Nation Now Samachar

Category: उत्तर प्रदेश

  • कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था अडिग, शीतलहर में भी लोग कर रहे हैं गंगा स्नान

    कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था अडिग, शीतलहर में भी लोग कर रहे हैं गंगा स्नान

    उत्तर प्रदेश के वाराणसी में इन दिनों कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। सुबह के समय घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखने को मिल रही है। गंगा नगरी काशी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट से सामने आए वीडियो और तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि ठंड चाहे जितनी भी हो, आस्था उससे कहीं ज्यादा मजबूत है।

    शीतलहर के बीच तड़के सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंच रहे हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ठंडे पानी में स्नान करते हुए श्रद्धालु “हर-हर गंगे” और “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि गंगा स्नान से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि शरीर और मन दोनों को शुद्धता मिलती है। विशेष रूप से माघ मास और शीत ऋतु में गंगा स्नान का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

    दशाश्वमेध घाट पर स्नान करने पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने बताया कि भले ही ठंड बहुत ज्यादा है, लेकिन गंगा में डुबकी लगाने के बाद एक अलग तरह की शांति और ऊर्जा महसूस होती है। कुछ बुजुर्ग श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर साल सर्दी के मौसम में भी नियमित रूप से गंगा स्नान करते हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था और परंपरा का हिस्सा है।

    प्रशासन और स्थानीय नगर निगम की ओर से घाटों पर साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। ठंड को देखते हुए पुलिस और स्वयंसेवक श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके साथ ही घाटों पर अलाव और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है।

    वाराणसी में गंगा स्नान का यह दृश्य एक बार फिर यह साबित करता है कि काशी में आस्था मौसम की मोहताज नहीं होती। चाहे भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, श्रद्धालुओं का विश्वास गंगा मां में अटूट बना रहता है। शीतलहर के बीच गंगा घाटों पर उमड़ी यह भीड़ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत तस्वीर भी पेश करती है।

  • सीतापुर: ग्राम पंचायत विशुनपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण में बड़ा घोटाला, जांच हुई तो प्रधान पर जा सकती है जेल

    सीतापुर: ग्राम पंचायत विशुनपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण में बड़ा घोटाला, जांच हुई तो प्रधान पर जा सकती है जेल

    सीतापुर जिले के हरगांव विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विशुनपुर से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। यहां शासन द्वारा स्वीकृत अंत्येष्टि स्थल (श्मशान घाट) निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितताएं और धन के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

    सीतापुर: हरगांव विकास खंड की ग्राम पंचायत विशुनपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण में बड़ा घोटाला, जांच हुई तो प्रधान पर जा सकती है जेल
    सीतापुर: हरगांव विकास खंड की ग्राम पंचायत विशुनपुर में अंत्येष्टि स्थल निर्माण में बड़ा घोटाला, जांच हुई तो प्रधान पर जा सकती है जेल

    सरकार की मंशा थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले खेतों और खलिहानों में होने वाले शवदाह से उत्पन्न प्रदूषण और अव्यवस्था को रोका जाए। इसी उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में विशुनपुर ग्राम पंचायत में अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए धन आवंटित किया गया था। योजना के तहत पक्का प्लेटफॉर्म, छत, पानी की व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत संसाधन उपलब्ध कराए जाने थे, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंत्येष्टि स्थल का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ, कई जरूरी कार्य कागजों में पूरे दिखा दिए गए, जबकि मौके पर वे कार्य अधूरे या गायब हैं। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे कुछ ही समय में ढांचा जर्जर हालत में पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन का बड़ा हिस्सा बंदरबाट कर लिया गया।

    स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि अंत्येष्टि स्थल के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन सुविधाएं न के बराबर हैं। न तो पर्याप्त छत है, न पानी की समुचित व्यवस्था और न ही बैठने का इंतजाम। इससे अंतिम संस्कार के समय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

    मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन या संबंधित विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो घोटाले की पूरी परतें खुलकर सामने आ जाएंगी। सूत्रों की मानें तो जांच में दोष सिद्ध होने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ एफआईआर, रिकवरी और जेल तक की कार्रवाई संभव है।

    फिलहाल यह मामला पूरे हरगांव ब्लॉक में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाता है और क्या सच में अंत्येष्टि स्थल निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाता है

  • महोबा: कबरई में खड़ी बाइक का 70 किमी दूर पनवाड़ी में हुआ ई-चालान, पीड़ित ने की जांच की मांग

    महोबा: कबरई में खड़ी बाइक का 70 किमी दूर पनवाड़ी में हुआ ई-चालान, पीड़ित ने की जांच की मांग

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव महोबा जिले के कबरई कस्बे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ई-चालान व्यवस्था और फर्जी नंबर प्लेट के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां घर के बाहर खड़ी बाइक का करीब 70 किलोमीटर दूर पनवाड़ी थाना क्षेत्र में ई-चालान कर दिया गया। इस घटना से परेशान बाइक मालिक ने पुलिस से पूरे मामले का खुलासा करने की मांग की है।

    कबरई कस्बे के सुभाष नगर मोहल्ला निवासी बृजेंद्र कुमार ने कबरई थाना में दी गई शिकायत में बताया कि 20 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2:48 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें उनकी बाइक संख्या UP 95 W 8921 का ई-चालान किए जाने की सूचना थी। मैसेज के अनुसार यह चालान पनवाड़ी थाने में तैनात दरोगा करन सिंह द्वारा किया गया था।

    पीड़ित बृजेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में नई बाइक खरीदी है और घटना के समय उनकी बाइक उनके घर, सुभाष नगर मोहल्ला कबरई में ही खड़ी थी। इसके बावजूद पनवाड़ी थाना क्षेत्र में चालान होना उन्हें बेहद हैरान कर गया। बृजेंद्र का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बाइक का नंबर अपनी दूसरी बाइक की नंबर प्लेट पर लगाकर उसका दुरुपयोग किया है।

    शिकायत में बृजेंद्र ने बताया कि उन्हें संदेह है कि पनवाड़ी क्षेत्र का रहने वाला नरेश नामक युवक उनकी बाइक के नंबर का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि पीड़ित का कहना है कि वह न तो इस व्यक्ति को जानता है और न ही उसका उससे कोई लेना-देना है। इसके बावजूद उसकी बाइक के नंबर पर ई-चालान हो जाना उसके लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

    इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कैसे कबरई में खड़ी बाइक का चालान पनवाड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्र में हो सकता है। यह मामला न सिर्फ फर्जी नंबर प्लेट के दुरुपयोग को उजागर करता है, बल्कि ई-चालान सिस्टम की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।

    फिलहाल कबरई पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि बाइक नंबर का दुरुपयोग किसने किया और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित को उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और उसे इस परेशानी से राहत मिलेगी।

  • कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। नरवल तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब फरियादियों की भीड़ के बीच एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश कर ली। यह सब कुछ जिले के सबसे बड़े अधिकारी जिलाधिकारी (DM) की मौजूदगी में हुआ, जिसने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया।

    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर
    कानपुर: नरवल तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, सिस्टम से हताशा की चौंकाने वाली तस्वीर

    “साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे”

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, समाधान दिवस की कार्यवाही चल ही रही थी कि अचानक भीड़ से निकलकर एक युवक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। कुछ ही पलों में उसने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। कमरे में पेट्रोल की तेज गंध फैल गई और युवक चीखते हुए बोला“साहब! कोई नहीं सुनता, आज जान दे देंगे।”स्थिति बिगड़ते देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत युवक को काबू में लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    युवक की पहचान और हताशा की वजह

    पुलिस ने युवक की पहचान रणजीत उर्फ बउवन सिंह के रूप में की है, जो करबिगवां साढ़ गांव का रहने वाला है। पूछताछ में रणजीत ने जो कहा, वह सिस्टम पर सीधा प्रहार था। उसने बताया,“हमने फिल्मों में देखा था कि जब सीधे तरीके से प्रशासन नहीं सुनता, तो ऐसे ही अपनी बात सुनानी पड़ती है।”जांच में सामने आया कि रणजीत का विवाद घर की नाली को लेकर है। उसका आरोप है कि परिवार के ही कुछ सदस्यों—सत्येंद्र, अभय सिंह और अखिलेश सिंह—ने उसके घर की नाली तोड़कर बंद कर दी है।

    नाली बंद, घर गिरने का खतरा

    रणजीत का मकान कच्चा है। नाली बंद होने से गंदा पानी मकान की नींव में भर रहा है, जिससे घर गिरने का खतरा बना हुआ है। रणजीत के पिता महावीर सिंह का पांच साल पहले निधन हो चुका है। वह अपनी विधवा मां रानी और दो भाइयों के साथ खेती कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।

    धमकी, मारपीट और पुलिस पर गंभीर आरोप

    पीड़ित युवक का आरोप है कि पड़ोसी उसे धमकाते हैं और कहते हैं“हमारा बेटा फौज में है, तुम कहीं भी शिकायत कर लो, हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।”रणजीत की मां रानी ने रोते हुए बताया कि पड़ोसी महिलाओं ने उनके साथ मारपीट की, यहां तक कि छाती पर चढ़कर पीटा। जब वे थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भगा दिया। मां का आरोप है कि पुलिस ने विपक्षियों से पैसे ले लिए हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

    प्रशासन पर सवाल

    डीएम के सामने हुई यह घटना बताती है कि छोटे-छोटे स्थानीय विवाद जब समय पर नहीं सुलझते, तो वे कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकते हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन यह सवाल कायम है—क्या रणजीत जैसे लोगों की आवाज अब सुनी जाएगी?

  • बांदा: तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित, डीएम ने दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

    बांदा: तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित, डीएम ने दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

    संवाददाता -मोहित पाल बांदा। जनपद बांदा में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से तहसील सदर बांदा में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी बांदा एवं पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तायुक्त तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें हुईं प्राप्त

    सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान तहसील सदर में राजस्व, पुलिस, विकास, नगरपालिका, चकबंदी, विद्युत सहित अन्य विभागों से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने एक-एक कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    ग्राम स्तर की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    कार्यक्रम में ग्राम जमालपुर से जुड़ी शिकायत सामने आई, जहां एक फरियादी ने आरसीसी रोड पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने लेखपाल जमालपुर और कोतवाली देहात पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    वहीं ग्राम छापर में जिला पंचायत की सड़क निर्माण के दौरान एक फरियादी की भूमि प्रभावित होने की शिकायत पर लेखपाल छापर और जिला पंचायत की टीम को मौके पर जाकर निरीक्षण कर निष्पक्ष निस्तारण करने के आदेश दिए गए।

    भूमि कब्जा और विद्युत शिकायतों पर सख्त रुख

    ग्राम गुरेह में एक फरियादी द्वारा भूधरी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर संबंधित लेखपाल को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
    इसके अलावा, अधिक विद्युत बिल आने और विद्युत चोरी से जुड़ी शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।

    प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

    इस अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टाक, उप जिलाधिकारी सदर नमन मेहता, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

    जनता में बढ़ा भरोसा

    सम्पूर्ण समाधान दिवस के आयोजन से आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित होते रहेंगे।

  • गाजियाबाद में पिंक बूथ इंचार्ज महिला SI और सिपाही गिरफ्तार, 50 हजार की रिश्वत लेते दबोचे

    गाजियाबाद में पिंक बूथ इंचार्ज महिला SI और सिपाही गिरफ्तार, 50 हजार की रिश्वत लेते दबोचे

    गाजियाबाद उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र से भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दहेज एक्ट के एक केस में रिश्वत मांगने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो मेरठ की टीम ने की, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    दहेज एक्ट के मुकदमे में नाम हटाने के बदले मांगी रिश्वत

    जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न (Dowry Act) के तहत FIR दर्ज की गई थी, जिसमें सास और ससुर के नाम भी शामिल थे। आरोप है कि मामले की जांच कर रहीं महिला सब-इंस्पेक्टर ने एफआईआर से नाम निकालने के एवज में 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित परिवार इस भारी रकम से परेशान हो गया और उसने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी।

    सौदा 50 हजार में तय, फिर बिछा जाल

    शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो मेरठ की टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया। बातचीत के दौरान महिला सब-इंस्पेक्टर 2 लाख की मांग से घटकर 50 हजार रुपये लेने पर राजी हो गई। तय योजना के अनुसार जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, उसी समय एंटी करप्शन टीम ने छापा मारकर महिला सब-इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में एक अन्य पुलिसकर्मी भी पकड़ा गया, जो इस सौदे में कथित रूप से शामिल था।

    पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

    महिला सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही गाजियाबाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस तरह की रिश्वतखोरी के और मामले तो सामने नहीं आ सकते।

    सख्त कार्रवाई के संकेत

    सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

    जनता में आक्रोश, सिस्टम पर सवाल

    इस घटना के बाद आम लोगों में गुस्सा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो पुलिस न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाती है, वही अगर रिश्वत मांगने लगे तो पीड़ित कहां जाए? मुरादनगर का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निगरानी और कार्रवाई कितनी जरूरी है।

  • कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात में ई-रिक्शा पर सख्ती: परिवहन विभाग का विशेष जांच अभियान, 250 वाहनों का चालान

    कानपुर देहात। जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर ई-रिक्शा और ई-कार्ट की गहन जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार बढ़ रही शिकायतों और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए की जा रही है।

    250 ई-रिक्शा का चालान, जांच जारी

    परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान शुरू होने के बाद अब तक करीब 250 ई-रिक्शा का चालान किया जा चुका है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर देहात में कुल 2643 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनकी क्रमवार जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई ई-रिक्शा बिना वैध दस्तावेज, फिटनेस प्रमाण पत्र और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के चलते पाए गए।

    HSRP और दस्तावेज अनिवार्य

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-रिक्शा भी मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, इसलिए इनके लिए वही नियम लागू होते हैं, जो अन्य वाहनों पर होते हैं। विभाग ने ई-रिक्शा चालकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में HSRP नंबर प्लेट, वैध फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र अवश्य बनवाएं और वाहन चलाते समय साथ रखें।

    अधिकारियों ने बताया कि कई चालकों में यह गलतफहमी पाई जा रही है कि ई-रिक्शा के लिए कम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। नियमों की अनदेखी करने पर चालान और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम

    परिवहन विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। बिना फिटनेस और बीमा वाले ई-रिक्शा यात्रियों के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

    चालकों से अपील

    विभाग ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूरे कराएं और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। इससे न केवल कार्रवाई से बचा जा सकेगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    यूपी में 2 दिन भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट: धूप को तरसे लोग, दिन में छाया अंधेरा; 10 शहरों में स्कूल बंद

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले दो दिनों तक भयंकर ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना हुआ है और लोग धूप निकलने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर जनजीवन, यातायात और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है।

    घना कोहरा और शीतलहर से बढ़ी परेशानी

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में सुबह 10–11 बजे तक धूप नहीं निकल रही, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस की जा रही है।

    तापमान में तेज गिरावट

    प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। खासकर तराई और मध्य यूपी के जिलों में शीतलहर का प्रकोप ज्यादा रहेगा। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    10 शहरों में स्कूल बंद

    भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने 10 शहरों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। इन शहरों में प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 या 12 तक के विद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। कुछ जिलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    यातायात पर असर, सतर्कता की अपील

    घने कोहरे के कारण हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई है। प्रशासन और यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से धीमी गति, फॉग लाइट और संकेतकों का प्रयोग करने की अपील की है।

    आगे क्या कहता है मौसम पूर्वानुमान

    मौसम विभाग के मुताबिक, दो दिन बाद कोहरे की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा। जनवरी के अंत तक शीतलहर के कई और दौर आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

    प्रदेश में बढ़ती ठंड और कोहरे ने फिलहाल लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और सभी की नजरें मौसम के अगले अपडेट पर टिकी हैं।

  • अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहीपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। रास्ता बंद होने से परेशान पीड़ित परिजनों ने तहसील दिवस के मौके पर पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने जबरन सार्वजनिक रास्ते को घूर-गोबर डालकर बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    दबंगों पर जबरन रास्ता बंद करने का आरोप

    पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा यह रास्ता सार्वजनिक है, जिसका इस्तेमाल कई परिवार रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस रास्ते पर घूर और गोबर डालकर उसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ पैदल चलने वालों, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

    पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले पीपरपुर थाना पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार अनदेखी से आहत पीड़ित परिवारों ने आखिरकार तहसील दिवस में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का फैसला किया।

    तहसील दिवस में सीडीओ से शिकायत

    मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पीड़ित परिजन बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे और सीडीओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

    सीडीओ ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रास्तों को अवैध रूप से बंद करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश

    गांव में इस मामले को लेकर अन्य ग्रामीणों में भी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते इस तरह बंद किए जाते रहे तो आम जनजीवन प्रभावित होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक रास्ता खुलवाकर उन्हें राहत दी जाती है।

  • बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन (रामसिंह वर्मा) के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    शुक्रवार को त्रिवेदीगंज पहुंचने पर भाजपा नेता अरुण शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह और प्रधान ककरी सचिन के नेतृत्व में मां पीताम्बरा मैरिज लॉन में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के हित में लगातार काम करने का संकल्प दोहराया।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पार्टी को आने वाले चुनावों में और बड़ी सफलता दिलाई जा सकती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।

    सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

    इस अवसर पर स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शिवनाम प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा मन्ना, सुशील पटेल लंबरदार, तेजबहादुर सिंह, अवधेश सिंह चंदेल, रणविजय सिंह पिंकू, राजकुमार सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), कृष्ण कुमार मुन्नू (मंडल अध्यक्ष), सचिन वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, त्रिवेदीगंज में हुआ यह भव्य स्वागत समारोह भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।