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Category: उत्तर प्रदेश

  • अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब 11वीं कक्षा के छात्र और युवा कवि अंशुमान तिवारी ने अयोध्या में आयोजित भव्य अयोध्या महोत्सव के अंतर्गत हुए “कवियों के महासंग्राम – काव्य श्री प्रतियोगिता” में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।पांच दिवसीय अयोध्या महोत्सव में देशभर से आए कवियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित काव्य प्रतियोगिता में अंशुमान तिवारी ने अपनी प्रभावशाली कविता, स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और श्रोताओं का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतनी बड़ी साहित्यिक उपलब्धि ने सभी को प्रभावित किया।

    काव्य प्रतिभा ने बटोरी खूब वाहवाही

    अंशुमान तिवारी की कविताओं में सामाजिक चेतना, युवाओं की सोच और संस्कारों की झलक साफ दिखाई दी। निर्णायकों ने उनकी रचना को मौलिक, विचारोत्तेजक और भावनात्मक रूप से प्रभावी बताया। प्रतियोगिता में कई अनुभवी कवियों के बीच एक छात्र का प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने-आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

    युवा कवि का जोरदार स्वागत

    कौशाम्बी जिले के वरिष्ठ कवि सुजीत जायसवाल ने युवा कवि अंशुमान तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अंशुमान जैसे युवा साहित्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    जिलाधिकारी करेंगे सम्मानित

    जिले का मान-सम्मान बढ़ाने वाले इस युवा कवि को जल्द ही अमेठी जिलाधिकारी द्वारा भी सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान अंशुमान के साहित्यिक सफर को और मजबूती देगा।अंशुमान तिवारी की यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। पढ़ाई के साथ-साथ साहित्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

  • Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शीतलहर के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। विश्व धरोहर ताजमहल भी इस समय कोहरे की मोटी चादर में ढका नजर आ रहा है। ताज व्यू पॉइंट से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कोहरे के कारण ताजमहल धुंधला दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों को इसकी पूरी खूबसूरती देखने में परेशानी हो रही है।

    पिछले कुछ दिनों से आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शीतलहर के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं दृश्यता (विजिबिलिटी) कई इलाकों में 50 से 100 मीटर तक सिमट गई है।घना कोहरा न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। सुबह के समय सड़कें, हाईवे और रेलवे ट्रैक कोहरे की वजह से दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है।

    ताजमहल देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों का कहना है कि ठंड और कोहरे के बावजूद ताजमहल का आकर्षण कम नहीं होता। हालांकि, कोहरे के कारण स्मारक का पूरा दृश्य साफ नजर नहीं आ पा रहा है। कई पर्यटकों को फोटो और वीडियो लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रभाव बढ़ा है। आने वाले कुछ दिनों तक आगरा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

    प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए घर से बाहर कम निकलने की अपील की गई है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।ठंड बढ़ने के कारण शहर में अलाव जलाने की संख्या भी बढ़ा दी गई है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों पर अलाव की व्यवस्था कर रही हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।

    ताजमहल पर छाया कोहरा एक ओर जहां सर्द मौसम की गंभीरता को दर्शा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह दृश्य पर्यटकों के लिए एक अलग ही अनुभव भी बन रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं।

  • अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    रिपोर्टर नितेश तिवारी अमेठी। गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा–अमेठी को लेकर जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित शंकराचार्य कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं के गौसेवक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद एवं आज्ञा का पालन किया गया।

    बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने गौसेवा के महत्व पर जोर देते हुए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। भारतीय मजदूर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू पाल ने शंकराचार्य जी के गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

    इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश कुमार पांडे और सलोन विधायक जीत पांडे ने भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया।कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य न केवल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना है, बल्कि जनपद अमेठी को गौहत्या से मुक्त करना भी है। उन्होंने बताया कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य द्वारा मनोनीत गो-सांसद राकेश तिवारी अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं—सलोन, तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज—की परिक्रमा करेंगे।

    • पदयात्रा 18 जनवरी (रविवार) को मां मनकामेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होगी।
    • प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलकर यह यात्रा 28 जनवरी (बुधवार) को जामों मार्ग स्थित शंकराचार्य कार्यालय पर समाप्त होगी।
    • यात्रा का उद्देश्य जन-जन में गौसेवा और संरक्षण की भावना जागृत करना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गो-धाम की स्थापना, और लोगों को गौ मतदाता संकल्प से जोड़ना है।

    बैठक में सैकड़ों गौभक्त, समाजसेवी और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख थे: कृष्णानंद पांडेय एडवोकेट, अनुराग तिवारी ‘विद्यमान’, उत्कर्ष शुक्ला, राजेश अग्रहरि, सत्यदेव सिंह, सूरज पांडे, अतुल तिवारी ‘सोनू’, सत्येंद्र यादव और जीत बहादुर यादव।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने बच्चों और युवाओं को भी गौसेवा के महत्व और नैतिकता के बारे में मार्गदर्शन दिया।

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    बैठक में यह तय किया गया कि पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा और प्रत्येक चरण में गौसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अमेठी में गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए जनसंपर्क, जागरूकता और संगठनात्मक प्रयास को नई दिशा दी जा रही है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर संकल्प लिया कि यह पदयात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

  • औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया | रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया जनपद में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को बी. बी. एस. स्मृति विद्यापीठ, आशानगर (जालौन रोड) में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।

    बच्चों के प्रदर्शन से अभिभावकों को गर्व

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व और खुशी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं।

    सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसे आयोजन

    मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में होने वाले वार्षिकोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ भी ऐसे आयोजनों से विकसित होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

    होमगार्ड्स भर्ती पर स्पष्ट संदेश

    मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बांग्लादेश हिंसा पर मंत्री की प्रतिक्रिया

    बांग्लादेश में हालिया हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत और शांति के रास्ते से ही किसी भी विवाद का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, चाहे वह किसी भी देश में हो।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह

    वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।

    गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी

    10 लोगों ने मिलकर खींचा शव

    डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

    प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”

    वन विभाग और प्रशासन की जांच

    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता

    गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है

  • औरैया में गली विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट, आधा दर्जन से अधिक घायल

    औरैया में गली विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट, आधा दर्जन से अधिक घायल

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया (उत्तर प्रदेश):औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर गांव में शनिवार सुबह एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। गली में मवेशी बांधने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    सुबह 11 बजे भड़का विवाद

    जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे सलेमपुर गांव में गली में मवेशी बांधने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हाथापाई से बढ़ते हुए लाठी-डंडों की मारपीट में बदल गया। ग्रामीणों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी तो तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने संभाला मोर्चा

    सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह और उपनिरीक्षक राशिद खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात पर काबू पाया और सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया।

    ये लोग हुए घायल

    मारपीट में घायल हुए लोगों में प्रदीप सक्सेना,संतोष सक्सेना,लवकुश सक्सेना,गोविन्द सक्सेना (सभी पुत्र रामऔतार),शिवपाल तोमर,सोहन,नितेन्द्र शामिल हैं।

    दो की हालत गंभीर, सैफई रेफर

    सीएचसी में तैनात डॉ. गौरव ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रदीप सक्सेना की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं नितेन्द्र को चिचोली रेफर किया गया। अन्य घायलों का मौके पर ही इलाज किया गया।

    गली में मवेशी बांधने को लेकर था विवाद

    अछल्दा थानाप्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद गली में मवेशी बांधने को लेकर हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है और किसी भी तरह की दोबारा घटना न हो, इसके लिए निगरानी रखी जा रही है।

  • बदायूं में दुल्हन की चाह में युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा, 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर दी जान देने की धमकी

    बदायूं में दुल्हन की चाह में युवक का हाईवोल्टेज ड्रामा, 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर दी जान देने की धमकी

    बदायूं (उत्तर प्रदेश):उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दुल्हन की चाह में एक युवक 30 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। युवक की हरकत से इलाके में हड़कंप मच गया और आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

    क्या है पूरा मामला?

    घटना बदायूं जिले के एक गांव की है, जहां हर प्रसाद मौर्य नामक युवक अचानक गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया। ऊपर से चिल्लाते हुए वह कह रहा था“साहब, मैं दस दिन से यही गंदे कपड़े पहने हूं, कौन धुलेगा? सबकी पत्नियां हैं, तो मुझे भी चाहिए!”युवक ने यह भी धमकी दी कि अगर उसे दूसरी पत्नी नहीं दिलाई गई, तो वह जान दे देगा। उसकी बातें सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    पहली पत्नी छोड़कर जा चुकी

    परिजनों के अनुसार, हर प्रसाद की पहली पत्नी पहले ही उसे छोड़कर जा चुकी है। इसके बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा था। युवक का कहना था कि“पहली बीबी चली गई, दूसरी दिलाओ नहीं तो मैं यहीं से कूद जाऊंगा!”उसकी हालत देखकर गांव के लोग डर गए, क्योंकि वह किसी भी समय बड़ा कदम उठा सकता था।

    आधे घंटे तक चला हंगामा

    पानी की टंकी पर चढ़े युवक ने करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। नीचे ग्रामीण उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। आखिरकार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से युवक को समझाया गया।काफी मान‑मनौव्वल और भरोसा दिलाने के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    मानसिक बीमारी की पुष्टि

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि हर प्रसाद मानसिक रूप से बीमार रहता है और पहले भी कई बार असामान्य व्यवहार कर चुका है। उसकी हालत को देखते हुए उसे इलाज और काउंसलिंग की जरूरत बताई जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला गंभीर जरूर था, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। युवक को समझाकर नीचे उतारा गया है और परिवार को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज और पारिवारिक सहयोग से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।

  • Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt -सीएम योगी की सख्ती से मेजर की बेटी को 24 घंटे में मिला अपना घर, भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

    Late Major Bipin Chandra Bhatt-   लखनऊ – लखनऊ में नये साल का पहला दिन मेजर की बेटी अंजना के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया। अंजना के पिता स्व. मेजर बिपिन चंद्र भट्ट थे और उनके निधन के बाद अंजना अकेली रह गई थी। पिछले कुछ समय से अंजना मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों से जूझ रही थीं और उन्हें सीजोफ्रेनिया के कारण रिहैब सेंटर में रखा गया था।हाल ही में अंजना के मकान पर चंदौली के बलवंत कुमार यादव और उनके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा कर लिया था।

    अंजना ने इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्होंने 24 घंटे के भीतर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गुरुवार दोपहर तक अंजना को उनके मकान में कब्जा दिला दिया। मकान में प्रवेश करते ही अंजना भावुक हो उठीं और आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”

    अंजना के पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का निधन 1994 में हुआ था। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां थीं, जिनमें से केवल अंजना जीवित रहीं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैब सेंटर में भर्ती कराया गया।हाल ही में मकान पर कब्जा किए जाने के बाद अंजना ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी। उनके मकान पर बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज और बोर्ड लगा दिया था। अंजना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने दुख और समस्याओं को साझा किया, जिसके तुरंत बाद न्याय की प्रक्रिया शुरू हुई।

    पुलिस और प्रशासन की तेज कार्रवाई

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पुलिस ने आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।अंजना के मकान में प्रवेश के समय पुलिस, सेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन मौजूद थे। अंजना ने हर कमरे में जाकर दीवारों को चूमा और घर के अंदर पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और आसपास की महिलाओं के साथ भावुक क्षण साझा किए।

    मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता

    इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने अंजना को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदेश दिए कि भूमि विवाद का समाधान तुरंत किया जाए और अंजाना को उनके अधिकारों से वंचित न किया जाए।अंजना की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता नागरिकों को न्याय दिलाने में कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।

  • औरैया महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला आया सामने

    औरैया महिला द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला आया सामने

    रिपोर्टर अमित शर्मा बिधूना/बंथरा: खबर औरैया से है जहां के बंथरा गांव में एक विवाहिता द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का दावा है कि आरोपी युवक मृतका को फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

    जानकारी के अनुसार, बंथरा निवासी जगराम प्रजापति की 30 वर्षीय पत्नी सरोजनी ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बिधूना ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सैफई रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बुधवार को सरोजनी ने दम तोड़ दिया। गुरुवार शाम को शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

    शुक्रवार को कोतवाली बिधूना पहुंचे पति जगराम और परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव का ही एक युवक सरोजनी से बात करता था। करीब दो महीने पहले जगराम को इस बात की जानकारी हुई थी। आरोप है कि वह युवक सरोजनी के कुछ फोटो और वीडियो बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। परिजनों ने यह भी चौंकाने वाला आरोप लगाया कि कमरे की दीवार के सुराख से किसी ने सरोजनी को जहरीला पदार्थ दिया था, जिसे खाने से उसकी मौत हुई।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/prayagraj-magha-mela-2026-triveni-sangam-first-day-shahi-snan/

    सरोजनी की शादी साल 2012 में बोंडेपुर अछल्दा निवासी रमेश चंद्र की पुत्री के रूप में जगराम के साथ हुई थी। मृतका अपने पीछे चार बच्चे (तीन बेटियां राधा, प्रांशु, काव्या और एक बेटा रामजीत) छोड़ गई है। खास बात यह है कि सरोजनी की दो अन्य बहनें, सीमा और सीता की शादी भी जगराम के भाइयों के साथ हुई थी, जबकि एक बहन आरती की शादी छिबरामऊ में हुई है।घटना के बाद से गांव में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

    MaghMela2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। मेले के पहले ही दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब हजारों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान को हिंदू धर्म में विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसी विश्वास के साथ देश के कोने-कोने से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं।

    पहले दिन संगम तट पर दिखी आस्था की लहर

    माघ मेले की शुरुआत के साथ ही संगम क्षेत्र में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। साधु-संत, कल्पवासी, श्रद्धालु परिवार और बुजुर्गों ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और दान-पुण्य किया। मान्यता है कि माघ महीने में संगम स्नान से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम

    राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने माघ मेला 2026 को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। NDRF, PAC, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। संगम घाटों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग स्नान घाट बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

    कल्पवासियों के लिए विशेष सुविधाएं

    माघ मेला केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि कल्पवास की परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। हजारों कल्पवासी पूरे एक महीने तक संगम तट पर रहकर साधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। प्रशासन की ओर से टेंट सिटी, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य शिविर और मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की गई है।

    यातायात और स्वास्थ्य सेवाएं अलर्ट मोड पर

    मेले को देखते हुए प्रयागराज शहर में ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संगम क्षेत्र और मेला परिसर में कई स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

    माघ मेला 2026 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत की सनातन संस्कृति, साधना और परंपरा का जीवंत उदाहरण भी है। आने वाले दिनों में मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।