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Category: उत्तर प्रदेश

  • कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के रासधान गांव की बताई जा रही है, जहां एक युवक ने पागलपन का नाटक करते हुए मंदिर में जमकर उत्पात मचाया।स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी युवक अचानक मंदिर परिसर में पहुंचा और मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा। जब पुजारी ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने पत्थर उठा लिया और पुजारी के पीछे दौड़ पड़ा। किसी तरह पुजारी ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला
    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    इतना ही नहीं, आरोपी युवक ने मंदिर में लगे CCTV कैमरे को भी तोड़ दिया, जिससे उसकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने से बच सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यह युवक पहले भी इसी तरह का उत्पात करता रहा है और इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर लोग पहले से ही दहशत में थे।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को जानकारी दी। सिकंदरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या फिर जानबूझकर पागलपन का नाटक कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा था।

    कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास जैसी घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • रैपिड रेल में अश्लील हरकत: BTech छात्र और BCA छात्रा की पहचान, FIR दर्ज

    रैपिड रेल में अश्लील हरकत: BTech छात्र और BCA छात्रा की पहचान, FIR दर्ज

    गाजियाबाद में चल रही रैपिड रेल (नमो भारत ट्रेन) के भीतर अश्लील हरकत करने वाले छात्र और छात्रा की पहचान कर ली गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और रैपिड रेल प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक BTech का छात्र है, जबकि युवती BCA की पढ़ाई कर रही है। दोनों छात्र बताए जा रहे हैं और गाजियाबाद क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। वायरल वीडियो में सार्वजनिक परिवहन के भीतर आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दोनों को देखा गया था, जिसके बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतों पर कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने संज्ञान लिया और पहचान सुनिश्चित कर दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने और सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। FIR दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने और किस उद्देश्य से रिकॉर्ड कर वायरल किया।

    वहीं, रैपिड रेल (नमो भारत) प्रशासन की ओर से भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए CCTV निगरानी, सुरक्षा स्टाफ और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया जाएगा।

    इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और जिम्मेदारी के मुद्दे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को डिजिटल और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।फिलहाल, रैपिड रेल अश्लील हरकत का यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

  • फर्रुखाबाद में बंबे की सफाई न होने से फसल जलमग्न, किसान परेशान

    फर्रुखाबाद में बंबे की सफाई न होने से फसल जलमग्न, किसान परेशान

    फर्रुखाबाद जनपद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फर्रुखाबाद बंबा सफाई न होने के कारण नहर का पानी खेतों और सड़क पर भर गया। यह घटना मेहंदिया बाली के पास स्थित पट्टियां जौरा गांव की है, जहां सिंचाई के लिए नहर में छोड़ा गया पानी बंबे में पहुंचते ही उफान पर आ गया।ग्रामीणों का आरोप है कि बंबे की सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई। न तो समय से गाद निकाली गई और न ही पानी निकासी की उचित व्यवस्था की गई। जैसे ही नहर में पानी छोड़ा गया, बंबे में जमा गंदगी और मिट्टी के कारण पानी आगे नहीं बढ़ सका और उफनकर सड़क व आसपास के खेतों में भर गया।

    इससे किसानों की खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। खेतों में पानी भर जाने से आलू, गेहूं और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई। आलू की फसल सड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ सकता है।

    ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी बंबे की सफाई की शिकायत की गई थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। फर्रुखाबाद बंबा सफाई को लेकर की गई लापरवाही अब किसानों पर भारी पड़ गई है। सड़क पर पानी भरने से आवागमन भी बाधित हो गया, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    घटना के बाद किसानों में आक्रोश है और वे प्रशासन से मुआवजे व दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बंबे की सही ढंग से सफाई कर दी जाती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। फिलहाल किसान अपनी फसल बचाने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन नुकसान की भरपाई आसान नहीं दिख रही।

  • पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है, जहां पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा गिरे और वह भी उस वक्त जब वह केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के साथ दौड़ लगा रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे
    पीलीभीत में दौड़ते हुए गिरे पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, बोले- साजिशों से फिर जीतेंगे

    बताया जा रहा है कि पीलीभीत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने आपसी उत्साह और जोश दिखाते हुए दौड़ लगाने का फैसला किया। दौड़ शुरू होते ही दोनों तेजी से आगे बढ़े, लेकिन कुछ ही दूरी पर हेमराज वर्मा का संतुलन बिगड़ गया और वह दौड़ते हुए अचानक मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोग तुरंत उनकी ओर दौड़े और उन्हें उठाने में मदद की।

    गिरने के बाद हेमराज वर्मा ने खुद को संभालते हुए मुस्कुराकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हम गिरते-उठते आए हैं, साजिशों से फिर जीतेंगे।” उनके इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे उन्होंने अपने समर्थकों और विरोधियों दोनों के लिए संकेत माना जा रहा है।

    इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों ने इसे हेमराज वर्मा के जुझारूपन से जोड़ते हुए कहा कि गिरने के बावजूद उनका हौसला कायम है। वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इस पर तंज कसते हुए अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।

    हालांकि, हेमराज वर्मा गिरे इस घटना में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने बाकी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। यह घटना फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया चर्चाओं का विषय बनी हुई है।

  • अमेठी में घने कोहरे से भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, 2 की मौत

    अमेठी में घने कोहरे से भीषण सड़क हादसा, कई वाहन टकराए, 2 की मौत

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। अमेठी सड़क हादसा मंगलवार देर रात उस समय हुआ, जब मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र से गुजरने वाले लखनऊ–वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलम डिग्री कॉलेज के पास ओवरब्रिज से पहले रात करीब दो बजे हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ से सुल्तानपुर की ओर जा रहा एक ट्रक घने कोहरे के कारण डिवाइडर से टकराकर पलट गया। ट्रक के पलटते ही पीछे से आ रही चार अन्य ट्रकें भी आपस में भिड़ गईं।

    इसी दौरान पीछे से आ रही यात्रियों से भरी रोडवेज की जनरथ बस के चालक ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी। बस पलटे हुए ट्रक से टकरा गई। इसके बाद पीछे चल रही एक कार भी बस से जा भिड़ी। कुछ ही पलों में हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

    सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान दो लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। 18 घायलों में से 14 की हालत सामान्य बताई जा रही है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।

    मृतकों में एक की पहचान मोहम्मद शमशाद निवासी जायस के रूप में हुई है, जबकि दूसरे मृतक की शिनाख्त की जा रही है। दोनों मृतक ट्रक चालक बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया और मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद, दो बार काटने पर ताउम्र कैद का नियम

    कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद, दो बार काटने पर ताउम्र कैद का नियम

    कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब दो बार इंसानों को काटने वाले खूंखार कुत्तों को ताउम्र आजादी नहीं मिलेगी। नए नियम के तहत ऐसे कुत्तों को ABC (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में आजीवन कैद में रखा जाएगा। यह नियम पूरे यूपी में लागू कर दिया गया है।नगर निगम के अनुसार, अब तक आवारा और हमलावर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और इलाज के बाद छोड़ दिया जाता था, लेकिन बार-बार हमले की शिकायतों के बाद नीति में बदलाव किया गया है। कानपुर में खूंखार कुत्तों को उम्रकैद देने का यह फैसला प्रदेश में पहली बार इतनी सख्ती के साथ लागू हुआ है।

    ABC सेंटर बना ‘काला पानी’

    नए नियम के अनुसार, यदि कोई कुत्ता पहली बार किसी व्यक्ति को काटता है तो उसे चेतावनी के तौर पर पकड़कर निगरानी में रखा जाएगा। लेकिन दूसरी बार हमला करने पर उस कुत्ते को सीधे ABC सेंटर भेजा जाएगा, जहां उसे जीवनभर के लिए रखा जाएगा। इस सेंटर को अब हमलावर कुत्तों के लिए ‘काला पानी’ कहा जा रहा है।

    कानपुर में 5 कुत्तों को उम्रकैद

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, कानपुर में अब तक 5 खूंखार कुत्तों को आजीवन कारावास की सजा दी जा चुकी है। इन कुत्तों पर अलग-अलग इलाकों में दो से अधिक बार लोगों को काटने के आरोप साबित हुए थे। इसके बाद नियमों के तहत इन्हें खुले में छोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।

    प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कुत्तों को सजा देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी डॉग बाइट की घटना की तुरंत नगर निगम या प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • Kanpur Dehat Weather: ठंड-कोहरे का असर, रबी फसलों को फायदा, पाले का खतरा

    Kanpur Dehat Weather: ठंड-कोहरे का असर, रबी फसलों को फायदा, पाले का खतरा

    Kanpur Dehat Weather इन दिनों किसानों के लिए मिला-जुला असर लेकर सामने आया है। जिले में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा रबी फसलों के लिए जहां फायदेमंद साबित हो रहा है, वहीं आलू और सरसों जैसी संवेदनशील फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण किसान मौसम को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

    रबी फसलों को मिला फायदा

    कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, Kanpur Dehat Weather में आई ठंड गेहूं, चना, मटर और मसूर जैसी रबी फसलों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। ठंडा मौसम फसलों की बढ़वार को बेहतर बनाता है और दानों की गुणवत्ता में सुधार करता है। कोहरे की वजह से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता भी कुछ हद तक कम हुई है। इससे किसानों को लागत में राहत मिलने की उम्मीद है।

    आलू और सरसों पर पाले की आशंका

    हालांकि, मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आलू और सरसों की फसलों के लिए चिंता का कारण बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान और गिरता है, तो पाले की स्थिति बन सकती है। पाला पड़ने से आलू की पत्तियां झुलस सकती हैं और सरसों की फलियों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

    किसानों को दी गई सलाह

    कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें। पाले से बचाव के लिए रात के समय हल्की सिंचाई करने, खेतों में धुआं करने और जैविक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। Kanpur Dehat Weather को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कुल मिलाकर, ठंड और कोहरा रबी फसलों के लिए लाभकारी है, लेकिन आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों को आने वाले दिनों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News: गैस गीजर से दम घुटने से सरकारी कर्मचारी और पत्नी की मौत

    Pilibhit News के तहत एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीलीभीत में एक सरकारी कर्मचारी और उसकी पत्नी की गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हो गई। यह घटना उस समय सामने आई जब काफी देर तक घर से कोई हलचल नहीं दिखी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हरिंदर के रूप में हुई है, जो एक सरकारी कर्मचारी थे। वह अपनी पत्नी रेनू सक्सेना के साथ पीलीभीत में किराए के मकान में रहते थे। दोनों बाथरूम में गए थे, जहां गैस गीजर चालू होने के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैल गई और दम घुटने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस ने तोड़ा बाथरूम का दरवाजा

    जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो आसपास के लोगों को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। दोनों पति-पत्नी अचेत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने तुरंत शवों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    किराए के मकान में रहते थे दंपती

    बताया जा रहा है कि हरिंदर और रेनू सक्सेना कुछ समय से इस मकान में किराए पर रह रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाथरूम में वेंटिलेशन की कमी और गैस गीजर का लंबे समय तक चालू रहना हादसे की मुख्य वजह हो सकता है।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले में किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं और इसे दुर्घटना माना जा रहा है।

  • Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case: यूपी में मौत नहीं, CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में दिए गए अपने बयान में सीएम योगी ने साफ कहा कि यूपी के भीतर कोडीन कफ सिरप से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर NDPS एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई होगी।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी सरकार इस पूरे मामले में कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी और सरकार को पूरा विश्वास है कि वह इसे जीतेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप का उत्पादन नहीं होता, बल्कि इसका निर्माण मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में किया जाता है। यूपी में केवल इसके स्टॉकिस्ट और होलसेलर हैं।

    नकली दवाओं के आरोप खारिज

    Codeine Cough Syrup Case को लेकर उठाए जा रहे नकली दवाओं से मौत के आरोपों पर सीएम योगी ने कहा कि शासन के संज्ञान में अब तक नकली दवाओं से हुई किसी भी मौत की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जिन मौतों की बात की जा रही है, वे अन्य राज्यों से संबंधित हैं, न कि उत्तर प्रदेश से।

    एसटीएफ की कार्रवाई और लाइसेंस विवाद

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में सबसे बड़े होलसेलर को सबसे पहले एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में उस होलसेलर को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लाइसेंस जारी किया गया था। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “देश के अंदर दो नमूने हैं—एक दिल्ली में और एक लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है, तो वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं।” उन्होंने इसे राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि यूपी सरकार कानून के तहत सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

  • Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather: 7°C न्यूनतम तापमान, शीतलहर व कोहरे का अलर्ट

    Kanpur Dehat Weather एक बार फिर सुर्खियों में है। जिले में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे ठिठुरन और ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।बीते कुछ दिनों से कानपुर देहात में सुबह और देर रात कोहरा छाया रहता है। कई इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    ठंड से जनजीवन प्रभावित

    Kanpur Dehat Weather के इस बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के कारण लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं।

    कोहरे ने बढ़ाई मुश्किल

    सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने से नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का प्रयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे तक Kanpur Dehat Weather में ज्यादा सुधार की संभावना नहीं है। शीतलहर का असर जारी रह सकता है और तापमान में और गिरावट हो सकती है। प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है।