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Category: उत्तर प्रदेश

  • औरैया 48 घंटे के भीतर पिंटू हत्याकांड का खुलासा, कई अहम खुलासे

    औरैया 48 घंटे के भीतर पिंटू हत्याकांड का खुलासा, कई अहम खुलासे

    रिपोर्टर अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में हुए सनसनीखेज औरैया पिंटू हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। सहायल थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 25 दिसंबर 2025 को थाना सहायल क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलन कराया गया और मामले के शीघ्र अनावरण के लिए विशेष टीमें गठित की गईं।

    परिजनों की तहरीर के आधार पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अभिषेक उर्फ दीपक कुमार पुत्र छविनाथ, निवासी फतेहपुर थाना सहार जनपद औरैया के रूप में हुई है। वह मृतक पिंटू उर्फ सतीश का दूर का रिश्तेदार और साढ़ू बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त उसका मित्र गौरव कठेरिया है, जो पूरी वारदात में उसके साथ शामिल था।

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    पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि अभिषेक को शक था कि मृतक के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद और कहासुनी हो चुकी थी। अभियुक्त का आरोप है कि मृतक द्वारा लगातार धमकी दिए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान था।इसी रंजिश के चलते अभिषेक ने अपने मित्र गौरव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। दोनों ने मृतक को सुनसान इलाके में बुलाया और शराब पिलाने के बाद 315 बोर के तमंचे से गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली लगने से मृत्यु की पुष्टि हुई है।फिलहाल पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

  • कानपुर देहात में ओवरलोड ट्रकों को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, कई घंटे बाधित रहा यातायात

    कानपुर देहात में ओवरलोड ट्रकों को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, कई घंटे बाधित रहा यातायात

    कानपुर देहात जनपद के राजपुर थाना क्षेत्र में ओवरलोड बालू लदे ट्रकों को गांवों से जबरन निकाले जाने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खोजारामपुर गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।


    गांव से ओवरलोड ट्रक निकालने का विरोध

    जानकारी के अनुसार, जालौन जनपद से बालू लदे ओवरलोड ट्रक तहसील सिकंदरा होते हुए कानपुर देहात में प्रवेश कर रहे थे। इन ट्रकों को राजपुर थाना क्षेत्र के खोजारामपुर गांव समेत आसपास के आधा दर्जन गांवों से निकाले जाने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड ट्रकों की वजह से गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ हैबच्चों और बुजुर्गों की जान को जोखिम हैइसी को लेकर ग्रामीणों ने ट्रकों को रास्ते में रोक लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


    सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे सड़क पर, कई घंटे जाम

    इस विरोध प्रदर्शन में एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों में नरेंद्र सिंह, बंटू सिंह, श्यामू सिंह, राहुल सिंह, दीपक सिंह, विनय सिंह, राजू सिंह, गजब सिंह, मोहित सिंह, दिनेश कुमार, मुकेश सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और कई घंटों तक चक्का जाम रखा, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।


    अधिकारियों के समझाने पर खुला जाम

    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और आश्वासन के बाद अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए और सड़क पर लगा जाम हटाया गया।

    हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आगे भी ओवरलोड ट्रकों का संचालन गांवों से किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


    ग्रामीणों की मांग

    ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि:

    • ओवरलोड ट्रकों पर सख्त कार्रवाई की जाए
    • गांवों के अंदर से भारी वाहनों का संचालन बंद हो
    • क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जाए
  • कानपुर देहात में बौद्ध कथा के दौरान विवाद,कथावाचक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, आयोजक समेत दो हिरासत में

    कानपुर देहात में बौद्ध कथा के दौरान विवाद,कथावाचक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, आयोजक समेत दो हिरासत में

    कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के मलखानपुर गांव में आयोजित एक बौद्ध कथा कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगा।

    कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयानों का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। वीडियो वायरल होते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए रसूलाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आयोजक गुलाब राम और कथावाचक अर्चना सिंह बौद्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति जिला प्रशासन से ली गई थी, लेकिन कथा के दौरान कथावाचक द्वारा कथित रूप से धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता रसूलाबाद कोतवाली पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालात को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

    हिंदू संगठनों का कहना है कि उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।अमेठी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिले की स्वाट टीम और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 86 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर

    उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है।

    देश के अलग-अलग राज्यों से बरामद हुए मोबाइल

    पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल फोन देश के विभिन्न प्रदेशों से चोरी या खोए हुए थे, जिन्हें तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया। स्वाट टीम और साइबर टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

    मोबाइल मिलते ही खिले लोगों के चेहरे

    अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर फोन मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज, फोटो और निजी जानकारियों का जरिया था। फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

    पुलिस को कहा धन्यवाद

    खोए हुए फोन मिलने के बाद फोन मालिकों ने अमेठी पुलिस का धन्यवाद किया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि साइबर टीम की वजह से उन्हें दोबारा अपना मोबाइल मिल पाया, जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

    पुलिस ने दिया जागरूकता का संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल को ट्रेस करने में आसानी होती है।अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता से खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं

  • कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर।कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम और स्वरूपनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑटो गैंग द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर लूट में शामिल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग ऑटो का इस्तेमाल कर सेल्समैन और व्यापारियों को निशाना बनाता था। बीती 25 तारीख को आरोपियों ने एक सेल्समैन के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें स्कूटी समेत 3 लाख 90 हजार रुपये नकद लूट लिए गए थे।

    बरामदगी में नकदी और वाहन शामिल

    पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 1 लाख 73 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, एक ऑटो और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि लूट में शामिल कई अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    ऑटो गैंग का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऑटो के जरिए संभावित शिकार की रेकी करते थे और मौका पाकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। वारदात के बाद ये लोग तेजी से इलाके से फरार हो जाते थे, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

    पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इस सफल कार्रवाई पर डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग ने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

  • लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पालतू कुत्ते की बीमारी से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाली दो सगी बहनों के मामले के बाद अब उसी पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की भी मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लखनऊ में रहने वाली दो सगी बहनों ने अपने पालतू कुत्ते टोनी की गंभीर बीमारी से अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों बहनों का अपने पालतू कुत्ते से गहरा भावनात्मक लगाव था। कुत्ते की बिगड़ती हालत को देखकर वे लगातार अवसाद में थीं।

    बीमारी से जूझ रहा था पालतू कुत्ता

    बताया जा रहा है कि पालतू कुत्ता टोनी लंबे समय से बीमार चल रहा था और उसका इलाज भी कराया जा रहा था। बहनों की मौत के बाद टोनी की हालत और बिगड़ती चली गई। पशु चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद आखिरकार टोनी ने भी दम तोड़ दिया।

    इलाके में शोक की लहर

    बहनों और अब उनके पालतू कुत्ते की मौत के बाद मोहल्ले में शोक और सन्नाटे का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दर्दनाक और भावनात्मक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक लगाव की गंभीरता को दर्शाता है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक जुड़ाव किस हद तक इंसान को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के गहरे तनाव की स्थिति में समय पर काउंसलिंग और परामर्श बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस ने पहले से दर्ज मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि मानसिक दबाव की स्थिति में परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से मदद जरूर लें।

  • बागपत में खाप पंचायत का फरमान: बच्चों के स्मार्टफोन पर रोक, ड्रेस कोड भी तय

    बागपत में खाप पंचायत का फरमान: बच्चों के स्मार्टफोन पर रोक, ड्रेस कोड भी तय

    बागपत।उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खाप पंचायत ने एक बार फिर अपने सख्त फैसलों को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं। पंचायत ने बच्चों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही लड़के और लड़कियों के हाफ-पैंट पहनने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।खाप पंचायत का कहना है कि यह निर्णय पश्चिमी प्रभाव से बचाव और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। पंचायत के अनुसार, बच्चों में मोबाइल फोन की बढ़ती लत से पढ़ाई, सामाजिक व्यवहार और पारिवारिक संस्कारों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

    बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता

    पंचायत के सदस्यों का कहना है कि स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बच्चे अपने परिवार और समाज से कटते जा रहे हैं। इसी वजह से गांव स्तर पर यह फैसला लिया गया कि नाबालिग बच्चों को स्मार्टफोन नहीं दिया जाएगा। पंचायत ने अभिभावकों से भी इस नियम का सख्ती से पालन कराने की अपील की है।

    पहनावे को लेकर भी सख्ती

    खाप पंचायत ने आदेश दिया है कि गांव में लड़के और लड़कियां हाफ-पैंट नहीं पहनेंगे। पंचायत का तर्क है कि आधुनिक पहनावा भारतीय संस्कृति और ग्रामीण मर्यादाओं के खिलाफ है। पंचायत ने कहा कि पारंपरिक और सादे वस्त्रों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    शादी को लेकर भी नया नियम

    खाप पंचायत ने विवाह समारोह को लेकर भी अहम फैसला लिया है। पंचायत के आदेश के मुताबिक, शादी केवल गांव या घर में ही आयोजित की जाएगी, मैरिज हॉल या बाहरी स्थानों पर शादी की अनुमति नहीं होगी। पंचायत का कहना है कि इससे फिजूलखर्ची रुकेगी और सामाजिक समानता बनी रहेगी।

    समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया

    इस फैसले के बाद गांव और आसपास के इलाकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे संस्कृति संरक्षण की दिशा में सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल मान रहे हैं।फिलहाल खाप पंचायत ने साफ किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

  • बांदा में वीर बाल दिवस का भव्य आयोजन, 36 मेधावी बच्चे हुए सम्मानित

    बांदा में वीर बाल दिवस का भव्य आयोजन, 36 मेधावी बच्चे हुए सम्मानित

    रिपोर्ट मोहित पाल, बांदा सिख धर्म के दसवें गुरू गोविन्द सिंह के पुत्रों के असाधारण साहस, बलिदान के स्मरण के रूप में 26 दिसम्बर, 2025 को “वीर बाल दिवस” का आयोजन महर्षि बामदेव सभागार में जे०रीभा, जिलाधिकारी बाँदा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन से की गयी।

    कार्यक्रम में मा० प्रधानमंत्री के सम्बोधन का सीधा प्रसारण प्रदर्शित किया गया तथा साथ ही “वीर बाल दिवस” के अवसर पर दिनांक 18 से 25 दिसम्बर, 2025 के मध्य जनपद के विद्यालयों और आंगनवाडी केन्द्रों में बच्चों में साहस, सेवा, राष्ट्र प्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सकारात्मक नागरिकता के मूल्यों को सुदृढ़ किये जाने के उद्देश्य से विभिन्न थीम / विषयों पर चित्रकला/पेंटिंग/ कहानी / स्लोगन व नारा लेखन / पोस्टर प्रतियोगिता / समूह चर्चा आदि कार्यक्रमों तथा गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपद के विभिन्न विद्यालयों के 36 बच्चों को सम्मानित किया गया।

    जिसमें से उच्च प्राथमिक विद्यालय गिरवां के 02 बच्चों, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जारी-1 के 03 बच्चों, राजकीय बालिका इण्टर कालेज बाँदा की 10 छात्राएं, आर्य कन्या इण्टर कालेज की 03 छात्राएं, आदर्श बजरंग इण्टर कालेज बाँदा के 03 छात्र, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा की 11 छात्राएं, को पुरस्कृत किया गया। तथा साथ ही राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के 04 बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। इन बच्चों द्वारा कला, विज्ञान, खेल के क्षेत्र एवं विद्यालय, जनपद एवं राज्य स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    कलेक्ट्रेट, सभागार बाँदा में बच्चों को “वीर बाल दिवस” के महत्व एवं इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी गयी तथा साथ ही सभी उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं बालकों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलायी गयी ।

    उक्त कार्यक्रम में राजबहादुर सिंह, उप निदेशक, पिछड़ा वर्ग / महिला कल्याण, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा, मीनू सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाँदा, दीपाली गुप्ता, नोडल उच्च शिक्षा / प्राचार्या, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा, सबीना रहमानी, प्रवक्ता, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा, दिलीप पाण्डेय, जिला कार्यकम अधिकारी बाँदा, दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक बाँदा, अभिषेक अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी बाँदा, अभिषेक चौधरी, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी, रामप्रकाश, बाल विकास परियोजना अधिकारी व जिला प्रोबेशन कार्यालय, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा हब फॉर इम्पावरमेंट के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

  • कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर के स्वरूपनगर स्थित बाल निकुंज में आयोजित मंडलीय पावरलिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस चैंपियनशिप के दूसरे दिन खिलाड़ियों का जबरदस्त दमखम देखने को मिला। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया।यह प्रतियोगिता पावरलिफ्टिंग संघ कानपुर द्वारा आयोजित की गई, जिसमें हमीरपुर, फर्रुखाबाद, घाटमपुर और महोबा सहित कई जिलों के जांबाज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।


    आस्तिक राजावत का शानदार प्रदर्शन

    53 से 74 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धाओं के बीच कानपुर के आस्तिक राजावत सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे।
    आस्तिक ने सब-जूनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग – प्रथम स्थान बेंच प्रेस – प्रथम स्थान हासिल कर कानपुर जिले का नाम रोशन किया


    अन्य विजेता खिलाड़ी

    कड़े मुकाबले में आचमन बाजपेई ने दूसरा स्थान लक्ष्य चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।


    खिलाड़ियों को मिल रही बधाइयां

    इस शानदार प्रतियोगिता और खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के बाद विजेताओं को खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों की ओर से ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। आयोजन को लेकर खेल जगत में खासा उत्साह देखा गया।

  • बांदा में ठंड से राहत के लिए जय टीवीएस संचालिका संतोष ओमर की सेवा पहल

    बांदा में ठंड से राहत के लिए जय टीवीएस संचालिका संतोष ओमर की सेवा पहल

    रिपोर्टर मोहित पाल बांदा।जिले में लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए समाजसेवी संस्थाएं और सामाजिक कार्यकर्ता जरूरतमंदों और राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए आगे आ रहे हैं। इसी क्रम में बांदा शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित जय टीवीएस एजेंसी पर ठंड से बचाव के लिए एक सराहनीय सेवा कार्य किया गया।

    मौसम में बढ़ती सर्दी को ध्यान में रखते हुए जय टीवीएस की संचालिका एवं समाजसेविका संतोष ओमर की ओर से गर्म चाय वितरण का आयोजन किया गया। एजेंसी परिसर के बाहर स्टाल लगाकर राहगीरों, रिक्शा चालकों और आसपास से गुजरने वाले लोगों को गर्मा-गर्म चाय पिलाई गई, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके।इस सेवा कार्य की खास बात यह रही कि जय टीवीएस का समस्त स्टाफ इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहा। स्टाफ के सदस्य स्वयं आगे बढ़कर रास्ते से गुजर रहे राहगीरों और रिक्शा चालकों को रोककर चाय पिलाते नजर आए। भीषण ठंड के बीच यह दृश्य लोगों के लिए सुकून देने वाला रहा।

    चाय वितरण में लगे युवाओं ने बताया कि ठंड के मौसम में गरीब, मजदूर और राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में इस तरह की छोटी-छोटी सेवाएं भी लोगों के लिए बड़ी राहत बन सकती हैं। इसी भावना के साथ यह सेवा कार्य किया गया।

    जय टीवीएस की संचालिका संतोष ओमर ने कहा कि ठंड के इस मौसम में सभी सक्षम लोगों को समाजसेवा के लिए आगे आना चाहिए। यदि हर कोई अपने स्तर पर इस तरह के सेवा कार्य करे, तो समाज के जरूरतमंद वर्ग को काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सेवा कार्य लगातार और अलग-अलग स्थानों पर होते रहने चाहिए।

    इस मानवीय पहल के लिए शहरवासियों ने संतोष ओमर और जय टीवीएस टीम की खुले दिल से सराहना की। लोगों का कहना है कि इस तरह के सामाजिक प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।