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Category: मथुरा

श्रीकृष्ण नगरी मथुरा की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक खबरों की संपूर्ण जानकारी। मथुरा समाचार

  • मथुरा: वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में लगी आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा कारण

    मथुरा: वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में लगी आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा कारण

    उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में बीती रात आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में फ्लैट के अंदर रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय प्रेमानंद जी महाराज फ्लैट में मौजूद नहीं थे।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने के वक्त प्रेमानंद जी महाराज अपने आश्रम में थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन और विद्युत विभाग को भी दी गई है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।

    फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके। वृंदावन जैसे धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

  • यादव समाज पर विवादित बयान: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मांगी माफी

    यादव समाज पर विवादित बयान: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने मांगी माफी

    कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। यादव समाज पर दिए गए उनके बयान के बाद मथुरा समेत कई इलाकों में नाराजगी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथावाचक यह कहते नजर आए कि यादव भगवान के वंशज नहीं हैं। इस बयान को लेकर यादव समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया।

    विवाद बढ़ने के बाद कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा वीडियो हालिया नहीं है, बल्कि करीब चार साल पुराना है। उनका कहना है कि वीडियो को वर्तमान समय से जोड़कर फैलाया जा रहा है, जिससे समाज में गलतफहमी और तनाव पैदा हो रहा है।

    इंद्रेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी समाज, वर्ग या समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई उद्देश्य नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उनके किसी कथन से यादव समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

    वायरल वीडियो सामने आने के बाद मथुरा में यादव समाज के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। कई संगठनों ने बयान की निंदा करते हुए कथावाचक से माफी की मांग की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    धार्मिक और सामाजिक विषयों पर दिए गए बयानों को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। इस मामले में भी लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच से बोलते समय वक्ताओं को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, ताकि किसी समाज या समुदाय की भावनाएं आहत न हों।

    फिलहाल, इंद्रेश उपाध्याय की माफी के बाद मामला शांत होने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो वायरल होने से किस तरह नए विवाद खड़े हो जाते हैं। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    वृंदावन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था की मिसाल पेश करते नजर आए। हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के मौसम में दोनों प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम पहुंचे। ठंड के बावजूद उनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में विराट और अनुष्का जाड़े के कपड़ों में, माथे पर टीका लगाए, पूरी विनम्रता के साथ महाराज जी के सामने नीचे बैठकर उनसे बातचीत करते दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा लंबे समय से प्रेमानंद जी महाराज के अनुयायी हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालकर वृंदावन पहुंचते हैं और आध्यात्मिक शांति की तलाश में बाबा जी का आशीर्वाद लेते हैं। इस बार भी दोनों की मौजूदगी ने आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान खींच लिया, हालांकि कपल ने पूरी सादगी के साथ दर्शन किए और किसी भी तरह की औपचारिकता या दिखावे से दूर रहे।

    विराट और अनुष्का की यह आध्यात्मिक यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन को भी दर्शाती है। दोनों कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि आध्यात्मिकता ने उन्हें मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक सोच दी है। क्रिकेट के मैदान पर दबाव और फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच यह दंपती अपने जीवन में सादगी और संतुलन बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक मार्ग को अहम मानता है।

    आश्रम सूत्रों के अनुसार, दोनों ने महाराज जी से व्यक्तिगत बातचीत की और जीवन, कर्म और साधना से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सादगीपूर्ण रही और किसी तरह की वीआईपी संस्कृति देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि प्रशंसक विराट और अनुष्का की इस विनम्रता की सराहना कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर फैंस उनकी तस्वीरें साझा कर इसे “आस्था और सादगी की मिसाल” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि प्रसिद्धि और सफलता के शिखर पर होने के बावजूद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का जमीन से जुड़ा रहना प्रेरणादायक है। उनकी यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची आस्था मौसम, हालात और व्यस्तताओं से परे होती है।

  • बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण नगरी वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा पहली बार टूट गई, जब ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग नहीं बनाया गया। बताया जा रहा है कि यह स्थिति मंदिर सेवायतों और कर्मचारियों के बीच सैलरी विवाद के कारण उत्पन्न हुई, जिससे पूजा-पाठ और भोग व्यवस्था प्रभावित हुई।मंगलवार सुबह जब श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बना है। यह खबर फैलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई। भक्तों का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर में भोग न बनना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।

    क्या है पूरा विवाद

    सूत्रों के अनुसार, मंदिर से जुड़े कुछ सेवायत और कर्मचारी लंबे समय से वेतन भुगतान और सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट चल रहे थे। इसी विवाद के चलते सेवाओं का बहिष्कार जैसा माहौल बना और भोग निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो गई। सेवायतों का आरोप है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रद्धालुओं में नाराज़गी

    देश-विदेश से वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग और दर्शन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। ऐसे में भोग न बनने की खबर से भक्तों में नाराज़गी और दुख देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े और प्रसिद्ध मंदिर में अगर कर्मचारियों का विवाद इस हद तक पहुंच जाए कि पूजा-पद्धति ही रुक जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

    परंपरा और आस्था का संतुलन जरूरी

    बांके बिहारी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां की हर परंपरा का विशेष महत्व है। ऐसे में वेतन विवाद जैसे मामलों का असर सीधे धार्मिक परंपराओं पर पड़ना कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन और सेवायत जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने देंगे।

  • Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : मथुरा/आगरा। उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा रूट पर सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र के गांव खडे़हरा के पास माइल स्टोन 127 के निकट घने कोहरे के कारण 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस दर्दनाक हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    Delhi-Agra Expressway : कैसे हुआ हादसा

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक सुबह के समय एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रही बसें और कारें एक के बाद एक टकराती चली गईं। कुछ ही पलों में पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। कई यात्री वाहनों में फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    Delhi-Agra Expressway : मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमें

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।

    मृतकों की पहचान की कोशिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    कोहरे में ड्राइविंग को लेकर अलर्ट

    पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि घने कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, तेज रफ्तार से बचें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर रफ्तार और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

  • वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज की शाही घुड़चड़ी, 5 दिसंबर को जयपुर में रचाएंगे विवाह

    वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज की शाही घुड़चड़ी, 5 दिसंबर को जयपुर में रचाएंगे विवाह

    वृंदावन/जयपुर। प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज 5 दिसंबर को जयपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से पहले उनकी घुड़चड़ी वृंदावन में बेहद धूमधाम और शाही अंदाज़ में निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया। सोशल मीडिया पर इंद्रेश महाराज की शाही सवारी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    घुड़चड़ी का पारंपरिक आयोजन सुबह से ही शुरू हो गया था। बैंड-बाजा, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जगह-जगह पर सजावट देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई भव्य पर्व मनाया जा रहा हो। इंद्रेश उपाध्याय महाराज पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर श्वेत घोड़ी पर सवार हुए। उनके आगे-पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्त और स्थानीय लोग नजर आए, जो नाचते-गाते बारात का हिस्सा बने।

    इस दौरान सबसे आकर्षक पहलू रहा हाथी की सवारी का प्रयोग, जिसने इस घुड़चड़ी को और अधिक राजसी बना दिया। बारात में शामिल लोगों ने हाथी के आगे-पीछे चलकर भव्यता का अनोखा माहौल तैयार किया। पूरे आयोजन में राजस्थान और ब्रज संस्कृति की झलक देखने को मिली। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी इस शाही जुलूस को देखने के लिए सड़क के किनारे जमा थे।

    घुड़चड़ी के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने मिठाई और फूल-मालाओं से बारातियों का स्वागत किया। जुलूस में शामिल भक्तों का कहना था कि उन्हें इस पल का लंबे समय से इंतज़ार था। इंद्रेश महाराज के भक्तों के लिए यह विवाह समारोह किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं है।

    बताया जा रहा है कि जयपुर के होटल ताज आमेर में 5 दिसंबर को विवाह की सभी रस्में संपन्न होंगी। शादी के लिए विशेष रूप से ब्रज और राजस्थानी परंपराओं का मिश्रण करते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। विवाह समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में संत, भक्त और सामाजिक हस्तियां शामिल होने की संभावना है।इंद्रेश उपाध्याय महाराज सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच विशेष लोकप्रिय हैं। उनका विवाह और उससे जुड़ी रस्मों के वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, और हर प्लेटफ़ॉर्म पर इन्हें लाखों व्यूज़ मिल रहे हैं।शाही घुड़चड़ी ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, बल्कि वृंदावन में खुशी और उमंग का अनोखा वातावरण भी पैदा कर दिया। अब सभी की नज़रें 5 दिसंबर को होने वाली भव्य शादी पर टिकी हैं।

  • बागेश्वर धाम की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ मथुरा पहुंची, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भव्य स्वागत

    बागेश्वर धाम की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ मथुरा पहुंची, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भव्य स्वागत

    बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ गुरुवार को भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में भारी उत्साह के साथ पहुंची। यह पदयात्रा पिछले सात दिनों से लगातार जारी है और यूपी–हरियाणा बॉर्डर से लेकर मथुरा तक जगह–जगह स्थानीय लोगों ने इसका भव्य स्वागत किया। पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और भक्त बड़े उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मथुरा बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पूरे देश में हिंदू एकता, सामाजिक सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमेशा से सबको जोड़ने का काम करता आया है और आज भी समाज को एकता की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।

    यात्रा के मथुरा में प्रवेश करते ही लोगों में खासा रोमांच देखने को मिला। भक्तों ने फूल वर्षा करके और जयकारों से स्वागत किया। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री एसीपी अनुज चौधरी को सैल्यूट करते हुए भी दिखाई दिए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।रास्ते भर यात्रा में ढोल–नगाड़ों, शंखध्वनि और “जय श्री राम” व “जय श्री कृष्ण” के नारे गूंजते रहे। मथुरा में पदयात्रा के स्वागत के लिए विशेष मंच, सुरक्षा इंतज़ाम और व्यवस्थाएं की गई थीं।

    ‘सनातन एकता पदयात्रा’ आने वाले दिनों में वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में भी पहुंचेगी, जहां और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुड़ने की उम्मीद है। यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट है—सनातन धर्म की भावना के साथ समाज को एक सूत्र में बांधना और शांति का संदेश देना।

  • Banke Bihari Khazana: बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना खजाना धनतेरस पर खोला गया

    Banke Bihari Khazana: बांके बिहारी मंदिर का 160 साल पुराना खजाना धनतेरस पर खोला गया

    Banke Bihari Khazana: लोकेशन – वृंदावन, उत्तर प्रदेश बांके बिहारी मंदिर में धनतेरस के दिन 54 साल बाद 160 साल पुराना खजाना खोला गया। यह खजाना गर्भगृह के नीचे स्थित विशेष कपाट में रखा गया था। खजाने में सोने-चांदी के कलश, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं पाई गईं।

    इस मौके पर सुरक्षा और वन विभाग की टीम तैनात रही, ताकि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से की जा सके। खजाने को खोलने की प्रक्रिया की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने की। समिति ने सुनिश्चित किया कि सभी मूल्यवान वस्तुएं सही तरीके से सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ।

    खजाने की कीमत और इसमें मौजूद वस्तुओं की पूरी सूची तोशखाना में रिकॉर्ड की गई। यह ऐतिहासिक खजाना मंदिर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खजाना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान है।

    वृंदावन के श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर मंदिर में उमड़ते हुए विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। मंदिर प्रशासन ने बताया कि खजाने को खोलने का निर्णय धनतेरस के शुभ मुहूर्त में लिया गया ताकि धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रक्रिया संपन्न हो सके।

    इस ऐतिहासिक घटना के दौरान मीडिया और स्थानीय प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम को कवर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खजाना बांके बिहारी मंदिर की समृद्धि और 160 वर्षों की धार्मिक परंपरा का प्रतीक है।

  • राधारानी प्रेमाभक्ति के रसावतार प्रेमानंद महाराज की तबीयत फिर बिगड़ी, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    राधारानी प्रेमाभक्ति के रसावतार प्रेमानंद महाराज की तबीयत फिर बिगड़ी, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    मथुरा: राधारानी प्रेमाभक्ति के रसावतार प्रेमानंद महाराज की तबीयत एक बार फिर खराब हो गई है। डॉक्टरों की सलाह पर सुबह 4 बजे होने वाली उनकी दैनिक पदयात्रा को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। यह जानकारी श्री हित राधा केली कुंज परिकर श्रीधाम वृंदावन की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई।

    इस फैसले से उनके हजारों भक्त निराश हैं जो हर सुबह उनकी एक झलक पाने के लिए सड़कों पर घंटों इंतजार करते थे। हालांकि, डॉक्टरों को उम्मीद है कि आराम करने से उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा और फिर वे अपनी पदयात्रा पुनः शुरू कर सकेंगे।

    प्रेमानंद महाराज देश-विदेश में बसे लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। विशेषकर युवा वर्ग उनके सात्विक और सनातन जीवनशैली के उपदेशों से गहराई से प्रभावित है। कई युवाओं ने स्वीकार किया है कि प्रेमानंद जी के सत्संग ने उन्हें नशे और नकारात्मक आदतों से दूर रहने की प्रेरणा दी है।

    महाराज ने पहले बताया था कि उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज नामक आनुवंशिक रोग है, जिसके चलते उन्हें नियमित डायलिसिस करानी पड़ती है। बावजूद इसके, वे अनुशासित जीवन और भक्ति की प्रेरणा देते हुए अपने कार्यक्रम जारी रखते हैं।फिलहाल पदयात्रा स्थगित है, लेकिन प्रेमानंद महाराज अपने भक्तों से मिलने और एकांतिक वार्तालाप जैसे कार्यक्रम जारी रखेंगे। उनके यूट्यूब चैनल पर हाल ही में 4 अक्टूबर की वार्ता का वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने भक्ति और जीवन के संतुलन पर गहन विचार साझा किए।

  • मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा:उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार को भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। हालात इतने बिगड़ गए कि शहर के ओवरब्रिज के नीचे एक कार पूरी तरह पानी में डूब गई। कार के अंदर सवार लोगों की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने फुर्ती और बहादुरी दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी पानी में उतरकर कार का दरवाजा खोलते हैं और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालते हैं। बताया जा रहा है कि कार में एक परिवार सवार था जो बरसात के कारण जलभराव में फंस गया था।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और साहसिक कदम की सराहना की है। वहीं, नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या हर साल क्यों दोहराई जाती है।मथुरा पुलिस ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से भी इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा “ट्रैफिक पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य है।”