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Category: उत्तर प्रदेश

  • Amrapali River View Society Protest: बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भड़के आम्रपाली रिवर व्यू के निवासी, सड़क पर किया जोरदार प्रदर्शन

    Amrapali River View Society Protest: बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भड़के आम्रपाली रिवर व्यू के निवासी, सड़क पर किया जोरदार प्रदर्शन

    Amrapali River View Society Protest: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अपने सपनों का आशियाना बनाने की उम्मीद में फ्लैट खरीदने वाले निवासियों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले घर पाने के लिए लंबा संघर्ष और अब घर मिलने के बाद मूलभूत सुविधाओं के लिए जद्दोजहद। आम्रपाली रिवर व्यू सोसाइटी के निवासियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन) और कोर्ट रिसीवर (सीआर) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

    प्रोटेस्ट मार्च और निवासियों की मांगें- Amrapali River View Society Protest

    पिछले रविवार को आम्रपाली रिवर व्यू सोसाइटी के निवासियों ने काली पट्टियां बांधकर और हाथों में तख्तियां लेकर रिवर व्यू सोसाइटी से गौर प्रोजेक्ट के मुख्य द्वार तक प्रोटेस्ट मार्च निकाला। प्रदर्शन में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे, जो एनबीसीसी और गौर बिल्डर की कथित अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में मूलभूत सुविधाएं जैसे पार्किंग, लिफ्ट, पार्क और क्लब हाउस की कमी है, जिसके लिए बिल्डर ने पहले वादा किया था।

    निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में 13,208 फ्लैट्स हैं, लेकिन केवल 50% फ्लैट्स के लिए ही पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे हर दिन पार्किंग को लेकर झगड़े और तनाव की स्थिति बनी रहती है। एक निवासी, दीपक ने कहा, “हमने अपने मेहनत की कमाई से फ्लैट खरीदा, लेकिन बिल्डर ने जो वादे किए, वे पूरे नहीं किए। पार्किंग का मुद्दा सबसे बड़ा है, जिसके कारण हमारी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।”

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    लिफ्ट और पार्क की समस्या- Amrapali River View Society Protest

    सोसाइटी में लिफ्ट की स्थिति भी चिंताजनक है। बारिश के मौसम में ओपन लॉबी के कारण लिफ्ट शाफ्ट में पानी भर जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक पैनल खराब हो जाते हैं। कई बार लिफ्ट में लोग फंस चुके हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने लिफ्ट की मरम्मत और रखरखाव को प्राथमिकता देने की मांग की है।

    इसके अलावा, सोसाइटी में बच्चों के लिए कोई पार्क या हरियाली वाला क्षेत्र नहीं है। निवासियों ने पोडियम पर ग्रीन जोन विकसित करने की मांग की ताकि बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित जगह मिल सके। एक अन्य निवासी, संजय ने कहा, “हमारे बच्चे कहां खेलें? सोसाइटी में एक भी पेड़ या पार्क नहीं है। बिल्डर ने ग्रीनलैंड को गौर बिल्डर को बेच दिया, जिससे हमारी सुविधाएं छिन गईं।”

    गौर बिल्डर पर धोखाधड़ी का आरोप- Amrapali River View Society Protest

    निवासियों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि एनबीसीसी ने सोसाइटी की ग्रीनलैंड को गौर बिल्डर को सस्ते दामों पर बेच दिया। उनका दावा है कि इस सौदे में पारदर्शिता नहीं बरती गई और निवासियों को उनके हक से वंचित किया गया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमें पार्किंग और ग्रीन एरिया के जो वादे बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) और अलॉटमेंट लेटर में किए गए थे, वे पूरे नहीं किए गए। हम चाहते हैं कि हमें पार्किंग की पूरी जानकारी दी जाए और हमारा हक मिले।”

    क्लब हाउस: नाम का ढांचा, सुविधा शून्य- Amrapali River View Society Protest

    सोसाइटी के निवासियों ने क्लब हाउस को लेकर भी नाराजगी जताई। बिल्डर ने फ्लैट खरीदारों से क्लब हाउस के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया था, लेकिन मौके पर केवल एक खाली ढांचा मौजूद है। कोई सुविधा जैसे जिम, स्विमिंग पूल या कम्युनिटी हॉल उपलब्ध नहीं है। निवासियों ने इसे बिल्डर की वादाखिलाफी करार दिया।

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    डीएलपी बढ़ाने की मांग

    निवासियों ने एनबीसीसी की उदासीनता को देखते हुए डिफेक्ट्स लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) को एक साल और बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि सोसाइटी में निर्माण संबंधी कई खामियां हैं, जैसे दीवारों में दरारें और खराब क्वालिटी का काम। इन समस्याओं के समाधान के लिए बिल्डर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

    भविष्य की चेतावनी

    प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। निवासियों ने हर रविवार को प्रदर्शन करने का ऐलान किया है और सुप्रीम कोर्ट से भी हस्तक्षेप की मांग की है। एक निवासी, ऋषि ने कहा, “हमारा धैर्य अब खत्म हो चुका है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम कानूनी और सामाजिक स्तर पर अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे।”

    आम्रपाली रिवर व्यू सोसाइटी का यह प्रदर्शन न केवल बिल्डर की मनमानी को उजागर करता है, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अन्य सोसाइटीज के निवासियों की समस्याओं को भी सामने लाता है। निवासियों की मांग है कि उनकी मेहनत की कमाई का सम्मान हो और उन्हें वह सुविधाएं मिलें, जिनका वादा किया गया था। अब यह देखना होगा कि एनबीसीसी और प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं।


  • Akhilesh Yadav action: समाजवादी पार्टी ने तीन बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, अमित शाह से मुलाकात बनी कारण

    Akhilesh Yadav action: समाजवादी पार्टी ने तीन बागी विधायकों को पार्टी से निकाला, अमित शाह से मुलाकात बनी कारण

    Akhilesh Yadav action: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने तीन प्रमुख विधायकों – अमेठी की गौरीगंज सीट से राकेश प्रताप सिंह, रायबरेली की ऊंचाहार सीट से मनोज पांडेय और अयोध्या की गोसाईगंज सीट से अभय सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह फैसला सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लिया, जिन्होंने इन विधायकों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ नजदीकी बढ़ाने का आरोप लगाया। यह कदम सपा की विचारधारा और अनुशासन को बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

    बागी विधायकों की बीजेपी से बढ़ती नजदीकी- Akhilesh Yadav action

    पिछले कुछ समय से ये तीनों विधायक सपा की विचारधारा से हटकर काम कर रहे थे। विशेष रूप से, 2024 के राज्यसभा चुनाव में इन विधायकों ने सपा के प्रत्याशियों के बजाय बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों को वोट दिया था। इस क्रॉस वोटिंग ने सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की हार का कारण बना, जबकि बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ को जीत मिली। इस घटना ने सपा के भीतर गहरी नाराजगी पैदा की थी।

    इसके अलावा, हाल ही में इन तीनों विधायकों की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी। यह मुलाकात उस समय हुई जब बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की रणनीति बना रही थी। सपा ने इसे पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ माना और इन विधायकों को निष्कासित करने का फैसला लिया।

    सपा का सख्त रुख: विचारधारा से कोई समझौता नहीं- Akhilesh Yadav action

    समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा कि इन विधायकों ने “सांप्रदायिक, विभाजनकारी और नकारात्मक विचारधारा” का समर्थन किया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि ये विधायक किसान, महिला, युवा, कारोबारी, नौकरीपेशा और सपा की ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विचारधारा के खिलाफ काम कर रहे थे।

    सपा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन विधायकों को सुधार का मौका दिया गया था, लेकिन उनकी ‘अनुग्रह अवधि’ अब समाप्त हो चुकी है। पार्टी ने यह भी कहा कि भविष्य में भी जन-विरोधी और पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

    सात बागी विधायकों में से तीन पर कार्रवाई- Akhilesh Yadav action

    2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इनमें राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या शामिल थे। हालांकि, सपा ने अभी केवल तीन विधायकों को निष्कासित किया है। शेष चार विधायकों – राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्या को सपा ने उनके हाल के व्यवहार में सुधार के आधार पर अभी और समय दिया है।

    सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि बाकी विधायकों ने पीडीए के प्रति अपनी आस्था दिखाई है, जिसके कारण उन्हें अभी पार्टी में रखा गया है। यह कदम सपा के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वह अपनी विचारधारा को बनाए रखने के साथ-साथ पार्टी के भीतर एकता को भी प्राथमिकता दे रही है।

    बीजेपी के साथ नजदीकी: क्या होगा अगला कदम?- Akhilesh Yadav action

    इन तीनों विधायकों की बीजेपी के साथ बढ़ती नजदीकी ने सवाल उठाए हैं कि क्या ये विधायक अब बीजेपी में शामिल होंगे। मनोज पांडेय पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, और राकेश प्रताप सिंह व अभय सिंह भी बीजेपी नेताओं के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में थे। हालांकि, बीजेपी ने अभी तक इन विधायकों को कोई बड़ा ऑफर नहीं दिया है, और लोकसभा चुनाव में इन विधायकों की सीटों पर बीजेपी को कोई खास फायदा भी नहीं मिला।

    सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इन विधायकों को विधान परिषद या अन्य छोटे पदों पर समायोजित करने पर विचार कर सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये विधायक अपनी सीटों पर फिर से जीत हासिल कर पाएंगे। अगर इनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होती है, तो उपचुनाव की स्थिति बन सकती है, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

    सपा की रणनीति और भविष्य- Akhilesh Yadav action

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपनी विचारधारा और अनुशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव और 2026 के पंचायत चुनाव को देखते हुए सपा ने संगठन में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। हाल ही में कुशीनगर को छोड़कर सभी जिलों की कार्यकारिणी भंग की गई है, ताकि एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत को लागू किया जा सके।

    यह कदम सपा की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह अपनी छवि को और मजबूत करना चाहती है। अखिलेश यादव ने बार-बार जोर दिया है कि सपा सामाजिक न्याय, समानता और पीडीए की विचारधारा पर आधारित है। इस निष्कासन के जरिए सपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो भी इस विचारधारा के खिलाफ जाएगा, उसे पार्टी में जगह नहीं मिलेगी।

    समाजवादी पार्टी का यह सख्त कदम न केवल बागी विधायकों के लिए एक सबक है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी हो सकता है। राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय और अभय सिंह का निष्कासन सपा की विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना यह होगा कि ये विधायक बीजेपी के साथ अपनी सियासी राह कैसे बनाते हैं और सपा इस स्थिति का फायदा उठाकर अपनी स्थिति को और मजबूत करने में कितनी सफल होती है।

    सोर्स- ETV BHARAT

  • Noida Share Market Fraud: नोएडा में शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 33.92 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार

    Noida Share Market Fraud: नोएडा में शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर 33.92 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार

    Noida Share Market Fraud: शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर नोएडा निवासी से ₹33,92,161 की धोखाधड़ी करने वाले तीन साइबर ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये ठग लोगों को शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर फंसा रहे थे और फिर लाखों रुपये की ठगी कर फरार हो जाते थे।

    इस मामले में थाना साइबर क्राइम, नोएडा में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद एडीसीपी साइबर क्राइम मनीषा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि पीड़ित से झूठे प्रलोभन देकर करीब 34 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए थे। पुलिस ने राजस्थान से तीन साइबर अपराधियों – महेन्द्र, दिनेश और विकास – को गिरफ्तार किया।

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    पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दिनेश एक फर्जी कंपनी का प्रोपराइटर था, जिसे ठगी के पैसे को ‘डायल्यूट’ करने के लिए खोला गया था। वहीं महेन्द्र कंपनी का मेंडेट सिग्नेचर अथॉरिटी था और विकास इस गिरोह में पैसे की सेटिंग का काम करता था।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने अपनी कंपनी में 4.20 लाख रुपये की साइबर ठगी से प्राप्त राशि जमा की थी। इनके द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच के दौरान एनसीआरपी पोर्टल पर देशभर से कुल 11 शिकायतें सामने आई हैं। इनमें कर्नाटक (4), महाराष्ट्र (3), तमिलनाडु (2), उत्तर प्रदेश (1), और पश्चिम बंगाल से भी शिकायतें मिली हैं।

    एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खातों को फ्रीज कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे लुभावने प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक या इन्वेस्टमेंट से जुड़ी जानकारी न दें।

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  • 11th International Yoga Day:गोरखपुर में सीएम योगी ने किया योग, दिया स्वस्थ भारत का संदेश

    11th International Yoga Day:गोरखपुर में सीएम योगी ने किया योग, दिया स्वस्थ भारत का संदेश

    11th International Yoga Day: विश्व भर में योग की महत्ता को बढ़ावा देने वाला 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस गोरखपुर में उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रवि किशन शुक्ला ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, छात्र, चिकित्सक, और स्वयंसेवी संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    सांसद रवि किशन ने योग को भारत की अनमोल धरोहर बताते हुए कहा, “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को शुद्ध करने की कला है। यह भारत की संस्कृति का ऐसा उपहार है, जिसे आज विश्व ने अपनाया है।” उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। 11th International Yoga Day

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से योग आज वैश्विक स्तर पर एक आंदोलन बन चुका है। योगी ने जोर देकर कहा, “योग स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच का आधार है, जो हमें समृद्ध और समर्थ भारत की ओर ले जाता है।”


    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर निगम के अधिकारी, और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी योगासनों का प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। सामूहिक योग सत्र के बाद सभी ने मिलकर “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत” के लिए संकल्प लिया। 11th International Yoga Day

    इस आयोजन ने न केवल योग के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि गोरखपुरवासियों में एकता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “ऐसे आयोजनों से हमारी युवा पीढ़ी योग के प्रति प्रेरित होती है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि गोरखपुर योग के इस उत्सव का हिस्सा बना।” 11th International Yoga Day

    गोरखपुर का यह योग कार्यक्रम एक बार फिर साबित करता है कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। आइए, हम सभी योग को अपनाकर स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें। 11th International Yoga Day

  • Barabanki Police Encounter: बाराबंकी में मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की नकदी और पान मसाला बरामद

    Barabanki Police Encounter: बाराबंकी में मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी की नकदी और पान मसाला बरामद

    Barabanki Police Encounter: बाराबंकी जिले की पुलिस और स्वाट टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं और लखनऊ व बाराबंकी में कई आपराधिक मामलों में वांछित थे।

    पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान फतेहपुर पुलिस को सूचना मिली कि ताल गांव नहर पटरी पुलिया पर दो संदिग्ध व्यक्ति खड़े हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दोनों को रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया और दूसरा भी पकड़ लिया गया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज उर्फ भागी निवासी मोहम्मदपुर खाला और समर सिंह उर्फ पपली निवासी जलालपुर थाना रामनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से ₹10,000 नकद, अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और चोरी किया गया पान मसाला बरामद किया है।

    पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने 3-4 जून की रात फतेहपुर के बेहटी गांव में एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात और महंगा पान मसाला भी चोरी किया गया था। ये दोनों अपराधी पहले से ही लखनऊ और बाराबंकी में कई आपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं। मामले में अभी भी दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि दोनों अपराधी बेहद शातिर हैं और लंबे समय से पुलिस के रडार पर थे। इनकी गिरफ्तारी से फतेहपुर क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद है।

  • Sonbhadra Doda Posta: सोनभद्र में 1.80 करोड़ कीमत का डोडा पोस्त बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

    Sonbhadra Doda Posta: सोनभद्र में 1.80 करोड़ कीमत का डोडा पोस्त बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

    Sonbhadra Doda Posta: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने नशीले पदार्थों की तस्करी का एक बड़ा मामला उजागर किया है। बीती रात करीब 01:25 बजे, राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हिन्दुआरी तिराहा पर चेकिंग के दौरान एक मिनी ट्रक से 1806.56 किलोग्राम डोडा पोस्ता बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹1.80 करोड़ आंकी गई है।

    गश्त कर रही STF और राबर्ट्सगंज पुलिस को एक संदिग्ध ट्रक देखकर उसे जांच के लिए रोका गया। जब ट्रक की तलाशी ली गई तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडा पोस्ता मिला। मौके से दो तस्करों – अकरम खां और मोहम्मद आरिफ (दोनों बरेली निवासी) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे रांची (झारखंड) से यह मादक पदार्थ लेकर बरेली जा रहे थे और इसके एवज में उन्हें मोटी रकम मिलने वाली थी।

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में एक और व्यक्ति, अनिस अंसारी, भी संलिप्त है जिसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 8/18/25/29/60 NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

    अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने बताया कि “इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन-कौन हैं, उनकी तलाश जारी है। पुलिस की टीम अन्य वांछित तस्करों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।” यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों के लिए बड़ा झटका है और पुलिस के लिए एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

  • Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद के मुरादनगर थाने के बाहर बुधवार रात जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव मिल्क रावली निवासी 35 वर्षीय रवि शर्मा की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह अपने भाई के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। चार गोलियां लगने से रवि की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। Ghaziabad murder

    बताया जा रहा है कि गांव में कार निकालने को लेकर अजय चौधरी और मोंटी से रवि का विवाद हो गया था। विवाद के बाद अजय अपने साथियों के साथ पहले रवि के घर पहुंचा और मारपीट की। रवि ने इस घटना की शिकायत के लिए थाने का रुख किया, लेकिन थाने के गेट पर पहले से मौजूद अजय और मोंटी ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    रवि के भाई विकास शर्मा ने बताया कि हमलावरों के बारे में पहले ही पुलिस को जानकारी दे दी गई थी, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए।

    पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अजय चौधरी हाल ही में जेल से बाहर आया था और पहले भी एक बलात्कार के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज व चश्मदीद गवाहों की मदद से हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

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  • Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: कहते हैं, गरीब का सपना पूरा होने से पहले टूट जाता है। मैनपुरी के अकबरपुर गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। ओम शरण कठेरिया, एक दलित किसान, जिन्हें 2003 में एसडीएम ने मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिया था। उस वक्त उनकी जेब खाली थी, मकान बनाने का सपना सिर्फ सपना ही रहा। सालों की मेहनत के बाद, जब ओम शरण ने अपने परिवार के लिए पट्टे की जमीन पर छत डालनी शुरू की, तो अचानक बुलडोजर आ गया। एसडीएम घिरोर प्रसून कश्यप, पुलिस और राजस्व टीम के साथ पहुंचे और उनके आधे बने मकान को अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया। Mainpuri Bulldozer Action

    जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि ओम शरण की जमीन की पैमाइश नहीं हुई थी। पट्टे में दी गई जमीन का सही चिन्हांकन न होने से वह जिस जगह मकान बना रहे थे, वह गलत निकली। सुनकर मन सवाल उठाता है—जब पट्टा दिया था, तो जमीन की निशानदेही क्यों नहीं की गई? गरीब को घर का हक देकर उसका सपना तोड़ा क्यों? जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर आगे भी चलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सरकारी या ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा न करें, वरना कानूनी कार्रवाई होगी। Mainpuri Bulldozer Action

    यह सिर्फ ओम शरण की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम गरीबों की है, जिन्हें सिस्टम के चक्कर में उलझा दिया जाता है। मैनपुरी में अतिक्रमण रोकना जरूरी है, लेकिन क्या प्रशासन पहले सही नक्शा और पट्टे की जमीन का ब्योरा सुनिश्चित नहीं कर सकता? ओम शरण जैसे लोग अब क्या करें? उनका हक कौन देगा? यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि गरीबों के लिए न्याय का रास्ता इतना मुश्किल क्यों है? Mainpuri Bulldozer Action

    ये भी पढ़ें- Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

  • Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के रायपुर भसरौल गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन किसानों की मिट्टी के टीले के नीचे दबकर मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब तीनों किसान भैंसें चरा रहे थे और तेज धूप से बचने के लिए एक टीले की छांव में बैठ गए। अचानक टीला धंस गया और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

    भैंसों को पानी पिलाने ले गए थे किसान- Fatehpur farmers death

    मृतकों की पहचान रायपुर भसरौल गांव के मजरे चंदवाइन डेरा निवासी दुलारे पासवान (60), शिवमोहन यादव (65) और तरह मड़ौली गांव निवासी रमेश निर्मल (55) के रूप में हुई है। यह तीनों सुबह जंगल की ओर भैंस चराने निकले थे। दोपहर के समय जब गर्मी तेज हो गई तो वे यमुना नदी किनारे भैंसों को पानी पिलाने ले गए। इस दौरान तीनों चरवाहे नदी किनारे बने मिट्टी के एक टीले की छांव में आराम कर रहे थे, तभी टीला अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। Fatehpur farmers death

    टीला धंसने से तीन किसानों की मौत (फोटो क्रेडिट- नेशन नाव समाचार)

    हादसे के वक्त थोड़ी दूरी पर बैठा एक अन्य चरवाहा घटनास्थल की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। गांव वालों ने मौके पर पहुंच कर टीले को हटाने की कोशिश की और तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। Fatehpur farmers death

    सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची- Fatehpur farmers death

    सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी खागा बृजमोहन राय ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। किशनपुर थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। Fatehpur farmers death

    तीनों किसानों की एक साथ मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

  • Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 257 तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को छह नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें दो बुजुर्ग और एक युवा डॉक्टर शामिल हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कार्यरत 27 वर्षीय डॉक्टर की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। उन्हें बीते तीन दिन से बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे, जिसके बाद उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल डॉक्टर होम आइसोलेशन में ही उपचार ले रहे हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    75 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई- Lucknow Corona Cases Rise

    वहीं, हजरतगंज स्थित एक प्रसिद्ध रेमंड शोरूम के 75 वर्षीय मालिक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें 15 जून से हल्का बुखार और सर्दी की शिकायत रही। स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर उन्होंने भी खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। Lucknow Corona Cases Rise

    इसके अलावा आशियाना इलाके के 81 वर्षीय बुजुर्ग भी संक्रमित पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बीते 15 दिनों से वह बीमार चल रहे थे और पहले टायफाइड की पुष्टि हुई थी, लेकिन साथ ही उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। अब उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।

    राजधानी में अब तक इस सीजन में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

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    सोर्स- ETV BHARAT