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  • मेरठ: स्कॉर्पियो खरीदने के लिए बुजुर्ग दंपत्ति को लूटा, तमंचे के बल पर आशीर्वाद लेने वाले 6 लुटेरे गिरफ्तार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: स्कॉर्पियो खरीदने के लिए बुजुर्ग दंपत्ति को लूटा, तमंचे के बल पर आशीर्वाद लेने वाले 6 लुटेरे गिरफ्तार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: जनपद में पुलिस ने एक ऐसे अनोखे लूट कांड (MEERUT CRIME NEWS) का खुलासा किया है, जिसने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया. इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदने के लिए एक बुजुर्ग दंपत्ति के घर में लूटपाट की थी. इतना ही नहीं, लूट के बाद यह लुटेरे तमंचे के बल पर बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर मौके से फरार हो गए.

    यह पूरा मामला मेरठ के एक शांत मोहल्ले का है, जहां कुछ दिन पहले बुजुर्ग दंपत्ति के घर में घुसकर लुटेरों ने लाखों रुपये के जेवरात और नगदी लूट ली थी. इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल था. लेकिन अब पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में लूटा गया सामान भी बरामद किया है. (MEERUT CRIME NEWS)

    शादी में जाना था, पर स्कॉर्पियो नहीं थी…
    इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लुटेरों की इस पूरी योजना के पीछे एक बेहद हास्यास्पद कारण छिपा था – स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदना. एसपी देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, यह गिरोह शादी में जाने के लिए स्कॉर्पियो खरीदना चाहता था, लेकिन पैसे नहीं थे. इसी कारण इन्होंने लूट की योजना बनाई और बुजुर्ग दंपत्ति को निशाना बनाया.

    पुलिस की पकड़ में अनोखा गैंग
    मेरठ पुलिस ने गंभीरता से इस मामले की जांच की और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस अनोखे गैंग को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों में से अधिकतर युवा हैं और बेरोजगारी से परेशान थे. पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि स्कॉर्पियो खरीदने के लिए उन्होंने लूट को अंजाम दिया.

    आरोपियों के कब्जे से लूट का सामान और तमंचा बरामद. (वीडियो- Nation Now Samachar)

    तमंचे के बल पर आशीर्वाद
    इस वारदात में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि आरोपियों ने लूटपाट के बाद बुजुर्गों से जबरन आशीर्वाद लिया. बुजुर्ग दंपत्ति ने डर के मारे हाथ उठाकर दुआ दी, जबकि उनका पूरा घर तहस-नहस हो चुका था.

    सोना गलवा दिया, फिर भी पकड़े गए
    एसपी देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि आरोपियों ने लूट के बाद जेवरात को एक सुनार के जरिए गलवा दिया था, ताकि पहचान न हो सके. लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उन्हें बरामद कर लिया गया. पुलिस ने लूट में प्रयुक्त तमंचा, नगदी, और गलाया हुआ सोना भी कब्जे में लिया है.

    आरोपियों से पूछताछ जारी
    पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इनका संबंध किसी अन्य लूट की घटनाओं से तो नहीं है. पुलिस का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी से मेरठ और आसपास के इलाकों में लूट की घटनाओं पर अंकुश लगेगा.

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  • मेरठ: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ी गई दरोगा अमृता यादव बर्खास्त, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा- MEERUT LADY SUB INSPECTOR

    मेरठ: घूस लेते रंगे हाथ पकड़ी गई दरोगा अमृता यादव बर्खास्त, कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा- MEERUT LADY SUB INSPECTOR

    मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है. मेरठ की रिश्वतखोर महिला दरोगा अमृता यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. वर्ष 2017 में बुढ़ाना गेट पुलिस चौकी प्रभारी रहते हुए 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ी गई. जिसके बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अमृता यादव को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं.

    दरअसल, साल 2017 में मोदीनगर, गाजियाबाद निवासी समीर ने शिकायत दर्ज कराई थी. समीर ने बताया कि उसकी शादी मेरठ कोतवाली निवासी मजहर से हुई थी, जो विवाह के बाद मायके चली गई और पति समीर पर दहेज उत्पीड़न, बलात्कार सहित कई धाराओं में केस दर्ज कराया. इस केस की जांच महिला दरोगा अमृता यादव को सौंपी गई थी.

    20 हजार रुपये में हुई थी डील
    जांच के दौरान अमृता यादव ने समीर को फोन कर केस में लगी धाराएं कम करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की. अंत में 20 हजार रुपये में मामला तय हुआ और समीर से यह रकम बुढाना गेट चौकी पर ही लेने को कहा गया. समीर ने इस रिश्वतखोरी की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से कर दी.

    रंगेहाथ पकड़ी गई महिला दरोगा
    एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और समीर के हाथों सीरियल नंबर अंकित किए गए 2-2 हजार के 10 नोट दरोगा तक पहुंचवाए. जैसे ही दरोगा ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया. इस गिरफ्तारी के बाद विभागीय जांच में भी अमृता यादव को दोषी पाया गया और उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की गई.

    कोर्ट ने सुनाई सजा
    सितंबर, 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट ने अमृता यादव को सात साल की सजा सुनाई थी, साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. तब से अमृता यादव बागपत जेल में बंद हैं. अदालत के आदेश और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर अब डीआईजी मेरठ रेंज ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है.

    पहले भी लगे थे गंभीर आरोप
    गौर करने वाली बात यह है कि अमृता यादव पर इससे पहले भी महिला थाने में तैनाती के दौरान रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे. उनके आचरण को लेकर कई शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंचीं थीं, लेकिन इस बार वह रंगेहाथों पकड़ी गईं.

    कलानिधि नैथानी, डीआईजी, मेरठ

    डीआईजी का सख्त संदेश
    इस पूरे मामले पर मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि, “अगर कोई भी पुलिसकर्मी अपराध या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है और अदालत में दोषी सिद्ध होता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. कानून व्यवस्था और पुलिस विभाग की गरिमा बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है.”

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  • मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया सेंधमारी करने वाले मास्टरमाइंड (CRPF JAWAN ARRESTED) को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी जम्मू-कश्मीर में एएसआई के पद पर तैनात है और छुट्टियों पर मेरठ आया था. पुलिस ने आरोपी को शनिवार को मेरठ की सिविल लाइन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया.

    राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 21 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. जांच में सामने आया कि राजेंद्र और उसका सहयोगी सागर कुमार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. कुछ दिन पहले पुलिस ने सागर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजेंद्र का नाम सामने आया.

    खाकी पैंट और लाल जूते में आया ‘फर्ज़ी दारोगा’
    इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अरुण कुमार, अपने भाई अनुभव का मेडिकल टेस्ट कराने मेरठ पुलिस लाइन पहुंचा था. तभी एक युवक, जिसने खाकी पैंट और लाल जूते पहन रखे थे, खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा बताकर मेडिकल में पास कराने का दावा करने लगा. बदले में उसने 21 हजार रुपये की मांग की. उसने यह भी दावा किया कि वह पहले भी दो अभ्यर्थियों को पास करवा चुका है.

    अरुण कुमार ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी और आरोपी सागर को पकड़वाया. सागर को जेल भेजने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो सीआरपीएफ जवान राजेंद्र कुमार का नाम सामने आया.

    सीआरपीएफ जवान से वसूली गई थी डेढ़ लाख की रकम
    सागर ने पूछताछ में बताया कि राजेंद्र के खाते में अभ्यर्थियों से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, राजेंद्र ने सफाई दी कि सागर पर उसका 2 लाख रुपये बकाया था और यह रकम उसी उधारी में दी गई है. पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की तो इस गोरखधंधे की पुष्टि हुई.

    आरोपी की पूरी कुंडली
    राजेंद्र कुमार मूल रूप से बड़ौत (बावली), जिला बागपत का निवासी है और फिलहाल बलराम नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है. वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात है और छुट्टी लेकर मेरठ आया था. पुलिस का दावा है कि वह इसी प्रकार के कामों में शामिल रहा है.

    थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस पूरे मामले में अभियोग संख्या 98/2025 को धारा 61(2), 308(2), 318(4), 351(2), 309(4), 317(2) बीएनएस व पुलिस परीक्षा अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दर्ज किया है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे.

    पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई
    सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है.

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  • मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: कंकरखेड़ा थाने में एक महिला टीचर ने अपने पुलिसकर्मी पति के खिलाफ गंभीर आरोप (HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE) लगाते हुए केस दर्ज कराया है. महिला का आरोप है कि उसका पति, जो इस समय हरियाणा के गुरुग्राम पुलिस मुख्यालय में हेडकांस्टेबल के पद पर तैनात है, पहले ही चार महिलाओं से शादी कर चुका है और अब वह छठी शादी करने की तैयारी में है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसने किसी भी पत्नी को तलाक नहीं दिया.

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका पति राहुल कुमार मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बधाई गांव का रहने वाला है और उसका परिवार द्वारिका सिटी, मुजफ्फरनगर में निवास करता है. महिला खुद बरेली जिले के मीरगंज ब्लॉक के एक गांव में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत है.

    पति करता था मारपीट, हुआ गर्भपात
    पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसने पति की अन्य शादियों के बारे में जानकारी हासिल की और इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की. महिला का आरोप है कि इस हिंसा के चलते उसका तीन महीने का गर्भपात हो गया. महिला के मुताबिक, राहुल शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और कई बार बरेली में उसके स्कूल तक जाकर हंगामा करता था.

    महिला ने बताया कि राहुल ने जिन चार महिलाओं से पहले शादी की है, उनके नाम निशी (निवासी इंचौली), सोनू (नई मंडी, मुजफ्फरनगर), मनोरमा देवी और शिवानी हैं. इन चारों में से किसी को भी राहुल ने तलाक नहीं दिया है. अब वह मुजफ्फरनगर की ही एक अन्य युवती से छठी शादी करने की योजना बना रहा है.

    आरोपी के परिवार पर भी लगे गंभीर आरोप
    महिला ने राहुल की मां सतवीरी और बड़े भाई प्रशांत कुमार पर भी आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि इन दोनों ने हमेशा राहुल का साथ दिया और उस पर अत्याचार में हिस्सेदार रहे. महिला ने बताया कि वह एक सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखती है—उसके पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और उसका भाई सेना में अधिकारी है.

    पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
    इस पूरे मामले में कंकरखेड़ा थाना प्रभारी विनय कुमार ने मीडिया को बताया कि महिला की तहरीर पर आरोपी पति राहुल, उसकी मां और बड़े भाई के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि सारे तथ्यों की गहराई से जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

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  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

    ये भी पढ़ें- मेरठ हिजाब विवाद मामला: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

  • मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ: खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में हिजाब (MEERUT HIJAB ROW) पहनकर स्कूल पहुंची छात्रा को एडमिशन से रोकने के मामले में जांच बैठ गई है. डीआईओएस राजेश कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है. उक्त टीचर को पूछताछ के लिए बुलाया है. साथ ही स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है. बता दें कि मेरठ के थापर नगर स्थित खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. इसमें छात्रा स्कूल ऑफिस में बैठी है. उसकी एक टीचर से हिजाब पर बहस होती दिख रही है.

    छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
    छात्रा ने आरोप लगाया कि हिजाब पहनने की वजह से स्कूल प्रशासन ने उसे एडमिशन नहीं दिया. वीडियो में वह स्कूल ऑफिस में बैठी नजर आ रही है, जहां एक टीचर के साथ उसकी बहस हो रही है. छात्रा ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दावा किया कि टीचर ने उसे हिजाब हटाने को कहा था.

    हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि, “हमारे यहां कई मुस्लिम छात्राएं पढ़ती हैं. सभी के लिए समान नियम हैं. छात्रा को केवल चेहरा दिखाने के लिए कहा गया था, क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया में यह जरूरी होता है. इसे जानबूझकर गलत तरीके से वायरल किया गया है, ताकि स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचे.”

    डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश
    जैसे ही यह मामला सामने आया, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है. डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज भी तलब की गई है ताकि सच सामने आ सके.

    राजेश कुमार, डीआईओएस.

    राजेश कुमार ने मीडिया को बताया, “मामला एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच समिति गठित की जाएगी. यह भी जांच का विषय है कि जो महिलाएं वीडियो में नजर आ रही हैं वे वास्तव में छात्राएं हैं या नहीं. इस मामले में किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी.”

    स्कूल का पक्ष
    स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि दो महिलाएं बच्चियों का प्रवेश कराने आई थीं. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एक टीचर ने उनसे चेहरा दिखाने का अनुरोध किया, जिससे वे नाराज हो गईं और बहस शुरू हो गई. इसी बहस के दौरान वीडियो बनाया गया और वायरल कर दिया गया. प्रिंसिपल ने आगे कहा, “हमारे यहां हर धर्म और समुदाय की छात्राएं पढ़ती हैं. हिजाब या किसी अन्य धार्मिक प्रतीक से किसी को रोकने का कोई नियम स्कूल में नहीं है. वायरल वीडियो का उद्देश्य केवल गलतफहमी फैलाना है.”

    बोर्ड परीक्षा सेंटर भी है खालसा स्कूल
    गौरतलब है कि खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, मेरठ में बोर्ड परीक्षा का सेंटर भी रहता है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं का सामने आना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि करेंगे कि कहीं यह मामला बोर्ड परीक्षा या किसी अन्य प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तो नहीं उठाया गया.

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