Jalaun Murder News: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां युवक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। यह घटना माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बंगरा तिराहा की है। Jalaun Murder News
🔴 ब्रेकिंग | जालौन में युवक की मौत पर बवाल 🔸 सड़क दुर्घटना में युवक की मौत पर परिजनों ने जताया हत्या का शक 🔸 शव को सड़क पर रखकर किया चक्का जाम, आधा सैकड़ा लोग हुए शामिल 🔸 पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी 🔸 क्षेत्राधिकारी बोले – "तहरीर दें, जांच होगी, दोषियों पर… pic.twitter.com/rKPYJB2iNI
मृतक युवक की पहचान अंकित के रूप में हुई है, जो परसों शाम को बाइक से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में दुर्घटना हो गई और अगली सुबह उसका शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और देर शाम परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। Jalaun Murder News
लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए आज सुबह शव को बंगरा तिराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया। उनका आरोप था कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है और शव को फेंका गया है। Jalaun Murder News
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया कि यदि उन्हें हत्या का शक है, तो वे लिखित तहरीर दें और पुलिस पूरी जांच कर उचित कार्रवाई करेगी। इस आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खत्म कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। Jalaun Murder News
यह मामला पुलिस प्रशासन और जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाता है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Balrampur Illegal soil mining: बलरामपुर के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग़ालिबपुर गांव के पास अवैध मिट्टी खनन का बड़ा खुलासा हुआ है। खनन माफिया द्वारा यहां से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर खरदौरी क्षेत्र में डंप की जा रही थी। इस अवैध गतिविधि की भनक लगते ही खनन अधिकारी ने तत्काल मौके पर छापेमारी की और JCB मशीन व डंपर के साथ खनन माफिया को पकड़ा।
🔴 ब्रेकिंग | बलरामपुर में अवैध मिट्टी खनन माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई 🔸 खनन अधिकारी ने ग़ालिबपुर के पास दबिश देकर पकड़ा अवैध मिट्टी खनन 🔸 अवैध मिट्टी जेसीबी और डंपर से श्रीदत्तगंज के खरदौरी में गिराई जा रही थी 🔸 खनन माफिया द्वारा दिनदहाड़े किया जा रहा था मिट्टी खनन का काला… pic.twitter.com/qKOPAvr5CB
जानकारी के अनुसार माफिया दिनदहाड़े प्रशासन को नजरअंदाज कर मिट्टी खनन का काला कारोबार चला रहे थे। छानबीन में सामने आया कि यह कार्य लंबे समय से गुपचुप तरीके से किया जा रहा था।
खनन निरीक्षक बलरामपुर, जिनसे जवाब की अपेक्षा थी, वे मीडिया को बाइट देने से बचते नजर आए, जिससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन से आसपास की जमीनें खराब हो रही हैं और ग्रामीण मार्गों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मचा है।
Fatehpur Murder Case: फतेहपुर में सीसीटीवी कैमरे के विवाद ने एक बुज़ुर्ग कारखाना संचालक की जान ले ली। थाना जहानाबाद क्षेत्र के बिरनई गांव में अंशु अवस्थी नामक युवक ने देर रात सो रहे 62 वर्षीय कालीशंकर उत्तम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए कालीशंकर को अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
🔴 ब्रेकिंग | फतेहपुर में हत्या 🔹 सीसीटीवी कैमरे को लेकर दबंग ने की बुज़ुर्ग की हत्या 🔹 लाठी-डंडों से हमला कर कारखाना संचालक को किया घायल 🔹 रास्ते में अस्पताल ले जाते वक्त हुई मौत 🔹 आरोपी अंशु अवस्थी और एक अन्य के खिलाफ FIR दर्ज 🔹 पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा 🔹… pic.twitter.com/5reNtp3PUe
परिजनों के अनुसार कालीशंकर ने हाल ही में अपनी सुरक्षा के लिए कारखाने में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इसी बात को लेकर गांव का दबंग अंशु अवस्थी नाराज़ था। पहले भी दोनों के बीच विवाद हुआ था और पुलिस ने समझौता करवा दिया था। लेकिन देर रात करीब 12:25 बजे अंशु अवस्थी फिर पहुंचा और सोते हुए कालीशंकर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर बेटे शिवशंकर और परिजन मौके पर पहुंचे तो कालीशंकर लहूलुहान पड़े थे। उन्हें तत्काल अमौली अस्पताल ले जाया गया जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
शिवशंकर ने आरोपी अंशु अवस्थी और एक अज्ञात युवक के खिलाफ थाना जहानाबाद में एफआईआर दर्ज कराई है। थाना अध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
यह घटना न केवल ग्रामीण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे सुरक्षा के उपाय भी कुछ लोगों को नागवार गुजरते हैं।
Kanpur Dehat News: सोचिए क्या हो जब एक पति खुद ही अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा दे? जी हां, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है जो कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली के भग्गा निवादा गांव में घटी। इस मामले में योगेश तिवारी नामक युवक ने अपनी पत्नी सोनी की शादी उसके प्रेमी विकास से स्वयं करवा दी, वो भी गांव के मंदिर में पूरे रीति-रिवाज़ से। Kanpur Dehat News
2010 में हुई थी शादी, फिर रिश्ते में आई दरार– Kanpur Dehat News
योगेश तिवारी की शादी 2010 में बिल्हौर कोतवाली के सांभी गांव की निवासी सोनी से हुई थी। शुरूआत में सब सामान्य था, लेकिन कुछ ही वर्षों में उनके रिश्ते में कड़वाहट आने लगी। आए दिन झगड़े होने लगे। 2016 में सोनी ने योगेश पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया, जिसके बाद से उनके बीच का तनाव और गहरा हो गया।
गायब रहने लगी पत्नी, मिली जान से मारने की धमकी– Kanpur Dehat News
शिकायत दर्ज होने के बाद सोनी अक्सर गांव से गायब रहने लगी और जब भी योगेश सवाल करता, वह उसे जान से मारने की धमकी देती। योगेश का कहना है कि कई बार उसने डर के चलते चुप रहना ही बेहतर समझा।
डेढ़ महीने पहले छोड़ गई घर, फिर लौटी प्रेमी संग– Kanpur Dehat News
करीब डेढ़ माह पूर्व सोनी घर छोड़ कर चली गई थी। 25 जून को वह अपने प्रेमी विकास के साथ गांव लौट आई और पति योगेश से कहने लगी कि वह अब विकास से शादी करके उसी के साथ रहेगी। यह सुनकर योगेश के होश उड़ गए।
योगेश पहुंचा पुलिस चौकी, पुलिस ने जताई असमर्थता
डर के साए में जी रहे योगेश ने तत्काल चिस्ती पुलिस चौकी पहुंचकर पूरी कहानी बताई और अपील की कि सोनी की शादी उसके प्रेमी से करवा दी जाए। लेकिन पुलिस ने इस पर अपनी असमर्थता जताई।
पुलिस से निराश होकर योगेश वापस गांव आया और अपने माता-पिता से विचार-विमर्श किया। अंततः उसने गांव वालों के सामने लिखित सहमति पत्र तैयार करवाया और गांव के मंदिर में सोनी और विकास की शादी करवा दी। शादी के बाद सोनी विकास के साथ चली गई।
हत्या का डर बना कारण
योगेश का मानना है कि मेरठ, इंदौर, और औरैया जैसे कई शहरों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। इसी डर के चलते योगेश ने यह चौंकाने वाला कदम उठाया। उसका मानना है कि यदि उसने ऐसा नहीं किया होता, तो शायद वह अपनी जान से हाथ धो बैठता।
BJP Janjagran Amethi: अमेठी में भारतीय जनता पार्टी द्वारा इमरजेंसी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनजागरण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर सिंह ने अमेठी स्थित भाजपा कार्यालय में जन जागरण गोष्ठी को संबोधित किया और प्रेस से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1975 में कांग्रेस द्वारा लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। BJP Janjagran Amethi
बृज बहादुर सिंह ने कहा कि “आपातकाल के दौरान लोगों की स्वतंत्रता छीन ली गई थी, लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी। निर्दोषों को जेल में डाला गया, प्रदर्शन करने वालों पर गोलियां चलाई गईं, और आम जनमानस को भय और उत्पीड़न के माहौल में जीने पर मजबूर कर दिया गया। यह कांग्रेस की तानाशाही प्रवृत्ति का प्रमाण था।” BJP Janjagran Amethi
उन्होंने आगे कहा कि आज जब इमरजेंसी के 50 साल पूरे हो रहे हैं, भाजपा पूरे देश में जनजागरण अभियान के माध्यम से यह संदेश दे रही है कि कांग्रेस की नीतियां देश विरोधी और लोकतंत्र विरोधी रही हैं। लोगों को उस समय की सच्चाई बताई जा रही है कि किस प्रकार से कांग्रेस ने केवल अपने परिवार और सत्ता को बचाने के लिए देश की जनता को कुचला। BJP Janjagran Amethi
प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद से कोसों दूर है। “यह पार्टी केवल अपने परिवार की भलाई के लिए काम करती है। जब इनके परिवार का कोई सदस्य प्रधानमंत्री नहीं बन पाया तो उन्होंने पर्दे के पीछे से सुपर पीएम बना दिया। असल में सत्ता का संचालन वही कर रहे थे, लेकिन जनता के सामने लोकतंत्र का दिखावा किया गया।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस को लोकतंत्र के नाम पर सिर्फ दिखावा करना आता है। असली लोकतंत्र की रक्षा भाजपा ने की है, जहां आज मीडिया स्वतंत्र है, लोग खुलकर अपने विचार रख सकते हैं, और कोई भी सत्ता का गुलाम नहीं है।
लोकतंत्र के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता- BJP Janjagran Amethi
बृज बहादुर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और राष्ट्रहित में काम करना है। “1975 की इमरजेंसी हमें यह याद दिलाती है कि सत्ता की लालसा में कोई भी पार्टी कैसे देश के संवैधानिक ढांचे को तहस-नहस कर सकती है। भाजपा देश को सचेत कर रही है कि ऐसी गलती दोबारा न हो।”
उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह इस जनजागरण अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि आज की पीढ़ी भी समझ सके कि लोकतंत्र को बचाने की कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी।
सोनभद्र। संवाददाता – मनोज कुमार Sonbhadra murder case: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मराची गांव में हुई गोलीकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। गत 17 जून की रात हुए अमरनाथ यादव हत्याकांड का पुलिस ने आज खुलासा करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी रंजिश और पारिवारिक दुश्मनी इस निर्मम हत्या की वजह बनी। पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
🔴 सोनभद्र बुलेट ब्रेकिंग: अमरनाथ यादव हत्याकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार 🔴
🔸 शाहगंज थाना क्षेत्र के मराची गांव का मामला 🔸 17 जून की रात अमरनाथ यादव की गोली मारकर की गई थी हत्या 🔸 तीन नामजद आरोपी गिरफ्तार: ओमजी पाठक, मंगला गुप्ता और अन्तलाल गुप्ता 🔸 गिरफ्तारी प्रा.… pic.twitter.com/z1al4P6BDO
अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मराची गांव निवासी 55 वर्षीय अमरनाथ यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पुत्र अनिल यादव की तहरीर पर दो नामजद सहित तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर तीन टीमें गठित की गईं थीं। आज सुबह मुखबिर की सूचना पर एसओजी व शाहगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ओमजी पाठक, मंगला गुप्ता और अन्तलाल गुप्ता को प्रा. विद्यालय उमरी के पास से बाइक सहित गिरफ्तार किया गया।
तीनों आरोपी अदालत में पेश होने की तैयारी में थे। पुलिस के डर से मुख्य सड़क की बजाय वैकल्पिक रास्ते से जा रहे थे, तभी गिरफ्त में आ गए। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
हत्या की वजह बना पुराना विवाद– Sonbhadra murder case
गिरफ्तार अभियुक्त मंगला प्रसाद गुप्ता ने बताया कि अमरनाथ यादव ने वर्ष 2023 में उसके माता-पिता के साथ मारपीट की थी, जिससे उसके पिता का हाथ टूट गया था। इस घटना के बाद उनका परिवार मजबूरी में पैतृक संपत्ति बेचकर लालगंज (मीरजापुर) चला गया और फिर सूरत में नौकरी करने लगा। मंगला ने बताया कि अपमान और तकलीफ से आहत होकर उसने अमरनाथ को मारने की योजना बनाई।
रची गई साजिश, अंजाम दिया गया मर्डर– Sonbhadra murder case
मंगला ने अपने दो मित्रों – ओमजी पाठक और अन्तलाल गुप्ता – को इस योजना में शामिल किया। 17 जून की रात तीनों आरोपी बाइक से मराची गांव पहुंचे। अमरनाथ अपने घर के बाहर मच्छरदानी के अंदर सो रहे थे। मंगला और ओमजी दोनों तमंचे लेकर पहुंचे, जबकि अन्तलाल बाइक के पास निगरानी कर रहा था। मंगला ने अमरनाथ के सिर में गोली मार दी। आवाज सुनकर घरवाले जागे तो ओमजी ने भी फायर किया और तमंचा वहीं छोड़कर भाग निकले।Sonbhadra murder case
तीनों आरोपी मीरजापुर भाग गए और अलग-अलग जगहों पर छिपे रहे। कोर्ट में पेशी के लिए आज जा रहे थे कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में एक देसी तमंचा और एक खाली कारतूस बरामद किया गया। Sonbhadra murder case
पुलिस की तत्परता से खुला राज– Sonbhadra murder case
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में एसओजी टीम और शाहगंज पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने यह सफलता मुखबिर की सूचना और तकनीकी सर्विलांस के जरिए हासिल की। पुलिस अब आरोपियों से घटना में प्रयुक्त अन्य हथियार और साजिश से जुड़े सबूत इकट्ठा कर रही है।
Moradabad girl request Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में सोमवार को भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब मुरादाबाद की एक मासूम बच्ची ने शिक्षा के अधिकार की गुहार लगाई। बच्ची ने खुद मुख्यमंत्री से कहा, “मुझे स्कूल में दाखिला दिला दीजिए, पढ़ना है बाबा।” बच्ची की मासूम अपील सुनकर मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए और पूरा प्रशासन हरकत में आ गया।
🔴 ब्रेकिंग मुरादाबाद | 📍 मुख्यमंत्री दरबार में मासूम की गुहार से हिला पूरा सिस्टम ▪️ मुरादाबाद की बच्ची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पढ़ाई के लिए लगाई गुहार ▪️ जनता दरबार में बच्ची के शब्द सुनते ही प्रशासन में मची हलचल ▪️ वायरल वीडियो के बाद सरकार ने दिखाई त्वरित कार्रवाई… pic.twitter.com/bkB2s02IdZ
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने लोगों के दिलों को छू लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह ने केवल कुछ घंटों में बच्ची का नामांकन शहर के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल सी. एल. गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में नि:शुल्क करा दिया।
शिक्षा के अधिकार की गूंज मुख्यमंत्री दरबार तक
बच्ची की यह अपील न केवल प्रशासन को जगा गई, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि यदि सही मंच और नीयत हो, तो शिक्षा जैसे मौलिक अधिकार को हर बच्चा पा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह त्वरित एक्शन उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का उदाहरण बन गया है।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिलाधिकारी अनुज सिंह खुद इस मामले में जुटे और कुछ ही घंटों में बच्ची का एडमिशन पूरा करवा दिया गया। अब यह बच्ची शिक्षा के एक बेहतर मंच पर अपना भविष्य संवार सकेगी।
Amit Shah in Varanasi: धार्मिक, सांस्कृतिक और अब राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन चुकी काशी (वाराणसी) में 24 जून 2025 को मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 25वीं बैठक का आयोजन होने जा रहा है। ताज होटल में आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।
बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, संबंधित राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिवों के साथ-साथ केंद्र सरकार के उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य केंद्र व राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत बनाना, सीमावर्ती समन्वय बढ़ाना और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर मंथन करना है।
बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान शिव की नगरी में ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। काल भैरव मंदिर में दर्शन कर अमित शाह ने काशीवासियों की सुख-समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। उनके स्वागत में पूरे मार्ग पर भव्य सजावट, पुष्प वर्षा और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने काशी की धार्मिक गरिमा को और भी उजागर कर दिया।
रिपोर्ट: अशोक चौहान Kanpur Dehat News: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अपने एक दिवसीय दौरे पर कानपुर देहात पहुंचे, जहां उन्होंने नगर पंचायत अकबरपुर में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव पर तीखे शब्दों में हमला बोला।
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | कानपुर देहात 📍 परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का दौरा, कई कार्यक्रमों में हुए शामिल, सपा पर बोला तीखा हमला ▪️ एक दिवसीय दौरे पर कानपुर देहात पहुंचे यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ▪️ अकबरपुर कस्बे में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का किया लोकार्पण ▪️ अखिलेश यादव… pic.twitter.com/4boGwQoYGU
🏗️ कार्यक्रमों में शिरकत, विकास कार्यों का लोकार्पण– Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने अकबरपुर नगर पंचायत में बनकर तैयार हुए नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद गांव-गांव तक यातायात और परिवहन की सुविधाएं बेहतर करना है।
🗣️ सपा प्रमुख पर निशाना– Kanpur Dehat News
अखिलेश यादव के 2027 में महिलाओं को टिकट और रोजगार देने के वादे पर कटाक्ष करते हुए मंत्री ने कहा:
“अखिलेश यादव को सबसे पहले परिवार से बाहर निकलना चाहिए। सपा में 24 सीटें परिवार के लिए रिजर्व हैं। अगर कोई और राजनीति करना चाहता है, तो 25वें नंबर से शुरुआत करनी होगी।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले दो दर्जन सीटों के भीतर भी महिलाओं को टिकट देने की हिम्मत करनी चाहिए।
कानपुर देहात पहुंचे यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह (फोटो- नेशन नाउ समाचार)
तीन विधायकों के निष्कासन पर प्रतिक्रिया– Kanpur Dehat News
समाजवादी पार्टी द्वारा तीन विधायकों के निष्कासन पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सपा अब सिमटती जा रही है।
“जो लोग मुलायम सिंह यादव के साथ संघर्ष करते हुए पार्टी में आए थे, वे अब दूसरे दलों में शामिल हो रहे हैं। यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी अंदर से बिखर रही है।”
सपा में टूट की ओर इशारा– Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने आगे कहा कि सपा अब वैचारिक रूप से कमजोर हो चुकी है। पार्टी में संघर्ष करने वाले नेताओं की जगह वंशवाद हावी हो गया है, यही वजह है कि लगातार सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक पार्टी को छोड़ रहे हैं।
अकबरपुर कस्बे में नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड का किया लोकार्पण (फोटो- नेशन नाउ समाचार)
परिवहन विभाग की उपलब्धियां- Kanpur Dehat News
दयाशंकर सिंह ने अपने विभाग की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है और विभाग को लाभकारी बनाया है। ओवरलोडिंग और डग्गामारी जैसे मुद्दों पर सख्ती बरतने से विभाग ने अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा, पीपीपी मॉडल के तहत बस स्टेशनों के कायाकल्प की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
कानपुर देहात के लिए भविष्य की योजनाएं- Kanpur Dehat News
मंत्री ने कानपुर देहात के लिए भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में और अधिक परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें सड़क, परिवहन और बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्य शामिल हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।
स्थानीय लोगों ने परिवहन मंत्री के दौरे और परियोजनाओं के उद्घाटन का स्वागत किया। अकबरपुर के निवासियों का कहना है कि नमस्ते चौराहा और बस स्टैंड के शुरू होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार होगा। एक स्थानीय निवासी, रमेश कुमार, ने कहा, “हमारे क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं, यह देखकर खुशी होती है। मंत्री जी का दौरा और उनकी सक्रियता हमें भरोसा देती है कि सरकार हमारे साथ है।”
UP Education Reform: उत्तर प्रदेश में बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए योगी सरकार ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। प्रदेश के 39 जिलों में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय की स्थापना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इन मॉडल स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा एक ही परिसर में प्रदान की जाएगी। शिक्षा क्रांति 2025 के तहत यह योजना राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना का उद्देश्य और महत्व- UP Education Reform
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और तकनीक से युक्त शिक्षा मिले। उत्तर प्रदेश मॉडल स्कूल के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि ये विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र होंगे, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल प्रशिक्षण और खेलकूद की सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।
प्रथम चरण में सभी 75 जिलों में एक-एक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनाए जाएंगे, और दूसरे चरण में प्रत्येक जिले में एक और विद्यालय की स्थापना होगी। इस तरह प्रत्येक जिले में दो मॉडल स्कूल होंगे, जो लाखों बच्चों को आधुनिक शिक्षा का लाभ देंगे।
निर्माण कार्य की प्रगति- UP Education Reform
राज्य सरकार के मीडिया सेल के अनुसार, 39 जिलों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इनमें सीतापुर, बिजनौर, कानपुर देहात, महाराजगंज, अम्बेडकरनगर, बुलन्दशहर, लखीमपुर खीरी, बलिया, सुल्तानपुर, हमीरपुर, रायबरेली, औरैया, अमेठी, हरदोई, अमरोहा, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन, चन्दौली, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, इटावा, मैनपुरी, हापुड़, कौशाम्बी, मऊ, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, गौतमबुद्धनगर, संतकबीरनगर, सम्भल, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, रामपुर, हाथरस, बदायूं, बहराइच, भदोही और बागपत शामिल हैं।
इन जिलों में वित्तीय स्वीकृति और भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, 10 अन्य जिलों में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। शेष जिलों में शासन स्तर पर स्वीकृति और भूमि चयन का काम अंतिम चरण में है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए सरकार ने छह प्रमुख निर्माण एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
विद्यालयों की विशेषताएं- UP Education Reform
मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा एक ही परिसर में प्रदान करेंगे। प्रत्येक स्कूल 5 से 10 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 30 करोड़ रुपये होगी। ये विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जो बच्चों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करेंगे।
इन स्कूलों में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:-
30 स्मार्ट क्लासरूम: डिजिटल बोर्ड और इंटरैक्टिव लर्निंग के लिए।
डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब: तकनीकी ज्ञान और रिसर्च के लिए।
आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला: प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए।
मिनी स्टेडियम और खेल मैदान: बच्चों के शारीरिक विकास के लिए।
कौशल विकास केंद्र: रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए।
शिक्षकों के लिए आवास: शिक्षण कार्य को सुगम बनाने के लिए।
सुरक्षा और सुविधाएं: सीसीटीवी निगरानी, वाई-फाई, स्वच्छ जल और शौचालय।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
इन विद्यालयों में न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों को डिजिटल साक्षरता, तकनीकी कौशल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही, खेलकूद और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का समग्र विकास होगा।
एक स्थानीय अभिभावक, रमेश कुमार ने कहा, “हमारे बच्चों को अब गाँव में ही शहर जैसे स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। यह योजना हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।”
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को शिक्षा के क्षेत्र में गेम-चेंजर बताया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी मुख्यधारा में लाएगी। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
भविष्य की योजना
पहले चरण के बाद, दूसरे चरण में प्रत्येक जिले में एक और मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने प्रदेश की 8,000 न्याय पंचायतों में भी सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई है। इन स्कूलों में 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है। यह योजना न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद करेगी। सरकार की इस पहल से लाखों परिवारों को लाभ होगा, और उत्तर प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगा।