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Category: लखनऊ

लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • यूपी में ठंड का कहर: शेरों के लिए हीटर, 15 शहरों में स्कूल बंद, 25 में कोहरा

    यूपी में ठंड का कहर: शेरों के लिए हीटर, 15 शहरों में स्कूल बंद, 25 में कोहरा

    यूपी में ठंड का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि ठंड से शेर तक कांपने लगे, जिसके चलते प्रदेश के चिड़ियाघरों में शेरों और अन्य जानवरों के लिए हीटर और ब्लोअर लगाए गए हैं।मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 15 शहरों में अत्यधिक ठंड को देखते हुए स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, 25 जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई।

    यूपी में ठंड का कहर चिड़ियाघरों में भी साफ नजर आ रहा है। कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर सहित कई शहरों के चिड़ियाघरों में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शेरों के बाड़ों में हीटर और ब्लोअर लगाए गए हैं, साथ ही उनके रहने की जगहों पर अतिरिक्त बिछावन की व्यवस्था की गई है।मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि क्रिसमस की रात प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण सर्दी पड़ सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है। खासतौर पर पश्चिमी और मध्य यूपी में शीतलहर का प्रकोप अधिक रहने की उम्मीद है।

    घने कोहरे के कारण नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि उड़ानों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है।यूपी में ठंड का कहर देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई गई है और गरीब व जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।

  • एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में नजर आने का मामला विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बन गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान उस समय सभी की नजरें ठहर गईं, जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव एक ही लिफ्ट से एकसाथ जाते हुए दिखाई दिए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना विधानसभा भवन के भीतर की है। जैसे ही दोनों नेता लिफ्ट के पास पहुंचे, वहां मौजूद कुछ अन्य लोग भी लिफ्ट में चढ़ने लगे। इसी दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने हल्के-फुल्के अंदाज में वहां मौजूद लोगों से कहा, “तुम लोग बाहर आओ, मुझे शिवपाल जी के साथ जाने दो।” उनका यह बयान सुनते ही आसपास मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और माहौल कुछ पल के लिए अनौपचारिक हो गया।

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में दिखने का यह दृश्य देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा और समाजवादी पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को आमतौर पर अलग-अलग राजनीतिक खेमों में देखा जाता है, ऐसे में उनका इस तरह एकसाथ नजर आना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।

    हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी भी तरह की औपचारिक राजनीतिक बातचीत या संदेश की पुष्टि नहीं हुई है। इसे विधानसभा की सामान्य कार्यवाही के दौरान हुई एक सामान्य घटना बताया जा रहा है। फिर भी, नेताओं के बीच हुए इस संवाद और दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह के दृश्य अक्सर देखने को मिल जाते हैं, जहां अलग-अलग दलों के नेता औपचारिकता से इतर आपसी संवाद करते नजर आते हैं। लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में इस तरह की घटनाएं स्वतः ही सुर्खियों में आ जाती हैं।

    फिलहाल, दोनों नेताओं की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इतना तय है कि विधानसभा परिसर में हुआ यह छोटा सा दृश्य दिनभर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।

  • Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में दिए गए अपने बयान में सीएम योगी ने साफ कहा कि यूपी के भीतर कोडीन कफ सिरप से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर NDPS एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी सरकार इस पूरे मामले में कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और सरकार को पूरा विश्वास है कि वह इसे जीतेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, बल्कि इसका निर्माण मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में किया जाता है। यूपी में केवल इसके स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं।

    नकली दवाओं के आरोप खारिज

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उठाए जा रहे नकली दवाओं से मौत के आरोपों पर सीएम योगी ने कहा कि शासन के संज्ञान में अब तक नकली दवाओं से हुई किसी भी मौत की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों से संबंधित हैं, न कि उत्तर प्रदेश से।

    एसटीएफ की कार्रवाई और लाइसेंस विवाद

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में सबसे बड़े होलसेलर को सबसे पहले एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में उस होलसेलर को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लाइसेंस जारी किया गया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “देश के अंदर दो नमूने हैं—एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है, तो वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।” उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि यूपी सरकार कानून के तहत सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

  • यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है और लोग धूप निकलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर जनजीवन, यातायात और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है।

    घना कोहरा और शीतलहर से बढ़ी परेशानी

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में सुबह 10–11 बजे तक धूप नहीं निकल रही, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस की जा रही है।

    तापमान में तेज गिरावट

    प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर तराई और मध्य यूपी के जिलों में शीतलहर का प्रकोप ज्यादा रहेगा। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    10 शहरों में स्कूल बंद

    भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 10 शहरों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। इन शहरों में प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 या 12 तक के विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। कुछ जिलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    यातायात पर असर, सतर्कता की अपील

    घने कोहरे के कारण हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन और यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से धीमी गति, फॉग लाइट और संकेतकों का प्रयोग करने की अपील की है।

    आगे क्या कहता है मौसम पूर्वानुमान

    मौसम विभाग के मुताबिक, दो दिन बाद कोहरे की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा। जनवरी के अंत तक शीतलहर के कई और दौर आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

    प्रदेश में बढ़ती ठंड और कोहरे ने फिलहाल लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और सभी की नजरें मौसम के अगले अपडेट पर टिकी हैं।

  • कोडीन मामले पर सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तंज, बोले “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा”

    कोडीन मामले पर सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तंज, बोले “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा”

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले कोडीन कफ सिरप से जुड़े सवाल पर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसते हुए शेराना अंदाज में कहा— “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा।” सीएम योगी के इस बयान को सीधे तौर पर विपक्ष पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।

    दरअसल, कोडीन कफ सिरप के दुरुपयोग और इससे जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा था। इसी बीच सत्र से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में नशे और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि पिछली सरकारों में ऐसे मामलों को नजरअंदाज किया जाता था।

    सीएम योगी ने बिना किसी का नाम लिए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला और कहा कि जब-जब सरकार ने सच्चाई सामने रखी, तब-तब विपक्ष को असहजता हुई। उन्होंने कहा कि आईना साफ करने का मतलब है सच्चाई दिखाना, और यही काम उनकी सरकार लगातार कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सरकारों के दौरान नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिला, लेकिन अब कानून सबके लिए बराबर है।

    योगी आदित्यनाथ ने यह भी संकेत दिए कि कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामलों में जिन लोगों के तार राजनीतिक दलों से जुड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक हमला बता रहा है, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि सीएम योगी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

    गौरतलब है कि यूपी विधानमंडल सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, नशा कारोबार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। ऐसे में सत्र शुरू होने से पहले ही सीएम योगी का यह तंज राजनीतिक माहौल को और गरमा गया है।

  • यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और हालिया विवादों पर सरकार का पक्ष रखा। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कफ सिरप कांड को लेकर समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला और गंभीर आरोप लगाए।

    कफ सिरप मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कफ सिरप के नाम पर जहरीली दवाइयों का कारोबार मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पकड़े गए आरोपियों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन सामने आया है। योगी ने कहा,“जिन लोगों ने मासूमों की जान से खिलवाड़ किया, उनके तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें सत्ता में रहते हुए गरीबों और जनता की कोई चिंता नहीं थी।”

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि कफ सिरप जैसे मामलों में सरकार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शने वाली नहीं है, चाहे उनका राजनीतिक संरक्षण कितना ही मजबूत क्यों न हो।

    सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और रोजगार को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार जनहित से जुड़े अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा करेगी।
    योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

    सत्र के दौरान हंगामे के आसार

    सीएम योगी के इस बयान के बाद सत्र के दौरान राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष पहले ही सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत और जनता के हित में की जा रही है।

    आगे क्या?

    विधानमंडल के इस शीतकालीन सत्र में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, महंगाई और विकास योजनाओं को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। कफ सिरप मामला सत्र का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैसे बने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खोले राज़

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैसे बने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खोले राज़

    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की कहानी राजनीतिक गलियारों में हमेशा चर्चा का विषय रही है।

    अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस विषय पर कुछ अहम और गुप्त पहलुओं का खुलासा किया है।

    पीयूष गोयल के अनुसार, योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया में सत्तारूढ़ पार्टी के संगठनात्मक निर्णय, राजनीतिक समीकरण और जन समर्थन का मिश्रण निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज और राजनीति में सक्रिय संगठनकर्ता के रूप में थी, जो चुनावी जीत और प्रशासनिक दक्षता दोनों में सक्षम थे।

    गुप्त पहलू और राजनीतिक रणनीति

    पीयूष गोयल ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने में पार्टी नेतृत्व की गहन रणनीति शामिल थी। यह केवल लोकप्रियता का मामला नहीं था, बल्कि पार्टी की नीति, संगठनात्मक मजबूती और उत्तर प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक संरचना को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए योगी का चयन सुरक्षित और निर्णायक विकल्प माना गया था। उनका दृष्टिकोण और प्रशासनिक क्षमता, साथ ही जनता के बीच मजबूत पकड़, उन्हें पार्टी नेतृत्व के लिए सबसे भरोसेमंद उम्मीदवार बनाती थी।

    उत्तर प्रदेश में बदलाव की दिशा

    पीयूष गोयल के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कई क्षेत्रों में विकास की नई दिशा देखी। कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश आकर्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल था।गोयल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की कहानी राजनीतिक रणनीति और जनता के समर्थन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि सत्तारूढ़ पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं, बल्कि जन-विश्वास और नेतृत्व क्षमता भी निर्णायक होती है।

  • यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, 14 जनवरी के बाद हो सकता है बड़ा फेरबदल

    यूपी में कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, 14 जनवरी के बाद हो सकता है बड़ा फेरबदल

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट विस्तार और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के मुताबिक 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के बाद कभी भी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लंबे समय से खाली पड़े मंत्री पदों और कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर समीक्षा के बाद यह कदम उठाया जा सकता है।

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार कर सकती है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल से नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जाने या उन्हें संगठन में नई जिम्मेदारी देने की भी अटकलें हैं।

    कई पद लंबे समय से खाली

    योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अब तक कैबिनेट विस्तार सीमित रहा है। ऐसे में पार्टी के भीतर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि जमीनी स्तर पर काम कर रहे नेताओं को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जाए। सूत्र बताते हैं कि भाजपा नेतृत्व ने इस पर मंथन तेज कर दिया है और हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही विस्तार की घोषणा हो सकती है।

    2027 को ध्यान में रखकर रणनीति

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का भी हिस्सा हो सकता है। नए चेहरों को मौका देकर सरकार सामाजिक और जातीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है। साथ ही कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है।

    संगठन और सरकार में संतुलन

    भाजपा संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए भी यह फेरबदल अहम माना जा रहा है। हाल ही में संगठनात्मक स्तर पर हुई बैठकों के बाद यह संकेत मिले हैं कि पार्टी नेतृत्व सरकार की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना चाहता है।हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो मकर संक्रांति के बाद लखनऊ की राजनीति में बड़ी घोषणा हो सकती है।

  • पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और आज यह प्रदेश देश के सामने एक नए, सुरक्षित और विकसित राज्य के रूप में खड़ा है। बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते अब उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को महानगर स्थित पीएवी की 35वीं बटालियन में आयोजित पीएसी स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में प्रांतीय आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की भूमिका की सराहना की।

    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध, अराजकता और असुरक्षा से जुड़ी हुई थी, लेकिन आज वही प्रदेश सुशासन, सुरक्षा और विकास का मॉडल बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बदलाव बिना मजबूत पुलिस व्यवस्था और अनुशासित बल के संभव नहीं था।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पीएसी को और अधिक सक्षम बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएसी की संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। जवानों को नवीनतम तकनीक, अत्याधुनिक हथियार और दंगा नियंत्रण के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

    सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, जिससे आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। यही कारण है कि बड़े उद्योगपति और वैश्विक निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत बताया।

    पीएसी स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जवानों के अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएसी न केवल प्रदेश में, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी आपदा, चुनाव और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाकर अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुकी है।

    समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने पीएसी के जवानों से आह्वान किया कि वे जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका निभाते रहें।

  • लखनऊ : पंकज चौधरी बने यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष, निर्विरोध हुआ चयन

    लखनऊ : पंकज चौधरी बने यूपी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष, निर्विरोध हुआ चयन

    लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। रविवार को हुए औपचारिक ऐलान के साथ ही 11 महीने से चल रहा प्रदेश अध्यक्ष को लेकर इंतजार खत्म हो गया। पार्टी की सर्वसम्मति की परंपरा के अनुसार पंकज चौधरी ही एकमात्र उम्मीदवार थे, जिसके चलते उनका चयन निर्विरोध हुआ।प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में यह घोषणा की गई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूरे प्रदेश से विधायक, सांसद और संगठन के पदाधिकारी भी लखनऊ पहुंचे थे।

    2027 चुनाव को ध्यान में रखकर बड़ा दांव

    बीजेपी का यह फैसला पूरी तरह से 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इससे गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    पंकज चौधरी वर्तमान में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री हैं और महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं। उनका राजनीतिक सफर गोरखपुर नगर निगम में पार्षद के रूप में शुरू हुआ था। पूर्वांचल में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, जिसका फायदा बीजेपी को आने वाले चुनावों में मिलने की उम्मीद है।

    संगठन में नई ऊर्जा की उम्मीद

    प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी ने कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को और मजबूत करेंगे और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर बूथ तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बीजेपी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता होगी।

    लखनऊ में जश्न का माहौल

    पंकज चौधरी के चयन के बाद लखनऊ स्थित बीजेपी कार्यालय में जश्न का माहौल देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाई दी। पार्टी नेताओं का कहना है कि नया नेतृत्व संगठन को नई दिशा देगा और 2027 की तैयारी को धार देगा।