उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में बीती रात आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में फ्लैट के अंदर रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय प्रेमानंद जी महाराज फ्लैट में मौजूद नहीं थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने के वक्त प्रेमानंद जी महाराज अपने आश्रम में थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया गया।
मथुरा | वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में कल रात आग लग गई। काफी सामान जल गया। इस हादसे के वक्त प्रेमानंद जी अपने आश्रम में थे। अग्निकांड की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई गई है।@madanmohansoni pic.twitter.com/QPAMAfmj2P
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन और विद्युत विभाग को भी दी गई है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके। वृंदावन जैसे धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में दहेज उत्पीड़न का एक मामला उस समय सुर्खियों में आ गया, जब महिला दरोगा पायल रानी ने अपने पति गुलशन कुमार और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
महिला दरोगा पायल रानी का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने पति के साथ-साथ ससुराल के अन्य सदस्यों पर भी दहेज की मांग और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला दरोगा की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पति गुलशन कुमार का पलटवार
वहीं, पति गुलशन कुमार ने पत्नी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। गुलशन का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और दरोगा बनने तक पूरा सहयोग किया।
उनका दावा है कि अब उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।गुलशन कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी दहेज की मांग नहीं की और न ही पत्नी के साथ किसी तरह का उत्पीड़न किया। उनका कहना है कि वैवाहिक विवाद के चलते यह मामला तूल पकड़ रहा है और सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हापुड़ पुलिस के अनुसार, महिला दरोगा की तहरीर पर आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता। सभी आरोपों की कानूनी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Hijab Controversy India : देश के प्रसिद्ध कथावाचक और संस्कृत विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बेटी को लेकर दिए गए एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ओवैसी की हिजाब पहनने वाली बेटी के भविष्य में देश की प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को “दिवास्वप्न” करार दिया है। उनका यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं और सामाजिक चेतना बिल्कुल स्पष्ट हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर भविष्य में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनने वाली भारतीय महिला होगी। उनके इस बयान को सीधे तौर पर हिजाब और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है।
बयान से मचा राजनीतिक घमासान
रामभद्राचार्य के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। कुछ लोग इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे व्यक्तिगत आस्था और पहनावे पर टिप्पणी मानकर आलोचना कर रहे हैं।जगद्गुरु रामभद्राचार्य का कहना है कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है और देश का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को उसी परंपरा का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में महिला सशक्तिकरण का रास्ता परंपरा और आधुनिकता के संतुलन से होकर गुजरता है।
ओवैसी परिवार पर टिप्पणी
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बेटी को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में राजनीतिक उत्तराधिकार, अल्पसंख्यक राजनीति और महिला नेतृत्व को लेकर चर्चाएं लगातार चल रही हैं। हालांकि ओवैसी या उनकी पार्टी की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं। एक वर्ग जहां इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान की बात बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे महिला की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रहा है।कुछ यूज़र्स का कहना है कि प्रधानमंत्री बनने की योग्यता पहनावे से नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता से तय होती है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि भारत की परंपराओं का सम्मान करना भी नेतृत्व का अहम हिस्सा है।
रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटना नहर पर बूझपुर गांव मोड़ के पास एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।
स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना तत्काल बेला थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष गंगा दास गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया, जिसके बाद क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, थाना अध्यक्ष बिधूना और थाना अध्यक्ष सहार भी घटनास्थल पर पहुंचे।पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान शैलेंद्र पुत्र मान सिंह, निवासी कुर्सी, थाना बेला के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए चिचोली, औरैया भेज दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
#औरैया: बेला थाना क्षेत्र में संदिग्ध हालात में युवक का शव मिलने से सनसनी पटना नहर पर बूझपुर गांव मोड़ के पास युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुटी, पुलिस को दी गई जानकारी थाना बेला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, उच्च… pic.twitter.com/Rc0wY5HhyV
परिजनों के अनुसार शैलेंद्र के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह परिवार का इकलौता सहारा था। उसके परिवार में पत्नी अर्चना और पांच वर्षीय मासूम पुत्र सौरभ हैं। शैलेंद्र आगरा में कुल्फी बेचने का काम करता था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।परिजनों ने बताया कि शनिवार शाम करीब चार बजे शैलेंद्र रोजगार के सिलसिले में कानपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन नहर के पास उसका शव मिलने की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन और ग्रामीण उसे ढांढस बंधाने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि युवक की मौत हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।
पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 11 जनवरी 2026 को थाना बेला से एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। शव की पहचान शैलेंद्र सिंह पाल, निवासी बड़ी कुर्सी के रूप में हुई है। इसके बाद स्वयं और क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।उन्होंने बताया कि फील्ड यूनिट द्वारा मौके से साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
रिपोर्टर – मनीष पटेल वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का नाम ‘जी ग्राम जी’ कर दिया गया है, जो कि महात्मा गांधी का अपमान है।अजय राय ने बताया कि मनरेगा योजना का पुराना नाम महात्मा गांधी से जुड़ा था और इसके माध्यम से मजदूरों को रोजगार मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलकर देश के जनक महात्मा गांधी का अपमान किया है।
मनरेगा योजना का विरोध
अजय राय के अनुसार, कांग्रेस ने देशभर में उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों के अधिकारों को नजरअंदाज किया है और महीने से मजदूरों को मनरेगा में काम नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।“हमने मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से रखा था, जिन्होंने देश की आज़ादी दिलाई। मोदी सरकार ने इसे बदलकर जी ग्राम जी कर दिया है। यह पूरी तरह से महात्मा गांधी का अपमान है। आज हम इसका विरोध करते हुए उपवास कर रहे हैं,” अजय राय ने कहा।
#वाराणसी: मनरेगा नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस का उपवास प्रदर्शन 🔹 मनरेगा का नाम बदलकर “जी ग्राम जी” किए जाने पर कांग्रेस ने देशभर में उपवास प्रदर्शन किया 🔹 वाराणसी में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा पर महात्मा गांधी का अपमान करने का आरोप लगाया 🔹 अजय राय ने कहा—“मनरेगा… pic.twitter.com/W409wFVoqL
अजय राय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका जी का कल जन्मदिन पूरे देश में मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका जी जहाँ चाहें वहाँ जा सकती हैं और उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने का काम किया जाएगा।अजय राय ने कहा, “प्रियंका जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, बंगाल, केरल और अन्य राज्यों में चुनाव लड़ा जाएगा। उनके नेतृत्व में संगठन मजबूत हो रहा है और जनता तक कांग्रेस की आवाज़ पहुंचेगी।”
आगामी रैली का ऐलान
अजय राय ने वाराणसी में 8 फरवरी को बड़ी रैली करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रैली में कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता बड़ी संख्या में शामिल होंगी। रैली का उद्देश्य कांग्रेस की नीतियों और महात्मा गांधी की याद को लोगों तक पहुँचाना है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बयान ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अजय राय ने इसे महात्मा गांधी के अपमान के रूप में पेश किया और भाजपा सरकार पर श्रम कानूनों और मजदूर कल्याण की अनदेखी का आरोप लगाया।वाराणसी और पूरे उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे पर आगे भी बहस जारी रहने की संभावना है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे महात्मा गांधी के नाम और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आंदोलन करते रहेंगे।
Amethi Crime :संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। जिस खेत में दो सगे भाई बचपन से साथ खेले और बड़े हुए, उसी खेत में एक भाई ने दूसरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना पीपरपुर थाना क्षेत्र के डिहवा मजरे दुर्गापुर गांव की है, जहां 36 दिन तक फरार रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आलू के खेत में हुआ खूनी विवाद
पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, 4 दिसंबर को गांव निवासी राकेश वर्मा (50) अपने खेत में आलू की मेढ़ी चढ़ा रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई दिनेश वर्मा वहां पहुंचा। किसी पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि रिश्तों की सारी सीमाएं टूट गईं।गुस्से में आकर दिनेश ने राकेश के हाथ से कुदाल छीन ली और उसी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। खेत में काम कर रहे राकेश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव छिपाकर फरार हुआ हत्यारा भाई
हत्या के बाद आरोपी दिनेश ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह गांव छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। राकेश के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार पूरी तरह टूट गया।
#अमेठी: युवक हत्याकांड का खुलासा, 25 हजार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार 🔹 पीपरपुर थाना पुलिस ने 1 माह पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई
🔹 25 हजार रुपये के इनामिया वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार
🔹 खेत में काम कर रहे सगे भाई पर कुदाल से हमला कर की थी हत्या
हत्या के बाद से ही आरोपी दिनेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।आखिरकार 10 जनवरी को थाना पीपरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह रेलवे स्टेशन पीपरपुर के पास झाड़ियों में कुदाल छिपाकर ट्रेन से फरार हो गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वही खून से सनी कुदाल भी बरामद कर ली है।
भाईचारे और परिवार की टूटी नींव
यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और परिवार की बुनियाद के टूटने की कहानी है। जिस घर में दो भाई साथ पले-बढ़े, वहां आज एक भाई जेल की सलाखों के पीछे है और दूसरा हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार सड़क पर अचानक आए आवारा सांड से टकरा गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार रायबरेली जिले के सदर थाना क्षेत्र निवासी सुशील (30) अपनी कार से परिवार के साथ अयोध्या दर्शन कर लौट रहे थे। कार में उनके साथ श्याम नंदन (55) और उनकी पत्नी ऊषा (50) भी सवार थीं। जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आए आवारा सांड से कार की जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे खाईं में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचाया।
डॉक्टरों ने महिला ऊषा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों का इलाज जारी है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का बयान
थानाध्यक्ष भाले सुल्तान शहीद स्मारक, तनुज पाल ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को इलाज के लिए भेजवाया गया था। गंभीर चोटों के कारण एक महिला की मौत हो गई है। घायलों का उपचार चल रहा है और पोस्टमार्टम समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके चलते पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।
प्रयागराज। संगम की रेती पर हर साल लगने वाला माघ मेला इस बार आस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया की रंगत के लिए भी चर्चा में है। साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच इस बार माही निषाद नाम की एक लड़की ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है।
हाथों से बनाई मालाओं से मिली पहचान
माही निषाद माघ मेले में हाथों से बनाई गई मालाएं बेचती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वह मेले की वायरल गर्ल बन चुकी हैं। माही जब माला लेकर मेले में निकलती हैं, तो लोग उन्हें घेर लेते हैं, कोई सेल्फी लेना चाहता है, तो कोई रील बनाता है। देखते ही देखते उनके चारों ओर भीड़ लग जाती है।
वायरल होने के साथ आई परेशानियां
माही का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी पहचान बढ़ने के साथ-साथ काम में दिक्कतें भी आई हैं। लगातार फोटो और वीडियो बनवाने की वजह से उन्हें मालाएं बेचना मुश्किल हो रहा है।
माघ मेला और परिवार का सहारा
माही प्रयागराज की ही रहने वाली हैं। वह माघ मेले में अपने हाथों से बनाई मालाओं के जरिए अपने और अपने परिवार का गुजारा करती हैं।
माही के पसंदीदा सितारे
बातचीत के दौरान माही ने कहा कि वह सलमान खान की जबरदस्त फैन हैं। उन्होंने उनकी लगभग सभी फिल्में देखी हैं और उन्हें सलमान की सादगी और स्टाइल बेहद पसंद है। इसके साथ ही माही को भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री आम्रपाली दुबे भी काफी प्रिय हैं।
अयोध्या। राम नगरी अयोध्या की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। 8 जनवरी से शहर में पूरी तरह से नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि होटल, ढाबा और होम-स्टे सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह नियम लागू होगा। किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक
शहर में नॉनवेज खाने की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है। इसका मतलब है कि अब अयोध्या में कोई भी व्यक्ति नॉनवेज भोजन ऑर्डर या खरीद नहीं सकता।
प्रशासन का उद्देश्य
अयोध्या प्रशासन का कहना है कि यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने सभी व्यवसायियों और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
कानपुर। किदवई नगर थाना पुलिस ने दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में कोचिंग संचालक देवेंद्र पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मामले में पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज करा लिए गए हैं।
मां के सामने खुला दर्द
बाबूपुरवा इलाके में रहने वाली पीड़िता की मां के अनुसार, उनकी 15 वर्षीय बेटी किदवई नगर स्थित एक स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा है। आरोपी देवेंद्र पटेल उसी स्कूल में पढ़ाता था और इलाके में ब्राइट कोचिंग इंस्टीट्यूट भी संचालित करता है। छात्रा वहीं कोचिंग के लिए जाती थी।
गुरुवार को जब मां ने बेटी को कोचिंग जाने के लिए कहा तो उसने जाने से इनकार कर दिया। जब वजह पूछी गई तो छात्रा ने आरोपी की घिनौनी करतूतों का खुलासा किया।
दिसंबर 2025 में की गई वारदात
पीड़िता ने बताया कि दिसंबर 2025 में आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर कोचिंग सेंटर में ही जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर लगातार शारीरिक शोषण किया।बेटी की आपबीती सुनकर मां के होश उड़ गए। इसके बाद वे तुरंत बेटी को लेकर थाने पहुंचीं और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
दुष्कर्म और POCSO एक्ट में कार्रवाई
किदवई नगर थानाप्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान भी कोर्ट में दर्ज करा लिए गए हैं।
पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की गई है और पीड़िता को हरसंभव कानूनी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।