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Category: उत्तर प्रदेश

  • औरैया में किसान से टप्पेबाजी, सर्राफ से रुपये लेकर लौटते समय 40 हजार उड़ाए

    औरैया में किसान से टप्पेबाजी, सर्राफ से रुपये लेकर लौटते समय 40 हजार उड़ाए

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र में औरैया टप्पेबाजी मामला सामने आया है, जहां एक किसान के साथ शातिर तरीके से जेब काटकर 40 हजार रुपये उड़ा लिए गए। यह घटना कस्बा अछल्दा के हरीगंज बाजार क्षेत्र की बताई जा रही है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीरपुर निवासी देवेंद्र सिंह पुत्र छोटे सिंह खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उम्रदराज होने के कारण उनकी आंखों की रोशनी कुछ कम है। दोपहर के समय वह हरीगंज बाजार स्थित एक सर्राफ की दुकान पर अपनी चांदी की चीज गिरवी रखकर 40 हजार रुपये लेकर पैदल घर की ओर जा रहे थे।

    इसी दौरान बिना नंबर की अपाचे बाइक पर सवार दो युवक पीछे से पहुंचे। बदमाशों ने खुद को किसान का दूर का रिश्तेदार बताते हुए उसे घर छोड़ने की बात कही और बीच में बैठा लिया। भरोसा कर किसान बाइक पर बैठ गया।

    बाइक सवार बदमाश किसान को पहले ब्लॉक चौराहा ले गए, फिर हरीगंज तिराहे से सेऊपर रोड की ओर बढ़ गए। कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने किसान को यह कहकर बाइक से नीचे उतार दिया कि “चच्चा, पापा को लेकर आते हैं।” इसके बाद दोनों बदमाश मौके से फरार हो गए।

    जब किसान ने अपनी जेब टटोली तो पता चला कि उसकी जेब कट चुकी है और उसमें रखे 40 हजार रुपये गायब हैं। घटना के बाद किसान काफी देर तक बदमाशों को ढूंढता रहा, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।

    पीड़ित किसान ने गांव पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शाम करीब सात बजे अछल्दा पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी पंकज मिश्रा मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू करवाई।

    पुलिस का कहना है कि औरैया टप्पेबाजी मामला गंभीर है और जल्द ही सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें और बड़ी रकम लेकर चलते समय सतर्क रहें।

  • KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद : राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। KGMU विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव की टीम और यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प और बहस हो गई। इस घटना के बाद केजीएमयू में तनाव का माहौल है और डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने के साथ ही ओपीडी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे दी है।

    यह पूरा विवाद डॉक्टर रमीज से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा इस मामले पर आयोजित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले अपर्णा यादव के समर्थकों और केजीएमयू के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि बाहरी हस्तक्षेप से संस्थान की गरिमा और स्वायत्तता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि संवेदनशील मामले में बिना समन्वय के दबाव बनाने की कोशिश की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। KGMU विवाद को लेकर डॉक्टर संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे हड़ताल और ओपीडी सेवाएं बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

    वहीं दूसरी ओर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में ‘फेवरेट’ बनने की कोशिश से जुड़ा है। अपर्णा यादव, जो समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं, ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामा था। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें न तो लोकसभा चुनाव में टिकट मिला और न ही महिला आयोग की अध्यक्ष जैसे किसी संवैधानिक पद पर नियुक्ति हुई।

    अब 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि KGMU विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में हुई झड़प और बयानबाजी अपर्णा यादव की राजनीतिक छवि और महत्वाकांक्षा पर असर डाल सकती है। फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार की नजर बनी हुई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

  • हमीरपुर : डीएम के निर्देश पर गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम,ठंड से बचाव के लिए प्रशासनिक पहल

    हमीरपुर : डीएम के निर्देश पर गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम,ठंड से बचाव के लिए प्रशासनिक पहल

    संवाददाता प्रवीण कुमार मिश्रा हमीरपुर जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देशानुसार जनपद की सरीला तहसील के विकासखंड गोहांड में गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सरीला बलराम गुप्ता ने की, जिसमें जिले के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, राठ विधायक मनीषा अनुरागी, गोहद नगर पंचायत अध्यक्ष अनीता सत्येंद्र राजपूत और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राजपूत ने सक्रिय भूमिका निभाई और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार ठंड से बचाव के लिए यह पहल समय पर जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

    कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने कंबल वितरण के साथ-साथ गरीब और असहाय परिवारों की स्थिति का आंकलन भी किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के गोहांड में कंबल वितरण अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सर्दियों के दौरान किसी को भी ठंड से राहत न मिले। इसके अलावा, प्रशासन स्थानीय स्तर पर जरूरतमंदों की सूची तैयार कर उनकी मदद सुनिश्चित करेगा।

    एसडीएम बलराम गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का संयुक्त प्रयास ही ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

    इस दौरान कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गोहांड में कंबल वितरण केवल एक राहत कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और जनसुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का यह स्वरूप लोगों में सकारात्मक संदेश भी पहुँचाता है और जरूरतमंदों में आशा और सुरक्षा की भावना जगाता है।

    अधिकारियों ने बताया कि ठंड से राहत अभियान लगातार जारी रहेगा और आगामी सर्दियों में भी गोहांड के विभिन्न गांवों में कंबल वितरण, गर्म कपड़े और आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जाएगा। इस पहल से न केवल ठंड से सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सामाजिक एकता और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।

    गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम ने दिखाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से समाज के कमजोर वर्ग तक समय पर राहत पहुंचाई जा सकती है। इस तरह के पहल से सरीला तहसील और गोहांड विकासखंड के लोग सर्दियों के मौसम में सुरक्षित और संरक्षित रह सकेंगे।

  • कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राहुल बच्चा सोनकर सोमवार देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे, जहां उनका अंदाज़ और बयान चर्चा का विषय बन गया। थाने के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, उसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

    थाने में विधायक का तीखा तेवर

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक राहुल बच्चा सोनकर देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस कई लोगों को ठीक से नहीं जानती क्योंकि वह केवल ऑफिस में बैठकर नौकरी कर रही है। विधायक ने यह भी कहा कि उनका इतिहास भी “बहुत गंदा” रहा है और वे खुद को पूरी तरह साफ छवि वाला व्यक्ति नहीं मानते, जितना लोग समझते हैं

    बयान का वीडियो और चर्चा

    विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी और विधायक पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर विधायक राहुल बच्चा बिल्हौर थाने पहुंचे और इलाके के पूरे मस्जिदों में सूअर का मांस फेंकने की धमकी दे डाली. इस मामले में जानवरों की कटाई करने वाली रहमान कुरैशी की फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया है. साथ ही प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है.

    फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मांस के अवशेषों के सैंपल को जांच करने के लिए कलेक्ट किया.वहीं, इस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार एडीसीपी कपिल देव सिंह मौके पर पहुँचे. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गौ वंस वाले मामले में लापरवाही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों निलंबित कर दिया है. बिल्हौर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ,चौकी इंचार्ज प्रेमवीर, हल्का इंचार्ज आफताब आलम हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को इस मामले में निलंबित किया गया है.

  • बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खुद को यूपी सरकार का प्रमुख सचिव बताकर लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से नेपाल में कसीनो खेलने जा रहा था। लेकिन भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे और उसके चार साथियों को पकड़ लिया।

    प्रमुख सचिव बनकर दिखा रहा था रौब

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी इनोवा कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर खुद को यूपी सरकार का बड़ा अधिकारी बताता था। उसके साथ कार में मौजूद चार अन्य युवक—शुभम बाजपेई, अनमोल यादव, सचिन सिंह और स्वप्निल सहाय—भी इसी झूठी पहचान के सहारे सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।

    नेपाल में कसीनो खेलने की थी प्लानिंग

    जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी नेपाल जाकर वहां के कसीनो में जुआ खेलने की योजना बना रहे थे। सरकारी अफसर होने का झांसा देकर वे चेकिंग से बचना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

    भारत-नेपाल बॉर्डर पर ऐसे खुली पोल

    बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर जब वाहन की गहन जांच की गई तो न तो कोई सरकारी दस्तावेज मिला और न ही किसी तरह का आधिकारिक पहचान पत्र। पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।

    फर्जीवाड़ा और सरकारी प्रतीकों के दुरुपयोग का मामला

    पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ फर्जी पहचान का है, बल्कि सरकारी पद और प्रतीकों के दुरुपयोग से भी जुड़ा है। लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल कर आम जनता और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई।

    आरोपियों से पूछताछ जारी

    फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले वे इस तरह की हरकतें और कहां-कहां कर चुके हैं। पुलिस ने इनोवा कार को भी जब्त कर लिया है।

    प्रशासन की सख्ती

    इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी अफसर बनकर सरकारी रुतबे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्रों में चेकिंग और कड़ी की जा सकती है।

  • रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली।डिजिटल जमाने में अपराध के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गूगल सर्च और लोकेशन के जरिए मंदिरों की पहचान कर वहां से घंटे चोरी करता था। इस गिरोह का मुखिया मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है, जो किसी भी नए शहर में पहुंचते ही पहले वहां के प्रमुख मंदिरों को ऑनलाइन सर्च करता था।


    गूगल लोकेशन से मंदिर चिन्हित कर देते थे वारदात को अंजाम

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य किसी भी जिले में जाने से पहले गूगल मैप और सर्च इंजन के माध्यम से प्रमुख और पुराने मंदिरों की लोकेशन निकालते थे। इसके बाद रात के समय मंदिर पहुंचकर वहां लगे भारी-भरकम घंटों को चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद ये लोग तेजी से जिला छोड़ देते थे, जिससे पुलिस को इनके बारे में सुराग मिलने में दिक्कत होती थी।


    पुलिस चेकिंग से बचने का अनोखा तरीका

    इस गैंग की एक खास रणनीति यह भी थी कि ये अपने साथ एक महिला को रखते थे। पुलिस चेकिंग के दौरान महिला को बीमार बताकर वाहन को बिना ज्यादा जांच के निकलवा लिया जाता था। इसी चाल के कारण यह गिरोह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।


    स्थानीय लोगों की मिलीभगत भी आई सामने

    पुलिस के अनुसार, गैर जनपद से आए इस गिरोह ने रायबरेली के दो स्थानीय लोगों को भी अपने साथ मिला लिया था। इनकी मदद से गिरोह को मंदिरों की जानकारी, रास्तों और इलाके की स्थिति समझने में आसानी होती थी। हाल ही में गिरोह ने जगतपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर को निशाना बनाया था, जहां से कई घंटे चोरी किए गए थे।


    संयुक्त कार्रवाई में गिरोह गिरफ्तार

    घटना के खुलासे के बाद जगतपुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को ऊंचाहार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 3 क्विंटल से अधिक मंदिर के घंटे और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है।


    अन्य जिलों में भी कर चुके हैं वारदात

    रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने उन्नाव जिले में भी मंदिरों से घंटे चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अन्य जिलों में हुई चोरी की वारदातों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।


    डिजिटल साधनों से अपराध पर पुलिस की नजर

    इस मामले ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब तकनीक का सहारा लेकर वारदात कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अब डिजिटल निगरानी और स्थानीय स्तर पर सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।

  • यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती के मौसा ने ही विश्वासघात करते हुए उसे तांत्रिक के पास ले जाकर दरिंदगी का शिकार बनाया। आरोप है कि मौसा और तांत्रिक ने मिलकर युवती के साथ गैंगरेप किया।

    पीड़िता के अनुसार, मौसा ने उसे किसी समस्या के समाधान और तांत्रिक क्रिया के बहाने वहां ले गया। अंधविश्वास का फायदा उठाकर पहले उसे डराया गया और फिर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर निकली और परिजनों को आपबीती बताई।

    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

  • कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात (अकबरपुर):मकर संक्रांति के मौके पर जहां प्रदेशभर में खिचड़ी भोज के आयोजन हो रहे हैं, वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में एक अलग ही अंदाज का खिचड़ी भोज लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां खिचड़ी भोज कराने वाले रवि उर्फ ज्ञानी न सिर्फ लोगों को भोजन करा रहे हैं, बल्कि राहगीरों के पैर छूकर उन्हें आदरपूर्वक खिचड़ी परोस रहे हैं

    इस अनोखे दृश्य को देखकर राह चलते लोग भी रुकने को मजबूर हो रहे हैं। जो भी इस आयोजन को देख रहा है, वह कुछ पल ठहरकर खिचड़ी का स्वाद ले रहा है और इस अनूठी पहल की सराहना कर रहा है।

    सेवा भाव से किया गया आयोजन

    रवि उर्फ ज्ञानी का कहना है कि यह कार्यक्रम सेवा और सम्मान की भावना से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और विनम्रता का संदेश देना है। पैर छूकर खिचड़ी खिलाने का यह तरीका लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।

    राहगीरों में दिखा उत्साह

    खिचड़ी भोज स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। खास बात यह रही कि बिना किसी प्रचार के भी बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग यहां पहुंचते रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा खिचड़ी भोज पहले कभी नहीं देखा।

  • देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, मेन गेट–गुंबद ध्वस्त, सोमवार को फिर होगा बड़ा एक्शन

    देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार पर चला बुलडोजर, मेन गेट–गुंबद ध्वस्त, सोमवार को फिर होगा बड़ा एक्शन

    देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी एक अवैध मजार पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के बाद की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।रविवार को शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई में मजार का मेन गेट, बाउंड्री वॉल, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़ दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है और सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद फिर से बुलडोजर चलाया जाएगा, जिसमें मजार के बेसमेंट की छत और हॉल को ध्वस्त किया जाएगा।

    नगर पालिका ने पहले दिया था नोटिस

    नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण को लेकर शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट कहा गया था कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई है और यदि स्वयं इसे नहीं हटाया गया, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

    भारी पुलिस बल रहा तैनात

    कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए कार्रवाई की निगरानी की गई ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

    अवैध दुकानें भी तोड़ी गईं

    प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मजार परिसर में बनी तीन दुकानें भी पूरी तरह अवैध थीं, जिन्हें ध्वस्तीकरण के दौरान गिरा दिया गया। इन दुकानों से लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि इनके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।

    सोमवार को होगा दूसरा चरण

    नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सिर्फ ऊपरी ढांचे को गिराया गया है। सोमवार को दूसरे चरण में बेसमेंट की छत और हॉल को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा।

    प्रशासन का बयान

    प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की जा रही है। जिले में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, उन सभी के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

    इलाके में चर्चा का विषय

    50 साल पुरानी मजार पर हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं, तो कुछ प्रशासन की सख्ती की सराहना कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

  • कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप है कि वह बीते करीब दस वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो स्वयं लंबे समय तक इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था सामाजिक सेवा और रोजगार से जुड़े कामों का सहारा लेकर लोगों को जोड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे इन गतिविधियों का मकसद बदलता चला गया।

    प्रलोभन देकर बनाया जाता था नेटवर्क

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, हैंडपंप लगवाने, घरेलू सामान और रोजगार दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। जो लोग नए लोगों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने ₹6,000 तक देने का लालच भी दिया जाता था। इन्हीं लालचों के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को बैठकों में बुलाया जाता था।

    बैठकों में बदल जाता था माहौल

    पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहराता चला गया।

    विरोध करने पर धमकियां

    पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए या धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। लगातार डर और दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।

    कोतवाली से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे फंडिंग कहां से हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, हजारों लोगों के धर्म परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है।