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Category: उत्तर प्रदेश

  • औरैया बिधूना में संतान न होने से परेशान महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, हालत गंभीर

    औरैया बिधूना में संतान न होने से परेशान महिला ने किया आत्मदाह का प्रयास, हालत गंभीर

    संवाददाता अमित शर्मा औरैया जनपद के बिधूना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां संतान न होने को लेकर घर में चल रहे विवाद और तानों से परेशान एक महिला ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर रूप से झुलसी महिला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सैफई स्थित रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

    यह घटना कुदरकोट थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, कानपुर के शिवराजपुर निवासी गुलशन बानो का विवाह करीब पांच साल पहले कुदरकोट निवासी राशिद से हुआ था। शादी के इतने वर्षों बाद भी संतान न होने के कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि गुलशन बानो को इस बात को लेकर परिवार और समाज से लगातार ताने सुनने पड़ते थे, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।

    राशिद दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता है, लेकिन पिछले करीब एक महीने से वह घर पर ही था। इसी दौरान संतान न होने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच फिर से विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक रूप से आहत गुलशन बानो ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाकर उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घायल महिला को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐरवाकटरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला का काफी हिस्सा झुलस चुका है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत रिम्स सैफई रेफर कर दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि फिलहाल महिला का इलाज प्राथमिकता है। मामले की जांच की जा रही है और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि महिला पर किस स्तर तक मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।

    यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं पर संतान को लेकर बनाए जाने वाले दबाव और मानसिक उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज की संवेदनशीलता बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी महिला खुद को इतना असहाय न समझे कि उसे ऐसा खौफनाक कदम उठाना पड़े।

  • Kanpur Viral News: कानपुर में महिला बीजेपी नेता और सिपाही की तीखी नोंकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

    Kanpur Viral News: कानपुर में महिला बीजेपी नेता और सिपाही की तीखी नोंकझोंक, वीडियो हुआ वायरल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीजेपी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता त्रिपाठी और पुलिस सिपाही के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पूरा विवाद 14 साल की एक बच्ची की मौत के बाद भड़का, जिसने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया।

    जानकारी के मुताबिक, बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसी बीच मौके पर पहुंचीं बीजेपी महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष अनीता त्रिपाठी की पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अनीता त्रिपाठी एक सिपाही को कड़ी फटकार लगाते हुए कहती हैं, “दिमाग खराब ना हो, मिनट में ठीक कर दूंगी”। इस बयान के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।

    बताया जा रहा है कि महिला नेता का आरोप है कि पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में शुरुआत से ही गंभीरता नहीं दिखाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में देरी की जा रही है। इसी बात को लेकर उनकी नाराजगी पुलिसकर्मियों पर फूट पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है, वहीं बीजेपी समर्थकों का कहना है कि महिला नेता पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रही थीं और उनकी नाराजगी जायज है। सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं—कुछ लोग महिला नेता के तेवरों की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

    पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में जांच की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

    फिलहाल, कानपुर वायरल न्यूज के इस मामले ने एक बार फिर पुलिस-राजनीति टकराव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि बच्ची को न्याय कब और कैसे मिलता है और वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है।

  • Amroha Traffic Police Action: सड़क हादसों पर लगाम, 310 वाहनों का चालान

    Amroha Traffic Police Action: सड़क हादसों पर लगाम, 310 वाहनों का चालान

    Amroha Traffic Police Action: अमरोहा जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद के निर्देशन में और यातायात प्रभारी अनुज कुमार के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान हाईवे समेत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

    यातायात पुलिस टीम ने विशेष रूप से ओवरस्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाने, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन संचालन, तथा चारपहिया वाहनों में बिना सीट बेल्ट लगाए ड्राइविंग करने वालों को चिन्हित किया। इन सभी मामलों में मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत चालान की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे नियमों की अनदेखी ही सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनती है।

    अभियान के तहत जनपद के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान भी चलाया गया। बिना हेलमेट पेट्रोल लेने पहुंचे दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन देने से रोका गया और उन्हें हेलमेट पहनने की अनिवार्यता व इसके सुरक्षा लाभों के बारे में जागरूक किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटे गए।

    इसके अलावा, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग, लेन अनुशासन का पालन न करना और अन्य यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी कार्रवाई की गई। पूरे अभियान के दौरान कुल 310 वाहनों पर MV Act के अंतर्गत कार्रवाई की गई, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।

    यातायात पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को समझाया कि यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

    यातायात प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि इस तरह के सघन यातायात अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे हेलमेट, सीट बेल्ट और गति सीमा जैसे नियमों का पालन करें तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि अमरोहा में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

  • UP Police Viral News: बुलंदशहर में दरोगा की भव्य विदाई, फूलों से सजी चौकी का वीडियो वायरल

    UP Police Viral News: बुलंदशहर में दरोगा की भव्य विदाई, फूलों से सजी चौकी का वीडियो वायरल

    UP Police Viral News: उत्तर प्रदेश पुलिस में आमतौर पर SP, SSP या DIG स्तर के अधिकारियों की भव्य विदाई की तस्वीरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब एक नया ट्रेंड चर्चा में है। जनपद बुलंदशहर के पुलिस चौकी बुगरासी से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां एक दरोगा की विदाई फूलों से सजी चौकी और कैमरों की मौजूदगी में की गई।

    वायरल हो रहे वीडियो और फोटो में देखा जा सकता है कि पुलिस चौकी को फूलों और सजावट से सजाया गया है। दरोगा की विदाई किसी बड़े अधिकारी की तरह समारोहपूर्वक की जा रही है। चौकी परिसर में सहकर्मी मौजूद हैं और पूरे कार्यक्रम की रील्स और वीडियो बनाए जा रहे हैं, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    इस अनोखी विदाई को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों को सम्मान मिलना चाहिए और यह एक सकारात्मक पहल है, जिससे जूनियर अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है। वहीं, कई यूजर्स इसे सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल और अनावश्यक पब्लिसिटी से जोड़कर देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एक दरोगा की विदाई इतनी भव्य हो सकती है, तो आम जनता की समस्याओं और पुलिस चौकियों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब किसी चौकी स्तर के अधिकारी की विदाई इस तरह से सुर्खियों में आई हो। लेकिन बुगरासी चौकी का मामला इसलिए खास बन गया क्योंकि इसकी रील्स और तस्वीरें खुद पुलिस से जुड़े लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गईं। लोगों का कहना है कि अब थानों और चौकियों में विदाई रील डालकर पहचान बनाने का चलन शुरू हो गया है।

    पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया के दौर में हर गतिविधि सार्वजनिक हो जाती है। पहले जो कार्यक्रम सीमित दायरे में होते थे, वे अब वायरल कंटेंट बन जाते हैं। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या इस तरह की गतिविधियां पुलिस की छवि को मजबूत करती हैं या फिर आलोचना का कारण बनती हैं।

    फिलहाल, बुलंदशहर पुलिस चौकी बुगरासी से जुड़ा यह मामला UP Police Viral News के तौर पर चर्चा में है। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस तरह की भव्य विदाइयों को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी करता है या फिर यह ट्रेंड आगे भी यूं ही चलता रहेगा।

  • Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव में एक महिला ने अपने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। करीब 50 दिन बाद जंगल से कंकाल मिलने के बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोरेलाल के रूप में हुई है, जिसका गांव की ही रहने वाली महिला से बीते चार वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बेटियां व एक बेटा हैं। गोरेलाल का महिला के घर आना-जाना था और कई बार वह रात में भी वहीं रुकता था। धीरे-धीरे महिला के बच्चे भी उसे परिवार का सहारा मानने लगे थे।

    लेकिन यह रिश्ता तब डरावना मोड़ ले गया, जब गोरेलाल की नियत महिला की 13 वर्षीय बेटी पर खराब हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोरेलाल ने महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह बेटी से संबंध बनाने दे। इतना ही नहीं, उसने महिला को धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह उसके बेटे की हत्या कर देगा। इस धमकी से महिला बुरी तरह डर गई और उसने गोरेलाल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। महिला ने गोरेलाल को शादी का झांसा देकर अपने मायके बुलाया। वहां उसे जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में महिला और उसके भतीजे ने मिलकर गोरेलाल का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए महिला के भतीजे ने अपने एक दोस्त को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए जंगल में ले जाकर गड्ढा खोदा और उसे दफना दिया। घटना के बाद गोरेलाल के लापता होने की शिकायत भी सामने आई थी।

    करीब 50 दिन बाद पुलिस को जंगल से एक कंकाल बरामद हुआ, जिसके बाद जांच तेज हुई। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाला तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

  • कानपुर देहात: दहेज लोभी पिता ने बहू की की थी हत्या, मंगलपुर पुलिस ने आरोपी ससुर को भेजा जेल

    कानपुर देहात: दहेज लोभी पिता ने बहू की की थी हत्या, मंगलपुर पुलिस ने आरोपी ससुर को भेजा जेल

    कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से दहेज हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलपुर थाना क्षेत्र में दहेज की लालच में एक ससुर ने अपनी ही बहू की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

    पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी कुछ समय पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज की मांग की जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि दहेज न मिलने के कारण बहू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसी प्रताड़ना के चलते आरोपी ससुर ने बहू की हत्या कर दी।

    घटना की सूचना मिलते ही मंगलपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के मायके पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने ससुर के खिलाफ दहेज हत्या और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान साक्ष्य और बयान के आधार पर आरोपी की भूमिका स्पष्ट होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ससुर दहेज को लेकर बेहद दबाव बना रहा था। जब उसकी मांग पूरी नहीं हुई, तो उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया

    इस मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में परिवार के अन्य सदस्यों की कोई भूमिका तो नहीं रही। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

    गौरतलब है कि प्रदेश में दहेज हत्या के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

  • कोडीन मामले पर सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तंज, बोले “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा”

    कोडीन मामले पर सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तंज, बोले “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा”

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले कोडीन कफ सिरप से जुड़े सवाल पर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसते हुए शेराना अंदाज में कहा— “यही कसूर मैं बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा।” सीएम योगी के इस बयान को सीधे तौर पर विपक्ष पर निशाने के रूप में देखा जा रहा है।

    दरअसल, कोडीन कफ सिरप के दुरुपयोग और इससे जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा था। इसी बीच सत्र से पहले मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में नशे और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि पिछली सरकारों में ऐसे मामलों को नजरअंदाज किया जाता था।

    सीएम योगी ने बिना किसी का नाम लिए समाजवादी पार्टी पर हमला बोला और कहा कि जब-जब सरकार ने सच्चाई सामने रखी, तब-तब विपक्ष को असहजता हुई। उन्होंने कहा कि आईना साफ करने का मतलब है सच्चाई दिखाना, और यही काम उनकी सरकार लगातार कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछली सरकारों के दौरान नशे के कारोबार को राजनीतिक संरक्षण मिला, लेकिन अब कानून सबके लिए बराबर है।

    योगी आदित्यनाथ ने यह भी संकेत दिए कि कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामलों में जिन लोगों के तार राजनीतिक दलों से जुड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे राजनीतिक हमला बता रहा है, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि सीएम योगी ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

    गौरतलब है कि यूपी विधानमंडल सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, नशा कारोबार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। ऐसे में सत्र शुरू होने से पहले ही सीएम योगी का यह तंज राजनीतिक माहौल को और गरमा गया है।

  • कानपुर देहात में शीतलहर का प्रकोप, नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल 20 दिसंबर तक बंद

    कानपुर देहात में शीतलहर का प्रकोप, नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल 20 दिसंबर तक बंद

    कानपुर देहात जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर (Cold Wave) के चलते प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को 20 दिसंबर तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश के बाद जिले भर के अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को राहत मिली है।

    बढ़ती ठंड और घने कोहरे से हालात बिगड़े

    पिछले कुछ दिनों से कानपुर देहात में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सुबह और देर रात घना कोहरा और ठंडी हवाएं चलने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

    जिला प्रशासन का अहम फैसला

    शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार,नर्सरी, केजी, प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक और इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है।

    बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता

    जिला प्रशासन का कहना है कि ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को शीतलहर से ज्यादा नुकसान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।

    अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत

    स्कूल बंद होने की खबर के बाद अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले की सराहना की है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कोहरे में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो जाता है। वहीं, कई स्कूलों ने ऑनलाइन होमवर्क या वैकल्पिक पढ़ाई की व्यवस्था करने की बात कही है।

    मौसम विभाग का अलर्ट

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे का असर और बढ़ सकता है। लोगों को सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

  • यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और हालिया विवादों पर सरकार का पक्ष रखा। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कफ सिरप कांड को लेकर समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला और गंभीर आरोप लगाए।

    कफ सिरप मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कफ सिरप के नाम पर जहरीली दवाइयों का कारोबार मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पकड़े गए आरोपियों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन सामने आया है। योगी ने कहा,“जिन लोगों ने मासूमों की जान से खिलवाड़ किया, उनके तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें सत्ता में रहते हुए गरीबों और जनता की कोई चिंता नहीं थी।”

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि कफ सिरप जैसे मामलों में सरकार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शने वाली नहीं है, चाहे उनका राजनीतिक संरक्षण कितना ही मजबूत क्यों न हो।

    सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और रोजगार को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार जनहित से जुड़े अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा करेगी।
    योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

    सत्र के दौरान हंगामे के आसार

    सीएम योगी के इस बयान के बाद सत्र के दौरान राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष पहले ही सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत और जनता के हित में की जा रही है।

    आगे क्या?

    विधानमंडल के इस शीतकालीन सत्र में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, महंगाई और विकास योजनाओं को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। कफ सिरप मामला सत्र का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

  • बांदा में साइबर जागरूकता कार्यशाला,डीजीपी राजीव कृष्ण ने दी डिजिटल सतर्कता की सख्त चेतावनी

    बांदा में साइबर जागरूकता कार्यशाला,डीजीपी राजीव कृष्ण ने दी डिजिटल सतर्कता की सख्त चेतावनी

    संवाददाता -मोहित पाल बांदा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक महत्वपूर्ण साइबर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया और आधुनिक तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही असावधानी बरतने पर यह विनाशकारी भी साबित हो सकती है।

    डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपने संबोधन में विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन का जिक्र किया और कहा कि यह डिजिटल युग की एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को डिजिटल सतर्कता अपनानी होगी। छोटी-सी लापरवाही भी व्यक्ति को साइबर अपराधियों के जाल में फंसा सकती है।

    कार्यशाला में देश के जाने-माने साइबर एक्सपर्ट डॉ. रक्षित टंडन ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए होने वाले घोटालों के उदाहरण देकर लोगों को जागरूक किया। डॉ. टंडन ने बताया कि साइबर ठग अक्सर लोकप्रिय वेबसाइट्स के नाम से मिलते-जुलते डोमेन बनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और संदिग्ध मैसेज को तुरंत डिलीट करने की सलाह दी गई।

    कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स और आकर्षक ऑफर्स से सावधान रहना बेहद जरूरी है। एक छोटी गलती आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है। कार्यशाला में मौजूद के.एल. अरोड़ा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह खुद एक बार फर्जी विदेशी कंपनी के स्कैम का शिकार होते-होते बच गए थे।

    इस मौके पर एडीजी प्रयागराज जोन संजीव गुप्ता, डीआईजी चित्रकूटधाम मंडल राजेश एस, पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल सहित चारों जिलों के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि आम नागरिक साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकें।