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Category: उत्तर प्रदेश

  • Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: संविधान सम्मान और जनहित हुंकार यात्रा के तहत बाराबंकी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और अब जनता पार्टी प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने आज एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती को उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री बताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला।

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने बाराबंकी के चौहान गेस्ट हाउस में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मायावती का शासन और उनकी कानून व्यवस्था की धमक सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में महसूस की जाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह बात अलग है कि अब मायावती ने बाबा साहब अंबेडकर और कांशीराम के सिद्धांतों से दूरी बना ली है, इसलिए जनता ने भी उनसे दूरी बना ली है।” Swami Prasad Maurya statement

    मौर्य ने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद संविधान की रक्षा, जनहित के मुद्दे और सामाजिक न्याय को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से वे जनता को जागरूक कर रहे हैं कि भाजपा सरकार किस तरह संविधान विरोधी नीतियों को लागू कर रही है।

    उन्होंने भाजपा को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकने की बात करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि जनता की आवाज बनना है। भाजपा की नीतियां गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी हैं।”

    सपा और पीडीए गठबंधन पर तंज- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के पीडीए गठबंधन को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि “सपा को बाबा साहब अंबेडकर की मूल विचारधारा की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में उनका गठबंधन सिर्फ दिखावा है।”

    अकेले लड़ेंगे चुनाव, पर गठबंधन से इनकार नहीं- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि पंचायत और विधानसभा चुनावों में वे अपनी जनता पार्टी के बैनर तले अकेले लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को हराने के लिए किसी दल से गठबंधन करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

    उन्होंने याद दिलाया कि वे कभी पद की लालसा में राजनीति नहीं करते। “मैंने मंत्री पद छोड़ा, एमएलसी पद छोड़ा, सपा में रहते हुए कई सीटें जिताईं। लेकिन अब समय आ गया है कि मैं अकेले मैदान में उतरूं और जनता से सीधा संवाद करूं,” उन्होंने कहा। Swami Prasad Maurya statement

    📢 बाइट – स्वामी प्रसाद मौर्य

    "मायावती जैसी मुख्यमंत्री आज तक नहीं हुई। लेकिन अब उन्होंने मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। भाजपा को हराने की लड़ाई में मैं अकेला भी तैयार हूं, और जरूरत पड़ी तो गठबंधन के लिए भी।"
  • Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी रामलली का मंगलवार देर रात निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम रामपुर सुकेती की रहने वाली रामलली अपने पोते का नाम हत्या मामले में आने के बाद से सदमे में थीं।

    परिजनों के अनुसार, रामलली बीते कई दिनों से टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स से मानसिक रूप से परेशान थीं। वह लगातार अपने पोते को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदार सोनम को ठहराती रहीं। उन्होंने कई बार कहा कि “मेरा बेटा बेकसूर है, उसे फंसाया जा रहा है।”

    Raja Raghuwanshi murder update

    बताया गया कि राज कुशवाहा कई वर्षों पूर्व अपने पिता के साथ इंदौर मजदूरी करने गया था, जहां वह सोनम के पिता की फैक्ट्री में काम करने लगा। यहीं से सोनम और राज का प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो आगे चलकर देश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ गया। Raja Raghuwanshi murder update

    Raja Raghuwanshi murder update

    जैसे-जैसे केस में पुलिस जांच गहराती गई, वैसे-वैसे राज कुशवाहा का नाम उभरता गया। जब लोगों को पता चला कि वह फतेहपुर के रामपुर सुकेती गांव का रहने वाला है, तो गांव में सनसनी फैल गई। Raja Raghuwanshi murder update

    रामलली अपने पोते की लगातार मीडिया कवरेज देखकर आहत थीं। परिजन बताते हैं कि वह हर दिन अखबारों में राज की तस्वीर और टीवी पर खबरें देखती थीं और सदमे में चली जाती थीं। मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।

    गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे हैं। वहीं परिजन अब भी दावा कर रहे हैं कि राज कुशवाहा निर्दोष है और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। Raja Raghuwanshi murder update

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  • Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: मेरठ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा सौरभ हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए हैं। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जब सामने आया कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट में छिपा दिया। Meerut Saurabh Murder Case

    मुस्कान और उसके प्रेमी ने की थी सौरभ की हत्या! – Meerut Saurabh Murder Case

    यह दिल दहला देने वाला मामला मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर का है। 3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी। दोनों ने पहले सौरभ को बेहोश किया, फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़ों को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। बाद में शव को एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से ढक दिया गया। इसके बाद दोनों घूमने निकल गए ताकि शक न हो। Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को खुला हत्या का राज- Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को जब हत्या का राज खुला तो पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट हुआ जो पॉजिटिव निकला। पुलिस ने इस हत्याकांड की गहन विवेचना कर 12 मई को अदालत में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें प्रेम प्रसंग को हत्या का मुख्य कारण बताया गया। Meerut Saurabh Murder Case

    सोमवार को गुप्त रूप से मुस्कान और साहिल को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया, ताकि कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो। अदालत ने चार्जशीट के आधार पर हत्या और सबूत मिटाने सहित चार आरोप तय किए। अगली सुनवाई के लिए 23 जून की तारीख तय की गई है। अभियोजन पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया गया है। Meerut Saurabh Murder Case

    केस में कुल 34 गवाह बनाए गए

    डीजीसी क्राइम कृष्ण कुमार चौभे ने बताया कि इस केस में कुल 34 गवाह बनाए गए हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित हर पहलू की गहनता से जांच की है। जैसे – बेहोश करने के लिए इस्तेमाल की गई दवाई किस मेडिकल स्टोर से खरीदी गई, सीमेंट और ड्रम कहां से खरीदे गए – इन सभी स्थानों पर पुलिस गई और फोटो दिखाकर पहचान भी करवाई गई।

    उन्होंने कहा कि यह मामला अपने आप में बहुत ही क्रूर और दुर्लभ है, जिसमें पूरी योजना बनाकर पहले बेहोश किया गया, फिर हत्या की गई और शव को सीमेंट में छिपा दिया गया। डीजीसी का कहना है कि वह इस केस में अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

    मृतक सौरभ के भाई को गवाह के रूप में तलब किया गया है, जिसकी पेशी 23 जून को तय है। यह केस इसलिए भी विशेष बन गया है क्योंकि इस प्रकार की हत्या जिसमें महिला आरोपी हो और इतना सोचा-समझा प्लान हो, दुर्लभ होती है।

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  • Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट, एक युवक गंभीर रूप से घायल

    Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ में केमिकल फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट, एक युवक गंभीर रूप से घायल

    Aligarh Factory Blast: अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र के नादा बाजिदपुर में एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी। यह हादसा इतना भयावह था कि विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री से एक केमिकल ड्रम के टुकड़े हवा में उछलकर आसपास के क्षेत्र में बिखर गए। इनमें से कुछ टुकड़े पास के एक मकान में जा गिरे, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की, जबकि पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह विस्फोट केमिकल ड्रम में अत्यधिक दबाव के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम जांच में जुटी है।

    यह घटना क्षेत्र में फैक्ट्रियों के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए। प्रशासन ने अब फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की गहन जांच करने का आश्वासन दिया है।

    पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने की मांग को भी तेज कर दिया है।

    आने वाले दिनों में इस जांच के नतीजे सामने आएंगे, जो इस हादसे के पीछे की वजह को स्पष्ट करेंगे। तब तक, प्रशासन और पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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  • JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: मछली दानों में छिपा था गांजा! झांसी में 90 लाख की खेप पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

    JHANSI GANJA SMUGGLING: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मछली दाने के बीच छिपाकर तस्करी किया जा रहा 90 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गांजे की भारी खेप को डीसीएम ट्रक के जरिए राज्य से बाहर पहुंचाने की फिराक में थे।

    एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने मीडिया को बताया कि पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि झांसी-कानपुर हाईवे पर एक डीसीएम ट्रक में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही मोंठ थाना पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और तलाशी ली।

    जांच के दौरान हरियाणा नंबर के डीसीएम ट्रक से 2 कुंतल 30 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसे बड़ी चालाकी से मछली के दाने के नीचे छिपाया गया था।

    गिरफ्तार हुए तस्कर

    इस मामले में पुलिस ने राहुल कुमार (36) निवासी बिजनौर और जयप्रकाश पासवान (35) निवासी दरभंगा, बिहार को मौके से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह गांजा छत्तीसगढ़ से लाया गया था, जिसे आगे किसी अन्य राज्य में सप्लाई किया जाना था।

    अंतरराज्यीय गैंग से संबंध

    गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि गांजा तस्करी के इस नेटवर्क में उनके दो और साथी शामिल हैं—यूसुफ अंसारी (बरेली निवासी) और पवन पांडेय (प्रतापगढ़ निवासी)। ये दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    कैसे छिपाया गया था गांजा?

    गांजे को इस तरह छिपाया गया था कि उसे देखना और पकड़ना आसान न हो। मछली के चारे के बोरे के बीच गांजा भरा गया था, ताकि ट्रक की तलाशी के दौरान शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

    नशे के खिलाफ सख्ती

    झांसी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। आए दिन यूपी के विभिन्न जिलों में नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिस तरह यह तस्करी हो रही थी, वह बेहद शातिर तरीका था। एसएसपी ने साफ किया कि मादक पदार्थों की तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।\

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  • Jaunpur triple murder: जौनपुर तिहरे हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

    Jaunpur triple murder: जौनपुर तिहरे हत्याकांड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद

    Jaunpur triple murder: जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा अंडरपास के पास बीते 25 मई को हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों – प्रिन्स निषाद निवासी केराकत और सौरभ बिन्द निवासी सरपतहां – को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। Jaunpur triple murder

    गौरतलब है कि इस हत्याकांड में बदमाशों ने पिता लालजी और उनके दो बेटे गुड्डू कुमार एवं यादवीर की लोहे की रॉड और हथौड़े से निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए हैं। Jaunpur triple murder

    इस मामले में पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह पुरानी जमीन से जुड़ा विवाद, मुकदमेबाजी और महिलाओं से दुर्व्यवहार को लेकर उत्पन्न नाराजगी थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की योजना और क्रियान्वयन की बात स्वीकार कर ली है। Jaunpur triple murder

    सीओ देवेश कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोच लिया। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है ताकि अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी स्पष्ट की जा सके। पुलिस प्रशासन की यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।

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  • Mirzapur Illegal sand mining: जोपा गांव में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का शिकंजा, ट्रैक्टर-ट्राली सीज

    Mirzapur Illegal sand mining: जोपा गांव में अवैध बालू खनन पर प्रशासन का शिकंजा, ट्रैक्टर-ट्राली सीज

    Mirzapur Illegal sand mining: मीरजापुर (विंध्याचल) के जोपा गांव में रविवार सुबह अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्राली को सीज कर दिया। यह छापेमारी विंध्याचल थाना क्षेत्र की नदिनी चौकी अंतर्गत की गई, जिसमें एसडीएम सदर गुलाब चंद्र, खान अधिकारी जितेंद्र सिंह और नायब तहसीलदार चंद्रगुप्त सागर के नेतृत्व में पुलिस बल शामिल रहा।

    छापेमारी के दौरान बालू से लदा ट्रैक्टर-ट्राली खेत में खड़ा मिला, जिसे देखकर चालक मौके से फरार हो गया। प्रशासन ने दो जेसीबी मशीनों की मदद से ट्रैक्टर को बाहर निकलवाया और उसे खान अधिकारी के वरिष्ठ सहायक दीपक द्वारा गैपुरा चौकी तक पहुंचाया गया।

    Mirzapur Illegal sand mining

    एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने बताया कि जोपा और कछुआ सेंचुरी गोगांव क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सीज किए गए ट्रैक्टर को गैपुरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गोगांव क्षेत्र में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    हालांकि, अब तक गोगांव में कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिसका प्रमुख कारण पुलिस का अपर्याप्त सहयोग और कुछ स्थानीय माफियाओं को संरक्षण मिलना माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की सक्रियता को तो दर्शाया है, लेकिन खनन माफियाओं की पकड़ को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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  • Bareilly Candle March: अहमदाबाद विमान हादसे पर फरीदपुर में कैंडल मार्च, सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

    Bareilly Candle March: अहमदाबाद विमान हादसे पर फरीदपुर में कैंडल मार्च, सैकड़ों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

    Bareilly candle march: अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए बरेली जनपद के फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की स्थानीय इकाई ने एक भावुक कैंडल मार्च का आयोजन किया। Bareilly candle march

    यह श्रद्धांजलि मार्च भारत माता मंदिर से प्रारंभ होकर ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक गया। मोमबत्तियों की रौशनी में केवल प्रकाश नहीं था, उसमें उन परिवारों की पीड़ा भी झलक रही थी जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को खोया। Bareilly candle march

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। मौन उस पीड़ा और देशभक्ति का प्रतीक बना, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं था। Bareilly candle march

    Bareilly candle march

    इस आयोजन में फरीदपुर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद चौहान, नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता, सभासद रंजीत सिंह चौहान, संजीव सिंह, निक्की सिंह, आदित्य प्रताप सिंह समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। दर्जनों युवाओं की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और भी भावुक व प्रेरणादायी बना दिया। Bareilly candle march

    इस श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित किया कि देश जब किसी संकट से गुजरता है, तो उसकी असली ताकत जनता की एकता और जागरूकता होती है। कैंडल मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं था, यह एक संदेश था — कि भारत एक परिवार है और जब कोई दुःख आता है, तो हम सब एकजुट होकर खड़े होते हैं।

    जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की इस सहभागिता ने यह भी दर्शाया कि लोकतंत्र की आत्मा संवेदनशीलता और सहभागिता में निहित है। यह आयोजन एक ऐसी लौ बन गया है जो केवल मोमबत्तियों से नहीं, बल्कि आत्मीयता से जलती है।

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  • NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: दरोगा का बेटा निकला हत्यारा, पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल

    NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: दरोगा का बेटा निकला हत्यारा, पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल

    NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मनी एक्सचेंजर की हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-12 के डब्ल्यू ब्लॉक स्थित एक किराए के मकान में मनी एक्सचेंजर की लूट के बाद हत्या करने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ नोएडा के सेक्टर-54 के जंगल में हुई, जहां दोनों बदमाशों – आकाश उपाध्याय और मुकुल शर्मा – को दोनों पैरों में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER

    हैरत की बात ये है कि मुख्य आरोपी आकाश एक स्वर्गीय सब इंस्पेक्टर देवदत्त उपाध्याय का बेटा है और दूसरा अभियुक्त मुकुल गाजियाबाद निवासी है। डीसीपी यमुना प्रसाद के मुताबिक, दोनों बदमाश पहले ऐसे लोगों को तलाशते थे जो आसानी से विदेशी मुद्रा देने के लिए तैयार होते थे। फिर ‘टू-लेट’ बोर्ड लगे मकानों को देखकर मालिक से संपर्क करते, टोकन अमाउंट देकर कमरा बुक करते और फिर उसी पते पर फॉरेन करेंसी एक्सचेंजर को बुलाकर लूटपाट करते थे। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER

    पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपियों के पास से ₹4 लाख भारतीय मुद्रा, 9,900 कनाडाई डॉलर और 30 दिरहम बरामद किए हैं। कुल रकम करीब ₹10.30 लाख बताई जा रही है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और अन्य सामान भी बरामद हुए हैं।

    डीसीपी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 260 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और 5 पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बदमाश हत्या के इरादे से नहीं आए थे, लेकिन लूट के समय जब मनी एक्सचेंजर ने विरोध किया, तो उन्होंने गोली मार दी। भागते समय स्कूटी स्टार्ट न होने के कारण दोनों आरोपी पैदल ही फरार हो गए और फिर दिल्ली में एक दोस्त आर्यन के फ्लैट में छिपे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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  • Pilibhit Samadhan Diwas: थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं शिकायतें, राजस्व-पुलिस टीम को दिए मौके पर निस्तारण के निर्देश

    Pilibhit Samadhan Diwas: थाना समाधान दिवस में डीएम-एसपी ने सुनीं शिकायतें, राजस्व-पुलिस टीम को दिए मौके पर निस्तारण के निर्देश

    Pilibhit Samadhan Diwas: जनसुनवाई को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जनपद पीलीभीत में आज थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने सदर कोतवाली एवं गजरौला थाना में स्वयं पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निस्तारण के निर्देश दिए। Pilibhit Samadhan Diwas

    जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, चकरोड, आपसी झगड़े और अन्य नागरिक समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न हो, बल्कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से जांच कर समाधान सुनिश्चित करे। Pilibhit Samadhan Diwas

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी कर्मचारी थाना समाधान दिवस पर बिना अनुमति के अनुपस्थित न रहे। साथ ही उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। Pilibhit Samadhan Diwas

    IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया और उनकी गुणवत्ता की समीक्षा भी जिलाधिकारी द्वारा की गई। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने और शिकायत रजिस्टर की नियमित जांच के निर्देश दिए। Pilibhit Samadhan Diwas

    इस मौके पर अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया गया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, ताकि जनता का विश्वास शासन-प्रशासन पर बना रहे। पीड़ित पक्षों की संतुष्टि तक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

    जनहित में आयोजित यह जनसुनवाई नागरिकों को न केवल राहत देने का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को भी प्रदर्शित करती है।

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