कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में नेशन नाव समाचार (NNS IMPCAT) की खबर एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। “मेरा गांव मेरी आवाज” कार्यक्रम के तहत नेशन नाव समाचार ने जिले के अंतापुर ब्लॉक के संदलपुर गांव में सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा जोर शोर उठाया था। जिसके बाद अब जिले के आलाधिकारियों को तलब किया गया है। NNS IMPCAT
ब्रेकिंग | नेशन नाव समाचार की खबर का बड़ा असर ▪️ "मेरा गांव मेरी आवाज" कार्यक्रम की खबर का दिखा असर ▪️ जिले के अफसरों को किया गया तलब, जवाब-तलब शुरू ▪️ अंता पुर, ब्लॉक संदलपुर (कानपुर देहात) की जनता को राहत की उम्मीद ▪️ रामपुर गांव की सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना… pic.twitter.com/YTM1jdXGFQ
दरअसल, कानपुर देहात के संदलपुर गांव में लंबे समय से सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी एक गंभीर समस्या रही है। ग्रामीणों की शिकायतें और उपेक्षा की कहानियां अक्सर अनसुनी रह जाती थीं, लेकिन नेशन नाव समाचार के “मेरा गांव मेरी आवाज” कार्यक्रम ने इस स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया। इस पहल के तहत, नेशन नाव समाचार के पत्रकारों ने अंतापुर ब्लॉक के संदलपुर गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की। सड़कों की खराब हालत, इंडिया मार्का हैंडपंप की रीबोरिंग में अनियमितता, और मनरेगा में मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को उजागर किया गया। NNS IMPCAT
आला आलाधिकारियों को किया गया तलब
इस खबर के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। अधिकारियों को तलब किया गया और ग्राम पंचायत से जवाब मांगा गया। 31 मई 2025 को जारी एक आधिकारिक पत्र में पंचायत सहायक सुखी आम्रपाली को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। पत्र में अधूरे कार्यों, भुगतान में अनियमितता, और अन्य शिकायतों का विवरण मांगा गया। यह कदम ग्रामीणों के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि अब रामपुर गांव में सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
नेशन नाव समाचार की इस पहल ने न केवल ग्रामीणों की आवाज को बुलंद किया, बल्कि प्रशासन को भी जवाबदेही के लिए मजबूर किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण भारत में सामाजिक जागरूकता और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। संदलपुर के ग्रामीण अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी, और गांव में विकास की नई लहर आएगी।
यह घटना दर्शाती है कि मीडिया और जनता की एकजुटता से सकारात्मक बदलाव संभव है। ग्राम पंचायतों को अब और पारदर्शी और जवाबदेह बनना होगा, ताकि विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें। संदलपुर जैसे गांवों की यह कहानी अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
कानपुर देहात: यूपी के कानपुर देहात की जिला एवं सत्र न्यायालय (Kanpur Dehat News) ने एक जघन्य अपराध के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 6 वर्षीय मासूम काव्या की हत्या और परिवार के छह लोगों पर जानलेवा हमले के दोषी दीपू को मृत्युदंड और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह उत्तर प्रदेश में नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है, जिसने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। Kanpur Dehat News
6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा (फोटो- नेशन नाव समाचार)
23 जुलाई 2024 की दिल दहलाने वाली घटना- Kanpur Dehat News
घटना 23 जुलाई 2024 की है, जब औरैया जिले के मुरलीपुर गांव निवासी अभियुक्त दीपू ने पिपरी गांव में एक घर में घुसकर परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में 6 साल की मासूम काव्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला पीड़िता पूजा के दूसरे पति द्वारा किया गया था, जिसने पारिवारिक विवाद के चलते इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भोगनीपुर थाने की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और अभियुक्त दीपू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पूछताछ और साक्ष्य संकलन के बाद दीपू को जेल भेज दिया। विवेचक ने निष्पक्ष जांच के साथ सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- Kanpur Dehat News
एडीजे-6 और स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने 10 महीने 13 दिन की सुनवाई के बाद 64 पेज के विस्तृत फैसले में दीपू को दोषी ठहराया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर उसे मृत्युदंड और 15 लाख 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। परिवार ने कहा, “हमें अब न्याय मिला है।”
कानपुर देहात में दूसरी मृत्युदंड सजाज- Kanpur Dehat News
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में BNS के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है। कोर्ट के इस कठोर निर्णय ने समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश दिया है। कानपुर देहात पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया। Kanpur Dehat News
कानपुर देहात: यूपी के कानपुर देहात के छोटे से कस्बे पुखरायां (Kanpur Dehat News) में रहने वाला 16 वर्षीय पार्थ बंसल आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस नन्हे वैज्ञानिक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से एक ऐसी छड़ी का आविष्कार किया है, जो पार्किंसंस रोग (न्यूरोलॉजिकल विकार) से जूझ रहे लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। भारत सरकार ने इस अनूठे आविष्कार को 20 साल के लिए पेटेंट प्रदान किया है, जो इस उम्र में एक असाधारण उपलब्धि है। आइए, जानते हैं पार्थ की इस प्रेरणादायक कहानी के बारे में और उनके आविष्कार की खासियत। Kanpur Dehat News
पार्थ का प्रेरणादायक सफर- Kanpur Dehat News
पार्थ बंसल वर्तमान में नोएडा के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में इंटरमीडिएट का छात्र है। उनके पिता संदीप बंसल एक व्यापारी हैं, जिन्होंने हमेशा पार्थ की जिज्ञासा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया। बचपन से ही पार्थ को विज्ञान और तकनीक के प्रति गहरा लगाव रहा है। वह चुम्बक, तार, बल्ब और सेल जैसे सामानों के साथ प्रयोग करने में घंटों बिताया करता था। खिलौनों को खोलना और उनके पुर्जों को समझना उसका पसंदीदा शौक था। लेकिन इस शौक ने तब एक मिशन का रूप ले लिया, जब उसने अपनी दादी सुषमा अग्रवाल को पार्किंसंस रोग से जूझते देखा।
16 साल के पार्थ बंसल ने बनाई जादुई छड़ी (फोटो- नेशन नाव समाचार)
पार्किंसंस रोग एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर में कंपन, मांसपेशियों में अकड़न और चलने-फिरने में असमर्थता जैसी समस्याएं हो जाती हैं। पार्थ अपनी दादी की इस हालत को देखकर बहुत दुखी हुआ। उसने ठान लिया कि वह कुछ ऐसा बनाएगा, जो उनकी जिंदगी को आसान बनाए। यहीं से शुरू हुआ उसकी जादुई छड़ी का सफर। Kanpur Dehat News
जादुई छड़ी का आविष्कार- Kanpur Dehat News
पार्थ ने 2016 में, जब वह केवल 13 साल का था और नौवीं कक्षा में पढ़ता था, इस अनोखी छड़ी का आविष्कार किया। यह छड़ी साधारण नहीं थी। इसमें एलईडी लाइट्स, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया गया था, जो पार्किंसंस रोगियों को चलने में सहायता प्रदान करते हैं। इस छड़ी की खासियत यह है कि यह कंपन को नियंत्रित करने में मदद करती है और मरीजों को संतुलन बनाए रखने में सहायता देती है। इसके अलावा, इसमें लगी एलईडी लाइट्स रात के समय या कम रोशनी में भी सुरक्षित चलने में मदद करती हैं।
पार्थ बंसल को भारत सरकार से मिला पेटेंट (फोटो- नेशन नाव समाचार)
पार्थ की इस छड़ी ने उनकी दादी की जिंदगी को न केवल आसान बनाया, बल्कि दुनिया भर के पार्किंसंस रोगियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई। इस आविष्कार ने पार्थ को रातोंरात सुर्खियों में ला दिया। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए भारत सरकार ने इस छड़ी को पेटेंट प्रदान किया, जो 20 वर्षों तक मान्य रहेगा।
पिता संदीप बंसल ने कहा- गर्व की बात!– Kanpur Dehat News
पार्थ के पिता संदीप बंसल अपने बेटे की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि पार्थ का स्वभाव बेहद सरल और जिज्ञासु है। वह हमेशा कुछ नया सीखने और बनाने की कोशिश में रहता है। संदीप कहते हैं, “पार्थ को बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक सामानों के साथ खेलना पसंद था। वह खिलौनों को खोलकर उनके पुर्जे देखता और फिर कुछ नया बनाने की कोशिश करता। जब उसने अपनी दादी की तकलीफ देखी, तो उसने इस छड़ी को बनाने का फैसला किया। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”
पार्थ की इस उपलब्धि को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है। नवंबर 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा, हैदराबाद में उपराष्ट्रपति और पुणे में असम के राज्यपाल द्वारा सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार भी उन्हें प्रदान किया गया।
पार्थ की अन्य उपलब्धियां
पार्थ का यह आविष्कार उनकी प्रतिभा का केवल एक हिस्सा है। वह रोबोटिक्स, ऐप डेवलपमेंट और विज्ञान मॉडल्स बनाने में भी गहरी रुचि रखता है। वह अपने स्कूल और अन्य संस्थानों के लिए कई वेबसाइट्स और ऐप्स डिजाइन कर चुका है। उसकी जिज्ञासा और मेहनत ने उसे कम उम्र में ही एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना दिया है।
पार्थ का सपना है कि वह भविष्य में और ऐसे आविष्कार करे, जो समाज के लिए उपयोगी हों। वह कहता है, “मैं चाहता हूं कि मेरे आविष्कार लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएं। मेरी दादी की खुशी मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।”
भारत में युवा आविष्कारकों का भविष्य
पार्थ जैसे युवा आविष्कारक भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप और युवा आविष्कारकों को प्रोत्साहित करने के लिए मुफ्त पेटेंट सेवाएं शुरू की हैं। यह पहल न केवल नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का अवसर भी प्रदान करेगी।
पार्थ की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को सच करने की हिम्मत रखता है। उनकी मेहनत, लगन और दादी के प्रति प्रेम ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। यह नन्हा वैज्ञानिक न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
बरेली: फरीदपुर तहसील में विद्युत विभाग ने बिजली चोरी (Bareilly Power Theft) के खिलाफ गुरुवार को एक बड़ा अभियान चलाया। मोहल्ला परा और मोहल्ला ऊँचा में चेकिंग के दौरान 15 उपभोक्ताओं को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पकड़ा गया। इनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 138 (बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया। Bareilly Power Theft
बड़े बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे गए- Bareilly Power Theft
विभाग ने जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, उनमें रानी, शेषमणि शर्मा, यासीन खान, कालीचरन, साबरी, मुन्नी देवी, माया देवी, रघुनंदन प्रसाद, नितिन कुमार, इरफान, पप्पू, जैनेंद्र पाल सिंह, प्रदीप कुमार, जमुना देवी और मुनीष चंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, 80 से अधिक बड़े बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे गए। इस अभियान से विद्युत विभाग ने ₹6 लाख से अधिक की राजस्व वसूली की, जिससे विभागीय खजाने को काफी राहत मिली। Bareilly Power Theft
बकाया बिलों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी- Bareilly Power Theft
इस अभियान में उपकरण अधिकारी उमेश कुमार, उपखंड अधिकारी अक्षय यादव, अवर अभियंता वीरू सिंह, राम सिंह यादव, विष्णु प्रताप सिंह, सुशील मिश्रा, अजय कुमार और अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। बिजली चोरी और बकाया बिलों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। Bareilly Power Theft
विद्युत विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें और केवल वैध कनेक्शन का उपयोग करें। अवैध बिजली उपयोग न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे बिजली आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान बरेली में बिजली चोरी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।
अयोध्या: 5 जून 2025 को अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर (Ayodhya Ram Mandir) आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति के रंग में रंगा। इस दिन राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों को वैदिक मंत्रों के साथ स्थापित किया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सात अन्य मंदिरों की भी प्राण प्रतिष्ठा हुई, जिसने इस पावन अवसर को और भी विशेष बना दिया। Ayodhya Ram Mandir
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा: एक नया अध्याय- Ayodhya Ram Mandir
राम मंदिर, जो 22 जनवरी 2024 को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ विश्वभर में चर्चा का केंद्र बना था, अब राम दरबार की स्थापना के साथ और भी भव्य हो गया है। प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार में भगवान राम अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक क्षण को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया।
सुबह 6:30 बजे से यज्ञ मंडप में अयोध्या और काशी के 101 वैदिक आचार्यों ने वैदिक मंत्रों का जाप शुरू किया। आठ मूर्तियों को पहले शैय्याधिवास कराया गया, फिर सुबह 6:45 बजे इन्हें चेतन अवस्था में लाया गया। इसके बाद जल से स्नान और वैदिक अनुष्ठानों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी हुई।
CM योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति- Ayodhya Ram Mandir
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राम दरबार के समक्ष प्रार्थना की और प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। योगी जी ने इस अवसर पर कहा, “राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”
मंदिर परिसर का भव्य स्वरूप
राम मंदिर परिसर को इस अवसर पर फूलों और रंगों से सजाया गया था। वैदिक मंत्रों की गूंज और यज्ञ की पवित्र धूप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार के साथ-साथ सात अन्य मंदिरों की स्थापना ने इस परिसर को एक संपूर्ण तीर्थ स्थल का रूप दे दिया। मंदिर की नक्काशी, राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर, और मकराना मार्बल इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं।
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया, समाचार चैनलों, और अन्य माध्यमों से पूरी दुनिया तक पहुंचा। लाखों भक्तों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। सोशल मीडिया पर भक्तों ने “जय सियाराम” और “राम दरबार” जैसे हैशटैग के साथ अपनी खुशी और भक्ति व्यक्त की।राम मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। राम दरबार की स्थापना ने इस मंदिर को और भी पूर्णता प्रदान की है। अब भक्तों को राम लला के साथ-साथ उनके पूरे परिवार के दर्शन का अवसर मिलेगा, जो भक्ति और एकता का संदेश देता है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Birthday) ने आज (5 जून 2025) अपना 53वां जन्मदिन मनाया। इस विशेष अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक जगत से उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती समेत देशभर की तमाम हस्तियों ने योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर #HappyBirthdayYogiJi ट्रेंड कर रहा है, जिससे लोगों की भावनाएं और समर्थन साफ नजर आ रहे हैं। CM Yogi Birthday
पीएम मोदी ने की सराहना, ईश्वर से मांगी लंबी उम्र
Birthday wishes to Uttar Pradesh Chief Minister, Yogi Adityanath Ji. He has tirelessly worked to transform UP across different sectors, which has improved the quality of life for the people of the state. May he be blessed with a long and healthy life.@myogiadityanath
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीएम योगी को बधाई देते हुए लिखा,
“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को बदलने के लिए अच्छा प्रयास किए हैं, जिससे राज्य के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।” CM Yogi Birthday
पीएम मोदी की इस बधाई के साथ, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
अमित शाह ने बताया जनकल्याणकारी नेतृत्व
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार जन-जन तक विकास और गरीबकल्याण के लाभ पहुँचा रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूँ।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा,
“मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार जन-जन तक विकास और गरीब कल्याण के लाभ पहुंचा रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।” CM Yogi Birthday
इस बधाई में अमित शाह ने योगी सरकार की नीतियों को जनहितकारी और राज्य की तरक्की में निर्णायक बताया।
मायावती ने भी दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं दीर्घायु जीवन होने की भी शुभकामनायें।
“उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं दीर्घायु जीवन होने की भी शुभकामनायें।” CM Yogi Birthday
यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर व्यक्तिगत अवसरों पर सद्भाव कायम रहता है।
सीएम योगी ने किया आभार प्रकट
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह समेत सभी नेताओं की शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा,
“आपकी मंगल कामनाएं हमें लोक कल्याण के संकल्पों की सिद्धि हेतु नई प्रेरणा प्रदान करती हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है।” CM Yogi Birthday
योगी आदित्यनाथ का यह बयान बताता है कि वे व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी जनकल्याण से जोड़कर देखते हैं।
जन-जन का नेता बना योगी
2017 में उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ ने अपने अब तक के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अपराध पर अंकुश, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, बुनियादी ढांचे का विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाएं उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धियां रही हैं। उनके सख्त प्रशासन और जनता के साथ सीधे संवाद की शैली ने उन्हें आम लोगों में लोकप्रिय बनाया है।
पीलीभीत: जिले के ग्राम धुरिया पलिया, थाना माधौटांडा के (Pilibhit news) निवासी हवलदार लखविंदर सिंह ने सिक्किम के लाचुंग क्षेत्र में देश सेवा के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दुखद घटना तब हुई जब लाचुंग में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ। इस हादसे में लखविंदर सिंह सहित अन्य जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर ने पूरे पीलीभीत जिले को शोक में डुबो दिया हौ। Pilibhit news
उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्यमंत्री और पीलीभीत जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने शहीद के पैतृक गांव पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शहीद लखविंदर सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा, “लखविंदर सिंह का बलिदान देश के लिए गर्व का विषय है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है।” Pilibhit news
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किया शहीद को नमन. (फोटो- नेशन नाव समाचार )
शहीद के परिजनों ने बताया कि लखविंदर सिंह ने अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा अटूट निष्ठा दिखाई। उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, सात वर्षीय बेटा, और तीन माह की नवजात बेटी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। परिवार के साथ-साथ गांव और आसपास के लोग भी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पहुंचे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। Pilibhit news
लखविंदर सिंह की शहादत कोई पहली घटना नहीं है। उनके चचेरे भाई मनतेज सिंह भी 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि शहीद लखविंदर और मनतेज की स्मृति में गांव के प्रवेश द्वार पर शहीद द्वार बनाए जाएं। इसके अलावा, लैहारी पुल का नामकरण भी शहीदों के नाम पर करने की मांग उठी है।
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्राप्त हो। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। लखविंदर सिंह की शहादत न केवल पीलीभीत, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगा।
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित जिला अस्पताल (Sonbhadra Crime) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 2 जून 2025 को दिनदहाड़े प्रसूता वार्ड से एक चार दिन के नवजात शिशु की चोरी ने न केवल अस्पताल प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात महिला बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलती दिखाई दे रही है। इस घटना ने माता-पिता और परिजनों में दहशत और गुस्सा पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। Sonbhadra Crime
क्या है पूरा मामला?
चंदौली जिले के नौगढ़ निवासी पूनम, पत्नी सुदामा, को 27 मई 2025 को प्रसव पीड़ा के कारण सोनभद्र के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी के बाद पूनम ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों को प्रसूता वार्ड में रखा गया था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने पिछले कुछ दिनों से वार्ड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उसने पूनम और उनके परिजनों से दोस्ताना व्यवहार बनाया और दावा किया कि उसकी रिश्तेदार भी उसी वार्ड में भर्ती है। वह अक्सर नवजात को गोद में लेकर प्यार जताती थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। Sonbhadra Crime
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र से सनसनीखेज मामला 🚨 मेडिकल कॉलेज के प्रसूता वार्ड से दिनदहाड़े नवजात चोरी 🧕 CCTV में बच्चा लेकर जाती दिखी संदिग्ध महिला 🔸 जिला अस्पताल परिसर स्थित प्रसूता वार्ड से नवजात चोरी 🔸 सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर वारदात को अंजाम 🔸 CCTV फुटेज में महिला… pic.twitter.com/Fm5y6PXGaQ
2 जून की सुबह, मौका देखकर इस महिला ने बच्चे के पिता सुदामा को जलेबी लाने के लिए बाहर भेज दिया। उस समय पूनम बेडशीट बदलने में व्यस्त थी और बच्चा पास के बेड पर लेटा था। मौका पाकर महिला नवजात को लेकर फरार हो गई। जब पूनम ने बच्चे को गायब पाया, तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन शुरू में कर्मचारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों पर ही लापरवाही का आरोप लगाया। Sonbhadra Crime
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक महिला बच्चे को गोद में लेकर प्रसूता वार्ड से बाहर निकल रही है। यह फुटेज अब पुलिस जांच का आधार बन चुकी है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध महिला की तलाश में कई टीमें गठित की हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार ने बताया कि फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। Sonbhadra Crime
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे, गेट पर पुलिस चौकी, और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. सागर ने इस मामले में पुलिस को सूचित करने की बात कही, लेकिन शुरू में उनकी ओर से पत्रकारों से बात करने में हिचकिचाहट दिखी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। सवाल यह है कि इतने बड़े परिसर में, जहां हर कदम पर निगरानी का दावा किया जाता है, एक नवजात को इतनी आसानी से चुराया कैसे जा सका?
परिजनों का दर्द और पुलिस की कार्रवाई
पूनम और सुदामा इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पूनम की मां, जो उस समय खाना लाने घर गई थी, ने बताया कि यह उनके लिए ममता पर कुठाराघात है। परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाई है। सोनभद्र पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आसपास के इलाकों में छानबीन शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा में है, जहां लोग अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। आगे क्या?
यह घटना न केवल सोनभद्र मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ सकती है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज इस मामले में अहम साबित होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही नवजात अपने माता-पिता के पास सुरक्षित लौट आएगा। तब तक यह घटना हर किसी के लिए एक सबक है कि अस्पतालों में सुरक्षा और सतर्कता को और मजबूत करने की जरूरत है।
बरेली: बारादरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे (Bareilly Murder) शहर में सनसनी मचा दी। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों के शक में एक युवक की चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि शक और संदेह के कारण मानवीय रिश्तों के बिगड़ते स्वरूप पर भी सवाल उठाए हैं। Bareilly Murder
यह सनसनीखेज मामला 31 मई 2025 की दोपहर लगभग 2:30 बजे सामने आया, जब अरशद उर्फ गुड्डू को आमिर और उसके बेटे फरमान ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। Bareilly Murder
पत्नी के साथ संबंधों के शक में हत्या- Bareilly Murder
पुलिस पूछताछ में आरोपी आमिर ने स्वीकार किया कि उसे अरशद पर अपनी पत्नी के साथ नाजायज संबंधों का शक था। अरशद उसके घर के सामने कारखाने में काम करता था और अक्सर उसकी पत्नी से हँसी-मज़ाक करता दिखता था। कई बार मना करने के बावजूद अरशद नहीं रुका, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही थी। इसी गुस्से में आकर आमिर ने उसकी हत्या की योजना बनाई। Bareilly Murder
मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी- Bareilly Murder
हत्या के बाद पुलिस ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय सिंह के नेतृत्व में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पीलीभीत बाईपास के पास आमिर को घेरा। खुद को फंसा देख आमिर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आमिर के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके से अवैध हथियार और चाकू बरामद- Bareilly Murder
पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और खून से सना चाकू बरामद किया। आमिर मूल रूप से ट्रक ड्राइवर रहा है और फिलहाल ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहा था। आरोपी के छह बच्चे हैं और वह खैराती मस्जिद के पास किराये के मकान में रहता है। Bareilly Murder
आरोपी पर दर्ज हुए दो केस
पुलिस ने आरोपी आमिर पर पहले से हत्या का मामला दर्ज किया था, अब मुठभेड़ के बाद आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा जोड़ा गया है। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य पहलुओं से भी पर्दा हटेगा। Bareilly Murder
बरेली: शहर की सड़कें अब पहले जैसी नहीं रहीं। कभी व्यवस्थित और सुगम मानी जाने वाली ये सड़कें अब अतिक्रमण (Bareilly Roads Encroachment) की चपेट में हैं, जो नगरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। फरीदपुर, बरेली के मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण का यह दंश अब इतना गहरा हो चुका है कि यह न केवल यातायात को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आम लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी दूभर कर रहा है। दुकानदारों द्वारा सड़कों पर सामान फैलाने, फल ठेलों की कतारों और टेंपो चालकों की मनमानी ने हालात को और बदतर बना दिया है। इस सबके बीच, नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता और ढुलमुल रवैया इस समस्या को और जटिल बना रहा है।
Bareilly Roads Encroachment- अतिक्रमण का बढ़ता दायरा
बरेली के मेंन बाजार से लेकर बीसलपुर मोड़ तक, सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। कामिल के बाग, स्टेशन रोड, बुखारा रोड, पडेरा रोड और बीसलपुर रोड जैसे प्रमुख मार्ग अब अतिक्रमण के कारण संकरे हो चुके हैं। दुकानदार अपने सामान को सड़क तक फैला रहे हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। फल और सब्जी के ठेले सड़कों पर अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं, जिसके कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “रोज़ाना सुबह और शाम को बाजार में इतना जाम लगता है कि घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा।” Bareilly Roads Encroachment
बरेली की सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण से जनता त्रस्त (फोटो- नेशन नाव समाचार )
नगर पालिका की निष्क्रियता- Bareilly Roads Encroachment
नगर पालिका प्रशासन हर साल अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने का दावा करता है। इन अभियानों की शुरुआत बड़े जोर-शोर से होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में न तो कोई स्थायी नीति अपनाई जाती है और न ही दीर्घकालिक योजना बनाई जाती है। एक दिन की औपचारिक कार्रवाई के बाद, अतिक्रमणकारी फिर से सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं। यह स्थिति प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठाती है। स्थानीय व्यापारी संगठन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, ने भी कई बार इस मुद्दे को उठाया है, लेकिन उनकी मांगें केवल कागजी कार्रवाइयों तक सीमित रह जाती हैं। Bareilly Roads Encroachment
यातायात व्यवस्था पर असर- Bareilly Roads Encroachment
अतिक्रमण के कारण सड़कों पर जाम की समस्या अब स्थायी हो चुकी है। खासकर, मेंन बाजार और बीसलपुर रोड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति आम बात हो गई है। टेंपो और ऑटो चालकों द्वारा सड़क पर ही सवारी बैठाने की प्रथा ने यातायात व्यवस्था को और बिगाड़ दिया है। पैदल यात्रियों के लिए सड़कों पर जगह नहीं बची है, जिसके कारण लोग असुरक्षित महसूस करते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है।
नागरिकों की बढ़ती परेशानी
अतिक्रमण का सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। बाजार में खरीदारी करने वालों को न केवल जाम का सामना करना पड़ता है, बल्कि पैदल चलने की जगह न होने के कारण उन्हें सड़क पर वाहनों के बीच चलना पड़ता है। स्थानीय निवासी शालिनी वर्मा कहती हैं, “बाजार में पैदल चलना अब खतरे से खाली नहीं है। दुकानदारों ने सड़क पर इतना सामान फैला रखा है कि रास्ता ही नहीं मिलता। प्रशासन को इस पर सख्ती करनी चाहिए।”
क्या है समाधान?
अतिक्रमण की इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को ठोस और दीर्घकालिक कदम उठाने की जरूरत है। कुछ संभावित समाधान इस प्रकार हो सकते हैं:- Bareilly Roads Encroachment
नियमित निगरानी और सख्ती: नगर पालिका को अतिक्रमण पर नजर रखने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए, जो नियमित रूप से सड़कों की जांच करे और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।
वैकल्पिक व्यवस्था: फल और सब्जी ठेलों के लिए नगर में विशिष्ट बाजार क्षेत्र या हाट बनाए जा सकते हैं, ताकि सड़कों पर अतिक्रमण कम हो।
जागरूकता अभियान: दुकानदारों और नागरिकों को अतिक्रमण के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई: बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगे।
प्रशासन की जिम्मेदारी- Bareilly Roads Encroachment
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति इतना उदासीन है। अतिक्रमण केवल सड़कों की समस्या नहीं है, बल्कि यह नगर की सुंदरता, व्यवस्था और सुरक्षा को भी प्रभावित कर रहा है। प्रशासन को केवल दिखावटी कार्रवाइयों से आगे बढ़कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह अतिक्रमण और भी विकराल रूप ले सकता है, जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ेगा।