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Category: उत्तर प्रदेश

  • CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    CBI का बड़ा एक्शन: CGST झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अफसर, IRS अधिकारी समेत 5 गिरफ्तार

    झांसी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए CGST झांसी कार्यालय में चल रहे रिश्वतखोरी के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में आईआरएस अधिकारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।

    क्या है पूरा मामला?

    सीबीआई ने इस मामले में 1.5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत मांग को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि CGST झांसी के अधिकारी एक निजी कंपनी को जीएसटी चोरी के मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहे थे। शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और कार्रवाई को अंजाम दिया।

    कौन-कौन गिरफ्तार?

    CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं प्रभा भंडारी – उप आयुक्त, CGST झांसी (IRS, 2016 बैच)अनिल तिवारी – अधीक्षक अजय कुमार शर्मा – अधीक्षक नरेश कुमार गुप्ता – अधिवक्ता राजू मंगतानी – निजी कंपनी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक सीबीआई के अनुसार, रिश्वत की रकम उप आयुक्त के निर्देश पर ली जा रही थी और पूरी डील को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

    70 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

    CBI ने जाल बिछाकर दोनों अधीक्षकों को 70 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी हिरासत में लिया गया।

    छापेमारी में क्या-क्या मिला?

    गिरफ्तारी के बाद CBI ने कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाली बरामदगी हुई करीब 1.60 करोड़ रुपये नकद कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज सोने-चांदी के भारी जेवरात CBI अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान अभी भी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

    सिस्टम पर सवाल

    इस पूरे मामले ने कर विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वरिष्ठ IRS अधिकारी का नाम सामने आना इस घोटाले को और भी संवेदनशील बना देता है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाने की बात कर रही है।

    आगे क्या?

    CBI ने सभी आरोपियों को चिकित्सीय परीक्षण के बाद संबंधित न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल था।

  • औरैया में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, डीएम–एसपी ने दिलाई सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ

    औरैया में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, डीएम–एसपी ने दिलाई सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का शुभारंभ किया गया। यह जागरूकता अभियान 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा।शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, औरैया परिसर में किया गया, जिसमें जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी (IAS) और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती (IPS) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व एआरटीओ एनसी शर्मा की अगुवाई में परिवहन विभाग द्वारा किया गया।

    सुरक्षित यातायात का दिया गया संदेश

    कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश मौतें लापरवाही, हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने के कारण होती हैं। यदि आमजन यातायात नियमों का पालन करें तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

    पुलिस–परिवहन विभाग की संयुक्त पहल

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ट्रैफिक चेकिंग, जागरूकता रैली, स्कूल-कॉलेज कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।

    हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर

    कार्यक्रम में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए जागरूक किया गया। परिवहन विभाग की ओर से बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट और तेज रफ्तार सबसे बड़ा कारण बनती है।

    पूरे माह चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

    एआरटीओ एनसी शर्मा ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले के सभी ब्लॉकों, विद्यालयों, कॉलेजों और प्रमुख चौराहों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती भी बरती जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों को केवल डर के कारण नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपनाएं। सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य दंड नहीं, बल्कि जीवन रक्षा है।

  • फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव ने मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी दिवंगत मां स्वर्गीय सावित्री देवी की स्मृति में गरीब और असहाय लोगों को 1100 कंबल वितरित किए। भीषण ठंड के बीच आयोजित इस कार्यक्रम से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली।

    कमालगंज में आयोजित हुआ कंबल वितरण कार्यक्रम

    यह कंबल वितरण कार्यक्रम कमालगंज थाना क्षेत्र के एस.डी. इंटर कॉलेज, पाहला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।नरेंद्र सिंह यादव ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनकी समस्याएं भी सुनीं। कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

    नाम बदलने के मुद्दे पर नरेंद्र सिंह यादव का बयान

    कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र सिंह यादव ने नाम बदलने की राजनीति पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा—

    “बात विकास की होनी चाहिए, नाम बदलने से किस्मत नहीं बदलती।
    असली जरूरत रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के कार्यों की है।”

    उन्होंने आगे कहा कि जनता को नाम बदलने से नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर, महंगाई से राहत और बुनियादी सुविधाएं मिलने से फायदा होगा। नेताओं को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

    गरीबों की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

    नरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उनकी मां स्वर्गीय सावित्री देवी हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करती थीं। उन्हीं की प्रेरणा से हर साल ठंड के मौसम में कंबल वितरण का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा “मां की स्मृति में गरीबों की सेवा करना ही उनके प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि है।”

    स्थानीय लोगों ने की सराहना

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। जरूरतमंदों का कहना था कि कड़ाके की ठंड में कंबल मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। ग्रामीणों ने ऐसे सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की मांग भी की।

  • औरैया में किशन हत्याकांड का खुलासा: 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मर्डर केस, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    औरैया में किशन हत्याकांड का खुलासा: 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मर्डर केस, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    औरैया (उत्तर प्रदेश) में हुए सनसनीखेज किशन हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 36 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। थाना कोतवाली औरैया और SOG/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के मुख्य आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी 32 बोर रिवॉल्वर, 03 जिंदा कारतूस और 01 खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस के अनुसार यह घटना 29 दिसंबर की रात की है। किशन नामक युवक की हत्या नलकूप के कमरे में चल रही पार्टी के दौरान हुई। पार्टी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान आरोपी ओमजी गुप्ता ने आवेश में आकर किशन के सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।

    फोरेंसिक और मुखबिर की अहम भूमिका

    हत्या के खुलासे में फोरेंसिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और मुखबिर की सटीक सूचना ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने तकनीकी जांच और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद एलजी गार्डन नहर पुलिया के पास से आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह नशे और गुस्से की हालत में था, इसी कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

    लाइसेंसी हथियार पर भी कार्रवाई

    पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर लाइसेंसी है, जो अनूप गुप्ता पुत्र मोतीलाल के नाम पर पंजीकृत है। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 30 की बढ़ोतरी करते हुए रिवॉल्वर मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंसी हथियार का इस तरह दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

    पुलिस की बड़ी सफलता

    पुलिस अधीक्षक औरैया ने इस तेज कार्रवाई को टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

    इलाके में राहत, लेकिन सवाल बरकरार

    36 घंटे में हत्या का खुलासा होने से जहां स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पार्टियों में हथियारों की मौजूदगी और लाइसेंसी असलहों का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

  • अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी पर राम जन्मभूमि में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन

    अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी पर राम जन्मभूमि में विशेष पूजा, राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन

    अयोध्या: प्रतिष्ठा द्वादशी और रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। इस खास मौके पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला की विधिवत पूजा-अर्चना की।

    सुबह से ही राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की गूंज के बीच रामलला का विशेष श्रृंगार किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के चरणों में पुष्प अर्पित किए और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद बीते दो वर्षों में अयोध्या ने वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाई है।

    वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि यह मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि रामलला का आशीर्वाद देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है।

    इस अवसर पर मंदिर प्रशासन, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे अयोध्या धाम में भक्तिमय और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

  • अमेठी में फर्जी खाद–कीटनाशक फैक्ट्री का भंडाफोड़, किसानों से धोखाधड़ी का बड़ा खेल उजागर

    अमेठी में फर्जी खाद–कीटनाशक फैक्ट्री का भंडाफोड़, किसानों से धोखाधड़ी का बड़ा खेल उजागर

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी (उत्तर प्रदेश) में किसानों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले में चल रही फर्जी खाद और कीटनाशक फैक्ट्री का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। इस अवैध कारोबार के तार कांग्रेस और अपना दल (एस) से जुड़े नेताओं के संरक्षण से जुड़े बताए जा रहे हैं। जिला अधिकारी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में छापेमारी कर इस गोरखधंधे का खुलासा किया।

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, एक नामी कंपनी के अधिकारियों ने जिलाधिकारी अमेठी से शिकायत की थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली खाद और कीटनाशक की पैकिंग और सप्लाई की जा रही है। शुरुआती शिकायत में स्थान की जानकारी नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद कंपनी के एक प्रतिनिधि को डमी कैंडिडेट बनाकर भेजा गया। सूचना पुख्ता होने पर प्रशासनिक टीम ने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ छापेमारी की।

    कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?

    छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?

    छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद, कीटनाशक और कच्चा माल बरामद किया गया। इनमें शामिल हैं लगभग 450 पैकेट नकली कीटनाशक ‘अल्ट्रा रिजेंट’ विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक, जिनमें एडवांस एग्रो लाइफ प्रा. लि. के पैकेट एच.पी.एम. केमिकल्स एग्रोस्टार कंपनी के उत्पाद कच्चा माल 15 कट्टे सफेद पाउडर (498.39 किग्रा)1 कट्टा नीला पाउडर (258.30 किग्रा) 7 कट्टे काला पाउडर (187 किग्रा)इसके अलावा इफको और आईपीएल डीएपी के खाली बैग, बोतलें, पैकिंग सामग्री और हजारों की संख्या में नकली लेबल भी मिले।

    प्रधानमंत्री की फोटो लगी बोरियां भी बरामद

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगी बोरियां भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल किसानों को भरोसे में लेने और गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। प्रशासन का मानना है कि यह पूरी गतिविधि कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियम 1960 का स्पष्ट उल्लंघन है।

    राजनीतिक संरक्षण का आरोप

    यह अवैध फैक्ट्री एक कांग्रेस नेता के निजी इंटर कॉलेज परिसर में संचालित हो रही थी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से जुड़े एक बड़े नेता, जो शिक्षक एमएलसी का चुनाव भी लड़ रहे हैं, के परिसर में यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था। वहीं प्रारंभिक पूछताछ में एक मजदूर राम उजागिर यादव ने बताया कि उसे शिवम तिवारी नामक व्यक्ति ने 400 रुपये दिहाड़ी पर बुलाया था, जो खुद को अपना दल (एस) का जिला उपाध्यक्ष बता रहा है।

    आगे की कार्रवाई

    छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद मुख्य आरोपी फरार हो गए। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर कठोर कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। किसानों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले ने एक बार फिर नकली खाद–कीटनाशक के खतरे को उजागर कर दिया है।

  • Burqa-Lipstick Disguise Criminal बुर्के में छिपा रेप का आरोपी, लिपस्टिक लगाकर पुलिस को दिया चकमा, वृंदावन से गिरफ्तार 

    Burqa-Lipstick Disguise Criminal बुर्के में छिपा रेप का आरोपी, लिपस्टिक लगाकर पुलिस को दिया चकमा, वृंदावन से गिरफ्तार 

    Burqa-Lipstick Disguise Criminal: बुर्का पहनकर और लिपस्टिक लगाकर महिला का रूप धारण करने वाला रेप का आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. राजस्थान के धौलपुर में 16 साल की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के बाद फरार चल रहा रामभरोसी उर्फ राजेंद्र सिसोदिया को उत्तर प्रदेश के वृंदावन से गिरफ्तार किया. पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी बड़ी चुनौती थी क्योंकि आरोपी लगातार अपना रूप बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था.

    क्या है पूरा मामला? 

    15 दिसंबर को धौलपुर कोतवाली थाना क्षेत्र की पोखर कॉलोनी में यह घटना हुई थी. आरोपी ने नाबालिग लड़की और उसके भाई को नौकरी का झांसा देकर अपने घर बुलाया. उसने लड़की के भाई को बाजार भेज दिया और इसी दौरान नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. लड़की के शोर मचाने पर कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन आरोपी भाग निकला. घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने प्रदर्शन भी किया.

    पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

    मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की. कई जगह दबिश दी गई, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था. उसकी लोकेशन आगरा, लखनऊ और ग्वालियर तक ट्रेस हुई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी. आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.

    महिला का रूप धारण कर छिपा था आरोपी

    पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए हर बार अपना रूप बदलता था. कभी ट्रैक सूट पहनकर वीआईपी ऑफिसर बनता, तो कभी बुर्का और लिपस्टिक लगाकर महिला का रूप धारण कर लेता. आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वृंदावन से उसे गिरफ्तार कर लिया.

  • कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नौबस्ता इलाके में दो युवतियों के बीच जबरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है। यह घटना न सिर्फ हिंसक है, बल्कि इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह झगड़ा उस जगह पर हुआ जहां रात के समय पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद, घटना के वक्त मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

    कहां और कैसे हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यशोदा नगर बाईपास के पास का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद कपड़े पहने एक युवती दूसरी युवती पर अचानक हमला कर देती है। मारपीट इतनी भीषण थी कि हमलावर युवती ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया, बाल पकड़कर घसीटा और लगातार करीब 11 थप्पड़ जड़ दिए। यही नहीं, जमीन पर गिरी युवती के सीने और सिर पर लात-घूंसे भी बरसाए गए।यह पूरी घटना रात के समय की बताई जा रही है। वीडियो में पीड़ित लड़की को मदद के लिए चीखते-चिल्लाते और राहगीरों से गुहार लगाते देखा जा सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति उसे बचाने आगे नहीं आया

    लड़ाई की वजह क्या थी

    वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से पता चलता है कि यह विवाद “अभिषेक” नाम के एक युवक को लेकर हुआ। हमलावर युवती गुस्से में चिल्लाते हुए कहती सुनाई दे रही है“अभिषेक को तूने छोड़ा था, अब जब वह मेरा हो गया है तो तू उसे बाबू बोलेगी?”वह यह भी आरोप लगाती है कि पीड़ित लड़की ने अभिषेक को स्काई लॉन में मिलने के लिए बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।

    वीडियो बनाने वाली भी हमले में शामिल

    इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाली लड़की, जो कथित तौर पर हमलावर की दोस्त बताई जा रही है, उसने भी पीड़ित युवती को पैर से मारा। इससे यह मामला केवल दो लड़कियों के झगड़े तक सीमित न रहकर समूह हिंसा का रूप लेता नजर आ रहा है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि“मामला संज्ञान में है और वीडियो के आधार पर दोनों युवतियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान से कुछ दूरी पर ही पुलिस चौकी मौजूद है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

    सोशल मीडिया पर गुस्सा

    वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • गोरखपुर में सीएम योगी ने मंच से ली बीजेपी सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद की चुटकी

    गोरखपुर में सीएम योगी ने मंच से ली बीजेपी सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद की चुटकी

    गोरखपुर, उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने गोरखपुर में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में बीजेपी सांसद रवि किशन और मंत्री संजय निषाद पर मज़ेदार टिप्पणी की। मंच से हल्की-फुल्की चुटकी के जरिए सीएम ने दोनों नेताओं को हंसी का पात्र बनाया।

    सीएम योगी की चुटकी

    सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए कहा,“इतनी ठंड में रवि किशन और संजय निषाद बाहर नहीं निकलते। लगता है आज कहीं खाने पर मिले होंगे, वहीं से दोनों की जोड़ी निकल पड़ी इधर कार्यक्रम में। यहां आकर उनकी ठंड दूर हो गई।”इस टिप्पणी पर मंच और दर्शक हंस पड़े। उन्होंने इस मज़ाकिया अंदाज में कार्यक्रम की सुरुचिपूर्ण और हल्की-फुल्की माहौल बनाए रखी।

    कार्यक्रम का माहौल

    गोरखपुर में आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता का समापन समारोह खेलों और मनोरंजन का केंद्र बन गया। सीएम योगी की चुटकी ने कार्यक्रम को और भी सजीव और मनोरंजक बना दिया। कार्यक्रम में कई स्थानीय विधायक, सांसद और खेल प्रेमी भी मौजूद थे।

    सोशल मीडिया पर चर्चा

    सीएम योगी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई। लोगों ने मज़ेदार अंदाज की तारीफ़ की और इसे राजनीतिक हल्कापन और चुटीले अंदाज का उदाहरण बताया।गोरखपुर में कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह में सीएम योगी का यह मज़ाकिया अंदाज दर्शकों और नेताओं दोनों के लिए मनोरंजन का पाट बन गया। रवि किशन और संजय निषाद की ठंड में बाहर निकलने की चुटकी ने कार्यक्रम की हल्की-फुल्की और सुखद यादें छोड़ दीं।

  • संभल: जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    संभल: जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    संभल, उत्तर प्रदेश – संभल जिले में आज जामा मस्जिद के बराबर स्थित लगभग 8 बीघा कब्रिस्तान की जमीन की पैमाईश की जा रही है। इस जमीन को लेकर पिछले कई दशकों से विवाद चला आ रहा है और हाल ही में प्रशासन ने इसे मापने की कार्रवाई शुरू की है।स्थानीय संगठन श्री कल्कि सेना का आरोप है कि यह जमीन 1980 के दशक में टीले जैसी थी, लेकिन आज यहां मकान और दुकानों का निर्माण कर दिया गया है। उनका कहना है कि संभल हिंसा में जिन दुकानों और मकानों से पत्थर फेंके गए थे, वही आज विवाद का केंद्र बन गई हैं।

    संभल में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन पर पैमाईश, सुरक्षा के बीच अलर्ट मोड

    सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अलर्ट

    आज की पैमाईश के दौरान संभल में छावनी जैसा माहौल देखा गया। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संभल के कई सौ पुलिसकर्मी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पैमाईश के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। सभी पक्षों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें।

    इतिहास और विवाद

    संभल जिले में जामा मस्जिद के आसपास की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। 1980 के दशक में यह क्षेत्र टीले जैसी था, लेकिन धीरे-धीरे यहाँ आवासीय और व्यावसायिक निर्माण शुरू हो गए। इस जमीन को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन और तनाव की घटनाएं भी सामने आई हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन की पैमाईश और कानून के अनुसार कार्रवाई से भविष्य में किसी भी तरह के विवाद को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

    प्रशासन का संदेश

    संभल प्रशासन ने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पैमाईश और जांच कानून के दायरे में की जा रही है और किसी के हितों के खिलाफ कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।संभल में जामा मस्जिद के पास कब्रिस्तान की जमीन की पैमाईश के चलते क्षेत्र में अलर्ट मोड देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी, शांति बनाए रखने की अपील और प्रशासनिक सतर्कता इस कार्रवाई को संयम और विधिक ढांचे में पूरा करने का संकेत देती है।