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Category: लखनऊ

लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीजेपी को करीब 11 महीने से नए प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार है, जो अब खत्म होने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रविवार को यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को लखनऊ में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। माना जा रहा है कि इस पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन होगा और वह केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का होगा।

    पंकज चौधरी

    बीजेपी की सर्वसम्मति की परंपरा के तहत चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रहेगी और पंकज चौधरी को एक भव्य कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और यूपी संगठन चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष की मौजूदगी तय मानी जा रही है। संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पहले ही लखनऊ पहुंचकर चुनाव तैयारियों का जायजा ले लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूरे लखनऊ को सजाया गया है और सभी सांसदों-विधायकों को राजधानी में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    2027 को साधने की रणनीति

    बीजेपी का यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी ने इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और वर्तमान में महाराजगंज से सांसद हैं। वह सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्वांचल में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है।

    पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गोरखपुर से पार्षद के रूप में की थी। राजनीति के साथ-साथ वह कारोबारी भी हैं और ‘राहत रूह तेल’ कंपनी के मालिक बताए जाते हैं। पूर्वांचल, तराई, काशी, अवध और रुहेलखंड क्षेत्रों में कुर्मी समाज का प्रभाव माना जाता है, जहां वे पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नए घोषणा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अखिलेश ने कहा है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस ऐलान के बाद जहां बीजेपी खेमे में टेंशन और राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है, वहीं प्रदेश की महिलाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।

    घोषणा के बाद सियासी हलचल

    अखिलेश यादव के बयान ने विपक्षी दलों को सीधा निशाने पर ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की बड़ी रणनीति है, जो आने वाले चुनावों में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
    बीजेपी ने इस ऐलान को “लोकलुभावन वादे” बताते हुए उस पर सवाल उठाए और कहा कि यह आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है। कई भाजपा नेताओं ने टिप्पणी करते हुए दावा किया कि अखिलेश केवल वोट बैंक साधने के लिए ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं।

    महिलाओं में दिखी उम्मीद और खुशी

    सपा प्रमुख की घोषणा का सबसे ज्यादा असर महिलाओं में दिखाई दिया। कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे सराहा और कहा कि ऐसी आर्थिक मदद से घर का खर्च चलाने में बड़ी राहत मिल सकती है।महिलाओं ने कहा कि यह योजना उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देगी घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के खर्च में आसानी होगीसोशल मीडिया पर भी इस घोषणा को लेकर महिलाओं की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं बढ़ रही हैं।

    चुनावी रणनीति का बड़ा दांव?

    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों पर आधारित ऐसी घोषणाएं यूपी की चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सपा इस वादे के जरिए खासकर महिलाओं, युवाओं और घरेलू वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है।

    बीजेपी क्यों आई टेंशन में?

    बीजेपी का मानना है कि ऐसी घोषणा से जनता में गलत संदेश जा सकता है और सरकार की योजनाओं की तुलना होने लगेगी। पार्टी लगातार इस घोषणा पर पलटवार कर रही है और इसे सपनों की स्कीम बता रही है।कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की यह घोषणा एक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा कितना असर डालेगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि महिलाओं में इस घोषणा ने उम्मीद जगाई है और सियासत में नई गर्मी ला दी है।

  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya News) के सरकारी आवास पर उस समय हड़कंप मच गया जब गुरुवार सुबह एक संदिग्ध युवक अचानक सुरक्षा घेरे को पार कर अंदर पहुंचने की कोशिश करने लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे रोका और लखनऊ पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंच गई और युवक को हिरासत में ले लिया।

    संदिग्ध तरीके से पहुंचा व्यक्ति, सुरक्षा में हलचल

    घटना के दौरान डिप्टी सीएम आवास पर नियमित मुलाकातियों का समय चल रहा था। लेकिन इसी बीच एक युवक बिना अनुमति गेट के पास पहुंच गया। सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की तो वह खुद को किसी “जरूरी काम” से आया बताने लगा। उसके पास न कोई पहचान पत्र मिला और न ही कोई वैध अनुमति पत्र। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे दबोच लिया।

    पुलिस ने की गहन पूछताछ

    सूचना मिलते ही हजरतगंज पुलिस और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट मौके पर पहुंची। संदिग्ध युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के शुरुआती इनपुट के अनुसार युवक मानसिक रूप से व्याकुल या भ्रमित भी हो सकता है, लेकिन उसकी मंशा और पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
    पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, बैग और निजी सामान की भी स्क्रीनिंग की है।

    सुरक्षा एंगल से उच्चस्तरीय जांच

    डिप्टी सीएम जैसे वीवीआईपी पद के आवास पर किसी भी अनजान व्यक्ति का यूं पहुँच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट है। इसी कारण इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी मामले में शामिल कर लिया गया है।
    सूत्रों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक कैसे सुरक्षा घेरा पार कर मुख्य गेट तक पहुंच गया और क्या इससे पहले भी उसने किसी वीवीआईपी क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश की है।

    डिप्टी सीएम कार्यालय ने बढ़ाई सुरक्षा

    घटना के बाद डिप्टी सीएम कार्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं और विज़िटर एंट्री सिस्टम की पुनः समीक्षा शुरू हो गई है।

    पुलिस ने कहा – जांच के बाद होगी आधिकारिक पुष्टि

    हजरतगंज पुलिस ने बताया कि युवक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। शुरुआती पूछताछ के बाद ही यह साफ होगा कि उसकी नीयत क्या थी और वह किन परिस्थितियों में सरकारी आवास तक पहुंचा।

  • UP BJP President Election: 13–14 दिसंबर को चुनाव, तैयारियों में तेज़ी; संगठन ने कसी कमर

    UP BJP President Election: 13–14 दिसंबर को चुनाव, तैयारियों में तेज़ी; संगठन ने कसी कमर

    UP BJP President Election:। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी संगठन पूरी तरह मोड में आ चुका है। चुनाव आयोग ने तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है, जिसके अनुसार 13 दिसंबर को नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 14 दिसंबर को मतदान और परिणाम घोषित होगा। मौजूदा राजनीतिक माहौल और 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है।

    13 दिसंबर-नामांकन प्रक्रिया सुबह से शुरू होगी

    सूत्रों के अनुसार, 13 दिसंबर की सुबह प्रदेश मुख्यालय पर नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवारों के लिए आवश्यक सत्यापन, दस्तावेज़ जांच और समर्थक हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताएं एक ही दिन पूरी कराई जाएंगी। प्रदेश संगठन ने निर्वाचन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    14 दिसंबर-चुनाव और परिणाम का दिन

    14 दिसंबर को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मतदान होगा। पंचायत प्रतिनिधियों, जिला कार्यकारिणी, प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्य वोट डालेंगे। यदि एक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है, तो उसी दिन निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा भी हो सकती है। लेकिन अगर एक से अधिक दावेदार सामने आते हैं, तो मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर तक चलेगी।

    कौन हो सकता है नया अध्यक्ष?,पार्टी में चर्चाएं तेज

    सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी हाईकमान पिछले एक महीने से परफॉर्मेंस, संगठनात्मक मजबूती और जातीय balance को ध्यान में रखकर संभावित नामों पर मंथन कर रहा है। यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब 2026 लोकसभा उपचुनाव और 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पार्टी फोकस कर रही है। इसलिए नया अध्यक्ष एक ऐसा चेहरा होगा जो संगठन और सरकार दोनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके।

    संगठन में तैयारियां जोरों पर

    चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रदेश संगठन ने विस्तृत तैयारी की है नामांकन और मतदान स्थल पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और पार्टी के अनुशासन विभाग को नियुक्त किया गया है।कार्यकर्ताओं और मीडिया के लिए अलग-अलग एंट्री-पास जारी होंगे।पूरे कार्यक्रम का संचालन पार्टी का निर्वाचन अधिकारी संभालेगा।

    महत्व इसलिए भी ज्यादा

    प्रदेश अध्यक्ष न केवल संगठन का सर्वोच्च पद होता है, बल्कि बूथ कमेटियों से लेकर जिलों तक की पूरी रणनीति इन्हीं के निर्देशन में तय होती है। यही वजह है कि UP BJP President Election को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्सुकता चरम पर है।

  • योगी सरकार का हाईटेक प्लान, घुसपैठियों की बायोमेट्रिक पहचान और अभेद डिटेंशन सेंटर तैयार

    योगी सरकार का हाईटेक प्लान, घुसपैठियों की बायोमेट्रिक पहचान और अभेद डिटेंशन सेंटर तैयार

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों की पहचान और कार्रवाई को लेकर एक व्यापक एवं हाईटेक योजना तैयार कर ली है। सरकार का दावा है कि नई रणनीति न केवल प्रदेश में सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर सकती है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि पहचान प्रक्रिया में अत्याधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि किसी भी स्तर पर चूक की संभावना न रहे।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, योगी सरकार ऐसे व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक स्कैनिंग सिस्टम, बायोमेट्रिक उपकरणों और डिजिटल वेरिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब प्रदेश में संदिग्ध पहचान-पत्रों, फर्जी दस्तावेजों और सरकारी प्रमाणपत्रों की गहन डिजिटल जांच की जाएगी। हाईटेक स्कैनरों की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि किसी व्यक्ति ने कितने समय से प्रदेश में निवास किया है, उसकी पृष्ठभूमि क्या है और किस तरह से उसने दस्तावेजों में हेरफेर की।

    सूत्रों के मुताबिक, इनकी पहचान के बाद जिन व्यक्तियों को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, उनके लिए एक अभेद्य सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है। दावा है कि डिटेंशन सेंटर की सुरक्षा को बहु-स्तरीय और पूर्णत: तकनीकी आधार पर मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की चूक या सेंधमारी की संभावना को समाप्त किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि “सरकार डिटेंशन सेंटर के लिए ऐसा चक्रव्यूह तैयार कर रही है, जिसमें बिना अनुमति किसी का प्रवेश या निकास संभव नहीं होगा।”

    इसके साथ ही सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए व्यक्तियों की विस्तृत बायोमेट्रिक प्रोफाइलिंग की जाएगी। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और अन्य पहचान संबंधी डाटा शामिल होगा। इन डाटा को एक “नेगेटिव लिस्ट” में दर्ज किया जाएगा और यह सूची देशभर की एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि कोई व्यक्ति पुनः किसी अन्य प्रदेश या सीमा में अवैध रूप से प्रवेश न कर सके।

    अधिकारियों के अनुसार, तकनीक की मदद से फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने वाले नेटवर्क की भी गहन जांच की जाएगी। सरकार का मानना है कि दस्तावेज़ों की जालसाजी में शामिल तत्वों पर कार्रवाई किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए जांच एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे न सिर्फ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करें, बल्कि यह भी पता लगाएं कि फर्जी कागजात किस तरह और कहाँ तैयार किए गए। इससे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में सहायता मिलेगी और भविष्य में दस्तावेज़ों की जालसाजी पर कठोर रोक लगाई जा सकेगी।

    सरकारी सूत्र बताते हैं कि भविष्य में यह हाईटेक मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें पहचान, सत्यापन, निगरानी और सुरक्षा को एकीकृत तरीके से जोड़ा गया है। योगी सरकार का दावा है कि इस योजना से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश में फर्जी पहचान के आधार पर अवैध रूप से रहने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण भी स्थापित होगा।

  • मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    नई दिल्ली/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए 6 दिसंबर को नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल पर प्रस्तावित अपनी विशाल जनसभा रद्द कर दी। पार्टी पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक के बाद मायावती ने यह निर्णय लिया और इसके पीछे की वजह आम जनता की सुविधा को बताया।

    मायावती ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्मारकों और सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने आगे से महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्मारकों पर न जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा की।

    अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायण गुरु, डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम जैसे महापुरुषों को सम्मान देते हुए कई बड़े स्मारक और प्रेरणास्थल बनवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी पार्टियों की सरकारों में इन समाज सुधारकों को अक्सर अनदेखा किया जाता रहा है, जबकि बीएसपी ने सदैव इन महान विभूतियों को उचित सम्मान दिया।

    उधर, उनकी जनसभा रद्द होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था और जनता की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इसके साथ ही मायावती की आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी मौसम में ऐसे फैसले राजनीतिक संदेश भी देते हैं। हालांकि, बीएसपी सुप्रीमो ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज सुधारकों का सम्मान बनाए रखना है। मायावती के इस रुख ने समर्थकों और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

  • UP Cabinet Meeting 2025: योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक: अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय और सभी मंडल मुख्यालयों पर DDRC केंद्र को मंजूरी

    UP Cabinet Meeting 2025: योगी कैबिनेट की बड़ी बैठक: अयोध्या में विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय और सभी मंडल मुख्यालयों पर DDRC केंद्र को मंजूरी

    UP Cabinet Meeting 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, खेल, स्वास्थ्य, पेयजल, दिव्यांग कल्याण और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में रखे गए 21 प्रस्तावों में से 20 को मंजूरी दे दी गई। निर्णयों में अयोध्या के लिए विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय, कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, सिगरा स्टेडियम का कायाकल्प और हर मंडल मुख्यालय पर दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ शामिल हैं।


    अयोध्या में बनेगा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय

    कैबिनेट ने अयोध्या में प्रस्तावित टेंपल म्यूजियम परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है।

    • टाटा एंड संस को पूर्व में दी गई 25 एकड़ जमीन के अतिरिक्त
    • कुल 52.102 एकड़ नजूल भूमि अब हस्तांतरित की जाएगी।

    यह संग्रहालय अयोध्या के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक इतिहास को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा।


    कानपुर में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल को मंजूरी

    स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कानपुर में नजूल भूमि पर 45,000 वर्ग मीटर क्षेत्र को कानपुर विकास प्राधिकरण को मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल निर्माण हेतु हस्तांतरित करने का निर्णय लिया।


    वाराणसी के सिगरा स्टेडियम को मिलेगा हाई-टेक स्वरूप

    वाराणसी स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम (सिगरा) को उच्च स्तरीय बनाने के लिएएमओयू प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।इसके बाद स्टेडियम में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


    हर मंडल मुख्यालय पर बनेगा दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC)

    राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए UP के सभी 18 मंडलों में DDRC केंद्र बनाने इनके संचालन के लिए राजकीय संसाधनों का उपयोग करने की मंजूरी दी है। यह केंद्र दिव्यांग जनों के कौशल, शिक्षा, उपकरण वितरण और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


    कानपुर–बरेली में पेयजल परियोजनाओं को आर्थिक स्वीकृति

    AMRUT योजना के तहत दो बड़े शहरों को राहत मिली कानपुर में अमृत पेयजल योजना चरण-2 को वित्तीय स्वीकृति बरेली में AMRUT 2.0 पेयजल परियोजना को मंजूरी दोनों निर्णय पेयजल आपूर्ति और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे।


    औद्योगिक निवेश को बढ़ावा—दिए जाएंगे प्रोत्साहन

    • शाहजहांपुर की केय पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड
    • मथुरा की वृंदावन एग्रो को 2017 औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के तहत वित्तीय प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सुधारों पर भी मुहर

    • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर घाघरा पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत व सुरक्षा कार्य की मंजूरी इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति (2005 व 2014) के अंतर्गत निष्क्रिय परियोजनाओं के निरस्तीकरण और सक्रिय योजनाओं को पूरा कराने के लिए नई नीति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली 2025 के प्रख्यापन को हरी झंडी योगी सरकार की यह बैठक विकास परियोजनाओं, खेल अवसंरचना, दिव्यांगजन कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन फैसलों का असर आगामी वर्षों में यूपी की विकास गति पर स्पष्ट रूप से देखने को मिलेगा।
  • UPNewBJPPresident: यूपी भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, SIR पर MP-MLA की उदासीनता से संघ नाराज़

    UPNewBJPPresident: यूपी भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, SIR पर MP-MLA की उदासीनता से संघ नाराज़

    UPNewBJPPresident लखनऊ – उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठनात्मक ढांचे के सबसे अहम पद प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। सूत्रों के मुताबिक, इसी सप्ताह पार्टी अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। गौरतलब है कि मौजूदा अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह फैसला लगभग एक साल से लंबित था।

    बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई। इसी बैठक में प्रदेश संगठन की स्थिति, आगामी रणनीतियों और विशेष रूप से नए अध्यक्ष के नाम पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच नाम पर सहमति बन चुकी है और घोषणा अंतिम चरण में है।

    SIR (Special Summary Revision) को लेकर नाराज़गी

    प्रदेश में चल रहे SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) अभियान में भाजपा के सांसदों और विधायकों की अपेक्षित भागीदारी न होने से संघ बेहद नाराज़ है। जानकारी के अनुसार, कई जिलों में MP-MLA ने बूथ स्तर पर SIR की समीक्षा या पर्यवेक्षण में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे संघ के पदाधिकारी नाखुश हैं। उनका मानना है कि चुनावी वर्षों में ऐसे अभियानों को हल्के में लेना संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है।

    RSS ने इस ढीलापन सीधे तौर पर प्रदेश नेतृत्व की निष्क्रियता से जोड़ा है और बैठक में इसे गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया गया। यही कारण है कि नया अध्यक्ष चुने जाने में संगठन एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो सांसदों-विधायकों को सक्रिय बनाए रखे और बूथ स्तर तक पार्टी को फिर से ऊर्जावान कर सके।पार्टी सूत्रों का कहना है कि नाम पर मुहर लग चुकी है और औपचारिक घोषणा दिल्ली से किसी भी समय हो सकती है।

  • लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ। खादी महोत्सव-2025 का 10 दिवसीय भव्य आयोजन शुक्रवार को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर में शुरू हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया।इस वर्ष महोत्सव में प्रदेश के 160 से अधिक उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां खादी, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्कृष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    मंत्री राकेश सचान ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, आत्मनिर्भर भारत का आधार है। गांधीजी के स्वावलंबन के विचार को आगे बढ़ाते हुए यह महोत्सव नवाचार और परंपरा के संगम का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में आयोजित 20 प्रदर्शनियों में दो हजार से अधिक इकाइयों ने भाग लिया और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।

    390 हजार लोगों को मिला रोजगार

    मंत्री राकेश सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान समय में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि है। वर्ष 2025 में अब तक 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।दुना बनाने की मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। इसी क्रम में समारोह में चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट प्रदान किए गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

    खादी हुई आधुनिक, ई-कॉमर्स से खुला वैश्विक बाजार

    प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी आधुनिक डिज़ाइन और तकनीक के साथ युवाओं की पसंद बन चुकी है। निफ्ट और फैशन संस्थानों की मदद से खादी को नया रूप मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से खादी उत्पाद अब राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है।

    लाभार्थियों को मिला सम्मान

    कार्यक्रम में मेरठ के दीपक कुमार, गोंडा की ममता और हाथरस के संजय सिंह को क्रमशः 40,000, 30,000 और 20,000 रुपये के राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही दर्जनों लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक वितरित किए गए।मंत्री ने लखनऊवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुँचकर खादी उत्पाद खरीदें और ग्रामीण कारीगरों का मनोबल बढ़ाएँ

  • लखनऊ : मंत्री आवास के पास माँ-बेटे ने सल्फास खाकर की आत्महत्या की कोशिश, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

    लखनऊ : मंत्री आवास के पास माँ-बेटे ने सल्फास खाकर की आत्महत्या की कोशिश, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक मंत्री के सरकारी आवास के ठीक पास माँ-बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों मथुरा के रहने वाले बताए जा रहे हैं और उनकी हालत अत्यंत गंभीर है। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है।

    मथुरा से आए थे पीड़ित, मौके से मिला सुसाइड नोट

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला और उसका बेटा किसी समस्या को लेकर पिछले कई दिनों से परेशान थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों खासतौर पर लखनऊ आए थे और मंत्री आवास के निकट यह कदम उठाया। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।सुसाइड नोट में माँ-बेटे ने मंत्री के एक कथित बिज़नेस पार्टनर पर उनका घर छीन लेने का आरोप लगाया है। नोट में साफ लिखा है कि लगातार उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान के कारण वे मानसिक तनाव में थे और आखिरकार मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, राजनीतिक हलकों में हड़कंप

    मंत्री आवास के पास हुई इस घटना ने सत्ता प्रतिष्ठान और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। मामला संवेदनशील होने के कारण उच्चाधिकारियों को तुरंत जानकारी दी गई। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, जिस बिज़नेस पार्टनर का नाम इसमें दर्ज है, उसकी भूमिका और पीड़ितों के साथ विवाद के कारणों का पता लगाया जा रहा है।DCP साउथ ने मीडिया को बताया कि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी और पीड़ित महिला व युवक की हालत सुधरने पर उनका बयान भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मामले ने खड़े किए कई सवाल

    घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैंक्या वास्तव में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के बिज़नेस पार्टनर द्वारा पीड़ितों का घर हड़प लिया गया?क्या पीड़ितों ने पहले भी किसी प्रशासनिक अधिकारी से शिकायत की थी?और सबसे बड़ा सवाल, राजधानी के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में से एक में इस तरह की घटना कैसे हुई?फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है और प्रशासन भी घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है। अस्पताल से लगातार दोनों पीड़ितों की स्थिति पर अपडेट लिया जा रहा है।


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