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Category: उत्तर प्रदेश

  • UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी का दबदबा बना हुआ है. योगी आदित्यनाथ (UP POLITICS 2027) की सख्त प्रशासनिक छवि, हिंदुत्व का एजेंडा और विकास कार्यों ने बीजेपी को मजबूत आधार दिया है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन (इंडिया गठबंधन) से कड़ी चुनौती मिली. फैजाबाद (अयोध्या) जैसी महत्वपूर्ण सीट पर सपा की जीत ने बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को झटका दिया. इसके अलावा, बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक असंतोष जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए अवसर बन रहे हैं.

    सपा और कांग्रेस गठबंधन ने 2024 के उपचुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे विपक्ष का मनोबल बढ़ा है. दूसरी ओर, बसपा का प्रभाव कमजोर हुआ है, और पार्टी हाशिए पर नजर आ रही है. छोटे दल, जैसे निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), भी अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं. सामाजिक समीकरणों, खासकर पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वोटों की गतिशीलता, 2027 के लिए निर्णायक होगी. UP POLITICS 2027

    UP POLITICS 2027
    योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बीजेपी की रणनीति: हिंदुत्व, विकास और सामाजिक समीकरण

    बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है. पार्टी का मुख्य फोकस हिंदुत्व और विकास के दोहरे एजेंडे पर है. 2025 में अहिल्याबाई होल्कर जन्मशती अभियान शुरू करके बीजेपी पिछड़े समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है. यह अभियान 2.7 लाख कार्यकर्ताओं के साथ 8,135 न्याय पंचायतों में चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करना है. UP POLITICS 2027

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी बीजेपी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. सपा के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (पीडीए) फॉर्मूले का जवाब देने के लिए आरएसएस हिंदू एकता और शाखाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है. योगी सरकार के कार्यों, जैसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे, को विकास के प्रतीक के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. साथ ही, बीजेपी अपने विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट कर रही है ताकि जनता में असंतोष को कम किया जा सके. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सफलता ने बीजेपी को सतर्क कर दिया है. पार्टी अब सवर्ण, गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ संबंधों को संभालना भी बीजेपी के लिए चुनौती है, क्योंकि संजय निषाद ने 200 सीटों पर प्रभाव का दावा किया है. UP POLITICS 2027

    अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    समाजवादी पार्टी: पीडीए और युवा जोश- UP POLITICS 2027

    समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव के नेतृत्व में, 2027 में सत्ता वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. सपा का ‘पीडीए’ फॉर्मूला—पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक—2024 के लोकसभा और उपचुनावों में प्रभावी साबित हुआ. अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में सपा के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी. पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. UP POLITICS 2027

    सपा की रणनीति में यादव और मुस्लिम वोटों का पारंपरिक आधार तो है ही, साथ ही गैर-यादव ओबीसी और दलित वोटरों को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है. 2024 में फैजाबाद सीट पर अवधेश प्रसाद की जीत ने सपा को दलित समुदाय में पैठ बनाने का मौका दिया. इसके अलावा, सपा बेरोजगारी, महंगाई और संविधान-आरक्षण जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर युवाओं और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश कर रही है.UP POLITICS 2027

    कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा की रणनीति का केंद्र है. 2024 के उपचुनावों में दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दी, और यह गठबंधन 2027 में भी जारी रहने की संभावना है. हालाँकि, सपा को गठबंधन में सीट बँटवारे और नेतृत्व के मुद्दों को सुलझाना होगा. UP POLITICS 2027

    अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस (Photo Credit- Social Media)

    कांग्रेस: पुनर्जनन की राह- UP POLITICS 2027

    कांग्रेस, जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश में हाशिए पर रही, अब धीरे-धीरे अपनी स्थिति सुधार रही है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 2022 के चुनावों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश की थी, और 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा के साथ गठबंधन ने इसे नया जीवन दिया. कांग्रेस अब युवा नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है. UP POLITICS 2027

    कांग्रेस की रणनीति सपा के साथ गठबंधन को बनाए रखने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देने की है. पार्टी दलित, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग को लुभाने के लिए सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और शिक्षा, पर फोकस कर रही है. साथ ही, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जैसे अभियानों का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक कमजोरी और बड़े चेहरों की कमी है. प्रियंका गांधी की सक्रियता से पार्टी को कुछ हद तक मजबूती मिली है, लेकिन 2027 में वह कितनी सीटें जीत पाएगी, यह गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

    मायावती, पूर्व सीएम, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बहुजन समाज पार्टी: अस्तित्व की लड़ाई

    बसपा, जो कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज थी, अब कमजोर स्थिति में है. 2024 के उपचुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, और यह सियासी हाशिए पर चली गई है. मायावती के नेतृत्व में बसपा अब आकाश आनंद जैसे युवा चेहरों को आगे लाकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है. UP POLITICS 2027

    बसपा की रणनीति दलित वोटों को एकजुट करने और गैर-जाटव दलित समुदायों को आकर्षित करने पर केंद्रित है. पार्टी सवर्ण और ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए भी नए गठबंधन तलाश रही है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बसपा का खाता न खुलना और उपचुनावों में कमजोर प्रदर्शन इसकी चुनौतियों को दर्शाता है. 2027 में बसपा के लिए सत्ता की राह मुश्किल है, लेकिन अगर मायावती प्रभावी गठबंधन बना पाएँ, तो वह कुछ सीटों पर आश्चर्यजनक प्रदर्शन कर सकती है.

    क्या 2027 में बीजेपी की राजनीति बदलेगी?

    बीजेपी की रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली चुनौती ने पार्टी को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. पहले जहाँ बीजेपी का फोकस केवल हिंदुत्व पर था, अब वह सामाजिक समीकरणों को साधने और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है. अहिल्याबाई जन्मशती अभियान और आरएसएस की सक्रियता इस बदलाव का हिस्सा है.

    बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि सपा का पीडीए फॉर्मूला इन समुदायों को आकर्षित कर रहा है. इसके अलावा, निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों की बढ़ती माँगें और छोटे दलों की सक्रियता बीजेपी के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकती हैं.

    फिर सत्ता पर कबिज होंगे योगी आदित्यनाथ!

    योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक छवि और हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए सबसे बड़ा हथियार है. 2022 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में 255 सीटें जीतीं, जो दर्शाता है कि जनता में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि 2027 का चुनाव भी योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

    हालाँकि, योगी के सामने कई चुनौतियाँ हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सीटों में कमी और सपा-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती ने सवाल उठाए हैं. अगर बीजेपी 2027 में बहुमत हासिल करती है, तो योगी का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, क्योंकि उनकी छवि और संगठन पर पकड़ मजबूत है. लेकिन अगर बीजेपी की सीटें कम होती हैं और गठबंधन सरकार बनती है, तो सहयोगियों की माँगों के चलते नेतृत्व पर विचार हो सकता है.

    सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और महंगाई, का असर भी योगी की छवि पर पड़ सकता है. फिर भी, उनके विकास कार्य, कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण और हिंदुत्व की अपील उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है. संभावना है कि अगर बीजेपी जीतती है, तो योगी 70-80% संभावना के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

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    सोर्स- NBT, NAVBHARAT TIMES

  • UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ (UP RAIN ALERT) नजर आ रहा है. जहां एक ओर तराई वाले जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड और मध्य यूपी के जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं. यह दोहरी मौसमीय स्थिति न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों की चिंता और राहत दोनों का कारण बन रही है.

    24 जिलों में बिजली-बारिश की चेतावनी- UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों में चेतावनी दी गई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, मऊ, बलिया, चंदौली, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत रविदास नगर, महोबा, ललितपुर, गोंडा, श्रावस्ती, महाराजगंज शामिल हैं.

    इन जिलों में आने वाले दिनों में बिजली गिरने, आंधी और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कई स्थानों पर तेज रफ्तार हवाएं (30 से 50 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं. UP RAIN ALERT

    बुंदेलखंड और मध्य यूपी में भीषण गर्मी

    जहां एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश राहत दे रही है, वहीं बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के ज़िलों में उमस भरी गर्मी और तेज धूप लोगों को बेहाल कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में नमी और धूप के कारण हीट इंडेक्स काफी बढ़ गया है, जिससे लू जैसे हालात बन रहे हैं. UP RAIN ALERT

    बांदा जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा. वहीं, बरेली का न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ का मौसम- UP RAIN ALERT

    लखनऊ में सोमवार को आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप खिली रही. अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने की संभावना है. UP RAIN ALERT

    फर्रुखाबाद में बारिश से किसानों को राहत

    फर्रुखाबाद जिले में सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने मौसम को बदला और लोगों को गर्मी से राहत दी. हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई. किसान अजय ने बताया कि इस समय खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी चल रही है और बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे बुवाई की प्रक्रिया तेज होगी. उन्होंने कहा कि बिना पलेवा के खेत की जुताई होना संभव नहीं था, लेकिन अब धान की पौध रोपाई की तैयारी भी हो सकेगी.

    अगले 72 घंटे: गर्मी और बारिश का मिश्रण रहेगा जारी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, जिसके बाद इसमें फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी. न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. उन्होंने बताया कि 31 मई तक कई जिलों में बिजली गिरने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.

    किसानों को सलाह

    कृषि विशेषज्ञों की मानें तो आने वाली बारिश खरीफ फसल की बुवाई के लिए अनुकूल साबित होगी, लेकिन उन्हें सावधानी भी बरतनी होगी. जलभराव वाले खेतों में फसलों की सड़न हो सकती है. इसलिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करना आवश्यक है.

    ये भी पढ़ें- UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    सोर्स- ONEINDIA HINDI

  • BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    बरेली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित प्रसिद्ध अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान (BIRD FLU CONFIRMED) में हाल ही में हुई शेरों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है. भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली की जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है. जिसके बाद राज्य सरकार ने गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के तीन प्रमुख चिड़ियाघरों को एहतियातन बंद करने का आदेश जारी किया है. BIRD FLU CONFIRMED

    बरेली में हुई H5N1 वायरस की पुष्टि- BIRD FLU CONFIRMED

    IVRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत पावड़े ने बताया कि मृत शेरों के नमूनों में एवियन इंफ्लूएंजा वायरस (H5N1) की पुष्टि हुई है. यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन हाल के वर्षों में स्तनधारियों में भी इसके संक्रमण के दुर्लभ मामले सामने आए हैं. इसके बाद भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशुरोग प्रयोगशाला (HSADL) में भी नमूनों की पुनः पुष्टि की गई.

    पशुपालन विभाग ने तीन चिड़ियाघरों को किया बंद- BIRD FLU CONFIRMED

    राज्य पशुपालन विभाग ने रिपोर्ट आने के बाद तुरंत प्रभाव से संक्रमण रोकने के लिए तीन (गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर) चिड़ियाघरों को बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. साथ ही चिड़ियाघरों में जैव-सुरक्षा को बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं. डॉ. पावड़े ने बताया कि सभी चिड़ियाघर कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है. BIRD FLU CONFIRMED

    संपर्क में आए अन्य जानवरों की निगरानी बढ़ी

    उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मृत शेरों के संपर्क में आए अन्य जानवरों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि अन्य जानवरों और कर्मचारियों की जान को कोई खतरा न हो.

    बर्डफ्लू से अन्य जानवरों में खतरा

    इस गंभीर घटना ने न केवल पशुप्रेमियों को बल्कि आम जनता को भी चिंता में डाल दिया है. विशेषज्ञों ने बताया कि इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी सतर्कता जरूरी है और अफवाहों से बचना चाहिए. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें.

    चिड़ियाघर बंद रहने के कारण पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है. वन विभाग और पशुपालन विभाग मिलकर इस संकट का सामना कर रहे हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं.

    इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि जैव-सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह के खतरों से बचा जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और समय पर सतर्कता ही ऐसे खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार साबित होगी.

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  • UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. गर्मी की तपिश से (UP WEATHER ALERT) परेशान लोगों को बारिश और तेज हवाओं ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार, 25 मई 2025 को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. आइए, जानते हैं इस मौसम परिवर्तन के बारे में विस्तार से.

    मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और आंधी की संभावना- UP WEATHER ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा. खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. इन जिलों में शामिल हैं: UP WEATHER ALERT.

    • पूर्वी उत्तर प्रदेश: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं.
    • मध्य उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर.

    इन जिलों में बारिश के साथ-साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा, मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. UP WEATHER ALERT

    गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका- UP WEATHER ALERT

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप था. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग परेशान थे. लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बारिश ने किसानों को भी राहत दी है. हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा दिया है. पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और बिजली गिरने की घटनाएं कुछ इलाकों में सामने आई हैं.

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न रहें. बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है. इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

    मौसम परिवर्तन के कारण- UP WEATHER ALERT

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवातीय गतिविधियों का परिणाम है. बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन रही है. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर गर्मी और नमी के मिश्रण से आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है. यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.

    सावधानियां और सुझाव- UP WEATHER ALERT

    मौसम विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

    1. बिजली गिरने से बचाव: बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहें। अगर बाहर हैं, तो किसी सुरक्षित इमारत या गाड़ी में शरण लें.
    2. तेज हवाओं से सतर्कता: कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें.
    3. यात्रा में सावधानी: बारिश और आंधी के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें.
    4. किसानों के लिए सलाह: फसलों को तेज हवाओं और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करें.

    मौसम का असर और भविष्य की संभावना

    मौसम के इस बदलाव का असर न केवल आम लोगों पर, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं बिजली गिरने और आंधी से नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24-48 घंटों में मौसम का यह मिजाज बना रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.

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    सोर्स- ETV BHARAT , JAGRAN

  • Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    इटावा: बढ़ते बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामलों को लेकर सतर्क इटावा सफारी पार्क प्रशासन ने (Etawah Bird Flu) संक्रमण से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को भारत सरकार के निर्देशों पर सफारी पार्क में एक विशेष चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई. यह शिविर डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें सफारी के 60 से अधिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य नमूने लिए गए.

    संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्ती- Etawah Bird Flu

    वन विभाग और सफारी प्रबंधन ने मिलकर पार्क में सख्त निगरानी और स्वच्छता उपाय लागू किए हैं. इसमें निम्नलिखित प्रमुख कदम शामिल हैं: Etawah Bird Flu

    • नियमित सैनिटाइजेशन: पार्क के विभिन्न क्षेत्रों और जानवरों के बाड़ों की निरंतर सफाई व कीटाणुशोधन किया जा रहा है.
    • कर्मचारियों की जांच: हर कर्मचारी की नियमित जांच हो रही है और लक्षण पाए जाने पर उन्हें वन्यजीवों के संपर्क से दूर रखा जा रहा है.
    • गहन निगरानी: पशुओं और पक्षियों की सेहत पर वन अधिकारियों की विशेष नजर बनी हुई है.

    क्या है एवियन इन्फ्लूएंजा?

    एवियन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक वायरस जनित रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है लेकिन दुर्लभ मामलों में मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी संचारित हो सकता है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में निमोनिया शामिल हैं.

    डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते जांच और संक्रमण से दूरी रखने से इस वायरस से बचा जा सकता है. इसीलिए, नमूनों की रिपोर्ट आने तक सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. Etawah Bird Flu

    आगंतुकों से अपील

    सफारी प्रशासन ने आम नागरिकों और आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे सफारी पार्क में भ्रमण के दौरान सभी स्वास्थ्य नियमों का पालन करें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत वन्यजीव अधिकारियों को जानकारी दें.

    इटावा सफारी पार्क की यह पहल न केवल कर्मचारियों बल्कि पशु-पक्षियों और आगंतुकों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए, तो इस खतरनाक संक्रमण से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है. Etawah Bird Flu

    व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय:

    1. कच्चे पोल्ट्री उत्पादों से दूरी:
      अधपके या कच्चे अंडे व चिकन का सेवन न करें. पूरी तरह पकाकर ही खाएं.
    2. साफ-सफाई बनाए रखें:
      हाथों को साबुन से नियमित धोएं, खासकर पक्षियों के संपर्क में आने के बाद.
    3. बीमार पक्षियों से दूरी:
      किसी भी बीमार या मरे हुए पक्षी के पास न जाएं. यदि दिखाई दें तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.
    4. मास्क और दस्ताने का उपयोग:
      पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के आसपास जाते समय मास्क व दस्ताने पहनें.

    🧹 घर और आसपास की साफ-सफाई:

    1. पक्षियों के पिंजरे या क्षेत्र की नियमित सफाई करें.
    2. कचरा ढककर रखें, ताकि पक्षियों को भोजन न मिले.

    🚫 क्या न करें:

    बीमार पक्षियों को छूने से बचें.

    • खुले में पोल्ट्री उत्पाद न काटें या बेचें.
    • बिना सुरक्षा उपकरण के पोल्ट्री शेड में प्रवेश न करें.

    🏥 लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

    मुख्य लक्षण:

    • बुखार
    • गले में खराश
    • खांसी
    • सांस लेने में कठिनाई
    • शरीर में दर्द

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    सोर्स- Mayo Clinic

  • Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    इटावा: जनपद के बकेवर क्षेत्र स्थित ग्राम व्यासपुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक भयावह हादसा (Etawah school Bee Attack) हो गया. समर कैंप के तहत योगाभ्यास कर रहे बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों का हमला हो गया, जिससे आधा दर्जन छात्र-छात्राएं घायल हो गए. यह हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल परिसर में बरगद के पेड़ से मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता टूटकर नीचे गिरा.

    योगाभ्यास के दौरान टूटा छत्ता- Etawah school Bee Attack

    गर्मियों की छुट्टियों के मद्देनज़र शासन के निर्देशानुसार समर कैंप का आयोजन किया गया था. बुधवार सुबह जब प्रशिक्षक बच्चों को योग सिखा रहे थे, तभी स्कूल परिसर में स्थित एक पुराने बरगद के पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता टूटकर गिर गया. छत्ता गिरते ही सैकड़ों मधुमक्खियाँ बच्चों पर टूट पड़ीं, जिससे अफरातफरी मच गई. Etawah school Bee Attack

    खेतों की ओर भागे बच्चे, कई गंभीर घायल

    योगाभ्यास में भाग ले रहे करीब 18 बच्चों में से कई जान बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े, जबकि छात्रा अंशिका, छात्र कृष्णा, शिवम् रौबी सहित छह बच्चों को मधुमक्खियों ने डंक मारकर बुरी तरह घायल कर दिया. समर कैंप के प्रशिक्षक ललित कुमार और प्रदीप कुमार ने तत्परता दिखाते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेन्द्र त्रिपाठी को सूचित किया. उन्होंने तुरंत बच्चों को निजी अस्पताल पहुंचाया.

    🏥 इलाज के बाद बच्चों को सौंपा गया परिजनों को

    प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया. घटना के बाद बच्चों में डर और भय का माहौल है. हालांकि, जैसे ही मधुमक्खियों का आवेश शांत हुआ, बाकी बच्चों को हल्का नाश्ता देकर घर भेज दिया गया. स्कूल प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को भी सौंप दी है.

    📊 मधुमक्खी हमले पर जानकारी एक नजर में:

    घटनाविवरण
    घटना स्थलव्यासपुरा, बकेवर, इटावा
    समय व दिनांकबुधवार सुबह, समर कैंप का दूसरा दिन
    छात्र घायल6 छात्र-छात्राएं
    प्रमुख घायल छात्रअंशिका, कृष्णा, शिवम् रौबी
    उपचार स्थाननिजी अस्पताल, इटावा
    समर कैंप प्रशिक्षकललित कुमार, प्रदीप कुमार
    स्कूल प्रधानाध्यापकजितेन्द्र त्रिपाठी

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  • VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    वाराणसी: रामनगर इलाके के डोमरी क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात (VARANASI POLICE ENCOUNTER) पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम की छह बदमाशों के एक गिरोह से सीधी मुठभेड़ हो गई. बदमाशों ने पुलिस को देखते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. इस मुठभेड़ में तीन बदमाश घायल हो गए जबकि तीन अन्य को दौड़ाकर दबोच लिया गया.

    करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पुलिस के मुताबिक, यह वही गिरोह है जिसने हाल ही में संकटमोचन मंदिर के महंत वीके मिश्रा के आवास में करोड़ों रुपये की चोरी की थी. सभी आरोपी उस चोरी के माल का बंटवारा करने के लिए रामनगर क्षेत्र में एकत्रित हुए थे. पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत डोमरी इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई.VARANASI POLICE ENCOUNTER

    डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने किया खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    घटना की पुष्टि करते हुए डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने बताया कि रात करीब एक बजे पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हुआ. बदमाशों ने पहले फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. गोलीबारी में तीन बदमाशों को पैर में गोली लगी, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. तीन अन्य बदमाशों को घटनास्थल से भागने की कोशिश में दबोच लिया गया. हालांकि, एक बदमाश मौका पाकर भाग निकला जिसकी तलाश अब भी जारी है. VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पकड़े गए बदमाश यूपी और बिहार निवासी

    पकड़े गए बदमाशों में से तीन बिहार और तीन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सभी आरोपी पूर्व में महंत वीके मिश्रा के आवास पर कर्मचारी के रूप में काम कर चुके हैं. पुलिस ने बताया कि इनके पास से तमंचा, जिंदा कारतूस, नगदी, दस्तावेज और चोरी का करोड़ों का माल बरामद किया गया है. शेष सामान को भी जल्द ही आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया जाएगा.

    सीसीटीवी फुटेज में सभी बदमाश वारदात के दौरान कैद हुए थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिली. पुलिस और एसओजी टीम की इस सफलता के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर आमजन में भरोसा बढ़ा है.

    पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए

    मौके पर पहुंचे एडीसीपी काशी सरवणन टी. और डीसीपी गौरव बंसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए और घायल बदमाशों से पूछताछ भी की. एसओजी प्रभारी मनीष मिश्रा, रामनगर इंस्पेक्टर राजू सिंह और भेलूपुर इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाहा की टीम इस ऑपरेशन में शामिल रही.

    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फरार बदमाश को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, महंत के आवास में हुई चोरी के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें किसी और की संलिप्तता तो नहीं. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. यह कार्रवाई यूपी पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सूचना तंत्र की सफलता को दर्शाती है.

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    https://www.youtube.com/watch?v=pw0_xkwozgg&t=2s&ab_channel=NATIONNOWSAMACHAR

  • MAINPURI NEWS: भाजपा समर्थित भू माफियाओं पर सपा का हल्ला बोल, दलित कार्यकर्ता की जमीन कब्जाने का आरोप

    MAINPURI NEWS: भाजपा समर्थित भू माफियाओं पर सपा का हल्ला बोल, दलित कार्यकर्ता की जमीन कब्जाने का आरोप

    मैनपुरी: जनपद मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ने भाजपा से जुड़े कथित भू माफियाओं के (MAINPURI NEWS) खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में धरने पर बैठ गए. आरोप है कि सुमेरपुर तहसील के गांव परिगमा निवासी एक दलित कार्यकर्ता की पैतृक जमीन पर भाजपा से जुड़े दबंगों ने कब्जा कर लिया है. इस मामले को लेकर सपा नेताओं ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए.

    धरने में शामिल सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक कार्यकर्ता की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही दबंग भू माफिया गरीबों और दलितों की जमीनों पर कब्जा करते रहेंगे और प्रशासन आंखें मूंदे रहेगा, तो कानून का राज कहां रह जाएगा. MAINPURI NEWS

    दलित कार्यकर्ता सत्यम कठेरिया की आपबीती

    धरने का मुख्य मुद्दा भोगांव तहसील के एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव परिगमा निवासी सत्यम कठेरिया से जुड़ा है. सत्यम समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. उनका कहना है कि उनके पिता की जमीन भांवत-कुर्रा मार्ग पर सड़क के किनारे स्थित है. यह जमीन कई सालों से उनके परिवार की मिल्कियत है, लेकिन अब गांव के ही धर्मवीर सिंह ठाकुर, ब्रजनाथ, रामकरण, सुशील कुमार और रामपाल सिंह जैसे दबंग भाजपा समर्थक व्यक्ति इस जमीन को जबरन कब्जाना चाह रहे हैं.

    प्रशासन ने की थी पैमाइश, फिर भी जारी है अवैध कब्जा

    सत्यम कठेरिया ने कई बार पुलिस और तहसील में शिकायत की. इस पर भोगांव की एसडीएम संध्या शर्मा और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश कर चिन्हांकन किया गया. बावजूद इसके, आरोपित भू माफिया लगातार इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. सत्यम ने बताया कि चिह्नित की गई जमीन पर लगाई गई सरकारी निशानियां तक उखाड़ दी गईं.

    सपा जिलाध्यक्ष ने उठाए प्रशासन पर सवाल

    धरने में मौजूद समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य ने खुलकर आरोप लगाया कि एसडीएम संध्या शर्मा भू माफियाओं से मिली हुई हैं. उन्होंने कहा, “एक ओर तो जमीन की पैमाइश करवा कर निशानदेही की जाती है और दूसरी ओर उन्हीं भू माफियाओं को जमीन पर कब्जा करने दिया जाता है. यह दोहरा रवैया दर्शाता है कि प्रशासन दबंगों की मिलीभगत से काम कर रहा है.”

    आलोक शाक्य ने कहा कि सत्यम कठेरिया एक गरीब दलित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है. अगर सत्यम मौके से बचकर नहीं भागता, तो भू माफिया उसे जान से भी मार सकते थे.

    सपा नेता बोले- सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे लड़ाई

    धरने में मौजूद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज कुमार ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी. उन्होंने कहा, “अगर हमारे कार्यकर्ता को न्याय नहीं मिला, तो हम सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। ‘जेल भरो आंदोलन’ की तैयारी की जाएगी और पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा.”

    मनोज कुमार ने यह भी कहा कि यह केवल एक जमीन का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि भाजपा राज में गरीब, दलित और पिछड़े समाज की जमीनों को कैसे दबंग लोग हड़प रहे हैं.

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    TRANSFER IN UP: CM योगी ने फिर चलाई तबादला एक्सप्रेस, 14 IAS और 6 PCS अफसरों को मिली नई तैनाती

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अफसरों के तबादलों की (TRANSFER IN UP) श्रृंखला तेजी से जारी है. मंगलवार रात शासन ने एक और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की जिसमें 14 आईएएस अधिकारियों और 6 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए. इन तबादलों में चार जिलों के जिलाधिकारियों को बदला गया है और कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. शासन ने साफ कर दिया है कि यह बदलाव सिर्फ शुरुआत है और तबादलों का यह दौर मई के अंत तक चल सकता है.

    TRANSFER IN UP- चार जिलों के डीएम बदले

    बलिया, हरदोई, महाराजगंज और पीलीभीत में नए जिलाधिकारियों की तैनाती की गई है.

    • मंगला प्रसाद सिंह को बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
    • अनुनय झा अब हरदोई के डीएम होंगे.
    • संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है.
    • ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत का डीएम बनाया गया है.

    इन तबादलों का उद्देश्य जिलों में विकास योजनाओं को गति देना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है. (TRANSFER IN UP)

    सीनियर IAS को मिले नए प्रभार

    • वरिष्ठ आईएएस दीपक कुमार को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
    • संजय कुमार सिंह, जो पहले पीलीभीत के डीएम थे, अब विशेष सचिव संस्कृति विभाग बनाए गए हैं.
    • रविंद्र कुमार प्रथम को विशेष सचिव कृषि और कृषि विपणन का प्रभार मिला है.
    • प्रेरणा शर्मा को विशेष सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में भेजा गया है.

    नगर विकास और परियोजनाओं में बदलाव

    • जयेंद्र कुमार को अयोध्या तीर्थ विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है.
    • अपूर्वा दुबे, जो अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष थीं, अब निदेशक सूडा बनी हैं.
    • कुलदीप मीणा को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

    मुख्य विकास अधिकारियों की नई तैनाती

    • मृणाली अविनाश जोशी को सिद्धार्थनगर का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है.
    • मथुरा की संयुक्त मजिस्ट्रेट निशा को बुलंदशहर का CDO बनाया गया है.

    PCS अफसरों का भी हुआ फेरबदल

    6 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं.

    • प्रकाश चंद्र को एडीएम न्यायिक हाथरस नियुक्त किया गया है.
    • शिवनारायण अब एडीएम न्यायिक बागपत बनेंगे.
    • विनीत कुमार सिंह को एडीएम नगर गाजियाबाद के पद पर भेजा गया है.
    • हिमांशु वर्मा को एडीएम गोरखपुर नियुक्त किया गया.
    • उत्कर्ष श्रीवास्तव को नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर बनाया गया है.
    • अलंकार अग्निहोत्री को नगर मजिस्ट्रेट बरेली नियुक्त किया गया है.

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  • AURAIYA HEATWAVE: औरैया में 43 डिग्री तापमान का कहर, जिला प्रशासन ने जारी की हीट वेव एडवाइजरी

    AURAIYA HEATWAVE: औरैया में 43 डिग्री तापमान का कहर, जिला प्रशासन ने जारी की हीट वेव एडवाइजरी

    औरैया: उत्तर प्रदेश का औरैया जिला इन दिनों भीषण गर्मी (AURAIYA HEATWAVE) की चपेट में है, जहां दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. झुलसा देने वाली गर्मी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. वहीं, जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और आम जनता को राहत देने के लिए व्यापक तैयारियों के साथ मैदान में उतर आया है. प्रशासन ने आम लोगों के साथ-साथ चिकित्सा विभाग को भी 24 घंटे अलर्ट रहने की एडवाइजरी जारी की है.

    लू की लपट से बेहाल औरैया- AURAIYA HEATWAVE

    बीते कुछ दिनों से औरैया में सूरज आग उगल रहा है. सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं. लोग जरूरी कार्यों को छोड़कर घरों में ही रहने को मजबूर हैं. तपती दोपहरी में इंसान तो क्या, जानवर और पक्षी भी राहत की तलाश में दिख रहे हैं. गर्मी से बेहाल लोग ठंडे पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, शिकंजी और गन्ने के जूस का सहारा ले रहे हैं.

    प्रशासन की एडवाइजरी जारी- AURAIYA HEATWAVE

    जिला प्रशासन ने आमजन के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. यदि बहुत आवश्यक हो तो सिर को अंगोछे या कपड़े से ढककर निकलें. दिनभर पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें. विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को बाहर निकलने से मना किया गया है. AURAIYA HEATWAVE

    जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि जिले में हीटवेव की स्थिति को देखते हुए जिला और स्वास्थ्य प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सकों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है. AURAIYA HEATWAVE

    हीट वेव वार्ड की व्यवस्था

    जिले के 100 शैय्या अस्पताल में विशेष रूप से हीट वेव से पीड़ित मरीजों के लिए एक अलग वार्ड स्थापित किया गया है. अधीक्षक ने जानकारी दी कि इस वार्ड में बेड, पंखा, कूलर और एयर कंडीशनर की सुविधा उपलब्ध है. साथ ही, ORS पैकेट, गर्मी से राहत देने वाली दवाइयां और आवश्यक उपकरणों को उपलब्ध कराया गया है. अस्पताल स्टाफ को विशेष निगरानी में लगाया गया है ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके.

    खाद्य सुरक्षा विभाग की चेकिंग- AURAIYA HEATWAVE

    जिलाधिकारी ने गर्मी के मौसम में जूस, शिकंजी और अन्य पेय पदार्थों की बिक्री को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए हैं. यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी दुकानदार मिलावटी या दूषित पेय न बेचे. इस प्रकार की सावधानी जनता की सेहत को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभा रही है.

    जनता ने राहत के इंतज़ामों की सराहना की

    गर्मी के इस विकराल दौर में प्रशासन की मुस्तैदी ने जनता को थोड़ी राहत जरूर दी है. लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह से व्यवस्थाएं बनी रहीं तो गंभीर परिस्थितियों से निपटने में काफी मदद मिलेगी. आमजन की ओर से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना की जा रही है.

    गर्मी से बचाव के लिए सुझाव

    • दिन के समय बाहर निकलने से बचें.
    • पानी, शिकंजी, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें.
    • हल्के रंग के कपड़े पहनें और सिर को ढककर निकलें.
    • लू लगने के लक्षणों जैसे चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी आदि पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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