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Category: उत्तर प्रदेश

  • HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    HEATWAVE ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार, IMD ने जारी किया लू अलर्ट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. प्रदेश के अधिकतर जिलों में (HEATWAVE ALERT IN UP) दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और कुछ क्षेत्रों में यह 45 डिग्री को भी पार कर गया है. राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में लू का कहर जारी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है.

    आसमान से बरस रही आग- HEATWAVE ALERT IN UP

    राज्य के कई जिलों में आसमान से सीधे आग बरसती दिख रही है. दोपहर के समय चिलचिलाती धूप लोगों को घरों में कैद कर रही है. लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, और बरेली जैसे शहरों में तापमान लगातार 43-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है.

    प्रयागराज बना सबसे गर्म शहर

    गुरुवार को प्रयागराज सबसे गर्म जिला रहा जहां तापमान 44.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है. वहीं, बहराइच में न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 1 डिग्री कम था.

    जानवर भी बेहाल

    तेज़ गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेज़ुबान जानवरों पर भी दिख रहा है. पेड़-पौधों की छांव और पानी की तलाश में बेसहारा पशु इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. गांवों और शहरों में पशुओं को राहत देने के लिए प्रशासन को भी कदम उठाने की आवश्यकता है.

    IMD की चेतावनी: लू से रहें सतर्क

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. इनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बरेली, झांसी जैसे जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों में रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है, जिससे नींद में खलल और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.

    यहां मिल सकती है राहत?

    तराई क्षेत्रों जैसे गोरखपुर, महाराजगंज, पीलीभीत, बस्ती आदि में शनिवार से बादलों की हल्की आवाजाही और बारिश की संभावना जताई गई है. इससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है लेकिन मध्य और दक्षिणी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर बना रहेगा.

    आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

    मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों तक गर्मी और बढ़ेगी जबकि पूर्वी यूपी में थोड़ी गिरावट के आसार हैं. न्यूनतम तापमान में भी मामूली वृद्धि होगी लेकिन कुल मिलाकर मौसम का मिजाज राहत देने वाला नहीं दिख रहा.

    सावधानियां ज़रूरी

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. शरीर को हाइड्रेट रखना, छायादार स्थानों में रहना और हल्के सूती कपड़े पहनना इस मौसम में आवश्यक हो गया है.

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  • ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN: जालौन में दिनदहाड़े ज्वैलरी शॉप पर हमला, दुकानदार की सूझबूझ से टली बड़ी लूट

    ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN: जालौन में दिनदहाड़े ज्वैलरी शॉप पर हमला, दुकानदार की सूझबूझ से टली बड़ी लूट

    जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कोंच कोतवाली क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले बाजार में (ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN) उस समय सनसनी फैल गई जब आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने एक ज्वैलरी शॉप पर दिनदहाड़े धावा बोल दिया. बदमाशों ने अवैध तमंचों से लैस होकर नवीन ज्वैलरी शॉप में घुसकर लूटपाट की कोशिश की। दुकान के मालिक संजीव कुमार की सूझबूझ से एक बड़ी वारदात टल गई.

    पूरा घटनाक्रम- ROBBERY ATTEMPT AT JALAUN

    यह वारदात दोपहर के समय घटी जब बाजार में खासी भीड़ थी. संजीव कुमार, जो नवीन ज्वैलर्स के मालिक हैं, अपनी दुकान में मौजूद थे तभी छह नकाबपोश बदमाश अंदर घुसे. सभी हथियारों से लैस थे और सीधे लूट की मंशा से दुकान में घुसे. लेकिन संजीव कुमार ने साहस का परिचय देते हुए तुरंत दुकान की शटर गिरा दिया और खुद को अंदर बंद कर लिया. हालांकि, दुकानदार जब तक किसी को खबर करता, तब तक सभी बदमाश मौका पाकर फरार हो गये.

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस-

    घटना की जानकारी मिलते ही कोंच क्षेत्राधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने ज्वैलरी शॉप में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके. संजीव कुमार ने बताया, “मुझे अपनी जान बचानी थी, इसलिए सबसे पहले शटर गिराया. अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बदमाश क्या-क्या सामान ले गए हैं, जांच के बाद ही साफ होगा.”

    घटना के बाद एसपी जालौन ने जानकारी दी है कि पीड़ित दुकानदार ने पूछताछ में बताया है कि बदमाश कोई भी सामान नहीं ले जा पाए हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है. पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
    इस घटना के बाद नगर में दहशत का माहौल है. आम जनता और व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है. आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं से यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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  • MEERUT OIL TANKER FIRE: मेरठ में ऑयल टैंकरों में लगी भीषण आग, 4 टैंकर जलकर खाक

    MEERUT OIL TANKER FIRE: मेरठ में ऑयल टैंकरों में लगी भीषण आग, 4 टैंकर जलकर खाक

    मेरठ: शहर के टीपी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया (MEERUT OIL TANKER FIRE) जब एक ऑयल डिपो के पास खड़े टैंकर में अचानक आग लग गई. यह आग इतनी तेजी से फैली कि बगल में खड़े चार टैंकर उसकी चपेट में आ गए और धू-धू कर जल उठे. हालांकि, राहत की बात यह रही कि सभी टैंकर खाली थे और समय रहते दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लिया.

    कैसे लगी आग?

    घटना शाम करीब 6 बजे की है जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि पुट्ठा क्षेत्र में ऑयल टैंकरों में आग लग गई है. शुरुआती जांच के अनुसार, बिजली के टूटे तारों से निकली चिंगारी को इस आग का कारण माना जा रहा है. यह चिंगारी पहले एक टैंकर को लगी और देखते ही देखते चार टैंकर इसकी चपेट में आ गए.

    दमकल विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा

    आग की सूचना मिलते ही परतापुर फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं. बाद में पुलिस लाइन फायर स्टेशन से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं. कुल सात से अधिक फायर टेंडर ने आग बुझाने के लिए घंटों मशक्कत की. तेज़ हवा और पास-पास खड़े टैंकरों के चलते आग तेजी से फैल रही थी लेकिन फायर टीम ने साहस और संयम से स्थिति पर काबू पाया.

    मौके पर मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फायर ऑपरेशन की निगरानी की. दमकल कर्मियों के साथ-साथ पुलिस टीम ने भी इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित की. यह एक भीषण अग्निकांड था लेकिन समय पर की गई कार्रवाई के चलते जनहानि नहीं हुई.

    कितना हुआ नुकसान?

    हालांकि, सभी ऑयल टैंकर खाली थे, लेकिन लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई. पार्किंग क्षेत्र में मौजूद कई वाहन आग की चपेट में आ सकते थे, लेकिन स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. फिलहाल आग से जुड़े सटीक नुकसान का आंकलन किया जा रहा है.

    क्या बोले अधिकारी?

    दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग की शुरुआत संभवतः शॉर्ट सर्किट या बिजली के टूटे तारों से हुई स्पार्किंग से हुई है. हालांकि, आग की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी. फायर विभाग ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है.

    स्थानीय लोगों में दहशत

    घटना के वक्त इलाके में मौजूद लोगों ने बताया कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दूर तक नजर आ रही थीं. कुछ लोगों ने आग बुझाने की कोशिश भी की लेकिन जैसे ही आग ने विकराल रूप लिया, सब पीछे हट गए. पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.

    पुलिस और दमकल विभाग का कहना है कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं है. आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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  • UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    UP CABINET DECISIONS- यूपी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, सीड पार्क, दुग्ध नीति और पंचायत अनुदान को मंजूरी

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक (UP CABINET DECISIONS) में राज्य के विकास को गति देने वाले 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन प्रस्तावों में कृषि, दुग्ध उत्पादन, औद्योगिक विकास, पंचायत सशक्तिकरण और नागरिक उड्डयन से जुड़े निर्णय शामिल हैं.

    कृषि और दुग्ध क्षेत्र में बड़े फैसले

    1. चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना:
    कैबिनेट ने लखनऊ के अटारी गांव में 130.63 एकड़ भूमि पर ₹251.70 करोड़ की लागत से चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना को मंजूरी दी है. यह पार्क उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी.

    2. दुग्ध नीति 2022 में संशोधन:
    उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति 2022 में संशोधन करते हुए, नई दुग्ध प्रसंस्करण यूनिट की स्थापना पर पूंजीगत अनुदान को 35% तक बढ़ा दिया गया है. इससे डेयरी उद्योग में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

    औद्योगिक विकास को बढ़ावा

    3. औद्योगिक इकाइयों को LOC की मंजूरी:
    कैबिनेट ने जेके सीमेंट प्रयागराज (₹450.92 करोड़), मून बेवरेज लिमिटेड हापुड़ (₹469.61 करोड़), सिल्वर पल्प एंड पेपर मिल मुजफ्फरनगर (₹403.88 करोड़), ग्लोबल स्पिलट्स लिमिटेड लखीमपुर (₹399.74 करोड़) और चांदपुर इंटरप्राइजेज (₹273.9 करोड़) को LOC जारी करने की मंजूरी दी है. इससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

    4. मेसर्स RCCPL रायबरेली को सब्सिडी में सुधार:
    मेसर्स RCCPL रायबरेली को दी जाने वाली सब्सिडी में सुधार के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिससे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा.

    पंचायतों और ग्रामीण विकास के लिए पहल

    5. पंचायत उत्सव भवन की स्थापना:
    1500 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में पंचायत उत्सव भवन की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है. पहले चरण में 71 भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

    6. ग्राम पंचायतों को आर्थिक प्रोत्साहन:
    राज्य सरकार ने एक लाख रुपये की आय करने वाली ग्राम पंचायतों को ₹5 लाख का अनुदान देने का निर्णय लिया है, जिससे पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी.

    नगर विकास और नागरिक उड्डयन में सुधार

    7. अमृत योजना में निकाय अंश में छूट:
    अमृत योजना के तहत 7 निकायों के ₹90 करोड़ के निकाय अंश को माफ करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है, जिससे शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी.

    8. नागरिक उड्डयन विभाग में वेतन पुनर्निधारण:
    नागरिक उड्डयन विभाग में संविदा पर कार्यरत पायलट, को-पायलट, इंजीनियर, एयरोनॉटिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के कार्मिकों और तकनीकी/गैर-तकनीकी स्टाफ को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने का निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा.

    🛡️ ऑपरेशन सिंदूर पर अभिनंदन प्रस्ताव

    9. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर अभिनंदन:
    कैबिनेट ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रधानमंत्री और भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के लिए अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल और बढ़ेगा.

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    SOURCE- HINDUSTAN

  • LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    LUCKNOW BUS FIRE: लखनऊ में डबल डेकर बस में भीषण आग, 2 बच्चों समेत 5 की दर्दनाक मौत, CM योगी ने जताया शोक

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना (LUCKNOW BUS FIRE) क्षेत्र के किसान पथ पर बुधवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया. बिहार से दिल्ली जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई, जिससे दो बच्चों और दो महिलाओं समेत पांच लोगों की ज़िंदा जलकर मौत हो गई. हादसे के वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला.

    यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 5 बजे हुआ जब बस किसान पथ से गुजर रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में पहले धुआं भरने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया. बस में सवार कई यात्री नींद में थे, जिससे आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई.

    बताया जा रहा है कि बस का ड्राइवर और कंडक्टर आग लगने के बाद वाहन से कूदकर फरार हो गए. सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने बचाव का प्रयास किया और फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और पीजीआई थाना पुलिस पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

    LUCKNOW BUS FIRE- मृतकों की पहचान और बचाव कार्य

    हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मासूम बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं. आग बुझने के बाद पुलिस शवों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा. कुछ घायल यात्रियों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. अभी कई यात्री लापता बताए जा रहे हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की.

    प्रशासन की तत्परता

    जैसे ही घटना की सूचना मिली, प्रशासन हरकत में आया और पुलिस बल के साथ दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है और ड्राइवर-कंडक्टर की तलाश जारी है. शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

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  • BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    BIRD FLU ALERT IN UP: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, गोरखपुर में बाघिन की मौत से हड़कंप, 4 चिड़ियाघर बंद

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा (BIRD FLU ALERT IN UP) लगातार गहराता जा रहा है. गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में एक दो वर्षीय बाघिन ‘शक्ति’ की रहस्यमय मौत के बाद जब रिपोर्ट सामने आई, तो हड़कंप मच गया. राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (NIHSAD), भोपाल से आई रिपोर्ट में बाघिन की मौत का कारण एवियन इन्फ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू (H5N1) पाया गया. इसके साथ ही उसमें ‘वाइब्रियो’ नामक दुर्लभ बैक्टीरियल संक्रमण भी मिला है, जो आमतौर पर समुद्री जीवन में देखा जाता है.

    इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य के वन एवं स्वास्थ्य विभाग को तुरंत और व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने न सिर्फ गोरखपुर, बल्कि कानपुर, लखनऊ और इटावा के चिड़ियाघरों तथा इटावा लायन सफारी को भी अगले सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. साथ ही राज्य के सभी टाइगर रिजर्व और संरक्षित वन क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

    BIRD FLU ALERT IN UP- बर्ड फ्लू: एक जानलेवा वायरस

    बर्ड फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जिसे H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है. यह वायरस मुख्यतः पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी फैल सकता है. यह बीमारी तेज़ी से फैलती है और यदि समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो घातक साबित हो सकती है.

    भारत में पहले भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी बाघ की मौत से इसकी पुष्टि हुई है. इससे यह स्पष्ट है कि वायरस अब वन्यजीवों तक भी पहुंच गया है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.

    सतर्कता के निर्देश: चार चिड़ियाघर और एक सफारी बंद

    बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर के चिड़ियाघर और इटावा लायन सफारी को सात दिनों के लिए बंद कर दिया है. सभी संरक्षित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी टाइगर रिजर्व जैसे दुधवा (लखीमपुर खीरी), पिलीभीत, अमानगढ़ (बिजनौर), रानीपुर (चित्रकूट) और सुहेलवा (बलरामपुर) को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं. कर्मचारियों को प्रतिदिन हर जानवर की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है.

    रोकथाम के उपाय: पीपीई किट, स्क्रीनिंग और निगरानी

    सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी कर्मचारियों को पीपीई किट पहनकर ड्यूटी करनी होगी. चिड़ियाघर परिसरों में ब्लो टॉर्चिंग, सैनेटाइजेशन और सभी पक्षियों तथा जानवरों की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है.

    पोल्ट्री फार्मों की भी सघन निगरानी की जा रही है. पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वायरस अन्य इलाकों में न फैले. साथ ही स्वास्थ्य विभाग को इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षणों की जांच और रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

    चिंता की एक और वजह: बीमार बाघ ‘पटौदी’ की शिफ्टिंग

    बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद एक और चिंता की वजह तब सामने आई जब एक बीमार बाघ ‘पटौदी’ को कानपुर चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया गया. अधिकारियों को आशंका है कि यदि यह बाघ भी संक्रमित हुआ, तो वहां भी वायरस फैल सकता है. इसलिए कानपुर चिड़ियाघर को भी बंद कर सभी जानवरों की निगरानी शुरू कर दी गई है.

    जनता के लिए जरूरी हिदायतें

    वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक वे किसी भी चिड़ियाघर, बर्ड सैंक्चुअरी या टाइगर रिजर्व में न जाएं. यदि उन्हें किसी मृत पक्षी या जानवर की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें. अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

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    SOURCE- BBC HINDI, AAJTAK

  • CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    CM YOGI ACTION: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, UP में चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM YOGI ACTION) ने प्रदेश में बढ़ती मिलावटखोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब जो लोग खाद्य पदार्थों और दवाओं में मिलावट करेंगे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों जैसे चौराहों पर लगाई जाएंगी. यह फैसला ना सिर्फ अपराधियों में भय पैदा करेगा, बल्कि जनता को जागरूक करने का भी काम करेगा.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मिलावटखोरी सिर्फ एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि यह समाज पर एक कलंक है.” उन्होंने इसे “सामाजिक अपराध” बताते हुए साफ कर दिया कि अब किसी भी सूरत में मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा.

    CM YOGI ACTION- मिलावट पर लगेगा ब्रेक, बनेंगी डेडिकेटेड टीमें

    CM योगी ने राज्य भर में नकली और मिलावटी उत्पादों की जांच के लिए डेडिकेटेड टीमें बनाने का निर्देश दिया है. इन टीमों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे दूध, घी, तेल, पनीर, मसाले और अन्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की सघन जांच करें.

    इसके साथ ही, हर मंडल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी. 12 मंडलों में FSDA लैब्स और 3 माइक्रोबायोलॉजी लैब्स जल्द शुरू की जाएंगी, जहां खाद्य और औषधि के नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जा सकेगी.

    नकली दवाएं बनाने वालों पर भी चलेगा कानून का डंडा

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि नकली दवाएं बनाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए. स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी केस दर्ज किए जा सकते हैं. इसके अलावा, “पेशेवर रक्तदाताओं” की पहचान करके उन पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे ब्लड बैंकों की विश्वसनीयता बनी रहे और कोई भी मरीज खतरे में न आए.

    चौराहों पर लगेंगी मिलावटखोरों की तस्वीरें

    सीएम योगी के निर्देश के मुताबिक अब जो व्यक्ति मिलावटखोरी में पकड़े जाएंगे, उनकी तस्वीरें प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, खासकर शहरों और कस्बों के चौराहों पर लगाई जाएंगी. इसका मकसद है जनता को ऐसे अपराधियों के बारे में जागरूक करना और मिलावट करने वालों को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना. इस तरह की कार्रवाई राज्य में पहले भी अपराधियों और दुष्कर्मियों के खिलाफ की जा चुकी है, और उसका अच्छा असर देखने को मिला था.

    बनेगा कॉर्पस फंड

    मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरी पर रोक लगाने और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के लिए “कॉर्पस फंड” बनाए जाने की घोषणा की है. यह फंड लैब्स के उपकरणों, जांच टीमों के खर्च, प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियानों में खर्च किया जाएगा.

    सरकार की रणनीति: चौतरफा प्रहार

    सरकार ने मिलावट पर रोक के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है जिसमें शामिल हैं:

    • उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच
    • डिस्ट्रीब्यूटर और खुदरा विक्रेताओं की निगरानी
    • गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी
    • जनजागरूकता अभियान

    जनता का सहयोग भी ज़रूरी

    सीएम योगी ने कहा कि सरकार के प्रयास तब और प्रभावी होंगे जब आम जनता भी इसमें भागीदारी निभाए. यदि किसी को मिलावट की सूचना मिलती है, तो वह संबंधित प्रशासन या FSDA को तुरंत सूचना दे सकता है. सरकार ऐसे लोगों की पहचान गोपनीय रखेगी.

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  • KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर (KANPUR FIRE) के सबसे बड़े और ऐतिहासिक बाज़ारों में से एक कलेक्टरगंज बाजार में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई. इस घटना ने पूरे शहर को दहला दिया. कानपुर सीएफओ के मुताबिक यह आग केमिकल से भरे ड्रमों के सिलसिलेवार फटने के कारण लगी, जिससे पहले धमाके हुए और फिर तेजी से आग फैल गई. आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यह लपटें 15-20 फीट ऊंचाई से कई किलोमीटर दूर तक दिखीं.

    धमाकों के साथ फैली आग- KANPUR FIRE

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रम फटने के साथ तेज़ धमाके हुए, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई दुकानों में रखा सामान चंद मिनटों में जलकर राख हो गया. एक कारोबारी ने दावा किया कि आगजनी में 100 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

    KANPUR FIRE- 10 घंटे तक सुलगती रही आग

    दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन संकरी गलियों और अव्यवस्थित रास्तों के कारण उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आग करीब 10 घंटे तक सुलगती रही. बाजार में आग बुझाने के पर्याप्त इंतज़ाम न होने से मुश्किलें और बढ़ गईं.

    अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट की आशंका

    हालांकि, आग का मुख्य कारण केमिकल ड्रम फटना बताया गया है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों ने एक और बड़ी चूक की ओर इशारा किया है. अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट से शॉर्ट सर्किट को भी एक संभावित वजह माना जा रहा है. मामले की जांच सीएफओ की टीम बुधवार से शुरू करेगी.

    100 साल पुराना बाजार, पहली बार इतनी बड़ी घटना

    कानपुर के एक व्यापारी नेता ने बताया कि कलेक्टरगंज बाजार की स्थापना 100 साल से भी अधिक पहले हुई थी, और यह पहली बार है जब इतनी भीषण आगजनी की घटना सामने आई है. यहां रोज़ाना हजारों की संख्या में व्यापारी और श्रमिक काम करते हैं, और देश के कई हिस्सों में यहां से उत्पाद भेजे जाते हैं. यदि आग और फैल जाती, तो यह हादसा और भयावह हो सकता था.

    लगातार हो रही हैं अग्निकांड की घटनाएं

    कलेक्टरगंज की घटना से पहले भी पिछले दो वर्षों में कानपुर में कई बड़ी आग की घटनाएं हो चुकी हैं.

    • 16 दिसंबर 2022: फजलगंज में फैक्ट्री में आग, तीन मजदूरों की मौत.
    • 31 मार्च 2023: बांसमंडी रेडीमेड मार्केट में आग, हजारों दुकानें खाक.
    • 12 जून 2023: डिप्टी पड़ाव सरकारी मिल में तीन दिन तक आग सुलगती रही.
    • 12 नवंबर 2023: बर्रा इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में भीषण आग.
    • 2 नवंबर 2024: सीसामऊ फर्नीचर शोरूम में भीषण आग.

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    VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

    मथुरा: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY) ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. इसके ठीक अगले दिन मंगलवार को वह अपनी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ मथुरा के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. यह यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही, जहां दोनों ने अपने परिवार के साथ संत से मुलाकात कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया.

    आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात, विराट ने झुकाया सिर

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा आश्रम में पहुंचते ही सबसे पहले गुरु प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया. संत ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए पूछा, “खुश हो?” और कहा कि ठीक ही रहना चाहिए. इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और उनके परिवार को धार्मिक उपदेश देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से ही संत समागम संभव होता है.

    उन्होंने बताया, “यह वैभव नहीं, पुण्य है। पुण्य से ही पापी को भी सुख की प्राप्ति होती है. अहंकार को मिटाकर ही मनुष्य परमशांति के मार्ग पर चल सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी मंदिर में जाने से भगवान की प्राप्ति नहीं होती, बल्कि “राधा नाम” ही शांति का मार्ग है.

    तीसरी बार पहुंचे आश्रम, पहले भी मिली थी प्रेरणा

    गौरतलब है कि यह विराट कोहली का संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम का तीसरा दौरा था. इससे पहले जनवरी 2025 में विराट ने जब क्रिकेट में फॉर्म को लेकर जूझ रहे थे, तब भी आश्रम का दौरा किया था. उस समय अनुष्का शर्मा ने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद मांगा था, जबकि विराट ने क्रिकेट में सफलता के लिए प्रार्थना की थी.

    विराट कोहली ने सबसे पहले 4 जनवरी 2023 को अपने परिवार के साथ संत प्रेमानंद महाराज का दर्शन किया था. इन तीनों यात्राओं में विराट की श्रद्धा और आध्यात्मिक झुकाव साफ़ दिखता है.

    संन्यास की घोषणा: इंस्टाग्राम पोस्ट से मचाया हलचल

    सोमवार को विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “टेस्ट क्रिकेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और ऐसे पाठ सिखाए जो मुझे जीवनभर याद रहेंगे.” उन्होंने इस खेल को सम्मान और गौरव के साथ अलविदा कहा. विराट के इस फैसले से जहां खेल जगत में हलचल मची, वहीं उनके इस आध्यात्मिक कदम ने भी कई प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया.

    विराट की धार्मिक आस्था और मानसिक संतुलन

    विराट कोहली अक्सर आध्यात्मिक यात्राओं पर जाते हैं, जिससे उनके जीवन में मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति बनी रहती है. उनकी यह यात्रा न केवल क्रिकेट से जुड़े भावनात्मक पल को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि विराट अपने जीवन में धार्मिक मूल्यों को कितनी गंभीरता से लेते हैं.

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    UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया पुलिस महानिदेशक (UTTAR PRADESH NEW DGP) मिलने वाला है. वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनके कार्यकाल के विस्तार की संभावना बेहद कम है, इसलिए सरकार जल्द ही नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारी कर रही है. इस रेस में राज्य और केंद्र सरकार की अहम इकाइयों में सेवाएं दे रहे कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं.

    UTTAR PRADESH NEW DGP- राजीव कृष्ण: सबसे मजबूत दावेदार

    1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और विजिलेंस के महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी सेवा में अभी लगभग चार वर्ष का समय शेष है, जो उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है.

    दलजीत सिंह चौधरी: बीएसएफ डीजी से यूपी डीजीपी तक?

    वर्तमान में बीएसएफ के डीजी के रूप में कार्यरत 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी भी रेस में माने जा रहे हैं. उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग छह महीने से अधिक का समय बचा है. केंद्र में सफल कार्यकाल के कारण उनकी छवि प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ है.

    आलोक शर्मा: एसपीजी से यूपी वापसी की तैयारी

    आलोक शर्मा, जो वर्तमान में एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की कमान संभाल रहे हैं, का नाम भी चर्चा में है. उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक फैसलों में विशेष अनुभव है. उनके पास भी लगभग छह महीने की सेवा अवधि शेष है.

    तिलोत्तमा वर्मा: यूपी को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी

    एक और प्रमुख नाम तिलोत्तमा वर्मा का है. वे वर्तमान में डीजी प्रशिक्षण के पद पर हैं और यदि उन्हें मौका मिलता है तो वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं. उन्होंने सीबीआई में लंबा कार्यकाल बिताया है और जांच एवं प्रशासन दोनों क्षेत्रों में दक्ष हैं.

    अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रेस में

    एमके बसाल, आदित्य मिश्रा, रेणुका मिश्रा और संदीप तलुके जैसे अधिकारी भी वरिष्ठता सूची में स्थान रखते हैं और संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं.

    सरकार की रणनीति और चयन प्रक्रिया

    उत्तर प्रदेश सरकार अब कई पहलुओं को ध्यान में रखकर नए डीजीपी की नियुक्ति करेगी, जैसे कि प्रशासनिक अनुभव, सेवा अवधि, नेतृत्व क्षमता, राजनीतिक संतुलन और कार्य निष्पादन. चूंकि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता रखी जाती है, इसलिए यह चयन अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है.

    नवीन डीजीपी की घोषणा जल्द

    सरकार मई के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी की घोषणा कर सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी को प्रशासनिक अनुभव में निपुण और जन-हितैषी पुलिस प्रमुख के रूप में कौन मिलता है.

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