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Category: उत्तर प्रदेश

  • महोबा : रमकुंडा पहाड़ पर नाबालिग किशोरी केस का फरार आरोपी मृत पाया गया, इलाके में सनसनी

    महोबा : रमकुंडा पहाड़ पर नाबालिग किशोरी केस का फरार आरोपी मृत पाया गया, इलाके में सनसनी

    संवाददाता – चन्द्रशेखर नामदेव उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में रमकुंडा पहाड़ पर नाबालिग दलित किशोरी को भगा ले जाने के मामले का फरार आरोपी मृत पाया गया। यह घटना इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।मामला कबरई थाना क्षेत्र व कस्बा क्षेत्र के सिद्ध बाबा मंदिर के पास स्थित रमकुंडा पहाड़ का है। बीते दिसंबर महीने में एक नाबालिग दलित किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की ** FIR खन्ना थाने में दर्ज** कराई गई थी। आरोपी युवक फरार था और पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ था।

    पुलिस और फील्ड यूनिट टीम को सूचना मिली कि पहाड़ में युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू की। मृतक की पहचान अशोक कुमार, निवासी ग्राम सिरसीकला के रूप में हुई, जो खन्ना क्षेत्र के जगदीश कुशवाहा के 18 वर्षीय पुत्र थे।

    पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार 26 दिसंबर को नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार हुआ था। खन्ना थाना पुलिस ने 29 दिसंबर को किशोरी को बरामद कर न्यायालय में पेश कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ था।

    एसपी प्रबल प्रताप सिंह और सीओ सदर अरुण कुमार सिंह ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली और पुलिस को जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में मृतक का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।अशोक के पिता जगदीश कुशवाहा ने बताया कि उनका बेटा आठ-दस दिनों से फरार था। अशोक एक लड़की को लेकर गया था, जिसे पुलिस ने सुरक्षित उसके घर लौटा दिया था।

    अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि थाना कबरई क्षेत्र के सिद्ध बाबा मंदिर के पास स्थित रमकुंडा पहाड़ पर शव मिलने की सूचना मिली। थाना पुलिस टीम ने फील्ड यूनिट के साथ मिलकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

  • यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    लखनऊ | उत्तर प्रदेश नए साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। इसके तहत जहां पहले स्मार्ट मीटर के लिए 2800 रुपये चुकाने पड़ते थे, अब उपभोक्ताओं को केवल 1900 रुपये देने होंगे।

    थ्री फेज मीटर पर भी मिलेगा लाभ

    सिर्फ स्मार्ट मीटर ही नहीं, बल्कि4100 रुपये की कीमत वाले थ्री फेज मीटर पर भी 900 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगीयह राहत केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत दी जा रही है।

    बिजली अधिनियम 2003 का हवाला

    उपभोक्ता परिषद के अनुसार, बिजली अधिनियम 2003 में स्पष्ट प्रावधान है किसरकार से मिलने वाली सब्सिडी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए।इसी आधार पर स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली केंद्रीय सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।

    RDSS की अवधि बढ़ी

    कंज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि RDSS योजना पहले 31 दिसंबर 2026 तक लागू थीअब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हर स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 900 रुपये का अनुदान दे रही है।

    स्लैब सिस्टम से मिलेगा छुटकारा

    अवधेश वर्मा के अनुसार,40 मीटर से कम दूरी पर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को पहले स्लैब सिस्टम के कारण नुकसान हो रहा था अब इस व्यवस्था में बदलाव से छोटे उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है।

  • औरैया बिधूना में सेना के जवान के घर बड़ी चोरी, वारदात से पहले पड़ोसियों के मकानों की कुंडी बाहर से बंद

    औरैया बिधूना में सेना के जवान के घर बड़ी चोरी, वारदात से पहले पड़ोसियों के मकानों की कुंडी बाहर से बंद

    रिपोर्टर अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना कस्बे में सर्दी और घने कोहरे का फायदा उठाकर चोरों ने एक सुनियोजित चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। मोहल्ला आंबेडकर नगर में भारतीय सेना के जवान के बंद मकान को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोर नकदी और कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, मोहल्ला आंबेडकर नगर निवासी सुरेंद्र तोमर भारतीय सेना में जवान हैं, जो वर्तमान में गुरुग्राम में तैनात हैं। उनका कस्बे स्थित मकान काफी समय से बंद था। रविवार को उनका बेटा देवेंद्र तोमर घर आया था, लेकिन सोमवार को वह रिश्तेदारी में ऐरवाकटरा के नगला कसान गांव चला गया। इसी दौरान सोमवार देर रात चोरों ने मकान को निशाना बनाया।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी से पहले चोरों ने आसपास के कुछ मकानों की कुंडी बाहर से बंद कर दी, ताकि कोई व्यक्ति बाहर निकलकर विरोध न कर सके। इसके बाद उन्होंने सेना के जवान के मकान का ताला तोड़ा और अंदर रखे सामान को खंगालना शुरू किया।

    पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरों ने करीब 6 हजार रुपये नकद,दो सोने की अंगूठियां,एक सोने की चेन,दो कान के सुई-धागे,और दो पायलें चोरी कर लीं।

    इसके अलावा, कमरे में रखे दो सूटकेस भी चोर अपने साथ ले गए। हालांकि, लगभग 200 मीटर दूर त्रिवेदी के खेत में सूटकेस खाली हालत में फेंके हुए मिले।मंगलवार सुबह मोहल्ले के लोगों ने टूटे ताले को देखा और तुरंत देवेंद्र तोमर को सूचना दी। इसके बाद बिधूना कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

    इस मामले में बिधूना कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि चोरी की सूचना मिली है और पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस अन्य चोरी की घटनाओं से भी इस वारदात को जोड़कर जांच कर रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्दियों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन अब तक कई मामलों का खुलासा न होने से लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।

  • प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज |प्रयागराज शहर में ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। शहर के एक नामी ज्वेलर्स स्टोर में दो महिलाओं ने शातिर तरीके से करीब 14 लाख रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

    कैसे हुई चोरी?

    जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुईं।उन्होंने पहले सेल्समैन को बातचीत में उलझाया गहने दिखाने के बहाने काउंटर पर ध्यान भटकाया मौका मिलते ही कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गईं पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

    CCTV फुटेज बना अहम सबूत

    सीसीटीवी फुटेज में दोनों महिलाएं बेहद आत्मविश्वास के साथ चोरी को अंजाम देती दिख रही हैं। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।दुकान मालिक की तहरीर पर मामला दर्ज CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज आसपास के इलाकों में छानबीन जारी पुलिस को आशंका है कि दोनों महिलाएं किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं, जो पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

  • कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर के सच्चेडी थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कथित रूप से, स्कॉर्पियो में सवार एक पुलिसकर्मी और उसका साथी मिलकर 14 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण किया और उसके साथ लगभग दो घंटे तक दरिंदगी की। जब लड़की बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे घर के सामने फेंककर भाग गए।

    पीड़िता को अस्पताल भेजा गया

    एक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भाई ने रात में डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    आरोप है कि मिलीभगत के कारण मामला अनदेखा किया गया। मंगलवार को पीड़िता ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

    घटना का विवरण

    पीड़िता ने बताया कि सोमवार रात लगभग 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उसी समय स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया। आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी था। पीड़िता ने कहा, “दोनों ने कार के अंदर मेरे साथ गैंगरेप किया। मैं चीखती रही, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”पीड़िता के भाई के अनुसार, करीब दो घंटे बाद आरोपी लड़की को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग गए। रात लगभग 12 बजे उन्होंने अपनी बहन को बाहर बेहोश पाया और उसे अंदर लाकर होश में लाया। इसके बाद पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सच्चेडी थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो, मेडिकल और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घटना कानपुर और उत्तर प्रदेश में नाबालिग सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर सवाल उठाती है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    वाराणसी में कमिश्नर के वाहन के सामने महिलाओं का धरना, जमीन विवाद का मामला

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई जब कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के कार्यालय के बाहर उनके वाहन के सामने धरने पर बैठ गईं। महिलाओं का आरोप था कि चोलापुर थाने में जमीन विवाद की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।कार्यालय पुलिस आयुक्त के गेट पर धरना देख कैंट पुलिस महिलाओं को समझाकर हटाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए उन्होंने वाहन से उतरकर स्वयं महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने सभी महिलाओं को अपने कार्यालय में बुलाया।

    चोलापुर थाने पर सुनवाई न होने का आरोप

    धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि उनकी जमीन उनकी सास धनों देवी के नाम दर्ज है, लेकिन धनंजय यादव और उसके परिवार के लोग आए दिन उनकी जमीन पर आकर जबरन कब्जा करने का प्रयास करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें धमकाया जाता है और मारपीट की जाती है।महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चोलापुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब कथित आरोपियों को पता चला कि महिलाएं थाने गई हैं, तो वे उनके घर पर चढ़ आए और बच्चों व पुरुषों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।

    पुलिस आयुक्त ने लिया संज्ञान

    थाने से न्याय न मिलने पर महिलाएं सीधे वाराणसी पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने महिलाओं की पूरी बात सुनी और मामले को गंभीर बताया।उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि चोलापुर थाने को इस मामले में निर्देश दे दिए गए हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सुनवाई और कार्रवाई नहीं होती है, तो महिलाएं दोबारा उनसे संपर्क करें

    एक सप्ताह में कार्रवाई का भरोसा

    पुलिस आयुक्त के आश्वासन के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया। प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि जमीन विवाद जैसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।यह मामला एक बार फिर स्थानीय थानों की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन के निर्देशों के बाद चोलापुर थाना इस विवाद में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की हत्या कर दी गई, जबकि दूसरा भतीजा अकरम गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    यह बुलंदशहर हत्या मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, सूफियान अपने भाई अकरम और अधिवक्ता कादिर के साथ गांव में स्थित आम के बाग की पैमाइश करने गया था। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति मौके पर पहुंचा और पैमाइश को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो सवार ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने सूफियान और अकरम को बेरहमी से पीटा और धारदार हथियार से हमला किया।

    गंभीर रूप से घायल सूफियान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अकरम की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम के बाग को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।