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Category: लखनऊ

लखनऊ जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जो अपनी ऐतिहासिक धरोहर, समृद्ध संस्कृति और आधुनिकता के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ समाचार

 

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  • SP नेता काजल निषाद ने रवि किशन के GST बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

    SP नेता काजल निषाद ने रवि किशन के GST बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

    लखनऊ :सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानबाजी का दौर देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी (SP) की नेता काजल निषाद ने सांसद और अभिनेता रवि किशन के GST (Goods and Services Tax) पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।काजल निषाद ने कहा कि रवि किशन के बयान से जनता में भ्रम फैलता है। उन्होंने अपने तीखे अंदाज में कहा — “लगता है सांसद जी सस्ता वाला नशा करने लगे हैं।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किया जा रहा है।

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    काजल ने आगे कहा कि सांसद को अपने बयानों में जिम्मेदारी रखनी चाहिए और जनता को सही जानकारी देनी चाहिए। उनका कहना था कि संवेदनशील मुद्दों पर ऐसे विवादास्पद बयान देना सही नहीं है।सोशल मीडिया पर काजल निषाद के इस बयान के वीडियो और प्रतिक्रियाओं ने बड़ी तेजी से वायरल होना शुरू कर दिया है। समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मज़ाकिया अंदाज में देख रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर राजनीतिक टिप्पणी मान रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर ऐसे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन सकते हैं और इसके माध्यम से मतदाताओं का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।यह घटना यूपी की सियासत में राजनीतिक हलचल बढ़ा सकती है और आगामी दिनों में इस पर और बयान आने की संभावना है।

  • यूपी में ‘I Love Mohammad’ और ‘I Love Mahadev’ के बाद अब दिखे ‘I Love Yogi’ और ‘I Love Bulldozer’ पोस्टर

    यूपी में ‘I Love Mohammad’ और ‘I Love Mahadev’ के बाद अब दिखे ‘I Love Yogi’ और ‘I Love Bulldozer’ पोस्टर

    ‘I Love Yogi’ और ‘I Love Bulldozer’ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ‘I Love Mohammad’ और ‘I Love Mahadev’ पोस्टर विवाद के बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है। राजधानी लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज में ‘I Love Yogi’ और ‘I Love Bulldozer’ लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के पीछे भाजपा नेता अमित त्रिपाठी का नाम सामने आया है।

    जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता अमित त्रिपाठी ने खुद पोस्टर अभियान की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि “योगी आदित्यनाथ हमारे लिए हिंदुत्व, विकास और कानून व्यवस्था के प्रतीक हैं।जब लोग अपने-अपने भगवान के लिए पोस्टर लगा सकते हैं, तो हम अपने नेता के लिए क्यों नहीं?”शहर के कई चौराहों, कॉलेजों और मुख्य सड़कों पर ‘I Love Yogi’ और ‘I Love Bulldozer’ के बैनर लगाए गए हैं। लोगों ने इन पोस्टरों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करना भी शुरू कर दिया है।

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    वहीं, विपक्षी दलों ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी धर्म और राजनीति को मिलाकर माहौल भटकाने की कोशिश कर रही है।हालांकि, बीजेपी समर्थकों का कहना है कि यह किसी के खिलाफ नहीं बल्कि योगी सरकार की नीतियों और बुलडोजर एक्शन के समर्थन में एक प्रतीकात्मक अभियान है।पुलिस ने भी इस पर सतर्कता बरती है और कहा है कि किसी भी पोस्टर या बयान से कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।

  • लखनऊ: माफिया मुख्तार अंसारी को पकड़ने वाले IPS अधिकारी के घर में चोरी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

    लखनऊ: माफिया मुख्तार अंसारी को पकड़ने वाले IPS अधिकारी के घर में चोरी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चोरों के हौसले अब पुलिस अधिकारियों के घर तक पहुंच गए हैं। बेखौफ चोरों ने इस बार उस आईपीएस अधिकारी के घर को निशाना बनाया, जिसने कभी माफिया मुख्तार अंसारी पर शिकंजा कसा था। यह मामला राजधानी के विकास नगर क्षेत्र का है, जहां नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी यमुना प्रसाद के घर में चोरी की बड़ी वारदात हुई है।

    सूत्रों के मुताबिक, चोरों ने घर की ग्रिल तोड़कर अंदर घुसपैठ की और बेशकीमती सामान लेकर फरार हो गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी के दौरान घर में रखे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सजावटी सामान भी चोरी हो गए।यमुना प्रसाद, जो इस समय डीसीपी नोएडा के पद पर तैनात हैं, अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं। लखनऊ स्थित उनके आवास की देखरेख उनके रिश्तेदार असित सिद्धार्थ करते हैं,

    जिन्होंने पुलिस को चोरी की सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही विकास नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल की जांच की।चोरी की यह वारदात न केवल लखनऊ पुलिस के लिए चुनौती है, बल्कि इसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब चोरों ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के घर को ही निशाना बना लिया।

    बताया जा रहा है कि पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।राजधानी में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है। ऐसे में पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर कैसे हो गई कि चोर अब पुलिस अधिकारियों तक के घरों तक पहुंचने लगे हैं।

  • Akhilesh Yadav On Azam khan: आजम खान जेल से बाहर, अखिलेश यादव ने किया जोरदार स्वागत, बोले- सभी झूठे मुकदमे खत्म होंगे

    Akhilesh Yadav On Azam khan: आजम खान जेल से बाहर, अखिलेश यादव ने किया जोरदार स्वागत, बोले- सभी झूठे मुकदमे खत्म होंगे

    Akhilesh Yadav On Azam khan लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासी फिजा आजम खान के जेल से बाहर निकलते ही गरम हो गई है। समाजवादी पार्टी (एसपी) के मुखिया अखिलेश यादव ने जेल से रिहा होने के बाद आजम का जोरदार स्वागत किया। अखिलेश ने कहा कि आजम पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं और आने वाले समय में उनके सभी केस खत्म होंगे।

    आज़म खान यूपी में मुस्लिम समाज के बड़े नेता माने जाते हैं और समाजवादी पार्टी की राजनीति में उनका अहम योगदान रहा है। उनके जेल से निकलने के पहले ही कई कयास लगाए जा रहे थे कि वे सियासी मोड़ ले सकते हैं, लेकिन अखिलेश यादव ने उनके साथ स्पष्ट समर्थन जताया।

    अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर आजम पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इससे पहले मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज कई मामलों को हटाया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आजम खान समाजवादी पार्टी और पार्टी के संस्थापक नेताजी के साथ हमेशा रहे हैं और बीजेपी का मुकाबला करने में उनकी अहम भूमिका रहेगी।

    इस स्वागत के बाद आजम खान का अगला सियासी कदम क्या होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। एसपी के इस कदम को मुस्लिम समुदाय और पार्टी समर्थकों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। समाजवादी नेताओं का यह संदेश स्पष्ट करता है कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ हमेशा खड़ी है।

  • अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट पर मुकदमा, विजिलेंस की कार्रवाई से बढ़ीं मुश्किलें

    अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट पर मुकदमा, विजिलेंस की कार्रवाई से बढ़ीं मुश्किलें

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विजिलेंस ने अंबी बिष्ट समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की प्रियदर्शिनी भूखंड योजना में अंबी बिष्ट ने अनियमितताएं की थीं। उस समय वे एलडीए में संपत्ति अधिकारी के पद पर तैनात थीं।

    अंबी बिष्ट का संबंध प्रदेश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार से है। वे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन हैं। उनकी बेटी अपर्णा बिष्ट की शादी मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव से हुई है। प्रतीक, मुलायम सिंह और साधना गुप्ता के बेटे हैं। लंबे समय तक लखनऊ नगर निगम में तैनात रही अंबी बिष्ट अक्सर सुर्खियों में रही हैं।

    अंबी बिष्ट लगभग 25 साल तक लखनऊ नगर निगम में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहीं। कई बार उनका तबादला हुआ, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते आदेश रद्द हो जाते थे। एक बार नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी से टकराव के बाद उन्हें सस्पेंड करने की सिफारिश भी हुई थी। इसके अलावा वे एलडीए और नगर निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।

    अपर्णा यादव, जो मौजूदा समय में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, कभी समाजवादी पार्टी से लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और अब संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

    विजिलेंस की जांच और मुकदमे से अंबी बिष्ट पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला न सिर्फ अंबी बिष्ट बल्कि पूरे यादव परिवार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

  • Raja Bhai Vs Bhanavi Singh: राजा भैया पर पत्नी भानवी सिंह का बड़ा आरोप, PMO में की शिकायत

    Raja Bhai Vs Bhanavi Singh: राजा भैया पर पत्नी भानवी सिंह का बड़ा आरोप, PMO में की शिकायत

    लखनऊ – Raja Bhai Vs Bhanavi Singh: उत्तर प्रदेश के राजनीति जगत में एक नया विवाद सामने आया है। राजा भैया रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ उनकी पत्नी भानवी सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत दर्ज कराई है। भानवी सिंह का आरोप है कि राजा भैया के पास अवैध और प्रतिबंधित हथियारों का जखीरा मौजूद है।

    शिकायत में यह भी कहा गया कि इनमें सामूहिक विनाश यानी मास डिस्ट्रक्शन से जुड़े विदेशी हथियार भी शामिल हैं। भानवी सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि राजा भैया के पास ऐसे हथियारों की मौजूदगी न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि राज्य और देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

    राजा भैया उत्तर प्रदेश के एक प्रभावशाली और विवादास्पद नेता माने जाते हैं। उनके राजनीतिक करियर में कई बार विवाद और कानूनी मामलों की वजह से सुर्खियां रही हैं। इस नए आरोप ने उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन दोनों में हलचल पैदा कर दी है।

    पीएमओ द्वारा इस शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय करके जांच कर सकती है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले में राजा भैया के खिलाफ यदि साक्ष्य मिले तो यह उनके राजनीतिक करियर पर बड़ा असर डाल सकता है। वहीं, इस विवाद के बीच जनता और मीडिया की नजरें लगातार इस मामले पर टिकी हुई हैं।

    यह घटना उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और सुरक्षा दोनों ही मोर्चों पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • अखिलेश यादव का बड़ा बयान:”नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी”

    अखिलेश यादव का बड़ा बयान:”नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी”

    लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party (SP) President Akhilesh Yadav) ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में कहा कि देश की जनता अब सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठाएगी। उन्होंने कहा, “नेपाल की तरह जनता यहाँ भी सड़कों पर दिखाई देगी और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।”

    अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने अपने बयान में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आम जनता आज भी बेरोजगारी, महंगाई और विकास की धीमी गति से पीड़ित है। उन्होंने कहा कि जनता के असंतोष को नजरअंदाज करना सरकार की बड़ी भूल होगी।सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज़ को उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएँ।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)का यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए जनता का ध्यान आकर्षित करने और पार्टी के समर्थन को बढ़ाने की रणनीति भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को चाहिए कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएँ।

    इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसे किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

    अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक पार्टियां जनता की भावनाओं और समस्याओं के प्रति सजग हैं और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगी।

  • UP Medical Admission Reservation: मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैध आरक्षण नीति पर सवाल, डॉ. संजय पाठक ने उठाया मुद्दा

    UP Medical Admission Reservation: मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैध आरक्षण नीति पर सवाल, डॉ. संजय पाठक ने उठाया मुद्दा

    UP Medical Admission Reservation– लखनऊ में पिछले 20 वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अवैध आरक्षण नीति से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को हक से वंचित किए जाने का मामला फिर से सुर्खियों में है। यह दावा नमो सेना इंडिया के महासचिव एवं अखिल भारतीय सनातन परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. संजय पाठक ने पत्रकारों से बातचीत में किया।

    डॉ. संजय पाठक ने बताया कि 2006 से जारी इस आरक्षण घोटाले में डीजीएमई की भ्रामक दलीलों से न्यायपालिका को गुमराह किया गया, जिससे हर साल सैकड़ों सामान्य वर्ग के मेधावी छात्र अपने हक से वंचित हुए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण अधिनियम, 2006 के अनुसार आरक्षण की अधिकतम सीमा कुल 50 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन मनमाने ढंग से इसे 79 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया।

    उदाहरण के तौर पर अम्बेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के चार नए मेडिकल कॉलेजों में सामान्य वर्ग के लिए केवल 28 सीटें छोड़ी गईं, जबकि अधिनियम के अनुसार कम से कम 170 सीटें सामान्य वर्ग के लिए खुली रहनी चाहिए थीं। इस प्रक्रिया ने हजारों मेधावी विद्यार्थियों का हक छीना।

    डॉ. संजय पाठक ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से इस अवैध प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में छात्रा सबराह अहमद की चुनौती के बाद 25 अगस्त को एकल पीठ ने राज्य सरकार के आदेशों को अवैध घोषित किया और आरक्षण सीमा का उल्लंघन माना।

    श्री पाठक का कहना है कि अगर प्रक्रिया दोबारा कराई जाती तो इस साल कम से कम 90 सामान्य और ओबीसी विद्यार्थियों को उनका हक मिल सकता था। उनका यह मुद्दा पूरे प्रदेश में शिक्षा और न्याय प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है।

  • Job Opportunities for Youth- 25 लाख नौजवानों के लिए अलग-अलग सेक्टर में रोजगार की योजना – सीएम योगी

    Job Opportunities for Youth- 25 लाख नौजवानों के लिए अलग-अलग सेक्टर में रोजगार की योजना – सीएम योगी

    लखनऊ- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 25 लाख नौजवानों के लिए रोजगार सृजन की महत्वाकांक्षी योजना का एलान किया है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को अलग-अलग सेक्टरों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।योजना के तहत नौजवानों को कृषि, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप्स, निर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र जैसे विभिन्न उद्योगों में काम करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की युवा शक्ति प्रतिभाशाली है और उन्हें सही दिशा और अवसर मिले तो वे न केवल अपने लिए बल्कि प्रदेश और देश के विकास में भी योगदान देंगे।

    सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने का आश्वासन दिया है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज़ की जाएगी। योजना में योग्यताओं और कौशल के अनुसार युवाओं का चयन किया जाएगा, ताकि उन्हें उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार रोजगार मिल सके।

    योजना का एक अहम हिस्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को उनके क्षेत्र में दक्षता प्राप्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे नौजवान न केवल नौकरी के लिए तैयार होंगे बल्कि भविष्य में नए उद्यम स्थापित करने और तकनीकी क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के रोजगार सृजन कार्यक्रम प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएंगे, नई तकनीक और उद्यमिता को प्रोत्साहन देंगे और ग्रामीण इलाकों में भी रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारा लक्ष्य 25 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तर प्रदेश के पास संसाधन और क्षमता दोनों हैं, जिससे यह संभव हो सकता है। हमारी युवा शक्ति इसे सफल बनाएगी।”योजना में कॉलेज और विश्वविद्यालय के स्नातक, डिप्लोमा धारक और विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त युवा शामिल होंगे। सरकार विशेष ध्यान ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं पर देगी ताकि उन्हें भी मुख्यधारा में रोजगार के अवसर मिलें।

    सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। इससे युवाओं के लिए करियर के कई विकल्प खुलेंगे और रोजगार की संभावना बढ़ेगी।योजना की सफलता का मुख्य कारण सरकार का युवाओं पर भरोसा और उन्हें अवसर देने की प्रतिबद्धता है। इसके साथ ही कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नौजवानों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।युवाओं के लिए यह योजना न केवल नौकरी का अवसर है, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रदेश की प्रगति में योगदान देने का एक प्लेटफ़ॉर्म भी प्रदान करती है।

  • सीएम योगी का तोहफा: ग्रामीण रोडवेज बसों में किराया 20% कम

    सीएम योगी का तोहफा: ग्रामीण रोडवेज बसों में किराया 20% कम

    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण यात्रियों के लिए राहत भरी घोषणा की है। उन्होंने ग्रामीण रोडवेज बसों का किराया 20 फीसदी घटाने का आदेश दिया।

    सीएम ने कहा कि यह कदम ग्रामीण जनता को सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने ‘नो हेलमेट… नो फ्यूल’ अभियान की भी सराहना की और बताया कि यह सड़क सुरक्षा और नियम पालन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रियों को लाभ तुरंत मिल सके। इस मौके पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष “जनता सेवा बसें” शुरू की जाएंगी। करीब 250 बसें लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में चलेंगी। सीएम योगी का तोहफा

    प्रत्येक डिपो की लगभग 10 प्रतिशत बसें इस सेवा के लिए आरक्षित होंगी। ये गाड़ियां 75 से 80 किलोमीटर के दायरे में बसे गांवों तक पहुंचेंगी। खास बात यह है कि इन बसों का किराया साधारण रोडवेज की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत कम होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आरटीओ से जुड़े 48 तरह के कामों के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा जन सुविधा केंद्रों की भी सौगात देंगे। इसके साथ ही अलग-अलग श्रेणियों की नई बसों का भी शुभारंभ किया जाएगा।

    ग्रामीणों को सीधी सुविधा

    अधिकारियों के अनुसार, जनता सेवा बसों के लिए अलग रूट तय किए जाएंगे। इन गाड़ियों में गांव से आने-जाने वाले लोगों को सस्ता और आसान सफर मिलेगा। छोटे कारोबारियों के लिए फल, सब्जी, दूध और अन्य सामान शहर तक पहुंचाना आसान होगा। किराया भी कम देना पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर अगर सामान्य बस का किराया 100 रुपये है। तो जनता सेवा में वही सफर सिर्फ 80 रुपये में पूरा हो जाएगा। सीएम योगी का तोहफा