Nation Now Samachar

Category: उत्तर प्रदेश

  • Auraiya Crime News: औरैया में शादी समारोह में तमंचा लहराना पड़ा भारी, प्रधान पति गिरफ्तार

    Auraiya Crime News: औरैया में शादी समारोह में तमंचा लहराना पड़ा भारी, प्रधान पति गिरफ्तार

    औरैया: जनपद में एक बार फिर हर्ष फायरिंग और अवैध असलहों (Auraiya Crime News) की खबर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है, जिसमें एक महिला प्रधान के पति समारोह के दौरान तमंचा लहराते और लोड करते हुए नजर आ रहे हैं. यह घटना करीब 15 दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

    यह पूरा मामला औरैया जिले के एरवाकटरा थाना क्षेत्र के कुकरकाट गांव का है. यहां की महिला प्रधान के पति राजेश कुमार एक शादी समारोह में शामिल हुए थे, जहां वह खुलेआम अवैध 12 बोर के तमंचे को लोड करते दिखाई दिए. जब किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने हाथ झटकते हुए अपनी ‘हनक’ दिखाई.

    वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी की वजह

    समारोह में मौजूद किसी व्यक्ति ने यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद कर ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी. वीडियो सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई और राजेश कुमार की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं. आरोपी को आखिरकार एरवाकटरा-किशनी मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया.

    पुलिस ने बताया कि राजेश कुमार के पास से एक 12 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया गया है, जिसे वह समारोह के दौरान लोड कर रहा था. पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है.

    पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

    डिप्टी एसपी प्रत्यूष मिश्रा ने बताया कि, “कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं है. अवैध हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग दंडनीय अपराध हैं. वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी ऐसी घटनाओं को सख्ती से रोका जाएगा.”

    बार-बार दोहराई जा रही है गलती

    औरैया में यह कोई पहली घटना नहीं है. हर्ष फायरिंग और अवैध असलहे लहराने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. लेकिन हर बार वायरल वीडियो के बाद ही पुलिस की कार्रवाई होती है. सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों लोग अब भी इस तरह की हरकतें करते हैं, जबकि सोशल मीडिया का जमाना है और किसी भी समय कोई वीडियो उन्हें मुश्किल में डाल सकता है.

    राजेश कुमार को शायद यह गुमान था कि ‘हम प्रधान पति हैं, हमें कोई नहीं छू सकता’, लेकिन इस बार यह अहंकार सलाखों के पीछे पहुंचा चुका है. अब सवाल यह भी है कि क्या इस घटना से दूसरे लोगों को सबक मिलेगा या फिर अगली वायरल क्लिप का इंतज़ार करना होगा.

    ये भी पढ़ें- BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR: छत्रपाल गंगवार की समन्वय बैठक, अधिकारियों को किया निर्देशित

  • BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR: छत्रपाल गंगवार की समन्वय बैठक, अधिकारियों को किया निर्देशित

    BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR: छत्रपाल गंगवार की समन्वय बैठक, अधिकारियों को किया निर्देशित

    बरेली: जिले की जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार (BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR ) ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समन्वय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के मुद्दों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में सड़क, पुल, जलापूर्ति, विद्युत व्यवस्था और गन्ना भुगतान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. सांसद ने कहा कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

    बैठक में सांसद के अलावा विधायक, एमएलसी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे. उन्होंने पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की और नए समाधान हेतु ठोस रणनीतियां बनाईं.

    सड़क और पुलों की दयनीय स्थिति पर गहरा ध्यान

    एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने नैनीताल रोड स्थित पचदौरा रोउ से पखुर्नी तक की जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग की, जिसे आगामी वर्ष 2025-26 की योजना में शामिल किया गया है. फरीदपुर विधायक ने मुड़िया भीकमपुर व भदरखपुर-मुड़िया मार्ग के क्षतिग्रस्त पुलों की तात्कालिक मरम्मत की आवश्यकता जताई. इन प्रस्तावों को भी वित्तीय योजना में सम्मिलित किया गया है. नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य ने दलेलनगर-अधकटा मार्ग पर बार-बार दुर्घटनाओं के कारण बने ब्लैक स्पॉट पर गंभीर चिंता व्यक्त की. इसके लिए विशेष योजना बनाई जाएगी.

    BAREILLY MP CHHATRAPAL GANGWAR
    सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने सड़क, पुल, बिजली और गन्ना भुगतान में सुधार के दिए सख्त निर्देश (Photo- NNS)

    बाढ़ कटान और सड़क दुर्घटना रोकथाम पर जोर

    नवाबगंज विधायक ने अमीननगर क्षेत्र में बाढ़ के कारण भूमि कटान का स्थायी समाधान मांगा. मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने मिर्जापुर-अटामांडा मार्ग पर सड़कों की खराब स्थिति और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए शीघ्र मरम्मत की मांग की. साथ ही ढकिया डैम पर रेगुलेटर और पैंटून पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया.

    विद्युत व्यवस्था और जलापूर्ति में सुधार की मांग

    बैठक में बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर की कमी और ट्यूबवेल कनेक्शन में अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई. जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों के कार्यक्षेत्रों में बदलाव करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए. जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति में आई अनियमितताओं और सड़कें खराब होने की समस्याओं पर भी तीखी नाराजगी जताई गई.

    गन्ना भुगतान में देरी पर नाराजगी

    नवाबगंज और बहेड़ी शुगर मिलों द्वारा गन्ना किसानों के भुगतान में देरी के मुद्दे पर विधायक नाराज नजर आए. गन्ना अधिकारी ने बताया कि बहेड़ी शुगर मिल के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति कर दी गई है, ताकि किसानों को जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जा सके.

    सांस्कृतिक संवर्धन के लिए कलाकारों को वाद्य यंत्र वितरित

    बैठक के अंत में जनप्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देने हेतु स्थानीय कलाकारों को वाद्य यंत्र वितरित किए, जो कला एवं संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

    ये भी पढ़ेें- WEEKLY RASHIFAL: जानिए इस हफ्ते कैसा रहेगा आपके सितारों का साथ?

  • BAREILLY CAR CLASH: बरेली में कार टक्कर के बाद खूनी संघर्ष, निकलीं तलवारें, चली फायरिंग, 3 घायल

    BAREILLY CAR CLASH: बरेली में कार टक्कर के बाद खूनी संघर्ष, निकलीं तलवारें, चली फायरिंग, 3 घायल

    बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के थाना फरीदपुर क्षेत्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई (BAREILLY CAR CLASH) जब एक मामूली सी कार टक्कर ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस संघर्ष में न केवल लाठी-डंडे और पत्थर चले, बल्कि तलवारें और फायरिंग तक की गई, जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    इनोवा खड़ी कार से टकराई- BAREILLY CAR CLASH

    घटना फरीदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंडांडा और हाजीपुर खजुरिया अड्डे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे की ओर जा रहे एक सरदारों के काफिले की इनोवा कार तेज़ रफ्तार में ग्राम हाजीपुर खजुरिया अड्डे पर खड़ी एक कार से टकरा गई। खड़ी कार में उस समय चालक विशाल सागर समेत कुछ लोग बैठे हुए थे, जो टक्कर से घायल हो गए। BAREILLY CAR CLASH

    इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी- BAREILLY CAR CLASH

    इस टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। शिकायतकर्ता अंकित तोमर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी कार अड्डे पर खड़ी थी। दोपहर करीब 1 बजे बीसलपुर की ओर से आ रही इनोवा कार ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी।

    टक्कर के बाद इनोवा में सवार 5 सरदार नीचे उतरे और चालक विशाल सागर के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। यह देख अंकित तोमर मौके पर पहुंचे और परिजनों के साथ चालक को बचाने की कोशिश की।

    लेकिन आरोप है कि इस दौरान सरदार पक्ष ने फोन करके 10 से 15 और लोगों को बुला लिया। मामला इतना बढ़ गया कि सरदार पक्ष के लोग तलवारें और अवैध असलहे लेकर सीधे अंकित तोमर के घर में घुस आए और हमला कर दिया। इस हमले में अंकित तोमर, उनका छोटा भाई अनुज तोमर और मां गीता देवी घायल हो गए।

    सबसे गंभीर बात यह रही कि आरोपियों ने फायरिंग भी की, लेकिन अंकित तोमर बाल-बाल बच गए। गांव में दहशत का माहौल बन गया और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच, BAREILLY CAR CLASH

    घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इंस्पेक्टर क्राइम रविंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। वहीं, हिंदू मुन्ना वाहिनी और क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ता भी थाना पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस ने अंकित तोमर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, सरदार पक्ष की ओर से मिली शिकायत पर भी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि घायलों का मेडिकल परीक्षण कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर सामने लाई जाएगी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो। BAREILLY CAR CLASH

    इस घटना से यह स्पष्ट है कि छोटी सी चिंगारी भी कैसे बड़े विवाद का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से लोगों में रोष फैल रहा है और पुलिस पर दबाव है कि वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे।

    फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और दोनों ही तरफ से मिले तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। बरेली पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल अभी भी बना हुआ है। BAREILLY CAR CLASH

    ये भी पढ़ें- VIJAY SHAH CONTROVERSY: सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को लगाई फटकार, 3 सदस्यीय SIT जांच के आदेश

  • UP DNA Row: सपा के D.N.A. पर ब्रजेश पाठक का वार, अखिलेश यादव का पलटवार, बढ़ी सियासी तपिश

    UP DNA Row: सपा के D.N.A. पर ब्रजेश पाठक का वार, अखिलेश यादव का पलटवार, बढ़ी सियासी तपिश

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप (UP DNA Row) के भंवर में उलझती नजर आ रही है. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा समाजवादी पार्टी के “डीएनए” पर की गई टिप्पणी ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है. पाठक की इस टिप्पणी के जवाब में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे ‘अशोभनीय’ बताते हुए मर्यादा में रहने की सलाह दी है. हालांकि, ब्रजेश पाठक ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि उनके कहे डीएनए का संबंध किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि सपा की कार्यप्रणाली, विचारधारा और चरित्र से था.

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सपा के डीएनए में खामी का उल्लेख किया. इस पर समाजवादी पार्टी की मीडिया इकाई ने उनके माता-पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी. आलोचना और मुकदमे की आशंका के चलते बाद में वह पोस्ट हटा दी गई. जवाब में अखिलेश यादव ने पाठक को नसीहत दी कि वे यदुवंशियों के डीएनए पर टिप्पणी करने से बचें.

    सोमवार सुबह ब्रजेश पाठक ने एक और पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी किसी समुदाय विशेष को लेकर नहीं थी, बल्कि सपा की विचारधारा पर आधारित थी. उन्होंने कहा, “सपा का डीएनए यानी उसकी चाल, चरित्र और चेहरा जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति पर आधारित रहा है. मुस्लिम तुष्टीकरण समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल हिस्सा रहा है.”

    ब्रजेश पाठक ने सपा पर आरोप लगाया कि वह हमेशा दलितों के अधिकारों को दबाने और समाज को बांटने का कार्य करती रही है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार ने मुख्यमंत्री रहते हुए आतंकियों से जुड़े 14 केस वापस लिए थे, जो तुष्टीकरण की नीति को दर्शाता है.

    अखिलेश यादव का पलटवार और सियासी मर्यादा की नसीहत– UP DNA Row

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक की टिप्पणी को अमर्यादित करार देते हुए कहा कि यह भाजपा नेताओं की गिरती हुई सोच का प्रतीक है. उन्होंने पाठक को यह याद दिलाने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश की जनता अब जातीय भेदभाव और सांप्रदायिकता की राजनीति को नहीं सहती.

    अखिलेश यादव ने कहा कि डीएनए पर टिप्पणी करना पूरी बिरादरी और उनके सम्मान पर सवाल उठाने जैसा है. उन्होंने भाजपा से अपील की कि वह चुनावों में विकास और मुद्दों की राजनीति करे, न कि व्यक्तिगत आक्षेप और जातीय विवादों को हवा दे.

    ओम प्रकाश राजभर का संतुलन और फोकस राजनीति पर, UP DNA Row

    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दोनों दलों को सलाह देते हुए कहा कि राजनीति में ऐसे बयानबाजी से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “डीएनए पर बात करने की बजाय बेरोजगारी, शिक्षा, महंगाई और किसान हितों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो तो बेहतर होगा.”

    राजभर ने यह भी कहा कि जब नेता सत्ता में होते हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन सत्ता जाते ही उन्हें खामियां नजर आने लगती हैं. उन्होंने सपा नेताओं को भी नसीहत दी कि वे गेस्टहाउस कांड को न भूलें और दोहरे मापदंड अपनाने से बचें.

    केतकी सिंह का हमला: सपा पाकिस्तान प्रेमी मानसिकता वाली पार्टी, UP DNA Row

    बलिया की बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने इस विवाद को लेकर सपा पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा भारत विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देती है. उन्होंने पूछा कि जब पाकिस्तान पर कार्रवाई होती है तो सपा नेताओं को दर्द क्यों होता है?

    केतकी सिंह ने कहा कि यह मानसिकता दर्शाती है कि सपा नेताओं की निष्ठा कहां है. उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा, “ये भारत में रहते हैं, भारत का खाते हैं और पाकिस्तान की बात करते हैं.” उन्होंने ब्रजेश पाठक पर की गई टिप्पणियों को गंदी मानसिकता बताया और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

    विश्लेषण: सियासी बयानबाजी से किसका नुकसान ?, UP DNA Row

    विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण तो पैदा करती है, लेकिन असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं. रोजगार, महंगाई, शिक्षा और किसानों के विषय पर बहस होनी चाहिए, लेकिन नेताओं की प्राथमिकता बयानबाजी तक सीमित रह गई है. राजनीतिक दलों को समझना होगा कि मतदाता अब ज्यादा जागरूक हो चुका है और वह सिर्फ जुबानी जंग से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों से प्रभावित होता है.

    ये भी पढ़ें- High Salary Jobs in UP: यूपी में विदेशी निवेश की बहार! 2 लाख हाई-पे जॉब्स का रास्ता तैयार

    सोर्स- ETV BHARAT

  • High Salary Jobs in UP: यूपी में विदेशी निवेश की बहार! 2 लाख हाई-पे जॉब्स का रास्ता तैयार

    High Salary Jobs in UP: यूपी में विदेशी निवेश की बहार! 2 लाख हाई-पे जॉब्स का रास्ता तैयार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए (High Salary Jobs in UP) एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है. 2024 में पेश की गई ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 2 लाख से अधिक उच्च वेतन वाली नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है. यह नीति राज्य को वैश्विक कारोबार के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

    High Salary Jobs in UP- यूपी की GCC नीति का उद्देश्य

    इस नीति का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यवसाय के नक्शे पर प्रमुख स्थान दिलाना है. नोएडा, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों को तकनीकी और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके तहत विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं ताकि राज्य में आर्थिक समृद्धि और विकास को बढ़ावा मिले.

    आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन और निवेश के अवसर

    योगी सरकार ने निवेशकों के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहन योजना घोषित की हैं, जिसमें भूमि पर 30-50% की सब्सिडी, 100% स्टांप ड्यूटी छूट, 25% पूंजीगत सब्सिडी, 5% ब्याज सब्सिडी, और परिचालन सब्सिडी शामिल हैं. इसके अलावा, प्रति कर्मचारी पेट्रोल सब्सिडी भी उपलब्ध है, जो 1.8 लाख रुपये तक हो सकती है. ये सभी प्रोत्साहन निवेश लागत को कम करने और निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने में मदद करेंगे.

    स्पष्ट मानदंड और व्यापक निवेश अवसर

    इस नीति में लेवल-1 और एडवांस्ड GCC के लिए स्पष्ट निवेश मानदंड तय किए गए हैं. लेवल-1 GCC के लिए 15 करोड़ रुपये निवेश या 500 कर्मचारियों की भर्ती जरूरी है, जबकि एडवांस्ड GCC के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश या 1,000 कर्मचारियों की शर्त है. इससे न केवल बड़े निवेशकों को बल्कि छोटे और मध्यम निवेशकों को भी समान अवसर मिलेंगे.

    फॉर्च्यून 500 कंपनियों और विदेशी निवेश पर विशेष ध्यान

    यूपी सरकार फॉर्च्यून ग्लोबल 500 और इंडिया 500 कंपनियों के साथ-साथ 100 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर खास ध्यान दे रही है. इस नीति के तहत इन्हें अनुकूल प्रोत्साहन पैकेज भी दिए जा रहे हैं, जो वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा.

    नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा

    यूपी सरकार ने इस नीति में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए हैं. स्टार्टअप्स के लिए 50% लागत प्रतिपूर्ति, पेटेंट के लिए आईपीआर सब्सिडी, और उत्कृष्टता केंद्रों के लिए वित्तीय अनुदान शामिल हैं. इससे राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और युवा उद्यमी नई खोज कर सकेंगे.

    आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

    ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति से यूपी में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा. नोएडा और लखनऊ जैसे शहर तकनीकी सेवाओं के हब के रूप में विकसित होंगे, जबकि कानपुर और वाराणसी जैसे शहर डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे. यह नीति न केवल आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि सामाजिक समृद्धि और युवाओं के कौशल विकास में भी मददगार साबित होगी.

    ये भी पढ़ें- UP WEATHER UPDATE: उत्तर प्रदेश में मौसम का महासंग्राम: कहीं लू की मार, कहीं बारिश की फुहार

  • UP WEATHER UPDATE: उत्तर प्रदेश में मौसम का महासंग्राम: कहीं लू की मार, कहीं बारिश की फुहार

    UP WEATHER UPDATE: उत्तर प्रदेश में मौसम का महासंग्राम: कहीं लू की मार, कहीं बारिश की फुहार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम की उठापटक ने लोगों की दिनचर्या को (UP WEATHER UPDATE) बुरी तरह प्रभावित किया है. राज्य के कई जिलों में लू (हीट वेव) की चपेट है, तो वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न मौसम परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है.

    UP WEATHER UPDATE- इन जिलों में लू का अलर्ट

    मौसम विभाग ने झांसी, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर आदि जिलों में लू की स्थिति की चेतावनी दी है. शनिवार को झांसी राज्य का सबसे गर्म जिला रहा जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है.

    इस लू के कारण दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आईं और स्कूलों में भी उपस्थिति कम रही. स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

    बिजली-गर्जन और तेज हवाएं: तराई क्षेत्र में बदलेगा मौसम का मिजाज

    पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई जिलों — मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी — में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन/बिजली गिरने की संभावना है.

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि 19 मई से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी. इससे तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है.

    UP WEATHER UPDATE

    लखनऊ में साफ आसमान, लेकिन तापमान चढ़ा

    राजधानी लखनऊ में शनिवार को सुबह बादल जरूर छाए रहे, लेकिन दोपहर में आसमान साफ हो गया और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. रविवार को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है.

    कहां मिलेगी राहत और कब

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 मई से राज्य के अधिकांश हिस्सों में राहत मिल सकती है. पश्चिमी यूपी में 20 मई से मौसम बदलने लगेगा और बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. जबकि पूर्वी यूपी में 19 से 23 मई तक बिजली चमकने और हल्की बारिश की गतिविधियों के साथ मौसम में ठंडक आ सकती है.

    हालांकि, वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे तापमान 2 से 4 डिग्री तक कम हो सकता है. न्यूनतम तापमान में खास परिवर्तन नहीं देखा जाएगा.

    सावधान रहें: स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जरूरी अलर्ट

    • लू से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीना, छाया में रहना और धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
    • बिजली गिरने की संभावना वाले जिलों में किसान और ग्रामीण लोग सावधानी बरतें, खुले स्थानों पर न रहें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.
    • तेज हवाओं की चेतावनी के चलते कमजोर निर्माण स्थलों, पेड़, खंभे आदि से दूर रहें.

    राज्य के प्रमुख मौसम आंकड़े (18 मई 2025)

    जिलाअधिकतम तापमानन्यूनतम तापमानविशेष स्थिति
    झांसी45°C28°Cलू की स्थिति
    लखनऊ40°C27°Cसामान्य
    बहराइच36°C20°Cसबसे ठंडा
    गोरखपुर38°C24°Cबारिश की संभावना
    आगरा43°C29°Cहीटवेव

    अगले 5 दिन: कैसा रहेगा यूपी का मौसम?

    तिथिसंभावित गतिविधि
    19 मईबादलों की आवाजाही, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश
    20-21 मई30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं, बिजली गिरने की संभावना
    22-23 मईकुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
    24 मईतापमान में गिरावट, आंशिक राहत संभव

    ये भी पढ़ें- MOHAN BHAGWAT ON PAKISTAN: “दुनिया आपकी ताकत देख चुकी है”: मोहन भागवत का पाकिस्तान पर दो टूक संदेश

  • LUCKNOW LAWYER SUICIDE: लखनऊ में पत्नी से झगड़े के बाद वकील ने क्यों लगाई नहर में छलांग, जानिए…

    LUCKNOW LAWYER SUICIDE: लखनऊ में पत्नी से झगड़े के बाद वकील ने क्यों लगाई नहर में छलांग, जानिए…

    लखनऊ: बीबीडी क्षेत्र में इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात एक चौंकाने वाली घटना (Lucknow lawyer suicide) सामने आई, जब एक एडवोकेट ने पारिवारिक विवाद के बाद इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. उसे बचाने गए रिश्तेदार ने भी नदी में छलांग लगा दी. नदी के तेज बहाव के कारण दोनों नहर में गायब हो गए.

    आपको बता दें कि बीबीडी थाना क्षेत्र के इंदिरा डैम के पास शुक्रवार रात लगभग 12 बजे के करीब पारिवारिक कहासुनी के बाद एडवोकेट अनुपम तिवारी (37 वर्ष) ने इंदिरा नहर में छलांग लगा दी. पीछे से उसे समझाने पहुंचे उनके फुफेरे भाई शिवम उपाध्याय भी उन्हें बचाने नहर में कूद पड़े. दोनों ही नहर के तेज बहाव में बह गए. देर रात पुलिस और SDRF को इसकी सूचना दी गई. शनिवार दोपहर तक शिवम का शव मिल गया, जबकि वकील की तलाश अभी भी जारी है.

    पत्नी से कहासुनी के बाद घर से निकले थे वकील– LUCKNOW LAWYER SUICIDE

    मधुबन मऊ निवासी अभिषेक सिंह ने पुलिस को बताया कि एडवोकेट अनुपम तिवारी अपने परिवार के साथ घर के पास ही रहते हैं. शुक्रवार रात उनका पत्नी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद वे घर से नाराज होकर निकल गए. वे सीधे इंदिरा डैम की ओर गए और गुस्से में आकर नहर में छलांग लगा दी.

    उनके साथ मौजूद शिवम उपाध्याय ने जब यह देखा तो उन्हें बचाने के लिए नहर में कूद पड़े लेकिन दोनों ही नहर के तेज बहाव में बहते चले गए.

    दूसरे शव की तलाश में जुटी SDRF

    सूचना मिलते ही बीबीडी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और SDRF को सूचना दी गई. SDRF की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शिवम उपाध्याय का शव बरामद कर लिया गया. वहीं, एडवोकेट अनुपम तिवारी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. एसडीआरएफ टीम का कहना है कि सर्च ऑपरेशन को 5 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है और लगातार खोजबीन जारी है.

    घटना के दो विपरीत संस्करण

    जहां एक ओर पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे खुदकुशी का मामला मान रही है, वहीं परिवार और एडवोकेट के साथी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. वकील के साथी एडवोकेट देवमणि मिश्रा का कहना है कि अनुपम खाना खाने के बाद अक्सर टहलने निकलते थे. शुक्रवार रात भी वे टहलने गए थे और नहर किनारे उनका पैर फिसलने से वे गिर पड़े. हालांकि, पुलिस सूत्रों और रिश्तेदारों की मानें तो यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है क्योंकि अनुपम और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था.

    तीन बच्चों के पिता थे एडवोकेट

    परिवार के अनुसार अनुपम तिवारी के दो बेटे और एक बेटी हैं. पत्नी हाउसवाइफ हैं. पारिवारिक माहौल सामान्य बताया गया, लेकिन देर रात हुए झगड़े के बाद यह बड़ा कदम उन्होंने क्यों उठाया, यह रहस्य बना हुआ है.

    पुलिस का बयान

    घटनास्थल पर पहुंचे एडीसीपी पूर्वी पंकज सिंह ने बताया, “हमें शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि दो लोग इंदिरा नहर में डूब गए हैं. SDRF को तत्काल मौके पर बुलाकर खोज अभियान शुरू किया गया. अभी तक एक शव मिल चुका है और दूसरे की तलाश की जा रही है.”

  • UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में मौसम की दोहरी मार; पश्चिम में लू, पूरब में बिजली-पानी का कहर

    UP WEATHER: उत्तर प्रदेश में मौसम की दोहरी मार; पश्चिम में लू, पूरब में बिजली-पानी का कहर

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मई का महीना इस बार दोहरी चुनौती लेकर (UP WEATHER) आया है. जहां एक ओर राज्य के पश्चिमी हिस्से तेज लू और भीषण गर्मी से तप रहे हैं, वहीं पूर्वी जिलों में मौसम का अचानक करवट बदलना बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की चेतावनी के रूप में सामने आ रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 मई से लेकर अगले कुछ दिनों तक विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग चेतावनियाँ जारी की हैं.

    बांदा बना तपते यूपी का सबसे गर्म जिला- UP WEATHER

    राज्य का बांदा जिला शुक्रवार को पूरे उत्तर भारत का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान है. इसके साथ ही प्रयागराज, कानपुर, झांसी, हमीरपुर और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया. यह स्थिति न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रही है. लू लगने से कई जिलों में अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है.

    मौसम विभाग का लू और आंधी-बिजली का डबल अलर्ट- UP WEATHER

    मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी के 22 जिलों में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। ये जिले हैं: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं.

    दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जिसमें मुख्य रूप से ये जिले शामिल हैं: देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर. इन इलाकों में तेज हवाएं (30 से 40 किमी प्रति घंटे) चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि तक की आशंका जताई गई है.

    लखनऊ का मौसम: थोड़ी राहत, लेकिन गर्मी कायम

    राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रहा। आसमान साफ रहा, लेकिन दोपहर के समय हल्के बादल भी देखे गए. अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया. शनिवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री तक रहने की संभावना जताई है. लखनऊ में फिलहाल गरज-चमक या वर्षा की कोई संभावना नहीं है, लेकिन हवा की दिशा और नमी के स्तर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.

    तापमान में जल्द राहत की उम्मीद

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 18 से 20 मई के बीच मौसम में बदलाव की संभावना है. खासकर पूर्वी और मध्य यूपी में हल्की बारिश और हवाओं के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू की स्थिति अभी बनी रहेगी.

    22 जिलों में लू का अलर्ट

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है, जिसमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, झांसी, हमीरपुर आदि शामिल हैं. वहीं, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है.

    गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

    1. दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें.
    2. पानी, छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करते रहें.
    3. सिर को ढककर रखें – टोपी, गमछा या छाता जरूर प्रयोग करें.
    4. बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़ा होने से बचें.
    5. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें – हीट स्ट्रोक से जल्दी प्रभावित होते हैं.

    ये भी पढ़ें- UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    ये भी पढ़ें- YOGI GOVERNMENT: योगी सरकार का श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास पर फोकस

  • YOGI GOVERNMENT: योगी सरकार का श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास पर फोकस

    YOGI GOVERNMENT: योगी सरकार का श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास पर फोकस

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग (YOGI GOVERNMENT) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रमिक और उद्योगपति एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि विरोधी, इसलिए नीतियों को इस भावना के साथ तैयार किया जाए.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक तरक्की प्रो-इंडस्ट्री और प्रो-श्रमिक दृष्टिकोण के संतुलन से ही सम्भव है. श्रम कानूनों को इस प्रकार सरल बनाया जाए जिससे उद्योगों को सुगमता हो, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों का किसी भी प्रकार से शोषण न हो.

    उद्योग विस्तार-रोजगार सृजन- YOGI GOVERNMENT

    मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि “हर हाथ को काम देने के लिए हमें उद्योगों को सशक्त बनाना होगा.” औद्योगिक विस्तार ही अधिकाधिक रोजगार निर्माण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि यदि उद्योग बंद होंगे तो कोई भी रोजगार सृजित नहीं हो सकेगा.

    साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि दुर्घटनाओं की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय के साथ बीमा सुरक्षा दी जाए. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे श्रमिक हितैषी और उद्योग समर्थ राज्य बने.

    बाल श्रमिकों का पुनर्वासन और उज्जवल भविष्य

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों को आजीविका, शिक्षा और पुनर्वासन के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ और अन्य प्रायोजित योजनाओं से जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि यह केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है. उन्होंने अटल आवासीय विद्यालयों को देश में मॉडल के रूप में उभरने की बात कही और इनकी गुणवत्ता की मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा.

    श्रमिक अड्डों को बनाएं मॉडल हब

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक अड्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया. इन स्थानों पर डोरमेट्री, शौचालय, पेयजल, कैंटीन और ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. कैंटीन में चाय-नाश्ता और भोजन 5-10 रुपये में मिलना सुनिश्चित किया जाए.

    साथ ही उन्होंने कहा कि असंगठित श्रमिकों की स्किल मैपिंग कर न्यूनतम मानदेय की गारंटी दी जाए, ताकि यह कार्यबल संगठित श्रम शक्ति में परिवर्तित हो सके.

    विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए विशेष योजना

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले निर्माण श्रमिकों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ गंतव्य देश की भाषा का भी प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए. यह उनकी कार्यक्षमता के साथ सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी जरूरी है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर निजी अस्पतालों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) से जोड़ा जाए ताकि संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें.

    उत्तर प्रदेश बना ‘अचीवर स्टेट’

    बैठक में जानकारी दी गई कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 13,809 कारखाने पंजीकृत थे, जबकि पिछले 9 वर्षों में 13,644 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है. यह लगभग 99% की वृद्धि को दर्शाता है. भारत सरकार के BRAP (Business Reforms Action Plan) रिकमेंडेशन में श्रम विभाग को ‘अचीवर स्टेट’ का दर्जा मिला है, जिसकी सराहना मुख्यमंत्री ने की.

    ये भी पढ़ें- JAISHANKAR MUTTAQI TALKS: जयशंकर-मुत्ताकी के बीच फोन पर हुई वार्ता, वीजा और रिश्तों पर चर्चा

  • MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE : मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ने आत्महत्या से पहले वीडियो में लगाए गंभीर आरोप

    मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर (MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE) आसिम अब्बासी, ने पारिवारिक संपत्ति विवाद से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. आसिम ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने भाइयों और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद, उसने अपनी पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और चाचा के खाली मकान में जाकर खुद को गोली मार ली.

    घटना का विवरण- MEERUT PROPERTY DEALER SUICIDE

    आसिम अब्बासी और उसके दो भाई, आमिर और समद, के बीच 150 गज के मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. चार दिन पहले हुई मारपीट में आसिम ने अपने भाइयों पर गोली चला दी थी, जिसके बाद भाइयों ने थाना भावनपुर में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

    घटना के दिन, दोपहर 12 बजे, आसिम ने अपनी पत्नी दिलकशी को वापस आने की बात कहकर घर से निकला. उसने पत्नी को संपत्ति के बंटवारे को लेकर मैसेज भेजा और फिर चाचा फरजन के खाली मकान में जाकर बरामदे में खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर जब परिजन पहुंचे, तब तक आसिम की मौत हो चुकी थी.

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके से तमंचा, खाली कारतूस, दो मोबाइल और 117 रुपये बरामद किए हैं. मृतक के पीछे छह माह का बेटा है. उसकी मां महजबी और अन्य परिजन शोक में डूबे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से भेजे गए मैसेज की भी जांच की जा रही है.

    पुलिस का बयान

    मेरठ के एसपी देहात, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जानकारी पुलिस को सूचना पाकर मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुक्रवार सुबह मृतक का मौत से पहले बनाया वीडियो सामने आने पर हड़कंप मच गया है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं. आला अधिकारियों ने इस मामले में जांच के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद कार्रवाई भी होगी.

    ये भी पढ़ें- RAJNATH SLAMS PAKISTAN: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भुज में बोले रक्षामंत्री राजनाथ, ’23 मिनट में निपटा दिए दुश्मन”