उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलामंत्री गौतम तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में गौतम तिवारी नोटों के बंडल के साथ नजर आ रहे हैं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है, वहीं पार्टी के भीतर भी इस मामले को लेकर असहजता देखी जा रही है।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल
वायरल वीडियो में कथित तौर पर भाजपा जिलामंत्री के सामने बड़ी मात्रा में नकदी दिखाई दे रही है। वीडियो के सामने आते ही यह फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर तेजी से फैल गया। लोग वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे पैसों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे साजिश बता रहे हैं।
नेता ने दी अजीबोगरीब सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा जिलामंत्री गौतम तिवारी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक चौंकाने वाली सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला जादू-टोना और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, कुछ तंत्र-मंत्र करने वाले लोगों ने उन्हें साजिश के तहत जाल में फंसाया है और यह वीडियो उसी साजिश का हिस्सा है।
गौतम तिवारी का कहना है कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे जल्द ही सच्चाई सामने लाएंगे।
विपक्ष का हमला तेज
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन उनके ही नेता नोटों के बंडल के साथ वीडियो में नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सवाल उठाया है कि अगर नेता निर्दोष हैं, तो वीडियो में नकदी कहां से आई।
पार्टी की बढ़ी मुश्किलें
वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा संगठन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। फिलहाल पार्टी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने चर्चा तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह मामला आगामी चुनावों में पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
जांच की मांग
स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, महाराजगंज में भाजपा जिलामंत्री गौतम तिवारी का नोटों के बंडल के साथ वायरल वीडियो अब सिर्फ एक सोशल मीडिया विवाद नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
