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Category: मेरठ

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  • मेरठ: महिला की हत्या और बेटी के किडनैप मामले में परिवार ने अंतिम संस्कार से किया इंकार, सरधना में तनाव

    मेरठ: महिला की हत्या और बेटी के किडनैप मामले में परिवार ने अंतिम संस्कार से किया इंकार, सरधना में तनाव

    मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में महिला की हत्या और उसकी बेटी के कथित अपहरण के मामले ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर महिला का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है।

    परिवार का विरोध, न्याय की मांग

    परिवार का कहना है कि जब तक हत्या के दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और किडनैप की गई बेटी को सुरक्षित बरामद नहीं किया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए हैं और माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

    सपा विधायक अतुल प्रधान को गांव जाने से रोका गया

    घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान कपसाड़ गांव पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान विधायक अतुल प्रधान और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई।पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ पुलिस बैरिकेड के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक अतुल प्रधान ने प्रशासन पर पीड़ित परिवार को न्याय न दिलाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है।

    क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

    डीएम और एसएसपी मौके पर मौजूद

    तनावपूर्ण हालात को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे हैं। दोनों अधिकारी पीड़ित परिवार से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं और मामले में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं।

    प्रशासन की ओर से कहा गया है कि हत्या और किडनैप दोनों मामलों की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का हाल ही में हुआ दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने ब्लैक कलर का कोट पहना, जो न केवल उनके स्टाइल को उभार रहा था, बल्कि राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।

    इस ब्लैक कोट का खास महत्व है। बताया जा रहा है कि लगभग 20 दिन पहले मेरठ के विद्यार्थी खादी भंडार से अखिलेश यादव को यह कोट पसंद आया था। तब उन्होंने इसे देखा और वार्ड नंबर-14 से जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक को यह कोट पहने देखा। कुछ ही समय बाद, यही कोट उन्हें गिफ्ट के रूप में दिया गया।

    अखिलेश यादव ने मेरठ दौरे के दौरान यह कोट पहनकर आम जनता और मीडिया के बीच अपने स्टाइल और सादगी का मिश्रण दिखाया। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेता के स्टाइल और पहनावे पर भी लोगों की नजर रहती है, और यह कोट अखिलेश यादव के व्यक्तित्व को और भी प्रभावशाली बनाता है।

    जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने इस गिफ्ट के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत सम्मान व्यक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि नेताओं और आम जनता के बीच संवाद और सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। खादी भंडार का यह कोट स्थानीय स्तर पर उत्पादन और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देने वाला प्रतीक बन गया है।

    मेरठ दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने स्थानीय नेताओं और समर्थकों से मुलाकात की, साथ ही जनता से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने राजनीतिक एजेंडे और आगामी योजनाओं पर चर्चा भी की। उनके स्टाइलिश ब्लैक कोट ने इस दौरे की तस्वीरों में एक अलग पहचान बनाई और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    इस तरह, अखिलेश यादव ब्लैक कोट सिर्फ फैशन का प्रतीक नहीं बल्कि राजनीतिक सादगी और स्थानीय समर्थन का भी संदेश दे रहा है। जनता और समर्थकों के बीच इस कोट की कहानी अब लंबे समय तक याद रहेगी।

  • मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा मेरठ/बागपत।उत्तर प्रदेश के मेरठ–बागपत सीमा क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थाना जानी क्षेत्र में बागपत–मेरठ हाईवे स्थित हिंडन नदी पुल पर चल रही एक मारुति इग्नीस कार अनियंत्रित होकर पुल से टकराने के बाद करीब 25 फीट नीचे नदी में जा गिरी। इस भीषण हादसे में हेड कांस्टेबल समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसा मंगलवार सुबह करीब चार बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। मृतकों की पहचान बुलंदशहर निवासी हेड कांस्टेबल राहुल और बसौद निवासी अजरू उर्फ अजरुद्दीन के रूप में हुई है। वहीं, कार में सवार एक अन्य कांस्टेबल सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    विवेचना से लौटते वक्त हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम किसी विवेचना के सिलसिले में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में दबिश देने गई थी। कार्रवाई के बाद टीम बागपत लौट रही थी। मेरठ–बागपत सीमा पर हिंडन नदी पर एक पुराना और एक नया पुल बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई और दोनों पुलों के बीच से निकलते हुए सीधे पुल के पिलर से टकराकर नदी में जा गिरी

    मौके पर पहुंची पुलिस, रेस्क्यू में जुटे लोग

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद नदी में गिरे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकाला गया।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी अन्य वाहन की टक्कर तो हादसे की वजह नहीं बनी। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर है।

  • मेरठ में कचहरी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, पूर्व प्रेमी की पत्नी और सालों ने युवती को पीटा, FIR दर्ज

    मेरठ में कचहरी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा, पूर्व प्रेमी की पत्नी और सालों ने युवती को पीटा, FIR दर्ज

    मेरठ। जिला कचहरी में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तारीख पर आई एक युवती को पूर्व प्रेमी की पत्नी और उसके सालों ने घेरकर जमकर मारपीट कर दी। घटना से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल युवती किसी तरह बचकर सिविल लाइन थाने पहुंची और तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की।

    11 साल पुराना प्रेम प्रसंग बना विवाद की जड़

    पीड़िता के अनुसार, वह मूल रूप से खतौली की रहने वाली है। लगभग 11 साल पहले उसका प्रेम प्रसंग अदील नाम के युवक से चल रहा था। उस समय अदील सऊदी अरब में काम करता था और उसने लौटकर शादी करने का वादा किया था।
    लेकिन, युवती का आरोप है कि अदील जब भारत वापस आया तो उसने उससे शादी करने के बजाय मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाहिदपुर निवासी साबिया नाम की महिला से निकाह कर लिया।

    शादी के बाद विवाद, FIR और कचहरी की तारीख

    अदील के निकाह की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने खुद को धोखा दिया गया बताकर लोहियानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।इसके बाद साबिया की ओर से भी क्रॉस एफआईआर हुई। इन्हीं मामलों की तारीख पर सोमवार को दोनों पक्ष कचहरी पहुंचे थे।

    कचहरी परिसर में अचानक हमला

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि जैसे ही वह तारीख में शामिल होने पहुंची, तभी साबिया अपने भाई तहसीन और एक अन्य व्यक्ति के साथ उसके पास आई।आरोप है कि तीनों ने मिलकर बिना किसी विवाद के युवती को बाल पकड़कर पीटना शुरू कर दिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर गई।पीड़िता के मुताबिक, जब उसका भाई उसे बचाने आया तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की।

    घायल युवती की तहरीर, पुलिस जांच में जुटी

    घटना के बाद घायल युवती सीधे सिविल लाइन थाने पहुंची, जहां उसने पूरी घटना की लिखित शिकायत दी।पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और मारपीट के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।कचहरी में मारपीट की घटना को लेकर अन्य वकीलों और लोगों में भी नाराजगी देखी गई है।फिलहाल, दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतों पर अड़े हुए हैं और पुलिस मामले को गंभीरता से जांच कर रही है।

  • मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित हवाईपट्टी कॉलोनी में मंगलवार सुबह मेरठ क्लीनिक हमला की सनसनीखेज घटना सामने आई। नकाबपोश बदमाशों ने एक निजी क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आई डॉक्टर की पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई और डॉक्टर के गले से सोने की चेन लूट ली गई। पूरी वारदात पास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    पीड़ित चिकित्सक शुभम, जो हवाईपट्टी कॉलोनी में ‘प्रेक्षा’ नाम से क्लीनिक चलाते हैं, अपनी पत्नी पारूल के साथ क्लीनिक में मौजूद थे। तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश युवक क्लीनिक में दाखिल हुए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन लूट ली और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

    घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें चार युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर क्लीनिक में आते-जाते साफ दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर शुभम ने थाने में तहरीर देकर एक आरोपी को नामजद किया है।

    इंस्पेक्टर सतवीर सिंह अत्री के अनुसार, डॉक्टर का कुछ समय पहले एक पड़ोसी युवक से विवाद हुआ था, जिस एंगल पर भी जांच की जा रही है। वहीं, मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।मेरठ क्लीनिक हमला की इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case मेडिकल थाना क्षेत्र में एक युवती के यौन शोषण और बलात्कार के गंभीर आरोपों के मामले में कार्रवाई न होने को लेकर पीड़िता के परिजन भड़क गए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इसी विरोध में गुरुवार को परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर न्याय की मांग की।

    परिजनों ने बताया कि युवती ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि मेडिकल थाना पुलिस न केवल कार्रवाई में देरी कर रही बल्कि आरोपियों को संरक्षण भी मिल रहा है, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।

    एसएसपी कार्यालय परिसर में बैठकर परिजनों ने जोरदार विरोध जताया। उनका कहना है कि इतने गंभीर अपराध के बाद भी पुलिस की धीमी कार्रवाई समझ से परे है। परिजनों ने कहा कि जब तक मामले में गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर बैठी पीड़िता की मां ने कहा कि “हमारी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है, लेकिन पुलिस आरोपी पक्ष के दबाव में काम कर रही है। हम न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे।”

    वहीं, एसएसपी दफ्तर में मौजूद अधिकारियों ने परिजनों की शिकायत सुनी और मामले की जांच के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
    इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास बना रहे।

  • मेरठ: हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिपो में ट्रांसपोर्टर की हड़ताल जारी, तकनीकी खराब ताले और गाड़ियों पर प्रतिबंध से बढ़ा विवाद

    मेरठ: हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिपो में ट्रांसपोर्टर की हड़ताल जारी, तकनीकी खराब ताले और गाड़ियों पर प्रतिबंध से बढ़ा विवाद

    मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र के पूठा गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) डिपो में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। गाड़ियों पर लगाए गए प्रतिबंध और ताले में पैदा हो रही तकनीकी खराबियों को लेकर शुक्रवार को भी डिपो परिसर में लगातार हंगामे की स्थिति बनी रही।

    ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि HPCL ने डिपो से संबंधित सभी टैंकरों में स्टेना कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा ताले लगाए हैं। ये ताले अक्सर तकनीकी खराबी का शिकार हो जाते हैं, जिसकी वजह से वाहन सिस्टम में गलत अलर्ट दिखाते हैं। इसी समस्या के चलते पिछले दो महीनों में चार गाड़ियों को HPCL प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया, जिससे ट्रांसपोर्टरों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्टर दीपक चौधरी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम में बार-बार दिक्कत आने के बावजूद कंपनी प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेता। “हम महीनों से शिकायत कर रहे हैं कि ताले में तकनीकी दोष है। लेकिन इसके बजाय हमारी गाड़ियां ही प्रतिबंधित कर दी जाती हैं। चालक और परिचालक परेशान हैं, और हम आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं,” उन्होंने कहा।

    ट्रांसपोर्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि HPCL डिपो से भरे टैंकर जब पेट्रोल पंप पर पहुंचते हैं, तो इथेनॉल की मात्रा अधिक होने की शिकायत कर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। कई बार गुणवत्ता संबंधी दिक्कतों को ट्रांसपोर्टर की गलती बताकर गाड़ियों की एंट्री रोक दी जाती है, जबकि वास्तविक समस्या डिपो स्तर पर होती है।

    गुरुवार को हड़ताल के कारण डिपो से एक भी गाड़ी नहीं भरी गई और शुक्रवार को भी स्थिति वही रही। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया था। हालांकि शुक्रवार दोपहर को डिपो अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच वार्ता हुई। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए ताले की जांच, प्रतिबंधित गाड़ियों की पुनः समीक्षा और इथेनॉल संबंधित शिकायतों पर तकनीकी टीम भेजने का वादा किया।

    ट्रांसपोर्टरों ने फिलहाल हड़ताल के जारी रहने की बात कही है और कहा कि जब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, वे सेवा बहाल नहीं करेंगे। HPCL डिपो के बाहर आज भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

  • 8 करोड़ का ‘विधायक’ बना मेरठ किसान मेले का आकर्षण, खाता है काजू-बादाम और कमाता है लाखों

    8 करोड़ का ‘विधायक’ बना मेरठ किसान मेले का आकर्षण, खाता है काजू-बादाम और कमाता है लाखों

    मेरठ। यूपी के मेरठ में हाल ही में आयोजित किसान मेले में एक अनोखा आकर्षण बना ‘विधायक’। यह कोई आम विधायक नहीं, बल्कि 8 करोड़ रुपये कीमत वाला विधायक है, जिसने मेले में हर किसी का ध्यान खींचा। कीमत बढ़ते-बढ़ते आठ करोड़ रुपये तक पहुंच गई और अब दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए मेरठ पहुंचे।

    मेले में आए लोग इस अनोखे विधायक की अद्भुत बनावट और विशेषताओं को देखकर हैरान रह गए। विधायक के डील-डाले और डिजाइन अन्य प्रदर्शनों से बिल्कुल अलग थे। कई लोग इसे देखकर अपने मोबाइल फोन में कैद करना नहीं भूले।

    इस विधायक की खासियत यह है कि यह खाता है काजू-बादाम, और उसके मालिक का दावा है कि यह ‘विधायक’ लाखों की कमाई करता है। इसे बनाने और प्रदर्शित करने वाले कलाकारों ने इसे जीवंत और आकर्षक बनाने में कड़ी मेहनत की है।

    मेरठ किसान मेला, जो हर साल आयोजित होता है, में इस तरह के आकर्षक और अनोखे प्रदर्शनों ने मेला देखने वालों को आनंदित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शोकेस लोगों का ध्यान आकर्षित करने और व्यापार बढ़ाने में मदद करते हैं।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी विधायक की चर्चा शुरू हो गई है। लोग इसे देखकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और वीडियो शेयर कर रहे हैं। अब यह विधायक मेरठ किसान मेले का स्टार एट्रैक्शन बन चुका है।

  • Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: मेरठ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा सौरभ हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए हैं। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जब सामने आया कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट में छिपा दिया। Meerut Saurabh Murder Case

    मुस्कान और उसके प्रेमी ने की थी सौरभ की हत्या! – Meerut Saurabh Murder Case

    यह दिल दहला देने वाला मामला मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर का है। 3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी। दोनों ने पहले सौरभ को बेहोश किया, फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़ों को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। बाद में शव को एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से ढक दिया गया। इसके बाद दोनों घूमने निकल गए ताकि शक न हो। Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को खुला हत्या का राज- Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को जब हत्या का राज खुला तो पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट हुआ जो पॉजिटिव निकला। पुलिस ने इस हत्याकांड की गहन विवेचना कर 12 मई को अदालत में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें प्रेम प्रसंग को हत्या का मुख्य कारण बताया गया। Meerut Saurabh Murder Case

    सोमवार को गुप्त रूप से मुस्कान और साहिल को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया, ताकि कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो। अदालत ने चार्जशीट के आधार पर हत्या और सबूत मिटाने सहित चार आरोप तय किए। अगली सुनवाई के लिए 23 जून की तारीख तय की गई है। अभियोजन पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया गया है। Meerut Saurabh Murder Case

    केस में कुल 34 गवाह बनाए गए

    डीजीसी क्राइम कृष्ण कुमार चौभे ने बताया कि इस केस में कुल 34 गवाह बनाए गए हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित हर पहलू की गहनता से जांच की है। जैसे – बेहोश करने के लिए इस्तेमाल की गई दवाई किस मेडिकल स्टोर से खरीदी गई, सीमेंट और ड्रम कहां से खरीदे गए – इन सभी स्थानों पर पुलिस गई और फोटो दिखाकर पहचान भी करवाई गई।

    उन्होंने कहा कि यह मामला अपने आप में बहुत ही क्रूर और दुर्लभ है, जिसमें पूरी योजना बनाकर पहले बेहोश किया गया, फिर हत्या की गई और शव को सीमेंट में छिपा दिया गया। डीजीसी का कहना है कि वह इस केस में अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

    मृतक सौरभ के भाई को गवाह के रूप में तलब किया गया है, जिसकी पेशी 23 जून को तय है। यह केस इसलिए भी विशेष बन गया है क्योंकि इस प्रकार की हत्या जिसमें महिला आरोपी हो और इतना सोचा-समझा प्लान हो, दुर्लभ होती है।

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  • MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर (MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE) आसिम अब्बासी, ने पारिवारिक संपत्ति विवाद से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. आसिम ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने भाइयों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद, उसने अपनी पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और चाचा के खाली मकान में जाकर खुद को गोली मार ली.

    घटना का विवरण- MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE

    आसिम अब्बासी और उसके दो भाई, आमिर और समद, के बीच 150 गज के मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. चार दिन पहले हुई मारपीट में आसिम ने अपने भाइयों पर गोली चला दी थी, जिसके बाद भाइयों ने थाना भावनपुर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

    घटना के दिन, दोपहर 12 बजे, आसिम ने अपनी पत्नी दिलकशी को वापस आने की बात कहकर घर से निकला. उसने पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और फिर चाचा फरजन के खाली मकान में जाकर बरामदे में खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर जब परिजन पहुंचे, तब तक आसिम की मौत हो चुकी थी.

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके से तमंचा, खाली कारतूस, दो मोबाइल और 117 रुपये बरामद किए हैं. मृतक के पीछे छह माह का बेटा है. उसकी मां महजबी और अन्य परिजन शोक में डूबे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से भेजे गए मैसेज की भी जांच की जा रही है.

    पुलिस का बयान

    मेरठ के एसपी देहात, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को सूचना पाकर मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुक्रवार सुबह मृतक का मौत से पहले बनाया वीडियो सामने आने पर हड़कंप मच गया है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं. आला अधिकारियों ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई भी होगी.

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