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Category: लखनऊ

लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • लखनऊ- गंदगी नहीं, स्वच्छता को बढ़ाए, लखनऊ को हम सब मिलकर सजाएं -नगर निगम

    लखनऊ- गंदगी नहीं, स्वच्छता को बढ़ाए, लखनऊ को हम सब मिलकर सजाएं -नगर निगम

    अजय शर्मा लखनऊ नगर निगम ने हाल ही में महिला राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चारबाग में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को गंदगी नहीं बल्कि स्वच्छता बढ़ाने के महत्व से अवगत कराना था। “गंदगी नहीं, स्वच्छता को बढ़ाए, लखनऊ को हम सब मिलकर सजाएं” के नारे के तहत यह अभियान शुरू किया गया।नगर निगम की टीम ने उपस्थित लोगों को घर और मोहल्लों की सफाई के सही तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि घर से निकलने वाले गीले कचरे को मिट्टी में कंपोस्ट किया जा सकता है, जिससे वह प्राकृतिक खाद में परिवर्तित हो जाता है। वहीं, सूखा कचरा, जैसे प्लास्टिक और कागज, नगर निगम की टीम या कबाड़ी वालों को सौंपकर रिसाइक्लिंग प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।

    डंपिंग गाड़ियों की भूमिका
    नगर निगम ने बताया कि शहर भर में डंपिंग गाड़ियां हफ्ते में सातों दिन कचरा एकत्र करती हैं। यदि किसी दिन डंपिंग गाड़ी नहीं आती, तो नागरिक टोल फ्री नंबर 18001234999 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि शहर का कचरा समय पर डंपिंग हाउस में पहुंचा और रिसाइक्लिंग प्रक्रिया में इस्तेमाल हो।

    कचरे को अलग करने का महत्व
    अभियान में यह भी बताया गया कि कचरे को तीन श्रेणियों में अलग करना जरूरी है: गीला, सूखा और खतरनाक।

    1. गीला कचरा: सब्जियों का कचरा, भोजन के अवशेष – कंपोस्टिंग के लिए
    2. सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज – रिसाइक्लिंग के लिए
    3. खतरनाक कचरा: बैटरी, सुई, पुरानी दवाएं – विशेष रूप से अलग संग्रह

    नगर निगम ने यह चेतावनी भी दी कि कचरा खुले में फेंकना या जलाना कानूनी अपराध है। इसलिए, प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कचरा उचित तरीके से जमा करे।

    व्यवसायिक इकाइयों का योगदान
    दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और खोमचे वालों से आग्रह किया गया कि वे अपने स्टाल पर हरे और नीले रंग के कूड़ेदान रखें। ग्राहकों से इसे इस्तेमाल करने के लिए कहें। इससे न केवल स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि शहर का सौंदर्य भी बढ़ेगा।

    नगर निगम की शिक्षा और जागरूकता
    इस अभियान का लक्ष्य केवल कचरे को इकट्ठा करना नहीं था। नगर निगम की टीम ने लोगों को घर-घर जाकर स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया। उपस्थित नागरिकों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी दिखाई और साफ-सफाई के नए उपाय सीखे।नगर निगम ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता के प्रयासों में हर नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है। कचरा छंटाई, कंपोस्टिंग और रिसाइक्लिंग के सही तरीके अपनाकर ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

  • हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड ,अजय राय को परिवार से मिलने से रोका, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड ,अजय राय को परिवार से मिलने से रोका, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड लखनऊ। फतेहपुर के ऊंचाहार में मानसिक रूप से अस्वस्थ दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की 1 अक्टूबर को हुई निर्मम हत्या का मामला अब भी सुर्खियों में है। इस हत्या के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    सूत्रों के अनुसार, अजय राय के साथ पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी, सांसद राकेश कुमार राठौर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे। पुलिस हिरासत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। समर्थकों ने मौके पर जोरदार नारेबाजी की और पुलिस के इस कदम की निंदा की। अजय राय ने आरोप लगाया कि हत्या में भाजपाई गुंडों का हाथ है और पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान उन्हें रोकना कानून का उल्लंघन है।

    मामले की गंभीरता

    1 अक्टूबर को हरिओम वाल्मीकि को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। परिजनों के अनुसार, हरिओम बैंक में तैनात अपनी पत्नी से मिलने जा रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर हमला कर दिया। 2 अक्टूबर को मामला वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    इस मामले में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शुक्रवार रात 12वें आरोपी दीपक अग्रहरी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी के पैर में गोली लगी और उसके पास से देशी तमंचा बरामद हुआ।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस घटना पर राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।यह मामला यूपी में जातिगत और सामाजिक न्याय के मुद्दों को फिर से प्रमुखता दे रहा है और अजय राय के परिवार से मिलने की कोशिश पर पुलिस की रोक राजनीतिक बहस को और बढ़ा रही है।

  • मायावती ने कांग्रेस, सपा और भाजपा पर साधा निशाना  बोलीं,”बसपा ही देगी सर्व समाज को न्याय”

    मायावती ने कांग्रेस, सपा और भाजपा पर साधा निशाना बोलीं,”बसपा ही देगी सर्व समाज को न्याय”

    लखनऊ-कांशीराम की जयंती के बहाने मायावती ने की साल बाद अपनी ताकत दिखाई और सपा, कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ जमकर गरजीं।कांशीराम की जयंती के बहाने बसपा प्रमुख मायावती आज अपनी ताकत दिखा रही हैं। कई साल बाद कोई बड़ा कार्यक्रम कर रही हैं । बसपा प्रमुख ने कांग्रेस, सपा और भाजपा के खिलाफ जमकर हमला बोला। साथ ही कहा कि सर्व समाज को बसपा ही न्याय दे सकती है।

    उन्होंने कहा कि सपा ने कांशीराम का कभी सम्मान नहीं किया। यूपी में कासगंज जिले का नाम मान्यवर कांशीराम नगर के नाम से रखा था। जैसे ही सपा पॉवर में आई, उन्होंने नाम बदल दिया। उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस ने संविधान को कुचल दिया। यही नहीं कांग्रेस ने बाबा साहेब को संसद नहीं पहुंचने दिया था। बाबा साहेब को भारत रत्न नहीं दिया था।उन्होंने कहा कि दलित समाज को जागरूक होना होगा। आरक्षण अभी पूरा नहीं मिल पाया है। इसे लेने का संकल्प लेना होगा।

    बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि 2007 में, घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में, हमने अपने दम पर अपनी पार्टी की पहली पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। पिछले तीन कार्यकालों में, हमने गठबंधन सरकारें बनाई थीं, लेकिन चौथी बार, हमने अपने बल पर ही उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत हासिल किया। उस समय की कांग्रेस-नीत केंद्र सरकार ने हमें न्याय नहीं दिया, बल्कि कई बाधाएँ खड़ी कीं, जिसके कारण हमें अदालतों का रुख करना पड़ा। जहाँ हमें अंततः न्याय मिला। बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलते हुए, हमने 2007 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ा और अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में सफल रहे।

    आकाश आनंद ने कहा, बनानी है बसपा की सरकार

    बसपा में दूसरे नंबर के नेता और मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने कहा कि BSP बाबा साहेब की रास्ते पर चल रही है । मायावती कांशीराम के अधूरे काम को पूरा करने में लगीं हैं। यूपी की जनता को मायावती की जरूरत है। मायावती ने ही जातिवाद के पीड़ितों को मान-सम्मान की जिंदगी दी। वह सम्मान पाने के लिए BSP को मजबूत करके सत्ता में लाना है। BSP सरकार में आरक्षण का सही लाभ मिल सकता है।

  • आईएएस सुरेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त, सीएमओ में अब तीन सचिव

    आईएएस सुरेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त, सीएमओ में अब तीन सचिव

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेन्द्र सिंह (IAS Surendra Singh) को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया है। सुरेन्द्र सिंह हाल ही में एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेश) काडर से लगभग तीन वर्ष की प्रतिनियुक्ति पूरी कर वापस लौटे हैं।

    प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले सुरेन्द्र सिंह मुरादाबाद के मंडलायुक्त पद पर तैनात थे। इसके अलावा, वह अक्टूबर 2019 से मार्च 2021 तक मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं। अब सरकार ने उन्हें सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

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    मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव संजय प्रसाद के अलावा अब तीन सचिव होंगे। इसमें पहले से तैनात आईएएस सूर्य पाल गंगवार और भारतीय रेल सेवा के अमित सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पांच विशेष सचिवों की टीम भी सीएमओ में काम कर रही है, जिनमें विशाल भारद्वाज, बृजेश कुमार, ईशान प्रताप सिंह, विपिन कुमार जैन और नवनीत सिंह चहल शामिल हैं।

    सुरेन्द्र सिंह की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और नीति निर्माण में और मजबूती आने की संभावना है। उनके अनुभव और पूर्व कार्यकाल ने उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया है।इस नियुक्ति को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया है। राजनीतिक गलियारों में यह कदम सीएम कार्यालय में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।सुरेन्द्र सिंह की नियुक्ति से मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली में तेजी और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • यूपी सरकार ने महिलाओं और बेटियों के लिए दी बड़ी सौगात: निशुल्क ड्राइविंग ट्रेनिंग योजना

    यूपी सरकार ने महिलाओं और बेटियों के लिए दी बड़ी सौगात: निशुल्क ड्राइविंग ट्रेनिंग योजना

    निशुल्क ड्राइविंग ट्रेनिंग योजना उत्तर प्रदेश: योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। सरकार ने बताया कि महिलाओं और बेटियों को निशुल्क ड्राइविंग सिखाने की योजना शुरू की जा रही है।

    इस योजना के तहत हर जिले से 100-100 महिलाओं और बेटियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से वाहन चला सकें।योजना के तहत प्रशिक्षित महिलाओं को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें ड्राइविंग टेस्ट और लाइसेंस प्राप्त करने में भी सहायता दी जाएगी।

    यूपी सरकार का कहना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को प्रदेश की महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है।इस पहल से महिलाओं को रोज़गार और स्वतंत्रता के साथ-साथ सड़क पर सुरक्षित और आत्मनिर्भर होने का मौका मिलेगा।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/raebareli-medicinal-kheer-will-be-distributed-to-asthma-patients-at-baba-ghisiyavan-das-kuti-on-sharad-purnima/
  • उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में राज्य अवकाश घोषित किया है।

    महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है। उनकी जयंती पर प्रदेशभर में शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। लोग अपने-अपने क्षेत्रों में वाल्मीकि मंदिरों में पूजा-अर्चना कर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करेंगे।

    सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश Negotiable Instruments Act 1881 के तहत नहीं आता। यानी इस दिन बैंक और वित्तीय संस्थान खुले रहेंगे, जबकि शैक्षणिक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन समाज को समानता, ज्ञान और मानवता का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

  • राजतिलक के बाद नगर दर्शन यात्रा पर निकले प्रभु श्रीराम, लखनऊ में भक्ति और भव्यता का संगम

    राजतिलक के बाद नगर दर्शन यात्रा पर निकले प्रभु श्रीराम, लखनऊ में भक्ति और भव्यता का संगम

    लखनऊ, अजय शर्मा।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब ऐशबाग रामलीला मैदान से प्रभु श्रीराम की नगर दर्शन शोभायात्रा पूरे राजसी वैभव और दिव्य सजावट के साथ निकाली गई।

    यह यात्रा भगवान श्रीराम, माता सीता और भ्राताओं के स्वर्ण रथ पर विराजमान होने के साथ प्रारंभ हुई। यात्रा में ढोल-नगाड़ों, डीजे और बैंड की गूंज के बीच श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। 22 रथों और 10 घोड़ों की यह अलौकिक झांकी जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय होता गया।

    शहर के हर कोने में आरती, पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन के साथ भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ आई। यह शोभायात्रा ऐशबाग रामलीला मैदान से आरंभ होकर पीली कॉलोनी, वाटर वर्क्स रोड, कोयला मंडी, यहियागंज, राजा बाजार, सुभाष मार्ग, रकाबगंज, नादन महल रोड होते हुए वर्मा स्टॉप स्थित माता धर्मध्वजा देवी मंदिर तक पहुंची।

    रथों की सजावट में सुनहरी झलक और फूलों की सजावट ने हर किसी का मन मोह लिया। तीन बैंड, तीन डीजे और नगाड़ों की थाप पर हाथी, घोड़े और रथ जब आगे बढ़े, तो गलियां ही नहीं, छतें भी श्रद्धालुओं से भर गईं।इस भव्य आयोजन में श्रमिक कॉलोनी जन कल्याण समिति की ओर से प्रभु श्रीराम का स्वागत विशेष रूप से किया गया। समिति अध्यक्ष सतीश चंद्र दुबे, कोषाध्यक्ष राहुल मिश्रा, सचिव संजय सिंह, संरक्षक रमन श्रीवास्तव, और अन्य सदस्यों — ओम स्वरूप, जितेंद्र शर्मा, सुधीर कुमार, नेहा मिश्रा, रमेश चंद्र शुक्ला, श्रवण पाण्डेय, हेमंत कालरा, आदित्य शुक्ला, मनी भैया, अभिषेक तिवारी, कुलबीर सिंह, बृजेश तिवारी, डॉ. जितेंद्र सिंह, विनोद भल्ला आदि ने पूरे श्रद्धाभाव से आरती और पुष्प वर्षा कर भगवान श्रीराम का स्वागत किया।

    शोभायात्रा में ऐशबाग श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष ऋतुराज अग्रवाल, मंत्री शील कुमार अग्रवाल समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। यात्रा के दौरान रामभक्तों का उत्साह चरम पर था — हर ओर से “जय श्रीराम” के नारे गूंज रहे थे।भक्तिभाव से सराबोर माहौल में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने राम नाम की गूंज में खुद को भक्ति में डुबो दिया। रथों पर विराजमान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की झांकी ने श्रद्धालुओं को ऐसा एहसास कराया मानो स्वयं अयोध्या लखनऊ आ गई हो।रथों की श्रृंखला में भगवान हनुमान, सीता माता और वानर सेना की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। सड़कों पर जगह-जगह भक्तों ने आरती, नारियल अर्पण और प्रसाद वितरण कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया।

    इस शोभायात्रा ने यह संदेश दिया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और नैतिकता के प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी जन-जन के हृदय में जीवित हैं।कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से “राम नाम सत्य है” और “सीताराम जय जय राम” के मंत्रोच्चार किए। आयोजकों के अनुसार, इस बार की नगर दर्शन यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक भव्य और संगठित रही।

    लखनऊ प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया था। शोभायात्रा के दौरान यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन कर रहे थे।आयोजन के अंत में समिति सदस्यों ने कहा कि यह यात्रा सांस्कृतिक एकता और श्रद्धा का प्रतीक है, जो हर वर्ष लोगों को मर्यादा, प्रेम और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

  • उत्तर प्रदेश में अक्तूबर की शुरुआत बारिश के साथ, उमस भरी गर्मी से मिली राहत

    उत्तर प्रदेश में अक्तूबर की शुरुआत बारिश के साथ, उमस भरी गर्मी से मिली राहत

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश में अक्तूबर की शुरुआत बूंदाबांदी और झमाझम बारिश के साथ हुई है। लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

    शनिवार को मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और अंबेडकरनगर समेत नौ जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया और उड़ीसा व आंध्र प्रदेश के तटों – गोपालपुर और पारादीप के बीच बने चक्रवातीय सिस्टम को माना जा रहा है। इस सिस्टम के कारण पूर्वी भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    उन्होंने बताया कि 7 अक्तूबर तक विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी और हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। तराई और पूर्वांचल के जिलों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।

    बारिश से एक ओर जहां मौसम सुहाना हो गया है, वहीं कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

    विभाग ने यह भी बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों — लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़ और झांसी मंडलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, लेकिन यहां भारी बारिश की संभावना नहीं है।अक्तूबर की इस शुरुआती बारिश ने न सिर्फ तापमान में गिरावट लाई है, बल्कि लंबे समय बाद लोगों को उमस और गर्मी से राहत दिलाई है। अब तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह-शाम का मौसम खुशनुमा हो गया है।

  • उत्तर प्रदेश ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने भारत बंद का विरोध किया, आरोप लगाया सियासी मकसद

    उत्तर प्रदेश ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने भारत बंद का विरोध किया, आरोप लगाया सियासी मकसद

    उत्तर प्रदेश। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने हाल ही में आयोजित भारत बंद का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि भारत बंद के पीछे कोई आम मुद्दा नहीं बल्कि सियासी मकसद छिपा हुआ है।

    जमात ने स्पष्ट किया कि धार्मिक और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है और किसी भी तरह के बंद या हिंसक प्रदर्शन से समाज को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने सरकार और जनता से अपील की कि वे इस तरह की सियासी चालों से प्रभावित न हों।

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रवक्ता ने कहा कि भारत बंद का विरोध लोकतांत्रिक अधिकार के तहत किया गया है और संगठन हमेशा शांतिपूर्ण विरोध में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समूह को किसी भी तरह का हिंसक प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जमात के प्रतिनिधियों ने बैठकें आयोजित कर लोगों को भारत बंद से दूर रहने और कानून का पालन करने का संदेश दिया।यह घटनाक्रम राज्य और देश में राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • यूपी: जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, सिर पर कैंची से वार

    यूपी: जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, सिर पर कैंची से वार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला किया गया। घटना के अनुसार, एक कैदी ने गायत्री प्रजापति के सिर पर ताबड़तोड़ कैंची से वार किए, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

    घटना लखनऊ जिला कारागार के जेल अस्पताल में हुई। जानकारी के मुताबिक, सफाई ड्यूटी पर लगे एक बंदी के साथ कहासुनी के बाद अचानक धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान कैदी ने गायत्री प्रजापति को अलमारी के स्लाइडिंग हिस्से से मारकर चोट पहुँचाई, जिससे उन्हें सिर में 10 से अधिक टांके लगे। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शोर सुनकर तुरंत कार्रवाई की और घायल पूर्व मंत्री को सुरक्षित रखा। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।इस हमले के बाद समाजवादी पार्टी ने चिंता व्यक्त की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि यह घटना गंभीर है और जेल प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि पूर्व मंत्री को समुचित इलाज और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

    गायत्री प्रजापति समाजवादी पार्टी के शासन काल में अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इस घटना ने जेल सुरक्षा और कैदियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जेल प्रशासन ने वार करने वाले कैदी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेल में उच्च प्रोफाइल कैदियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।