूपी का सबसे गर्म जिला- UP WEATHER

    राज्य का बांदा जिला शुक्रवार को पूरे उत्तर भारत का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान है. इसके साथ ही प्रयागराज, कानपुर, झांसी, हमीरपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया. यह स्थिति न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रही है. लू लगने से कई जिलों में अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है.

    मौसम विभाग का लू और आंधी-बिजली का डबल अलर्ट- UP WEATHER

    मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी के 22 जिलों में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। ये जिले हैं: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं.

    दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जिसमें मुख्य रूप से ये जिले शामिल हैं: देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर. इन इलाकों में तेज हवाएं (30 से 40 किमी प्रति घंटे) चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि तक की आशंका जताई गई है.

    लखनऊ का मौसम: थोड़ी राहत, लेकिन गर्मी कायम

    राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रहा। आसमान साफ रहा, लेकिन दोपहर के समय हल्के बादल भी देखे गए. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया. शनिवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री तक रहने की संभावना जताई है. लखनऊ में फिलहाल गरज-चमक या वर्षा की कोई संभावना नहीं है, लेकिन हवा की दिशा और नमी के स्तर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.

    तापमान में जल्द राहत की उम्मीद

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 18 से 20 मई के बीच मौसम में बदलाव की संभावना है. खासकर पूर्वी और मध्य यूपी में हल्की बारिश और हवाओं के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति अभी बनी रहेगी.

    22 जिलों में लू का अलर्ट

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है, जिसमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, झांसी, हमीरपुर आदि शामिल हैं. वहीं, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है.

    गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

    1. दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें.
    2. पानी, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहें.
    3. सिर को ढककर रखें – टोपी, गमछा या छाता जरूर प्रयोग करें.
    4. बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़ा होने से बचें.
    5. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें – हीट स्ट्रोक से जल्दी प्रभावित होते हैं.

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    YOGI GOVERNMENT: योगी सरकार का श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास पर फोकस

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग (YOGI GOVERNMENT) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि विरोधी, इसलिए नीतियों को इस भावना के साथ तैयार किया जाए.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक तरक्की प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दृष्टिकोण के संतुलन से ही सम्भव है. श्रम कानूनों को इस प्रकार सरल बनाया जाए जिससे उद्योगों को सुगमता हो, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो.

    उद्योग विस्तार-रोजगार सृजन- YOGI GOVERNMENT

    मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि “हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त बनाना होगा.” औद्योगिक विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार निर्माण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि यदि उद्योग बंद होंगे तो कोई भी रोजगार सृजित नहीं हो सकेगा.

    साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि दुर्घटनाओं की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय के साथ बीमा सुरक्षा दी जाए. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे श्रमिक हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बने.

    बाल श्रमिकों का पुनर्वासन और उज्जवल भविष्य

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों को आजीविका, शिक्षा और पुनर्वासन के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ और अन्य प्रायोजित योजनाओं से जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है. उन्होंने अटल आवासीय विद्यालयों को देश में मॉडल के रूप में उभरने की बात कही और इनकी गुणवत्ता की मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा.

    श्रमिक अड्डों को बनाएं मॉडल हब

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया. इन स्थानों पर डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. कैंटीन में चाय-नाश्ता और भोजन 5-10 रुपये में मिलना सुनिश्चित किया जाए.

    साथ ही उन्होंने कहा कि असंगठित श्रमिकों की स्किल मैपिंग कर न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाए, ताकि यह कार्यबल संगठित श्रम शक्ति में परिवर्तित हो सके.

    विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए विशेष योजना

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले निर्माण श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए. यह उनकी कार्यक्षमता के साथ सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी जरूरी है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) से जोड़ा जाए ताकि संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.

    उत्तर प्रदेश बना ‘अचीवर स्टेट’

    बैठक में जानकारी दी गई कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है. यह लगभग 99% की वृद्धि को दर्शाता है. भारत सरकार के BRAP (Business Reforms Action Plan) रिकमेंडेशन में श्रम विभाग को ‘अचीवर स्टेट’ का दर्जा मिला है, जिसकी सराहना मुख्यमंत्री ने की.

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  • HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. प्रदेश के अधिकतर जिलों में (HEATWAVE ALERT IN UP) दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और कुछ क्षेत्रों में यह 45 डिग्री को भी पार कर गया है. राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में लू का कहर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है.

    आसमान से बरस रही आग- HEATWAVE ALERT IN UP

    राज्य के कई जिलों में आसमान से सीधे आग बरसती दिख रही है. दोपहर के समय चिलचिलाती धूप लोगों को घरों में कैद कर रही है. लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, और बरेली जैसे शहरों में तापमान लगातार 43-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है.

    प्रयागराज बना सबसे गर्म शहर

    गुरुवार को प्रयागराज सबसे गर्म जिला रहा जहां तापमान 44.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है. वहीं, बहराइच में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 1 डिग्री कम था.

    जानवर भी बेहाल

    तेज़ गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेज़ुबान जानवरों पर भी दिख रहा है. पेड़-पौधों की छांव और पानी की तलाश में बेसहारा पशु इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. गांवों और शहरों में पशुओं को राहत देने के लिए प्रशासन को भी कदम उठाने की आवश्यकता है.

    IMD की चेतावनी: लू से रहें सतर्क

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बरेली, झांसी जैसे जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों में रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है, जिससे नींद में खलल और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.

    यहां मिल सकती है राहत?

    तराई क्षेत्रों जैसे गोरखपुर, महाराजगंज, पीलीभीत, बस्ती आदि में शनिवार से बादलों की हल्की आवाजाही और बारिश की संभावना जताई गई है. इससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है लेकिन मध्य और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर बना रहेगा.

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ेगी जबकि पूर्वी यूपी में थोड़ी गिरावट के आसार हैं. न्यूनतम तापमान में भी मामूली वृद्धि होगी लेकिन कुल मिलाकर मौसम का मिजाज राहत देने वाला नहीं दिख रहा.

    सावधानियां ज़रूरी

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. शरीर को हाइड्रेट रखना, छायादार स्थानों में रहना और हल्के सूती कपड़े पहनना इस मौसम में आवश्यक हो गया है.

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  • UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक (UP CABINET DECISIONS) में राज्य के विकास को गति देने वाले 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन प्रस्तावों में कृषि, दुग्ध उत्पादन, औद्योगिक विकास, पंचायत सशक्तिकरण और नागरिक उड्डयन से जुड़े निर्णय शामिल हैं.

    कृषि और दुग्ध क्षेत्र में बड़े फैसले

    1. चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना:
    कैबिनेट ने लखनऊ के अटारी गांव में 130.63 एकड़ भूमि पर ₹251.70 करोड़ की लागत से चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को मंजूरी दी है. यह पार्क उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी.

    2. दुग्ध नीति 2022 में संशोधन:
    उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 में संशोधन करते हुए, नई दुग्ध प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना पर पूंजीगत अनुदान को 35% तक बढ़ा दिया गया है. इससे डेयरी उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

    औद्योगिक विकास को बढ़ावा

    3. औद्योगिक इकाइयों को LOC की मंजूरी:
    कैबिनेट ने जेके सीमेंट प्रयागराज (₹450.92 करोड़), मून बेवरेज लिमिटेड हापुड़ (₹469.61 करोड़), सिल्वर पल्प एंड पेपर मिल मुजफ्फरनगर (₹403.88 करोड़), ग्लोबल स्पिलट्स लिमिटेड लखीमपुर (₹399.74 करोड़) और चांदपुर इंटरप्राइजेज (₹273.9 करोड़) को LOC जारी करने की मंजूरी दी है. इससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

    4. मेसर्स RCCPL रायबरेली को सब्सिडी में सुधार:
    मेसर्स RCCPL रायबरेली को दी जाने वाली सब्सिडी में सुधार के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा.

    पंचायतों और ग्रामीण विकास के लिए पहल

    5. पंचायत उत्सव भवन की स्थापना:
    1500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में पंचायत उत्सव भवन की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है. पहले चरण में 71 भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

    6. ग्राम पंचायतों को आर्थिक प्रोत्साहन:
    राज्य सरकार ने एक लाख रुपये की आय करने वाली ग्राम पंचायतों को ₹5 लाख का अनुदान देने का निर्णय लिया है, जिससे पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

    नगर विकास और नागरिक उड्डयन में सुधार

    7. अमृत योजना में निकाय अंश में छूट:
    अमृत योजना के तहत 7 निकायों के ₹90 करोड़ के निकाय अंश को माफ करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है, जिससे शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी.

    8. नागरिक उड्डयन विभाग में वेतन पुनर्निधारण:
    नागरिक उड्डयन विभाग में संविदा पर कार्यरत पायलट, को-पायलट, इंजीनियर, एयरोनॉटिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के कार्मिकों और तकनीकी/गैर-तकनीकी स्टाफ को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा.

    🛡️ ऑपरेशन सिंदूर पर अभिनंदन प्रस्ताव

    9. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर अभिनंदन:
    कैबिनेट ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री और भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के लिए अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल और बढ़ेगा.

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    SOURCE- HINDUSTAN

  • LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना (LUCKNOW BUS FIRE) क्षेत्र के किसान पथ पर बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया. बिहार से दिल्ली जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई, जिससे दो बच्चों और दो महिलाओं समेत पांच लोगों की ज़िंदा जलकर मौत हो गई. हादसे के वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला.

    यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 5 बजे हुआ जब बस किसान पथ से गुजर रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में पहले धुआं भरने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया. बस में सवार कई यात्री नींद में थे, जिससे आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई.

    बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर और कंडक्टर आग लगने के बाद वाहन से कूदकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने बचाव का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और पीजीआई थाना पुलिस पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

    LUCKNOW BUS FIRE- मृतकों की पहचान और बचाव कार्य

    हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मासूम बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं. आग बुझने के बाद पुलिस शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. कुछ घायल यात्रियों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. अभी कई यात्री लापता बताए जा रहे हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की.

    प्रशासन की तत्परता

    जैसे ही घटना की सूचना मिली, प्रशासन हरकत में आया और पुलिस बल के साथ दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है और ड्राइवर-कंडक्टर की तलाश जारी है. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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  • BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा (BIRD FLU ALERT IN UP) लगातार गहराता जा रहा है. गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में एक दो वर्षीय बाघिन ‘शक्ति’ की रहस्यमय मौत के बाद जब रिपोर्ट सामने आई, तो हड़कंप मच गया. राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल से आई रिपोर्ट में बाघिन की मौत का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया. इसके साथ ही उसमें ‘वाइब्रियो’ नामक दुर्लभ बैक्टीरियल संक्रमण भी मिला है, जो आमतौर पर समुद्री जीवन में देखा जाता है.

    इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के वन एवं स्वास्थ्य विभाग को तुरंत और व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने न सिर्फ गोरखपुर, बल्कि कानपुर, लखनऊ और इटावा के चिड़ियाघरों तथा इटावा लायन सफारी को भी अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. साथ ही राज्य के सभी टाइगर रिजर्व और संरक्षित वन क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

    BIRD FLU ALERT IN UP- बर्ड फ्लू: एक जानलेवा वायरस

    बर्ड फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जिसे H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है. यह वायरस मुख्यतः पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी फैल सकता है. यह बीमारी तेज़ी से फैलती है और यदि समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो घातक साबित हो सकती है.

    भारत में पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी बाघ की मौत से इसकी पुष्टि हुई है. इससे यह स्पष्ट है कि वायरस अब वन्यजीवों तक भी पहुंच गया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.

    सतर्कता के निर्देश: चार चिड़ियाघर और एक सफारी बंद

    बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर के चिड़ियाघर और इटावा लायन सफारी को सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. सभी संरक्षित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी टाइगर रिजर्व जैसे दुधवा (लखीमपुर खीरी), पिलीभीत, अमानगढ़ (बिजनौर), रानीपुर (चित्रकूट) और सुहेलवा (बलरामपुर) को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं. कर्मचारियों को प्रतिदिन हर जानवर की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है.

    रोकथाम के उपाय: पीपीई किट, स्क्रीनिंग और निगरानी

    सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी कर्मचारियों को पीपीई किट पहनकर ड्यूटी करनी होगी. चिड़ियाघर परिसरों में ब्लो टॉर्चिंग, सैनेटाइजेशन और सभी पक्षियों तथा जानवरों की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है.

    पोल्ट्री फार्मों की भी सघन निगरानी की जा रही है. पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वायरस अन्य इलाकों में न फैले. साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षणों की जांच और रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

    चिंता की एक और वजह: बीमार बाघ ‘पटौदी’ की शिफ्टिंग

    बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद एक और चिंता की वजह तब सामने आई जब एक बीमार बाघ ‘पटौदी’ को कानपुर चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया गया. अधिकारियों को आशंका है कि यदि यह बाघ भी संक्रमित हुआ, तो वहां भी वायरस फैल सकता है. इसलिए कानपुर चिड़ियाघर को भी बंद कर सभी जानवरों की निगरानी शुरू कर दी गई है.

    जनता के लिए जरूरी हिदायतें

    वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक वे किसी भी चिड़ियाघर, बर्ड सैंक्चुअरी या टाइगर रिजर्व में न जाएं. यदि उन्हें किसी मृत पक्षी या जानवर की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें. अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

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    SOURCE- BBC HINDI, AAJTAK