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लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में तीन दिन तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट- UP WEATHER NEWS

    उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में तीन दिन तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट- UP WEATHER NEWS

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने करवट बदली है. बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं (UP WEATHER NEWS,) राज्य के कई हिस्सों में देखी जा रही हैं. मौसम विभाग ने आज (सोमवार) को भी भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट जारी किया है. बीते रोज रविवार को सोनभद्र जिले में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने से कई मवेशियों की मौत हो गई. यहां 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं, वाराणसी में 9 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि गाजीपुर समेत कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई.

    36 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 36 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं.

    इन क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने, पेड़ों के गिरने और यातायात में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है. प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरतने और आपात सेवाओं को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं.

    बिजली गिरने की संभावना: 72 जिले हाई अलर्ट पर
    यूपी के 72 जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. इन जिलों में प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बिजनौर, मुरादाबाद और कई अन्य जिलों के नाम शामिल हैं.

    विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना है, वहां लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे टावर जैसी संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है.

    26 जिलों में तेज हवाएं चलने की आशंका
    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है. इन जिलों में लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बहराइच, सीतापुर और हरदोई जैसे नाम शामिल हैं.

    तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति में बाधा और वाहन दुर्घटनाओं की आशंका है. प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने और कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं.

    किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी जरूरी
    मौसम की मार का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ने की संभावना है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से कहा गया है कि वे फसलों को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल या प्लास्टिक की व्यवस्था करें. वहीं, आम लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

    प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे तेज बारिश और बिजली गिरने के दौरान घरों में रहें, मोबाइल चार्जिंग के दौरान सतर्कता बरतें और खुले स्थानों से दूर रहें. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी गई है. आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के लोगों को मौसम की मार झेलनी पड़ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्पन्न हुई है और जल्द ही इसमें सुधार की संभावना है, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतना ही समझदारी है.

  • लखनऊ: 50 जिलों में अगले तीन दिन तक आंधी-पानी और ओलावृष्टि का अलर्ट- RAIN ALERT IN UP

    लखनऊ: 50 जिलों में अगले तीन दिन तक आंधी-पानी और ओलावृष्टि का अलर्ट- RAIN ALERT IN UP

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली है. बीते तीन-चार दिनों से राज्य के कई इलाकों में तेज रफ्तार हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का (RAIN ALERT IN UP) सिलसिला जारी है. मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी तीन दिनों तक 50 से अधिक जिलों में तेज हवा, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. इस परिवर्तन का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जो 2 मई से हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुआ है.

    पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
    मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते राज्य के कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी जिलों में अलग-अलग समय पर मौसम खराब बना रहेगा. (RAIN ALERT IN UP )

    इन जिलों में झोंकेदार हवाओं का अलर्ट
    मौसम विभाग की मानें तो मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने (RAIN ALERT IN UP) की संभावना है.

    40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी
    बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फ़तेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कन्नौज, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर सहित अन्य जिलों में भी 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

    लखनऊ में गर्मी के साथ बादलों की मौजूदगी
    राजधानी लखनऊ में शनिवार को आसमान मुख्यतः साफ रहा लेकिन अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई. तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सामान्य से 1 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था. रविवार को बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

    ये भी पढ़ें- सीएम योगी ने कृषि और डेयरी विकास को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद- UP GOVERNMENT

  • सीएम योगी ने कृषि और डेयरी विकास को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद- UP GOVERNMENT

    सीएम योगी ने कृषि और डेयरी विकास को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद- UP GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास (UP GOVERNMENT) पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि विभाग और प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि विकास, किसानों की भागीदारी और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना था. बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

    मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि, “उत्तर प्रदेश के किसान प्रदेश के विकास के सशक्त भागीदार हैं. प्रदेश ने बीते 8 वर्षों में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. हमें इस प्रगति को और मजबूती देनी होगी.” उन्होंने बताया कि पिछले 8 वर्षों में राज्य में खाद्यान्न उत्पादन में 167.66 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि देशभर में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है.

    बीजों की रणनीति जलवायु आधारित होसीएम
    सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीजों की उपलब्धता और वितरण को जलवायु के अनुरूप तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की भिन्नता को देखते हुए बीजों की आपूर्ति रणनीति तैयार होनी चाहिए, जिससे किसानों को ज्यादा उपज मिल सके.

    श्री अन्न और प्राकृतिक खेती को मिले प्रोत्साहन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाज और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाने चाहिए. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों में इन विषयों को शामिल किया जाए और जन-जागरूकता के माध्यम से लोगों को भी इसके लाभ बताए जाएं.

    चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना जल्द
    बैठक में मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह पार्क बीजों की गुणवत्ता सुधार और वैज्ञानिक तरीके से बीज उत्पादन के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

    कृषि यंत्रों पर सब्सिडी योजना को पारदर्शी बनाने का निर्देश
    सीएम योगी ने कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी योजना की पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि लाभार्थियों को सही समय पर और सटीक जानकारी मिलनी चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि पोर्टल आधारित प्रणाली के माध्यम से आवेदन और वितरण की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया जाए.

    डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा बढ़ावा
    मुख्यमंत्री ने प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नई योजनाएं तैयार की जाएं.

    मुख्यमंत्री की इस बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार किसानों के हित में ठोस और दूरदर्शी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है. खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि, जलवायु अनुकूल बीज रणनीति, प्राकृतिक खेती और डेयरी क्षेत्र में विस्तार जैसे कदम किसानों की समृद्धि और प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा में सहायक सिद्ध होंगे.

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  • सीएम योगी का बड़ा फैसला: अब तय समयसीमा में पास होंगे भवन मानचित्र, विकास योजनाओं में आएगी तेजी- YOGI GOVERNMENT

    सीएम योगी का बड़ा फैसला: अब तय समयसीमा में पास होंगे भवन मानचित्र, विकास योजनाओं में आएगी तेजी- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य के शहरी विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में लंबित भवन मानचित्रों के मामलों की तत्काल समीक्षा की जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाए. मुख्यमंत्री का यह निर्देश एक बड़ी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है, जिससे जनता को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है.

    बार-बार की आपत्ति पर रोक
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ तौर पर कहा कि भवन मानचित्रों पर बार-बार आपत्तियां जताना गलत है. उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को एक ही बार में आपत्तियों के साथ निपटाया जाए और बार-बार फाइलें रोकने की प्रवृत्ति पर रोक लगे. इस आदेश से प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी.

    GIS आधारित मास्टर प्लान को जल्द अनुमोदित करें
    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के नगरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान को मौजूदा माह की समाप्ति से पहले अनुमोदित कराया जाए. उनका कहना था कि शहरी नियोजन, आवासीय विकास, अधोसंरचना और डिजिटल प्रबंधन के कार्यों को समन्वित दृष्टिकोण से लागू करना अब आवश्यक हो गया है. जीआईएस बेस्ड प्लानिंग से योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी.

    सीएम योगी ने विकास प्राधिकरणों दिए निर्देश- (UP GOVERNMENT)

    कानपुर, आगरा और लखनऊ मेट्रो को मिलेगी रफ्तार
    बैठक में मेट्रो परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर 1 और 2 का कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. मोतीझील से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक 6.7 किलोमीटर का अंडरग्राउंड सेक्शन बनकर तैयार हो चुका है. वहीं, आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर को दिसंबर 2025 तक और दूसरे कॉरिडोर को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज तक के सेक्शन पर कार्य तेजी से चल रहा है. मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार और जेपीएनआईएसी (JPNAIC) को जल्द हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए.

    इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनेगा नई पहचान
    लखनऊ में 900 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल एक्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. यह परियोजना 32.50 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है और मुख्यमंत्री का मानना है कि यह नया सेंटर “नए लखनऊ की पहचान” बनेगा. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य को एक वैश्विक स्तर की प्रदर्शनी और सम्मेलन सुविधा मिलेगी.

    यूपी-एससीआर के डीपीआर में नहीं होनी चाहिए देरी
    मुख्यमंत्री ने यूपी-एससीआर परियोजना की भी समीक्षा की, जिसमें लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जैसे जिले शामिल हैं. यह परियोजना कुल 27,826 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को कवर करती है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस परियोजना की डीपीआर की प्रक्रिया में कोई भी देरी न हो और जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए.

    आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना भी हुई तय
    समीक्षा बैठक में आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई. इसमें उत्तर प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिनियम-2025, लैंड पूलिंग पॉलिसी-2025, और भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को लागू करने की प्रक्रिया शामिल है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी.

    शहरी विस्तार योजना को मिलेगा बढ़ावा
    मुख्यमंत्री ने शहरी विस्तार/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं को जून 2025 से दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए. झांसी, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा (ककुआ), कानपुर (न्यू कानपुर सिटी योजना), मथुरा (ट्रांसपोर्ट नगर), मुरादाबाद (डिडौसी), बुलंदशहर, गाज़ियाबाद, मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है. इन योजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए.

    चार महायोजनाएं इसी माह हों अनुमोदित
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीआईएस आधारित महायोजना संरचना के अंतर्गत प्रदेश के 59 नगरों की महायोजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें से 42 को अनुमोदन मिल चुका है. शेष चार महायोजनाएं—झांसी, मैनपुरी, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ और बहराइच—के अनुमोदन की प्रक्रिया को इसी महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए.

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  • लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई (ACTION AGAINST MADRASAS) शुरू कर दी है. प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, पीलीभीत और महाराजगंज के जिलों में कई अवैध निर्माण सील किए गए हैं. इसके साथ ही अवैध धार्मिक संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है.

    खासकर, बलरामपुर में 20 मदरसे चिन्हित (ACTION AGAINST MADRASAS) किए गए हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज़ के संचालित हो रहे थे. इसी तरह बहराइच में 143 अतिक्रमण हटाए गए और 6 मदरसे सील किए गए हैं. सिद्धार्थनगर में 17 मदरसों और एक अवैध धार्मिक स्थल पर कार्रवाई की गई है. श्रावस्ती में 53 मदरसे सील किए गए और 151 पर बेदखली की कार्रवाई की गई. इसके अलावा, एक अवैध धार्मिक स्थल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. पीलीभीत जिले में 7 अवैध मदरसे और 77 अवैध धार्मिक स्थल मिले हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है.

    कार्यवाही का उद्देश्य
    प्रदेश सरकार का यह कदम अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ है, जो न केवल वक्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि इनका अवैध निर्माण समाज में असामान्यता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है. नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इन अवैध निर्माणों के होने से सीमा सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने में भी खतरा पैदा हो रहा था. ऐसे में सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है.

    अतिक्रमण हटाओ अभियान
    अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर अवैध कब्जों को हटाया और अवैध निर्माणों को सील किया. इस अभियान के दौरान, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था. इसके अलावा, अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार के अन्य अवैध निर्माणों को ना बनने दिया जाए.

    धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई
    धार्मिक स्थलों की अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन ने उन मदरसों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की, जो बिना किसी कानूनी स्वीकृति के चल रहे थे. ये कार्रवाई न केवल कानून की पालना सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी, बल्कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण थी.

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  • लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय (TRANSGENDER COMMUNITY) के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. योगी सरकार अब एक विशेष अभियान के तहत ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड प्रदान करेगी, जिससे उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. यह कदम उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है जो अभी तक राशन कार्ड से वंचित थे और खाद्य सुरक्षा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे. खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा.

    इस अभियान का उद्देश्य उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (TRANSGENDER COMMUNITY) की पहचान करना है, जो किसी कारणवश अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं. सरकार के इस कदम से उन नागरिकों को राहत मिलेगी जो आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं और सामाजिक असमानताओं के कारण बुनियादी सरकारी सुविधाओं से भी वंचित रहे हैं. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिकों को स्थायी रोजगार और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था. इस दिशा में यूपी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को जानकारी दी थी और अब इस समुदाय के वंचित नागरिकों को राशन कार्ड जारी कर उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

    हर जिले में चलेगा विशेष अभियान
    खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और तुरंत प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे. पात्रता की पुष्टि के बाद इन व्यक्तियों को “पात्र गृहस्थी” श्रेणी में शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ मिलेगा.

    वृद्धाश्रम और छात्रवृत्ति से आत्मसम्मान
    इसके अलावा, राज्य सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा भी शुरू की है. उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी. इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. इसके साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.

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  • उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम ने करवट ले ली है. गुरुवार रात से ही तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के बीच शुक्रवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव 24 अप्रैल को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है. विभाग ने पहले ही राज्य के 62 जिलों में तेज बारिश और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी.

    आगरा: गुरुवार रात से ही मौसम में बदलाव देखा गया. सुबह करीब 6 बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई. ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट लाकर मौसम को सुहाना बना दिया. मौसम विभाग ने 5 मई तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है. बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई.

    बुलंदशहर: शुक्रवार सुबह से ही हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. तेज हवाओं के बीच लगातार बारिश हो रही है.

    मथुरा: सुबह 4 बजे से रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं. गरज-चमक के साथ बौछारों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

    अलीगढ़: तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है. हालांकि, लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे यातायात और जनसुविधाओं पर असर पड़ा है.

    सीएम योगी ने दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम में हो रहे बदलाव और आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें. आंधी-बारिश, बिजली गिरने या ओलावृष्टि से अगर जनहानि या पशुहानि होती है, तो प्रभावितों को तत्काल राहत राशि वितरित की जाए. घायलों का समुचित इलाज कराया जाए. फसलों की क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए.

    सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जलभराव की स्थिति में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और बस्ती में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं.

    इन जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना
    मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना जिन जिलों में जताई है, उनमें प्रमुख रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सहारनपुर, शामली आदि शामिल हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, बिना जरूरत के घर से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें.

  • लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है. लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यालय के बाहर लगे एक होर्डिंग (Akhilesh Yadav Poster Controversy) ने प्रदेश की सियासी फिजाओं को गरमा दिया है. इस पोस्टर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की आधी तस्वीर हटाकर उनकी जगह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लगा दी गई है. इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने कड़ा विरोध जताया है.

    सोमवार सुबह जब लोगों ने सपा कार्यालय के बाहर यह पोस्टर देखा, तो सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध की लहर फैल गई. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव से माफी की मांग कर रहे हैं. बीजेपी के नगर अध्यक्ष और विधायक नीरज बोरा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं. उनके हाथों में बैनर और पोस्टर हैं, जिन पर अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारे लिखे हैं.

    एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, हमारे संविधान और दलित सम्मान पर हमला है. अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.” वहीं एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि सपा जानबूझकर दलित प्रतीकों का अपमान कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    बसपा ने जताई कड़ी आपत्ति
    विवाद को और हवा तब मिली जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डॉ. अंबेडकर के नाम और तस्वीरों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद नहीं किया गया तो बसपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे. मायावती ने ट्वीट कर कहा, “डॉ. अंबेडकर की छवि से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

    उधर, समाजवादी पार्टी ने पूरे विवाद को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है. सपा प्रवक्ता का कहना है कि पोस्टर किसी आम समर्थक द्वारा लगाया गया है और पार्टी की इसमें कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा और बसपा जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रही हैं ताकि सपा की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.

    यह विवाद न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच टकराव को बढ़ा रहा है, बल्कि जातिगत भावनाओं को भी उकसा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले ऐसे मुद्दे राजनीतिक एजेंडों को धार देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. फिलहाल, लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

  • नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और बिना मान्यता संचालित धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (yogi government action) शुरू कर दी है. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 25 से 27 अप्रैल के बीच विशेष अभियान चलाकर कई जिलों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटवाए गए. नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर दायरे में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को लेकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब कोई भी अनधिकृत कब्जा या गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    बहराइच: सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए
    बहराइच जिले की नानपारा तहसील के अंतर्गत भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर 227 अवैध अतिक्रमण के मामले चिन्हित किए गए थे. इनमें से पहले से हटाए गए 63 अतिक्रमणों के अलावा 25 से 27 अप्रैल के बीच 26 और अतिक्रमण हटवाए गए. अब तक कुल 89 अवैध कब्जेदारों से जमीन को मुक्त कराया जा चुका है. राहत की बात यह रही कि यहां किसी भी अतिक्रमित स्थल पर धार्मिक या शैक्षणिक संरचना नहीं मिली.

    श्रावस्ती: अवैध मदरसों पर कार्रवाई
    श्रावस्ती जिले में बिना मान्यता के संचालित 17 मदरसों पर कार्रवाई की गई है. तहसील जमुनहा में सात और भिनगा में 10 मदरसों को वैध कागजात न होने के कारण बंद करवा दिया गया. इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से सटे 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में अस्थाई और स्थाई अवैध कब्जों के 119 मामलों में भी राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कार्रवाई जारी है.

    सिद्धार्थनगर और महाराजगंज: धार्मिक ढांचों पर नजर
    सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में पांच स्थानों पर अवैध अतिक्रमण के तहत मस्जिद और मदरसे के निर्माण की पुष्टि हुई है. उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यहां जांच और आगे की कार्रवाई जारी है. वहीं, शोहरतगढ़ तहसील में छह स्थानों पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं.

    बलरामपुर: स्वतः कब्जा हटाने की पहल
    बलरामपुर जिले में सात अवैध कब्जे चिन्हित किए गए. इनमें बलरामपुर तहसील में पांच और तुलसीपुर तहसील में दो कब्जे शामिल हैं. इनमें से दो अवैध कब्जेदारों ने स्वतः कब्जा हटा लिया, जबकि बाकी मामलों में प्रशासन द्वारा राजस्व संहिता के तहत बेदखली की कार्रवाई की जा रही है.

    लखीमपुर खीरी: अवैध मस्जिद निर्माण रोका गया
    लखीमपुर खीरी जिले के तहसील पलिया के कृष्णा नगर कॉलोनी में खसरा नंबर 222 पर अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी और मस्जिद बनाए जाने की योजना थी. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध निर्माण को हटा दिया है. जिले के अन्य स्थानों पर भी लगातार चिन्हीकरण और कार्रवाई का सिलसिला जारी है.

    सख्ती का संदेश
    योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, धार्मिक या शैक्षणिक संस्थान के अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि चिन्हित अवैध कब्जों को शीघ्रता से हटाकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें. यह सख्ती न केवल सुरक्षा कारणों से उठाई गई है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भी यह अभियान चलाया जा रहा है.

  • लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ में ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, उतरेठिया स्टेशन के पास पटरी पर रखा गया लोहे का दरवाजा- Lucknow train

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow train) में एक बार फिर ट्रेन को पलटाने की खतरनाक साजिश नाकाम हो गई. उतरेठिया रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार तड़के एक मालगाड़ी के ट्रैक पर लोहे का भारी दरवाजा रखकर हादसे की साजिश रची गई. साथ ही पटरियों में लगने वाली पेंड्रोल क्लिप भी हटा दी गई थी, जिससे ट्रैक पर परिचालन अवरुद्ध हो गया. गनीमत रही कि ट्रेन दरवाजे को तोड़ते हुए निकल गई और बड़ा हादसा टल गया.

    इस घटना की जानकारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) अनिल कुमार पाण्डेय को सुबह 3:42 बजे मिली. सूचना मिलते ही वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वहां जांच करने पर पता चला कि ट्रेन गुजरने से लोहे के दरवाजे के कुछ हिस्से टूट गए थे और पटरियों के किनारे बिखरे पड़े थे. अप और डाउन लाइन के बीच ट्रैक पर दरवाजे के टुकड़े पड़े मिले.

    एसएसई पांडेय ने तत्काल ट्रैक की मरम्मत कराई और संचालन सुचारू रूप से शुरू करवाया. दरवाजा हटाने में ट्रेन मैनेजर मनीष त्रिपाठी और ऑन ड्यूटी गेटमैन अभिषेक कुमार ने मदद की. घटना की गंभीरता को देखते हुए सुशांत गोल्फ सिटी थाने में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.

    पहले भी हो चुकी है ऐसी साजिश
    यह पहली बार नहीं है जब राजधानी में इस तरह की साजिश रची गई हो. इससे पहले रहीमाबाद रेलवे स्टेशन के पास दिलावर नगर में असामाजिक तत्वों ने रेलवे ट्रैक पर मोटा लकड़ी का तना रख दिया था. हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता के चलते वहां भी बड़ा हादसा टल गया था. उस घटना में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

    सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
    लगातार हो रही इन घटनाओं से रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक सप्ताह के भीतर दो बार रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने से अधिकारियों में भी चिंता का माहौल है. रेलवे प्रशासन ने रेलवे ट्रैक और स्टेशन क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है. इसके तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.

    पुलिस ने अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस साजिश के पीछे कोई बड़ी आतंकी साजिश तो नहीं है. फिलहाल पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है.

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