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Category: उत्तर प्रदेश

  • अमेठी के लाल ने रचा इतिहास: IPL 2026 ऑक्शन में प्रशांत वीर 14.20 करोड़ में बिके, CSK ने लगाया दांव

    अमेठी के लाल ने रचा इतिहास: IPL 2026 ऑक्शन में प्रशांत वीर 14.20 करोड़ में बिके, CSK ने लगाया दांव

    अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से इस वक्त एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के सहजीपुर गांव के रहने वाले युवा क्रिकेटर प्रशांत वीर ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में इतिहास रच दिया है। प्रशांत वीर पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये की बड़ी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया है।

    जैसे ही आईपीएल ऑक्शन में प्रशांत वीर का नाम पुकारा गया और करोड़ों की बोली लगी, वैसे ही अमेठी समेत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रशांत के परिवार, रिश्तेदारों और गांववालों ने इस ऐतिहासिक पल को गर्व और उत्साह के साथ मनाया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला।

    ग्रामीण पृष्ठभूमि से आईपीएल तक का सफर

    प्रशांत वीर का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर देश की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल तक पहुंचना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशांत ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया। घरेलू क्रिकेट और हालिया टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन के चलते वे चयनकर्ताओं की नजर में आए और आखिरकार आईपीएल 2026 ऑक्शन में उन पर बड़ी बोली लगी।

    CSK ने क्यों जताया भरोसा

    चेन्नई सुपर किंग्स अपनी मजबूत स्काउटिंग और युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए जानी जाती है। प्रशांत वीर की आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और मैच जिताने की क्षमता को देखते हुए CSK ने उन पर भरोसा जताया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सीजन में प्रशांत वीर चेन्नई की प्लेइंग इलेवन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    जिले में खुशी का माहौल

    प्रशांत वीर के चयन से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे अमेठी जनपद में गर्व का माहौल है। स्थानीय युवाओं के लिए वे एक नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं। ग्रामीण अंचल के कई युवा क्रिकेटर अब अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद कर रहे हैं।

    प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

    प्रशांत की इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उम्मीद जताई कि प्रशांत वीर आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में अमेठी और उत्तर प्रदेश का नाम और रोशन करेंगे।

  • विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    वृंदावन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था की मिसाल पेश करते नजर आए। हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के मौसम में दोनों प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम पहुंचे। ठंड के बावजूद उनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में विराट और अनुष्का जाड़े के कपड़ों में, माथे पर टीका लगाए, पूरी विनम्रता के साथ महाराज जी के सामने नीचे बैठकर उनसे बातचीत करते दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा लंबे समय से प्रेमानंद जी महाराज के अनुयायी हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालकर वृंदावन पहुंचते हैं और आध्यात्मिक शांति की तलाश में बाबा जी का आशीर्वाद लेते हैं। इस बार भी दोनों की मौजूदगी ने आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान खींच लिया, हालांकि कपल ने पूरी सादगी के साथ दर्शन किए और किसी भी तरह की औपचारिकता या दिखावे से दूर रहे।

    विराट और अनुष्का की यह आध्यात्मिक यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन को भी दर्शाती है। दोनों कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि आध्यात्मिकता ने उन्हें मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक सोच दी है। क्रिकेट के मैदान पर दबाव और फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच यह दंपती अपने जीवन में सादगी और संतुलन बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक मार्ग को अहम मानता है।

    आश्रम सूत्रों के अनुसार, दोनों ने महाराज जी से व्यक्तिगत बातचीत की और जीवन, कर्म और साधना से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सादगीपूर्ण रही और किसी तरह की वीआईपी संस्कृति देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि प्रशंसक विराट और अनुष्का की इस विनम्रता की सराहना कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर फैंस उनकी तस्वीरें साझा कर इसे “आस्था और सादगी की मिसाल” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि प्रसिद्धि और सफलता के शिखर पर होने के बावजूद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का जमीन से जुड़ा रहना प्रेरणादायक है। उनकी यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची आस्था मौसम, हालात और व्यस्तताओं से परे होती है।

  • बांदा में खनन पट्टों की जांच: ADM और खान अधिकारी ने ड्रोन-GPS से किया निरीक्षण

    बांदा में खनन पट्टों की जांच: ADM और खान अधिकारी ने ड्रोन-GPS से किया निरीक्षण

    संवाददाता मोहित पाल बांदा।जिलाधिकारी बांदा के निर्देश पर 13 दिसंबर 2025 को जनपद में खनन गतिविधियों की सघन जांच की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), बांदा और खान अधिकारी, बांदा ने संयुक्त रूप से तहसील बबेरू के ग्राम मर्काखादर में स्थित बालू/मोरम खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान खण्ड संख्या-04 में स्थित स्वीकृत बालू/मोरम खनन पट्टा क्षेत्र की जांच की गई। खनन क्षेत्र में हुए कार्यों का मिलान निर्धारित जियो-कोऑर्डिनेट्स के अनुसार तैयार KML फाइल, संबंधित गाटा संख्या और स्वीकृत क्षेत्रफल के आधार पर किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पट्टाधारक द्वारा खनन एवं परिवहन कार्य पूरी तरह स्वीकृत क्षेत्र के भीतर किया जा रहा था। साथ ही खनन पट्टा क्षेत्र में लगाए गए सीमा स्तम्भ/पिलर भी अपने निर्धारित स्थानों पर सही पाए गए, जिससे किसी भी प्रकार के अवैध खनन की पुष्टि नहीं हुई।

    इसके अलावा ग्राम मर्काखादर के खण्ड संख्या-03 में स्थित बालू/मोरम के उस स्वीकृत खनन क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया, जहां पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) प्राप्त होने की प्रक्रिया चल रही है। इस क्षेत्र में Replenishment Study में उल्लिखित मात्रा की जांच ड्रोन कैमरा और GPS तकनीक के माध्यम से की गई। अधिकारियों ने मौके पर ही डेटा एकत्र कर खनन की स्थिति का आकलन किया।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में खनन कार्य पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार ही संचालित होने दिया जाएगा। अवैध खनन, सीमा से बाहर खनन या पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नियमों का पालन करने वाले पट्टाधारकों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।

    जिला प्रशासन की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि बांदा में खनन गतिविधियों पर तकनीक आधारित निगरानी लगातार तेज की जा रही है, ताकि राजस्व की हानि रोकी जा सके और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।

  • बांदा DM जे. रीभा का सख्त एक्शन: गैरहाजिर अधिकारियों, शिक्षकों और मेडिकल स्टाफ का वेतन रोका

    बांदा DM जे. रीभा का सख्त एक्शन: गैरहाजिर अधिकारियों, शिक्षकों और मेडिकल स्टाफ का वेतन रोका

    संवाददाता -मोहित पाल बांदा।बांदा की जिलाधिकारी जे. रीभा अपने तेज-तर्रार और ज़मीनी प्रशासनिक अंदाज़ को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में किए गए विकास भवन और जिला महिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान भारी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर डीएम ने बिना किसी संकोच के सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इस दौरान 35 कर्मचारियों और 11 अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही सभी से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    विकास भवन में गैरहाजिरी पर कड़ा रुख

    निरीक्षण के दौरान डीएम जे. रीभा ने पाया कि कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी समय में नदारद थे। इसे जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोहराई गई तो और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    शिक्षक भी कार्रवाई के दायरे में

    डीएम का सख्त रुख सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं रहा। कुछ सरकारी स्कूलों के निरीक्षण में सामने आया कि छात्र सरल हिंदी कविता तक नहीं सुना पाए। इसे शैक्षणिक लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    महिला चिकित्सालय में औचक निरीक्षण

    जिलाधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पीएनसी वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, लेबर रूम और ओपीडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण में पीएनसी वार्ड में नवप्रसूताओं की केस शीट न मिलना और स्टाफ नर्स का अनुपस्थित होना गंभीर लापरवाही मानी गई। इसके बाद संबंधित स्टाफ नर्स का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा निरीक्षण के समय 06 डॉक्टर, 02 लैब टेक्नीशियन और 08 अन्य कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनका भी एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया गया। डीएम ने मेडिकल स्टाफ का ड्यूटी चार्ट बनाकर डिस्प्ले बोर्ड पर लगाने, तथा प्रसव के बाद नवप्रसूताओं को कम से कम 48 घंटे अस्पताल में रखने के निर्देश दिए।

    सादगी और सख्ती का संगम

    डीएम जे. रीभा की कार्यशैली को लेकर जिले में चर्चा है न घमंड, न लाव-लश्कर, न वीआईपी दिखावा, बल्कि सीधी बात और जवाबदेही।उनका स्पष्ट संदेश है कि सरकारी सेवा का मतलब जिम्मेदारी है, लापरवाही नहीं

  • कानपुर देहात में सड़क हादसों पर सख्ती,ओवरलोड डंपरों पर चला प्रशासन का डंडा

    कानपुर देहात में सड़क हादसों पर सख्ती,ओवरलोड डंपरों पर चला प्रशासन का डंडा

    कानपुर देहात।जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और तेज रफ्तार के कहर पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग द्वारा कानपुर–झांसी नेशनल हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान का नेतृत्व एआरटीओ सोमलता यादव ने किया, जिन्होंने अपनी टीम के साथ सुबह से ही हाईवे पर मोर्चा संभाल लिया।

    ओवरलोड डंपर बने कार्रवाई का मुख्य निशाना

    अभियान के दौरान प्रशासन का फोकस खास तौर पर ओवरलोड डंपरों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर रहा। चेकिंग के दौरान कुल सात डंपर ऐसे पाए गए जो तय मानकों से अधिक भार लेकर चल रहे थे या नियमों की अनदेखी कर रहे थे।इनमें से तीन डंपरों को मौके पर ही सीज कर विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित थाने भेज दिया गया, जबकि चार अन्य डंपरों पर भारी जुर्माने के साथ चालान की कार्रवाई की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से हाईवे पर चल रहे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया।

    https://nationnowsamachar.com/delhi/dimple-yadav-mnrega-statement-government-data-demand/

    सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश

    कार्रवाई के साथ-साथ परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। एआरटीओ सोमलता यादव ने साफ शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि ओवरलोडिंग न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। ओवरलोड वाहनों से ब्रेक फेल, टायर फटना और वाहन के असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी इसी सख्ती के साथ चेकिंग जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस सख्ती से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और हाईवे अधिक सुरक्षित बनेंगे।

  • कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात।उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। यह घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां महिला अपने दो विदेशी साथियों के साथ टैक्सी से मथुरा से पश्चिम बंगाल की यात्रा पर थी। रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, टैक्सी चालक कुंभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुका था। इसी दौरान महिला सैलानी की हालत अचानक खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। महिला को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    पुलिस का प्राथमिक तौर पर कहना है कि महिला को हार्ट अटैक आया हो सकता है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। महिला के साथ यात्रा कर रहे दोनों विदेशी नागरिक—एक पुरुष और एक महिला—घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। घबराहट के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।

    मृतका की पहचान और दूतावास को सूचना

    अकबरपुर सदर की एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि मृत महिला की पहचान सैलजिया, निवासी ब्राजील के रूप में हुई है। महिला अपने एक ब्राजीलियन और एक रूसी दोस्त के साथ भारत भ्रमण पर थी। घटना की जानकारी ब्राजील दूतावास (Embassy) को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई दूतावास के निर्देशानुसार की जाएगी।

    फॉरेंसिक जांच, कई बिंदुओं पर पूछताछ

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। पुलिस टैक्सी चालक और दोनों विदेशी यात्रियों से पूछताछ कर रही है। यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां, मेडिकल हिस्ट्री और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।

    पोस्टमॉर्टम के बाद होगा खुलासा

    एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है।

  • मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा मेरठ/बागपत।उत्तर प्रदेश के मेरठ–बागपत सीमा क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थाना जानी क्षेत्र में बागपत–मेरठ हाईवे स्थित हिंडन नदी पुल पर चल रही एक मारुति इग्नीस कार अनियंत्रित होकर पुल से टकराने के बाद करीब 25 फीट नीचे नदी में जा गिरी। इस भीषण हादसे में हेड कांस्टेबल समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसा मंगलवार सुबह करीब चार बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। मृतकों की पहचान बुलंदशहर निवासी हेड कांस्टेबल राहुल और बसौद निवासी अजरू उर्फ अजरुद्दीन के रूप में हुई है। वहीं, कार में सवार एक अन्य कांस्टेबल सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    विवेचना से लौटते वक्त हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम किसी विवेचना के सिलसिले में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में दबिश देने गई थी। कार्रवाई के बाद टीम बागपत लौट रही थी। मेरठ–बागपत सीमा पर हिंडन नदी पर एक पुराना और एक नया पुल बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई और दोनों पुलों के बीच से निकलते हुए सीधे पुल के पिलर से टकराकर नदी में जा गिरी

    मौके पर पहुंची पुलिस, रेस्क्यू में जुटे लोग

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद नदी में गिरे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकाला गया।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी अन्य वाहन की टक्कर तो हादसे की वजह नहीं बनी। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर है।

  • बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण नगरी वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा पहली बार टूट गई, जब ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग नहीं बनाया गया। बताया जा रहा है कि यह स्थिति मंदिर सेवायतों और कर्मचारियों के बीच सैलरी विवाद के कारण उत्पन्न हुई, जिससे पूजा-पाठ और भोग व्यवस्था प्रभावित हुई।मंगलवार सुबह जब श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बना है। यह खबर फैलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई। भक्तों का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर में भोग न बनना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।

    क्या है पूरा विवाद

    सूत्रों के अनुसार, मंदिर से जुड़े कुछ सेवायत और कर्मचारी लंबे समय से वेतन भुगतान और सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट चल रहे थे। इसी विवाद के चलते सेवाओं का बहिष्कार जैसा माहौल बना और भोग निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो गई। सेवायतों का आरोप है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रद्धालुओं में नाराज़गी

    देश-विदेश से वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग और दर्शन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। ऐसे में भोग न बनने की खबर से भक्तों में नाराज़गी और दुख देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े और प्रसिद्ध मंदिर में अगर कर्मचारियों का विवाद इस हद तक पहुंच जाए कि पूजा-पद्धति ही रुक जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

    परंपरा और आस्था का संतुलन जरूरी

    बांके बिहारी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां की हर परंपरा का विशेष महत्व है। ऐसे में वेतन विवाद जैसे मामलों का असर सीधे धार्मिक परंपराओं पर पड़ना कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन और सेवायत जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने देंगे।

  • Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : मथुरा/आगरा। उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा रूट पर सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र के गांव खडे़हरा के पास माइल स्टोन 127 के निकट घने कोहरे के कारण 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस दर्दनाक हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    Delhi-Agra Expressway : कैसे हुआ हादसा

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक सुबह के समय एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रही बसें और कारें एक के बाद एक टकराती चली गईं। कुछ ही पलों में पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। कई यात्री वाहनों में फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    Delhi-Agra Expressway : मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमें

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।

    मृतकों की पहचान की कोशिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    कोहरे में ड्राइविंग को लेकर अलर्ट

    पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि घने कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, तेज रफ्तार से बचें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर रफ्तार और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

  • कन्नौज यूरिया संकट पर गरजी किसान महापंचायत, खाद उपलब्ध नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    कन्नौज यूरिया संकट पर गरजी किसान महापंचायत, खाद उपलब्ध नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

    कन्नौज- (नयी तहसील, पूर्वी गेट)। भारतीय किसान यूनियन अवधेश की ओर से प्रदेश अध्यक्ष संतोष पाठक के आवास पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें यूरिया खाद की भारी किल्लत का मुद्दा सबसे प्रमुख रूप से छाया रहा। बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने कहा कि रबी फसल की बुवाई के समय खाद की कमी से उनकी खेती प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

    महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संतोष पाठक ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन मजबूरन धरना, प्रदर्शन और अनशन जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    संगठन विस्तार पर भी हुई चर्चा

    किसान महापंचायत का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री बबलू मिश्रा ने किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए कई नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन में शामिल हुए पदाधिकारियों के मनोनयन पर सभी ने हर्ष व्यक्त किया और इसे संगठन की बढ़ती ताकत का संकेत बताया।

    महापंचायत में किए गए प्रमुख मनोनयन इस प्रकार हैं—

    • रणजीत सिंह – जिला अध्यक्ष, एटा
    • अभय प्रताप – जिला महासचिव, एटा
    • सुरजीत कुमार – जिला सचिव, एटा
    • आकाश – जिला प्रभारी, एटा
    • अमित कुमार – जिला उपाध्यक्ष, कन्नौज
    • पवन कुमार – जिला अध्यक्ष, सीतापुर
    • दिलीप कुमार – प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
    • हरेंद्र सिंह – जिला सचिव, गौतम बुद्ध नगर
    • अनिल कुमार – जिला महासचिव, बुलंदशहर

    15 दिन में कमेटी गठन का निर्देश

    राष्ट्रीय महामंत्री बबलू मिश्रा ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को 15 दिन के भीतर जिला व ब्लॉक स्तर की कमेटियां गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अवधेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और किसानों की आवाज मजबूती से उठा रहा है।

    “किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध संगठन”

    बबलू मिश्रा ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन अवधेश देश का ऐसा संगठन है, जो किसी भी पदाधिकारी से सदस्यता शुल्क नहीं लेता। संगठन का उद्देश्य केवल किसानों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारी हर स्तर पर अधिकारियों से संवाद कर किसानों की समस्याओं को हल कराने का प्रयास करते हैं।

    महापंचायत के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि यूरिया संकट जल्द दूर नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार हैं।