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  • CM योगी को गोली की धमकी देने वाला गिरफ्तार, मथुरा पुलिस ने किया गिरफ्तार

    CM योगी को गोली की धमकी देने वाला गिरफ्तार, मथुरा पुलिस ने किया गिरफ्तार

    मथुरा। उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। मथुरा पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोली मारने की धमकी दी थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए मुख्यमंत्री को धमकी दी थी।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    मथुरा पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मुख्यमंत्री की जान को खतरा पहुँचाने वाला है। तुरंत विशेष टीम का गठन किया गया और तकनीकी तथा फिजिकल जांच के बाद आरोपी को धर-दबोचा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी धमकी देने की बात स्वीकार की और पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

    सुरक्षा एजेंसियों ने किया सतर्क

    इस घटना के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके आवासीय एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को अभी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच जारी है।

    सोशल मीडिया और कानून का प्रभाव

    पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धमकी देना गंभीर अपराध है और कानून उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है। इस गिरफ्तारी से यह संदेश गया कि मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा को किसी भी हाल में खतरे में नहीं डाला जा सकता।

  • Sant Premanand: बरसाना में गूंजा ‘राधे-राधे’ ,संत प्रेमानंद ने किए राधारानी के दर्शन, उमड़ पड़े भक्त

    Sant Premanand: बरसाना में गूंजा ‘राधे-राधे’ ,संत प्रेमानंद ने किए राधारानी के दर्शन, उमड़ पड़े भक्त

    बरसाना-राधाष्टमी महोत्सव से पूर्व शुक्रवार को बरसाना का वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा। वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज सैकड़ों अनुयायियों के साथ यहां पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही गलियों और मार्गों में ‘राधे-राधे’ की गूंज से पूरा कस्बा गुंजायमान हो उठा।

    संत प्रेमानंद ने गहबरवन की परिक्रमा की, जहां भक्तगण संकीर्तन और कीर्तन में लीन रहे। इस दौरान ब्रजवासियों ने परंपरा अनुसार संत और अनुयायियों को मधुकरी, फल, अन्न, जल और प्रसाद अर्पित किए।परिक्रमा के बाद महाराज श्रीजी महल पहुंचे और ठाकुरानी श्रीराधारानी के दर्शन कर भावविभोर हो उठे। सेवायतों ने उन्हें पुष्पमाला और दुपट्टा अर्पित कर सम्मानित किया।

    संत के आगमन की खबर फैलते ही दूर-दराज से श्रद्धालु भी बरसाना पहुंचे। संपूर्ण कस्बा “राधे-राधे” की गूंज से गुंजायमान रहा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी।श्रद्धालुओं ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के साथ परिक्रमा और राधा नाम का जप सुनना किसी दिव्य आशीर्वाद से कम नहीं है।

  • Krishna Janmbhoomi case: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में हिंदू पक्ष को झटका, हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह को ‘विवादित ढांचा’ मानने से किया इनकार

    Krishna Janmbhoomi case: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में हिंदू पक्ष को झटका, हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह को ‘विवादित ढांचा’ मानने से किया इनकार

    Krishna Janmbhoomi case: मथुरा के बहुचर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। हिंदू पक्ष की ओर से मस्जिद को “विवादित ढांचा” घोषित करने की याचिका को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया है।

    इस फैसले को हिंदू पक्ष के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि याचिका में मांग की गई थी कि जैसे बाबरी मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया गया था, वैसे ही शाही ईदगाह को भी घोषित किया जाए। Krishna Janmbhoomi case

    🔹 हाईकोर्ट ने क्या कहा? –Krishna Janmbhoomi case

    इलाहाबाद हाईकोर्ट की जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि “मौजूद तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर शाही ईदगाह मस्जिद को विवादित ढांचा नहीं माना जा सकता।”

    2 अगस्त 2025 को इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की गई है। इससे पहले 5 मार्च 2025 को हिंदू पक्ष ने यह याचिका दाखिल की थी, जिस पर 23 मई को बहस पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा गया था।

    🔹 हिंदू पक्ष का क्या कहना था? –Krishna Janmbhoomi case

    हिंदू पक्ष के वकील महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया था कि ईदगाह मस्जिद का निर्माण श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बने प्राचीन मंदिर को तोड़कर किया गया था, जो ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष इस बात का आज तक कोई प्रामाणिक सबूत पेश नहीं कर सका कि वहां कभी मस्जिद थी। Krishna Janmbhoomi case

    🔹 मुस्लिम पक्ष का पक्ष- Krishna Janmbhoomi case

    मुस्लिम पक्ष लगातार यह कहता आया है कि ईदगाह मस्जिद वैध रूप से अस्तित्व में है और उसे तोड़े गए किसी मंदिर की जमीन पर नहीं बनाया गया। वे 1968 में हुए समझौते का हवाला देते हैं, जिसमें जन्मभूमि ट्रस्ट और ईदगाह कमेटी के बीच सहमति से भूमि का विभाजन किया गया था। Krishna Janmbhoomi case

    🔹 क्या है विवाद की जड़?- Krishna Janmbhoomi case

    यह विवाद मथुरा के कटरा केशव देव क्षेत्र की 13.37 एकड़ भूमि को लेकर है, जिसमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह दोनों स्थित हैं। हिंदू पक्ष का दावा है कि 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने श्रीकृष्ण मंदिर को तुड़वाकर उसकी जगह मस्जिद बनवाई थी। वे पूरी भूमि को श्रीकृष्ण जन्मस्थान बताते हैं। Krishna Janmbhoomi case

    वहीं मुस्लिम पक्ष इस दावे को सिरे से खारिज करता है और दोनों धार्मिक स्थलों के शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की बात करता है। Krishna Janmbhoomi case

    🔹 राजनीतिक और धार्मिक हलचल

    यह मामला पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है। अयोध्या राम मंदिर फैसले के बाद इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन अदालतें अब तक मौजूद तथ्यों के आधार पर निर्णय ले रही हैं।

  • VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

    VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

    मथुरा: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY) ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. इसके ठीक अगले दिन मंगलवार को वह अपनी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ मथुरा के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. यह यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही, जहां दोनों ने अपने परिवार के साथ संत से मुलाकात कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया.

    आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात, विराट ने झुकाया सिर

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा आश्रम में पहुंचते ही सबसे पहले गुरु प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया. संत ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए पूछा, “खुश हो?” और कहा कि ठीक ही रहना चाहिए. इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और उनके परिवार को धार्मिक उपदेश देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से ही संत समागम संभव होता है.

    उन्होंने बताया, “यह वैभव नहीं, पुण्य है। पुण्य से ही पापी को भी सुख की प्राप्ति होती है. अहंकार को मिटाकर ही मनुष्य परमशांति के मार्ग पर चल सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी मंदिर में जाने से भगवान की प्राप्ति नहीं होती, बल्कि “राधा नाम” ही शांति का मार्ग है.

    तीसरी बार पहुंचे आश्रम, पहले भी मिली थी प्रेरणा

    गौरतलब है कि यह विराट कोहली का संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम का तीसरा दौरा था. इससे पहले जनवरी 2025 में विराट ने जब क्रिकेट में फॉर्म को लेकर जूझ रहे थे, तब भी आश्रम का दौरा किया था. उस समय अनुष्का शर्मा ने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद मांगा था, जबकि विराट ने क्रिकेट में सफलता के लिए प्रार्थना की थी.

    विराट कोहली ने सबसे पहले 4 जनवरी 2023 को अपने परिवार के साथ संत प्रेमानंद महाराज का दर्शन किया था. इन तीनों यात्राओं में विराट की श्रद्धा और आध्यात्मिक झुकाव साफ़ दिखता है.

    संन्यास की घोषणा: इंस्टाग्राम पोस्ट से मचाया हलचल

    सोमवार को विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “टेस्ट क्रिकेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और ऐसे पाठ सिखाए जो मुझे जीवनभर याद रहेंगे.” उन्होंने इस खेल को सम्मान और गौरव के साथ अलविदा कहा. विराट के इस फैसले से जहां खेल जगत में हलचल मची, वहीं उनके इस आध्यात्मिक कदम ने भी कई प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया.

    विराट की धार्मिक आस्था और मानसिक संतुलन

    विराट कोहली अक्सर आध्यात्मिक यात्राओं पर जाते हैं, जिससे उनके जीवन में मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति बनी रहती है. उनकी यह यात्रा न केवल क्रिकेट से जुड़े भावनात्मक पल को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि विराट अपने जीवन में धार्मिक मूल्यों को कितनी गंभीरता से लेते हैं.

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