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Category: लखनऊ

लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ACTION) ने प्रदेश में बढ़ती मिलावटखोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब जो लोग खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट करेंगे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों पर लगाई जाएंगी. यह फैसला ना सिर्फ अपराधियों में भय पैदा करेगा, बल्कि जनता को जागरूक करने का भी काम करेगा.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मिलावटखोरी सिर्फ एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि यह समाज पर एक कलंक है.” उन्होंने इसे “सामाजिक अपराध” बताते हुए साफ कर दिया कि अब किसी भी सूरत में मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा.

    CM YOGI ACTION- मिलावट पर लगेगा ब्रेक, बनेंगी डेडिकेटेड टीमें

    CM योगी ने राज्य भर में नकली और मिलावटी उत्पादों की जांच के लिए डेडिकेटेड टीमें बनाने का निर्देश दिया है. इन टीमों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे दूध, घी, तेल, पनीर, मसाले और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की सघन जांच करें.

    इसके साथ ही, हर मंडल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी. 12 मंडलों में FSDA लैब्स और 3 माइक्रोबायोलॉजी लैब्स जल्द शुरू की जाएंगी, जहां खाद्य और औषधि के नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जा सकेगी.

    नकली दवाएं बनाने वालों पर भी चलेगा कानून का डंडा

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि नकली दवाएं बनाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी केस दर्ज किए जा सकते हैं. इसके अलावा, “पेशेवर रक्तदाताओं” की पहचान करके उन पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे ब्लड बैंकों की विश्वसनीयता बनी रहे और कोई भी मरीज खतरे में न आए.

    चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    सीएम योगी के निर्देश के मुताबिक अब जो व्यक्ति मिलावटखोरी में पकड़े जाएंगे, उनकी तस्वीरें प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, खासकर शहरों और कस्बों के चौराहों पर लगाई जाएंगी. इसका मकसद है जनता को ऐसे अपराधियों के बारे में जागरूक करना और मिलावट करने वालों को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना. इस तरह की कार्रवाई राज्य में पहले भी अपराधियों और दुष्कर्मियों के खिलाफ की जा चुकी है, और उसका अच्छा असर देखने को मिला था.

    बनेगा कॉर्पस फंड

    मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरी पर रोक लगाने और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के लिए “कॉर्पस फंड” बनाए जाने की घोषणा की है. यह फंड लैब्स के उपकरणों, जांच टीमों के खर्च, प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियानों में खर्च किया जाएगा.

    सरकार की रणनीति: चौतरफा प्रहार

    सरकार ने मिलावट पर रोक के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है जिसमें शामिल हैं:

    • उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच
    • डिस्ट्रीब्यूटर और खुदरा विक्रेताओं की निगरानी
    • गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी
    • जनजागरूकता अभियान

    जनता का सहयोग भी ज़रूरी

    सीएम योगी ने कहा कि सरकार के प्रयास तब और प्रभावी होंगे जब आम जनता भी इसमें भागीदारी निभाए. यदि किसी को मिलावट की सूचना मिलती है, तो वह संबंधित प्रशासन या FSDA को तुरंत सूचना दे सकता है. सरकार ऐसे लोगों की पहचान गोपनीय रखेगी.

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  • UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया पुलिस महानिदेशक (UTTAR PRADESH NEW DGP) मिलने वाला है. वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनके कार्यकाल के विस्तार की संभावना बेहद कम है, इसलिए सरकार जल्द ही नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारी कर रही है. इस रेस में राज्य और केंद्र सरकार की अहम इकाइयों में सेवाएं दे रहे कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं.

    UTTAR PRADESH NEW DGP- राजीव कृष्ण: सबसे मजबूत दावेदार

    1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और विजिलेंस के महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी सेवा में अभी लगभग चार वर्ष का समय शेष है, जो उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है.

    दलजीत सिंह चौधरी: बीएसएफ डीजी से यूपी डीजीपी तक?

    वर्तमान में बीएसएफ के डीजी के रूप में कार्यरत 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी भी रेस में माने जा रहे हैं. उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग छह महीने से अधिक का समय बचा है. केंद्र में सफल कार्यकाल के कारण उनकी छवि प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ है.

    आलोक शर्मा: एसपीजी से यूपी वापसी की तैयारी

    आलोक शर्मा, जो वर्तमान में एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की कमान संभाल रहे हैं, का नाम भी चर्चा में है. उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक फैसलों में विशेष अनुभव है. उनके पास भी लगभग छह महीने की सेवा अवधि शेष है.

    तिलोत्तमा वर्मा: यूपी को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी

    एक और प्रमुख नाम तिलोत्तमा वर्मा का है. वे वर्तमान में डीजी प्रशिक्षण के पद पर हैं और यदि उन्हें मौका मिलता है तो वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं. उन्होंने सीबीआई में लंबा कार्यकाल बिताया है और जांच एवं प्रशासन दोनों क्षेत्रों में दक्ष हैं.

    अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रेस में

    एमके बसाल, आदित्य मिश्रा, रेणुका मिश्रा और संदीप तलुके जैसे अधिकारी भी वरिष्ठता सूची में स्थान रखते हैं और संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं.

    सरकार की रणनीति और चयन प्रक्रिया

    उत्तर प्रदेश सरकार अब कई पहलुओं को ध्यान में रखकर नए डीजीपी की नियुक्ति करेगी, जैसे कि प्रशासनिक अनुभव, सेवा अवधि, नेतृत्व क्षमता, राजनीतिक संतुलन और कार्य निष्पादन. चूंकि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता रखी जाती है, इसलिए यह चयन अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है.

    नवीन डीजीपी की घोषणा जल्द

    सरकार मई के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी की घोषणा कर सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी को प्रशासनिक अनुभव में निपुण और जन-हितैषी पुलिस प्रमुख के रूप में कौन मिलता है.

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  • लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सीएम योगी ने CMS के मेधावी छात्रों और शिक्षकों को किया सम्मानित- CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    लखनऊ: सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) द्वारा आयोजित ‘शिक्षक धन्यवाद समारोह’ में शुक्रवार को (CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन कैंपस ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. विक्रम सिंह की विशेष उपस्थिति रही.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने CMS के उन 19 छात्रों को एक-एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने ICSE और ISC बोर्ड परीक्षाओं में 99.75% तक अंक प्राप्त कर लखनऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया. इसके अतिरिक्त, JEE Mains में 99.213 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले छात्र अपूर्व मिश्रा को भी नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    कार्यक्रम में इस वर्ष UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले पांच पूर्व CMS छात्रों—अमन तिवारी, प्रशांत सिंह, देवांशी सक्सेना, रजत सिंह और अनुश्री सचान—को भी सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया गया.

    शिक्षकों का योगदान सराहा गया, CMS STUDENTS TEACHERS AWARDS

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि CMS के शिक्षक छात्रों के सर्वांगीण विकास को समर्पित हैं. उन्होंने कहा, “शिक्षक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि प्रेरणा और आत्मबल भी देते हैं. आनेवाली पीढ़ी को संवारने की असली जिम्मेदारी शिक्षकों पर ही होती है.” मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने और उनके मार्गदर्शन में जीवन गढ़ने की अपील की.

    CMS students awards
    सीएम योगी ने सीएमएस के शिक्षकों व छात्रों का सम्मान किया.

    CMS की संस्थापिका और निदेशिका डॉ. भारती गांधी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि CMS शिक्षा के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है.

    विशिष्ट अतिथियों के प्रेरणादायक विचार

    विशेष अतिथि डॉ. विक्रम सिंह ने CMS की शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “यह संस्था सही मायनों में भावी पीढ़ी को जीवन निर्माण की शिक्षा दे रही है.” नासा के एक्सिओम-1 मिशन से जुड़े अंतरिक्ष यात्री एयटन स्टिब ने कहा, “CMS की उपलब्धियां प्रेरणादायक हैं और इसकी प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली है.”

    CMS की प्रबंध निदेशक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में छात्रों को विश्व नागरिक बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ छात्रों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

    शिक्षकों को भी मिला सम्मान

    कार्यक्रम में CMS शिक्षकों श्री अंकुर दुबे, श्री दीपक निगम और श्री अनुराग भूषण को विशेष नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. साथ ही CMS महानगर की वरिष्ठ प्रधानाचार्या डॉ. कल्पना त्रिपाठी और राजाजीपुरम प्रथम की प्रधानाचार्या श्रीमती निशा पांडे को भी सार्वजनिक रूप से सराहा गया.

    शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    समारोह की शुरुआत स्कूल प्रार्थना और वंदेमातरम् की सुमधुर प्रस्तुतियों से हुई. इसके अलावा सर्वधर्म प्रार्थना, विश्व एकता गीत, नृत्य और कोरियोग्राफ़ी जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. CMS के पूर्व छात्र व वैज्ञानिक डॉ. सुमित गलवानी ने “एआई एवं शिक्षा” विषय पर अपने विचार साझा किए.

    चरित्र निर्माण मार्च
    CMS के हेड कम्युनिकेशन्स श्री ऋषि खन्ना ने जानकारी दी कि इस अवसर पर 3,000 से अधिक शिक्षकों ने विशाल ‘चरित्र निर्माण मार्च’ में भाग लिया, जिसमें नैतिक शिक्षा और भावी पीढ़ी के चारित्रिक उत्थान का संकल्प लिया गया.

    CMS विजन-2025 की झलकियां
    कार्यक्रम के अंत में ‘CMS विजन-2025’ की झलकियां प्रस्तुत की गईं, जिसमें संस्थान के आगामी शैक्षिक व नैतिक लक्ष्यों को दर्शाया गया.

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  • लखनऊ: सीएम योगी का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, बोले- अब अपने वजूद के लिए जूझ रहा है पाक- CM YOGI SLAMS PAKISTAN

    लखनऊ: सीएम योगी का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, बोले- अब अपने वजूद के लिए जूझ रहा है पाक- CM YOGI SLAMS PAKISTAN

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI SLAMS PAKISTAN) ने शुक्रवार को महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का पोषक देश करार दिया.

    महाराणा प्रताप की जयंती
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने इतनी बड़ी हिमाकत कर दी है कि अब वह अपने अस्तित्व के लिए जूझता नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का असली आतंकवादी चेहरा अब दुनिया के सामने उजागर हो चुका है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है. (CM YOGI SLAMS PAKISTAN)

    योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में पहलगाम की उस घटना का जिक्र किया जिसमें पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला किया था. उन्होंने कहा कि इस घटना ने हर भारतवासी के मन में आक्रोश पैदा कर दिया. उन्होंने कहा “हर भारतीय ने यह ठान लिया था कि पाकिस्तान को सबक सिखाना ही होगा. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है,”

    मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की बेशर्मी और आतंकवाद के प्रति उसकी शह को लेकर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों के जनाजों में सेना और राजनेताओं की उपस्थिति देखी गई, वह इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान सीधे तौर पर आतंकवाद में शामिल है. “अब पाकिस्तान अपने वजूद के लिए लड़ रहा है और पूरी दुनिया के सामने कराहता नजर आ रहा है,” मुख्यमंत्री ने दोहराया.

    जनता से की अपील: अफवाहों से बचें
    मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से सावधान रहें और भारतीय सेनाओं का मनोबल बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि यह समय देश के प्रति एकजुट होकर कार्य करने का है और हमें अपने वीर जवानों के साथ खड़ा होना चाहिए. सीएम ने कहा “भारत हर हाल में विजयी रहा है और रहेगा. हमारी सेनाएं सक्षम हैं और देश की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी,”

    महाराणा प्रताप की वीरता को दी श्रद्धांजलि
    मुख्यमंत्री योगी ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी वीरता आज के समय में भी प्रेरणा देती है. उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार महाराणा प्रताप ने गिरिवासियों और वनवासियों की सेना के साथ मुगलों की विशाल सेना को चुनौती दी थी. योगी ने कहा “उनकी जयंती हमें यह सिखाती है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए बलिदान और साहस सर्वोच्च गुण हैं.”

    ऐतिहासिक चौराहे का नामकरण
    कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में एक चौराहे को “महाराणा प्रताप सिंह चौराहा” नाम देने की घोषणा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि 1998 में उन्होंने ही इस चौराहे पर महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव दिया था. इस कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य राकेश सिंह और मानवेंद्र सिंह को चौराहे के सुंदरीकरण के लिए बधाई दी गई. उन्होंने कहा कि लखनऊ, गोरखपुर और प्रयागराज में स्थापित महाराणा प्रताप की मूर्तियां आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती रहेंगी.

    प्रमुख अतिथि और प्रतिनिधि रहे मौजूद
    इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान, दयाशंकर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम के संयोजक राकेश सिंह, मानवेन्द्र सिंह, संतोष सिंह, कौशल किशोर और दारा सिंह चौहान समेत अन्य लोगों ने भी भाग लिया. मुख्यमंत्री के संबोधन से न केवल उपस्थित जनसमूह प्रेरित हुआ, बल्कि यह संदेश भी गया कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में किसी भी स्तर तक जाने के लिए तैयार है.

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  • भ्रष्टाचार, साइबर फ्रॉड और महंगाई ने जनता को त्रस्त किया- अखिलेश यादव- AKHILESH YADAV SLAMS YOGI GOVT

    भ्रष्टाचार, साइबर फ्रॉड और महंगाई ने जनता को त्रस्त किया- अखिलेश यादव- AKHILESH YADAV SLAMS YOGI GOVT

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस (AKHILESH YADAV SLAMS YOGI GOVT) कर योगी सरकार पर जमकर हमला बोला. इस दौरान उन्होंने छात्र सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी चुनाव की रणनीति पर विचार किया और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए. अखिलेश यादव ने कहा कि, “प्रदेश में तमाम ऐसे कार्य हो रहे हैं जो केवल अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं. भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसके चलते महंगाई भी आसमान छू रही है. आम आदमी का जीवन मुश्किल होता जा रहा है, और सरकार आंखें मूंदे बैठी है.”

    उन्होंने राज्य में बढ़ते साइबर क्राइम पर चिंता जताते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश साइबर फ्रॉड के मामलों में नंबर वन हो गया है. आए दिन लोगों से ऑनलाइन ठगी हो रही है, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी है. न कोई ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही कोई जागरूकता अभियान.” (AKHILESH YADAV SLAMS YOGI GOVT)

    चुनाव को बताया ‘योगी बनाम प्रतियोगी’
    अखिलेश यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा, “इस बार का चुनाव ‘योगी बनाम प्रतियोगी’ होगा. जो युवा पढ़े-लिखे हैं, जो रोजगार की मांग कर रहे हैं, जो शिक्षा में गुणवत्ता चाहते हैं – वे सभी सरकार को हटाने में जुटेंगे. यह चुनाव बदलाव का चुनाव होगा.”

    सुरक्षा इंतजामों पर उठाए सवाल
    सड़क दुर्घटनाओं पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “राज्य सुरक्षा के इंतजामों में फेल हो चुका है. सरकार को जो कदम उठाने चाहिए, वे नहीं उठा रही है, जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं.”

    छात्र सभा को दिए दिशा निर्देश
    छात्र सभा की बैठक में अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपस में सम्मान और सहयोग का वातावरण बनाएं. उन्होंने कहा, “वीडियो और डिजिटल माध्यमों की ताकत को समझें और उसका सही इस्तेमाल करें. छात्र सभा को और सशक्त बनाने के लिए तकनीक का सहयोग जरूरी है.”

    स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा
    अखिलेश यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, “जिस जिले में सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री ने जनता दरबार लगाए हैं, वहां एम्स और मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद गरीबों को इलाज नहीं मिल रहा है. यह सरकार की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है.”

    आरक्षण और रोजगार एजेंडे से बाहर: अखिलेश
    अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “नौकरी और आरक्षण बीजेपी के एजेंडे में नहीं हैं. युवाओं को रोजगार देने के नाम पर सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है.”

    पर्यावरण को लेकर भी रखी बात
    अखिलेश ने लखनऊ के दो बड़े पार्कों का ज़िक्र करते हुए कहा, “लोहिया पार्क और जनेश्वर मिश्र पार्क में आपको अच्छी क्वालिटी का प्लांटेशन देखने को मिलेगा. हमारी सरकार ने पर्यावरण और हरियाली को लेकर गंभीर काम किए हैं.”

    अंतिम संदेश में युवाओं से जुड़ने का आह्वान
    अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है जब देश के युवा जागरूक होकर निर्णय लें. उन्होंने कहा कि छात्र, बेरोजगार और शिक्षित वर्ग यदि एकजुट हो जाएं, तो बदलाव सुनिश्चित है. उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ता हर गली, हर कॉलेज और हर गाँव में छात्रों को जोड़ें और बदलाव की मशाल जलाएं.”

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  • लखनऊ- UP के 21 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ- UP के 21 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट, तापमान में तेजी से बढ़ोतरी- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता (UP WEATHER ALERT) कुछ कम हुई है, लेकिन अब राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही, अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी का अनुमान है. लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम की जानकारी देखकर ही घर से बाहर निकलें.

    🔶 21 जिलों में अलर्ट, बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, जिन जिलों में बिजली गिरने का खतरा है, उनमें प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद शामिल हैं. (UP WEATHER ALERT)

    इन जिलों में आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं और हल्की बारिश की भी संभावना है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले में चल रहे राहगीरों और ऊँचे स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है.

    🔶 लखनऊ का मौसम: तेज धूप, तापमान में बढ़ोतरी
    राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही तेज धूप रही और आसमान साफ नजर आया. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा.

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी आसमान साफ रहेगा और तेज धूप खिलेगी. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 40 और 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लखनऊ में अगले दो-तीन दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.

    🔶 बांदा सबसे गर्म, अमेठी सबसे ठंडा
    बांदा जिला बुधवार को यूपी का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. यह तापमान सामान्य के आसपास है. इसके विपरीत, अमेठी जिला सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम है.

    🔶 तापमान में वृद्धि की चेतावनी
    मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले 48 घंटों के भीतर अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में वृद्धि देखी जाएगी. उन्होंने कहा कि “पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम हो रही है, जिससे अब गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा. हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. कहीं-कहीं हल्की बारिश की भी संभावना बनी हुई है.”

    🔶 क्या करें और क्या न करें

    • बिजली गिरने के समय खुले स्थानों में जाने से बचें.
    • खेतों, नदियों, तालाबों के पास काम कर रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है.
    • मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें.
    • तेज धूप में बाहर जाते समय छाता, टोपी और पानी साथ रखें.

    🔶 मौसम से जुड़ी तैयारी
    राज्य प्रशासन ने भी संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क कर दिया है. बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए गांवों और कस्बों में जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है. बिजली विभाग को भी कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें अलर्ट मोड पर रहें.

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  • उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    लखनऊ: भारतीय सेना द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था (DGP ISSUED GUIDELINES) को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों, पुलिस कमिश्नरेट्स और विशेष इकाइयों को विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना, सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना, और नागरिकों को हर प्रकार के खतरे से बचाना है.

    सुरक्षा के 14 बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश
    डीजीपी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कुल 14 महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं, जो पूरे राज्य में लागू किए जाएंगे.

    1. महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
       अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी महत्वपूर्ण Critical Infrastructure and Vital Installations की सुरक्षा को सुदृढ़ और उन्नत किया जाए .
       भौतिक सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और परिधि सुरक्षा को मजबूत किया जाए.
    2. आंतरिक सुरक्षा अभ्यास
       आंतरिक सुरक्षा योजना के तहत मॉक ड्रिल आयोजित की जाए .
       पूरी तैयारी के साथ पूर्व ब्रीफिंग और बाद की डिब्रीफिंग की व्यवस्था की जाए .
       संबंधित सभी सुरक्षा इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.
    3. पुलिस परिसरों और संसाधनों का ऑडिट
       सभी पुलिस परिसरों जैसे: पुलिस लाइन, कार्यालय, डिपो, पुलिस यूनिट्स और नियंत्रण कक्ष को सुरक्षित किया जाए.
       एक संपूर्ण संसाधन ऑडिट किया जाए और कमी पाए जाने पर शीघ्र समाधान किया जाए.
       पुलिस वेबसाइट और पुलिस सर्वर के साथ-साथ साइबर सुरक्षा सुदृढ़ की जाए.
    4. महत्त्वपूर्ण स्थानों पर प्रवेश नियंत्रण
       महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था को कड़ा किया जाए .
       पहचान पत्रों की जांच और सत्यापन सुनिश्चित की जाए.
    5. एजेंसियों के साथ समन्वय
       निम्नलिखित के साथ नज़दीकी समन्वय स्थापित किया जाए.
       सेना, वायुसेना, नागरिक सुरक्षा, खुफिया इकाइयां और अन्य सम्बंधित एजेंसियां.
       वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समन्वय की जिम्मेदारी लें.
    6. सामरिक आवागमन की व्यवस्था
       निम्नलिखित की सुरक्षित और गोपनीय आवाजाही सुनिश्चित की जाए.
       राजमार्गों और रेलवे पर सैन्य काफिले की सुरक्षित करना.
       वायुसेना के लिए एटीएफ / ईंधन की आपूर्ति.
       रेलवे पुलों और ट्रैकों की सुरक्षा की जाए .
       सभी मूवमेंट को “नीड टू नो” आधार पर गोपनीय रखा जाए .
    7. सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर सतर्कता
       सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों को उच्च सतर्कता पर रखा जाए.
       संवेदनशील क्षेत्रों में बल की तैनाती बढ़ाई जाए.
       आरक्षित बलों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाए.
    8. प्रमुख सेवाओं की सुरक्षा
       निम्नलिखित को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए.
       तेल पाइपलाइन .
       संचार टावर और ओएफसी केबल लाइनें.
       जलापूर्ति प्रणालियाँ और भंडारण.
       बिजली सब-स्टेशन और ताप विद्युत संयंत्र.
    9. खुफिया जानकारी और Sabotage की रोकथाम
       संवेदनशील और निषिद्ध क्षेत्रों में संभावित Sabotage और Information Leak की घटनाओं पर सतर्क दृष्टि रखी जाए.
       खुफिया तंत्र को सक्रिय किया जाए और समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
    10. सोशल मीडिया की निगरानी
       24×7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग साइबर सेल द्वारा की जाए.
       अफवाह फैलाने और भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
    11. नियंत्रण कक्ष और मोबाइल वाहन सतर्क
       जिला नियंत्रण कक्ष को उच्च सतर्कता पर रखा जाए .
       112 आपातकालीन वाहनों को Tactical Location पर तैनात किया जाए.
    12. नेतृत्व और समन्वय
       वरिष्ठ अधिकारी: जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, सेना, वायुसेना और सभी हितधारकों के साथ सक्रिय समन्वय करें.
       सभी कर्मियों को पुलिस युद्ध निर्देशों की जानकारी दें.
    13. हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा
       सभी हवाई अड्डों के फनल क्षेत्रों की जाँच की जाए.
       हवाई सुरक्षा इकाइयों के साथ संयुक्त कार्यवाही की जाए.
    14. भारत नेपाल सीमा पर निरंतर चौकसी बरतते हुए, अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित रखते हुए नियमित गश्त की जाय.

    सार्वजनिक सहयोग की अपील
    पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. यह सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि प्रदेश की शांति और सुरक्षा बनी रहे.

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  • लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसके तहत सरकार ने 1600 मेगावाट की तापीय परियोजना से 1500 मेगावाट बिजली 25 वर्षों तक सस्ती दर पर खरीदने का फैसला किया है. यह निर्णय उत्तर प्रदेश को दीर्घकालिक ऊर्जा संकट से राहत देने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी भारी लाभ दिलाएगा.

    निजी कंपनी से होगी बिजली की खरीद
    बिजली खरीद की यह पूरी प्रक्रिया बिडिंग के माध्यम से की गई है, जिसमें सबसे कम टैरिफ (5.38 रुपये प्रति यूनिट) देने वाली एक निजी कंपनी को चुना गया है. इस डील के तहत यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को 25 वर्षों में करीब 2958 करोड़ रुपये की बचत होगी. यह सौदा उत्तर प्रदेश में मौजूदा और प्रस्तावित तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं अधिक किफायती है.

    2030-31 से मिलने लगेगी बिजली
    सरकार की योजना के मुताबिक यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 तक चालू हो जाएगी और उसी समय से 1500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी. यह बिजली 6.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी, जो जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर और पनकी जैसी परियोजनाओं की तुलना में काफी सस्ती होगी, जहां बिजली की दरें 6.60 रुपये से लेकर 9 रुपये प्रति यूनिट तक हैं.

    सार्वजनिक संयंत्रों से भी सस्ती बिजली
    ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि यह सौदा न केवल निजी कंपनियों की पिछली डील्स से सस्ता है, बल्कि उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक पावर प्लांट्स से खरीदी जा रही बिजली से भी किफायती है. उन्होंने बताया कि बिजली की दरें पहले की तुलना में काफी कम होंगी और यह राज्य के उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात होगी.

    DBFOO मॉडल के तहत परियोजना
    इस पूरी परियोजना को DBFOO मॉडल के तहत लागू किया जाएगा. DBFOO का मतलब है Design, Build, Finance, Own और Operate. इस मॉडल के तहत परियोजना का निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और स्वामित्व निजी कंपनी के पास रहेगा, जबकि सरकार कोयला लिंक देती है और बिजली खरीदती है. इस मॉडल से सरकारी निवेश की जरूरत नहीं होती, और राज्य को कम कीमत पर बिजली मिलती है.

    बिडिंग प्रक्रिया का विवरण
    ऊर्जा विभाग द्वारा जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें 7 कंपनियों ने भाग लिया. इसके बाद 5 कंपनियों ने फाइनेंशियल बिड में हिस्सा लिया, जिनमें से सबसे कम दर वाली कंपनी को चुना गया. इस कंपनी ने फिक्स्ड चार्ज 3.727 रुपये और फ्यूल चार्ज 1.656 रुपये प्रति यूनिट तय किया, जिससे कुल टैरिफ 5.38 रुपये प्रति यूनिट बनता है.

    2033-34 तक बढ़ेगी बिजली की मांग
    केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी. इसके अलावा, 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी एक रोडमैप तैयार किया गया है.

    क्या होगा लाभ?
    इस नई नीति से उत्तर प्रदेश में उद्योगों को निर्बाध और किफायती बिजली मिल सकेगी. इससे राज्य की औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी. वहीं, आम नागरिकों को भी बिजली की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है.

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  • लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: सीएम योगी के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन सेंटर का निर्माण तेज- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ को मिलेगी नई पहचान: सीएम योगी के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन सेंटर का निर्माण तेज- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (YOGI GOVERNMENT) के नेतृत्व में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व की कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल लखनऊ को एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाना है, बल्कि प्रदेश के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देना है.

    राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
    लखनऊ के बसंत कुंज योजना के अंतर्गत बन रहे राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का निर्माण कार्य लगभग 90% पूरा हो चुका है. इस परियोजना का उद्देश्य देश की महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है. यहां राष्ट्रवादी नेताओं की विशाल मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं, जिनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी बाजपेयी की 63 फीट ऊंची मूर्तियां शामिल हैं.

    राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल में एक संग्रहालय, रैली स्थल, स्टेज, ओपेन थियेटर और हरियाली से भरे लैंडस्केप की योजना भी है. हालांकि, वर्तमान में क्युरेशन, आर्ट वर्क, लैंडस्केपिंग और हार्टीकल्चर के कुछ कार्य बाकी हैं, जिनके पूर्ण होने के बाद यह स्थल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. यह स्थल युवाओं और पर्यटकों के लिए एक प्रेरणा का केंद्र बनेगा, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रदर्शन किए जाएंगे. इस परियोजना के पूरा होने के बाद, राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल लखनऊ के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा.

    अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण तेज़ी से जारी
    लखनऊ में बन रहे अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य भी अपनी पूरी रफ़्तार पकड़ चुका है. यह परियोजना 32.50 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही है, और अगले 2 वर्षों में इसे पूरा कर लिया जाएगा. इस परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है और इसका कॉन्सेप्ट प्लान भी स्वीकृत हो चुका है.

    यह केंद्र वैश्विक व्यापार, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यापार मेले आयोजित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. इससे लखनऊ में वैश्विक स्तर पर व्यापार और निवेश आकर्षित करने के अवसर उत्पन्न होंगे. इस केंद्र का निर्माण प्रदेश में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन इकॉनमी बनाने के लक्ष्य को साकार करने में मदद करेगा.

    लखनऊ का भविष्य उज्जवल
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेंगी. अंतरराष्ट्रीय एक्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से लखनऊ एक प्रमुख वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में उभर कर सामने आएगा. ये दोनों परियोजनाएं लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती हैं, जो राज्य के पर्यटन, रोजगार, और वैश्विक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

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  • लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, वाराणसी के IG मोहित गुप्ता बने सचिव गृह- IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, वाराणसी के IG मोहित गुप्ता बने सचिव गृह- IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर देर रात तबादला एक्सप्रेस चलाई है. इस बार कुल 24 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है, जिसमें कई ज़िलों के एसएसपी और एसपी, आईजी व डीआईजी शामिल हैं. इस तबादले में वाराणसी परिक्षेत्र के आईजी मोहित गुप्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है, उन्हें उत्तर प्रदेश शासन में सचिव गृह के पद पर नियुक्त किया गया है. (IPS OFFICERS TRANSFERRED IN UP)

    योगी सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सहारनपुर के डीआईजी अजय कुमार साहनी को बरेली परिक्षेत्र का डीआईजी बनाया गया है, जबकि प्रयागराज में कुंभ मेले की सुरक्षा संभाल रहे वैभव कृष्ण को वाराणसी परिक्षेत्र का आईजी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह को सहारनपुर परिक्षेत्र का डीआईजी बना दिया गया है.

    जिलों के एसएसपी में बड़े बदलाव
    अयोध्या के एसएसपी राजकरण नय्यर को गोरखपुर भेजा गया है, जबकि गोरखपुर के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर अब अयोध्या के नए एसएसपी होंगे. इटावा के एसएसपी संजय कुमार को मुजफ्फरनगर का जिम्मा सौंपा गया है और पीएसी लखनऊ के सेनानायक अनूप कुमार सिंह को फतेहपुर का नया एसपी बनाया गया है.

    इसके अलावा कौशांबी के एसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव को इटावा का एसएसपी बनाया गया है और गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में तैनात डीसीपी राजेश कुमार द्वितीय को कौशांबी का एसपी बनाया गया है. फतेहपुर के एसपी धवल अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट में डीसीपी नियुक्त किया गया है. वहीं, संत कबीर नगर के एसपी सत्यजीत गुप्ता को कानपुर कमिश्नरेट में डीसीपी बनाया गया है.

    रेलवे, भ्रष्टाचार निवारण और टेक्निकल सेवाओं में भी तबादले
    गोरखपुर रेलवे में तैनात एसपी संदीप कुमार मीना को संत कबीर नगर का नया एसपी बनाया गया है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय लखनऊ में तैनात एसपी लक्ष्मीनिवास मिश्र को गोरखपुर रेलवे का नया एसपी बनाया गया है.

    वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी अहम
    एडीजी स्तर के अफसरों में नीरा रावत को अब यूपी 112 की ज़िम्मेदारी के साथ-साथ प्रशासन का प्रभार नहीं मिलेगा, वे सिर्फ यूपी 112 की जिम्मेदारी देखेंगी. प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी लखनऊ से हटाकर एडीजी प्रशासन, पुलिस मुख्यालय लखनऊ की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

    सीआईएसएफ से लौटे केएस इमैनुएल को पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध संगठन, लखनऊ बनाया गया है. उपेंद्र कुमार अग्रवाल को आईजी सुरक्षा से हटाकर आईजी लखनऊ परिक्षेत्र नियुक्त किया गया है.

    अन्य तबादले इस प्रकार हैं:
    रोहन पी कनय: आईजी टेक्निकल सर्विस से डीआईजी पीटीएस गोरखपुर
    राजीव नयन मिश्रा: डीआईजी पीएसी प्रयागराज से अपर पुलिस आयुक्त गौतम बुद्ध नगर
    शिवहरि मीणा: गौतम बुद्ध नगर से डीआईजी टेक्निकल सर्विस
    सत्येंद्र कुमार: डीआईजी प्रतीक्षारत से डीआईजी पीटीएस मेरठ
    राजेश कुमार सक्सेना: पीटीएस सुल्तानपुर से डीआईजी सुरक्षा मुख्यालय
    विकास कुमार वैद्य: डीआईजी स्थापना से उपनिदेशक, पुलिस अकादमी मुरादाबाद