Meerut to Kashi Vande Bharat: मेरठ और वाराणसी (काशी) के यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात सामने आई है। रेलवे ने इन दोनों शहरों के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की घोषणा कर दी है। 813 किमी की यह दूरी अब बिना किसी ट्रांसफर के तय की जा सकेगी। मेरठ से वाराणसी तक सीधी वंदे भारत ट्रेन का संचालन 28 अगस्त से शुरू होगा।
इस महत्वपूर्ण पहल का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है। मेरठ के सांसद और प्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन धार्मिक नगरी मेरठ और काशी को जोड़ने के साथ-साथ पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को भी नजदीक लाएगी। Meerut to Kashi Vande Bharat
सांसद अरुण गोविल का बयान- Meerut to Kashi Vande Bharat
सांसद अरुण गोविल ने बताया कि यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया था। “काशी और मेरठ दोनों धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण शहर हैं। इनका वंदे भारत ट्रेन से सीधा जुड़ना आम यात्रियों के लिए बहुत बड़ी राहत है,” उन्होंने कहा।
कितना समय लेगी वंदे भारत ट्रेन?- Meerut to Kashi Vande Bharat
मेरठ और काशी के बीच 813 किमी की दूरी तय करने में यह ट्रेन लगभग 11.55 घंटे का समय लेगी। मौजूदा समय में यात्रियों को इस दूरी को तय करने में 15 से 17 घंटे लग जाते हैं। वंदे भारत के शुरू होने से यात्रियों का न केवल समय बचेगा, बल्कि सफर भी आरामदायक हो जाएगा।
कब और कहां से चलेगी ट्रेन? Meerut to Kashi Vande Bharat
रेलवे द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार:
जाने का समय:
मेरठ सिटी स्टेशन से सुबह 6:35 बजे रवाना
मुरादाबाद – 8:40 बजे
बरेली – 10:11 बजे
लखनऊ – 1:55 बजे
अयोध्या – 3:55 बजे
वाराणसी कैंट – शाम 6:25 बजे
वापसी का समय:
वाराणसी कैंट से सुबह 9:10 बजे
अयोध्या – 11:40 बजे
लखनऊ – 1:30 बजे
बरेली – 5:15 बजे
मुरादाबाद – 6:50 बजे
मेरठ – रात 9:05 बजे
पहले लखनऊ तक ही थी सेवा
बता दें कि मेरठ से लखनऊ तक वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 31 अगस्त 2023 को हुई थी। इस ट्रेन का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से किया था। अब इसका विस्तार वाराणसी तक कर दिया गया है। Meerut to Kashi Vande Bharat
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
इस ट्रेन में अत्याधुनिक कोच, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, आरामदायक सीटें और ऑन-बोर्ड कैटरिंग जैसी सुविधाएं होंगी। इसका फायदा छात्रों, व्यापारियों, धार्मिक यात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा।
UP Monsoon Alert: जुलाई की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में मानसून ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। जून माह में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है जिससे तापमान में भी गिरावट आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
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मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 29 जून 2025 तक प्रदेश में औसतन 123 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 101 मिमी है। यानी इस साल जून में 22% अधिक वर्षा हुई है।
पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में अनुमानित 5.4 मिमी के मुकाबले 17 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 215% ज्यादा है।
पूर्वी यूपी में यह आंकड़ा और भी प्रभावशाली है — यहां 5.6 मिमी के मुकाबले 18.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 238% ज्यादा है। पश्चिमी यूपी में 5.2 मिमी के मुकाबले 14.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है, जो 173% अधिक है।
भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट– UP Monsoon Alert
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, आगरा, बरेली, झांसी, ललितपुर जैसे इलाके शामिल हैं।
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह धूप और बादलों की लुकाछिपी देखने को मिली। दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। बीते 24 घंटों में लखनऊ में 8.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 83% अधिक है।
लखनऊ में अधिकतम तापमान 32.3°C रहा, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 25°C दर्ज किया गया। बुधवार को लखनऊ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 2, 2025
कृषि और जनजीवन पर प्रभाव– UP Monsoon Alert
बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं कुछ इलाकों में जलभराव की समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। तेज बारिश ने तापमान में गिरावट लाकर लोगों को गर्मी से राहत दी है, लेकिन वज्रपात और भारी बारिश के अलर्ट से चिंता भी बढ़ी है।
ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसल को लाभ मिल सकता है, लेकिन जल प्रबंधन की कमी की वजह से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
सरकार और प्रशासन की तैयारीUP Monsoon Alert
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA) ने सभी जिलों को अलर्ट रहने और राहत सामग्री तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी स्तर पर NDRF की टीमों को सक्रिय रहने को कहा गया है।
साथ ही, बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग को बिजली आपूर्ति, सड़क मार्ग और नालों की निगरानी को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
UP IAS PCS Retirement 2025: उत्तर प्रदेश में जुलाई का महीना प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियों के लिहाज से बेहद अहम होने वाला है। बरसात के मौसम के साथ-साथ ब्यूरोक्रेसी में तबादलों और रिटायरमेंट की बौछार भी शुरू हो गई है। 30 जून को 4 IAS और 11 PCS अधिकारियों की सेवानिवृत्ति ने प्रशासनिक ढांचे में नई रिक्तियां पैदा कर दी हैं, जिन्हें भरने के लिए योगी सरकार तेजी से कदम उठा रही है।
रिटायर हुए वरिष्ठ अधिकारी- UP IAS PCS Retirement 2025
रिटायर होने वाले आईएएस अधिकारियों में जितेंद्र कुमार (अपर मुख्य सचिव – सामान्य प्रशासन), अखिलेश कुमार मिश्रा, बृजराज सिंह यादव और सुरेंद्र प्रसाद सिंह शामिल हैं। इनकी प्रशासनिक सेवाएं लंबे समय से प्रदेश की व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रही थीं। इनके साथ ही 11 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी भी सेवानिवृत्त हुए हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे।
रिटायर हुए PCS अधिकारियों की सूची– UP IAS PCS Retirement 2025
राम भरत तिवारी (एडिशनल कमिश्नर लखनऊ)
कुँवर बहादुर सिंह (एडिशनल कमिश्नर गोरखपुर)
पुरुषोत्तम दास गुप्ता (ADM प्रशासन, गोरखपुर)
सतीश कुमार त्रिपाठी (CRO, अयोध्या)
हरिओम शर्मा (एडिशनल कमिश्नर, गोरखपुर)
राजीव पांडेय (ADM J, बदायूं)
राज नारायण (DDC, गोरखपुर)
हनुमान प्रसाद (ADM J, लखनऊ)
महेंद्र कुमार (SDM, कानपुर देहात)
सौरभ शुक्ला (SDM, अम्बेडकर नगर)
सौरभ शुक्ला (ADM J, पीलीभीत)
इन सभी अधिकारियों के स्थान पर जल्द ही नई नियुक्तियों और स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
▶️ मुख्य सचिव की कुर्सी पर टिकी निगाहें
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह भी जुलाई में रिटायर होने वाले हैं। यदि उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला तो जल्द ही नए मुख्य सचिव की नियुक्ति की जाएगी। यह पद बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली होता है, इसलिए सरकार अनुभवी और कुशल प्रशासनिक अफसर को नियुक्त करना चाहती है। माना जा रहा है कि इसके लिए सरकार ने संभावित नामों की सूची भी तैयार कर ली है।
▶️ अरुणेश सिंह को नहीं मिला आठवां सेवा विस्तार
आईएएस अधिकारी अरुणेश सिंह, जिन्हें अब तक सात बार सेवा विस्तार मिला था, को इस बार विस्तार नहीं दिया गया। उनकी जगह राकेश कुमार सिंह को यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब नई ऊर्जा और नए चेहरों को मौका देना चाहती है।
प्रदेश में जनवरी से जून 2025 के बीच कुल 173 अफसरों के तबादले किए जा चुके हैं। जनवरी में 46 आईएएस और जून में 127 पीसीएस अफसरों के तबादले हुए, जो प्रशासनिक स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। सरकार अब उन अफसरों पर फोकस कर रही है जो वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, विकास कार्यों में तेजी लाने और कानून व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
UP SDM Salary Hike: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 23 सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट्स (SDM) को बड़ी सौगात दी है। अच्छे कार्य प्रदर्शन और सेवाकाल के आधार पर इन अधिकारियों की ग्रेड पे बढ़ाकर 5400 से 6600 रुपये कर दी गई है। यह वेतनवृद्धि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद प्रभावी हो गई है। अब इन अफसरों की सैलरी में लगभग ₹5,000 से ₹10,000 तक का इज़ाफा होगा।
राज्यपाल से मिली मंजूरी– UP SDM Salary Hike
विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस वेतन वृद्धि की सिफारिश पहले ही शासन द्वारा राज्यपाल को भेजी गई थी। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद इन अफसरों की नई ग्रेड पे (6600) लागू कर दी गई है।
कितनी थी अभी तक सैलरी?– UP SDM Salary Hike
जिन अधिकारियों का सेवाकाल 5 साल से कम है, उन्हें अब तक लगभग ₹70,000 से ₹75,000 तक की सैलरी मिल रही थी। वहीं 5 साल से अधिक सेवाकाल वाले अधिकारियों की सैलरी ₹75,000 से ₹90,000 तक थी। अब ग्रेड पे 6600 होने से इनकी सैलरी में औसतन ₹5,000-10,000 का इज़ाफा होगा।
HRA और अन्य भत्ते क्या कहते हैं?
सभी अधिकारियों की कुल सैलरी में थोड़ा अंतर रहता है क्योंकि HRA (House Rent Allowance) और अन्य भत्ते शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अनुसार तय किए जाते हैं। शहरी क्षेत्रों में कार्यरत SDM को अधिक HRA मिलता है।
📋 इन 23 एसडीएम को मिली बढ़ी हुई सैलरी – तैनाती स्थल सहित सूची
महेश प्रसाद – मेरठ
संजीव कुमार यादव – बलरामपुर
आलोक कुमार गुप्ता – कानपुर
ओमप्रकाश – श्रावस्ती
सतीश चंद्र त्रिपाठी – लखनऊ
अनिल कुमार कटियार – हरदोई
शरद कुमार पाल – नगर निगम मेरठ
संजय कुमार – हाथरस
विजय सिंह – बरेली
अमित शुक्ला – बांदा
अनुपम मिश्रा – चंदौली
मीनाक्षी पांडेय – लखनऊ
शत्रुघन पाठक – बस्ती
निधि डोडवाल – बरेली
गोविंद मौर्य – बरेली
दिव्या ओझा – चंदौली
अनुपम कुमार मिश्रा – गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण
UP Monsoon Forecast: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ने को तैयार है। पिछले कुछ दिनों की शांति के बाद, मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार, 28 जून 2025 से राज्य के 51 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें से 10 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी है। राजधानी लखनऊ में भी बादल छाए रहने और बौछारों के साथ उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद है। आइए, जानते हैं यूपी के मौसम का ताजा हाल और किन-किन जिलों में रहेगी बारिश की संभावना।
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यूपी में मानसून की ताजा स्थिति- UP Monsoon Forecast
पिछले 2-3 दिनों से दक्षिण-पश्चिमी मानसून की कमजोर गतिविधियों के कारण यूपी में बारिश की मात्रा में कमी देखी गई थी। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को पूर्वी यूपी में अनुमानित 6.9 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 0.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 87% कम है। पश्चिमी यूपी में भी 4.2 मिमी के अनुमान के मुकाबले सिर्फ 0.7 मिमी बारिश हुई, जो 84% कम है। लेकिन अब मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में यूपी के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी।
भारी बारिश का अलर्ट: प्रभावित होने वाले जिले- UP Monsoon Forecast
मौसम विभाग ने 51 जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। खास तौर पर 10 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है। इनमें शामिल हैं:- UP Monsoon Forecast
पूर्वी यूपी: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ का मौसम: उमस से राहत की उम्मीद- UP Monsoon Forecast
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को तेज धूप और उच्च आर्द्रता के कारण उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 2 और 2.6 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को लखनऊ में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। यह बारिश उमस से राहत दिलाएगी, लेकिन बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 28, 2025
मानसून की सक्रियता और प्रभाव- UP Monsoon Forecast
दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने यूपी में 13 जून को सोनभद्र के रास्ते प्रवेश किया था। इसके बाद से कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, लेकिन हाल के दिनों में इसकी गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार से मानसून फिर से जोर पकड़ेगा। खासकर पूर्वी और पश्चिमी यूपी में भारी बारिश से नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। हाल ही में झांसी में बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से पांच लोग फंस गए थे, जिसके बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किए।
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 27, 2025
कृषि के लिए यह बारिश वरदान साबित हो सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में नगर निगम ने जलभराव से निपटने के लिए नालों की सफाई और आपातकालीन टीमें तैनात की हैं।
सावधानियां और सुझाव- UP Monsoon Forecast
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर उन इलाकों में जहां बिजली गिरने की संभावना है, वहां खुले मैदानों में जाने से बचें। ड्राइविंग के दौरान सावधानी बरतें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की तैयारी शुरू करें, लेकिन मौसम अपडेट्स पर नजर रखें।
यूपी में मानसून का दूसरा दौर शुरू होने जा रहा है, जो गर्मी और उमस से राहत दिलाएगा। 51 जिलों में बारिश का अलर्ट और 10 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी किसानों के लिए खुशखबरी है, लेकिन जलभराव और बिजली गिरने जैसे खतरों से सावधान रहना जरूरी है। लखनऊवासियों को भी उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखें और सुरक्षित रहें।
Rinku Singh BSA post: क्रिकेटर रिंकू सिंह को योगी सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) का पद ऑफर किया गया है, जिससे यह पद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। बीएसए यानी बेसिक शिक्षा अधिकारी का कार्य शिक्षा व्यवस्था के संचालन से जुड़ा होता है, और यह सरकारी सेवा का एक प्रतिष्ठित पद है। आइए जानते हैं इस पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया, योग्यता, सैलरी और इससे जुड़े तमाम पहलुओं के बारे में। Rinku Singh BSA post
🏛️ BSA पद की नियुक्ति प्रक्रिया– Rinku Singh BSA post
उत्तर प्रदेश में BSA की नियुक्ति दो माध्यमों से होती है:-
यूपीपीएससी परीक्षा (सीधी भर्ती): लोक सेवा आयोग (UPPSC) हर वर्ष PCS परीक्षा के माध्यम से BSA पद के लिए चयन करता है। इसमें सफल अभ्यर्थी बीएसए के लिए चयनित होते हैं। पद के लिए न्यूनतम योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और B.Ed. होती है।
प्रमोशन से नियुक्ति: बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या अन्य संबंधित पदों से वरिष्ठता के आधार पर अधिकारियों को प्रमोट कर बीएसए बनाया जाता है। यह प्रक्रिया विभागीय सेवा नियमों के अनुसार होती है।
जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का प्रशासनिक कार्य
शिक्षक भर्ती, प्रशिक्षण, ट्रांसफर और अनुशासन
सरकारी योजनाओं जैसे मिड डे मील, यूनिफॉर्म, पोषाहार का क्रियान्वयन
समग्र शिक्षा अभियान की मॉनिटरिंग
शिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी और सुधार की पहल
🏏 खेल कोटा से BSA पद कैसे मिलता है?
रिंकू सिंह को जो बीएसए पद ऑफर किया गया है, वह खेल कोटा के तहत है। इस कोटे के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है। खेल कोटा के तहत कुछ प्रमुख छूटें मिलती हैं:
आयु सीमा में छूट
न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में रियायत
विशेष चयन प्रक्रिया
खेल कोटा के तहत चयन, खेल विभाग की सिफारिश और शासन के अनुमोदन से होता है।
🧾 BSA बनने के लिए जरूरी योग्यता:– Rinku Singh BSA post
POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब राज्य भर में शव परीक्षण अधिकतम 4 घंटे में किया जाएगा। यह निर्णय उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने लिया है, जिसकी सूचना खुद स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक शासनादेश जारी करके दी है।
🔹 यूपी में बड़ा फैसला, अब 4 घंटे में होगा पोस्टमार्टम 🔹 डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर नई गाइडलाइन जारी 🔹 हत्या, आत्महत्या, रेप मामलों में रात में पोस्टमार्टम नहीं 🔹 वीडियोग्राफी और रिपोर्ट अब ऑनलाइन, शव वाहन की अनिवार्यता@brajeshpathakup@Uppolice@myogiadityanath… pic.twitter.com/1UzSq9HfLe
📌 4 घंटे में अनिवार्य पोस्टमार्टम- POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
अब राज्य में कहीं भी किसी भी मौत की स्थिति में अधिकतम 4 घंटे में पोस्टमार्टम किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया 12 से 14 घंटे तक खिंच जाती थी, जिससे मृतक के परिजनों को भारी असुविधा होती थी। POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
🏥 पोस्टमार्टम हाउस में त्वरित कार्य प्रणाली- POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
डिप्टी सीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जिन जिलों में शव परीक्षण अधिक होते हैं, वहां डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें गठित की जाएं। सूर्यास्त के बाद 1000 वॉट की कृत्रिम लाइटिंग, जरूरी संसाधनों और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
🔍 रात में पोस्टमार्टम के नियम- POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
रात में हत्या, आत्महत्या, यौन अपराध, क्षत-विक्षत शव एवं संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामलों में पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा। लेकिन जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति से आपात स्थिति में इसे कराया जा सकता है। विशेष मामलों जैसे एनकाउंटर, पुलिस कस्टडी में मौत, विवाह के पहले 10 वर्षों में महिला की मौत आदि में वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी।
🎥 वीडियोग्राफी का खर्च- POSTMORTEM NEW GUIDELINES IN UP
वीडियोग्राफी की लागत मृतक परिवार से नहीं ली जाएगी, बल्कि उसका भुगतान रोगी कल्याण समिति या अन्य निधियों से किया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब ऑनलाइन उपलब्ध होगी। कोई भी देरी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक पोस्टमार्टम हाउस में एक कंप्यूटर ऑपरेटर और दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति सीएमओ द्वारा की जाएगी।
🚑 शव वाहन की व्यवस्था
डिप्टी सीएम ने हर जिले के सीएमओ को कम से कम दो शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शव को अस्पताल से पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने में कोई देरी न हो इसके लिए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी।
👩 महिला डॉक्टर की अनिवार्यता
महिला अपराध, रेप, या विवाह के पहले 10 वर्षों में महिला की मृत्यु जैसे मामलों में पोस्टमार्टम पैनल में एक महिला डॉक्टर की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
अज्ञात शव की स्थिति में डीएनए सैंपलिंग अनिवार्य की गई है ताकि मृतकों की पहचान में कोई दिक्कत न हो।
प्रदेश सरकार का यह निर्णय न सिर्फ मृतक के परिजनों के दर्द को कम करेगा, बल्कि शव परीक्षण से जुड़ी प्रशासनिक जटिलताओं और देरी को भी खत्म करेगा। इससे विश्वसनीयता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
UP Monsoon 2025: उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रियता ने पिछले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में राहत और चुनौतियां दोनों लाई हैं। पिछले 48 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश ने मौसम को बदल दिया है। सहारनपुर और झांसी जैसे जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, वहीं लखनऊ में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश और 55 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। आइए, इस मानसूनी मौसम की पूरी जानकारी विस्तार से समझते हैं। UP Monsoon 2025
सहारनपुर और झांसी में बाढ़ जैसे हालात- UP Monsoon 2025
सहारनपुर में सहरसा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे यातायात और स्थानीय जीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। दूसरी ओर, झांसी में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़कों पर पानी जमा हो गया और एक डंफर तक पानी में डूब गया। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनुमानित 6.01 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 17% कम है। इसके विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4.6 मिमी के अनुमान के मुकाबले 5.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 110% अधिक है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश होगी। अगले 48 घंटों के बाद, यानी 28 जून से 2 जुलाई तक, मानसून फिर से जोर पकड़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश में जोरदार बारिश होने की उम्मीद है।
भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट- UP Monsoon 2025
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 14 जिलों—सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, और ललितपुर—में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, 55 जिलों में बिजली गिरने का खतरा है, जिसमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, और लखनऊ जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, और बिजली के खंभों से दूर रहें।
लखनऊ में उमस भरी गर्मी- UP Monsoon 2025
लखनऊ में गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप और उच्च आर्द्रता ने लोगों को परेशान किया। अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है। मानसूनी बारिश की कमी के कारण लखनऊवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी लखनऊ में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने की संभावना है।
बाढ़ से निपटने की तैयारी- UP Monsoon 2025
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ की बक्शी का तालाब तहसील के अकड़रिया कलां गांव में बाढ़ आपदा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एसडीआरएफ, पीएसी, स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल, सिंचाई विभाग, और अन्य टीमें शामिल हुईं। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखना था। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस अभ्यास की निगरानी की।
मानसून का आगे का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 जून से मानसून फिर से सक्रिय होगा। इस दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां अभी बारिश कम हुई है, वहां भी अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश के कारण कुछ जिलों में बाढ़ और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सावधानियां और सुझाव
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें: नदियों और नालों के पास न जाएं।
बिजली गिरने से बचें: खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
मौसम अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
आपातकालीन किट तैयार रखें: बाढ़ या जलभराव की स्थिति में जरूरी सामान जैसे भोजन, पानी, और दवाइयां तैयार रखें।
उत्तर प्रदेश में मानसून 2025 की शुरुआत ने कई चुनौतियां और अवसर लाए हैं। जहां भारी बारिश ने कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा की है, वहीं लखनऊ जैसे शहरों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज होगा। नागरिकों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की जरूरत है।
Mayawati on Shahuji Maharaj: लखनऊ (उत्तर प्रदेश): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यूपी सरकार से चट्रपति शाहू जी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी सपा सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक दुर्भावना से King George Medical University नाम से पुनः नामित की गई थी, जो समाज के पिछड़े और दलित वर्गों के सम्मान के खिलाफ है।
कोल्हापुर, महाराष्ट्र रियासत में दलितों को नौकरी में आरक्षण देने का क्रान्तिकारी क़दम उठाकर भारत में आरक्षण के जनक के रूप में अमर हो जाने वाले राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज को आज उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित तथा उनके समस्त अनुयाइयों को हार्दिक बधाई एवं…
मायावती ने कहा कि शाहूजी महाराज ने भारत में आरक्षण की नींव रखी थी, और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। “वे इतिहास में अमर हैं क्योंकि उन्होंने पहली बार दलितों को नौकरियों में आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की बुनियाद रखी।” Mayawati on Shahuji Maharaj
“दलितों को फिर से बनाया जा रहा मजबूर”
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मायावती ने दावा किया कि आज भी देश में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार न होने और बहुसंख्यक वर्ग के हाथों सत्ता में आने से इन्हें फिर से मजबूर और बेबस बना दिया गया है।
मायावती ने यह भी कहा कि ऐसे समय में राजर्षि शाहू जी महाराज की विचारधारा को याद रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
“हमने शाहूजी के नाम पर जिला बनाया, मूर्तियां स्थापित कीं”
मायावती ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बसपा सरकार ने शाहू जी महाराज के सम्मान में नया जिला, संस्थान और भव्य प्रतिमाएं स्थापित की थीं। साथ ही लखनऊ में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना कर उसे उन्हीं के नाम पर जल्द संचालन में लाया गया था।
मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने जानबूझकर दलित-विरोधी रवैये से यूनिवर्सिटी का नाम बदल दिया, जबकि लखनऊ में पहले से King George Medical College मौजूद है। उन्होंने इसे “जातिवादी और दुर्भावनापूर्ण निर्णय” करार दिया।
उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “बीजेपी सरकार ने अब तक इस गलती को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है”।
शाहूजी की विरासत को बहाल करें: मायावती
मायावती ने जोर देकर कहा कि यदि सरकार सही मायनों में सामाजिक न्याय की बात करती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से चट्रपति शाहू जी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यह मांग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
UP Education Reform: उत्तर प्रदेश में बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए योगी सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। प्रदेश के 39 जिलों में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की स्थापना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इन मॉडल स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा एक ही परिसर में प्रदान की जाएगी। शिक्षा क्रांति 2025 के तहत यह योजना राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना का उद्देश्य और महत्व- UP Education Reform
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक से युक्त शिक्षा मिले। उत्तर प्रदेश मॉडल स्कूल के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि ये विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र होंगे, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल प्रशिक्षण और खेलकूद की सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।
प्रथम चरण में सभी 75 जिलों में एक-एक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे, और दूसरे चरण में प्रत्येक जिले में एक और विद्यालय की स्थापना होगी। इस तरह प्रत्येक जिले में दो मॉडल स्कूल होंगे, जो लाखों बच्चों को आधुनिक शिक्षा का लाभ देंगे।
निर्माण कार्य की प्रगति- UP Education Reform
राज्य सरकार के मीडिया सेल के अनुसार, 39 जिलों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इनमें सीतापुर, बिजनौर, कानपुर देहात, महाराजगंज, अम्बेडकरनगर, बुलन्दशहर, लखीमपुर खीरी, बलिया, सुल्तानपुर, हमीरपुर, रायबरेली, औरैया, अमेठी, हरदोई, अमरोहा, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन, चन्दौली, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, इटावा, मैनपुरी, हापुड़, कौशाम्बी, मऊ, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, गौतमबुद्धनगर, संतकबीरनगर, सम्भल, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, रामपुर, हाथरस, बदायूं, बहराइच, भदोही और बागपत शामिल हैं।
इन जिलों में वित्तीय स्वीकृति और भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, 10 अन्य जिलों में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। शेष जिलों में शासन स्तर पर स्वीकृति और भूमि चयन का काम अंतिम चरण में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए सरकार ने छह प्रमुख निर्माण एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
विद्यालयों की विशेषताएं- UP Education Reform
मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा एक ही परिसर में प्रदान करेंगे। प्रत्येक स्कूल 5 से 10 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 30 करोड़ रुपये होगी। ये विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जो बच्चों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करेंगे।
इन स्कूलों में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:-
30 स्मार्ट क्लासरूम: डिजिटल बोर्ड और इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए।
डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब: तकनीकी ज्ञान और रिसर्च के लिए।
आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला: प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए।
मिनी स्टेडियम और खेल मैदान: बच्चों के शारीरिक विकास के लिए।
कौशल विकास केंद्र: रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए।
शिक्षकों के लिए आवास: शिक्षण कार्य को सुगम बनाने के लिए।
सुरक्षा और सुविधाएं: सीसीटीवी निगरानी, वाई-फाई, स्वच्छ जल और शौचालय।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
इन विद्यालयों में न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों को डिजिटल साक्षरता, तकनीकी कौशल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, खेलकूद और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास होगा।
एक स्थानीय अभिभावक, रमेश कुमार ने कहा, “हमारे बच्चों को अब गाँव में ही शहर जैसे स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। यह योजना हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।”
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को शिक्षा के क्षेत्र में गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी मुख्यधारा में लाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
भविष्य की योजना
पहले चरण के बाद, दूसरे चरण में प्रत्येक जिले में एक और मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने प्रदेश की 8,000 न्याय पंचायतों में भी सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई है। इन स्कूलों में 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है। यह योजना न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद करेगी। सरकार की इस पहल से लाखों परिवारों को लाभ होगा, और उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगा।