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Category: महोबा

  • महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई विकासखंड से सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बरीपुरा मौजा में नहर का पानी अनियंत्रित रूप से छोड़े जाने के कारण एक दर्जन से अधिक किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने निजी स्वार्थ के चलते नहर को जरूरत से ज्यादा खुलवा दिया, जिससे खेत तालाब में तब्दील हो गए।

    अनियंत्रित नहर बनी किसानों के लिए आफत

    जानकारी के अनुसार, बरीपुरा नहर से अचानक अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि नहर का पानी आसपास के खेतों में घुस गया। देखते ही देखते किसानों की लगभग 12 बीघा गेहूं की खड़ी फसल पानी में डूब गई। कई खेतों में पानी का स्तर चार फीट तक पहुंच गया, जिससे फसल के पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है।

    पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप

    डढ़हत माफ गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने फायदे के लिए नहर के फाटक क्षमता से अधिक खुलवा दिए। किसानों का कहना है कि पानी छोड़ने से पहले न तो कोई सूचना दी गई और न ही हालात का आकलन किया गया। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा, जिनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।

    शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

    पीड़ित किसानों ने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। कई बार फोन करने और मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। विभागीय उदासीनता और लापरवाही के चलते हालात और बिगड़ते चले गए।

    किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

    आशाराम, मनसुख, सुमेरा, लखनलाल, केसरदास और राधारानी सहित कई किसान आज अपने खेतों के किनारे खड़े होकर बर्बाद फसल को देखने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यही गेहूं की फसल उनके परिवार की आजीविका और कर्ज चुकाने का सहारा थी। फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    मुआवजे और कार्रवाई की मांग

    पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही किसानों ने नहर संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते पानी रोका जाता, तो इस भारी नुकसान से बचा जा सकता था।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और किसानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चरखारी विकासखंड के कम्पोजिट उच्च विद्यालय छानी खुर्द में तैनात एक शिक्षक द्वारा कक्षा के भीतर ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मध्यान्ह भोजन (Mid Day Meal) से जुड़े कार्य करवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा ने आरोपी शिक्षक जगदीश प्रसाद को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


    वायरल वीडियो से मचा था हड़कंप

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि शिक्षक कक्षा के भीतर कुर्सी पर बैठा है और एक ग्रामीण उससे पैर दबवा रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में छात्राएं मध्यान्ह भोजन के लिए सब्जी काटती दिखाई दे रही हैं, जबकि एक व्यक्ति बनियान और अगोंछा पहने विद्यालय परिसर में घूमता नजर आ रहा है।यह दृश्य न केवल विद्यालय अनुशासन के विरुद्ध था, बल्कि छात्रों की गरिमा और अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।

    नोटिस के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब

    मामला सामने आने के बाद बीएसए राहुल मिश्रा ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन शिक्षक द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया।


    बीएसए ने क्या कहा?

    बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बताया कि“विद्यालय में कक्षा के दौरान किसी ग्रामीण से पैर दबवाना मानवीय गरिमा के खिलाफ है। छात्राओं से मध्यान्ह भोजन से जुड़े कार्य करवाना भी विद्यालय नियमों का उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


    विभागीय जांच के आदेश, शिक्षकों में हड़कंप

    शिक्षक के निलंबन के साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष सिद्ध होने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।बीएसए की इस सख्ती के बाद महोबा जिले के अन्य विद्यालयों में तैनात लापरवाह शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है।


    शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

    यह मामला एक बार फिर सरकारी स्कूलों में अनुशासन, निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • महोबा: नौकर दंपति ने 5 साल तक पिता-बेटी को बनाया कैदी, भूख और जुल्म से रिटायर्ड रेलकर्मी की मौत

    महोबा: नौकर दंपति ने 5 साल तक पिता-बेटी को बनाया कैदी, भूख और जुल्म से रिटायर्ड रेलकर्मी की मौत

    महोबा रिपोर्ट: चंद्रशेखर नामदेव उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। संपत्ति के लालच में एक नौकर दंपति ने रेलवे से रिटायर्ड बुजुर्ग कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को करीब पांच वर्षों तक घर में कैद कर रखा। भूख, बीमारी और अमानवीय प्रताड़ना के चलते बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालत इतनी भयावह है कि वह कंकाल जैसी दिखाई दे रही है।

    शहर कोतवाली क्षेत्र से सामने आई खौफनाक वारदात

    यह सनसनीखेज मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के हिंद टायर गली का है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय ओमप्रकाश सिंह राठौर, जो रेलवे में सीनियर क्लर्क पद से सेवानिवृत्त थे, अपनी 27 वर्षीय मानसिक विक्षिप्त बेटी रश्मि के साथ रहते थे।परिजनों के अनुसार, वर्ष 2016 में पत्नी की मृत्यु के बाद ओमप्रकाश ने चरखारी निवासी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी को देखभाल के लिए रखा था। आरोप है कि इसी नौकर दंपति ने धीरे-धीरे बुजुर्ग के घर पर कब्जा कर लिया और पिता-बेटी को मकान के नीचे के कमरों में कैद कर दिया

    भूख, बीमारी और अमानवीय यातनाएं

    बताया जा रहा है कि नौकर दंपति ऊपर के हिस्से में ऐशो-आराम से रहता था, जबकि ओमप्रकाश और उनकी बेटी को न पर्याप्त भोजन दिया जाता था और न ही इलाज। धीरे-धीरे दोनों की हालत बिगड़ती चली गई। जब भी रिश्तेदार मिलने आते, नौकर बहाने बनाकर उन्हें लौटा देता कि दोनों किसी से मिलना नहीं चाहते।

    मौत के बाद खुला राज

    सोमवार को जब ओमप्रकाश की मौत की सूचना परिजनों को मिली और वे घर पहुंचे, तो अंदर का मंजर देखकर सभी स्तब्ध रह गए। बुजुर्ग का शरीर पूरी तरह सूख चुका था। वहीं बेटी रश्मि एक अंधेरे कमरे में बेहद दयनीय अवस्था में मिली। भूख और उपेक्षा ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि वह किसी 80 वर्षीय बुजुर्ग जैसी नजर आ रही थी।

    संपत्ति हड़पने की नीयत का आरोप

    परिजनों का आरोप है कि मकान और बैंक बैलेंस हड़पने की नीयत से नौकर दंपति ने यह सुनियोजित साजिश रची। घटना के बाद ओमप्रकाश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस जांच में जुटी

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुटी है। वहीं परिजन बेटी के इलाज और देखभाल में लगे हुए हैं तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।एक समय सम्मान के साथ जीवन जीने वाला रिटायर्ड रेलकर्मी जिस तरह अंत में भूख और कैद का शिकार बना, उसने पूरे महोबा को झकझोर दिया है। यह मामला समाज और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • महोबा में VHP का प्रदर्शन, बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में पुतला दहन

    महोबा में VHP का प्रदर्शन, बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के विरोध में पुतला दहन

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव महोबा में VHP का प्रदर्शन उस समय देखने को मिला जब बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। विश्व हिन्दू परिषद के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च निकालते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    यह प्रदर्शन महोबा शहर के नरसिंह कुटी मंदिर परिसर से शुरू होकर आल्हा चौक तक निकाला गया। पैदल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “बांग्लादेश मुर्दाबाद” और “आतंकवाद मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए अपना रोष जताया। आल्हा चौक पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।

    प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीते 18 दिसंबर को बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक युवक दीपू चंद्र दास की कट्टरपंथियों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि युवक को पहले भीड़ ने पीटा, फिर उसके शव को पेड़ से लटकाया गया और बाद में आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद से देश के अलग-अलग हिस्सों में बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

    महोबा में VHP का प्रदर्शन इसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन वहां की सरकार इस पर प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश पर दबाव बनाने की मांग की।

    प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में धार्मिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे अत्याचार रुकने वाले नहीं हैं।

    इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से लोगों ने यह संदेश दिया कि देशभर में बांग्लादेश में हो रहे अल्पसंख्यक उत्पीड़न को लेकर गहरा आक्रोश है और हिंदू समाज इसके खिलाफ एकजुट है।

  • बांदा में दिन-रात मौरंग की लूट, बागै नदी की जलधारा मोड़कर खुलेआम अवैध खनन

    बांदा में दिन-रात मौरंग की लूट, बागै नदी की जलधारा मोड़कर खुलेआम अवैध खनन

    संवादवादा लक्ष्मीकांत तिवारी अतर्रा (बांदा)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अवैध मौरंग खनन एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अतर्रा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत स्थित “तेराब” मौरंग खंड में बागै नदी की जलधारा को मोड़कर दिन-रात खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सख्त नियम, खनिज निदेशक के स्पष्ट निर्देश और जिलाधिकारी के आदेश भी यहां पूरी तरह बेअसर नजर आ रहे हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित भारी पोकलैंड मशीनों का इस्तेमाल कर नदी के बीच से मौरंग निकाली जा रही है। आरोप है कि खनन माफिया मोहित मिश्रा के कथित रसूख के चलते प्रशासनिक कार्रवाई ठप पड़ी है। नदी की प्राकृतिक जलधारा को जबरन मोड़ दिया गया है और उसी जलधारा के बीच अवैध पुल का निर्माण कर लिया गया है, ताकि भारी मशीनें और ट्रक बिना रोक-टोक आवाजाही कर सकें।

    ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि इस अवैध खनन से बागै नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नदी के किनारों पर तेज भू-कटाव हो रहा है, जिससे आसपास की कृषि भूमि और गांवों को भी खतरा बढ़ गया है। साथ ही, नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बदलाव से जलस्तर और भूजल पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। खनन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह लापरवाही है या फिर माफियाओं के साथ मिलीभगत?

    मुख्य आरोप एक नजर में:

    • प्रतिबंधित भारी पोकलैंड मशीनों से अवैध मौरंग खनन
    • खनन माफिया का प्रशासन पर कथित दबदबा
    • बागै नदी की प्राकृतिक जलधारा को मोड़कर खनन
    • जलधारा के बीच अवैध पुल का निर्माण
    • एनजीटी नियमों की खुलेआम अवहेलना
    • खनिज निदेशक और बांदा जिलाधिकारी के आदेशों की अनदेखी

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बांदा प्रशासन इस अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर बागै नदी यूं ही मौरंग माफियाओं की भेंट चढ़ती रहेगी। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके पर्यावरणीय और सामाजिक परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं

  • महोबा में 2.62 लाख की जाली करेंसी बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

    महोबा में 2.62 लाख की जाली करेंसी बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव यूपी के महोबा जिले में पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी जब मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जाली करंसी खपाने की फिराक में लगे युवक को गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए युवक के पास से पुलिस ने दो लाख 62 हजार रुपये के नकली नोट बरामद कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान एक अन्य आरोपी का नाम सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी में जुट गई है।

    दरअसल मामला कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के बेलाताल कस्बा स्थित रेलवे स्टेशन के पास का है जहाँ मुखबिर की सूचना पर स्टेशन परिसर के पास से पुलिस ने अजनर थानाक्षेत्र के आरी गाँव के रहने वाले देवेंद्र अहिरवार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया जिसके पास से 2 लाख 62 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई । इस गोरखधंधा को अंजाम देने वाला अंकुर फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक वन्दना सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना मिलने पर थाना अजनर क्षेत्र के आरी गाँव का रहने वाले देवेंद्र अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है जिसके पास से 2 लाख 62 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई है । आरोपी से पूछतांछ में पता चला कि अंकुर नामक व्यक्ति ने यह नकली करेंसी दी थी । इन दोनों आरोपियो का आपराधिक इतिहास है अंकुर पूर्व में फेंक करेंसी मामले में जेल जा चुका है । अंकुर इस समय फरार चल रहा है जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है ।।

  • महोबा में SIR कार्य में लापरवाही: 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस, एक सचिव का वेतन काटा

    महोबा में SIR कार्य में लापरवाही: 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस, एक सचिव का वेतन काटा

    यूपी के महोबा जिले में मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ के सहयोग हेतु तैनात पंचायत सहायकों की गैरहाजिरी और उदासीनता को देखते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।जिले के 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक ग्राम पंचायत सचिव का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से SIR कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

    कई ब्लॉकों में लापरवाही उजागर

    प्रशासनिक जांच में पाया गया कि कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी ब्लॉक के कई पंचायत सहायक कार्यस्थल पर मौजूद ही नहीं थे।नियमों के मुताबिक, बीएलओ को मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग देने के लिए ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सहायक, ग्राम सचिव और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

    इसके साथ ही एसडीएम और तहसीलदार भी निगरानी में लगे हैं।इसके बावजूद जिले में केवल 50% डेटा ही ऑनलाइन अपलोड हो सका, जिससे SIR की प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    किस ब्लॉक में कितने पंचायत सहायकों पर कार्रवाई?

    • कबरई ब्लॉक: डिगरिया, श्रीनगर, सिचौरा, सिजहरी, ढिकवाहा, कबरई देहात सहित 6 पंचायतों के सहायक
    • पनवाड़ी ब्लॉक: अमानपुरा, विजयपुर, पनवाड़ी, नकरा, कोहनिया, किल्हौआ, काशीपुरा, तेईया, चौका, सौरा और बम्हौरीकुर्मिन — कुल 11 पंचायत
    • चरखारी ब्लॉक: अक्ठौंहा, कुड़ार, बमरारा, गौरहारी — कुल 4 पंचायत
    • जैतपुर ब्लॉक: गुढ़ा, जैलवारा, कमालपुरा, बिहार, थुरट, सलैयामाफ — कुल 6 पंचायत

    DPRO ने दिए कड़े निर्देश

    DPRO चंद्रकिशोर वर्मा ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ऑनलाइन मीटिंग के बाद सीडीओ ने सभी सचिवों और ब्लॉक अधिकारियों को SIR कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। पंचायत सहायकों की उपस्थिति जांच में 27 सहायक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद तीन दिनों के भीतर सेवा समाप्ति प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि SIR कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।

  • महोबा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर निकली एकता संदेश यात्रा, बुलडोजर से हुई पुष्पवर्षा

    महोबा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर निकली एकता संदेश यात्रा, बुलडोजर से हुई पुष्पवर्षा

    महोबा, उत्तर प्रदेश REPORT: चन्द्रशेखर नामदेव महोबा जिले के कुलपहाड़ कस्बे में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को भव्य तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एकता संदेश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद किया गया। यात्रा का नेतृत्व उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने किया।

    बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

    यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य रहा—बुलडोजर से किया गया पुष्पवर्षा। स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों पर फूलों की वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल सभी लोगों ने हाथों में तिरंगा थाम रखा था और “लौह पुरुष अमर रहें” के नारे लगाकर वातावरण देशभक्ति से भर दिया।

    यात्रा का मार्ग और माहौल

    इस एकता संदेश यात्रा की शुरुआत श्री किशोर गोस्वामी महाविद्यालय से हुई। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जनतंत्र इंटर कॉलेज पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में लोगों ने सरदार पटेल के देश-एकीकरण के कार्यों को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।युवाओं और स्कूली बच्चों की भारी भागीदारी ने यात्रा को एक अलग ही ऊर्जा प्रदान की।

    नेताओं ने दोहराया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

    यात्रा के समापन पर राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा“सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से हमें राष्ट्र प्रेम और एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश मिलता है। उनकी 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में यह ऐतिहासिक यात्रा निकाली जा रही है ताकि उनके विचार जन-जन तक पहुँचें।”उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति से 562 रियासतों का एकीकरण किया, वह दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। ऐसे महानायक से प्रेरणा लेकर हर नागरिक को राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए।

    वरिष्ठ नेताओं ने की सहभागिता

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।इस दौरान प्रमुख रूप से –पूर्व सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल,चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत,जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा,चेयरमैन वैभव अरजरिया,ब्लॉक प्रमुख, एवं भाजपा जिला प्रभारी संजीव श्रृर्णीऋषि ने उपस्थित होकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया।महोबा में निकली यह एकता संदेश यात्रा सरदार पटेल के आदर्शों को पुनः स्मरण कराने और समाज में एकता, सौहार्द व देशभक्ति की भावना को प्रबल करने का सशक्त माध्यम बनी।

  • हमीरपुर: दरोगा ने शादीशुदा प्रेमिका की रॉड से पीट-पीटकर हत्या की, न्यूड लाश सड़क किनारे फेंकी , कॉल डिटेल्स से खुला राज

    हमीरपुर: दरोगा ने शादीशुदा प्रेमिका की रॉड से पीट-पीटकर हत्या की, न्यूड लाश सड़क किनारे फेंकी , कॉल डिटेल्स से खुला राज

    महोबा चन्द्रशेखर नामदेव हमीरपुर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ कबरई थाने में तैनात दरोगा अंकित यादव ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका किरन सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने महिला के कपड़े उतारकर न्यूड शव को कार की डिग्गी में भरा और मौदहा-राठ रोड किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। जब स्थानीय लोगों ने लाश देखी तो कुत्ते उसे नोच रहे थे।

    कैसे हुआ खुलासा? — 3 टीमें लगाईं गईं जांच में

    13 नवंबर सुबह पुलिस को मौदहा के रमना गांव के पास सड़क किनारे महिला का शव मिला। शरीर पर गंभीर चोटें थीं और करीब 20 मीटर तक खून फैला हुआ था।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लोहे की भारी रॉड से हमला, सिर की हड्डी टूटना और गला कसने के निशान मिले।कॉल डिटेल व पूछताछ में पता चला कि मृतका महोबा निवासी किरन सिंह (पति – विनोद, CRPF) का दरोगा अंकित यादव से अफेयर चल रहा था। पुलिस टीम ने महोबा में उसके सरकारी आवास से आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया।

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    कैसे बना रिश्ता?दहेज केस की जांच से शुरू हुआ अफेयर

    किरन ने पति विनोद पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। उसी केस का जांच अधिकारी अंकित यादव था। इस दौरान दोनों करीब आ गए और अक्सर साथ घूमने लगे।12 नवंबर को दोनों कार से घूमने निकले, जहां किसी बात पर झगड़ा हुआ। गुस्से में अंकित ने कार में रखी रॉड से किरन की हत्या कर दी।

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    परिवार का आरोप-हत्या में दरोगा नहीं, पति भी शामिल

    किरन के भाई सतीश ने आरोप लगाया किदरोगा अंकित यादव और बहनोई विनोद (पतिदोनों ने मिलकर बहन का अपहरण कर हत्या की।परिवार ने सास माया देवी, देवर संजय उर्फ सोनू और ननदोई रामगोपाल पर भी साजिश का आरोप लगाया है।

    आरोपी SI का बैकग्राउंड

    • अंकित यादव — 2023 बैच SI
    • मूल निवासी: महमद मऊ, रायबरेली
    • पिता: राजकुमार यादव (दरोगा, वाराणसी में तैनात)
    • परिवार वर्तमान में प्रयागराज में रहता है

    पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और गिरफ्तारियां होंगी।

  • महोबा तहसील में रात के अंधेरे में दस्तावेज जलाए जाने का वीडियो वायरल

    महोबा तहसील में रात के अंधेरे में दस्तावेज जलाए जाने का वीडियो वायरल

    महोबा REPORT: चंद्रशेखर नामदेव यूपी के महोबा जिले में स्थित सदर तहसील परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से रात के अंधेरे में सरकारी अभिलेखों को जलाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो उस समय सामने आया है जब अगले ही दिन राजस्व परिषद सचिव का जनपद दौरा प्रस्तावित था। घटना के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।

    वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तहसील परिसर के भीतर कुछ लोग आग के पास खड़े हैं और वहां पुराने दस्तावेज़ जैसे कागज जलते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दस्तावेज़ सरकारी अभिलेख हैं या कचरा। इसी अस्पष्टता को लेकर जनता में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

    वायरल वीडियो ने विवाद को और हवा तब दी, जब यह जानकारी सामने आई कि घटना राजस्व परिषद सचिव के आगमन से ठीक कुछ घंटे पहले की है। लोगों का कहना है कि दौरे से पहले जांच या निरीक्षण से बचने के लिए दस्तावेज़ नष्ट किए जा सकते हैं, जबकि कुछ लोग इसे तहसील में व्याप्त अव्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं।

    उधर, प्रशासनिक अधिकारी बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में जलाए जा रहे दस्तावेज़ सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि खराब फाइल कवर, बासी कागज और अन्य बेकार कचरा है, जिसे नियमित रूप से नष्ट किया जाता है। अधिकारियों ने दावा किया कि किसी भी तरह का संवेदनशील या महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नहीं जलाया गया है।फिलहाल वीडियो की सत्यता और दस्तावेजों की प्रकृति को लेकर जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर के अंदर रात में इस तरह आग जलाए जाने की घटना अपने आप में संदेह पैदा करती है।प्रशासन अब इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या जल्द ही कोई आधिकारिक जांच सामने आएगी या मामला सफाई के भरोसे ही दबा दिया जाएगा।